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                <title>GurmeetRamRahim - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बरनावा डेरे में भी ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाए?</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा डेरे में भी ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाए? बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 40 दिन की रूहानी यात्रा पर बरनावा आश्रम पधारे थे। पूज्य गुरु जी ने रूहानी सत्संग के दौरान सवालों के जवाब दिए। सवाल: गुरु जी , बरनावा डेरे में भी ब्लड डोनेशन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/blood-donation-camp-should-also-be-organized-in-barnawa-dera/article-41038"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/msg-71.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><strong>बरनावा डेरे में भी ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाए?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 40 दिन की रूहानी यात्रा पर बरनावा आश्रम पधारे थे। पूज्य गुरु जी ने रूहानी सत्संग के दौरान सवालों के जवाब दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> गुरु जी , बरनावा डेरे में भी ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाए?<br />
<strong>जवाब:</strong> जी, बहुत अच्छा सुझाव है, अगर जरूरत होगी तो, जिम्मेवारों से प्रार्थना करेंगे, कि परमिशन के तहत ये पॉसीबल है तो हो जाएगा। क्योंकि हम बिना परमिशन के तो कोई चीज करते नहीं। शुरू भी ऐसा ही था, आश्रम में ब्लॅड डोनेशन कैंप लगते थे, तो उनमें भी परमिशन, सफाई महाअभियान होते थे तो उनमें भी परमिशन ली जाती थी। तो भलाई के कामों के लिए जरूरी है परमिशन। ये तो बनता ही है। तो जिम्मेवार इस बारे बता देंगे उसके अकॉर्डिंग कर लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल</strong>: क्या गुरुमंत्र और गुरु एक ही हैं?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> गुरु वो होता है जो अज्ञानता रूपी अंधकार में ज्ञान का दीपक जला दे और गुुरुमंत्र वो होता है जो गुरु भगवान के शब्दों का जाप करे और फिर अपने शिष्यों को दें और ये कहे कि हम भी इंसान और आप भी इंसान हैं। अगर हमें इन शब्दों से भगवान की खुशियां मिली तो आपको क्यों नहीं मिलेगी। तो इसे गुरुमंत्र और गुरु एक ही चीज मानकर चलें। क्योंकि वो भगवान के शब्दों का जाप करता है और आपको भगवान के शब्दों का जाप करने की प्रेरणा देता है। तो गुरुमंत्र भगवान के शब्द, पर गुरु के बिना वो दिये नहीं जाते।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Dec 2022 15:54:48 +0530</pubDate>
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                <title>मेडिकल शोध के काम आएगी मेहर इन्सां की देह</title>
                                    <description><![CDATA[गांव जस्सी बागवाली के पहले शरीरदानी बने भटिंडा (मनप्रीत सिंह)। डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक बांडी के गांव जस्सी बागवाली के डेरा श्रद्धालु मेहर सिंह इन्सां का शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया। मेहर इन्सां के सुपुत्र भोला इन्सां ने बताया कि उन्होंने जीते-जी शरीरदान व नेत्रदान करने का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mehar-insan-body-donate-for-medical-research/article-1111"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/body-donate-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">गांव जस्सी बागवाली के पहले शरीरदानी बने</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा (मनप्रीत सिंह)।</strong> डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक बांडी के गांव जस्सी बागवाली के डेरा श्रद्धालु मेहर सिंह इन्सां का शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया। मेहर इन्सां के सुपुत्र भोला इन्सां ने बताया कि उन्होंने जीते-जी शरीरदान व नेत्रदान करने का प्रण किया था जिसे उन्होंने पूरा करते हुए शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए आदेश इंस्टीट्यूट आफ रिर्सच कॉलेज भुच्चो को दान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि उनकी आंखें भी दान की गई जो दो अंधेरी जिंदगीयों को रोशन करेंगी। इस मौके मृतक की बेटियों ने अर्थी को कंधा दिया। इस मौके जिला पच्चीस मैंबर सुखतेज इन्सां, ब्लॉक 15 मैंबर मलकीत इन्सां, बलदेव इन्सां, रणवीर इन्सां, सुखदीप इन्सां के इलावा रिश्तेदारों व ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा में शिरकत की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शरीर दान करना पुण्य का काम: डॉ. अमित</h2>
<p style="text-align:justify;">आदेश अस्पताल के डॉ. अमित सिंगला ने मेडिकल के छात्र मृतक शरीर पर विभिन्न प्रकार के शोध करते हैं जो मेडिकल क्षेत्र में कई नई खोजों के लिए काम आते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वैज्ञानिक युग में कई कंप्यूटर सॉफ्टवेयर हैं लेकिन असल में विद्यार्थी प्रैक्टीकल से ही सीखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jun 2017 00:03:31 +0530</pubDate>
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                <title>बेटे के जिंदा होने की खबर देने पहुंचे सेवादार</title>
                                    <description><![CDATA[इन्सानियत: 240 किलोमीटर दूर गुरनाम के परिजन तलाशने पहुंचे सेवादार परिवार से मिलाने के लिए हनुमानगढ़ से लुधियाना पहुंचे सेवादार उम्मीद छोड़ चुके थे परिजन लुधियाना (रघबीर सिंह)। राजस्थान के हनुमानगढ़ के राष्ट्रीय मार्ग पर लावारिस हालत में मिले मंदबुद्धि गुरनाम सिंह को जब बुधवार को शाह सतनाम जी ग्रीन यह वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dera-followers-welfare-work-for-humanity/article-999"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/dera-followers.jpg" alt=""></a><br /><h2>इन्सानियत: 240 किलोमीटर दूर गुरनाम के परिजन तलाशने पहुंचे सेवादार</h2>
<ul>
<li><strong>परिवार से मिलाने के लिए हनुमानगढ़ से लुधियाना पहुंचे सेवादार </strong></li>
<li><strong>उम्मीद छोड़ चुके थे परिजन</strong></li>
</ul>
<p><strong>लुधियाना (रघबीर सिंह)।</strong> राजस्थान के हनुमानगढ़ के राष्ट्रीय मार्ग पर लावारिस हालत में मिले मंदबुद्धि गुरनाम सिंह को जब बुधवार को शाह सतनाम जी ग्रीन यह वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार प्रदीप इन्सां, कृष्ण इन्सां पेंटर व हेतराम इन्सां ने लुधियाना में उसके परिवार से मिलाया तो परिवार के पांव जमीन पर नहीं लग रहे थे। डेरा सच्चा सौदा का गुणगान करते हुए परिवार ने सेवादारों का धन्यवाद किया। दो ढाई साल से लापता गुरनाम सिंह को परिवार ने एक हादसे में मरा समझ कर उम्मीद छोड़ दी थी।</p>
<h2>4 जून को जयपुर से मिला था</h2>
<p>हनुमानगढ़ से आए सेवादारों ने बताया कि गुरनाम सिंह चार जून को उन्हें जयपुर राष्ट्रीय मार्ग से लावारिस हालत में मिला। सेवादारों ने उसकी परवरिश की और पूछने पर अपना पता लुधियाना का बताया। प्रदीप इन्सां, कृष्ण इन्सां पेंटर व हेत राम इन्सां ने लुधियाना की साध संगत के जिम्मेवारों से संपर्क कर वट्स-एप पर गुरनाम सिंह की फोटो भेजी।</p>
<h2>जिम्मेवारों ने परिवार के सुपुर्द किया</h2>
<p>लुधियाना के जिम्मेवारों ने उक्त बताए गए पते पर वहां जाकर फोटो दिखाकर उनके परिजनों का पता लगाया। बुधवार को सेवादार गुरनाम सिंह को हनुमानगढ़ से लुधियाना पहुंचे जहां लुधियाना के जिम्मेवार को साथ लेकर गुरनाम सिंह के परिवार के पास पहुंचे और गुरनाम सिंह को परिवार के सुपुर्द किया।</p>
<h2>हमने तो ढूंढना बंद कर दिया था</h2>
<p>गुरनाम सिंह के पिता बलदेव सिंह और माता बचन कौर व बहन भाइयों ने सेवादारों का धन्यवाद करते हुए बताया कि गुरनाम सिंह 2 ढाई साल पहले घर से चला गया था। उन्होंने उसे ढूंढना बंद कर दिया था। कुछ समय पहले उन्हें किसी ने बताया कि गुरनाम सिंह की एक हादसे में मौत हो गई है। वह गुरनाम सिंह की उम्मीद छोड़ चुके थे।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2017 00:07:29 +0530</pubDate>
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                <title>राम-नाम का जाप करने से बरसेगी मालिक की अपार रहमत</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। राम का नाम इंसान को अंदर बाहर से खुशियों से भर देता है। इसलिए राम का नाम लेते रहना चाहिए। राम का नाम लेते समय आप कभी भी समय बर्बादी के बारे में न सोचें। आपको कई बार लगता है मैंने इतना समय भगवान को दे दिया, लेकिन अब सोचिए शेष बचा हुआ टाईम किसके […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meditation-will-give-you-all-happiness-saint-dr-msg/article-942"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/pita-ji-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा। </strong>राम का नाम इंसान को अंदर बाहर से खुशियों से भर देता है। इसलिए राम का नाम लेते रहना चाहिए। राम का नाम लेते समय आप कभी भी समय बर्बादी के बारे में न सोचें। आपको कई बार लगता है मैंने इतना समय भगवान को दे दिया, लेकिन अब सोचिए शेष बचा हुआ टाईम किसके लिए दिया।’</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त अनमोल वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने रविवार को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रूहानी सत्संग के दौरान फरमाएं। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी ने 2860 नामाभिलाषी जीवों को नाम की अनमोल दात प्रदान की तथा हजारों लोगों ने रूहानी जाम ग्रहण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अक्सर देखा जाता है कि जिस औलाद को सींचकर बड़ा करते हो, वही औलाद एक दिन छोड़ देती है और जब आपके सामने आपके विरोध में खड़े हो जाते हैं तो बड़ा दर्द होता है। लेकिन इंसान इस बारे में पहले कभी नहीं सोचता। लेकिन जब ऐसा हो जाता है तो इंसान परेशान होता है कि ये क्या हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">वो समय जो आपने उनके ऊपर लगाया तो उसका ये नतीजा निकला। अगर वही समय आप राम-नाम में लगाएं, वही समय प्रभु भक्ति में लगाएं, सतगुरु, अल्लाह के प्यार में लगाएं तो वो समय बेशकीमती हो जाएगा और आपकी जिंदगी में बहारें ले आएगा। इसलिए समय का सदुपयोग करो। जितना हो सके अच्छे कर्म करो। ईश्वर के नाम का जाप करो, ईश्वर से ईश्वर को मांगते रहो। भले कर्म करते रहो यकीनन उस मालिक की रहमत जरूर बरसेगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भगवान आजमाता भी है</h2>
<p style="text-align:justify;">जब सब युक्तियां हार जाती है। जब इन्सान का मार्इंड टोटली जवाब दे जाता है कि ये मैं नहीं कर सकता या मुझसे ये नहीं होगा। ये संभव नहीं है। उस समय अगर ईश्वर का नाम लिया जाए तो असंभव पल में संभव हो जाता है। जो कभी सोचा नहीं होता वो खुशियां इंसान को मिल जाती हैं। वो भगवान, वो राम जिसे अपनी खुशियों से, अपनी भक्ति से नवाजता है, उसे पहले आजमाता जरूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजमाने में जो फेल हो जाते हैं, वो उस परम पद को हासिल नहीं कर पाते, उन्हें अंदर-बाहर से एक जैसे नजारे नहीं मिल पाते। वहीं जो मालिक की परीक्षा में सफल हो जाते हैं वो अंदर मालामाल रहते हैं। संत, पीर-फकीर वचन करते हैं, कि भई! इस बात को मान लो। ये आपकी जिंदगी में काम आने वाली चीजें हैं, ऐसा करने से आप खुशियां हासिल कर पाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">निंदा-चुगली से खत्म होती है एनर्जी</h2>
<p style="text-align:justify;">आप राम-नाम का जाप करते हो, समाज का भला करते हो तो पूरी दुनिया में आपका नाम याद रखा जाएगा। वर्ना कितने बेनाम यहां आते हैं और चले जाते हैं। कोई याद तक नहीं करता। जिंदगी मिली है तो क्यों न ऐसा कुछ किया जाए, जो हर कोई याद रखे। इसलिए बहुत जरूरी है राम का नाम जपो, मालिक की भक्ति इबादत करो।</p>
<p style="text-align:justify;">ताकि उस भक्ति से आपको खुशियां मिले ही मिलें, आपकी आने वाली पीढ़ियां भी मालामाल हो सकें। कितना आसान सा कार्य है, सुमिरन करना। निंदा-चुगली करने में भी जोर लगता है, क्योंकि उसमें एनर्जी वेस्ट होती है, आप जोर लगा-लगा के बातें करते हैं ताकि सामने वाला प्रभावित हो, क्योंकि धीमें आवाज में चुगली करोगे तो आदमी को मजा नहीं आता, प्रेशर डालकर जब चुगली करते हो तो पता चलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दावे से कहते हैं तो आदमी को लगता है कि ये सही कह रहा होगा। तो राम नाम तो कुछ भी नहीं है, जुबान चलाओ चाहे न चलाओ, विचारों से करते रहो। बल्कि जैसे-जैसे राम का नाम जपते जाओगे। वैसे-वैसे मालिक के खुशियों के अधिकारी बनते जाओगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सतगुरु पर दृढ़ यकीन रखो</h2>
<p style="text-align:justify;">संत, पीर-फकीर कभी किसी का बुरा करना तो दूर, सोचते नहीं। जो उन्हें भी बुरा कहते हैं, संत-पीर-फकीर परम पिता परमात्मा से दुआएं मांगते रहते हैं। सबका भला करते हैं, सबको खुशी देने के लिए हर अच्छा कर्म करते हैं। इंसान जो सच्चे दिल से, भावना से मान लेते हैं, उन्हें तमाम खुशियां जरूर हासिल होती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जितनी श्रद्धा होगी, जितना दृढ़ यकीन होगा उतने ही नजारे ईश्वर के ज्यादा मिलेंगे। इसलिए दृढ़ यकीन रखो, ईश्वर की भक्ति करते रहो, मालिक का नाम जपते रहो। ज्यों-ज्यों मालिक का नाम जपते जाओगे त्यों-त्यों आपकी भावना, आपके विचार शुद्ध हो जाएंगे और मालिक के दर्श-दीदार के लायक आप बनते जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी भावना का शुद्धिकरण करने के लिए विचारों का शुद्धिकरण करना बेहद जरूरी है। आप ईश्वर का नाम जपते हुए, समाज का भला करना सीखें। ज्यों-ज्यों समाज का भला करते जाएंगे, प्रभु की सृष्टि का भला होगा। और जिसकी औलाद का भला होगा, वो परम पिता परमात्मा आपका भला 100 प्रसेंट जरूर करेंगे। तो सबका भला मांगो और सबका भला करो ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संत बाग के माली की भांति समाज को सुधारते हैं</h2>
<p style="text-align:justify;">इस कलयुग में लोग खुदगर्ज हो गए हैं। अपने अलावा कोई दूसरा दिखता ही नहीं, अपने अलावा वो दूसरों की बात करना पसंद नहीं करते। मन और मनमते लोगों की बातें भाती हैं। लेकिन गुरु पीर-फकीर की बातें अच्छी नहीं लगती। कई बार व्यक्ति ऐसा सोचता है कि, यार! पीर-फकीर तो कहते ही रहते हैं। इनका तो काम ही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जी नहीं, ऐसा नहीं है, पीर-फकीर सच्ची बात कहते हैं, सच के राह पर चलाते हैं। उनका कोई स्वार्थी मकसद नहीं होता, उनका एक ही मकसद होता है कि ईश्वर की रियाय, प्रजा का भला हो। ईश्वर ने जो सृष्टि बना दी है, उसके भले के लिए संत, पीर-फकीर ऐसे आते हैं, जैसे बाग में माली जाता है। क्योंकि जैसे ही वो बाग में जाएगा उसको पता चल जाएगा कि इस पौधे को ये बीमारी हुई है, ये टहनियां सूख गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर न काटी तो और सूख जाएंगी। उसी तरह संत पीर-फकीर मालिक की बनाई दुनिया में आते हैं। और वो निगाह मारते हैं उन्हें नजर आता है कि यहां तो लोग बहुत तरह से बीमार हैं। काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और मन-माया के पूरी तरह से बीमार हैं। इनकी एकमात्र दवाई ईश्वर का नाम है। जब तक ये दवा नहीं लेंगे और रेगुलर नहीं खाएंगे तो इनके ऊपर से इन बीमारियों का साया नहीं हटेगा। अंदर का नूरी स्वरूप नजर नहीं आएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बच्चों को गलत और सही की पहचान करवाओ</h2>
<p style="text-align:justify;">आप पांच मिनट एकांत में बैठो, ईश्वर के नाम का सुमिरन करो, आपको पता चलेगा कि आपमें कौन सी कमियां हैं और कौन से गुण हैं। जो कमियां हैं, उनको दूर करने की कोशिश करो। और जो गुण हैं, उन पर अहंकार न करो। कमी इंसान में खुद होती है और निकालता भगवान में, पीर-फकीर सतगुरु में हैं। अपनी कमी इंसान को नजर नहीं आती।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या आपने किसी को सरेआम कहते हुए देखा है कि मैं गंदा हूँ, मैं बुरा हूँ, मेरे में ये कमियां हैं। सवाल ही नहीं पैदा होता, क्यों? क्योंकि इंसान ईगो (अहंकार) से भरा हुआ है। गलती करके भी लोग नहीं मानते, बड़ों की छोड़ो, छोटे-छोटे बच्चों से सॉरी कहलवाने के लिए माँ-बाप को पसीना आ जाता है। इतनी अकड़, इतनी ईगो क्यों आती है? ये सब माँ-बाप की कमी से होता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गलती को गलती मानों और सही को सही</h2>
<p style="text-align:justify;">माँ-बाप अगर शुरू से सिखाएं कि गलती को गलती मानों, सही को सही, ये पहचान होनी चाहिए। कई बार आप लाड़-प्यार में आकर बच्चों को सही-गलत का अंतर करवाना भूल जाते हो और बड़े होने पर उनको लाईफ में बहुत सारी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उन्होंने सिर्फ हाँ ही हाँ सुनी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वो कभी ना करना जानते ही नहीं। उन्होंने प्यार ही प्यार देखा होता है, उन्हें पता ही नहीं होता कि वो गलती भी करते हैं। तो सीधी सी बात है, अगर आपका बच्चा गलत काम करता है, गलत जिद करता है, कभी पूरी न करो। क्योंकि आज छोटी गलत जिद पूरी करते हो तो बड़े होकर कोई गलत जिद करेगा, जो पूरी नहीं कर पाओगे और आपके रिश्ते तार-तार हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए बच्चों की जायज बात ही मानों और जो नाजायज बात है उसके बारे में बच्चों को मनवाओ कि ये गलत है। ताकि बच्चा सही और गलत की पहचान बचपन से ही जान जाए। उसे समझ हो कि ये गलत है और ये सही होता है। हद से ज्यादा कुछ भी सही नहीं होता। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों का पालन-पोषण सही ढंग से करें। ईश्वर का नाम जपें और काम-धंधा करते हुए अगर सुमिरन करते हैं तो मालिक बिगड़े हुए काम बना देते हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2017 03:23:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मानवता को समर्पित हुई लखवीर सिंह इन्सां की देह</title>
                                    <description><![CDATA[मेडिकल रिसर्च के लिए मुरादाबाद मेडिकल कालेज को किया शरीर दान समाना (सुनील चावला)। डेरा सच्चा सौदा द्वारा मेडिकल रिसर्च के लिए शुरू की गई शरीरदान करने की मुहिम तहत समाना ब्लाक के लखवीर सिंह इन्सां की देह भी मानवता को समर्पित हो गई। प्रेमी लखवीर इन्सां के परिवारिक सदस्यों ने उनकी अंतिम इच्छा मुताबिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/body-donation-of-lakhveer-insan-for-medical-research-center/article-932"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/body-donate.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;"><strong>मेडिकल रिसर्च के लिए मुरादाबाद मेडिकल कालेज को किया शरीर दान</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>समाना (सुनील चावला)।</strong> डेरा सच्चा सौदा द्वारा मेडिकल रिसर्च के लिए शुरू की गई शरीरदान करने की मुहिम तहत समाना ब्लाक के लखवीर सिंह इन्सां की देह भी मानवता को समर्पित हो गई। प्रेमी लखवीर इन्सां के परिवारिक सदस्यों ने उनकी अंतिम इच्छा मुताबिक उनका मृत शरीर साध-संगत व जिम्मेवार सेवादारों की उपस्थिती में उत्तर प्रदेश के पीर शंकर महावीर मेडिकल कालेज को रिसर्च के लिए दान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्णनीय है कि लखवीर सिंह इन्सां ने डेरा सच्चा सौदा सरसा में शरीरदान करने के लिए फार्म भरे हुए थे। उनकी इस इच्छा को पूरा करते हुए उनके पुत्र जतिन्द्र इन्सां, पुत्री डिंपल इन्सां तथा पूरे परिवार ने लखवीर सिंह इन्सां की देह को शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के नेतृत्व में एम्बूलेंस के माध्यम से मेडिकल कालेज उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया। इस मौके भारी संख्या में रिशतेदार व साध-संगत हाजिर थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पूर्व मृत देह को फूलों से सजाई गई गाड़ी में रख कर अंतिम यात्रा निकाली गई, जो प्रेमी के निवास स्थान से समाना के टी प्वाइंट तक चली। इस दौरान काफिले के रूप में साथ-साथ चल रही संगत लखवीर इन्सां अमर रहे के नारे लगा रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके ब्लाक भंगीदास ललित इन्सां, 15 मैंबर दीपक इन्सां, गगन इन्सां, बिशू इन्सां, राम लाल इन्सां, शैंटी इन्सां, अमित इन्सां, पंकज इन्सां, सनी इन्सां, गुरचरन इन्सां, हलवाई यूनियन के अध्यक्ष महेन्द्रपाल कालड़ा, बाहवलपुर महासंघ के सदस्य मोहन लाल आदि भी उपस्थित थे।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2017 00:00:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दुकान को लगी आग, लाखों का नुक्सान</title>
                                    <description><![CDATA[कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू धूरी (सुरेन्द्र इन्सां)। स्थानीय रेलवे फाटक के नजदीक सदर बाजार में गत रात्रि अशोक कुमार पुत्र काका राम की एक बूट-चप्पल की दुकान में लगी आग के कारण दुकान में पड़ा लाखों रूपये का सामना जलकर राख हो गया। दुकान के मालिक प्रेमी अशोक कुमार ने बताया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/fire-in-shop-loss-of-millions/article-858"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/fre-1.jpg" alt=""></a><br /><h2><strong>कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>धूरी (सुरेन्द्र इन्सां)।</strong> स्थानीय रेलवे फाटक के नजदीक सदर बाजार में गत रात्रि अशोक कुमार पुत्र काका राम की एक बूट-चप्पल की दुकान में लगी आग के कारण दुकान में पड़ा लाखों रूपये का सामना जलकर राख हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दुकान के मालिक प्रेमी अशोक कुमार ने बताया कि वह शाम को अपनी दुकान बंद कर घर चला गया था। रात को तारों की स्पार्किंग के कारण अचानक दुकान में आग लग गई, जिस कारण दुकान में पड़े बूट, चप्पले, फर्नीचर आदि सारा सामान जल कर पूरी तरह राख हो गया। उन्होंने बताया कि घटना में उसका करीब 2 लाख रूपये का नुकसान हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आधी रात को मदद करने पहुंचे डेरा अनुयायी</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि आग बुझाने में डेरा अनुयायी अशोक कुमार लक्खा, राकेश कुमार, भोला नाथ, प्रदीप पुन्नू भंगीदास, गुरसेवक सिंह, पवन कुमार, ब्लाक भंगीदास राजिन्द्र निक्का, गुड्डू, हैपी, विक्की आदि ने अहम भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त फायर ब्रिगेड़ संगरूर के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाने में सहायता की।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2017 22:23:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बरनावा में छाई बहार, भंडारा आज</title>
                                    <description><![CDATA[पावन भंडारा। यूपी में धूमधाम से मनाया जाएगा पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के अवतार माह पूज्य गुरु जी बरनावा पधारे साध-संगत ने घी के दीये जलाकर व आतिशबाजी के साथ किया स्वागत मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी ब्लॉकों के सेवादारों का सम्मान बरनावा(सच कहूँ न्यूज)। नव वर्ष 2017 के साथ पूजनीय परमपिता शाह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/holy-bhandara-held-today-in-barnawa/article-710"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-01/09.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पावन भंडारा। यूपी में धूमधाम से मनाया जाएगा पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के अवतार माह </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पूज्य गुरु जी बरनावा पधारे </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>साध-संगत ने घी के दीये जलाकर व आतिशबाजी के साथ किया स्वागत </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी ब्लॉकों के सेवादारों का सम्मान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा(सच कहूँ न्यूज)।</strong> नव वर्ष 2017 के साथ पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के पवित्र अवतार माह का आगाज व उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के बड़ौत अंतर्गत पांडव नगरी बरनावा स्थित शाह सतनाम जी आश्रम में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का पावन आगमन यूपी व उत्तराखंड की साध-संगत के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। शनिवार को जैसे ही पूज्य गुरु जी बरनावा पधारे तो साध-संगत की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। पूज्य गुरु जी के पावन आगमन पर स्थानीय साध-संगत ने घी के दीये जलाकर व ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर नाच गाकर व आतिशबाजी के साथ स्वागत किया।<br />
आश्रम का चप्पा-चप्पा चमक उठा। हर कोई अपने मुर्शिद की एक झलक पाने को बेताब दिखाई दे रहा था। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी ने दर्शनाभिलाषी साध-संगत को दर्शन देकर निहाल किया तथा उनका कुशल-क्षेम भी जाना। रूहानी मजलिस के दौरान पूज्य गुरु जी ने मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी ब्लॉकों के सेवादारों को ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं आज आश्रम में डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गद्दीनशीन पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन अवतार माह का पवित्र भंडारा धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है पावन भंडारे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा आश्रम में साध-संगत के आगमन का सिलसिला जारी है। शनिवार देर सांय तक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व आस-पास से लाखों की तादाद में साध-संगत आश्रम पहुुुुुंच चुकी थी। पावन भंडारे के मद्देनजर आश्रम को बड़े ही शानदार ढ़ंग से सजाया गया है। आश्रम की सुंदरता देखते ही बन रही है। आश्रम की ओर आने वाले सभी मार्गों पर स्वागती द्वार बनाए गए हैं। पावन भंडारे के शुभ अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां रूहानी सत्संग फरमाएंगे व गुरूमंत्र की अनमोल दात प्रदान करेंगे। इस अवसर पर रूहानी जाम भी पिलाया जाएगा।<br />
उल्लेखनीय है कि पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने 25 जनवरी 1919 को पूजनीय पिता वरियाम सिंह जी व पूजनीय माता आस कौर जी के घर श्री जलालआना साहिब में अवतार धारण किया। डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु जनवरी माह को पर्व के रूप में मनाते हैं व मानवता भलाई के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/holy-bhandara-held-today-in-barnawa/article-710</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Jan 2017 00:11:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>देना ही है तो 100 पर्सेंट वचन मानने का तोहफा दें</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। ये जनवरी का महीना शाह सतनाम जी, शाह मस्तान जी दाता, रहबर, साई, जिन्होंने सच्चा सौदा बनाया शाह सतनाम जी महाराज का पाक पवित्र अवतार महीना है, पूरी साध-संगत खुशी, उल्लास और धूमधाम से अवतार महीने को मनाती है और ये मनाया भी क्यों न जाए, जिस दाता सतगुरु ने जिन्दगी बदल दी, नरक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/ruhani-majlis-held-in-barnawa-up-by-dr-msg/article-709"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/010.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> ये जनवरी का महीना शाह सतनाम जी, शाह मस्तान जी दाता, रहबर, साई, जिन्होंने सच्चा सौदा बनाया शाह सतनाम जी महाराज का पाक पवित्र अवतार महीना है, पूरी साध-संगत खुशी, उल्लास और धूमधाम से अवतार महीने को मनाती है और ये मनाया भी क्यों न जाए, जिस दाता सतगुरु ने जिन्दगी बदल दी, नरक जैसी जिन्दगी को स्वर्ग बना दिया।<br />
उक्त अनमोल वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शनिवार दोपहर बाद शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा में आयोजित रूहानी मजलिस के दौरान फरमाए। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि दाता रहबर ने आत्मा को भगवान से मिलने का रास्ता दिखा दिया, बिगड़े हुओ को इन्सान बना दिया, गिरे हुओ को उठाकर छाती से लगा लिया, ऐसे सतगुरु दाता का शुक्राना, धन्यवाद जितना किया जाए उतना कम। साध-संगत गाकर, नाचकर, खुशी मनाकर अपने सतगुरु का शुक्राना करती है। आपजी ने फरमाया कि जब सतगुरु का गुणगान करते हो, शुक्राना करते हो तो मर्यादा में 100 पर्सेंट रहना चाहिए। मर्यादा से बाहर जाकर जो खुशी मनाई जाती है वो मनमते होती है और मन की खुशी कभी आत्मा को नहीं आती। इसलिए जो बोला जाए, जो कहा जाए उस पर अमल किया जाए। वचन संत पीर-फकीर के होते हैं तो उस पीर-फकीर के वचनों पर जो अमल करता है वहीं इन्सान दोनों जहां की खुशी का हकदार बन जाता है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सच्चे दाता रहबर शाह सतनाम जी महाराज ने ऐसी बात बताई, ऐसे वचन बताए जिन पर एक छोटा सा बच्चा भी अमल करके दोनों जहां की खुशियां हासिल कर सकता है। ऐसा आसान रूहानियत का रास्ता जिसने भी अपनाया वो खुशियों से मालामाल हो गया और यह खुशियां टैंपेरेरी नहीं होती, परमानेंट होती हैं, हमेशा बनी रहती हैं। बस इन्सान गलतियां न करे, इन्सान वचनों पर 100 पर्सेंट अमल करे तो इन्सान को अंदर बाहर किसी तरह की कोई कमी नहीं आती।<br />
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इन्सान सोचता है मैंने तोहफा देना है, क्योंकि दुनिया में किसी का जन्मदिन मनाते हैं तो उस पर कोई तोहफा देते हैं और मुरीद अगर तोहफा देना चाहते हैं तो गुरु पीर-फकीर के वचनों को 100 पर्सेंट मानना, इससे बढ़िया तोहफा एक मुरीद अपने मुर्शिद-ए-कामिल को दे ही नहीं सकता। तो आप नए साल में सच्चा दाता रहबर के अवतार महीने में प्रण करें कि हाँ मैं अपने सतगुरु के वचनों पर 100 पर्सेंट अमल करूंगा, 100 पर्सेंट वचनों को मानूंगा। जो लोग ऐसा सोचेंगे, अमल करेंगे उनके घरों में खुशियों और बरकतों के ढेर लग जाएंगे। मालिक अंदर बाहर से खुशिया जरूर देंगे। यही है रूहानियत, यही है सूफियत। रूहानियत में गुरु कहे और शिष्य मान ले, इससे बड़ी कोई दूसरी बात नहीं होती और गुरु कहता है सबका भला करो। भला करने से एक आत्मिक शांति आती है, आनंद आता है, एक लज्जत आती है, जिसका मुकाबला दुनिया का कोई सुख नहीं कर सकता। हमारे देश और पूरी दुनिया में ऐसे-ऐसे धनवान हैं, जिनके पास दौलत का कोई शुमार नहीं, कोई गिनती नहीं, लेकिन आत्मिक शांति, दिमागी शांति न होने की वजह से उनसे दुखी भी दुनिया में कोई दूसरा नहीं होता। आदमी का जी तो ललचाता है, यार उनके पास तो गाड़िया हैं, जहाज हैं, वो मजे लेते हैं आपको क्या पता उनके मजे में भी सजा है और आप मेहनत मजदूरी करते हैं, राम का नाम जपते हैं, बड़े-बड़े पत्थर पर भी सो जाएं तो भी ऐसी नींद आती है कि सुबह तक पता ही नहीं चलता कि कहां सोए थे और दूसरी ओर अमीरों को मखमल के बेड पर भी जब नींद नहीं आती तो ऐसे लगता है जैसे बिच्छू काट रहे हों। इसलिए मन के पीछे मत लगा करो कि जिसके पास पैसा है, जिसके पास धन-दौलत जमीन जायदाद है शायद वो ही सुखी है, ये सही नहीं है। सुखी वहीं है जो राम का नाम जपता है। सुखी वही है जो गुरु, पीर-फकीर के वचनों पर अमल करता है। चाहे वो अमीर है और चाहे वो गरीब है। अमीरी-गरीबी आपकी मेहनत पर निर्भर करता है और यही चीज रूहानियत में है। रूहानियत आपकी मेहनत पर निर्भर करती है, आप रूहानियत के कितने वचन मानते हो, वचनों पर कितना चलते हो, सेवा-सुमिरन में कितना ध्यान लगाते हो। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप मालिक का नाम जपें। क्योंकि सेवा और सुमिरन दो ऐसी ताकतें हैं, जो इन्सान के अंदर बाहर की तमाम सफाई कर देती हैं। तो आप मालिक के नाम का जाप करो, मालिक से मालिक को मांगो। जो मालिक का नाम जपते हुए गुरु, पीर-फकीर के वचनों पर अमल करते हैं, उनका रोज भंडारा होता है, रोज खुशियां होती हैं, रोज अंदरूनी तौर पर मालामाल होते हैं। परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के पाक पवित्र अवतार महीने की बहुत-बहुत मुबारक हो। नया साल आपके जीवन में नई खुशियां लेकर आए, नए उजाले लेकर आए। आपके गम और अंधकार को शाह सतनाम जी, शाह मस्तान जी दाता रहबर जरूर मिटा दें, आप उनका नाम जपें, वो आपकी चिंता, टैंशन का खात्मा कर दें ये सतगुरु मौला से दुआ करते हैं, प्रार्थना करते हैं।</p>
<p><strong>वचनों पर 100 फीसदी अमल करने को लिया प्रण</strong><br />
परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन अवतार महीने के आगमन की खुशी में साध-संगत ने प्रण लिया कि अपने सतगुरु के वचनों पर 100 फीसदी अमल करेंगे।</p>
<p><strong>पूज्य गुरु जी ने साध-संगत के लिए काटा केक</strong><br />
डेरा सच्चा सौदा की दूसरी पातशाही पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन अवतार माह के उपलक्ष्य में पूज्य गुरु जी ने शनिवार देर सांय उत्तर प्रदेश की साध-संगत के लिए केक काटा। ‘तेरावास’ में आयोजित कार्यक्रम में भारी तादाद में साध-संगत मौजूद थी। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी आकर्षक परिधान में पधारे। पूज्य गुरु जी के पधारने पर उपस्थित साध-संगत ने ‘धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ का पवित्र नारा लगाकर पूज्य गुरुजी को पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन अवतार माह की बधाई दी। तदोपरांत पूज्य गुरुजी ने अपने पावन कर कमलों से केक काटा व उपस्थित साध-संगत में वितरित करवाया।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Dec 2016 23:34:16 +0530</pubDate>
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                <title>दृढ़ यकीन से करो इबादत</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। इंसान जब अपने परम पिता परमात्मा को याद करता है उसके अंदर एक तड़प लगी होती है। तो वो मालिक दया का सागर रहमोकर्म का दाता इंसान को अंदर-बाहर से उसकी तड़प के अनुसार खजाने लुटा देता है। पर ये प्यार, ये मोहब्बत एकरस-एकसार होनी चाहिए। उक्त रूहानी वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/be-sure-to-fasten-the-worship/article-704"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/guruji-10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सरसा।</strong> इंसान जब अपने परम पिता परमात्मा को याद करता है उसके अंदर एक तड़प लगी होती है। तो वो मालिक दया का सागर रहमोकर्म का दाता इंसान को अंदर-बाहर से उसकी तड़प के अनुसार खजाने लुटा देता है। पर ये प्यार, ये मोहब्बत एकरस-एकसार होनी चाहिए। उक्त रूहानी वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाह सतनाम जी धाम में वीरवार को आयोजित सांयकालीन रूहानी मजलिस में फरमाए। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जो मालिक से प्यार करते हैं। उसकी भक्ति करते हुए उसकी रजा में रहते हुए राम नाम का जाप करते हुए आगे बढ़ा करते हैं।<br />
उनके लिए कोई द्वेष, कोई नफरत, कोई अंहकार की जगह नहीं होती, वो सिर्फ और सिर्फ भगवान से सतगुरु मौला से प्यार करते हैं। उसकी बनाई प्रजा से बेगर्ज प्यार करते हुए सेवा करते रहते हैं तो ऐसे मुरीद ऐसे भक्तजनों की मालिक हर जायज इच्छा पूरी कर देते हैं। और वो भी कहने की जरूरत नहीं पड़ती।<br />
अभी सोचा भी नहीं होता, कल्पना भी नहीं की होती उससे पहले मालिक उनकी इच्छाएं पूरी कर देते हैं, चाहे रूहानी हो या दुनियावी हो।<br />
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि दृढ़ यकीन होना अति जरूरी है। यकीन के बिना बात नहीं बनती। दृढ़ यकीन है फिर उसकी भक्ति करते हो, सुमिरन करते हो और उसकी बनाई औलाद की सेवा करते हो। तो यकीनन उसकी दया मेहर रहमत आप पर मूसलाधार बरसेगी ही बरसेगी। सेवा और सुमिरन ऐसी ताकते हैं। जो इस कलयुग मे इंसान के लिए धुरा हैं, एक शक्ति हैं जो उन्हें बुराईयों से हमेशा बचाती रहती हैं। किसी की न सुनो। पीर-फकीर की सुनो, राम की सुनो। कोई सवाल उठे तो फकीर से हल करवाओ, दुनियादारी से सवाल करवाओगे, जो खुद सवालों के मारे हैं वो क्या जवाब देंगे? जिनको खुद टेंशन परेशानियों ने घेर रखा है वो किसी के क्या रौनकें लगा देंगे? क्या खुशियां ला देंगे? इसलिए हमेशा अपने अंत:कर्ण की सुनो, पीर-फकीर की सुनो और वचनों पर सौ प्रसेंट अमल करना सीखो। जो वचनों पर सौ प्रसेंट अमल किया करते हैं वही रूहानियत में तरक्की हासिल करते हैं, जो अमल नहीं करते वो बातों के अलावा और कुछ हासिल नहीं कर पाते। अमल कहता है सेवा करो, सुमिरन करो। मालिक की रियाय यानि प्रजा का भला मांगो और भला करो। सेवा सिमरन करते हुए जो आगे बढ़ते हैं रूहानियत में तरक्की करते हैं वही रूहानियत की खुशियां हासिल करते हैं। और रूहानियत में गम नहीं होता, मालिक उन्हें बेगमपुर का बादशाह बना देता है। तो सुमिरन अवश्य करो चाहे आधा घण्टा सुबह-शाम, मालिक के नाम के साथ हमेशा दृढ़ यकीन रखो ताकि दृढ़ यकीन के कारण आपके बिगड़े हुए कर्म बिगड़ी हुई तकदीर मालिक पल में संवार के रख दें और खुशियों से लबरेज कर दें। अमल करना आपके हाथ में हैं, बताना फकीर का काम होता है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Dec 2016 03:50:08 +0530</pubDate>
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                <title>योग के ‘इलम’ ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[साक्षात्कार जवान रहना है तो कीजिए नियमित योगाभ्यास, बीमारियां नहीं फटकेंगी पास – अब तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झटक चुके 234 मेडल – पूज्य गुरु जी को दिया उपलब्धियों का श्रेय Sirsa, Sachkahoon News: कुछ करने की जिद हो, उमंग हो तो उस काम को करने में उम्र कभी आड़े नहीं आती। यह साबित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/yoga-ilm-administered-by-the-international-recognition/article-703"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-34.jpg" alt=""></a><br /><p>साक्षात्कार जवान रहना है तो कीजिए नियमित योगाभ्यास, बीमारियां नहीं फटकेंगी पास<br />
– अब तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झटक चुके 234 मेडल<br />
– पूज्य गुरु जी को दिया उपलब्धियों का श्रेय</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa, Sachkahoon News: </strong>कुछ करने की जिद हो, उमंग हो तो उस काम को करने में उम्र कभी आड़े नहीं आती। यह साबित कर दिखाया है 82 वर्षीय वयोवृद्ध योगा कोच व अंतरराष्ट्रीय योग खिलाड़ी इलम चंद इन्सां ने। नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर गोल्ड, सिल्वर व कांस्य के दर्जनों मेडल झटक कर उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि आज भी उनका जोश युवाओं से कम नहीं है।<br />
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के बड़ौत अंतर्गत गांव रंछाड़ में हरदेव सिंह के घर जन्मे इलम चंद इन्सां वर्तमान में सरसा स्थित शाह सतनाम जी पुरा गांव में रह रहे हैं। वे अब अब तक योग व एथलेटिक्स की स्टेट, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 234 मेडल हासिल कर देश व हरियाणा का नाम रोशन कर चुके हैं। सच कहूँ प्रतिनिधि हितेन्द्र इन्सां ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के कुछ अंश :-<br />
<strong>प्रश्न:-</strong> आपने खेलकूद शुरु कब किए व क्यों?<br />
<strong>उत्तर:-</strong> वर्ष 1996 में जब शाह सतनाम जी बॉयज स्कूल, सरसा की शुरुआत में प्रिंसीपल के रूप में चयनित हुआ तो उस वक्त मैं मधुमेह, अनिद्रा, कमजोरी, चिंता और टीबी जैसी बीमारियों से पीड़ित था। वर्ष 2001 में गुरु जी हॉस्टल में आए और बच्चों को योग कराने के वचन किए। मैंने योग के साथ-साथ दौड़ना-कूदना शुरु किया। मैंने अनुभव किया कि मेरा स्वास्थ्य लगातार सुधर रहा था। मैंने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरु किया और जवानों के साथ खेलकर भी मैं जीत हासिल करने लगा। पहले साल में ही जिला स्तर से लेकर अंतराष्टÑीय स्तर तक पदक जीते और अब तक लगातार जीतता आ रहा हूँ।<br />
<strong>प्रश्न:-</strong> खेलकूद से पहले आप क्या करते थे?<br />
<strong>उत्तर:</strong> खेलकूद से पहले मैं तीन इन्टर कॉलेजों में प्रधानाध्यापक रहा हूँ जिसमें दो कॉलेज मेरे अपने थे और एक कॉलेज में 1960 एलटी की परीक्षा पास कर अध्यापक व बाद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक सेवा आयोग, इलहाबाद द्वारा प्रधानाध्यापक के रूप में चयनित किया गया।<br />
<strong>प्रश्न:-</strong> खेलकूद में आपक ी क्या उपलब्धियाँ हैं?<br />
<strong>उत्तर:-</strong> मैं योग और ऐथ्लेटिक्स का खिलाड़ी हूँ, दोनों खेलों में वर्ष 2001 से अब तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुल 45 पदक सहित कुल 234 पदक प्राप्त कर चुका हूँ।<br />
<strong>प्रश्न:-</strong> आपको किन-किन अवार्डस से सम्मनित किया जा चुका है?<br />
<strong>उत्तर:-</strong> 15 अगस्त 2016 को शहीद भगत सिंह खेल परिसर में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने योग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर सम्मानित किया। इससे पहले 3 दिसंबर 2015 को अंतर्राष्टÑीय वृÞद्धजन दिवस पर द्वितीय वर्ग में आजीवन उपलब्धि का सम्मन मिला तो 23 जनवरी 2015 को मुझे जिन्दगी का सबसे बड़ा अवार्ड पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा ड़ायमंड मैडल प्राप्त हुआ। इसके अलावा 15वीं अंतर्राष्टÑीय प्रतियोगिता में थ्यारी, वाइवा और आसन प्रतियोगिता में प्रथम आने पर पॉड़िचेरी सरकार के जनरल सेक्रेटरी द्वारा अवार्ड आॅफ आॅनर से सम्मानित किया जा चुका है।<br />
<strong>प्रश्न:-</strong> आप खेलकूद के अलावा और क्या करते हैं?<br />
<strong>उत्तर:-</strong> फिलहाल एक खिलाड़ी हूँ, इसके अलावा मैं एक विद्यार्थी भी हूँ। शाह सतनाम जी मल्टीस्पेस्लिटी हॉस्पिटल में डॉ. और शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान में कोच हूँ। मेरे द्वारा प्रशिक्षित शाह सतनाम जी बॉयज स्कूल व कॉलेज के खिलाड़ी रामदास, उमाशंकर, हितेन्द्र और अजय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना दम दिखा चुके हैं।<br />
<strong>प्रश्न:-</strong> “सच कहूँ” के पाठकों को क्या संदेश देना चाहते हैं?<br />
<strong>उत्तर:-</strong> “सच कहूँ” समाचार पत्र एक ऐसा समाचार पत्र है जो समाज में गन्दे और घटिया समाचारों की बजाय स्वच्छ और आध्यात्मिक खबरों के साथ जीवन जीने की उत्कृष्ट राह दिखाता है। मैं समाचार पत्र का आभार व्यक्त करता हूँ। मैं यही कहना चाहता हूँ, यदि आप मेरी तरह स्वस्थ और जवान रहना चाहते हैं तो योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लीजिए। योग करने से अनेकों बीमारियों से बचा जा सकता है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Dec 2016 03:15:15 +0530</pubDate>
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                <title>हरिरस से होती है आत्मा बलवान</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/meditation-is-necessary-to-meet-with-god/article-665"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/up-pita-ji1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa:</strong> पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जबाव सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाया करते हैं। इन्सान जब सत्संग में मालिक का नाम लेता है और नाम लेकर उसका सुमिरन करता है। तो उसके अंदर का हरिरस आत्मा को मिलना शुरू होता है और जैसे जैसे हरिरस का पान लेना आत्मा शुरू करती है तो वह बलवान होना शुरू कर देती है। जैसे जरा-सा भी आत्मा को हरिरस मिलना शुरू होता है तो आत्मा मन को दबाना शुरू कर देती है। ज्यों-ज्यों आत्मा की शक्ति बढ़ती जाती है त्यों-त्यों सतगुरु के पे्रम में इन्सान आगे बढ़ता है। और मालिक की खुशियों का हकदार बनता चला जाता है। आप जी फरमाते हैं कि आत्मा की आवाज को सुनो आत्मबल पैदा करो, ताकि उस परमात्मा की खुशियों के लायक बन सको, उसकी तमाम बरकतों को हासिल कर सको। यह तभी संभव है यदि आप सुमिरन करो, सेवा करो, सत्संग सुन कर अमल करो। जब तक इन्सान सत्संग सुन कर अमल नहीं करता वह शातिर रहता है, उसका मन शातिराना चालें चलता रहता है। सत्संग सुना और अमल कर लिया तो मन की सारी चालेें नाकाम हो जाती हैं। इसलिए आत्मा की आवाज सुन कर अमल करो, संत पीर-फकीर आत्मबल बढ़ाने का तरीका, गुरूमंत्र जीव को बताते हैं। जो सुन कर अमल कर लिया करते हैं उन्हें अंदर बाहर किसी चीज की कोई कमी नहीं रहा करती।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Thu, 29 Dec 2016 01:30:12 +0530</pubDate>
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                <title>आत्मविश्वास के लिए आत्म-चिंतन जरुरी</title>
                                    <description><![CDATA[Sirsa: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि अगर इस कलियुगी संसार में इन्सान सुख-शांति प्राप्त करना चाहता है तो इसके लिए उसके अंदर आत्मविश्वास होना जरूरी है। जिस इन्सान में आत्मविश्वास होता है, वही बुलंदियों को छू सकता है और ये आत्मविश्वास किसी पैसे, मां-बाप या टीचर-मास्टर, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/meditation-is-necessary-for-confidence-2/article-650"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/pita-ji1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Sirsa:</strong> पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि अगर इस कलियुगी संसार में इन्सान सुख-शांति प्राप्त करना चाहता है तो इसके लिए उसके अंदर आत्मविश्वास होना जरूरी है। जिस इन्सान में आत्मविश्वास होता है, वही बुलंदियों को छू सकता है और ये आत्मविश्वास किसी पैसे, मां-बाप या टीचर-मास्टर, लेक्चरार की शिक्षा से हासिल नहीं हो सकता। इस आत्मबल को हासिल करने के लिए आत्मिक चिंतन जरूरी है और यह आत्मिक चिंतन केवल उस अल्लाह, वाहेगुरु, मालिक की भक्ति इबादत से हो सकता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जो इन्सान मालिक का नाम जपा करते हैं, वही आत्मबल को हासिल कर सकते हैं।<br />
आत्मिक चिंतन केवल सुमिरन के द्वारा ही संभव है, सुमिरन करने से ही आत्मबल में वृद्धि हो सकती है और जब जीव में आत्मबल आ जाता है तो उसकी सहनशक्ति स्वयं ही बढ़ जाती है। आत्मबल से जीव का मन फिजूल की बातों में आना बंद कर देता है और आत्मा का मालिक से प्रेम बढ़ने लगता है। ज्यों-ज्यों इन्सान सुमिरन करता जाता है आत्मा को खुराक मिलती जाती है और वो और अधिक बलवान होती जाती है। आप जी फरमाते हैं कि एक दिन आत्मा व परमात्मा का मेल जरुर होता है। इसलिए सुमिरन के पक्के बनो। भले ही आपमें कोई भी गुण है, आप किसी भी प्रकार की सेवा करते हो, मन का कोई भरोसा नहीं कि वह कब डावांडोल हो जाए। मन से लड़ने का एकमात्र उपाय केवल सुमिरन ही है, लेकिन इसके साथ अगर आप सेवा भी करते हो तो बहुत बड़ी बात है। सेवा से सुमिरन में मन जल्दी लगता है व उस मालिक की धुन को आपका मन जल्दी पकड़ने लग जाएगा। वह बुराइयों की तरफ जाना बंद कर देगा। जब उसकी आत्मा राम नाम की धुन को पकड़ते हुए मालिक के नजारे लूटेगी तो मन भी उसके साथ होगा। इसके बाद मन बुराई की तरफ नहीं, बल्कि अच्छाई की तरफ चलता है। मन स्वाद का आशिक है। उसे जहां अधिक स्वाद मिलता है वह वहां दौड़ कर चला जाता है।<br />
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि राम नाम में जो लज्जत व स्वाद है वह दुनिया में कहीं पर भी नहीं है। इसलिए मालिक के नाम का सुमिरन, भक्ति, इबादत किया करो ताकि आप मालिक की खुशियों के काबिल बन सको। इन्सान को मालिक से मिलाने के लिए सुमिरन के अलावा और कोई भी उपाय नहीं है, अन्य सभी बातें बेफिजूल हैं उस मालिक से मिलने के लिए। यह बातें समाज में, घर-परिवार में इन्सान को इज्जत-शोहरत तो दिलवा सकती हैं, लेकिन इनसे आप भगवान को नहीं पा सकते। उस प्रभु-परमात्मा को हासिल करना है तो उसके लिए सुमिरन करना ही होगा व अपने अवगुणों को अंदर से मिटाना होगा।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2016 23:59:54 +0530</pubDate>
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