<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/hamid-ansari/tag-4451" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Hamid Ansari - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/4451/rss</link>
                <description>Hamid Ansari RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हामिद अंसारी से यह उम्मीद नहीं थी</title>
                                    <description><![CDATA[उपराष्ट्रपति के बतौर संवैधानिक पद पर बैठे हामिद अंसारी के एक बयान ने एक संवेदनशील मुद्दे पर बहस छेड़ दी है। सामान्य तौर पर यह माना जाता है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सीमाएं तय होती हैं। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए देश के सभी नागरिक समान होते हैं। उसकी हर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/this-was-not-expected-from-hamid-ansari/article-3288"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/hamid-ansari.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उपराष्ट्रपति के बतौर संवैधानिक पद पर बैठे हामिद अंसारी के एक बयान ने एक संवेदनशील मुद्दे पर बहस छेड़ दी है। सामान्य तौर पर यह माना जाता है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सीमाएं तय होती हैं। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए देश के सभी नागरिक समान होते हैं। उसकी हर एक बात समाज को जोड़ने वाली होनी चाहिए, न कि समाज को विखंडित करने वाली।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में हामिद अंसारी का यह कहना कि देश के मुसलमानों में बेचैनी का अहसास और असुरक्षा की भावना है, कितना तर्कसंगत माना जा सकता है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश का माहौल बदल गया है। अंसारी ने मुस्लिमों का हमदर्द बनकर यह साबित कर दिया है कि वे संकीर्ण भावनाओं से उबर नहीं सके हैं, भले ही संवैधानिक पद पर लंबे समय तक बैठे रहे हों या फिर इसी देश ने उन्हें ताउम्र इज्जत से जीने का पूरा मौका दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि हामिद अंसारी को मुसलमानों की इतनी ही चिंता है, तो उन्हें उसी समय उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था, जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे। आखिर हामिद अंसारी को गुजरात के मुसलमानों की पीड़ा भी तो याद आई होगी या नहीं। या फिर उस समय तक उनके सब्र का बांध टूट नहीं पाया था? मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अचानक ऐसा क्या हुआ कि हामिद अंसारी का दिल टूटकर बिखर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बहस का दौर शुरू होता है, तो न कोई जीतता है और न ही कोई हारता है। खासतौर से यहां बात सामुदायिक हितों पर बहस की हो रही है। ऐसी बहसों से विद्वेष की भावना बढ़ती है और समाज में दो समुदायों के बीच घृणा का दौर नए सिरे से शुरू हो जाता है। तो क्या संवैधानिक पद पर बैठे हुए अंसारी को यह अहसास नहीं है कि उनके बयान से समाज में क्या हलचल पैदा होगी और उसके कितने प्रतिकूल परिणाम होंगे?</p>
<p style="text-align:justify;">बात जब मुस्लिम सुरक्षा की होती है तो भाजपा में पदोें पर आसीन मुसलमान चाहे नजमा हेपतुल्ला हों, मुख्तार अब्बास नकवी हों या फिर शाहनवाज हुसैन सहित सैकड़ों अन्य नेता हों, यही कहते नजर आते हैं कि यदि पूरी दुनिया में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षा के भाव में जीता है तो वह हिन्दुस्तान में। चाहे पड़ोसी देश पाकिस्तान पर नजर डाली जाए या फिर ईरान, इराक, अफगानिस्तान, सीरिया, लेबनान और सैकड़ों अन्य मुस्लिम बाहुल्य देशों पर, चारों तरफ हाहाकार मचा है। मुसलमान, मुसलमानों का ही खून बहा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कहीं निर्दोष नागरिकों की बलि चढ़ाई जा रही है तो कहीं अल्लाह की इबादत करते मुसलमानों पर गोलियां बरसाई जा रही है। क्या हामिद अंसारी को मुस्लिम बाहुल्य उन देशों में मुसलमान महफूज नजर आ रहे हैं? या फिर हामिद अंसारी रिटायर होने से पहले एक बार फिर जमात में बैठने की खातिर इस तरह का बयान सुनियोजित तरीके से देने को मजबूर हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ भी हो संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती। यदि वे कहते हैं कि सरकार और मुसलमानों के बीच भरोसे में कमी आई है तो इसका सीधा सा मतलब है कि भाजपा और मुसलमानों के बीच भरोसा कम हुआ है। यह कितनी हास्यास्पद बात है। जिन मुसलमानों का भाजपा पर भरोसा था, वे गिने-चुने मुट्ठी भर मुसलमान पहले भी भजपा सरकारों पर भरोसा करते आए हैं और अब भी कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुसंख्यक मुसलमानों ने न कभी पहले भरोसा किया और न अब कर रहे हैं। यदि हामिद अंसारी तथ्यों के साथ यह आरोप लगाते कि केंद्र की भाजपा सरकारों ने मुसलमानों के साथ भेदभाव किया है, तब उनकी इज्जत मुसलमानों के साथ आम आदमी की नजर में भी बढ़ती, लेकिन तथ्यविहीन ऐसे बयान ने कहीं न कहीं हामिद के कद को कमतर ही किया है और संवैधानिक पद पर रहते हुए ऐसे बयान ने उनकी शख्सियत का मजाक ही बनाया है। ऐसे में अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदाई भाषण में उन्हें उनकी छटपटाहट याद दिला दी तो क्या गलत किया?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-गणेश शंकर भगवती</strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/this-was-not-expected-from-hamid-ansari/article-3288</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/this-was-not-expected-from-hamid-ansari/article-3288</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Aug 2017 00:31:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/hamid-ansari.jpg"                         length="6686"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी: अंसारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का गुरुवार को कार्यकाल खत्म हो गया। राज्यसभा में स्पीच में उन्होंने कहा लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने राधाकृष्णन सर्वपल्ली के एक बयान का जिक्र किया। बता दें कि शुक्रवार को नए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/minorities-need-protection-in-democracy-ansari/article-3020"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/ansari.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का गुरुवार को कार्यकाल खत्म हो गया। राज्यसभा में स्पीच में उन्होंने कहा लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने राधाकृष्णन सर्वपल्ली के एक बयान का जिक्र किया। बता दें कि शुक्रवार को नए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के लिए विदाई स्पीच दी।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मोदी ने कहा- अंसारीजी, अपनी यादें छोड़कर जा रहे हैं</h1>
<p style="text-align:justify;"> नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के लिए विदाई स्पीच दी। उन्होंने कहा कि अंसारीजी, अपनी यादें छोड़कर जा रहे हैं। उनके किए गए कामों को याद किया जाएगा। उन्होंने एक डिप्लोमैट के रूप में करियर शुरू किया था और वो काफी शानदार रहा।</p>
<h1 style="text-align:justify;">किस नेता ने क्या कहा?</h1>
<p style="text-align:justify;">गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जिस तरह से आपने सदन को चलाया वह सराहनीय है| आपका यह कार्यकाल शानदार रहा। अरुण जेटली ने कहा, आज का दिन बहुत अहम है। हम इस सदन में आपके सभापति के तौर पर 10 साल का टेन्योर पूरा करने के बाद विदाई दे रहे हैं। आपके टेन्योर में काफी अच्छी चर्चा हुईं। एसपी मेंबर राम गोपाल यादव ने कहा- अंसारी ने बिना किसी के भेदभाव के सदन को चलाया।</p>
<p style="text-align:justify;">कभी किसी भी कानून को बिना चर्चा के पास होने की मंजूरी नहीं दी। मैं आशा करता हूं कि अगले सभापति भी इस परंपरा को बनाए रखेंगे। टीएमसी मेंबर डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि अंसारी योग करते हैं और अच्छी सेहत को बनाए रखने के लिए शाम को टहलने जाते हैं। वे पिछले 40 साल से लंच में सेंडविच खाते आ रहे हैं। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/minorities-need-protection-in-democracy-ansari/article-3020</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/minorities-need-protection-in-democracy-ansari/article-3020</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Aug 2017 02:52:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/ansari.jpg"                         length="85661"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यसभा ने किया मायावती का इस्तीफा मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[नाराज मायावती ने मंगलवार शाम को राज्यसभा मेंबरशिप से दिया था इस्तीफा नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने बहुजन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो Mayawati का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलने से नाराज मायावती ने मंगलवार शाम को राज्यसभा मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया था। सदन की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">नाराज मायावती ने मंगलवार शाम को राज्यसभा मेंबरशिप से दिया था इस्तीफा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने बहुजन समाजवादी पार्टी सुप्रीमो Mayawati का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलने से नाराज मायावती ने मंगलवार शाम को राज्यसभा मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया था। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मायावती ने नोटिस देकर अपनी बात रखने की इजाजत मांगी थी। उपसभापति पीजे कुरियन ने उन्हें 3 मिनट का वक्त दिया। मायावती जब दलितों पर हमलों और सहारनपुर हिंसा पर बोलने लगीं तो बीजेपी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे और कुरियन के बार-बार रोकने पर भी वो 7 मिनट तक बोलती रहीं। जिसके बाद मायावती की उपसभापति से बहस भी हुई। सदन में ही इस्तीफे की धमकी देकर मायावती बाहर चली गईं। शाम को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (राज्यसभा के सभापति) से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया था।</p>
<h2>Mayawati की कुरियन से हुई थी बहस</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">शून्यकाल नहीं है कि केवल तीन मिनट दिए जाएं। अपनी बात कहने के लिए ज्यादा समय दिया जाना चाहिए था।</li>
<li style="text-align:justify;">कुरियन ने कहा कि मायावती को बोलते हुए सात मिनट हो गए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">मायावती ने कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है तो सदन में रहने का कोई मतलब नहीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">कुरियन ने चर्चा के लिए विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद का नाम पुकारा।</li>
<li style="text-align:justify;">आजाद ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षों को अपनी बात कहने का मौका देने का भरोसा दिया था।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य भी सदन से बाहर चले गए।</li>
<li style="text-align:justify;">बीएसपी के सतीशचंद्र मिश्रा मायावती के साथ राज्यसभा से बाहर गए लेकिन जल्दी ही वापस लाैटे।</li>
<li style="text-align:justify;">बसपा के सदस्यों ने ‘दलितों की हत्याएं बंद करो’ के नारे लगाए।</li>
<li style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने भी उनका साथ दिया।</li>
</ul>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mayawati-resignation-accepted/article-2471</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mayawati-resignation-accepted/article-2471</guid>
                <pubDate>Thu, 20 Jul 2017 05:33:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        