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                <title>Indian Currency - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Indian Currency RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Indian Currency 500-100 Rupee: 500-100 के नोटों को लेकर आरबीआई ने दी अहम जानकारी, लोग हुए हैरान!</title>
                                    <description><![CDATA[मुम्बई। भारत में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाला ₹500 का नोट हमारे हाथों में तो आम लगता है, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया काफी खास और सुरक्षित होती है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नोटों की छपाई और उनकी लागत से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है, जो काफी दिलचस्प […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/indian-currency-500-100-rupee-news/article-83702"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/indian-currency-500-100-rupee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुम्बई।</strong> भारत में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाला ₹500 का नोट हमारे हाथों में तो आम लगता है, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया काफी खास और सुरक्षित होती है। हाल ही में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भारतीय रिजर्व बैंक</span></span> (RBI) ने नोटों की छपाई और उनकी लागत से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है, जो काफी दिलचस्प है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"> नोट बनाने की पूरी प्रक्रिया</h3>
<p style="text-align:justify;">₹500 का नोट सीधे बाजार में नहीं आता, बल्कि इसके पीछे कई चरणों की लंबी प्रक्रिया होती है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>🎨 <strong>डिजाइन तैयार करना:</strong><br />नोट का रंग, आकार और सुरक्षा फीचर्स तय किए जाते हैं।</li>
<li>📄 <strong>खास कागज और स्याही:</strong><br />नोटों के लिए इस्तेमाल होने वाला कागज और स्याही सामान्य से बिल्कुल अलग और हाई सिक्योरिटी वाले होते हैं।</li>
<li>🖨️ <strong>हाई-सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस:</strong><br />भारत में नोटों की छपाई चार प्रमुख प्रेस में होती है:
<ul>
<li>नासिक (महाराष्ट्र)</li>
<li>देवास (मध्य प्रदेश) — <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Security Printing and Minting Corporation of India Limited</span></span> के अंतर्गत</li>
<li>मैसूर (कर्नाटक)</li>
<li>सालबोनी (पश्चिम बंगाल) — <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Bharatiya Reserve Bank Note Mudran Private Limited</span></span> द्वारा संचालित</li>
</ul>
</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"> नोट छापने का अधिकार किसके पास है?</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत में नोट छापने का अधिकार केवल <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भारतीय रिजर्व बैंक</span></span> (RBI) के पास होता है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>वही तय करता है कि कितने नोट छापे जाएंगे</li>
<li>डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स क्या होंगे</li>
<li>केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रिंटिंग शुरू होती है</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"> ₹500 के नोट की छपाई की लागत</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको जानकर हैरानी होगी कि ₹500 का नोट बनाने में सरकार को बहुत कम खर्च आता है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>₹500 नोट की लागत: <strong>लगभग ₹2.29</strong></li>
<li>₹200 नोट: करीब <strong>₹2.37</strong></li>
<li>₹100 नोट: करीब <strong>₹1.77</strong></li>
<li>₹10 और ₹20 नोट: करीब <strong>95 पैसे</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">👉 यानी जिस नोट की कीमत ₹500 है, उसे बनाने में सिर्फ कुछ रुपये ही खर्च होते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"> पुराने नोटों का क्या होता है?</h3>
<p style="text-align:justify;">समय के साथ नोट फट जाते हैं या खराब हो जाते हैं। ऐसे नोटों को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">भारतीय रिजर्व बैंक</span></span> अपनी <strong>Clean Note Policy</strong> के तहत वापस लेकर नष्ट कर देता है और उनकी जगह नए नोट जारी किए जाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सिक्कों की ढलाई कहां होती है?</h3>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ नोट ही नहीं, बल्कि सिक्के भी खास टकसालों (Mint) में बनाए जाते हैं। भारत में ये टकसाल यहां स्थित हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मुंबई</li>
<li>हैदराबाद</li>
<li>कोलकाता</li>
<li>नोएडा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">₹500 का नोट सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक जटिल और सुरक्षित प्रक्रिया का नतीजा है। कम लागत में तैयार होने के बावजूद इसकी असली ताकत देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के भरोसे में छिपी होती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:54:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Indian Currency In Venezuela: भारत का 500 रुपये वेनेजुएला में जाकर कितने हो जाते हैं, यहां पर जानें सब कुछ</title>
                                    <description><![CDATA[Indian Currency In Venezuela: अनु सैनी। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई से जुड़ी खबरों के बीच देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला यह देश पिछले कई वर्षों से गंभीर आर्थिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/indian-currency-in-venezuela/article-80069"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/indian-currency-in-venezuela.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Indian Currency In Venezuela:<strong> अनु सैनी।</strong> दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई से जुड़ी खबरों के बीच देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला यह देश पिछले कई वर्षों से गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी और बड़े पैमाने पर पलायन ने देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना को कमजोर कर दिया है। इस संकट का सबसे बड़ा असर वेनेजुएला की मुद्रा बोलिवर पर देखने को मिला है, जिसकी कीमत लगातार गिरती चली गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नोट छापने से गहराया संकट | Indian Currency In Venezuela</h3>
<p style="text-align:justify;">वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था के पतन की एक बड़ी वजह सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर नोट छापने का फैसला माना जाता है। सरकारी खर्च और बजट घाटा पूरा करने के लिए जब जरूरत से ज्यादा मुद्रा बाजार में उतारी गई, तो इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ा। धीरे-धीरे बोलिवर की क्रय शक्ति खत्म होने लगी। हालात ऐसे बन गए कि लोगों को वेतन तो बोलिवर में मिलता रहा, लेकिन बाजार में अधिकतर चीजों के दाम अमेरिकी डॉलर के आधार पर तय होने लगे।‌ इसका नतीजा यह हुआ कि आम नागरिकों की खरीदने की क्षमता तेजी से घटती चली गई। लोगों की महीनों की सैलरी कुछ ही घंटों में खत्म हो जाती थी। बचत पूरी तरह बेकार हो गई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">10 लाख प्रतिशत तक पहुंची महंगाई</h3>
<p style="text-align:justify;">वेनेजुएला में आर्थिक हालात 2018 में अपने चरम पर पहुंच गए, जब देश में महंगाई दर करीब 10,00,000 प्रतिशत दर्ज की गई। लोगों को दूध, ब्रेड और दवाइयों जैसी जरूरी चीजें खरीदने के लिए थैलों में नोट भरकर ले जाने पड़ते थे। इसके बावजूद भी कई बार सामान पूरा नहीं मिल पाता था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, एक समय ऐसा आया जब देश की 75 प्रतिशत से ज्यादा आबादी को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा था।, भुखमरी और बेरोजगारी से परेशान होकर लाखों लोगों ने देश छोड़ने का फैसला किया। अनुमान है कि अब तक 70 लाख से अधिक लोग वेनेजुएला से पलायन कर चुके हैं, जो इसे आधुनिक समय के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बनाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारतीय रुपये के मुकाबले बोलिवर की स्थिति</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर भारतीय रुपये की तुलना वेनेजुएला की मुद्रा से की जाए, तो रुपया बोलिवर के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत नजर आता है। वर्ष 2025 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 भारतीय रुपया लगभग 3.22 वेनेजुएला बोलिवर के बराबर है। इस हिसाब से यदि कोई व्यक्ति भारत के 10,000 रुपये वेनेजुएला में बदलवाता है, तो उसे करीब 32,000 से 32,500 बोलिवर मिल सकते हैं। हालांकि, कागजों में यह रकम बड़ी दिखती है, लेकिन हकीकत यह है कि अत्यधिक महंगाई के कारण इन पैसों से वहां ज्यादा खरीदारी संभव नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">वेनेजुएला का मुद्रा संकट इस बात का उदाहरण है कि प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर उपलब्धता के बावजूद गलत आर्थिक नीतियां किसी भी देश को गहरे संकट में धकेल सकती हैं। बोलिवर की गिरती कीमत वेनेजुएला की बदहाल अर्थव्यवस्था और आम जनता की परेशानियों की सच्ची तस्वीर पेश करती है। Indian Currency In Venezuela</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ग्राम कुतुबपुर में 18 लाख की लागत से बने बहुउद्देशीय पंचायत भवन का भव्य लोकार्पण" href="http://10.0.0.122:1245/grand-inauguration-of-the-multipurpose-panchayat-bhawan-constructed-at-a-cost-of-rs-eighteen-lakh-in-village-qutubpur/">ग्राम कुतुबपुर में 18 लाख की लागत से बने बहुउद्देशीय पंचायत भवन का भव्य लोकार्पण</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/indian-currency-in-venezuela/article-80069</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 14:31:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>INR Today: भारतीय रुपया पहली बार रिकॉर्ड गिरावट के साथ 90 के निचले स्तर पर!</title>
                                    <description><![CDATA[Indian Rupee Update: नई दिल्ली। बुधवार, 3 दिसंबर को भारतीय रुपया मनोवैज्ञानिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 90 के स्तर से नीचे फिसल गया और इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। विशेषज्ञों के अनुसार व्यापार से जुड़े प्रवाह में कमी, पोर्टफोलियो निवेश की सुस्ती तथा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्टता के अभाव ने मुद्रा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indian-rupee-falls-below-90-for-the-first-time-in-a-record-low/article-78844"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/indian-currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Indian Rupee Update: नई दिल्ली। बुधवार, 3 दिसंबर को भारतीय रुपया मनोवैज्ञानिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 90 के स्तर से नीचे फिसल गया और इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया। विशेषज्ञों के अनुसार व्यापार से जुड़े प्रवाह में कमी, पोर्टफोलियो निवेश की सुस्ती तथा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्टता के अभाव ने मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव डाला है। INR Today</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को रुपया अपने पुराने रिकॉर्ड 89.9475 को पार करते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.13 के स्तर तक कमजोर हो गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। रुपये की इस बड़ी गिरावट का असर घरेलू शेयर बाज़ार पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जहां निफ्टी 50 26,000 अंक से नीचे चला गया और सेंसेक्स लगभग 200 अंक टूट गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार के अनुसार, “लगातार गिर रहा रुपया बाज़ार में वास्तविक चिंता का विषय बन गया है। आरबीआई द्वारा हस्तक्षेप न किए जाने के कारण मुद्रा के और कमजोर होने की आशंका बनी हुई है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बेहतर कॉर्पोरेट आय और मज़बूत GDP वृद्धि के बावजूद बिकवाली करने को मजबूर हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, जो संभवतः इसी माह हो सकता है, रुपये की गिरावट को रोक सकता है और स्थिति बदल भी सकती है। “हालाँकि अंतिम परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि समझौते में भारत पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) की शर्तें क्या होंगी।” INR Today</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अस्वीकरण</strong></p>
<p style="text-align:justify;">समाचार में दी गई जानकारी विभिन्न विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्मों की हैं, सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है। निवेशक किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें, क्योंकि बाज़ार की परिस्थितियाँ तेजी से बदल सकती हैं और निवेश जोखिमपूर्ण हो सकता है। INR Today</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 09:59:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>China Currancy to Indian Currency: इंडिया के 100 रुपए जिनपिंग के चीन में जाकर कितने हो जाते हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[china currancy to Indian currency exchange rate: (सच कहूं/अनु सैनी)। चीन एशिया में स्थित एक ऐसा देश हैं, जहां दुनिया की दुसरी सबसे बड़ी आबादी रहती हैं, वहीं अगर इसकी मुद्रा की बात करें तो यहां की मुद्रा को 2 नामों से जाना जाता हैं, चीनी युआन और रेनमिनबी, जिसका अनुवाद ‘’लोगों की मुद्रा’’ होता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/china-currancy-to-indian-currency-exchange-rate/article-76093"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/china-currancy-to-indian-currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>china currancy to Indian currency exchange rate: (सच कहूं/अनु सैनी)।</strong> चीन एशिया में स्थित एक ऐसा देश हैं, जहां दुनिया की दुसरी सबसे बड़ी आबादी रहती हैं, वहीं अगर इसकी मुद्रा की बात करें तो यहां की मुद्रा को 2 नामों से जाना जाता हैं, चीनी युआन और रेनमिनबी, जिसका अनुवाद ‘’लोगों की मुद्रा’’ होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं चीनी मुद्रा दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्तियो में से एक की अर्थव्यवस्था को परिभाषित करती हैं, वहीं सवाल ये उठता हैं कि भारत का एक रुपया चीन के कितने रुपये के बराबर है? तो चलिए आज हम अपने लेख में आपको इस सवाल का जवाब देते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/the-moss-accumulated-in-the-water-tank-will-now-be-cleaned-in-minutes-just-do-this-work/">Pani Ki Tanki Kaise Saaf Kare: पानी की टंकी में जमी काई अब मिनटों में होगी साफ, बस करें ये काम….</a></p>
<p style="text-align:justify;">जैसे की सभी जानते हैं कि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश हैं, इसकी करेंसी का नाम युआन हैं. बता दें कि चीन का 10 जियाओ या फिर 100 फेन का 1 युआन चीनी मुद्रा होता हैं। वहीं चीनी भाषा में युआन का अर्थ है, ‘’गोल वस्तु या गोल सिक्का’’ चीनी मुद्रा के वित्तीय प्रबंधन का काम पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना करता हैं। जानकारी के लिए बता दें कि आज 23 सितंबर 2025 को, भारत का 1 रुपया लगभग 0.0805 चीनी युआन (CNY) के बराबर है, यानी 1 रुपये में 0.0805 युआन होते हैं। यह विनिमय दर स्थिर नहीं होती और बाज़ार में उतार-चढ़ाव के साथ बदल सकती है। 50 रुपये के लगभग 4.025 युआन होंगे। 100 रुपये के लगभग 8.05 युआन होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 16:53:19 +0530</pubDate>
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                <title>Indian Currency: इजराइल और ईरान युद्ध के बीच भारतीय रुपये ने कर दिया कमाल</title>
                                    <description><![CDATA[Indian Currency:मुंबई (एजेंसी)। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौते की घोषणा के बाद दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के लुढ़कने की बदौलत अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 74 पैसे मजबूत होकर 86.05 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 86.79 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/indian-rupee-did-wonders-during-the-war-between-israel-and-iran/article-72567"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/indian-currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Indian Currency:मुंबई (एजेंसी)।</strong> इजराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौते की घोषणा के बाद दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के लुढ़कने की बदौलत अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 74 पैसे मजबूत होकर 86.05 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 86.79 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था। कारोबार की शुरूआत में रुपया 72 पैसे की बढ़त के साथ 86.07 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और सत्र के दौरान आयातकों एवं बैंकरों की डॉलर बिकवाली की बदौलत 85.92 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, लिवाली होने से यह 86.27 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़क गया। अंत में पिछले दिवस के 86.79 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में 74 पैसे मजबूत होकर 86.05 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 12:44:11 +0530</pubDate>
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                <title>Indian Currency: आजादी के 20 सालों बाद नोटों पर कैसे आई गांधीजी की तस्वीर? पढ़िए क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[Gandhi on Indian Currency: हम सभी लोग रोज की खरीदारी में नोटों का इस्तेमाल करते हैं, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी इन नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो होती हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को ये बात मालूम होंगी कि आखिर कैसे और क्यों, कब महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय करेंसी पर आई। हालांकि ये […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/gandhi-on-indian-currency/article-58383"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/indian-currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Gandhi on Indian Currency: हम सभी लोग रोज की खरीदारी में नोटों का इस्तेमाल करते हैं, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी इन नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो होती हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को ये बात मालूम होंगी कि आखिर कैसे और क्यों, कब महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय करेंसी पर आई। हालांकि ये बात हैरान करने वाली हैं कि आजादी के कई सालों बाद महात्मा गांधी की फोटो भारतीय नोटों यानी कागज पर मुद्रित भारतीय करेंसी पर आया। ये काम आजादी के 22 साल बाद जाकर हो पाया, वो भी केवल एक रुपये के नोट पर… भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट के मुताबित भारत सरकार ने पहली बार 1949 में एक रुपये के नोट का नया डिजाइन तैयार किया, और अब आजाद भारत के लिए एक चिह्न को चुना जाना था। Indian Currency</p>
<h4 style="text-align:justify;">शुरुआत में छपी थी अशोक की लाट | Indian Currency</h4>
<p style="text-align:justify;">शुरुआत में तो यही माना जा रहा था कि ब्रिटेन के राजा की जगह नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर लगेगी और इसके लिए डिजाइन भी तैयार कर लिए गए थे, लेकिन आखिर में सहमति इस बात पर बना कि महात्मा गांधी की तस्वीर के बजाय करेंसी नोट पर अशोक स्तंभ या अशोक की लाट की फोटो को छापा जाना चाहिए, तब इस बात पर सहमति नहीं बन पाई थी, कि महात्मा गांधी के फोटो को भारतीय नोटों पर छापा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं इसके अलावा करेंसी नोट के डिजाइन में बहुत बदलाव नहीं किए गए थे, साल 1950 में भारतीय गणराज्य में पहली बार 2,5,10 और 100 रुपये के नोट जारी किए गए, उस पर महात्मा गांधी का फोटो नहीं था, पहली बार महात्मा गांथी का चित्र एक रुपये के नोट पर आया था, लेकिन उन पर नोटों की पूरी सीरीज आजादी के 49 साल बाद जारी हुई।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/due-to-severe-heat-wave-school-holidays-have-been-extended-in-these-states/">Schools Closed: भीषण गर्मी के प्रकोप के कारण इन राज्यों में बढ़ी स्कूलों की छुट्टियां, पढ़ें कब खुलेंगे स्कूल</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">पहली बार कब नोट पर आए गांधी? Indian Currency</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि महात्मा गांधी पहली बार 1969 में नोट पर नजर आए, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 1969 में एक रुपये का नोट महात्मा गांधी की फोटो के साथ जारी किया, ये काम RBI ने महात्मा गाधी 100 वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर किया था, इसमें महात्मा गांधी को बैठे हुए दिखाया गया था और पृष्ठभूमि में सेवाग्राम आश्रम था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गांधी के चित्र के साथ निकला 500 का नोट</h3>
<p style="text-align:justify;">18 साल बाद फिर RBI ने एक और नोट पर महात्मा गांधी की फोटो प्रकाशित की, ये 1987 में आया 500 रुपये का नोट था, हालांकि इस नोट को 1996 में RBI ने बंद कर दिया था, लेकिन 1996 में रिजर्व बैंक ने महात्मा गांधी के चित्र के साथ नोटों की नई सीरीज छापी, इसमें सभी नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर अंकित थी, महात्मा गांधी सीरीज के ये नोट नए सुरक्षा फीचर्स के साथ छापे गए थे, इसके वॉटरमार्क भी बदल गए थे,इस नोट में ऐसे फीचर शामिल किए गए कि दृष्टिहीन लोग भी इसकी पहचान आसानी से कर लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कब उठी ती गांधी का फोटो नोटों से हटाने की बात</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि साल 2014 में महात्मा गांधी की तस्वीर नोटों से हटाने की बात उठी थी, लेकिन उस समय वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने ऐसी अफवाह को खारिज कर दिया था। जेटली ने लोकसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि रिजर्व बैंक पैनल ने तय किया है कि बैंक नोटो पर महात्मा गांधी के अलावा किसी अन्य नेता की तस्वीर नहीमं लगाएगा, क्योंकि इस देश को महात्मा गांधी के अलावा कोई अन्य शख्सियत बेहतर तरीके से प्रस्तुत नहीं करती, महात्मा गांधी को देश राष्ट्र पिता के रूप में भी मानता हैं, इसलिए उनकी तस्वीर को लेकर विवाद की कोई गुंजाइश नहीं रही।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कहां से लिया गया गांधी का ये फोटो</h3>
<p style="text-align:justify;">महात्मा गांधी का ये फोटो जो भारतीय करेंसी पर अंकित है, वो कोई कैरिकेचर नहीं है, बल्कि एक मूल फोटो से लिया गया कटआउट है। ये तस्वीर 1946 में राष्ट्रपति भवन के बाहर की हैं, उनके साथ इस चित्र में ब्रिटिश नेता लार्ड फ्रेडरिक विलियम पैटिक लारेंस भी थे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 11:36:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Indian Currency in Japan: भारत के कितने रुपये के बराबर होता है 500 जापानी येन? जानकर चौंक जाएंगे!</title>
                                    <description><![CDATA[Indian Currency in Japan: जापान एक ऐसा देश है, जिसे 4 बड़े और अनेक छोटे महाद्वीपों का एक समूह माना जाता है। वहीं भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों के लोग यहां घूमने के लिए आते जाते रहते है, इतना ही नहीं भारत के काफी लोग यहां पर अपने रोजगार के रूप में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/500-japanese-yen-is-equal-to-how-many-indian-rupees-you-will-be-shocked-to-know/article-56314"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/japanees-yen.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Indian Currency in Japan: जापान एक ऐसा देश है, जिसे 4 बड़े और अनेक छोटे महाद्वीपों का एक समूह माना जाता है। वहीं भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों के लोग यहां घूमने के लिए आते जाते रहते है, इतना ही नहीं भारत के काफी लोग यहां पर अपने रोजगार के रूप में काम कर रहें हैं। वहीं ऐसे में अब काफी लोगों का यह भी सवाल रहता हैं, कि भारत का 1 रुपाया जापान में कितने रुपये के बराबर होगा, और कुछ लोगों के मन में ये भी सवाल रहता है कि भारत में जापान का 100,200 या फिर 500 रुपये कितने रुपये के बराबर होगें? तो आइए इस बारे में आज हम आपको विस्तार से बताते हैं। Japanese Yen</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, यह दुनिया का 11वां सबसे बड़ा अधिक जनसंख्या वाला देश है, यहां पर भारत की तरह रुपया और अमेरिका की तरह डॉलर नहीं बल्कि जापान का अपना खुद का मुद्रा येन चलता है, आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिकी डॉलर और विदेशी मुद्रा बाजार में यह तीसरी सबसे बड़ी अधिक विनियम वाली मुद्रा मानी जाती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जापान का 500 का नोट भारत में कितना होंगा?</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि, जापान का एक येन भारत में 0.560 के बराबर होता है, इस तरह जापान का 500 येन भारत में 281.31 की बराबर होता है, इतना ही नहीं यहां पर 1,5,10.50 और 100 के साथ-साथ 500 येन के भी सिक्के चलते हैं। Japanese Yen</p>
<p><a title="LPG Gas Cylinder: ‘‘500 रुपये में मिलेगा रसोई गैस सिलेंडर!’’" href="http://10.0.0.122:1245/you-will-get-lpg-cylinder-for-rs-500/">LPG Gas Cylinder: ‘‘500 रुपये में मिलेगा रसोई गैस सिलेंडर!’’</a></p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Apr 2024 12:56:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>World Strongest Currency: इस करेंसी के सामने डॉलर पाउंड सब फेल, भारतीय कुवैत में क्यों जाते है, इसका भी कारण  जानें&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[World’s Strongest Currency List:  डॉ. संदीप सिंहमार। वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थितियों, भू-राजनीतिक घटनाओं और बाजार ताकतों जैसे विभिन्न कारकों के कारण विनिमय दरों में दैनिक उतार-चढ़ाव हो सकता है। मुद्रा तुलना पर नवीनतम जानकारी के लिए वास्तविक समय विनिमय दरों की जांच करना या वित्तीय विशेषज्ञ से समय-समय पर परामर्श करना आवश्यक है। हम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/dollar-pound-all-failed-in-front-of-this-currency/article-55636"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/world-strongest-currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">World’s Strongest Currency List:  <strong>डॉ. संदीप सिंहमार।</strong> वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थितियों, भू-राजनीतिक घटनाओं और बाजार ताकतों जैसे विभिन्न कारकों के कारण विनिमय दरों में दैनिक उतार-चढ़ाव हो सकता है। मुद्रा तुलना पर नवीनतम जानकारी के लिए वास्तविक समय विनिमय दरों की जांच करना या वित्तीय विशेषज्ञ से समय-समय पर परामर्श करना आवश्यक है। हम हमेशा खासतौर हमारे देश का विपक्ष भारत देश की करेंसी रुपए को हमेशा डॉलर के मुकाबले आंकता रहता है। इसको लेकर समय-समय पर बयान बाजी कर भारतीय लोगों का मनोबल कमजोर करते रहते हैं,लेकिन हमें यह भी याद रहना चाहिए कि हमारे रुपए को विश्व में जितना कमजोर माना जा रहा है,उतना कमजोर नहीं है। World Strongest Currency</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/sinking-cities/">Sinking Cities: आने वाले समय में पानी में डूब जाएगें दुनिया के ये शहर, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा</a></p>
<p style="text-align:justify;">हमारे पड़ोसी देशों के साथ-साथ कुछ देश ऐसे भी हैं, जिनसे हमारा रुपया वर्तमान में भी ताकतवर है। ऐसे देशों में जाकर व्यापार करने से हमें उनकी एक करेंसी के बराबर हजारों रुपए मिल सकते हैं तो सिर्फ भारतीय करेंसी की तुलना डॉलर या पाउंड से ही क्यों जाती है? कभी भी कुवैत दिनार से क्यों नहीं की जाती? क्योंकि भारत के लाखों की संख्या में लोग कुवैत में अपना व्यापार या काम करने के लिए जाते हैं और वहां से कुवैती दिनार कमाकर जब भारत लौटते हैं तो वह लखपति नहीं करोड़पति बन जाते हैं। हम इसी पॉजिटिविटी को लेकर आज आपके सामने यह लेख प्रस्तुत कर रहे हैं। भारत मे जब भी कभी जिक्र आता है आमतौर पर रुपये की तुलना ज्यादातर डॉलर (Dollar) से ही होती है। डॉलर के साथ-साथ ब्रिटिश पाउंड को भी करेंसी के मामले में अहमियत दी जाती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/when-is-eating-figs-beneficial-and-when-is-it-harmful-know-complete-information/#google_vignette">Right Way to Eat Anjeer: अंजीर कब खाना है फायदेमंद और कब नुकसानदायक? जानें पूरी जानकारी</a></p>
<p style="text-align:justify;">हमेशा सुनते रहते हैं कि डॉलर के मुकाबले रुपया इतना रहा। हालांकि जब किसी देश की मुद्रा की कीमत कमजोर होती है तो उसके कई नुकसान भी सामने आते हैं। पर इस संभावित नुकसान को विदेशी व्यापार के साथ तालमेल किया जा सकता है। लेकिन क्या आपको पता है दुनिया की सबसे शक्तिशाली मुद्रा कौन सी है? वह है कुवैती दीनार। कुवैती दीनार के बदले भारत में कितने रुपये मिलेंगे यह सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। जब कुवैती दीनार की राष्ट्रीय कीमत आपको पता चलेगी तो सो पाएंगे कि भारतीय रुपए की तुलना सिर्फ डॉलर या पाउंड से ही नहीं करनी चाहिए बल्कि कुवैती दिनार से भी की जा सकती है। दुनिया की सबसे ज्यादा ताकतवर करेंसी अमेरिका या ब्रिटेन की न होकर एक मुस्लिम देश की है। कुवैती दीनार की कुछ खासियत आज हम आपको बताने जा रहे हैं। खाड़ी देश कुवैत की मुद्रा KWD ही दुनिया की सबसे शक्तिशाली करेंसी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">10 हजार कुवैती मुद्रा कमाने से मिलते हैं करीब 26 लाख रुपए | World Strongest Currency</h3>
<p style="text-align:justify;">कुवैत की मुद्रा यानी कुवैती दीनार के बदले भारत के कितने रुपये मिलेंगे यह आपको बता देते हैं। अगर इसके 1 कुवैती दीनार की कीमत देखें तो भारत के करीब 269.60 रुपये के समान है। इसका मतलब अगर आप 10000 दस हजार कुवैती दीनार कमा लेते हैं तो भारत में उसके आपको 2,69,5980.37 रुपये मिल जाएंगे। यानी 10000 कुवैती दीनार के बदले भारत के लगभग 26 लाख रुपये मिलेंगे। यही वजह है कि खाड़ी देशों में सबसे ज्यादा भारतीय कुवैत में कमाने जाते हैं। वे लोग अच्छे खासे धनवान भी बनते है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यह भी है सबसे बड़ा कारण | World Strongest Currency</h4>
<p style="text-align:justify;">कुवैत देश की मुद्रा कुवैती दीनार के सबसे ताकतवर होने की खास कारण जानकर आप हैरान हो सकते हैं। कारण यह है कि कुवैत में तेल का अथाह भंडार पाया जाता है। यही वजह है कि तेल का व्यापार करके यह देश पूरी दुनिया में कुवैती दीनार की ताकत बनाए हुए है। यह भी आपको पता होगा कि कुवैत का तेल पूरी दुनिया में निर्यात किया जाता है। इस वजह से कुवैती दीनार ने ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर को भी पीछे छोड़ रखा है। कुवैत के दिनार की पूरे विश्व में बादशाहत कायम है। इसके बावजूद भी इसका जिक्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय समाचारों में कम देखने को मिलता है। हमेशा भारतीय रुपए की तुलना सिर्फ और सिर्फ डालर से ही की जाती है। कुवैत में भारतीय कामगार बहुत पैसा कमाते हैं। यहां साल में एक बार आकर वे अपने परिवार से मिलकर वापस कुवैत चले जाते हैं। कुवैती दीनार की जबरदस्त वैल्यू ने कुवैत की इकोनॉमी को बहुत ज्यादा सहारा दिया है। इसी सहारे से व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/pm-kisan-samman-nidhi/#google_vignette">PM-Kisan Samman Nidhi: करोड़ों किसानों को मोदी सरकार इस दिन देगी खुशखबरी? खाते में आएंगे पैसे, जानें…</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">इन देशों से मजबूत है भारतीय रुपया</h3>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा विनिमय दरों के अनुसार, भारतीय रुपया (INR) दुनिया भर के कई देशों की मुद्राओं से अधिक मजबूत है। कुछ देश जिनकी मुद्राएँ भारतीय रुपये से कमज़ोर हैं उनमें हमारे पड़ोसी देशों के साथ-साथ कुछ दूर के देश भी हैं जहां हमारे रुपए की वैल्यू ज्यादा मिलती है। नेपाली रुपया (एनपीआर) नेपाल की मुद्रा भारतीय रुपये से कमजोर है। बांग्लादेशी टका (बीडीटी): बांग्लादेश की मुद्रा का मूल्य भारतीय रुपये की तुलना में कम है।पाकिस्तानी रुपया (पीकेआर): विनिमय दर मूल्य के मामले में पाकिस्तानी रुपया भारतीय रुपये से कमजोर है। श्रीलंकाई रुपया (LKR): भारतीय रुपये की तुलना में श्रीलंका की मुद्रा भी कमजोर है। वियतनामी डोंग (वीएनडी): वियतनामी मुद्रा भारतीय रुपये से कमजोर है।इंडोनेशियाई रुपिया (आईडीआर): इंडोनेशियाई मुद्रा भारतीय रुपये से कमजोर मुद्रा का एक और उदाहरण है।<br />
नाइजीरियाई नायरा (एनजीएन): भारतीय रुपये की तुलना में नाइजीरियाई मुद्रा कमजोर है। बहुत ध्यान रहे कि किसी भी की करेंसी उसकी जनसंख्या घनत्व व अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी निर्भर करती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Mar 2024 13:21:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Indian Currency: अगर आप 2000 रुपये का नोट बदलने जा रहे हैं बैंक तो जान लें छुट्टियों का अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[Rs 2000 Note: अगर आप दो हजार रुपये के नोट बैंक (bank holidays) में बदलने या जमा करने जा रहे हो तो यह खबर आपके लिए है। आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट जमा करने या बदलने के लिए 4 महीने का समय दिया था। इसकी जमा करने के अंतिम तिथि 30 सितंबर 2023 है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/if-you-are-going-to-change-2000-rupee-note-in-the-bank-then-know-the-holiday-update/article-51169"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/indian-currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Rs 2000 Note: अगर आप दो हजार रुपये के नोट बैंक (bank holidays) में बदलने या जमा करने जा रहे हो तो यह खबर आपके लिए है। आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट जमा करने या बदलने के लिए 4 महीने का समय दिया था। इसकी जमा करने के अंतिम तिथि 30 सितंबर 2023 है। इसलिए आप अभी भी आगामी माह में जमा करने का इरादा रखते हैं तो सावधान रहें। आप अपने राज्य में बैंक जाने से पहले बैंक छुट्टियों की जांच कर लें। Indian Currency</p>
<h3><strong>अगस्त</strong><strong> 2023 </strong><strong>महीने</strong> <strong>में</strong> <strong>बैंक</strong> <strong>छुट्टियों</strong> <strong>की</strong> <strong>सूची</strong> <strong>इस</strong> <strong>प्रकार</strong> <strong>है</strong><strong>: Indian Currency</strong></h3>
<table width="550">
<tbody>
<tr>
<td><strong>तारीख</strong><strong> </strong></td>
<td><strong>दिन</strong><strong> </strong></td>
<td><strong>छुट्टी</strong><strong> </strong></td>
<td><strong>में</strong> <strong>मनाया</strong> <strong>गया</strong><strong> </strong></td>
</tr>
<tr>
<td>8 अगस्त 2023</td>
<td>मंगलवार</td>
<td>टेंडोंग लो रम फाट</td>
<td>सिक्किम</td>
</tr>
<tr>
<td>12 अगस्त 2023</td>
<td>दूसरा शनिवार</td>
<td>दूसरा शनिवार</td>
<td>देश भर में</td>
</tr>
<tr>
<td>15 अगस्त 2023</td>
<td>मंगलवार</td>
<td>स्वतंत्रता दिवस</td>
<td>देश भर में</td>
</tr>
<tr>
<td>16 अगस्त 2023</td>
<td>बुधवार</td>
<td>पारसी नव वर्ष</td>
<td>देश भर में</td>
</tr>
<tr>
<td>26 अगस्त 2023</td>
<td>चौथा शनिवार</td>
<td>चौथा शनिवार</td>
<td>देश भर में</td>
</tr>
<tr>
<td>28 अगस्त 2023</td>
<td>सोमवार</td>
<td>पहला ओणम</td>
<td>केरल</td>
</tr>
<tr>
<td>29 अगस्त 2023</td>
<td>मंगलवार</td>
<td>तिरुवोनम</td>
<td>केरल</td>
</tr>
<tr>
<td>30 अगस्त 2023</td>
<td>बुधवार</td>
<td>रक्षाबंधन</td>
<td>देश भर में</td>
</tr>
<tr>
<td>30 अगस्त 2023</td>
<td>बुधवार</td>
<td>झूलन पूर्णिमा</td>
<td>ओडिशा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2 class="ui header" style="text-align:justify;">सितंबर 2023 में छुट्टियों की सूची | Indian Currency</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सितंबर 2023 के महीने में मनाए जाने वाले क्षेत्रीय त्यौहार तारीख और दिन के साथ नीचे दी गई तालिका में सूचीबद्ध हैं:</strong></p>
<div class="hfm-table">
<table class="ui celled striped structured table">
<tbody>
<tr>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">तारीख</td>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">दिन</td>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">छुट्टी</td>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">में मनाया गया</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">7 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">जनमाष्टमी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">भारत के कई राज्य</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">17 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">रविवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">हरतालिका तीज</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सिक्किम, छत्तीसगढ़</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">19 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">मंगलवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गणेश चतुर्थी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">कई राज्य</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">20 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">बुधवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गणेश चतुर्थी की छुट्टियाँ</td>
<td colspan="1" rowspan="1">कई राज्य</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">20 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">बुधवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">नौखाई</td>
<td colspan="1" rowspan="1">ओडिशा</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">21 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">श्री नारायण गुरु समाधि</td>
<td colspan="1" rowspan="1">केरल</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">23 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">शनिवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">वीरों का शहादत दिवस</td>
<td colspan="1" rowspan="1">हरयाणा</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">25 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सोमवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">रामदेव जयंती</td>
<td colspan="1" rowspan="1">राजस्थान Rajasthan</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">25 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सोमवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">तेजा दशमी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">राजस्थान Rajasthan</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">28 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">इंद्र जात्रा</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सिक्किम</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">28 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">ईद-ए-मिलाद</td>
<td colspan="1" rowspan="1">कई राज्य</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">29 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">शुक्रवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">ईद-ए-मिलाद के बाद छुट्टी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">कई राज्य</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">29 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">शुक्रवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">श्री गुरु नारायण जयन्ती</td>
<td colspan="1" rowspan="1">केरल</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h3 class="ui header" style="text-align:justify;">जानें, सितंबर 2023 में बैंक छुट्टियों की सूची<br />
सितंबर 2023 के माह में नीचे दिए गए दिनों में भी बंद रहेंगे।</h3>
<div class="hfm-table">
<table class="ui celled striped structured table">
<tbody>
<tr>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">तारीख</td>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">दिन</td>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">छुट्टियां</td>
<td class="highlight" colspan="1" rowspan="1">राज्य/केंद्र शासित प्रदेश</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">7 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">जनमाष्टमी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">भारत के कई राज्य</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">19 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">मंगलवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गणेश चतुर्थी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">पूरे भारत में</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">21 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">श्री नारायण गुरु समाधि</td>
<td colspan="1" rowspan="1">केरल</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">23 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">शनिवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">वीर शहीद दिवस</td>
<td colspan="1" rowspan="1">हरयाणा</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">23 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">शनिवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">चौथा शनिवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">पूरे भारत में</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">25 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सोमवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">रामदेव जयंती</td>
<td colspan="1" rowspan="1">राजस्थान Rajasthan</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">25 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सोमवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">तेजी दशमी</td>
<td colspan="1" rowspan="1">राजस्थान Rajasthan</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">28 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">इंद्र जात्रा</td>
<td colspan="1" rowspan="1">सिक्किम</td>
</tr>
<tr>
<td colspan="1" rowspan="1">28 सितंबर 2023</td>
<td colspan="1" rowspan="1">गुरुवार</td>
<td colspan="1" rowspan="1">ईद-ए-मिलाद</td>
<td colspan="1" rowspan="1">भारत के कई राज्य</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h3 style="text-align:justify;">88 प्रतिशत दो हजार के नोट वापस आए | Rs 2000 Note</h3>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई ने बताया कि 19 मई 2023 के बाद 88 प्रतिशत 2000 रुपये के नोट वापस आ चुके हैं। इनकी कुल वेल्यू 3.14 लाख करोड़ रुपये है। इसके बाद अब मार्केट में 0.42 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट ही बचे हैं। जून माह में रिजर्व बैंक ने जो डाटा दिया था उसके अनुसार 2.72 लाख करोड़ की कमत के दो हजार रुपये के नोटों की वापसी हो चुकी थी व 84 हजार करोड़ रुपये के नोट लोगों के पास मौजूद थे, लेकिन एक माह में ये आंकड़ा आधा रह गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">42 हजार करोड़ के नोट अब भी दबाए बैंठे हैं? 2000 Rupees Note</h3>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार अब भी 42 हजार करोड़ रुपये मूल्य के दो हजार के नोट ऐसे हैं, जो बाजार में हैं। अगर इस अमाउंट को गड्डियों के हिसाब से देखें तो दो हजार रुपये के कुल 21 लाख गड्डियां अभी सर्कुलेशन में हैं। जाहिर है कि एक गड्डी में सौ नोट होते हैं। आपको बता दें कि 31 मार्च 2023 तक देश में लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के दो हजार रुपये के नोट चलन में मौजूद थे। इनमें से 31 जूलाई 2023 तक कुल 3.14 लाख करोड़ रुपये के नोटों की वापसी हो चुकी है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/attention-have-you-come-across-a-fake-200-note-somewhere/">Fake Currency: सावधान! कहीं 200 का नकली नोट आपके पास तो नहीं आ गया!</a></p>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/if-you-are-going-to-change-2000-rupee-note-in-the-bank-then-know-the-holiday-update/article-51169</link>
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                <pubDate>Sun, 13 Aug 2023 17:48:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>500 rupee note: 2 हजार के बाद अब 500 के नोटों पर आई बड़ी अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। देश में भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 मई 2023 (500 rupee note) को 2 हजार रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला किया। भारत के तमाम बैंकों में इनकी वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। वहीं आरबीआई की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 500 रुपये […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rbi-gave-big-information-on-five-hundred-notes/article-48347"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/500-rupee-note.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश में भारतीय रिजर्व बैंक ने 19 मई 2023 (500 rupee note) को 2 हजार रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला किया। भारत के तमाम बैंकों में इनकी वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। वहीं आरबीआई की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 500 रुपये के नोटों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">दो हजार के नोटों को बदलने के लिए दी गई 30 सितंबर (500 rupee note) की मियाद पूरी होने से पहले ही केन्द्रीय बैंक के सामने पांच सौ रुपये के नोटों से जुड़ी ये मुश्किल सामने आ गई है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2023 में 500 रुपये के लगभग 91,110 नकली नोट पकड़े गए। ये संख्या पिछले साल की तुलना में 14.6% अधिक हैं। 500 रुपये के नकली नोटों की लगातार तेजी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2021 में 500 रुपये के 39,453 नकली नोट, वित्त वर्ष 2022 में 76,669 और वित्त वर्ष 2023 में 91,110 नकली नोट मिले हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/supreme-courts-big-comment-on-two-thousand-note/">2000 Rupee Note: 2000 नोट पर सुप्रीम कोर्ट की आई बड़ी टिप्पणी</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">रिपोर्ट से बढ़ी आरबीआई की मुश्किलें | 500 rupee note</h3>
<p style="text-align:justify;">एनुअल रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2023 में 500 रुपये के लगभग 91,110 नकली नोट पकड़े गए। ये संख्या पिछले साल की तुलना में 14.6% अधिक हैं। 500 रुपये के नकली नोटों की लगातार तेजी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2021 में 500 रुपये के 39,453 नकली नोट, वित्त वर्ष 2022 में 76,669 और वित्त वर्ष 2023 में 91,110 नकली नोट मिले हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है रिपोर्ट | 500 rupee note</h3>
<p style="text-align:justify;">एनुअल रिपोर्ट के अनुसार पांच सौ रुपये के नोट के अलावा दो हजार रुपये के नकली नोट भी बरामद हुए है। दो हजार रुपये के नकली नोटों की संख्या 28 प्रतिशत घटकर 9,806 नोट रह गई है। पांच सौ व दो हजार रुपये के नोटों के अलावा सौ, पचास, बीस, दस रुपये सबके नकली नोट पकड़े गए हैं। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार बैंकिंग क्षेत्र में पकड़े गए नकली नोटों की कुल संख्या 2,25,769 रही। जबकि पिछले वर्ष 2,30, 971 नकली नोट मिले थे। इस वर्ष पांच सौ रुपये के अलावा बीस रुपये के नकली नोटों में भी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2000 नोट पर आई बड़ी अपडेट, बैंक जाने से पहले चेक कर ले लिस्ट</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर आप बैंक में 2 हजार के नोटों की अदला-बदली करने जा रहे हो तो यह खबर आपके लिए है। जी हां! जानकारी के अनुसार आरबीआई के बैंक हॉलिडे लिस्ट के अनुसार, जून माह में 12 दिन बैंकों में कोई काम-काज नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार इन दिनों पर बैंक ब्रांचों में जारी 2 हजार रुपये के नोटों की अदला बदली की प्रक्रिया पर भी ब्रेक रहेगी। भारत के अलग-अलग राज्यों में होने वाले आयोजनों और त्यौहारों के मौके पर बैंकों में छुटिटयां एक राज्य से दूसरे राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं। गौरतलब है कि बीते 19 मई 2023 को 2,000 रुपये के गुलाबी नोटों को सकुर्लेशन से बाहर करने का ऐलान किया था। इन बंद किए गए नोटों को बदलने की प्रक्रिया 23 मई से शुरू हो गई है, जो कि 30 सितंबर तक जारी रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/rbi-gave-big-information-on-five-hundred-notes/article-48347</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2023 12:29:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जानिए! भारत में कब-कब हुई नोट बंदी </title>
                                    <description><![CDATA[भारत में पहले चलता था 5 हजार से 10 हजार तक का नोट नोटबंदी से बजाए फायदे के हो गए ये 5  नुकसान जाने नोटबंदी से क्या फायदे होने की थी उम्मीद, और क्या हुआ गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। रिजर्व बैंक ने नोटबंदी (Notebandi) से जुड़े अंतिम आंकड़े जारी करते हुए बताया था कि वि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/how-many-times-demonetisation-happened-in-india/article-47906"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/notebandi.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भारत में पहले चलता था 5 हजार से 10 हजार तक का नोट</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>नोटबंदी से बजाए फायदे के हो गए ये 5  नुकसान</li>
<li>जाने नोटबंदी से क्या फायदे होने की थी उम्मीद, और क्या हुआ</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)।</strong> रिजर्व बैंक ने नोटबंदी (Notebandi) से जुड़े अंतिम आंकड़े जारी करते हुए बताया था कि वि मुद्रित मुद्रा में से 10,700 करोड़ रुपये वापस बैंक में नहीं लौटे। इन आंकड़ों के आधार पर साफ है कि इन रुपयों के अलावा देश में मौजूद पूरा काला धन एक बार फिर बैंकिंग में प्रवेश कर चुका है।  लेकिन इसके साथ ही नोटबंदी से इन फायदों पर भी सवाल खड़ा हो गया। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के 8 नवंबर 2016 को लिए गए नोटबंदी के फैसले पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी आई। जहां केंद्र सरकार अपने दावे  डटी रही  कि नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा फायदा मिलने वाला है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="2000 रुपये के नोट बदलने को लेकर आई बड़ी खबर" href="http://10.0.0.122:1245/two-thousand-note/">2000 रुपये के नोट बदलने को लेकर आई बड़ी खबर</a></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली जुली प्रतिक्रिया के साथ कुछ संस्थाओं ने तीखी आलोचना भी की इस दौरान नोटबंदी के वास्तविक आंकड़े केन्द्रीय रिजर्व बैंक के पास एकत्र होते रहे और रिजर्व बैंक विमुद्रित की गई करेंसी की गिनती करती रही। रिजर्व बैंक ने नोटबंदी (Notebandi) से जुड़े अंतिम आंकड़े जारी करते हुए बताया था कि विमुद्रित मुद्रा में से 10,700 करोड़ रुपये वापस बैंकिंग प्रणाली में नहीं लौटे हैं।  इस धनराशि की जानकारी  आरबीआई की सालाना रिपोर्ट के आधार पर, आठ नवंबर, 2016 को घोषित नोटबंदी से पूर्व चलन में रहे विमुद्रित नोटों की 15.42 लाख करोड़ रुपये की राशि में से वापस बैंकिंग प्रणाली में लौटी 15.31 लाख करोड़ रुपये की राशि को घटाने के बाद सामने आई थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत में 3 बार नोटबंदी हुई !</h3>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई ने जनवरी 1938 में पहली पेपर करेंसी छापी, जो 5 रुपए की नोट थी। इस साल पहले 10 रुपए, 100 रुपए, 1,000 रुपए और 10,000 रुपए के नोट भी छापे गए थे। लेकिन आजादी से पूर्व भारत के वायसराय और गवर्नर जनरल सर आर्चीबाल्ड वेवेल ने 12 जनवरी 1946 को हाई करेंसी वाले बैंक नोटों को डिमॉनेटाइज करने का अध्यादेश लाने का प्रस्ताव दिया और 1000 और 10000 के नोट बंद किए गए। इसके बाद 1954 में फिर से 1000, 5000 और 10000 के नोटों की छपाई हुई। भारत में 5000 से 10000  के नोटों का प्रचलन 1954 से 1978 तक रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि 1978 में जनता पार्टी की सरकार में तत्कालीन पीएम मोरारजी देसाई की सरकार ने 5000 और 10000 के नोटों का सर्कुलेशन रोक दिया। उसके बाद  8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे भारत में संपूर्ण नोटबंदी की घोषणा भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था। उन्होंने 8 नवंबर की रात 8 बजे अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि आज रात आठ बजे के बाद भारत में प्रचलित 500 और 1000 रुपये के नोट प्रचलन से बाहर हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">500 और 1000 के नोट बंद कर दिए गए। और 2000 का नोट जारी किया गया था। लेकिन अब 19 मई 2023 को फिर से अचानक 2000 का नोट बंद करने का ऐलान कर दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) ने 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा कर दी है।  30 सितंबर के बाद यह नोट भी मान्य नहीं होगा। लोग एक बार में 2 हजार रुपये के केवल 10 नोट की बदल  पाएंगे। फिलहाल अब भारत में सबसे बड़ा नोट 500 का प्रचलन  में शायद जारी रहेगा। या भविष्य में भारत सरकार इसको भी बंद करने का एलान कर सकती है!</p>
<h3 style="text-align:justify;">नोटबंदी के क्या हुआ नुकसान और क्या फायदे होने की थी उम्मीद | (Notebandi)</h3>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए अर्थव्यवस्था को ठप किया है और असली काले धन पर कुछ नहीं किया है। काला धन अब भी विदेश जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नोटबंदी से हो गए ये 5 बड़े  नुकसान?</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">लुढ़क गई जीडीपी</li>
<li style="text-align:justify;">बढ़ गई बेरोजगारी</li>
<li style="text-align:justify;">बढ़ गया बैंकों का कर्ज</li>
<li style="text-align:justify;">नहीं बढ़ी सरकार की कमाई</li>
<li style="text-align:justify;">घट गई आम आदमी की सेविंग</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"> नोटबंदी से ये 10  फायदे होने की थी उम्मीद | (Notebandi)</h3>
<h5>1. भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की थी उम्मीद</h5>
<p style="text-align:justify;">देश में 500 और 1000 रुपये की प्रतिबंधित करेंसी कुल करेंसी की 85 फीसदी थी।  करीब  यह दोनों करेंसी देश में भ्रष्टाचार की पोशाक भी थी।  नोटबंदी के फैसले के बाद से ही भ्रष्टाचार के लिए इस करेंसी का इस्तेमाल रुक गया।  पुरानी करेंसी की जगह जारी हुई नई करेंसी को सरकार ने धीरे-धीरे और सभी सुरक्षा मापदंडों के सहारे बाजार में संचालित भी किया जिससे दोबारा अर्थव् अर्थव्यवस्था में काला धन एकत्र न होने पाए। लेकिन कोई उपाय काम नहीं आया।</p>
<h5>2. कैशलेस इकोनॉमी प्रचलित होगी</h5>
<p style="text-align:justify;"> कैश इकोनॉमी बनाने के लिए जरूरी था कि देश में ज्यादा से ज्यादा ट्रांजेक्शन  डिजिटल के माध्यमों से किया जाए।  इससे करेंसी पर देश की निर्भरता कम होगी और रिजर्व बैंक और अन्य बैंकों के साथ-साथ केन्द्र सरकार को करेंसी संचालन में कम खर्च करना पड़ेगा।  कैशलेस इकोनॉमी का फायदा सरकार के रेवेन्यू में इजाफे के साथ-साथ आम आदमी को भी होगा ,क्योंकि उसका पैसा  डिजिटल आदान-प्रदान में ज्यादा सुरक्षित रहेगा।</p>
<h5>3. नकली करेंसी पर लगेगी लगाम</h5>
<p style="text-align:justify;">देश में सीमा पार से नकली करेंसी के प्रवाह की गंभीर समस्या थी।  नकली करेंसी जिसके हाथ पहुंचती थी उसे उतने मूल्य का तुरंत नुकसान उठाएं पड़ता था।<br />
वहीं सरकार को भी इसके रोकथाम के लिए बड़े नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता था।  करेंसी का कम इस्तेमा तेल (डिजिटल पेमेंट) और बड़े डिनॉमिनेशन की करेंसी से एक झटके में देश से नकली करेंसी साफ हो चुकी है।  लिहाजा उम्मीद थी कि नई करेंसी के सुरक्षा मानक ज्यादा पुख्ता होने से अगले कई वर्षों तक अर्थव् अर्थव्यवस्था नकली करेंसी से सुरक्षित रहेगी।</p>
<h5>4. रियल एस्टेट सेक्टर पारदर्शी होने की थी उम्मीद</h5>
<p style="text-align:justify;">नोटबंदी के बाद सबसे बड़ा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर में होना था।  बीते कई दशकों से रियल एस्टेट सेक्टर कालेधन के निवेश का सबसे बड़ा जरिया था।  इसके चलते कागजों पर प्रॉपर्टी की खरीद और वास्तविक खरीद में बड़ा अंतर  होना आम बात थी।  इससे जहां सरकार को स्टांप ड्यूटी  में बड़ा नुकसान होता था। वहीं आम आदमी को ब्लैक    न होने के चलते मकान खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।</p>
<h5>5. उम्मीद थी खत्म होगा काला धन</h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने दावा किया था कि नोटबंदी के फैसले से कालेधन के खिलाफ सामाजिक बदलाव लाने के काम को आसानी से किया जा सकेगा।  यह हकीकत है कि किसी भी अर्थव् अर्थव्यवस्था से कालाधन तब तक नहीं खत्म किया जा सकता जब तक सामाजिक स्तर पर इसका बहिष्कार न होने लगे।  अभी तक काले धन का निवेश प्रॉपर्टी और सोना-चांदी में किया जाता था। जिससे उनकी कीमत वास्तविक कीमत से हमेशा अधिक बनी रहती थी।  लिहाजा, नोटबंदी के बाद इन क्षेत्रों में कालेधन के इस्तेमाल पर रोक लगने की उम्मीद थी। लेकिन नहीं लग सकी।</p>
<h5>6.  उम्मीद थी बंद होगी समानांतर इकोनॉमी</h5>
<h5 style="text-align:justify;">कालेधन और भ्रष्टाचार का सहारा लेकर देश में हमेशा से एक समानांतर इकोनॉमी चलती थी।</h5>
<p style="text-align:justify;">देश में कोयला की खदान से लेकर सड़क किनारे चाय और सब्जी बेचने वाले इस समानांतर अर्थव्यवस्था में शामिल रहते थे। यहां ज्यादातर लोग देश की सकल घरेलू आय को नुकसान पहुंचाते हुए अपनी आर्थिक स्थिति गतिविधियों को चलाते थे. लिहाजा, नोटबंदी से डिजिटल पेमेंट की ओर रुझान और नोटबंदी से खत्म हुए काले धन  के साथ-साथ इस समानांतर इकोनॉमी को मुख्यधारा से  जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद थी।</p>
<h5>7. बढ़ेगा टैक्स बेस</h5>
<p style="text-align:justify;">देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि बड़े से बड़े और छोटे से छोटे ट्रांजैक्शन बैंकों  के पास दर्ज होंगे।  इन ट्रांजेक्शन  पर इनकम टैक्स विभाग की भी लगातार नजर रहेगी।  जब देश में ब्लैक इकोनॉमी का आधार नहीं रहेगा तो जाहिर है ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स का भुगतान करने के बाद ही अपनी खरीद-फरोख्त को पूरा  कर पाएंगे।  लिहाजा, नोटबंदी से उम्मीद थी कि केंद्र और राज्य सरकारों का रेवेन्यू तेजी  से बढ़ेगा।  उसका वित्तीय घाटा कम होगा और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए उसके पास पर्याप्त संसाधन रहेंगे।</p>
<h5>8. फाइनेंशियल सेविंग्स  में होगा इजाफा</h5>
<p style="text-align:justify;">नोटबंदी (Notebandi) के पहले तक देश में लोग अपनी सेविंग्स   को प्रॉपर्टी, सोना और ज्वैलरी में निवेश करते थे। जरूरत पड़ने पर लोग इसे ब्लैक मार्केट में बेचकर एक बार फिर करेंसी में बदल देते थे. नोटबंदी से पहले तक देश के 50 फीसदी से अधिक परिवार अपनी सेविंग्स  को इन्हीं तरीकों से बचाकर रखते थे। यहां निवेश हुआ अधिकांश पैसा  संभावित ब्लैकमेल  भी था।  लिहाजा उम्मीद थी कि नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट और सोना अपेक्षा के मुताबिक रिटर्न नहीं दे पाएंगे और आम आदमी इन माध्यमों में निवेश करने की जगह अपनी सेविंग्स को रखने के लिए एक बार फिर बैंकों  का रुख करेंगे। उम्मीद थी कि लॉन्ग सेविंग्स। बैंक डिमांड ड्राफ्ट और म्यूचयूअलचुफंड जैसे विकल्पों का अधिक सहारा लेंगे और यहां उन्हें सबसे सुरक्षित रिटर्न भी मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैंकों की कमाई बढ़ने की थी उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">नोटबंदी (Notebandi) से कालेधन पर लगाम के साथ-साथ तेजी ते से बढ़ते डिजिटल पेमेंट से नोटबंदी के बाद बैंकों  की कमाई में बड़ा इजाफा देखने की उम्मीद बंधी थी।  माना जा रहा था कि इस इजाफे के सहारे बैंक भी  अपना विस्तार करेंगे और ग्राहकों को लुभाने के लिए आसान और सस्ती बैंकिंग का रास्ता साफ करेंगे।  इसके साथ ही यह भी उम्मीद लगाई गई कि नोटबंदी से बैंकों   के पास एकत्रित हुई अकूत  दौलत उन्हें उनका घाटा पाटने में भी मदद करेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">10 सस्ता होगा कर्ज ये थी उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">उम्मीद की जा रही थी कि नोटबंदी (Notebandi) के बाद से बैंकों  को हो रहे फायदे का सीधा असर देश में ब्याज दरों पर पड़ना तय माना  जा रहा था। उम्मीद थी कि वित्तीय जगत में पारदर्शिता  के साथ-साथ बैंक अपना कारोबार फैलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कर्ज देने की कोशिश करेंगे।  यहां ग्राहकों को लुभाने के लिए वह कर्ज पर लगने वाले ब्याज दरों में बड़ी कटौती का ऐलान कर सकते हैं।  इससे देश में घर खरीदने, कार या स्कूटर खरीदने अथवा कारोबार के लिए कर्ज सस्ते दरों में मिलना शुरू हो जाएंगे। लेकिन सब उल्टा हो गया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 15:48:59 +0530</pubDate>
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                <title>71941 करोड़ की अघोषित संपत्ति जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[बड़े पैमाने पर की गई सर्चिंग | Undeclared Property नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि बीते 3 साल में 71 हजार 941 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति (Undeclared Property) मिली है। सरकार ने बताया कि ये पैसा इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट की बड़े पैमाने पर की गई सर्चिंग और सर्वे के दौरान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/income-tax-seized-undisclosed-property/article-2550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/indian-currency.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;"><strong>बड़े पैमाने पर की गई सर्चिंग | Undeclared Property</strong></h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि बीते 3 साल में 71 हजार 941 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति (Undeclared Property) मिली है। सरकार ने बताया कि ये पैसा इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट की बड़े पैमाने पर की गई सर्चिंग और सर्वे के दौरान मिला। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कोर्ट को बताया कि 9 नवंबर से 10 जनवरी तक नोटबंदी के दौरान 5400 करोड़ की अघोषित आय जमा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 303.367 किलो का सोना जब्त हुआ। सरकार ने 1 अप्रैल, 2014 से 28 फरवरी, 2017 तक की अघोषित आय का ब्यौरा दिया है। इसमें नोटबंदी का समय भी शामिल है। सरकार के सुप्रीम कोर्ट में दिए एफिडेविट के मुताबिक, “तीन सालों के दौरान आईटी डिपार्टमेंट ने 2,027 ग्रुप्स पर छापे मारे, जिसमें 36,051 करोड़ से ज्यादा की अघोषित आय बरामद हुई। इसके अलावा 2890 करोड़ की अघोषित संपत्ति भी जब्त की।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने नोटबंदी के अचीवमेंट्स बताते हुए कहा कि 9 नवंबर से शुरू हुई नोटबंदी के 2 महीनों के दौरान आईटी डिपार्टमेंट द्वारा सख्त कदम उठाए गए। नोटबंदी के दौरान आईटी डिपार्टमेंट ने 1100 सर्चिंग-सर्वे और 5100 वेरिफिकेशंस किए। इस कार्रवाई के चलते 610 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें 513 करोड़ का कैश शामिल है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">फाइनेंस मिनिस्ट्री ने क्या कहा? | Undeclared Property</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">फाइनेंस मिनिस्ट्री ने उस बात को खारिज कर दिया था।</li>
<li style="text-align:justify;">500 और 1000 के पुराने नोटों को बदलने के लिए और मोहलत देने की बात कही गई थी।</li>
<li style="text-align:justify;">इंटेलिजेंस एजेंसीज के मुताबिक पुराने नोटों को बदलने का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल हो रहा था।</li>
<li style="text-align:justify;">एफिडेविट के मुताबिक, “नवंबर 2016 में 147.9 करोड़ और दिसंबर में 306.897 करोड़ रु. का कैश जब्त किया गया।</li>
<li style="text-align:justify;">69.1 किलो और दिसंबर 2016 में 234.267 किलो सोना जब्त किया गया।</li>
<li style="text-align:justify;">नोटबंदी के दौरान गड़बड़ियों के चलते 400 से ज्यादा मामले सीबीआई और एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) को रैफर किए गए।</li>
<li style="text-align:justify;">9 नवंबर से 10 जनवरी तक नोटबंदी के दौरान 5400 करोड़ की अघोषित आय जमा हुई।</li>
<li style="text-align:justify;">303.367 किलो का सोना जब्त हुआ।</li>
<li style="text-align:justify;">तीन सालों के दौरान आईटी डिपार्टमेंट ने 2,027 ग्रुप्स पर छापे मारे, जिसमें 36,051 करोड़ से ज्यादा की अघोषित आय बरामद हुई।</li>
<li style="text-align:justify;">2890 करोड़ की अघोषित संपत्ति भी जब्त की।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/income-tax-seized-undisclosed-property/article-2550</link>
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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2017 01:51:06 +0530</pubDate>
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