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                <title>income tax - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>income tax RSS Feed</description>
                
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                <title>Tax Audit Extension: ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई समस्या! टैक्स भरने वालों को होगा लाभ!</title>
                                    <description><![CDATA[FY24 Tax Audit Extension: करदाताओं के लिए खुशी की खबर है! यदि आपने अभी तक अपना टैक्स नहीं पेय किया है तो आपके लिए खुशखबरी है। क्योंकि ई-फाइलिंग पोर्टल (e-filing portal) पर तकनीकी समस्या आ गई है, जिससे आकलन वर्ष 2024-25 के लिए आयकर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 7 दिन बढ़कर 7 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/problem-on-e-filing-portal-tax-payers-will-benefit/article-62789"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/income-tax.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">FY24 Tax Audit Extension: करदाताओं के लिए खुशी की खबर है! यदि आपने अभी तक अपना टैक्स नहीं पेय किया है तो आपके लिए खुशखबरी है। क्योंकि ई-फाइलिंग पोर्टल (e-filing portal) पर तकनीकी समस्या आ गई है, जिससे आकलन वर्ष 2024-25 के लिए आयकर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 7 दिन बढ़कर 7 अक्टूबर, 2024 हो गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बात का हवाला एक मीडिया रिपोर्ट में दिया है। Tax Audit Extension</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार सीबीडीटी के पास कई करदाताओं की ओर से अपनी रिपोर्ट अपलोड करने में कठिनाइयों से संबंधित कई शिकायतें आ रही थी जिसके बाद, 30 सितंबर की मूल समयसीमा से एक दिन पहले 29 सितंबर को समयसीमा विस्तार की घोषणा कर दी गई है। इस अंतिम समय में समय सीमा बढ़ने से करदाताओं को राहत मिल सकती है, क्योंकि समयसीमा के बाद कर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने पर जुर्माना 1.5 लाख रुपये या कुल बिक्री का 0.5 प्रतिशत है, जो अभी कम हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग ने 29 सितंबर को जारी अपने नवीनतम परिपत्र में कहा, ‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पिछले वर्ष 2023-24 के लिए ऑडिट की विभिन्न रिपोर्ट दाखिल करने की निर्दिष्ट तिथि को बढ़ाने का फैसला किया है, जो अधिनियम की धारा 139 की उपधारा (1) के स्पष्टीकरण 2 के खंड (ए) में संदर्भित करदाताओं के मामले में 30 सितंबर, 2024 थी, जिसे बढ़ाकर 07 अक्तूबर 2024 कर दिया गया है।’</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर ऑडिट का तिथि विस्तार, किन करदाताओं पर लागू होता है?</h3>
<p style="text-align:justify;">सीबीडीटी सर्कुलर की मानें तो यह विस्तार उन सभी करदाताओं पर लागू होता है, जिनमें व्यक्ति, कंपनियाँ और अन्य करदाता शामिल हैं, जिनका आयकर रिटर्न 31 अक्तूबर, 2024 तक जमा होना है और जिन्हें शुरू में 30 सितंबर तक कर ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करनी थी। कर ऑडिट से गुजरने वाले सभी करदाता अब 7 अक्तूबर, 2024 तक अपनी कर ऑडिट रिपोर्ट अपलोड कर सकते हैं। जबकि संशोधित समय सीमा से चूकने वाले करदाता अभी भी अपनी रिपोर्ट जमा कर सकते हैं, उन्हें दंड का सामना करना पड़ेगा और यदि वे इस अवधि से आगे देरी करना जारी रखते हैं तो उनके आयकर रिटर्न को दोषपूर्ण के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। Tax Audit Extension</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्लो आयकर पोर्टल | FY24 Tax Audit Extension</h3>
<p style="text-align:justify;">समय सीमा बढ़ाने का यह निर्णय सीबीडीटी द्वारा ई-फाइलिंग पोर्टल में सुस्ती की रिपोर्ट के कारण लिया गया था, जिस पर कई करदाताओं को नेविगेट करना मुश्किल लग रहा था। कई करदाताओं ने ई-फाइलिंग पोर्टल के साथ समस्याओं की सूचना दी, जो स्लो था और रिपोर्ट के समय पर अपलोड होने में बाधा उत्पन्न करता था, जिसके परिणामस्वरूप, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर अधिनियम की धारा 119 के तहत अपने अधिकार का उपयोग करते हुए दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी। Tax Audit Extension</p>
<p><a title="Cleaning Campaign: ‘लंदन में रंगत’! डेरा सच्चा सौदा इंग्लैंड के सेवादारों का सराहनीय प्रयास!" href="http://10.0.0.122:1245/dera-sacha-sauda-volunteers-launched-cleanliness-drive-in-london/">Cleaning Campaign: ‘लंदन में रंगत’! डेरा सच्चा सौदा इंग्लैंड के सेवादारों का सराहनीय प्र…</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 15:10:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Income tax: सभी करदाताओं के लिए आई ये अहम खबर, जल्द पढ़ें-</title>
                                    <description><![CDATA[Income tax: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने फिर से स्पष्ट किया कि सभी करदाताओं को आयकर क्लियरेंस प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है लेकिन कुछ मामलों की इसकी जरूरत होगी। सीबीडीटी ने यहां जारी स्पष्टीकरण में कहा कि आयकर अधिनियम, 1961 (‘अधिनियम’) की धारा 230 (1ए) भारत में रहने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/this-important-news-has-come-for-all-taxpayers-read-it-soon/article-61304"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/income-tax.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Income tax: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने फिर से स्पष्ट किया कि सभी करदाताओं को आयकर क्लियरेंस प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है लेकिन कुछ मामलों की इसकी जरूरत होगी। सीबीडीटी ने यहां जारी स्पष्टीकरण में कहा कि आयकर अधिनियम, 1961 (‘अधिनियम’) की धारा 230 (1ए) भारत में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा, कुछ परिस्थितियों में, कर निकासी प्रमाणपत्र प्राप्त करने से संबंधित है। जैसा कि यह कहा गया है, उक्त प्रावधान वित्त अधिनियम, 2003 के माध्यम से दिनांक 01 जनवरी 2003 से लागू हुआ। एक जून 2003. वित्त (नंबर 2) अधिनियम, 2024 ने अधिनियम की धारा 230(1ए) में केवल एक संशोधन किया है, जिसके तहत काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 का संदर्भ दिया गया है। उक्त धारा में काला धन अधिनियम’) जोड़ा गया है। यह सम्मिलन काले धन अधिनियम के तहत देनदारियों को उसी तरह से कवर करने के लिए किया गया है जैसे आयकर अधिनियम, 1961 और आय की धारा 230 (1 ए) के प्रयोजन के लिए प्रत्यक्ष करों से संबंधित अन्य अधिनियमों के तहत देनदारियों को कवर करने के लिए किया गया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/chaulai-saag-benefits/">Chaulai Saag Benefits: पोषक तत्वों से भरा है यह साग, सेवन से नस-नस में लबालब भर जाएगा रक्त, स्वाद भी ऐसा कि पालक का साग भी इसके सामने फेल</a></p>
<p style="text-align:justify;">कर अधिनियम, 1961. ऐसा प्रतीत होता है कि संशोधन की गलत व्याख्या से उक्त संशोधन के बारे में गलत जानकारी उत्पन्न हुई है। यह गलत तरीके से बताया जा रहा है कि सभी भारतीय नागरिकों को देश छोड़ने से पहले आयकर निकासी प्रमाणपत्र (आईटीसीसी) प्राप्त करना होगा। यह स्थिति तथ्यात्मक रूप से गलत है। अधिनियम की धारा 230 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को कर निकासी प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक नहीं है। केवल कुछ व्यक्तियों को, जिनके संबंध में ऐसी परिस्थितियाँ मौजूद हैं जिनके लिए कर निकासी प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक है, उक्त प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक है। Income tax</p>
<p style="text-align:justify;">यह स्थिति 2003 से कानून में है और वित्त (नंबर 2) अधिनियम, 2024 के माध्यम से संशोधन के साथ भी अपरिवर्तित बनी हुई है। इस संदर्भ में, सीबीडीटी ने अपने निर्देश संख्या 1/2004, दिनांक 05 फरवरी 2004 के माध्यम से निर्दिष्ट किया है कि अधिनियम की धारा 230(1ए) के तहत कर निकासी प्रमाणपत्र केवल भारत में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा प्राप्त किया जाना आवश्यक हो सकता है। उसने कहा कि निम्नलिखित परिस्थितियों में जहां व्यक्ति गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल है और आयकर अधिनियम या संपत्ति कर अधिनियम के तहत मामलों की जांच में उसकी उपस्थिति आवश्यक है और यह संभावना है कि उसके खिलाफ कर की मांग की जाएगी, या (्र्र) जहां व्यक्ति पर प्रत्यक्ष कर बकाया रुपये से अधिक है। <strong>Income tax</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उन पर 10 लाख रुपये का बकाया है, जिस पर किसी भी अधिकारी ने रोक नहीं लगाई है। इसके अलावा, किसी व्यक्ति को कारण दर्ज करने और प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त या मुख्य आयकर आयुक्त से अनुमोदन लेने के बाद ही कर निकासी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए कहा जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, यह दोहराया जाता है कि अधिनियम की धारा 230(1ए) के तहत आईटीसीसी की आवश्यकता भारत में रहने वाले निवासियों को केवल दुर्लभ मामलों में होती है, जैसे (ए) जहां कोई व्यक्ति गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल है या 10 लाख रुपये या इससे अधिक का बकाया है जिस पर किसी अधिकारी ने रोक नहीं लगाई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 11:24:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2024 : इस बार बजट में मिल सकते हैं टैक्स संबंधित ये बड़े लाभ!</title>
                                    <description><![CDATA[Budget 2024 : नई दिल्ली (एजेंसी)। इस बार के बजट को लेकर लोग जितनी उम्मीदें लगा रहे हैं क्या उसके अनुरूप बजट होगा? ये तो आने वाली 23 जुलाई को ही पता लग पाएगा। लेकिन जैसे-जैसे ये तारीख नजदीक आ रही है, उम्मीदें बढ़ती ही जा रही हैं। बजट 2024 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/this-time-you-can-get-these-big-tax-related-benefits-in-the-budget/article-59977"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/income-tax.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Budget 2024 : नई दिल्ली (एजेंसी)। इस बार के बजट को लेकर लोग जितनी उम्मीदें लगा रहे हैं क्या उसके अनुरूप बजट होगा? ये तो आने वाली 23 जुलाई को ही पता लग पाएगा। लेकिन जैसे-जैसे ये तारीख नजदीक आ रही है, उम्मीदें बढ़ती ही जा रही हैं। बजट 2024 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की प्रस्तुति पर आधारित है। इस बार के बजट में सभी को कुछ न कुछ उम्मीदें हैं, जैसे मानक कटौती में संभावित वृद्धि, आयकर दरों में राहत और धारा 80सी छूट में वृद्धि आदि। कर विशेषज्ञों को आयकर स्लैब दरों में समायोजन की उम्मीद है, जिसमें कुछ समय से सीमित संशोधन देखे गए हैं। उनका सुझाव है कि वित्त मंत्री मोदी 3.0 सरकार के पहले बजट में कर कटौती की घोषणा कर सकती हैं। यहां पेश है कुछ आयकर विशेषज्ञों का आकलन:- Budget 2024</p>
<h3 style="text-align:justify;">मानक कटौती</h3>
<p style="text-align:justify;">मानक कटौती को पहली बार 2018 के बजट में 40,000 रुपये पर पेश किया गया था और बाद में 2019 के बजट में इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया। तब से कटौती की राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस बार के बजट में अनुमान लगाया जा रहा है ‘‘वर्तमान में 50,000 रुपये की कटौती मामूली रूप से बढ़कर 60,000 रुपये या संभवत: 70,000 रुपये हो सकती है, जिसका वेतनभोगी कर्मचारी स्वागत करेंगे क्योंकि इससे उनकी कर योग्य आय कम हो जाती है।’’</p>
<h3 style="text-align:justify;">धारा 80सी छूट</h3>
<p style="text-align:justify;">वेतनभोगी व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अपनी कर योग्य आय को 1.5 लाख रुपये तक कम करने के लिए धारा 80सी छूट का उपयोग कर सकते हैं। कुछ आयकर विशेषज्ञ धारा 80सी सीमा को संशोधित करने पर जोर दे रहे हैं, जोकि बढ़ती मुद्रास्फीति दरों के बावजूद 2014 से अपरिवर्तित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संशोधन से करदाताओं को मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने में मदद मिलेगी और ईएलएसएस, टैक्स सेवर एफडी और पीपीएफ जैसे आवश्यक वित्तीय साधनों में बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह वित्तीय रूप से लचीला और समृद्ध भारत को बढ़ावा देने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आयकर छूट सीमा में वृद्धि</h3>
<p style="text-align:justify;">विभिन्न मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि केंद्र आगामी बजट में कोई भी कर लगाने से पहले आय सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की योजना बना रहा है। यह समायोजन विशेष रूप से नई कर व्यवस्था के तहत दाखिल करदाताओं को प्रभावित करेगा। यदि आयकर छूट में 5 लाख रुपये की वृद्धि को लागू किया जाता है, तो इसका मतलब यह होगा कि 8.5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्ति संभावित रूप से कोई आयकर नहीं दे सकते हैं। यह गणना मानक कटौती और धारा 87ए के तहत छूट पर विचार करती है, यह मानते हुए कि यह अपरिवर्तित रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बजट 2024 में महत्वपूर्ण कर सुधारों के लिए कुछ आयकर विशेषज्ञों की उच्च उम्मीदें हैं। प्रत्याशित परिवर्तनों में डिस्पोजेबल आय बढ़ाने और बुनियादी छूट सीमा को बढ़ाकर और उच्च कर दरों के लिए सीमा को समायोजित करके उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहित करने के लिए संशोधित आयकर स्लैब शामिल हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एनपीएस</h3>
<p style="text-align:justify;">व्यक्तिगत वित्त विशेषज्ञ राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में महत्वपूर्ण बदलावों की मांग कर रहे हैं, जैसे कि धारा 80सीसीडी 1बी के तहत अतिरिक्त आयकर कटौती सीमा को बढ़ाना। परिपक्वता पर कर-मुक्त निकासी सीमा को बढ़ाने के लिए भी जोर दिया जा रहा है, ताकि इसे ईपीएफ जैसी अन्य सेवानिवृत्ति बचत योजनाओं के अनुरूप लाया जा सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टैक्स दर में कटौती | Budget 2024</h3>
<p style="text-align:justify;">एक आयकर विशेषज्ञ के अनुसार करदाताओं को नई कर व्यवस्था में स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बजट 2023 में पेश किए गए बदलावों के बावजूद, अपनाने की दर उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। सरकार नई कर व्यवस्था के तहत शीर्ष कर दर को 30% से घटाकर 25% करने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा, ऐसी भी अटकलें हैं कि सरकार पुरानी कर व्यवस्था के तहत उच्चतम कर दर की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई कर व्यवस्था के तहत संशोधित कर स्लैब (मान्य):</h3>
<p style="text-align:justify;">छूट सीमा 5 लाख रुपये है।</p>
<p style="text-align:justify;">5 लाख रुपये से 6 लाख रुपये के बीच की कर योग्य आय पर 5% कर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">6 लाख रुपये से 9 लाख रुपये के बीच की कर योग्य आय पर 10% कर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">9 लाख रुपये से 12 लाख रुपये के बीच की कर योग्य आय पर 15% कर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच की कर योग्य आय पर 20% कर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">15 लाख रुपये से अधिक की कर योग्य आय पर 30% कर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a title="State Swimming Championship : एमएसजी भारतीय खेल गांव की 32 तैराकी खिलाड़ी बहादुरगढ़ में दिखाएंगी जौहर" href="http://10.0.0.122:1245/32-swimming-players-of-msg-indian-sports-village-will-show-their-skills-in-bahadurgarh/">State Swimming Championship : एमएसजी भारतीय खेल गांव की 32 तैराकी खिलाड़ी बहादुरगढ़ में दिखाएंगी जौहर</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jul 2024 14:00:41 +0530</pubDate>
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                <title>Income Tax Return: 28 ऐसे बैंक जहां आप 31 जुलाई से पहले भर सकते हैं आईटीआर और इतने समय में रिफंड!</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Return: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं तो इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई सिर पर है। यह इनकम टैक्स रिटर्न ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि फॉर्म भरने के बाद, आपके टैक्स की देनदारी वर्ष के दौरान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/28-such-banks-where-you-can-fill-itr-before-31-july/article-59503"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/income-tax-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Income Tax Return: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं तो इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई सिर पर है। यह इनकम टैक्स रिटर्न ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि फॉर्म भरने के बाद, आपके टैक्स की देनदारी वर्ष के दौरान भुगतान किए गए टीडीएस से अधिक हो सकती है। ऐसे मामले में, आपको बकाया टैक्स का भुगतान करना पड़ सकता है। इस टैक्स का भुगतान आपके बैंक खाते के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। Income Tax Return</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए यहाँ उन 28 बैंकों की जानकारी दी जा रही जिनमें से एक में आप यह टैक्स भर सकते हैं जोकि आयकर (आई-टी) विभाग द्वारा स्वीकृत है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन बैंकों में एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सिटी यूनियन बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">28 बैंकों की सूची में अन्य बैंक हैं इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडसइंड बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, करूर वैश्य बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब और सिंध बैंक, आरबीएल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, साउथ इंडियन बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक और धनलक्ष्मी बैंक।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कितने समय में होगा रिफंड ? Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकरदाताओं के लिए यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि अगर आपने साल के दौरान टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) और टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) का भुगतान किया है और कुल भुगतान किया गया टैक्स आपकी टैक्स की देयता से ज़्यादा है, तो कर विभाग कई कारकों के आधार पर कुछ दिनों या हफ़्तों के भीतर आपका रिफंड जारी कर देगा। यह रिफंड भी ई-पोर्टल से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई कर व्यवस्था | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि वित्त अधिनियम 2023 ने धारा 115BAC के प्रावधानों को बदल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप नई कर व्यवस्था करदाताओं के लिए डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बन गई है। इस व्यवस्था में करदाताओं को अधिकांश कटौतियों और छूटों को छोड़ने के बदले में कम दर पर टैक्स का भुगतान करना होता है। नई कर व्यवस्था में करदाताओं को 3 से 6 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत और 6 से 9 लाख रुपये की आय पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होता है। वहीं, जिन व्यक्तियों की कुल आय 7 लाख रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें धारा 87ए के तहत 25,000 रुपये तक की टैक्स में छूट लागू होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनकम बढ़ने पर यह दर 15 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत हो जाती है जबकि उपकर (4%) और अधिभार (10% से 37%) की दर वही रहती है। नई कर व्यवस्था के तहत 5 करोड़ रुपये से अधिक की आय पर अधिभार की दर 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी गई है। इसलिए, नई कर व्यवस्था के तहत उच्चतम प्रभावी कर दर 42.74 प्रतिशत से घटाकर 39 प्रतिशत कर दी गई है। Income Tax Return</p>
<p><a title="Gujarat accident : छह मंजिला इमारत ढ़ही, बहुत लोग दबे, 7 शव बरामद, 7 के फंसे होने की आशंका" href="http://10.0.0.122:1245/gujarat-building-collapse-7-bodies-recovered-7-feared-trapped/">Gujarat accident : छह मंजिला इमारत ढ़ही, बहुत लोग दबे, 7 शव बरामद, 7 के फंसे होने की आशंका</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 11:13:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ITR Filing : ख़बरदार : गलत फॉर्म फिल करने पर भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना!</title>
                                    <description><![CDATA[ITR Filing 2024 नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी हर साल आईटीआर भरते हैं और आपको आईटीआर फार्म के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो आज इस लेख के माध्यम से आपको सही फार्म के बारे में जानकारी देने जा रहे है, जिसे भरकर आप बेवजह की परेशानियों से बच सकते हैं। क्योंकि बहुत से लोग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/beware-filling-the-wrong-form-can-result-in-a-hefty-fine/article-59349"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/itr-filing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ITR Filing 2024 नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी हर साल आईटीआर भरते हैं और आपको आईटीआर फार्म के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो आज इस लेख के माध्यम से आपको सही फार्म के बारे में जानकारी देने जा रहे है, जिसे भरकर आप बेवजह की परेशानियों से बच सकते हैं। क्योंकि बहुत से लोग जानकारी के अभाव में अपना आयकर रिटर्न भरना बहुत तनावपूर्ण काम समझते हैं। इसी वजह से कुछ लोग आखिरी मिनट तक इंतजार ही करते रहते हैं जिससे उनकी अनावश्यक ही चिंताएं बढ़ जाती हैं, लेकिन इससे बचा जा सकता है। वो कैसे? इसी के बारे में आज हम जानेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले आईटीआर फिल करने की समय सीमा का ध्यान रखें। इसकी तारीख नजदीक आते ही आप अपनी कागजी कार्रवाई को निपटा लें, क्योंकि ऐसा करने का यही सही समय होता है। लेकिन इसमें होने वाली आम गलतियों से आप सावधान रहें, जोकि आपकी गंभीर परेशानियों का कारण बन सकती हैं। ITR Filing</p>
<h3 style="text-align:justify;">करें, आईटीआर फॉर्म का सही चयन</h3>
<p style="text-align:justify;">जब भी आप आईटीआर भरने जाते हैं तो सबसे पहले वहां वहां आईटीआई के लिए फार्म सलेक्ट करते हैं। अपना रिटर्न भरने के लिए सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव बहुत जरूरी होता है। इसका मतलब यह होता है कि आयकर विभाग आपके रिटर्न को सही ढंग से प्रोसेस कर सके। आईटीआर फॉर्म का चुनाव आय के प्रकार और करदाता की श्रेणी पर निर्भर करता है। ITR Filing</p>
<p style="text-align:justify;">आयकर विभाग रिटर्न भरने के लिए रिटर्न फॉर्म जारी करता है, जिनमें स्पष्ट निर्देशित किया जाता है कि कौन सा फॉर्म किस आयकरदाता को उपयोग में लाना चाहिए। एक आयकर अधिकारी के अनुसार उदाहरण के लिए यदि कोई आयकरदाता पूंजीगत लाभ से कमाई करता है या उसकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है, तो वे फॉर्म 1 का उपयोग नहीं कर सकते हैं। गलत फॉर्म का उपयोग करने से कर रिटर्न स्वीकार नहीं हो सकता, जिससे संभावित रूप से जानकारी छूट सकती है या आय की रिपोर्ट नहीं की जा सकती है। इससे ब्याज और भारी जुर्माना लग सकता है।’’</p>
<h3>रिटर्न दाखिल करते समय सही वर्ष बताना बहुत जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">आपकी जानकारी के लिए बताया जा रहा है कि रिटर्न दाखिल करते समय सही वर्ष बताना बहुत जरूरी है। एक टैक्स एक्सपर्ट के अनुसार, ‘‘वित्त वर्ष 2023-24 के लिए, संबंधित एवाई 2024-25 है। एवाई का गलत उल्लेख करने से डबल जुर्माने और अनावश्यक सजा जैसी परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं।’’ ITR Filing</p>
<p style="text-align:justify;">एक्सपर्ट की इस संबंध में सलाह है कि, ‘‘कमियों के कारण सजा या टैक्स नोटिस से बचने के लिए अपना आयकर रिटर्न सावधानी से दाखिल करें। सटीक रिकॉर्ड बनाए रखना, योग्य कटौती का दावा करना और आय के सभी स्रोतों की रिपोर्ट करना कर कानूनों और सटीक कर भुगतानों का अनुपालन सुनिश्चित करता है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">‘‘यदि आयकरदाता गलती से भी गलत फॉर्म फिल करते हैं तो वे इस एवज में वे संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। लेकिन जानबूझकर कम रिपोर्टिंग या गलत आईटीआर फॉर्म का चयन करने से गलत आय प्रकट हो सकती है, जिसका भुगतान आपको 100% से 300% तक जुर्माने के रूप में करना पड़ सकता है।’’</p>
<h3 style="text-align:justify;">आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा क्या है?</h3>
<p style="text-align:justify;">वित्तीय वर्ष 2023-24 (मूल्यांकन वर्ष 2024-25) के लिए आयकर रिटर्न (कळफ) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2024 है। यदि आप इस समय सीमा से चूक जाते हैं, तो भी आप 31 दिसंबर, 2024 तक विलंबित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फाइलिंग के 30 दिनों के भीतर आईटीआर फॉर्म वैरीफाई करें</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि टैक्स रिटर्न भरने में सिर्फ आईटीआर फॉर्म जमा करना ही काफी नहीं होता, फार्म जमा करने के 30 दिनों के भीतर रिटर्न वैरीफाई करना भी जरूरी होता है। वैरीफाई न करने पर टैक्स डिपार्टमेंट आपके टैक्स रिटर्न को प्रोसेस नहीं करेगा और इसे अस्वीकृत कर देगा। इस संबंध में यदि आपको कोई नोटिस मिलता है तथा आप इस नोटिस का दी गई समय-सीमा के अंदर जवाब दाखिल नहीं करते हैं, तो ऐसा मान लिया जाता है कि आपने कभी रिटर्न दाखिल ही नहीं किया, जिससे आपको लागू गैर-फाइलिंग फीस और सजा दोनों लग सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अस्वीकरण:</strong> ऊपर दी गई जानकारी एवं विचार व्यक्ति विशेष की है, सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है। ज्यादा जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। ITR Filing</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 16:53:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tax Refunds While Filing ITR: ऐसा क्या करें कि जमा किया गया टैक्स रिफंड हो जाए? और वो भी जमा किये गए टैक्स से ज्यादा!</title>
                                    <description><![CDATA[Tax Refunds While Filing ITR: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी करदाता हैं और अपने टैक्स रिफंड की सीमा को ज्यादा करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह न्यूज बहुत बढ़िया है। देखा जाए तो भारत में इस बारे में काफी चर्चाएं रहती हैं। आज के महंगाई के दौर में पैसा बचाना कोई गलत बात नहीं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/what-should-be-done-so-that-the-tax-deposited-gets-refunded/article-58528"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/tax-refund.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Tax Refunds While Filing ITR: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यदि आप भी करदाता हैं और अपने टैक्स रिफंड की सीमा को ज्यादा करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह न्यूज बहुत बढ़िया है। देखा जाए तो भारत में इस बारे में काफी चर्चाएं रहती हैं। आज के महंगाई के दौर में पैसा बचाना कोई गलत बात नहीं है, इसके लिए आपको यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि इस बचत को कैसे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए आपको वे सभी टैक्स लाभ प्राप्त करने होंगे जिनके आप हकदार हैं। टैक्स की गणना के विभिन्न पहलुओं का आकलन करके आप ज्यादा टैक्स रिफंड पा सकते हैं। Income Tax Return</p>
<h3 style="text-align:justify;">आवश्यक कटौती और छूट</h3>
<p style="text-align:justify;">इस सुविधा का लाभ आप अपनी कर देयता को कम करके सभी उपलब्ध कटौती और छूट का उपयोग करके उठा सकते हैं। भारत में अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपके लिए उपलब्ध कटौती और छूट को समझने के लिए आयकर अधिनियम को समझना अति आवश्यक है। आयकर अधिनियम के अनुसार कटौती और छूट आपकी श्रेणी के आधार पर अलग-अलग होती हैं, चाहे आप वेतनभोगी हों, पेंशनभोगी हों या स्व-नियोजित व्यक्ति हों।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धारा 80C के तहत कटौती | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकर दाताओं के लिए भारत में आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत कई कटौतियां शामिल हैं, जिसका प्रावधान आपको विभिन्न निवेशों और खर्चों के लिए कटौती का दावा करने में सक्षम बनाता है, जिससे आपकी कर योग्य आय कम हो जाती है और संभावित रूप से आपकी कर देयता कम हो जाती है। यहाँ आपके लिए कुछ कटौतियां दिखाई गई हैं, जिनका आंकलन करना आपके लिए जरूरी है:- Income Tax Return</p>
<h3 style="text-align:justify;">पब्लिक प्रोविडेंट फंड:</h3>
<p style="text-align:justify;">पब्लिक प्रोविडेंट फंड (ढढऋ) में किए गए योगदान पर धारा 80सी के तहत कटौती की जा सकती है। ढढऋ एक लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश विकल्प है क्योंकि यह कर लाभ और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें प्रदान करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम: | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">धारा 80सी इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (एछरर) में किए गए निवेश पर कर कटौती की स्वीकृति मिलती है, जो कि इक्विटी म्यूचुअल फंड का एक प्रकार है। ढढऋ जैसे पारंपरिक विकल्पों की तुलना में, एछरर में अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है, लेकिन यह बाजार जोखिम के प्रति अधिक संवेदनशील है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नेशनल पेंशन सिस्टम:</h3>
<p style="text-align:justify;">धारा 80सी टियर-क नेशनल पेंशन स्कीम (ठढर) खातों में किए गए योगदान पर कटौती की अनुमति देती है। योगदान, निवेश वृद्धि और परिपक्वता राशि पर उपलब्ध कर छूट के साथ, ठढर एक दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जीवन बीमा प्रीमियम:</h3>
<p style="text-align:justify;">कुछ सीमाओं के अधीन, धारा 80सी आपको जीवन बीमा पॉलिसियों (आपके, आपके जीवनसाथी या आपके आश्रित बच्चों के लिए) के लिए आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम में कटौती करने की अनुमति देती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ट्यूशन फीस:</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत में किसी भी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान में पूर्णकालिक रूप से नामांकित दो बच्चों (कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चों सहित) के लिए, धारा 80सी ट्यूशन लागत में कटौती की अनुमति देती है। भारत के बाहर आगे की शिक्षा के लिए रोकी जा सकने वाली राशि पर एक सीमा है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 (एवाई 2024-2025) के लिए धारा 80सी के तहत कटौती की संयुक्त अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। उपर्युक्त सभी निवेश और अन्य धारा 80सी कटौती इस प्रतिबंध के अधीन हैं। धारा 80डी के तहत कटौती आप अपने परिवार, खुद के लिए और, कुछ मामलों में, अपने आश्रित माता-पिता के लिए भारत के आयकर अधिनियम की धारा 80डी के तहत अपने आयकर से प्रीमियम काट सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">निम्नलिखित लोग इस प्रावधान के तहत कटौती का दावा करने के पात्र हैं</h3>
<p style="text-align:justify;">व्यक्ति: अपने लिए, अपने जीवनसाथी और अपने आश्रित बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान किसी व्यक्ति द्वारा माफ किया जा सकता है। वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक आयु वाले): वरिष्ठ नागरिकों के लिए कटौती की सीमा अधिक है। इसके अलावा, वे अपने माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80 वर्ष की आयु तक) की लागत में कटौती के पात्र हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में मान्यता प्राप्त बीमा फर्मों द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर कर कटौती की जाती है। इसमें आमतौर पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियाँ, पारिवारिक फ़्लोटर योजनाएँ और गंभीर बीमारी योजनाएँ शामिल होती हैं। यदि आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी आयुर्वेदिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने को कवर करती है, तो प्रीमियम भी धारा 80डी के तहत कटौती योग्य हैं। आपकी आयु और जिस व्यक्ति का आप बीमा कर रहे हैं, उसके आधार पर, चिकित्सा बीमा प्रीमियम के लिए धारा 80डी के तहत अधिकतम कटौती सीमा अलग-अलग होती है:</p>
<p style="text-align:justify;">व्यक्तिगत (60 वर्ष से कम आयु): 25,000 रुपये(वार्षिक शारीरिक जाँच के लिए कटौती के साथ)।<br />
व्यक्तिगत (60 वर्ष से अधिक आयु): 50,000 रुपये (वार्षिक स्वास्थ्य जाँच के लिए कटौती के साथ)।<br />
वरिष्ठ नागरिकों के माता-पिता (80 वर्ष तक): वरिष्ठ नागरिक अपने माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान करने पर अतिरिक्त 25,000 रुपये (या 80 वर्ष से अधिक आयु होने पर 50,000 रुपये) प्राप्त करने के पात्र हैं। निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए कटौती की सीमा प्रति वित्तीय वर्ष 5,000 रुपये है, जो ऊपर उल्लिखित समग्र सीमाओं में शामिल है। जबकि आप कई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए कटौती का दावा कर सकते हैं, कुल कटौती निर्दिष्ट सीमा से अधिक नहीं हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आवश्यक दस्तावेज | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">धारा 80डी के तहत कटौती का दावा करने के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी</p>
<p style="text-align:justify;">भुगतान किए गए चिकित्सा बीमा प्रीमियम के लिए रसीदें या प्रमाण पत्र।</p>
<p style="text-align:justify;">माता-पिता के साथ रिश्ते का प्रमाण पत्र, यदि उनके चिकित्सा बीमा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) के लिए कटौती का दावा किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक ही प्रीमियम के तहत सभी परिवार के सदस्यों को कवर करने के लिए फैमिली फ्लोटर स्वास्थ्य बीमा योजना चुनने पर विचार करें, जिससे संभावित रूप से आपकी कटौती अधिकतम हो सके। यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं और आपके माता-पिता आप पर निर्भर हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप अतिरिक्त कटौती का दावा करने के लिए उनके स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करें। याद रखें, कटौती भुगतान किए गए प्रीमियम पर लागू होती है, न कि कुल बीमा राशि पर। Income Tax Return</p>
<p><a title="PM Kisan Yojana: कार्यभार संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी ने दिया किसानों को पहला तोहफा!" href="http://10.0.0.122:1245/pm-kisan-nidhi-releasing-17th-instalment/">PM Kisan Yojana: कार्यभार संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी ने दिया किसानों को पहला तोहफा!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 14:48:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>How to Link Aadhaar-PAN: आयकर विभाग की गाइड लाइन जारी! ऐसे करें अपने आधार को पैन से लिंक!</title>
                                    <description><![CDATA[How to Link Aadhaar-PAN: नई दिल्ली (एजेंस)। यदि आप भी इनकम टैक्स के TDS के बोझ तले दबे हुए हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत ही जरूरी और फायदेमंद है। इनकम टैक्स विभाग ने करदाताओं को 31 मई तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक करने के लिए एक रिमाइंडर जारी किया है। यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/income-tax-department-issues-guidelines-how-to-link-your-aadhaar-with-pan/article-58125"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/aadhar-linking.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong style="text-align:justify;">How to Link Aadhaar-PAN: नई दिल्ली (एजेंस)।</strong><span style="text-align:justify;"> यदि आप भी इनकम टैक्स के TDS के बोझ तले दबे हुए हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत ही जरूरी और फायदेमंद है। इनकम टैक्स विभाग ने करदाताओं को 31 मई तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक करने के लिए एक रिमाइंडर जारी किया है। यह रिमाइंडर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से दिया है, जिसमें विभाग ने अधिक टैक्स कटौती से बचने के लिए एक समय सीमा को पूरा करने के महत्व पर बल दिया है।</span><span style="text-align:justify;"> Aadhaar-PAN Link</span></p>
<h3 style="text-align:justify;">ये है रिमाइंडर</h3>
<p style="text-align:justify;">इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करदाताओं को इस महत्वपूर्ण समय सीमा के बारे में सचेत करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। विभाग की इस पोस्ट में बताया गया है कि 28 मई, 2024 तक पैन को आधार से लिंक न करने पर टीडीएस की दर बढ़ जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पोस्ट में कहा गया है, ‘‘कृपया करदाता ध्यान दें! 31 मई, 2024 से पहले अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करें… जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आपको आयकर अधिनियम की धारा 206AA और 206CC के तहत अधिक टैक्स कटौती/टीडीएस का सामना नहीं करना पड़ेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लिंक नहीं करने पर क्या होगा? | Aadhaar-PAN Link</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई करदाता निर्धारित तिथि तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करता है तो उन्हें महत्वपूर्ण वित्तीय परिणामों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से तब, जब वे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 206एए और 206सीसी के अनुसार उच्च कर कटौती और संग्रह के अधीन होंगे। विभाग का इस नियम का उद्देश्य अनुपालन को लागू करना और कर प्रशासन को सुव्यवस्थित करना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पैन को आधार से लिंक करने का यह है प्रोसैस</h3>
<p style="text-align:justify;">इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट <a href="http://incometaxindiafiling.gov.in">incometaxindiafiling.gov.in</a> पर जाएं।<br />
‘क्विक लिंक’ पर जाएँ और ‘लिंक आधार’ विकल्प चुनें।<br />
अब अपना पैन और आधार नंबर दर्ज करें, फिर ‘वैलिडिऐट’ बटन पर क्लिक करें।<br />
अपना नाम भरें जैसा कि आपके आधार कार्ड और आपके मोबाइल नंबर पर दिखाई देता है, फिर ‘लिंक आधार’ बटन पर क्लिक करें।<br />
अपने मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें और प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ‘वैलिडिऐट’ बटन पर क्लिक करें।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Kind Attention Taxpayers! </p>
<p>To avail the benefits of CBDT Circular No.6/2024 dtd 23rd April, 2024, do remember to link your PAN with Aadhaar before May 31st, 2024.</p>
<p>Here are the steps to be followed to link your PAN with Aadhaar 👇🏼 <a href="https://t.co/NtFBcC6LZM">pic.twitter.com/NtFBcC6LZM</a></p>
<p>— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) <a href="https://twitter.com/IncomeTaxIndia/status/1795700743628050652?ref_src=twsrc%5Etfw">May 29, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;">अब जानें, अपना स्टेटस</h3>
<p style="text-align:justify;">आधिकारिक वेबसाइट: <a href="https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/">https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/</a> पर जाएं और ‘क्विक लिंक्स’ सेक्शन के तहत ‘लिंक आधार स्टेटस’ विकल्प चुनें।<br />
अपना पैन और आधार नंबर दर्ज करें, फिर ‘लिंक आधार स्टेटस देखें’ बटन पर क्लिक करें।<br />
सफल वैरिफिकेशन के बाद आपका पैन और आधार लिंकेज स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।<br />
यदि यूआईडीएआई अभी भी आपके अनुरोध पर कार्रवाई कर रहा है, तो आपको लिंकेज की पुष्टि करने के लिए बाद में फिर से अपने स्टेटस की जांच करनी होगी। PAN Aadhaar Link</p>
<p><a title="Narendra Modi: ”देश में आएगा बहुत बड़ा राजनीतिक भूचाल, बिखर जाएंगी परिवारवादी पार्टियां”" href="http://10.0.0.122:1245/there-will-be-a-huge-political-upheaval-in-the-country-family-oriented-parties-will-disintegrate/">Narendra Modi: ”देश में आएगा बहुत बड़ा राजनीतिक भूचाल, बिखर जाएंगी परिवारवादी पार्टियां”</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/income-tax-department-issues-guidelines-how-to-link-your-aadhaar-with-pan/article-58125</link>
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                <pubDate>Thu, 30 May 2024 10:55:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Income Tax Raid: बड़े कारोबारियों पर इन्कम टैक्स की रेड</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर (सच कहूं न्यूज)। राजधानी जयपुर में अक्षत और अंकूर ग्रुप पर गुरुवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की। आयकर विभाग की टीम ने सुबह ग्रुप के 11 ठिकानों पर रेड की। इसके साथ ही दस्तावेज और अन्य सामान जब्त किए। समूह की बगरू, बिंदायका और कानोता स्थित फैक्ट्रियों में आयकर की टीमें सर्च कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/income-tax-raid-on-big-businessmen/article-57594"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/income-tax-raid1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूं न्यूज)।</strong> राजधानी जयपुर में अक्षत और अंकूर ग्रुप पर गुरुवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की। आयकर विभाग की टीम ने सुबह ग्रुप के 11 ठिकानों पर रेड की। इसके साथ ही दस्तावेज और अन्य सामान जब्त किए। समूह की बगरू, बिंदायका और कानोता स्थित फैक्ट्रियों में आयकर की टीमें सर्च कर रही हैं। साथ ही बनीपार्क और बापू नगर स्थित घर पर भी कार्रवाई की जा रही है। दोनों ग्रुप बिल्डिंग में लगने वाले पाइप का निर्माण करते हैं। साथ ही रियल एस्टेट के बड़े व्यापारी हैं। Income Tax Raid</p>
<p style="text-align:justify;">आयकर के अधिकारी समूह के नंदकिशोर जैन, सुनील जैन, अंकित जैन, अक्षत जैन, पदमचंद जैन और जुगल से पूछताछ कर रहे हैं। जानकारी अनुसार, ग्रुप ने आयकर में धांधली कर बड़ा पैसा सेव कर लिया है। आयकर के अधिकारियों ने बताया कि सर्च सुबह 8 बजे से शुरू हुई है। अभी टीम के पास जो लीड थी उस आधार पर जांच की जा रही है। टीम के हाथ जैसे ही तथ्य लगेंगे टीम जांच का दायरा बढ़ाएगी। Income Tax Raid</p>
<p><a title="Salary Hike: 300% बढ़ी इस कर्मचारी की सैलरी, ख़ुशी से हुआ ‘पागल’!" href="http://10.0.0.122:1245/this-employees-salary-increased-by-300-asked-for-suggestions-to-save-tax/">Salary Hike: 300% बढ़ी इस कर्मचारी की सैलरी, ख़ुशी से हुआ ‘पागल’!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/income-tax-raid-on-big-businessmen/article-57594</link>
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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 18:11:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Income Tax Filing Avoid Mistakes: यदि आप भी भरते हैं इनकम टैक्स तो ना करें ये गलतियाँ!</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Filing Avoid Mistakes: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप टैक्स पेयर हैं तो टैक्स जमा करना देश हित में बहुत जरूरी है। टैक्स जमा करना एक कठिन प्रक्रिया जरूर हो सकती है, जोकि संभावित जनजालों से भी भरी होती है, लेकिन टैक्स जमा करते समय कुछ न की जाने वाली गलतियों से बच जाएं तो […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/if-you-also-pay-income-tax-then-do-not-do-this-mistakes/article-57487"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/income-tax-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Income Tax Filing Avoid Mistakes: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यदि आप टैक्स पेयर हैं तो टैक्स जमा करना देश हित में बहुत जरूरी है। टैक्स जमा करना एक कठिन प्रक्रिया जरूर हो सकती है, जोकि संभावित जनजालों से भी भरी होती है, लेकिन टैक्स जमा करते समय कुछ न की जाने वाली गलतियों से बच जाएं तो यह प्रक्रिया इतनी कठिन न हो। आज आपको इस लेख के माध्यम से इस कठिन प्रक्रिया से गुजरने के कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं जो आपके लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए बहुत जरूरी हैं। टैक्स जमा करने की कई सामान्य गलतियां होती हैं जिन पर आज गौर करेंगे और टैक्स जमा करने वाले लोगों को इन समस्याओं के समाधान के लिए एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के बहुमूल्य टिप्स शेयर किए जा रहे हैं जानें वो जरूरी टिप्स:- Income Tax Return</p>
<h3 style="text-align:justify;">गलत फॉर्म का चयन करना</h3>
<p style="text-align:justify;">टैक्स जमा करने वाले लोगों द्वारा की जाने वाली सबसे सामान्य और आम गलतियों में से एक है, अपना टैक्स जमा करने के लिए गलत फॉर्म का चयन करना। प्रत्येक फॉर्म एक निश्चित प्रकार की आय और करदाता प्रोफाइल के अनुरूप होता है, और गलत फॉर्म का उपयोग करने से गलतियाँ हो सकती हैं और टैक्स जमा करने में देरी हो सकती है। सीए विशेषज्ञ टैक्स पेयर को सलाह देते हैं कि वे प्रत्येक फॉर्म के लिए योग्यता शर्तों का गहन विश्लेषण करें और भटकने पर एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एफएंडओ लेनदेन का उचित व्यवहार | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">वायदा और विकल्प (एफएंडओ) लेनदेन जटिल हो सकते हैं, खासकर टैक्स व्यवहार के संदर्भ में। सीए ग्राहकों से अपने टैक्स जमा करने पर लाभ और हानि सहित एफ एंड ओ लेनदेन की उचित घोषणा करने का आग्रह करता है। ऐसा न करने पर आयकर विभाग से टैक्स अधिसूचनाएं और जुर्माना लग सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किए गए दान का सही व्यवहार</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकर अधिनियम की धारा 80जी दान को टैक्स-कटौती योग्य बनाने की अनुमति देती है। हालाँकि, सीए पर्याप्त कागजी कार्रवाई के बिना दान के लिए कटौती का दावा करने की सलाह देता है। करदाताओं को योग्य संगठनों को दान देना चाहिए और कटौती का दावा करने के लिए रसीदें जरूर लेनी चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ईएसओपी का उचित व्यवहार | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजनाएं (ईएसओपी), जिसमें प्रतिबंधित स्टॉक इकाइयां (आरएसयू) शामिल हैं, कर्मचारियों के लिए विशेष कर समस्याएं प्रदान करती हैं। सीए ईएसओपी के कर परिणामों, जैसे कर समय और शेयर मूल्यांकन, को जानने की आवश्यकता पर जोर देता है। करदाताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन लेना चाहिए कि उनके ईएसओपी कर नियमों का अनुपालन करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एक वर्ष में दो या अधिक नौकरी परिवर्तन के लिए गणना</h3>
<p style="text-align:justify;">करदाता जो पूरे वित्तीय वर्ष में अक्सर रोजगार बदलते हैं, उन्हें कर उद्देश्यों के लिए प्रत्येक नियोक्ता से अपनी कमाई की सटीक गणना करनी चाहिए। कर प्रपत्रों में त्रुटियों को कम करने के लिए, सीए ग्राहकों को वेतन, बोनस और अनुलाभों सहित प्रत्येक रोजगार से उनकी आय का संपूर्ण रिकॉर्ड रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रिप्टोकरेंसी और सिक्कों पर कराधान | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सहित कई प्राधिकरण अभी भी अनिश्चित हैं कि क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पर टैक्स कैसे लगाया जाए। सीए बिटकॉइन की कमाई और घाटे से निपटने के तरीके पर कर विशेषज्ञों से सलाह लेने की आवश्यकता पर जोर देता है। टैक्स आवश्यकताओं का अनुपालन करने के लिए करदाताओं को बिटकॉइन लेनदेन का सटीक रिकॉर्ड रखना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ब्याज आय से काटा गया टैक्स</h3>
<p style="text-align:justify;">कई करदाता यह समझने में विफल रहते हैं कि ब्याज आय, जैसे सावधि जमा या बचत खातों पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का उनके आयकर रिटर्न में खुलासा करना आवश्यक नहीं है। सीए करदाताओं को फॉर्म 26एएस के साथ टीडीएस प्रमाणपत्रों का मिलान करने और अपने आईटीआर पर केवल शुद्ध कर योग्य ब्याज आय की रिपोर्ट करने की सलाह देता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भूमि खरीद बिक्री से पूंजीगत लाभ की गणना</h3>
<p style="text-align:justify;">लंबी भुगतान योजनाओं पर अर्जित भूमि या संपत्ति की बिक्री, जैसे कि नगरपालिका सरकारों द्वारा प्रदान की गई, पूंजीगत लाभ कर परिणामों पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। सीए सुझाव देता है कि आप लंबी भुगतान अवधि और किसी भी संभावित छूट या कटौती को ध्यान में रखते हुए, पूंजीगत लाभ का उचित आकलन करने के लिए एक कर विशेषज्ञ से बात करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सामान्य गलतियों से परे रणनीतियाँ</h3>
<p style="text-align:justify;">कर दाखिल करने में बार-बार होने वाली गलतियों से बचने के अलावा, करदाताओं को नए कर कानून के विकास और संशोधनों के बारे में जागरुक रहना चाहिए। कर नियमों, छूटों और दाखिल करने के तरीकों में बदलाव से कर देनदारियों और रिफंड दावों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त करदाताओं को आसान और सही फाइलिंग सुनिश्चित करने के लिए आयकर विभाग के आॅनलाइन फाइलिंग प्लेटफॉर्म और टूल का उपयोग करना चाहिए। एक सरल कर फाइल सुनिश्चित करने के लिए पूरे वर्ष वित्तीय लेनदेन, निवेश और कटौतियों का विस्तृत रिकॉर्ड रखना भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वयं को सक्रिय रूप से शिक्षित करके और संगठित होकर, करदाता कर अनुपालन सुनिश्चित कर सकते हैं और अपने कर-बचत तरीकों को कुशलतापूर्वक अनुकूलित कर सकते हैं। किसी जानकार चार्टर्ड अकाउंटेंट या कर विशेषज्ञ से परामर्श करने से आपकी विशिष्ट वित्तीय स्थिति के अनुकूल महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीए की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण</h3>
<p style="text-align:justify;">टैक्स जमा करने के प्रयासों में एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट के ज्ञान को शामिल करना कई कारणों से महत्वपूर्ण है। शुरूआत के लिए, एक कुशल सीए को कर नियमों और विनियमों की गहन समझ होती है, जो उचित अनुपालन सुनिश्चित करता है और कमियों या चूक की संभावना को कम करता है। दूसरा, एक सीए किसी व्यक्ति की वित्तीय परिस्थितियों के आधार पर कर बचत और रिफंड को अधिकतम करने के लिए व्यक्तिगत सलाह दे सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त सीए सहायता मानसिक शांति प्रदान करती है क्योंकि करदाता जटिल कर मुद्दों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए अपने अनुभव पर भरोसा कर सकते हैं। अंत में, एक सक्षम सीए एक विश्वसनीय सलाहकार के रूप में कार्य करता है, जो कर दाखिल करने की प्रक्रिया और उसके बाद भी निरंतर सहायता और दिशा प्रदान करता है, जिसके परिणामस्वरूप विश्वास और निर्भरता पर आधारित दीर्घकालिक साझेदारी होती है। Income Tax Return</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में, कर दाखिल करने की सामान्य त्रुटियों से बचने के लिए, आपको सतर्कता बरतनी चाहिए, सतर्क रहना चाहिए और विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। कर कानून की बारीकियों को समझना और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त करना करदाताओं को कर दाखिल करने की प्रक्रिया को आत्मविश्वास से नेविगेट करने और नियामक अनुपालन बनाए रखने की अनुमति देता है। याद रखें कि जब टैक्स की बात आती है, तो खेद जताने से बेहतर है कि सतर्क रहें।</p>
<p><a title="बच्चों का भविष्य खराब कर रहा सोशल मीडिया!" href="http://10.0.0.122:1245/social-media-is-spoiling-the-future-of-children/">बच्चों का भविष्य खराब कर रहा सोशल मीडिया!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/if-you-also-pay-income-tax-then-do-not-do-this-mistakes/article-57487</link>
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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 13:01:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Income Tax Slabs FY 2024-2025: नई कर व्यवस्था से चाहते हैं छुटकारा तो अपनाएं ये स्टेप!</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Slabs FY 2024-2025: नई दिल्ली। टैक्स भरने की नई व्यवस्था (NTR) 1 अप्रैल, 2023 से करदाताओं के लिए डिफॉल्ट विकल्प बन गई है, यह आप भली-भांति जानते ही होंगे। मतलब कि आयकर (आईटी) की गणना अब नई कर व्यवस्था में दिए गए कर स्लैब और प्रावधानों के अनुसार होगी। Income Tax Slab यदि आप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/if-you-want-to-get-rid-of-the-new-tax-system-then-follow-these-steps/article-57225"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/income-tax.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Income Tax Slabs FY 2024-2025: नई दिल्ली।</strong> टैक्स भरने की नई व्यवस्था (NTR) 1 अप्रैल, 2023 से करदाताओं के लिए डिफॉल्ट विकल्प बन गई है, यह आप भली-भांति जानते ही होंगे। मतलब कि आयकर (आईटी) की गणना अब नई कर व्यवस्था में दिए गए कर स्लैब और प्रावधानों के अनुसार होगी। Income Tax Slab</p>
<p style="text-align:justify;">यदि आप ऐसा नहीं करना चाहते और पुरानी कर व्यवस्था पर ही स्विच करना चाहते हैं तथा धारा 80सी और 80डी के तहत मिलने वाली टैक्स छूट जैसे प्रावधानों का अपनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले डिफॉल्ट यानी नई कर व्यवस्था को त्यागना पड़ेगा, क्योंकि नई व्यवस्था में प्रमुख प्रावधान गायब हैं। विकल्प के रूप में यदि आप नई कर व्यवस्था में दिए गए निचले टैक्स स्लैब का उपयोग पूर्व टैक्स छूट के बदले में करना चाहते हैं, तो आपको पुरानी कर व्यवस्था के लिए स्विच करने की आवश्यकता नहीं है। Income Tax Slab</p>
<h3 style="text-align:justify;">आइये जानते हैं पुरानी कर व्यवस्था से नई कर व्यवस्था में कैसे स्विच करें:-</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह फॉर्म जरूरी</strong><br />
नई कर व्यवस्था से बाहर निकलने के लिए सबसे पहले आपको फॉर्म 10-IEA दाखिल करना होगा, जो धारा 115 बीएसी(6) के तहत विकल्प के प्रयोग के लिए एक आवेदन है।</p>
<p style="text-align:justify;">व्यावसायिक मामलों के लिए, फॉर्म 10-IEA अधिसूचित किया गया है, जिसका उपयोग करदाता पुरानी व्यवस्था के बीच चयन करने के अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए कर सकते हैं। इस फॉर्म को दाखिल करके करदाता अपनी पसंद की कर व्यवस्था के बारे में आयकर विभाग को सूचित कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गैर-व्यावसायिक मामलों में, धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तारीख पर या उससे पहले आय की वापसी के साथ विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आवेदन करने की नियत तिथि | Income Tax Slab</h3>
<p style="text-align:justify;">व्यावसायिक आय के मामले में, फॉर्म 10-IEA को आय का रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तारीख पर या उससे पहले दाखिल किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">व्यक्तिगत/एचयूएफ/एओपी/बीओ के लिए नियत तारीख 31 जुलाई है और आॅडिट के अधीन व्यवसायों के लिए, रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख 31 अक्टूबर है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष रूप से, यदि आप नई कर व्यवस्था से बाहर निकलना चाहते हैं और आप आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख के भीतर फॉर्म दाखिल करने में विफल रहते हैं, तो आप प्रासंगिक मूल्यांकन वर्ष के लिए अपने आईटीआर में पुरानी कर व्यवस्था का विकल्प चुनने के पात्र नहीं होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">आप कितनी बार कर व्यवस्थाओं के बीच स्विच कर सकते हैं?<br />
जबकि किसी व्यवसाय या पेशे से आय के बिना कोई व्यक्ति हर साल अपनी व्यवस्था बदल सकता है, वहीं किसी व्यवसाय और पेशे से आय वाला कोई व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक से अधिक बार व्यवस्था नहीं बदल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए, व्यवसाय और पेशे से आय के मामले में, पुरानी कर व्यवस्था पर स्विच करने और किसी भी बाद के मूल्यांकन वर्ष में विकल्प वापस लेने का विकल्प उनके जीवनकाल में केवल एक बार उपलब्ध होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्टेप वाइज: Income Tax Slab</h3>
<p style="text-align:justify;">1. ई-फाइलिंग खाते से अपने खाते में लॉग इन करें। लॉगिन पोस्ट करें, आयकर फॉर्म 10 IEA दाखिल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">2. प्रासंगिक मूल्यांकन वर्ष का चयन करें। क्लिक करें, आइए शुरू करें।</p>
<p style="text-align:justify;">3. फिर आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपकी ‘बिजनेस और प्रोफेशन’ मद में आय है।</p>
<p style="text-align:justify;">4. फिर सिस्टम लागू होने वाली नियत तारीख दिखाता है यानी 31 जुलाई, या 31 अक्टूबर, जैसा भी मामला हो।</p>
<p style="text-align:justify;">5. एक बार जब आप नियत तारीख का चयन कर लेंगे, तो सिस्टम आपकी पुष्टि मांगेगा और आपको बताएगा कि यदि फॉर्म वैध रूप से दाखिल किया गया है, तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">6. जारी रखने के लिए आपको ‘हां’ पर क्लिक करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अब, आपको तीन अनुभाग दिखाई देंगे:</p>
<p style="text-align:justify;">1. बुनियादी जानकारी: यह आपसे पूछेगा कि क्या आप प्रदान की गई व्यवस्था से बाहर निकल रहे हैं या फिर से प्रवेश कर रहे हैं। फिर सेव पर क्लिक करें।</p>
<p style="text-align:justify;">2. अतिरिक्त जानकारी: इसमें पूछा जाएगा कि क्या आपके पास अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में कोई इकाई है। यदि हाँ, तो आपको इन इकाइयों के बारे में अतिरिक्त जानकारी देनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">3. घोषणा और सत्यापन: फिर आप फॉर्म को सत्यापित करें, और सेव की पुष्टि करें।</p>
<p style="text-align:justify;">जमा करने के बाद आप दाखिल किए गए फॉर्म की स्थिति की जांच कर सकते हैं। आप ई-फाइल&gt; आयकर फॉर्म&gt; दाखिल किए गए फॉर्म देखें पर जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां आप ई-फाइलिंग पोर्टल पर फॉर्म फाइलिंग की स्थिति देख पाएंगे।</p>
<p><a title="Personal Loan Benefits : पर्सनल लोन ले रहे हैं तो जान लें ये जरुरी जानकारी!" href="http://10.0.0.122:1245/if-you-are-taking-a-personal-loan-then-know-this-important-information/">Personal Loan Benefits : पर्सनल लोन ले रहे हैं तो जान लें ये जरुरी जानकारी!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 18:00:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Income Tax: जेकेजे ज्वैलर्स पर दूसरे दिन भी इनकम टैक्स की सर्च</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों ज्वैलर्स के ठिकानों से एक करोड़ 30 लाख रुपए नकदी जब्त जयपुर (सच कहूं न्यूज)। जयपुर के दो ज्वेलर्स ग्रुप के घर और प्रतिष्ठानों पर बुधवार को दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीमों ने सर्च अभियान चलाया। मंगलवार को हुए सर्च के दौरान आयकर के अधिकारियों को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/income-tax-search-on-jkj-jewelers-also-on-the-second-day/article-57018"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/income-tax-raid.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दोनों ज्वैलर्स के ठिकानों से एक करोड़ 30 लाख रुपए नकदी जब्त</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूं न्यूज)।</strong> जयपुर के दो ज्वेलर्स ग्रुप के घर और प्रतिष्ठानों पर बुधवार को दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीमों ने सर्च अभियान चलाया। मंगलवार को हुए सर्च के दौरान आयकर के अधिकारियों को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली है। इस दौरान सामने आया कि एक ग्रुप ने कोलकाता में अपने जो 4 ऑफिस बता रखे हैं, उनमें कोई काम नहीं होता है। Income Tax Raid</p>
<p style="text-align:justify;">इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) की टीमें जब कंपनी के बताए ऑफिस पर सर्च के लिए पहुंची तो चारों बिल्डिंग में कुछ मजदूर और दीवारों पर जेकेजे ज्वेलर्स के बोर्ड टंगे हुए मिले। जब आईटी की टीम ने मजदूरों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि यहां पर किसी भी प्रकार का कोई गोल्ड या अन्य कोई काम नहीं होता है। इस पर आईटी की टीम ने चारों बिल्डिंग में मिले मजदूरों से इसे लेकर शपथ पत्र भी भरवाया है। हालांकि कोलकाता में स्थित फर्म के सभी कार्यालय पर आईटी की टीमें अभी भी मौजूद हैं। Income Tax Raid</p>
<h3>ज्वेलर ग्रुप के यहां से 1 करोड़ 35 लाख रुपए नकद मिले</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकर विभाग के सर्च के दौरान दोनों ज्वेलर ग्रुप के यहां से 1 करोड़ 35 लाख रुपए नकद मिले, जिसे आयकर अधिकरियों ने जब्त कर लिया है। जब्त हुई राशि में एक ग्रुप के ठिकानों से आयकर अधिकारियों को 85 लाख रुपए मिले, जबकि दूसरे ग्रुप के ठिकानों से आयकर टीम को 50 लाख रुपए मिले। आयकर विभाग की टीमें इन ग्रुप के कई ठिकानों पर अभी भी मौजूद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आईटी से मिली जानकारी के अनुसार कई शोरूम में स्टॉक से ज्यादा गोल्ड मिला है। ऐसे में एक बार सभी शोरूम का स्टॉक चेक करने के बाद कंपनी के मालिकों से इसकी जानकारी लेंगे। आयकर टीमों को इन ग्रुप के ठिकानों से बैंक लॉकर की 15 से ज्यादा चाबियां मिली है। इनकम टैक्स टीम ने मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे तीन राज्यों-राजस्थान, दिल्ली व पश्चिम बंगाल में जेकेजे ज्वेलर्स ग्रुप पर छापेमारी की। जयपुर में इस ग्रुप के घर और शोरूम सहित कुल 13 ठिकानों पर सर्च किया गया। साथ ही सर्च के दौरान सट्टे से जुड़े कागज भी मिले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, मामला हवाला और मटका (सट्टा) कारोबार से भी जुड़ा है। इसके आधार पर आईटी की टीमों ने लॉकर को सील कर दिया है। वहीं, पिछले कुछ समय से सोने के बढ़े हुए दामों के कारण प्रोफिट बढ़ा है। इनके द्वारा जो टैक्स चुकाया गया, वह वह प्रोफिट के अनुसार टैक्स नहीं है। इस ग्रुप के तीनों राज्यों में करीब 20 से अधिक ठिकानों पर सर्च किया जा रहा है। जयपुर में 13, दिल्ली में 3, कोलकाता में 4 जगहों पर आईटी की सर्च किया। Income Tax Raid</p>
<p><a title="Moose wala Murder Case: मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की अमेरिका में मौत!" href="http://10.0.0.122:1245/gangster-goldie-brar-the-main-accused-in-the-moose-wala-murder-case-dies-in-america/">Moose wala Murder Case: मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की अमेरिका में मौत!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 May 2024 22:06:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Income Tax Slab: घर खरीदने के लिए सोना बेच रहे हैं तो जान लें कितना टैक्स भरना पड़ेगा!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। सोना बेचकर अगर आप घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो जान लें इनकम टैक्स के नियम। यदि आपने 3 साल तक सोना संभाल कर रखा है और बाद में उसे बेच रहे हंै तो आप एलटीसीजी टैक्स देने के हकदार हैं और यदि संपत्ति खरीदने के 3 साल के अंदर बेची […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/if-you-are-selling-gold-to-buy-a-house-then-know-how-much-tax-you-will-have-to-pay/article-56864"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/income-tax-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सोना बेचकर अगर आप घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो जान लें इनकम टैक्स के नियम। यदि आपने 3 साल तक सोना संभाल कर रखा है और बाद में उसे बेच रहे हंै तो आप एलटीसीजी टैक्स देने के हकदार हैं और यदि संपत्ति खरीदने के 3 साल के अंदर बेची थी तो आप अल्पकालिक पूंजीगत लाभ टैक्स देने के हकदार हैं, इसका मतलब आपके द्वारा अर्जित किया गया लाभ टैक्स स्लैब के दायरे में आता है। Income Tax Slab</p>
<p style="text-align:justify;">इनकम टैक्स (आई-टी) अधिनियम 1961 करदाताओं को धारा 54एफ के तहत एलटीसीजी पर टैक्स छूट का दावा करने की अनुमति देता है। इस प्रावधान के तहत, यदि आपने किसी संपत्ति को बेचकर लाभ प्राप्त किया है तो आप आवासीय संपत्ति खरीदकर टैक्स पर छूट का दावा कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">करदाताओं के लिए आवश्यक जानकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">1. आभूषणों की खरीद के लिए संपत्ति या तो बिक्री से एक साल पहले या दो साल बाद खरीदी जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">2. संपत्ति का निर्माण पुरानी संपत्ति की बिक्री के तीन साल के भीतर किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">करदाताओं को इस तथ्य से सावधान रहना चाहिए कि वे केवल आवासीय संपत्ति खरीदते हैं, न कि अन्य कोई संपत्ति और इसके अलावा इसे परिसंपत्तियों की बिक्री से एक साल पहले या दो साल बाद खरीदा जाना चाहिए, जिस पर पूंजीगत लाभ अर्जित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयकर अधिनियम की धारा 54एफ व्यक्तियों को गृह संपत्ति को छोड़कर लंबी अवधि की पूंजीगत संपत्ति जैसे आभूषण, शेयर और अन्य पूंजीगत संपत्ति बेचने से अर्जित दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर छूट का दावा करने की अनुमति देती है, अगर बिक्री आय को पुनर्निवेशित किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि करदाताओं के पास एक से अधिक आवासीय संपत्ति है तो वे इस छूट का दावा नहीं कर सकते हैं। छूट का दावा करने की अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये है, जिसे बजट 2023 में पेश किया गया था, इससे पहले – ऐसी कोई सीमा नहीं थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऊपर उल्लिखित बिंदुओं को संक्षेप में जानें | Income Tax Slab</h3>
<p style="text-align:justify;">1. यदि आपने तीन साल तक आभूषण रखने के बाद उसे बेचा है, तो आपको 20 प्रतिशत की दर से पूंजीगत लाभ कर का भुगतान करना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">2. यदि करदाता आभूषणों की आय से आवासीय संपत्ति खरीदता है तो आयकर में छूट मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">3. यह जरूरी है कि संपत्ति आभूषणों की बिक्री से एक साल पहले या दो साल बाद खरीदी जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">4. यदि करदाताओं के नाम पर पहले से ही दो या अधिक आवासीय संपत्तियां हैं तो वे इस छूट का दावा नहीं कर सकते।</p>
<p style="text-align:justify;">5. धारा 54एफ के तहत आयकर छूट का दावा करने की अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये है।</p>
<p><a title="Same-Sex New Rule: समलैंगिकता पर हुआ नया कानून पास!" href="http://10.0.0.122:1245/same-sex-new-rule-in-iraq/">Same-Sex New Rule: समलैंगिकता पर हुआ नया कानून पास!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Apr 2024 10:10:54 +0530</pubDate>
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