<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/serious/tag-433" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>serious - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/433/rss</link>
                <description>serious RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>11 हजार वोल्टेज लाइन की चपेट में आया लड़का, गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[समस्या। जान पर भारी पड़ रही खेतों में बिजली विभाग की लापरवाही जान बचाने के लिए काटना पड़ा हाथ परिजन बोले, विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कराएंगे मुकदमा दर्ज रोहतक (नवीन मलिक/सच कहूँ)। बिजली विभाग की लापरवाही से 12 साल का एक बच्चा खेतों से लौटते वक्त 11 हजार वोल्टेज की चपेट में आने से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/a-boy-came-in-contact-with-11-thousand-volt-line-serious/article-10115"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-07/the-boy-came-in-the-grip-of-11-thousand-voltage-lines-serious.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">समस्या। जान पर भारी पड़ रही खेतों में बिजली विभाग की लापरवाही</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li>जान बचाने के लिए काटना पड़ा हाथ</li>
<li>परिजन बोले, विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कराएंगे मुकदमा दर्ज</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (नवीन मलिक/सच कहूँ)।</strong> बिजली विभाग की लापरवाही से 12 साल का एक बच्चा खेतों से लौटते वक्त 11 हजार वोल्टेज की चपेट में आने से बुरी तरह से झुलस गया, जिसे गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान डाक्टरों ने बाजू के पास से बच्चे का हाथ तक काटना पड़ा और शरीर का अन्य हिस्सा भी बुरी तरह से झुलसा हुआ है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है और</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चा मौत व जिंदगी के बीच संघर्ष कर रहा है</h3>
<p style="text-align:justify;">बाजू कटने के बावजूद भी बच्चे का हौसला तो कम नहीं हुआ, लेकिन उसे यह नहीं पता कि आने वाले समय में उसके कितनी कठिनााईयों का सामना करना पड़ेगा, जबकि बच्चा स्कूल में नंबर वन का खिलाड़ी था और कई प्रतियोगिता भी उसने जीती थी। अब परिजनों का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री तक फरीयाद करेंगे। बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। परिजनों का कहना है कि हाईटेंशन तारों को लेकर उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को शिकायत की थी, लेकिन कोई कारवाई नहीं की।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल 25 जुलाई को रोहद निवासी 12 वर्षीय विवेक रूहील खेतों की तरफ गया हुआ था, जब वह वापिस आ रहा था तो इसी दौरान खेतों के बीच से गुजर रही 11 हजार हाईवोल्टेज बिजली की चपेट में आ गया और जिससे वह बुरी तरह से झुलस गया। खेतों से लौटते वक्त किसानों ने बच्चे को बेसुध पड़ा देखा तो तुंरत उसे पीजीआई पहुंचाया और इसकी जानकारी परिजनों को दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विवेक पूरी तरह से झुलसा हुआ है और सोमवार को आप्रेशन के दौरान देर शाम उसकी बाजू तक काटनी पड़ी</h3>
<p style="text-align:justify;">विवेक के पिता कपिल का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है और वे विभाग विभाग के खिलाफ कारवाई करेंगे। अभी भी बच्चा पीजीआई में उपचाराधीन है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/a-boy-came-in-contact-with-11-thousand-volt-line-serious/article-10115</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/a-boy-came-in-contact-with-11-thousand-volt-line-serious/article-10115</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jul 2019 16:29:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-07/the-boy-came-in-the-grip-of-11-thousand-voltage-lines-serious.jpg"                         length="40795"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद में हाईटेंशन लाइन से लगी अाग, 50 लोग झुलसे, पांच गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[घटना से इलाके में मच गई अफरा-तफरी मुरादाबाद (एजेंसी,Edited By Vijay Sharma )। जयंतीपुर से कर्बला जाते समय हाइटेंशन लाइन के संपर्क में आने से ताजिये में आग लग गई। ताजिये में करंट आने से करीब 50 लोग झुलस गए, जिसमें पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/moradabad-fifty-people-succumbed-to-fire-five-serious/article-6023"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/fire.jpg" alt=""></a><br /><h2>घटना से इलाके में मच गई अफरा-तफरी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुरादाबाद (एजेंसी,Edited By Vijay Sharma )। </strong>जयंतीपुर से कर्बला जाते समय हाइटेंशन लाइन के संपर्क में आने से ताजिये में आग लग गई। ताजिये में करंट आने से करीब 50 लोग झुलस गए, जिसमें पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। झुलसे 36 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई लोगों को निजी अस्पताल में भी भर्ती किया गया है। एक साथ इतनी संख्या में झुलसे लोगों के पहुंचने पर अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोख खुल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी अस्पताल पहुंचे।घटना मझोला के मंडी रोड पर सैनी सीमेंट स्टोर के पास हुई है। मुहर्रम के 10वें दिन क्षेत्र के गांव जयंतीपुर के लोग ताजिया लेकर कटघर के करुला स्थित कर्बला जा रहे थे। ताजिये की ऊंचाई करीब 16 फीट थी। जिस रास्ते से ताजिया लेकर गुजरा जा रहा था, वहां हाइटेंशन बिजली की लाइन थी। वहीं, ताजिये के ऊपर लाउडस्पीकर भी रखा हुआ था। शुक्रवार रात करीब 10.45 बजे जब अजादार ताजिया लेकर लाइन के नीचे से निकले, तो करंट ताजिया में उतर गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शहर में कोहराम, सोता रहा बिजली विभाग</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">करंट की चपेट में आने की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई।</li>
<li style="text-align:justify;">रिश्तेदार और परिजन हाल जानने को जिला अस्पताल में बेचैन दिखे</li>
<li style="text-align:justify;">लेकिन जिनके कंधों पर मुहर्रम को शांतिपूर्ण निपटाने की जिम्मेदारी थी वह सोते रहे।</li>
<li style="text-align:justify;">आलम यह रहा कि घटना के बाद भी बिजली विभाग के आला अधिकारी मौके पर न पहुंचे</li>
<li style="text-align:justify;">परिजन चीख चीख कर बिजली विभाग को कोसते रहे।]</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">करंट से बचने का नहीं मिला समय</h2>
<p style="text-align:justify;">मंडी रोड पर सड़क ऊंचाई पर थी। 16 फीट के ताजिये में करंट दौड़ा तो किसी को बचने का समय और सहारा तक नहीं मिल पाया। ताजिये को पकड़कर चल रहे अजादार करंट की चपेट में अपनी जगह से हिल तक नहीं सके। इस दौरान स्पार्किंग के बाद आग के शोले नीचे गिरे और देखते-देखते जलता ताजिया नीचे आ गिरा। यह देखकर मंजर और भी भयावह हो गया था। ज्यादातर अजादार ताजिये की आग के नीचे गिरने से झुलसे हैं। पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। करंट को देखकर आसपास के लोग भी बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मरीजों की संख्या बढ़ी तो खुला नया बर्न वार्ड</h2>
<p style="text-align:justify;">ताजिये में झुलसकर जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों की संख्या बढ़ने से बर्न वार्ड भर गया था। इमरजेंसी के सभी बेड तक भर गए थे। ऐसे में तत्काल नया बर्न वार्ड खोला गया, जिला अस्पताल से घर पर चले गए डाक्टरों को भी आनन-फानन में बुलाया गया। इमरजेंसी में उपचार देने के बाद सभी को झुलसी अवस्था में बर्न वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। सीओ पूनम सिरोही ने बताया कि पुलिस बल की ओर से झुलसे लोगों के लिए बंदोबस्त कराए जा रहे है। बर्न वार्ड में पंखे चला दिए गए है, ताकि झुलसे लोगों को राहत मिल सके।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तड़पते रहे अजादार, बेबस देखते रहे परिजन</h2>
<p style="text-align:justify;">मंडी रोड पर हादसे के बाद का मंजर देखकर परिजन भी बेबस नजर आए। अजादार उनके सामने ही तड़पते रहे। एंबुलेंस कॉल करने के बाद भी करीब तीस मिनट की देरी से पहुंची, जब तक झुलसे अजादार सड़क पर लेट गए थे। आग की तपिश उनके शरीर में दौड़ रही थी। लगातार बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए कॉल की गई। उसके बावजूद भी काफी देरी बाद बिजली आपूर्ति बंद की गई। ताजिये के मालिक मेहंदी हसन उर्फ कल्लू ने बताया कि उसके परिवार के लोगों ने पहले से ही हादसे को देखकर ताजिया 16 फीट का बनाया था, उसके बावजूद भी हादसा हो गया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/moradabad-fifty-people-succumbed-to-fire-five-serious/article-6023</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/moradabad-fifty-people-succumbed-to-fire-five-serious/article-6023</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Sep 2018 08:57:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/fire.jpg"                         length="121269"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश : दीवार ढ़हने से 30 लोग मलबे में दबे, आठ गम्भीर</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की मदद से घायलों को मलबे से निकाला (Uttar Pradesh) बदायूँ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश  (Uttar Pradesh) में बदायूं के बिल्सी तहसील क्षेत्र में बुधवार रात एक दीवार के ढ़ह जाने से मलबे में दबकर करीब 30 लोग घायल हो गए, जिसमें 08 की हालत गम्भीर है।बिल्सी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) लाल बहादुर ने यहां यह जानकारी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/uttar-pradesh-30-people-buried-in-wall-wreckage-eight-serious/article-5260"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/wall.jpg" alt=""></a><br /><h2>ग्रामीणों की मदद से घायलों को मलबे से निकाला (Uttar Pradesh)</h2>
<p><strong>बदायूँ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश <strong> (Uttar Pradesh) </strong>में बदायूं के बिल्सी तहसील क्षेत्र में बुधवार रात एक दीवार के ढ़ह जाने से मलबे में दबकर करीब 30 लोग घायल हो गए, जिसमें 08 की हालत गम्भीर है।बिल्सी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) लाल बहादुर ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खैराती नगर गांव में रात डीजे की धुन पर नाचते झूमते कांवडियों को देखने करीब 40 ग्रामीण एक दीवार पर खड़े हो गए ।</p>
<p>दीवार लोगों का वजन ना सह सकी और भरभरा कर गिर गई । मलबे में दब कर करीब 30 लोग घायल हो गए  सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को मलबे से निकाला और उपचार के लिये बिल्सी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा । उन्होंने बताया कि 08 लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/uttar-pradesh-30-people-buried-in-wall-wreckage-eight-serious/article-5260</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/uttar-pradesh-30-people-buried-in-wall-wreckage-eight-serious/article-5260</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Aug 2018 08:43:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/wall.jpg"                         length="104237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंगा नदी की सफाई को लेकर सरकार गंभीर नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार को लताड़ लगाई देश की पवित्र नदी गंगा में प्रदूषण मामले का समाधान होता नहीं दिख रहा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस मामले में केंद्र सरकार को लताड़ लगाई है और नदी के किनारों पर ऐसे बोर्ड लगाने के आदेश दिए हैं जिनमें यह लिखा जाए कि नदी का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-is-not-serious-about-cleanliness-of-ganges-river/article-5042"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/ganga-river.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार को लताड़ लगाई</h2>
<p style="text-align:justify;">देश की पवित्र नदी गंगा में प्रदूषण मामले का समाधान होता नहीं दिख रहा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस मामले में केंद्र सरकार को लताड़ लगाई है और नदी के किनारों पर ऐसे बोर्ड लगाने के आदेश दिए हैं जिनमें यह लिखा जाए कि नदी का पानी स्नान करने के योग्य नहीं। लोग श्रद्धा से गंगा जल पीते हैं और स्नान करते हैं। यह हमारे लिए शर्मनाक बात है कि हजारों करोड़ों का बजट व गंगा की सफाई के लिए अलग मंत्रालय बनाने के बावजूद इस नदी की सफाई सपना बनी हुई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सफाई के दावे कागजों तक सीमित</h2>
<p style="text-align:justify;">यह नदी केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में सिंचाई भी इसके जल से होती है। पहाड़ों से निकलते ही इस नदी में लोग गन्दगी के ढेरों के ढेर फेंकना शुरू कर देते हैं। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सफाई के दावे कागजों तक सीमित हैं। दरअसल राजनीतिक घोषणाएं केवल औपचारिक कार्रवाई बनकर रह जाते हैं। जब तक दिल से नदियों की सफाई को आम जनता तक नहीं पहुंचाया जाता तब तक परिवर्तन की उम्मीद कम ही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्वच्छता मुहिम भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत का नारा बड़े जोर-शोर से दिया गया था। यह बड़ी बात थी कि एनडीए सरकार ने स्वच्छता के लिए बजट में अलग फंड रखकर ऐतिहासिक पहल की थी लेकिन यह मुहिम भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई। केंद्र से लेकर राज्यों तक प्रशासिनक अधिकारी एक दो झाड़ू जरूर लगाते हैं लेकिन शहरों में कूड़े के ढेÞरों के ढ़ेर उठाने के लिए कोई भी तैयार नहीं होता। हमारे शहर विशेष तौर पर उत्तरी भारत में तो गन्दगी के नमूने बने हुए हैं। जो व्यक्ति एक बार विदेश चला गया वह वापिस लौटने को तैयार नहीं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">2012 में डेरा सच्चा सौदा ने गांगा की सफाई के महाअभियान चलाया था</h2>
<p style="text-align:justify;">सफाई के लिए केवल राजनीति स्तर पर ही पहल की जरूरत नहीं बल्कि यह देश की संस्कृति का भी हिस्सा होना चाहिए। फिर गंगा नदी तो हमारी संस्कृति का अटूट अंग है इसकी संभाल करने की जरूरत है। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने सन 2012 में जिस प्रकार गंगा की सफाई का महाअभियान चलाया था उसे देश भर के मीडिया ने ऐतिहासिक पहल करार दिया था। यदि सरकार डेरा सच्चा सौदा का सहयोग निरंतर करती तब यह संभव था कि गंगा से प्रदूषण खत्म हो जाता। उस वक्त अभियान में सात लाख लोगों ने शिरकत की थी। डेरा सच्चा सौदा की मुहिम जन मुहिम थी आज भी उसी मुहिम से प्रेरणा लेकर काम करने की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-is-not-serious-about-cleanliness-of-ganges-river/article-5042</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-is-not-serious-about-cleanliness-of-ganges-river/article-5042</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Jul 2018 02:31:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/ganga-river.jpg"                         length="79766"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूख से मौतों पर गंभीर हो सरकारें</title>
                                    <description><![CDATA[बड़ी-बड़ी खोजी संस्थाएं भारत को बेशक भारत को विश्व की सबसे तेज़ उभरती हुई अर्थव्यवस्था करार दे रही हों। बेशक विभिन्न आंकड़ों के खेल में भारत विकास के नए-नए आयाम छूह रहा हो और केंद्र व राज्य सरकारें अपनी पीठ ऐसे सर्वे आने के बाद अपनी पीठ थपथपाने में बेशक पीछे नहीं रह रही हों। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/governments-are-serious-on-deaths-from-hunger/article-3525"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/poor-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बड़ी-बड़ी खोजी संस्थाएं भारत को बेशक भारत को विश्व की सबसे तेज़ उभरती हुई अर्थव्यवस्था करार दे रही हों। बेशक विभिन्न आंकड़ों के खेल में भारत विकास के नए-नए आयाम छूह रहा हो और केंद्र व राज्य सरकारें अपनी पीठ ऐसे सर्वे आने के बाद अपनी पीठ थपथपाने में बेशक पीछे नहीं रह रही हों। लेकिन देश के राज्य झारखंड में भूख से हो रही मौतें देश में विकास के हो रहे दावों की धज्जियां उड़ा रही हैं। 21वीं सदी में भी यदि देश में किसी व्यक्ति की मौत भूख से मरने की वजह से हो रही है तो निश्चित तौर पर यह अत्यंत गंभीर समस्या है। झारखंड के सिमडेगा जिले की संतोषी कुमारी, धनबाद के बैधनाथ रविदास और देवघर के रूपलाल मरांडी की कथित तौर पर भूख से हुई मौत ने सरकार की जन वितरण प्रणाली को आधार से जोड़ने की नीति और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन में गंभीर त्रुटियों के कारण लोगों के जीने के अधिकार के हनन को उजागर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">संतोषी कुमारी के परिवार को राशन नहीं मिल रहा था क्योंकि आधार से लिंक नही होने के कारण उनके कार्ड को रद्द कर दिया गया था। कई बार आवेदन देने के बावजूद भी बैधनाथ रविदास के परिवार का राशन कार्ड नहीं बना था। जन वितरण प्रणाली में आधार आधारित प्रमाणीकरण के बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठे का निशान नहीं मिलने के कारण रूपलाल मरांडी को भी राशन मिलना बंद हो गया था। ये मामलें सरकार की जवाबदेही की कमी की चरम सीमा है, लेकिन राज्य में खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत राशन मिलने के अधिकार का हनन रोजाना की एक हकीकत है। राज्य में कानून लागू हुए दो साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी भी अनेक योग्य परिवारों को राशन कार्ड निर्गत नहीं हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका एक मुख्य कारण है कि राशन मिलने की पात्रता 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) पर आधारित है जिसमें कई प्रकार की त्रुटियां हैं- जैसे जनगणना के दौरान परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का सही से आकलन न करना, जनगणना से परिवार छूट जाना आदि। प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण भी योग्य परिवारों के आवेदनों पर समय पर कार्यवाही नहीं होती है। ऐसे में केवल मात्र आधार के लिंक न होने और राशन कार्ड न बने होने का हवाला देकर यदि किसी अत्यंत गरीब परिवार को सरकार के भ्रष्ट अधिकारी राशन नहीं देते और ऐसे में वह परिवार भोजन की किल्लत के कारण तिल-तिल कर मर जाता है तो यह कलंक पूरे देश के सिर पर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए केवल मात्र झारखंड की सरकार जिम्मेदार नहीं है इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जिम्मेदारी लेनी होगी। बेशक अहमदाबाद से मुंबई बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया जा रहा है लेकिन उससे भी पहले जरूरी है देश के हर नागरिक के पेट में भोजन का होना। ऐसे में भूख से हो रही मौतों पर सरकारों को तुरंत गंभीर होना होगा और सरकारी तंत्र की लापरवाही से फिर कोई गरीब आधार या राशन कार्ड के नाम पर बलि न चढ़े इसका पुख्ता इंतजाम करना होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/governments-are-serious-on-deaths-from-hunger/article-3525</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/governments-are-serious-on-deaths-from-hunger/article-3525</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Nov 2017 04:13:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-11/poor-1.jpg"                         length="29520"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क पर मिली सरकारी अस्पताल की दवाई</title>
                                    <description><![CDATA[रोष: सड़क पर बिखरी मिली दवाइयां लोगों ने की गंभीरता से जांच करने की मांग दवाईयों की एक्सपायरी डेट 2018 कैथल (सच कहूँ न्यूज़)। गांव खेड़ी सिकन्दर से बरसाना को जाने वाली सड़क पर काफी मात्रा में सड़क किनारे सरकारी अस्पताल की दवाइयां मिलने से किसानों और ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/people-demanded-serious-investigation/article-2510"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/fake-medicine.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">रोष: सड़क पर बिखरी मिली दवाइयां</h1>
<h2 style="text-align:justify;">लोगों ने की गंभीरता से जांच करने की मांग</h2>
<h2 style="text-align:justify;">दवाईयों की एक्सपायरी डेट 2018</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> गांव खेड़ी सिकन्दर से बरसाना को जाने वाली सड़क पर काफी मात्रा में सड़क किनारे सरकारी अस्पताल की दवाइयां मिलने से किसानों और ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को सुबह जब सुरेन्द्र सिंह, दयानन्द, सुरेश, सीनू सहित कई किसान अपने खेतों में जा रहे थे तो उन्हें सड़क किनारे कुछ दवाइयां बिखरी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले तो किसानों को लगा कि शायद ये दवाइयां एक्सपायरी डेट की होंगी। लेकिन एक व्यक्ति ने जब ये कहा कि एक्सपायरी दवाइयां भी ऐसे नहीं गिराई जा सकती और जब उनकी एक्सपायरी डेट की जाँच की तो पाया कि उनकी डेट 2018 तक की है और दवाइयों पर नोट फॉर सेल और केवल गवर्नमेंट सप्लाई के लिए लिखा हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसकी सूचना तुरन्त किसानों ने सवांददाता को दी और उनकी कुछ फोटो भेजी। सूचना पाकर पूंडरी स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ विकास भटनागर अपनी टीम के सदस्यों के साथ उक्त स्थान पर पहुंचे और दवाइयों के बारे में आसपास के किसानों से पूछताछ की। और दवाइयों को कब्जे में लिया। इतनी अधिक मात्रा में दवाइयाँ मिलना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बात का भी रोष लोगों में था कि जब वे इलाज के लिए किसी भी सरकारी अस्पताल में जाते हैं तो उन्हें वहां पर कोई दवाइयां नहीं मिलती लेकिन सड़कों पर इतनी दवाइयाँ क्यों फेंकी गई हैं? लोगों ने इस मामले को गम्भीर बताया और इसकी गम्भीरता से जाँच की मांग की है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं एसएमओ भटनागर</h2>
<p style="text-align:justify;">पूंडरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. विकास भटनागर ने बताया कि सुबह इस बारे में खबर आई थी कि बरसाना और खेड़ी सिकन्दर के बीच संदिग्ध हालात में सरकारी अस्पताल की काफी मात्रा में दवाइयां बिखरी पड़ी हैं। मौके पर जाकर दवाइयों को कब्जे में लिया है और जांच की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह दवाइयां 2015 में इश्यू हुई बताई गई हैं। बैच में गवर्नमेंट सप्लाई के लिए और एक्सपायरी डेट कुछ की 2018 है और कुछ की खत्म हो चुकी है। मामले काफी गम्भीर है, दवाइयां यहां कैसे आई और क्यों फेंकी गई? इसकी अभी जाँच कर रहे हैं उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/people-demanded-serious-investigation/article-2510</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/people-demanded-serious-investigation/article-2510</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 07:55:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/fake-medicine.jpg"                         length="106548"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटाखा गोदाम में धमाका,भारी नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[नजदीकी घरों की उड़ी छतें दो दर्जन से अधिक घायल ,कईयों की हालत गंभीर संगरूर(गुरप्रीत सिंह)। सुनाम के नीलोवाल रोड पर स्थित पटाख़ों वाले गोदाम में जोरदार धमाका होने के कारण दो दर्जन से अधिक व्यक्तियों के घायल होने का समाचार है। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास कई घरों की छतें हिल गई और घरों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/blast-in-fireworks-warehouse/article-1162"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/blast1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">नजदीकी घरों की उड़ी छतें</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>दो दर्जन से अधिक घायल ,कईयों की हालत गंभीर</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर(गुरप्रीत सिंह)। </strong>सुनाम के नीलोवाल रोड पर स्थित पटाख़ों वाले गोदाम में जोरदार धमाका होने के कारण दो दर्जन से अधिक व्यक्तियों के घायल होने का समाचार है। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास कई घरों की छतें हिल गई और घरों के बड़ी संख्या लोग घायल हो गए। गोदाम में हुए जोरदार धमाके के कारण पूरा सुनाम शहर दहशत में आ गया और लोग अपने-अपने घरों से बाहर आ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनाम से नीलोवाल गांव को जाते रोड पर स्थित पटाखों वाले गोदाम में आज देर शाम एक के बाद एक धमाके हुए , जिस कारण सारा गोदाम मलबे के ढेर में तबदील हो गया और आसपास के कई मकान ढह गए और कई राहगीर भी इस धमाके की चपेट में आ गए। अचानक हुए इस धमाके के कारण लोग बुरी तरह सहम गए। धीरे-धीरे खून में लथपथ हुए लोग बाहर को भागने शुरू हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">
सुनाम के सरकारी अस्पताल के सूत्रों के अनुसार वहां 20 से ज्यादा घायल पहुंच चुके थे जिनमें कईयों की हालत गंभीर होने के कारण उनको पटियाला के लिए रैफर किया गया है।घटना की सूचना मिलते ही सदर सुनाम और सिटी सुनाम की पुलिस मौके पर पहुंच गई और तुरंत जेसीबी मशीनों के साथ बड़े स्तर पर फैले मलबे को उठाना शुरू कर दिया। फिलहाल हादसे के कारण का पता नहीं चल पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/blast-in-fireworks-warehouse/article-1162</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/blast-in-fireworks-warehouse/article-1162</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jun 2017 23:47:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/blast1.jpg"                         length="65592"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि संकट के लिए सरकार व किसान गंभीर होें</title>
                                    <description><![CDATA[खेतों की हरियाली में मस्त रहने वाला किसान आजकल सड़कों पर धरना देने को मजबूर है। आजादी के बाद हरित क्रान्ति आने से देश के अनाज के भंडार तो लबालब भर गए, लेकिन किसान समस्याओं में घिरता चला गया। कर्जदार किसान आत्महत्याओं पर उतर आया व अब देश में माहौल यह है कि कर्ज माफी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-and-farmers-become-serious-for-the-agrarian-crisis/article-1105"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/farners.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">खेतों की हरियाली में मस्त रहने वाला किसान आजकल सड़कों पर धरना देने को मजबूर है। आजादी के बाद हरित क्रान्ति आने से देश के अनाज के भंडार तो लबालब भर गए, लेकिन किसान समस्याओं में घिरता चला गया। कर्जदार किसान आत्महत्याओं पर उतर आया व अब देश में माहौल यह है कि कर्ज माफी को ही कृषि संकट के हल के तौर पर पेश किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश की घटनाओं ने पूरे देश में किसान, कर्ज व कृषि संबंधी चर्चा छेड़ दी है। केन्द्र ने कृषि मंत्री व मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री द्वारा किसी भी हालत में कर्ज माफ न करने के बयानों से मामला उलझता जा रहा है, लेकिन कृषि संकट सिर्फ कर्ज माफी से हल होता नजर नहीं आ रहा । इस संकट के हल के लिए किसानों को मंहगी हो रही कृषि के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्रों की आसमान छूती कीमतों ने किसानों को कर्जदार बना दिया है। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के यह विचार दमदार हंै कि निजी बैकों के किसानों को धड़ाधड़ कर्ज वितरित करने के रूझान ने किसानों को कर्ज की दलदल में फंसा दिया है। बैंक अधिकारी अपने टारगेट पूरे करने के लिए कर्ज वापिस होने की आय देखें बिना व जरूरत से कहीं अधिक कर्ज देते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही किसानों द्वारा अधिक के लालच में कीटनाशकों व खादों का उपयोग कृषि विशेषज्ञों की राए जाने बिना किया गया, जिस कारण जमीन, पानी व हवा तो प्रदूषित हुई ही साथ में किसान शारिरीक तौर पर बेहाल हो गया। सरकार संकट में पड़े किसानों को कर्ज जरूर माफ करे लेकिन किसानों को खुद भी इस संकट से अपनी जिम्मेवारियों को स्वीकार करना चाहिए व इनके हल के लिए सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिना शक आधुनिक दिखावे वाले पश्चिमी सभ्याचार ने छोटे किसानों को खखर्चीले सामाजिक कार्यक्रमों के भंवर में फंसा रखा है। भारी खर्चाें वाली शादियों ने भी किसानों को कर्जदार करने में अहम भुमिका निभाई है। सख्त मेहनत की जीवन शैली त्याग कर नौकरों व मशीनरी पर बढ़ती निर्भरता भी समस्याओं को गहरा कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार सांझी कृषि के मॉडल को अपनाकर किसानों को मंहगी मशीनरी के बोझ से बचाए व कीटनाशकों व खादों का उपयोग करने की मुहिम चलाए। फसलों की खरीद के लिए स्वामी नाथन कमिशन की सिफारिशों को भी लागू करने की आवश्यकता है। सरकार व किसान दोनोें पक्षों को अपनी जिम्मेवारी प्रति गंभीर होना होगा। हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। पुलिस किसानों को अपराधियों की तरह पीटने की बजाए नाजुक हालातों में पूरी जिम्मेवारी के साथ काम करे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-and-farmers-become-serious-for-the-agrarian-crisis/article-1105</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-and-farmers-become-serious-for-the-agrarian-crisis/article-1105</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Jun 2017 23:20:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/farners.jpg"                         length="36251"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हादसे में दो बच्चों सहित 4 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[तीन की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती मोगा (लखवीर सिंह)। जिला के कस्बा कोट ईसे खां के नजदीक गांव लौंगीविंड के पास दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी अनुसार राजविन्द्र सिंह राजू जोकि धर्मकोट नजदीक अपने ससुराल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/4-children-including-two-children-were-killed-in-the-accident/article-770"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/accident.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">तीन की हाल<strong>त गंभीर, अस्पताल में भर्ती</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोगा (लखवीर सिंह)।</strong> जिला के कस्बा कोट ईसे खां के नजदीक गांव लौंगीविंड के पास दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी अनुसार राजविन्द्र सिंह राजू जोकि धर्मकोट नजदीक अपने ससुराल गांव शेरपुर ताइवां से अपने परिवारिक सदस्यों सहित मोटरसाइकिल पर अपने गांव चब्बा वापिस जा रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरचरन सिंह निवासी भूंदड़ी (लुधियाना) अपने लड़के व एक रिशतेदार सहित मोटरसाइकिल पर गांव चांदीवाला से वापिस से अपने गांव भूंदड़ी जा रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरचरन सिंह जब गांव लौंगीविंड के पास रोड़ पर खड़े ट्रक को क्रास करने लगा तो सामने से आ रहे मोटरसाइकिल सवार के साथ टकरा गया। हादसे में गुरचरन सिंह (50), अर्शदीप सिंह (6), लड़की मोनिका (13) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजविन्द्र सिंह राजू (40) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इनका उपचार चल रहा</h2>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त बलवीर कौर, सुनील व कशमीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल कोट ईसे खां में दाखिल करवाया गया और वहां पर प्रार्थमिक उपचार करने के बाद उन्हें मोगा रैफर कर दिया गया। हादसे वाली जगह पर डीएसपी जसबीर सिंह व थाना प्रभारी जसवीर सिंह पुलिस पार्टी सहित पहुंचे, जिन्होंने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/4-children-including-two-children-were-killed-in-the-accident/article-770</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/4-children-including-two-children-were-killed-in-the-accident/article-770</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 23:26:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/accident.jpg"                         length="90623"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार मांगों के प्रति नहीं है गंभीर- रोडवेज़ कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[बकाया एरियर न देना होगा कर्मचारियों के साथ धोखा ChandiGarh, Anil Kakkar:  हालांकि प्रदेश सरकार ने गत दिवस 8200 कच्चे रोडवेज़ कर्मचारियों को पक्का करने का निर्णय लेकर रोडवेज़ के कर्मचारियों को एक अच्छी खबर दी थी लेकिन आज फिर से रोडवेज़ कर्मचारियों ने सरकार को उनकी मांगों के प्रति गंभीर न होने का आरोप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-is-not-serious-about-roadways-demands/article-364"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/bus.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>बकाया एरियर न देना होगा कर्मचारियों के साथ धोखा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Anil Kakkar:</strong>  हालांकि प्रदेश सरकार ने गत दिवस 8200 कच्चे रोडवेज़ कर्मचारियों को पक्का करने का निर्णय लेकर रोडवेज़ के कर्मचारियों को एक अच्छी खबर दी थी लेकिन आज फिर से रोडवेज़ कर्मचारियों ने सरकार को उनकी मांगों के प्रति गंभीर न होने का आरोप जड़ दिया है। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित इंटक के पदाधिकारियों ने सरकार पर कर्मचारियों के एरियर अदायगी में घालमेल करने का आरोप जड़ दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित इंटक के महासचिव महावीर मालिक ने बताया कि रोडवेज के चालक परिचालकों को नियमित करने की वर्षो की मांग को परिवहन मंत्री ने नियुक्ति तिथि से पक्का करने की अधिसूचना तो जारी कर दी है लेकिन 1200 के करीब रोडवेज़ कर्मचारी जो कि 2003 से 2014 की अवधी में भर्ती हुए थे उन्हें उनका बकाया 350 रुपए का एयियर नहीं मिला है। वहीं जो अधिसूचना जारी हुई है उसके अनुसार एसीपी, रिटायर एवं 2006 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को सभी लाभ जोड़ कर उसका भुगतान 1 जुलाई 2016 से किए जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इंटक के प्रेस प्रवक्ता नसीब जाखड़ ने बताया कि यूनियन ने 18 अक्टूबर को महानिदेशक परिवहन विभाग को 19 सूत्रीय मांग पत्र दिया था जिसे लेकर हरियाणा राज्य परिवहन के अधिकारी लेकर गंभीर नहीं हैं।<br />
उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री किलोमीटर स्कीम पर बस लेने की कह रहे हैं लेकिन हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी ऐसा नहीं होने देंगे। यदि हरियाणा रोडवेज के बेड़े में प्राइवेट बस आती हैं तो प्रदेश के बीस हजार कर्मचारी चार हजार बसों का चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनसंख्या देखते हुए रोडवेज के बेड़े में दस हजार बसें होनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि मांगों पर यदि गौर न किया गया तो 12 दिसंबर को करनाल में हजारों कर्मचारी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-is-not-serious-about-roadways-demands/article-364</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-is-not-serious-about-roadways-demands/article-364</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Dec 2016 23:41:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/bus.jpg"                         length="114857"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        