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                <title>Fake Companies - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Fake Companies RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कार्रवाई : फर्जी कंपनियों पर कसा शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[2.26 लाख शेल कंपनियों का पंजीकरण रद्द, 2.25 लाख पर कार्रवाई की तैयारी शेल कंपनियों की जांच के लिए गठित टास्क फोर्स की कंफर्म लिस्ट में 16,537 कंपनियां 3.09 लाख निदेशकों को किया अयोग्य घोषित कार्रवाई से पहले नोटिस दिया जाएगा नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में फर्जी कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/3-09-lakh-directors-were-disqualified/article-4042"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/fraud-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">2.26 लाख शेल कंपनियों का पंजीकरण रद्द, 2.25 लाख पर कार्रवाई की तैयारी</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">शेल कंपनियों की जांच के लिए गठित टास्क फोर्स की कंफर्म लिस्ट में 16,537 कंपनियां</li>
<li>3.09 लाख निदेशकों को किया अयोग्य घोषित</li>
<li>कार्रवाई से पहले नोटिस दिया जाएगा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>सरकार ने चालू वित्त वर्ष में फर्जी कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई का दूसरा चरण शुरू करने का शुक्रवार को ऐलान करते हुए कहा कि इस दौरान 2,25,910 कंपनियों का पंजीयन रद्द किया जाएगा और वर्ष 2016-17 में 2,26,166 कंपनियों का पंजीयन रद्द करते हुए 3,09,619 निदेशकों को अयोग्य घोषित किया गया। फर्जी कंपनियों की पहचान एवं कार्रवाई के लिए गठित कार्यबल ने इस तरह की कंपनियों पर नकेल कसने के लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">कई उपाय किये हैं। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने भी फर्जी कंपनियों का डाटा तैयार किया है। कंपनी पंजीयक (आरओसी) ने वर्ष 2016-17 के दौरान 2,26,166 फर्जी कंपनियों की पहचान करते हुये उनके पंजीयन रद्द किये और उनसे जुड़े 3,09,619 निदेशकों को अयोग्य घोषित किया। कंपनी पंजीयक ने चालू वित्त वर्ष में कार्रवाई के लिए 2,25,910 फर्जी कंपनियों की पहचान की है। उनके विरुद्ध कंपनी कानून की धारा 248 के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शेल कंपनियों की जांच के लिए टास्क फोर्स ने जुटाए आंकड़े</h3>
<p style="text-align:justify;">फरवरी 2017 में शेल कंपनियों की जांच के लिए टास्क फोर्स बनाई गई थी। वित्त सचिव हसमुख अढ़िया और कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के सचिव इंजेती श्रीनिवास की अध्यक्षता वाली इस फोर्स ने ऐसी कंपनियों का डेटा इकट्ठा किया, जिसके आधार पर इन कंपनियों को 3 केटेगरी में बांटा है। इसके तहत कंफर्म लिस्ट में 16,537 शेल कंपनियां शामिल हैं। अलग-अलग एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर ये सूची तैयार की गई है। डिराइव्ड लिस्ट में 16,739 कंपनियों के नाम हैं। ये ऐसी कंपनियां हैं, जिनके डायरेक्टर वहीं हैं, जो कंफर्म शेल कंपनियों के हैं। तीसरी संदिग्ध लिस्ट है जिसमें 80,670 कंपनियों के नाम हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jun 2018 20:52:01 +0530</pubDate>
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                <title>कमाई भी गई, लोन भी नहीं मिला</title>
                                    <description><![CDATA[लोन का झांसा देकर नकली फाईनेंस कंपनी ने हड़पे लाखों कार्यालय में नहीं मिले अधिकारी व कर्मचारी मामले को लेकर आज एसडीएम व डीएसपी से करेंगे शिकायत नरवाना (बिन्टू सिंह)। शहर में लोन देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जिसका खुलासा तब हुआ जब लोन लेने के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fraud-millions-of-fake-companies-in-the-name-of-giving-loan/article-2464"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/narwana.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">लोन का झांसा देकर नकली फाईनेंस कंपनी ने हड़पे लाखों</h2>
<h3>कार्यालय में नहीं मिले अधिकारी व कर्मचारी</h3>
<h3 style="text-align:justify;">मामले को लेकर आज एसडीएम व डीएसपी से करेंगे शिकायत</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नरवाना (बिन्टू सिंह)। </strong>शहर में लोन देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जिसका खुलासा तब हुआ जब लोन लेने के लिए सीटीएस माईक्रो फाईनेंस कार्यालय में पहुंचे। कार्यालय पहुंचने पर लोगों ने देखा कि जहां उनक ो लोन के रुपए मिलने थे वहां कोई भी फाईनेंस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">बतां दें कि कंपनी ने लोन देने के नाम पर दर्जनों लोगों से पहले से पहले ही लाखों की रकम ले ली थी। लोन लेने से पहले ही लोगों ने 15 से 50 हजार रुपए जमा करवाए हुए थे। लोगों ने बताया कि इस कंपनी में अगर एक व्यक्ति को चार लाख का लोन लेना है तो लोन होने से पहले उसे 15 हजार रुपए जमा करवाने थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने भी ऐसा किया, जिसने जितना लोन लेना था। उसके हिसाब से इस कंपनी के कार्यालय के कर्मचारियों को नकद रूपए दे दिए। लोगों ने बताया कि जब यह कार्यालय खुला था तो यहां लगभग 15 कर्मचारी काम करते थे, लेकिन जब यहां सिर्फ रद्दी व कागज पड़े हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कई शहरों में स्थापित हैं ऐसे कार्यालय</h2>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित लोगों ने कहा कि जब इस कार्यालय का उद्घाटन डूमरखा गांव के विक्रम सिंह ने किया था तो एमडी सुनील कुमार ने बताया था कि उनकी इस कंपनी के कार्यालय नरवाना के अलावा गोहाना, टोहाना, जलवाना में भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां को लोगों को लोन देकर उन्हें अपना खुद का व्यवसाय करने के लिए प्रेरित व आर्थिक रूप से मजबूत किया जाता है। देखा जाए तो नरवाना में लोगों के साथ हुई इस ठगी के बाद दूसरे शहरों में ऐसे की हालात होंगे। लोगों ने कहा कि वह आज वीरवार को इस मामले को लेकर एसडीएम व डीएसपी से शिकायत करेंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कार्यालय में नहीं मिला कोई अधिकारी व कर्मचारी</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण सुखबीर, नानू राम, सीता देवी, पिंकी, नीलम, कमलेश सहित अन्य कई लोग ऐसे हैं। जिन्होंने लोन मिलने के झांसे में आकर यहां इस फाईनेंस कंपनी के अधिकारियों के पास अपने जरूरी दस्तावेजों की फोटो कॉपी व रुपए जमा करवाए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इन लोगों ने बताया कि उन्हें कंपनी के एमडी सुनील कुमार बिगाना ने बस स्टैंड के सामने स्थित सीटीएस माईक्रो फाईनेंस के कार्यालय में लोन देने के लिए बुलाया था। लेकिन जब उस कार्यालय में कोई कर्मचारी नहीं मिला तो लोगों ने</p>
<p style="text-align:justify;">सुनील कुमार के घर जाकर उसके बारे में पूछा जहां उन्हें जवाब मिला की वह तो घर से कई दिनों से गायब है और वे उसके बारे में कुछ नहीं जानते। जिससे लोन लेने वाले ग्रामीणों के पैरो तले से जमीन खिसक गई और उन्होंने पता लग गया कि वे किसी चापलूस ठग के झांसे में फंस गए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुखबीर ने जमा करवाए थे 46 हजार</h2>
<p style="text-align:justify;">गांव घोघड़ियां निवासी सुखबीर ने बताया कि इस कंपनी का नाम सुना तो वह भी लोन लेने के लिए घोघड़ियां से नरवाना आया। यहां मौजूद कर्मचारियों ने उससे 46200 रुपए मांगे थे। सुखबीर ने ये रुपए इस कंपनी के एक कर्मचारी को अपने घर बुलाकर दिए और उसकी रसीद भी ली, वहीं ढाकल गांव के नानू ने कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई। अगर शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। लोगों को भी सोच-समझकर रूपए देने चाहिए। पहले कंपनी की जांच-पड़ताल करनी चाहिए।<br />
<em><strong>-जगबीर सिंह, एसएचओ नरवाना</strong></em></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2017 01:31:19 +0530</pubDate>
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