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                <title>RIVER - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Stone River: ऐसी नदी जिसमें पानी नहीं सिर्फ पत्थर ही पत्थर! वैज्ञानिकों के लिए बनी पहेली</title>
                                    <description><![CDATA[अनोखी स्टोन रिवर की ये है अजब कहानी, जानिए कहां बहती है Stone River:नदी! नाम सुनते ही ख्यालों में आने लगता है, जैसे पानी ही पानी तेज बहाव में एक ओर बहता जा रहा है और खासकर होता भी ऐसा ही है। नदियों में तो सिर्फ और सिर्फ पानी ही बहता है। यूं तो नदी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/a-river-in-which-there-is-no-water-only-stones/article-49510"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/stone-river.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अनोखी स्टोन रिवर की ये है अजब कहानी, जानिए कहां बहती है</h3>
<p style="text-align:justify;">Stone River:नदी! नाम सुनते ही ख्यालों में आने लगता है, जैसे पानी ही पानी तेज बहाव में एक ओर बहता जा रहा है और खासकर होता भी ऐसा ही है। नदियों में तो सिर्फ और सिर्फ पानी ही बहता है। यूं तो नदी में आपने पानी के साथ पत्थर भी देखे होंगे। लेकिन क्या कभी आपने सिर्फ पत्थरों वाली नदी देखी है जिसमें पानी की एक बूंद भी ना हो सिर्फ पत्थर ही पत्थर हों। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह नदी रूस में है। वैज्ञानिकों के लिए ये नदी एक पहेली बनी हुई है, जिसे सुलझाना उनके लिए चुनौती बनी हुई है। Stone River</p>
<p style="text-align:justify;">और बता दें कि प्रकृति के इस अजीबोगरीब रहस्य का नाम ‘स्टोन रिवर’ या ‘स्टोन रन’ है। नदी में लगभग 6 किलोमीटर तक आपको सिर्फ पत्थर ही पत्थर दिखाई देंगे और पत्थर भी ऐसे पड़े मिलेंगे जैसे नदी की धारा बह रही है। 20 मीटर छोटी धाराओं से लेकर कहीं-कहीं यह नदी 200 से 700 मीटर की बड़ी धाराओं का रूप भी ले लेती है। इसमें करीब 10 टन तक वजनी पत्थर 4 से 6 इंच तक जमीन के अंदर धंसे हुए हैं। इस नदी के आसपास देवदार के वृक्षों के घने जंगल भी हैं और इसके पास एक वन क्षेत्र है, जिसमें विविध प्राणियों की एक अद्वितीय जीवन-पद्धति है। Stone River</p>
<p style="text-align:justify;">अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि इस जगह पर इतने सारे पत्थर कहां से आए और कैसे इन्होंने एक नदी का रूप धारण कर लिया? वैसे तो इन सवालों का सटीक जवाब आज तक किसी को नहीं मिल पाया है। मगर कुछ वैज्ञानिकों का अंदाजा है कि करीब 10 हजार साल पहले ऊंची चोटियों से ग्लेशियर टूटकर गिरे होंगे, जिन्होंने इस अजीबोगरीब नदी का रूप ले लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपने भी देखा होगा कि कुछ नदियाँ विशाल हैं, जबकि कुछ नदियाँ छोटी होती हैं। हर नदी का अपना महत्वपूर्ण इतिहास और महत्व होता है। बहरहाल, आपको दुनिया की इस अनोखी पत्थरों से भरी नदी के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इस लेख के माध्यम से इस नदी के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी आपको दी जा रही है। यह नदी अन्य नदियों से अलग है और इसकी लंबाई भी बताई कि 6 किलोमीटर तक फैली हुई है। वैसे दुनियाभर के देशों में बहुत-सी नदियां बहती हैं। भारत की बात करें, तो यहां प्रमुख नदियों की संख्या 200 के लगभग हैं। इसके अलावा, देश के विभिन्न राज्यों में छोटी से लेकर बड़ी नदियाँ बहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लगभग 6 किलोमीटर लंबी इस अनोखी नदी में मौजूद पत्थरों का वजन 10 टन तक होता है और इन पत्थरों का आकार भी अलग-अलग होता है। इसलिए, लोग इस नदी को देखने के लिए विभिन्न भूभागों से यहां पहुंचते हैं। कई वैज्ञानिकों ने भी इस नदी के बारे में अध्ययन किए हैं, लेकिन उन्होंने भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कुछ शोधकर्ता के विचारों के लिहाज से करीब 10,000 साल पहले पर्वतों की ऊंचाइयों से टूटे ग्लेशियर के पत्थर पानी के साथ यहां बहकर जमा हो गए हैं और उन्होंने इस नदी का रूप ले लिया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/punjab-haryana-uttarakhand-himachal-rajasthan-weather-news/">Weather News: पहाड़ों की यात्रा रोक दें! बारिश मचाने जा रही तबाही? मौसम विभाग का अलर्ट</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2023 12:35:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्यों बहती है भारत की यह नदी उल्टी, वजह नहीं जानेंगे आप ? जानकर हैरान रह जाएंगे !</title>
                                    <description><![CDATA[भारत देश एक ऐसा गौरवशाली देश जिसका इतिहास हमेशा गौरवान्वित करता है। (River) इस देश की ज्यादातर नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, दूसरी ओर नर्मदा नदी अपनी धारा के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में जा कर गिरती है। यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/india-is-a-land-of-rivers/article-46656"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/johilla-river-narmada-river.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत देश एक ऐसा गौरवशाली देश जिसका इतिहास हमेशा गौरवान्वित करता है। (River) इस देश की ज्यादातर नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, दूसरी ओर नर्मदा नदी अपनी धारा के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में जा कर गिरती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश: मुर्मू" href="http://10.0.0.122:1245/president-droupadi-murmu-confers-degrees-to-students-at-the-convocation-ceremony-in-karnal/">भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश: मुर्मू</a></p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भारत नदियों का देश है। यहां दुनिया की कई बड़ी और पवित्र नदियां बहती हैं। समाज के विकास में नदियों का बहुत महत्व होता है। हालांकि, भारत की नदियों में एक खास बात यह है कि यहां की सभी नदियां अनुशासन का परिचय देती हुई एक ही दिशा में बहती हैं। गंगा से लेकर जुमना तक आप किसी भी नदी के बहाव को देखें तो वह पश्चिम दिशा से पूर्व की ओर ही बहती हुई दिखाई देगी। लेकिन अगर हम कहें कि इसी भारत में एक ऐसी नदी है जो अपने बहाव से विपरीत अर्थात उल्टी बहती है तो आप क्या कहेंगे। आइए जानते हैं उसी नदी के बारे में:-</p>
<h3 style="text-align:justify;">उल्टी बहने वाली नदी</h3>
<p style="text-align:justify;">यहां आपको बताना चाहेंगे कि अपनी धारा के विपरीत बहने वाली नदी का नाम नर्मदा है, जहां देश की ज्यादातर नदियां पश्चिम से पूर्व की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, वहीं नर्मदा नदी अपनी धारा के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में जा कर गिरती है। नर्मदा नदी भारत के दो बड़े राज्यों गुजरात और मध्य प्रदेश की मुख्य नदी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उल्टा बहने की क्या है वजह</h3>
<p style="text-align:justify;">जहां सभी नदियां अपनी दिशा की ओर बहती है वहीं गुजरात और मध्य प्रदेश की मुख्य नदी नर्मदा के धारा के विपरीत बहने के पीछे की मुख्य वजह है रिफ्ट वैली। रिफ्ट वैली का मतलब होता है नदी का बहाव जिस दिशा में होता है, उसका ढलान उसके विपरीत दिशा में हो, इसी ढलान की वजह से नर्मदा नदी का बहाव पूर्व से पश्चिम की ओर है, यह नदी मैखल पर्वत के अमरकंटक के शिखर से निकलती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पौराणिक कहानी क्या कहती है</h3>
<p style="text-align:justify;">नर्मदा नदी के उल्टा बहने के पीछे एक लोकप्रिय पौराणिक कहानी भी है। कहते हैं कि River) नर्मदा नदी का विवाह सोनभद्र से तय हुआ था, लेकिन नर्मदा की सहेली जोहिला के कारण दोनों के बीच दूरियां आ गईं और इससे क्रोधित हो कर नर्मदा ने आजीवन कुंवारी रहने का फैसला किया और धारा के विपरीत बहने का निर्णय लिया। तब से लेकर आज तक नर्मदा नदी दिशा के विपरीट बहती है।</p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Apr 2023 17:25:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भाई को डूबता देख बचाने कूदीं बहनें, और फिर&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[डिग्गी में पानी पीने गए थे बच्चे बीकानेर (सच कहूँ न्यूज)। बीकानेर के पूगल के 8 सीएम गाँव के खेत की डिग्गी में डूबने से दो बहनों और भाई की मौत हो गई। तीनों चचेरे भाई-बहन थे। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 12 बजे तीन बच्चे डिग्गी में डूब गए। उनके साथ मौजूद चौथे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/sisters-jumped-to-save-brother-after-seeing-him-drowning-and-then/article-46153"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/saved-the-life-of-a-drowning-woman-and-performed-the-duty-of-humanity.gif" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">डिग्गी में पानी पीने गए थे बच्चे</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>बीकानेर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> बीकानेर के पूगल के 8 सीएम गाँव के खेत की डिग्गी में डूबने से दो बहनों और भाई की मौत हो गई। तीनों चचेरे भाई-बहन थे। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 12 बजे तीन बच्चे डिग्गी में डूब गए। उनके साथ मौजूद चौथे बच्चे ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उनकी मदद से तीनों भाई-बहनों को बाहर निकाला गया। उन्हें पूगल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गाँव के ही भुपदास ने बताया कि दिवानाराम भोपा का बेटा मुकेश (11) और बेटी आरती (9) खेत में बनी डिग्गी के पास गए थे। उनके साथ मांगाराम की बेटी वसुंधरा (12) भी थी। मुकेश पानी निकालने के लिए डिग्गी में गया था, तभी उसका अचानक पैर फिसल गया। वह डूबने लगा तो दोनों बहनों ने उसे बचाने के लिए डिग्गी में छलांग लगा दी। इसके बाद एक एक कर तीनों भाई-बहन पानी में डूब गए।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके साथ 15 साल का एक अन्य लड़का भी था। उसने भागकर परिवारवालों को बताया। सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश मेघवाल ने बताया कि एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में तीनों बच्चों की जान चली गई। इस हादसे में दम तोड़ने वाले तीनों बच्चों के परिवार मजदूरी करने वाले हैं। इधर-उधर मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया।</p>
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<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Apr 2023 14:12:51 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-बांग्लादेश कुशियारा नदी जल समझौते को मंत्रिमंडल की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और बांग्लादेश के बीच कुशियारा नदी (Kushiyara River) जल के इस्तेमाल को लेकर हुए सहमति के करार को बुधवार को मंजूरी दी। इसके तहत प्रत्येक पक्ष नदी से सूखे के मौसम में 153-153 क्यूसेक तक पानी निकाल सकेगा। यह करार इसी माह हुआ है। भारत में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-nod-to-india-bangladesh-kushiyara-river-water-agreement/article-38354"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/water-e1664419366829.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और बांग्लादेश के बीच कुशियारा नदी (Kushiyara River) जल के इस्तेमाल को लेकर हुए सहमति के करार को बुधवार को मंजूरी दी। इसके तहत प्रत्येक पक्ष नदी से सूखे के मौसम में 153-153 क्यूसेक तक पानी निकाल सकेगा। यह करार इसी माह हुआ है। भारत में सूखे के मौसम में यह जल असम राज्य में इस्तेमाल किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि सूखे मौसम के दौरान दोनों देश अपनी-अपनी तरफ से जल निकासी की निगरानी करने के लिए एक संयुक्त निगरानी दल का गठन करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्रालय ने इस माह छह तारीख को समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। जिस करार के तहत सूखे मौसम (01 नवंबर से 31 मई तक) के दौरान साझी सीमा से होकर गुजरने वाली कुशियारा नदी से दोनों देश 153-153 क्यूसेक तक पानी निकाल सकेंगे ताकि दोनों देशों की खपत योग्य जल संबंधी आवश्यकता पूरी हो सके। बयान में कहा गया है कि इस समझौते के तहत असम राज्य सूखे मौसम (01 नवंबर से 31 मई तक) के दौरान अपनी खपत योग्य आवश्यकता पूरी करने के लिये कुशियारा नदी के साझा विस्तार से 153 क्यूसेक तक का पानी निकाल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Sep 2022 08:00:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दु:खद: तीन बच्चियां चंबल नदी में डूबीं, दो शव बरामद, एक अभी भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में तीन नाबालिग बच्चियां चंबल नदी में नहाते समय डूब गईं, जिसमें से दो के शव नदी से निकाल लिए गए है और तीसरी बच्ची की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों ने आज यहाँ बताया कि जिले के सबलगढ़ अनुभाग के ग्राम रऊ निवासी केवट (मल्लाह) समाज की अनुसुइया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/three-girls-drowned-in-chambal-river-two-bodies-recovered/article-32840"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/drowning2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुरैना (एजेंसी)।</strong> मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में तीन नाबालिग बच्चियां चंबल नदी में नहाते समय डूब गईं, जिसमें से दो के शव नदी से निकाल लिए गए है और तीसरी बच्ची की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों ने आज यहाँ बताया कि जिले के सबलगढ़ अनुभाग के ग्राम रऊ निवासी केवट (मल्लाह) समाज की अनुसुइया केवट (13), सुहानी केवट (13) और साधना केवट (12) कल शाम चंबल नदी के रऊ घाट पर नहाने गईं थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान नहाते समय तीनों बच्चियां गहरे पानी में डूब गईं। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस तथा राजस्व अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चियों की तलाश में चंबल में रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया गया। देर रात दो बच्चियों के शव चंबल नदी से बाहर निकाल लिए गए हैं। एक बच्ची साधना की देर रात तक गोताखोर चंबल में तलाश करते रहे। आज सुबह से साधना की तलाश में नदी में रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर, जांच शुरू कर दी है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Apr 2022 12:03:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिंताजनक: द्रव्यवती नदी परियोजना का काम तीन वर्ष बाद भी अधूरा</title>
                                    <description><![CDATA[मच्छर-गंदे पानी की बदबू से जयपुरवासी परेशान जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान में जयपुर शहर की द्रव्यवती नदी परियोजना का कार्य कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ है। द्रव्यवती नदी में मच्छर-गंदे पानी की बदबू से शहरवासी परेशान है। प्रदेश में तीन वर्ष पूर्व कांग्रेस की सरकार बनने पर स्वायत्त शासन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/dravyavati-river-project-work-incomplete-even-after-three-years/article-29300"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/dravyavati-river-project.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">मच्छर-गंदे पानी की बदबू से जयपुरवासी परेशान</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान में जयपुर शहर की द्रव्यवती नदी परियोजना का कार्य कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हुआ है। द्रव्यवती नदी में मच्छर-गंदे पानी की बदबू से शहरवासी परेशान है। प्रदेश में तीन वर्ष पूर्व कांग्रेस की सरकार बनने पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर एक बार फिर से जयपुर विकास प्राधिकरण ने द्रव्यवती नदी के लिए शीघ्र ही कार्ययोजना बनाई थी। इसके बावजूद भी परियोजना का काम आज भी अधूरा है। जयपुर विकास प्राधिकरण परियोजना का काम अब जनवरी तक पूरा करने का समय बढ़ा दिया है।विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीना ने कई बार बैठक बुलाई है। इसमें सभी विभागों के कार्यों का रिव्यू कर खामियां दूर करने की कार्ययोजना बनाई गई। लेकिन गंदे पानी को रोकने के लिए दहलावास ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेडेशन का काम आज भी अधूरा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 10 अप्रैल 2016 को परियोजना का काम शुरू हुआ था। 1676 करोड़ रुपए लागत के इस काम की जिम्मेदारी टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड एवं शंघाई अरबन कंस्ट्रक्शन ग्रुप के कंसोर्टियम को दी गई। परियोजना के तहत नाहरगढ़ की पहाड़ियों के आगे से ढूंढ नदी तक 47 किमी में बहने वाली द्रव्यवती नदी का कायाकल्प किया जाना था। नदी का बहाव क्षेत्र संरक्षित करना और इसमें स्वच्छ पानी का बहाव सुनिश्चित करना था। परियोजना का काम 10 अक्टूबर 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक न तो पूरी लंबाई में बहाव क्षेत्र संरक्षित हो पाया है और न ही नदी में साफ पानी बह रहा है। इसके अलावा नदी के किनारे बना साइकिलिंग का प्रोजेक्ट भी आज भी अधूरा है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 15:26:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कब होगी यमुना प्रदूषण मुक्त, जानें मंत्री ने क्या कहा&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए केन्द्र सरकार गंभीर: शेखावत मथुरा (एजेंसी)। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में केन्द्र सरकार गंभीर है। उन्होने अपने विभाग के अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में प्रदेश सरकार ने जो भी प्रस्ताव भेजे हैं, उन पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/when-will-yamuna-be-pollution-free/article-25800"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/river.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए केन्द्र सरकार गंभीर: शेखावत</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा (एजेंसी)।</strong> केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में केन्द्र सरकार गंभीर है। उन्होने अपने विभाग के अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में प्रदेश सरकार ने जो भी प्रस्ताव भेजे हैं, उन पर तेजी से अमल किया जाना चाहिए। स्थानीय सांसद हेमामालिनी ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने शेखावत को मथुरा में यमुना के प्रदूषण से अवगत कराया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने केन्द्रीय मंत्री को यह भी बताया कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा इस दिशा में न केवल आंदोलन किये जा रहे हैं बल्कि एक संस्था की ओर से तो भूख हड़ताल करने की भी घोषणा कर दी गई है। मालिनी का यह भी कहना था कि भूख हड़ंताल करनेवाले संगठन से उन्होंने इसलिए भूख हड़ताल रोकने को कहा है कि केन्द्र सरकार ने नमामि गंगे कार्यक्रम में पहले ही कार्य शुरू कर दिया है तथा वे यमुना में गिरनेवाले नालों को रोकने की दिशा में भेजे प्रस्तावों पर अमल करने का अनुरोध केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से करेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">21 नाले आज भी यमुना में सीधे गिर रहे हैं</h4>
<p style="text-align:justify;">मालिनी ने मंत्री को यह भी बताया कि कोसी ड्रेन में न केवल कोसी, छाता वृन्दावन, वृन्दावन के सुनरख गांव एवं मथुरा,का घरेलू कचरा गिर रहा है बल्कि छाता और कोसी के औद्योगिक क्षेत्र का भी कचरा गिर रहा है। कुल 21 नाले आज भी यमुना में सीधे गिर रहे हैं। इनका यमुना में गिरना रोकने के लिए प्रोविजनल फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर वहां मौजूद जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने जब यह कहा कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट ठीक नहीं है तो सांसद ने मंत्री से कहा कि जब तक कमियों को संबंधित विभाग को बताया नहीं जाएगा, तब तक कार्य कैसे शुरू होगा। इसके बाद केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस काम में अब और समय बर्बाद नही किया जाना चाहिए तथा सारी औपचारिकता अति शीघ्र पूरी कर काम शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया जाना चाहिए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Aug 2021 16:15:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साबरमती नदी में कोरोना की पुष्टि के बाद मरी मछलियां</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद (एजेंसी)। गुजरात में अहमदाबाद के साबरमती नदी के पानी के नमूनों में पिछले दिनों कोरोना वायरस होने की पुष्टि के बाद बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां मिलने से लोगों में भय का माहौल है। हालांकि मछलियों की मौत का कारण नदी के पानी में दूषित रसायन होना माना जा रहा है और इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fish-dead-after-confirmation-of-corona-in-sabarmati-river/article-24564"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/sabarmati-river.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अहमदाबाद (एजेंसी)।</strong> गुजरात में अहमदाबाद के साबरमती नदी के पानी के नमूनों में पिछले दिनों कोरोना वायरस होने की पुष्टि के बाद बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां मिलने से लोगों में भय का माहौल है। हालांकि मछलियों की मौत का कारण नदी के पानी में दूषित रसायन होना माना जा रहा है और इस सम्बंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इनकी मौत कोरोना से होने को लेकर भी लोग आशंकित और चिंतित हैं। सैकड़ों मरी हुई मछलियों को शहर के सुभाष ब्रिज और अन्य स्थानों पर नदी की सतह पर देखा गया। सम्बंधित अधिकारी इस बारे में विस्तृत पड़ताल कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jun 2021 14:03:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाले के तेज बहाव में बहे पति-पत्नी</title>
                                    <description><![CDATA[धमतरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भारी बारिश के बीच एक नाले के तेज बहाव में एक दंपति के बहने के बाद प्रशासन लापता पत्नी की तलाश में जुटा है। कल हुए इस मामले में बचाव दल को पति का शव बरामद हो गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खल्लारी थाना क्षेत्र […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/husband-and-wife-in-the-drift-of-the-river/article-5383"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/nale.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>धमतरी (वार्ता)</strong> छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भारी बारिश के बीच एक नाले के तेज बहाव में एक दंपति के बहने के बाद प्रशासन लापता पत्नी की तलाश में जुटा है। कल हुए इस मामले में बचाव दल को पति का शव बरामद हो गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खल्लारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमाबहरा निवासी रामनाथ गोड़ (50) अपनी पत्नी सुगन्तिन बाई (42) के साथ खेत से वापस आ रहे थे। तभी नाला पार करते समय दोनों बह गये। एसडीएम जितेंद्र कुमार कुर्रे ने बताया कि दोनों खेत में काम करने गए थे। वापसी में नाला में उफान पर आने के बावजूद दोनों पार कर रहे थे। पति की लाश झाड़ियों में फंसी मिली है। पत्नी की तलाश की जा रही है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Aug 2018 11:39:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गंगा नदी की सफाई को लेकर सरकार गंभीर नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार को लताड़ लगाई देश की पवित्र नदी गंगा में प्रदूषण मामले का समाधान होता नहीं दिख रहा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस मामले में केंद्र सरकार को लताड़ लगाई है और नदी के किनारों पर ऐसे बोर्ड लगाने के आदेश दिए हैं जिनमें यह लिखा जाए कि नदी का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/government-is-not-serious-about-cleanliness-of-ganges-river/article-5042"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/ganga-river.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार को लताड़ लगाई</h2>
<p style="text-align:justify;">देश की पवित्र नदी गंगा में प्रदूषण मामले का समाधान होता नहीं दिख रहा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस मामले में केंद्र सरकार को लताड़ लगाई है और नदी के किनारों पर ऐसे बोर्ड लगाने के आदेश दिए हैं जिनमें यह लिखा जाए कि नदी का पानी स्नान करने के योग्य नहीं। लोग श्रद्धा से गंगा जल पीते हैं और स्नान करते हैं। यह हमारे लिए शर्मनाक बात है कि हजारों करोड़ों का बजट व गंगा की सफाई के लिए अलग मंत्रालय बनाने के बावजूद इस नदी की सफाई सपना बनी हुई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सफाई के दावे कागजों तक सीमित</h2>
<p style="text-align:justify;">यह नदी केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में सिंचाई भी इसके जल से होती है। पहाड़ों से निकलते ही इस नदी में लोग गन्दगी के ढेरों के ढेर फेंकना शुरू कर देते हैं। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा सफाई के दावे कागजों तक सीमित हैं। दरअसल राजनीतिक घोषणाएं केवल औपचारिक कार्रवाई बनकर रह जाते हैं। जब तक दिल से नदियों की सफाई को आम जनता तक नहीं पहुंचाया जाता तब तक परिवर्तन की उम्मीद कम ही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्वच्छता मुहिम भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत का नारा बड़े जोर-शोर से दिया गया था। यह बड़ी बात थी कि एनडीए सरकार ने स्वच्छता के लिए बजट में अलग फंड रखकर ऐतिहासिक पहल की थी लेकिन यह मुहिम भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई। केंद्र से लेकर राज्यों तक प्रशासिनक अधिकारी एक दो झाड़ू जरूर लगाते हैं लेकिन शहरों में कूड़े के ढेÞरों के ढ़ेर उठाने के लिए कोई भी तैयार नहीं होता। हमारे शहर विशेष तौर पर उत्तरी भारत में तो गन्दगी के नमूने बने हुए हैं। जो व्यक्ति एक बार विदेश चला गया वह वापिस लौटने को तैयार नहीं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">2012 में डेरा सच्चा सौदा ने गांगा की सफाई के महाअभियान चलाया था</h2>
<p style="text-align:justify;">सफाई के लिए केवल राजनीति स्तर पर ही पहल की जरूरत नहीं बल्कि यह देश की संस्कृति का भी हिस्सा होना चाहिए। फिर गंगा नदी तो हमारी संस्कृति का अटूट अंग है इसकी संभाल करने की जरूरत है। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने सन 2012 में जिस प्रकार गंगा की सफाई का महाअभियान चलाया था उसे देश भर के मीडिया ने ऐतिहासिक पहल करार दिया था। यदि सरकार डेरा सच्चा सौदा का सहयोग निरंतर करती तब यह संभव था कि गंगा से प्रदूषण खत्म हो जाता। उस वक्त अभियान में सात लाख लोगों ने शिरकत की थी। डेरा सच्चा सौदा की मुहिम जन मुहिम थी आज भी उसी मुहिम से प्रेरणा लेकर काम करने की आवश्यकता है।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Jul 2018 02:31:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>माही नदी में डूबी बच्ची को बचाने उतरीं मौसी व मां भी डूबीं, 2 घंटे बाद मिले तीनों के शव</title>
                                    <description><![CDATA[बांसवाड़ा। बांसवाड़ी की माही नदी वॉटर में बुधवार को एक-एक कर दो महिलाएं और एक बच्ची की डूबने से मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने दो घंटे की तलाश के बाद तीनों के शव पानी से बाहर निकाल लिए। पहले बच्ची की बॉडी मिली और उसके बाद एक घंटे की मशक्त के बाद दोनों महिलाओं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/aunt-mother-save-the-girl-immersed-in-river-mahi/article-4162"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/mahi-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बांसवाड़ा। </strong>बांसवाड़ी की माही नदी वॉटर में बुधवार को एक-एक कर दो महिलाएं और एक बच्ची की डूबने से मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने दो घंटे की तलाश के बाद तीनों के शव पानी से बाहर निकाल लिए। पहले बच्ची की बॉडी मिली और उसके बाद एक घंटे की मशक्त के बाद दोनों महिलाओं के शव भी निकाल लिए गए। बच्ची को बचाने के चक्कर में दोनों महिलाएं भी डूब गई, मृतक महिलाएं बच्ची की मौसी व मां हैं। बच्ची अपनी मां व मौसी के सा​थ भेड़-बकरियां चराने गई थी। इसी दौरान वे माही नदी पर बने गैमन पुल के पास नहा रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">तभी अचानक से बच्ची नदी कें तेज बहाव में डूब गई। बच्ची के हल्ला मचाने पर पास ही मौजूद उसकी मौसी लाडू (25) पत्नी  मालाराम देवासी नदी में कूद गई जिससे वह भी डूब गई। इसी दौरान दोनों को डूबता देख वहां मौजूद मां भी नदी में उतर गई जिससे वह भी डूब गई। उनके चिल्लाने पर वहां मौजूद ग्रामीण आए तथा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों व एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। करीब दो घंटे बाद बच्ची की बॉडी पानी से निकाल ली गई। इसके एक घंटे बाद जती व लाडू के शव भी मिल गए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jun 2018 14:59:15 +0530</pubDate>
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                <title>नदी के बहाव में 4 गाड़ियों समेत बहे 40 लोग, 3 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[बाड़मेर: विशालागांव के पास गुरुवार रात 9 बजे रपट पर एक ट्रैक्टर समेत चार गाडिय़ां नदी के बहाव बह गई। चार गाड़ियों में सवार 40 लोग नदी में बह गए। ग्रामीणों की मदद से 37 लोगों को जिंदा बचा लिया गया। इस हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन, पुलिस और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/four-cars-drowned-in-river-flow-three-died/article-2502"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/river-accident.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाड़मेर:</strong> विशालागांव के पास गुरुवार रात 9 बजे रपट पर एक ट्रैक्टर समेत चार गाडिय़ां नदी के बहाव बह गई। चार गाड़ियों में सवार 40 लोग नदी में बह गए। ग्रामीणों की मदद से 37 लोगों को जिंदा बचा लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस हादसे में कुल तीन लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन, पुलिस और सेना की टीम सुबह तक तलाश करती रही। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।  सिणधरी पंचायत समिति के राणेरी (कमठाई) गांव से एक पिकअप में सवार होकर करीब 33 लोग नांद गांव में रिश्तेदार की गंगाप्रसादी में जा रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">रात पौने 9 बजे विशाला पहुंचे थे। इस दौरान बारिश कम होने पर एक ट्रैक्टर, दो बोलेरो और एक पिकअप गाड़ी रवाना होकर रपट तक पहुंची। रपट पर 4 फीट पानी का तेज बहाव के कारण एक के बाद एक करके चारों गाड़ियां असंतुलित होकर पलट कर बहाव में गिर गई। इन चार वाहनों में सवार 40 लोग थे। इनमें 37 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिसमें सुआ उर्फ चूकी दूवी पत्नी आसूराम का शव घटना के करीब दो घंटे बाद बरामद कर लिया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डेढ़ किमी. के दायरे में मिले महिला बुजुर्ग का शव</h2>
<p style="text-align:justify;">जहां घटना हुई उससे करीब आधा किमी. दूर लापता सुआ देवी टीकमाराम का शव तो मिल गया, लेकिन उसके साथ लापता हुए मासूम दिनेश का कोई सुराग नहीं लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि शव में पानी दूर तक चले गए। कलेक्टर, एसपी स्वयं रेस्क्यू टीम के साथ तीन किमी. तक टॉर्च की रोशनी में लापता लोगों को ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।</p>
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</p><p style="text-align:justify;">
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                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 05:19:22 +0530</pubDate>
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