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                <title>Electric Vehicles - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Electric Vehicles RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Battery Charging Problem of Electric Vehicles: इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ज्यादा समय में होने वाली बैटरी चार्जिंग एक बड़ी समस्या</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदूषण के संकट में इलेक्ट्रिक क्रांति की अनिवार्यता Battery Charging Problem of Electric Vehicles: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग अब केवल एक विकल्प नहीं रह गई है, बल्कि यह समय की जरूरत बन चुकी है। पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन सीमित संसाधन हैं, और इनके लिए भारत को बड़े पैमाने पर अन्य देशों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/battery-charging-problem-of-electric-vehicles/article-68818"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/electric-vehicles.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रदूषण के संकट में इलेक्ट्रिक क्रांति की अनिवार्यता</h3>
<p style="text-align:justify;">Battery Charging Problem of Electric Vehicles: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग अब केवल एक विकल्प नहीं रह गई है, बल्कि यह समय की जरूरत बन चुकी है। पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन सीमित संसाधन हैं, और इनके लिए भारत को बड़े पैमाने पर अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। हर साल लगभग 200 अरब डॉलर का कच्चा तेल आयात करना पड़ता है, जो आर्थिक असंतुलन और व्यापार घाटे को बढ़ाता है। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकता है और स्वच्छ पर्यावरण व आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है। Battery Charging Problem</p>
<p style="text-align:justify;">यदि इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ती है, तो भारत करीब 40 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचा सकता है, जो आर्थिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद होगा। साथ ही, बैटरी निर्माण और चार्जिंग ढांचे के विकास से नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़े शहरों में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है। इसका एक प्रमुख कारण पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों से होने वाला उत्सर्जन है। खासकर दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में वाहनों से होने वाला प्रदूषण सबसे ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 भारत में हैं। 2022 में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से ऊपर रहा, जो गंभीर स्तर को दर्शाता है।</p>
<h3>पारंपरिक वाहन वायु प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान देता है</h3>
<p style="text-align:justify;">पारंपरिक वाहनों से निकलने वाला धुआं, जिसमें नाइट्रोजन ऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्व शामिल हैं, वायु प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान देता है। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से इन हानिकारक उत्सर्जनों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे देश में स्वच्छ हवा और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहन शून्य कार्बन उत्सर्जन करते हैं, और यदि इन्हें सौर व पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से चार्ज किया जाए, तो ऊर्जा की स्वच्छता और आत्मनिर्भरता में और इजाफा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि लोग धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं। 2020 में देश में लगभग 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे, जबकि 2023 में यह संख्या 10 लाख से अधिक हो गई। यह उपभोक्ताओं में बढ़ती जागरूकता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को दिखाता है। सरकार भी इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है, जैसे सब्सिडी, टैक्स छूट और चार्जिंग ढांचे के विकास को प्रोत्साहन देना। हालांकि, इस क्षेत्र में अभी भी कई चुनौतियां हैं, जैसे चार्जिंग ढांचे की कमी, बैटरियों की ऊंची कीमत, सीमित रेंज और चार्जिंग समय। लेकिन अगर सरकार और निजी कंपनियां मिलकर इन समस्याओं का समाधान करें, तो भारत इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति में अग्रणी बन सकता है। Battery Charging Problem</p>
<p style="text-align:justify;">देश में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या अभी बहुत कम है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा में मुश्किल होती है। वर्तमान में भारत में करीब 10,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि कम से कम 50,000 स्टेशनों की जरूरत है। शहरी क्षेत्रों में कुछ चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और हाईवे नेटवर्क में इनकी भारी कमी है। इससे उपभोक्ताओं को लंबी दूरी की यात्रा में असुविधा होती है और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति धीमी हो रही है।</p>
<h3>बैटरी चार्जिंग में लगने वाला समय भी एक बड़ी समस्या</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, बैटरी चार्जिंग में लगने वाला समय भी एक बड़ी समस्या है। एक सामान्य इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज होने में 4-8 घंटे लगते हैं, जबकि फास्ट चार्जिंग से भी 30-60 मिनट का समय लगता है, जो पारंपरिक वाहनों की तुलना में ज्यादा है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार को हाईवे और शहरों में फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ानी होगी। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में भी दीर्घकालिक योजना बनाकर चार्जिंग ढांचा विकसित करना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत अभी भी पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों से ज्यादा है। इसका मुख्य कारण बैटरी की ऊंची लागत है, जो एक इलेक्ट्रिक वाहन की कुल कीमत का 40-50% हिस्सा होती है। इसके अलावा, चार्जिंग की बिजली दरें और होम चार्जिंग सेटअप की लागत भी उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। लेकिन बैटरी की कीमत कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर बैटरी निर्माण को बढ़ावा देना जरूरी है। अगर सरकार और निजी कंपनियां मिलकर बैटरी उत्पादन की लागत घटाएं और बिजली दरों में रियायत दें, तो इलेक्ट्रिक वाहन अधिक किफायती हो सकते हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता में तेजी आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में सड़क संरचना और ट्रैफिक प्रबंधन भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चुनौती बने हुए हैं। खराब सड़कों के कारण बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होती है, जिससे वाहनों की क्षमता कम हो जाती है। हाईवे पर सड़कें ठीक हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति खराब है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है। इससे खराब सड़कों पर बैटरी का जल्दी खत्म होना उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या है। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार को सड़क निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता देनी चाहिए। बेहतर सड़कें न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की दक्षता बढ़ाएंगी, बल्कि इनके उपयोग को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने में भी मदद करेंगी। Battery Charging Problem</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुनीष भाटिया (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>टेक - ऑटो</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 15:12:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Electric Vehicles: दुनिया का पहला ऐसा देश&amp;#8230; जहां पेट्रोल से ज्यादा है इलेक्ट्रिक वाहन, इस कंट्री नें ऐसे बदली तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[Electric Vehicles: दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल जैसे खर्चे को कम करने की कोशिश की जा रही है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों को इसके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प माना जा रहा हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढावा देने के लिए दुनिया के कई देश आगे आ रहे हैं, भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/the-first-country-in-the-world-where-there-are-more-electric-vehicles-than-petrol-vehicles-this-country-has-changed-the-face-of-the-country/article-63221"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/electric-vehicles.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Electric Vehicles: दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल जैसे खर्चे को कम करने की कोशिश की जा रही है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों को इसके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प माना जा रहा हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढावा देने के लिए दुनिया के कई देश आगे आ रहे हैं, भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर सरकार द्वारा सब्सिड़ी इत्यादि दी जा रही हैं, लेकिन अभी भारत जैसे देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या सीमित हैं, लेकिन अभी भारत जैसे देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या सीमित हैं, लेकिन नॉर्वे दुनिया का पहले ऐसा देश बन चुका हैं, जहां… इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या वहां मौजूदा पेट्रोल वाहनों के मुकाबले ज्यादा हो गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं नॉर्वेजियन रोड़ फेडरेशन द्वारा जारी व्हीकल रजिस्ट्रेशन डाटा के अनुसार नॉर्वे में इलेक्ट्रिक वाहनों की तादात में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला हैं, नॉर्वे रोड फेडरेशन ने एक बयान में कहा कि नॉर्डिक देश में रजिस्टर्ड 2.8 मिलियन प्राइवेट पैसेंजर कारों में से 7,54,303 यूनिट्स पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं। वहीं 7,53,905 यूनिट्स पेट्रोल वाहन हैं, इसके अलावा डीजल से चलने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन सबसे कम हुआ है। Electric Vehicles</p>
<p style="text-align:justify;">फेडरेशन के निदेशक ओविंड सोलबर्ग थोरसेन ने कहा है कि यह ऐतिहासिक पल हैं, यहां 10 साल पहले बहुत कम लोगों ने ऐसा सोचा था जब इलेक्ट्रिक कारों की तादात पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों के मुकाबले ज्यादा होगी, नॉर्वे जो कि एक प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देश हैं, उसने 2025 तक जीरो-इमिशन वाले वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा हैं, बीते अगस्त में नॉर्वे में रजिस्टर्ड नए वाहनों में रिकॉर्ड 94.3 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हुए हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/two-big-cities-of-rajasthan-are-now-having-fun-the-express-highway-will-take-8-years/">Rajasthan Expressway: राजस्थान के दो बड़े शहरों की हो गई मौज, 8 लेन का होगा एक्सप्रेस हाईव, भूमि का होगा अधिग्रहण, किसान हो जाएंगे मालोमाल</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">जाने कैसे हुआ ये कमाल</h3>
<p style="text-align:justify;">नॉर्वे ने इस सफलता की नींव काफी सालों से पहले ही रख दी थी, 1990 के दशक की शुरुआत से ही वहां सरकार और स्थानीय लोगों ने समझ लिया था कि इलेक्ट्रिक वाहन ही उनका भविष्य हैं, ऐसे में नॉर्वे की संसद ने एक राष्ट्रीय लक्ष्य तय किया गया कि 2025 तक बेची जाने वाली सभी नई कारें शून्य-उत्सर्जन होनी चाहिए, 2022 के अंत तक नॉर्वे में रिजस्टर्ड कारों में से 20 प्रतिशत से अधिक बैट्री इलेक्ट्रिक थी, 2022 में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार में हिस्सेदारी 79.2 प्रतिशत थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की योजनाएं दुनिया के कई देशों में चल रही हैं, लेकिन 55 लाख लोगों की आबाद वाले इस देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति सरकार और आवाम दोनों ने जो शुरू किया, जिससे ने केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी को किफायती और आसान बनाया बल्कि इसकी डेली रनिंग कॉस्ट को भी काफी कम किया, इसके लिए तमाम तरह के छूट दिए गए</p>
<p style="text-align:justify;">टैक्स पॉलिसीः इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए सबसे बड़ा काम इस पर लगने वाले टैक्स को लेकर किया गया हैं, दरअसल नॉर्वे की सरकार ने यह तय किया है कि उच्च उत्सर्जन वाली कारों के लिए हाई टैक्स और कम और शून्य-उत्सर्जन वाली कारों के लिए कम टैक्स का प्रावधान किया जाना चाहिए, जिसके बाद नॉर्वेजियन क्रोन 5,00,000 तकरीबन 40 लाख रुपये तक के मूल्य वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को वैट से छूट दी गई हैं, इसके अलावा NOK 5,00,000 से अधिक कीमत वाहनों के लिए, केवल अतिरिक्त राशि पर 25% वैट का नियम लागू किया गया हैं। Electric Vehicles</p>
<p style="text-align:justify;">इंपोर्ट टैक्स से छूटः इतना ही नहीं नॉर्वे में 1990 से 2022 तक इलेक्ट्रिक वाहनों पर किसी तरह का पर्चेज और इंपोर्ट टैक्स लागू नहीं किया गया, जिससे विदेश से आयोजित इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी भी स्थानीय लोगों के लिए किफायती होती गई, बता दें कि यहां पर TESLA की इलेक्ट्रिक कारों की भारी डिमांड हैं, इसके अलावा स्थानीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को भी सालों तक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बेनिफिट्स दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य छूट से भी मिली है राहतः वहीं वैट और इंपोर्ट टैक्स के अलाव नॉर्वे में 1997 से 2017 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को टेल रोड शुल्क से छूट दी गई थी, इसके अलावा भी कुछ खास छूट की पेशकश सालों तक की गई ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति ज्यादा आकर्षित किया जा सके इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए फ्री म्युनिसिपल पार्किंग, EV को बस लेन में एक्सेस इत्यादि से EV के प्रति लोगों को प्रोत्साहित किया गया। Electric Vehicles</p>
<p style="text-align:justify;">चार्जिंग इंफ्रा पर बड़ा कामः किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन मालिक के लिए रेंज और चार्जिंक इंफ्रा एक बड़ा चिंता का विषय होती हैं, लेकिन वॉर्वे की सरकार ने इस दिशा में बड़ा काम किया और देश भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग एक बड़ा नेटवर्क बिछाया, 2017 और 2021 के बीच अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले लोगों के लिए चार्जिंग अधिकार स्थापित करने वाला कानून पेश किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही EV मालिक घर पर चार्ज कर रहे हों और रोजाना फास्ट चार्जिंग के बिना काम चला रहे हों, लेकिन उन्हें लगता है कि जरूरत पड़ने पर फास्ट चार्ज करने का विकल्प होना जरूरी हैं, लंबी दूरी की यात्राओं के लिए, एक बेहतर चार्जिंग नेटवर्क होना जरूरी हैं, नॉर्व में सभी मुख्य सड़कों पर फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, लेकिन शुरुआत में अधिकांश हिस्सों में फ्री चार्जिंग की सुविधा दी गई हैं, जो कम से कम दूरी पर भी उपलब्ध हैं, अकेले ओस्लो में ही 2000 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, इसके लोगों के भीतर EV को लेकर विश्वास बढ़ा और लोगों ने इसे तेजी से अपनाया हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>टेक - ऑटो</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Oct 2024 12:20:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्साहित करने के लिए दी जाएंगी करीब 300 करोड़ की रियायतें : भुल्लर</title>
                                    <description><![CDATA[परिवहन मंत्री ने विभिन्न विभागों को नीति के लागूकरण और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के दिए निर्देश राज्य स्तरीय ईवी समिति की बैठक के दौरान प्रगति की समीक्षा | Laljit Bhullar चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर Laljit Singh Bhullar ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/laljit-bhullar-said-that-concessions-will-be-given-to-encourage-electric-vehicles/article-49094"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/chandigarh-news-5.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री ने विभिन्न विभागों को नीति के लागूकरण और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के दिए निर्देश</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य स्तरीय ईवी समिति की बैठक के दौरान प्रगति की समीक्षा | Laljit Bhullar</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर Laljit Singh Bhullar ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राज्य में प्रदूषण को कम करने के मकसद के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्साहित करने के लिए अगले तीन सालों के दौरान करीब 300 करोड़ रुपए की रियायतें दीं जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्साहित करने के लिए बनाई गई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2023 को लागू करने के लिए पाबंद राज्य स्तरीय ई.वी. कमेटी की पंजाब भवन में हुई मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह रियायतें इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों, ई-साइकिलों, ई-रिक्शा, ई-आटो, इलेक्ट्रिक लाईट कमर्शियल वाहनों आदि पर दी जाएंगी। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को रियायतों के लिए समर्पित ई.वी निधि कायम करने के लिए वित्त विभाग को पत्र भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि इन फंडों को राज्य में ई.वी. वाहनों को उत्साहित करने के लिए इस्तेमाल किया जाना है, इसलिए इस संबंध में तत्काल कार्रवाई की जाए। Electric Vehicles</p>
<p style="text-align:justify;">भुल्लर ने राज्य में ई.वी नीति को लागू करने सम्बन्धी विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों सम्बन्धी विवरण लिए। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्साहित करने के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना जरुरी है और इसकी स्थापना के कार्य जल्दी से जल्दी मुकम्मल कर लिए जाएँ। उन्होंने समूह सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को इस दिशा में तेजी के साथ काम करने की हिदायत की। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस नीति को लागू करने के लिए ई.वी. सेल बनाने हेतु ई.वी. क्षेत्र में काम करने वाले माहिरों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री ने पी.एस.पी.सी.एल. और पेडा के अधिकारियों को हिदायत की कि वे एक महीने के अंदर-अंदर राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और ऐसे स्थानों की शिनाख़्त करने सम्बन्धी रिपोर्ट तैयार करके भेजें। उन्होंने आवास निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी हिदायत की कि भविष्य में बनने वाले मॉलज और हाउसिंग सोसायटियों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सहूलतों का प्रबंध करने के लिए नीति बनाई जाए। Laljit Bhullar</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट मंत्री ने सचिव परिवहन और डायरैक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट को निर्देश दिए कि वे 15 साल की हद पार कर चुकीं सरकारी बसों को स्क्रैप करने के कार्य में तेजी लाएं ताकि नई इलेक्ट्रिक बसों को फलिट में शामिल किया जा सके।लालजीत सिंह भुल्लर ने इनवैस्ट पंजाब के अधिकारियों को कहा कि वे ई.वी क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए उत्साहित करें जिससे इस क्षेत्र में नई तकनीक आने के साथ-साथ रोजगार के नए मौके पैदा हो सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान परिवहन सचिव दिलराज सिंह संधावालिया, एक्साईज कमिशनर वरुण रुजम, सचिव व्यय मुहम्मद तैयब, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मौनीश कुमार, पी.एम.आई.डी.सी. के सी.ई.ओ. ईशा कालिया, डॉयरैक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट मैडम अमनदीप कौर, विशेष सचिव पी.डब्ल्यू.डी. हरीश नैयर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Summer Vacations: बच्चों की आई मौज, भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों की बढ़ी छुट्टियां" href="http://10.0.0.122:1245/summer-vacations-news/">Summer Vacations: बच्चों की आई मौज, भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों की बढ़ी छुट्टियां</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/laljit-bhullar-said-that-concessions-will-be-given-to-encourage-electric-vehicles/article-49094</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 18:33:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी बिक्री</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन मिलने, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और नए मॉडल के वाहनों की लॉन्चिंग से देश में वित्त वर्ष 2021-22 में इलेक्ट्रिक (Electric Vehicles) दोपहिया वाहन की बिक्री बढ़ी है। यह बात काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर-सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस-सीईईडब्ल्यू-सीईएफ की गुरुवार को यहां जारी मार्केट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/increase-in-sales-of-electric-vehicles-due-to-increase-in-petrol-and-diesel-prices/article-32993"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/electric-vehicles.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन मिलने, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और नए मॉडल के वाहनों की लॉन्चिंग से देश में वित्त वर्ष 2021-22 में इलेक्ट्रिक (Electric Vehicles) दोपहिया वाहन की बिक्री बढ़ी है। यह बात काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर-सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस-सीईईडब्ल्यू-सीईएफ की गुरुवार को यहां जारी मार्केट हैंडबुक के नए संस्करण में सामने आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल की बढोतरी तथा बेहतर नये मॉडलों के सामने आने के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहनों की बिक्री में उछाल आया है। हैंडबुक के अनुसार आलोच्य वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 230 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 4.2 लाख यूनिट रही जो पिछले वित्त वर्ष में 1.2 लाख यूनिट थी। गत वित्त वर्ष में बिके कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2.6 प्रतिशत से ज्यादा रही जो पहले साल से एक प्रतिशत से भी कम थी।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढोतरी की वजह ई-वाहनों के विनिर्माण और चलन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजना- फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल की दूसरी योजना के तहत सरकारी प्रोत्साहन के साथ-साथ पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी और नए मॉडल्स की पेशकश ने शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों और विशेष रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बिक्री बढी है। केंद्रीय बजट 2022-23 में फेम-दूसरी योजना के लिए आवंटित धनराशि बढ़कर 2,908 करोड़ रुपये की गई जो वित्त वर्ष 2021-22 में 800 करोड़ रुपये थी</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं आंकड़े…</h4>
<p style="text-align:justify;">बिजली उत्पादन को लेकर दिये गये आंकड़े में कहा गया है कि 2021-22 के दौरान कुल कोयला आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत घटी है। इस दौरान बिजली की पीक हवर डिमांड अभूतपूर्व रही। सीईईडब्ल्यू-सीईएफ ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मार्च 2022 में इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles)  कुल वाहन बिक्री में चार प्रतिशत की हिस्सेदारी को पार कर गए।</p>
<p style="text-align:justify;">ये आंकड़े बताते हैं कि यह बदलाव इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की तरफ बहुत ही ज्यादा रहा है। इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की चार्जिंग के लिए ढांचागत व्यवस्था जो बदलाव हुए हैं उसमें छोटे कस्बों और शहरों की भागीदारी आने वाले समय में बढ़ जाएगी।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 May 2022 19:10:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पेट्रोल चलित वाहनों के बराबर होगी: गडकरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले दो वर्षो में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पेट्रोल चलित वाहनों के बराबर हो जायेगी। गडकरी लोकसभा में गुरुवार को एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा, ‘मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगले दो वर्षों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/electric-vehicles-will-cost-at-par-with-petrol-vehicles/article-31943"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/nitingadkari.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले दो वर्षो में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पेट्रोल चलित वाहनों के बराबर हो जायेगी। गडकरी लोकसभा में गुरुवार को एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा, ‘मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगले दो वर्षों में इलेक्ट्रिक दो पहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों की कीमत पेट्रोल चलित वाहनों के बराबर हो जायेगी। इस दिशा में हमारी नीति आयात का विकल्प तैयार करने, लागत कम करने, प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने तथा स्वदेशी के विकास पर आधारित है।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मेरा लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह है कि संसद परिसर में पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहन का चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाए ताकि सांसद वहां कार को चार्ज कर सकें। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लेकिन यह भुगतान के साथ होना चाहिए। इस पर गडकरी ने कहा, ‘आप जो कहेंगे, वह करेंगे। मेरा आग्रह है कि नये भवन में छत पर सौर ऊर्जा पैनल की व्यवस्था कर दी जाए और इससे नि:शुल्क बिजली मिल जायेगी। कोई खर्च भी नहीं लगेगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 16:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>काजा में विश्व का सबसे ऊंचा इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[काजा(लाहौल स्पीति) (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के काजा में विश्व का सबसे ऊंचाई पर स्थित इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू हो गया है। काजा के एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह ने इलैक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन शुरू होने के मौके पर कहा कि इसे गो इगो नेटवर्किंग कम्पनी ने स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/worlds-highest-electric-vehicle-charging-station-started-in-kaza/article-27160"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/worlds-highest-electric-vehicle.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काजा(लाहौल स्पीति) (एजेंसी)।</strong> हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के काजा में विश्व का सबसे ऊंचाई पर स्थित इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू हो गया है। काजा के एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह ने इलैक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन शुरू होने के मौके पर कहा कि इसे गो इगो नेटवर्किंग कम्पनी ने स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि काजा में इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा। अब जो पर्यटक इलैक्ट्रिक वाहनों में स्पीति घूमने आना चाहते है वे आसानी से यहां आ सकते है। अब उन्हें अपने वाहनों की चार्जिंग की चिंता नहीं होगी। उन्होंने इलैक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिये गो इगो नेटवर्किंग कम्पनी का आभार व्यक्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कम्पनी के ब्रांड प्रमुख वर्द मौर्य ने बताया कि मनाली से उनकी टीम के दो सदस्य अलग अलग इलैक्ट्रिक स्कूटी पर काजा आए हैं। इस दौरान तीन जगह इन्हें चार्ज किया गया। रास्ते में कोई भी दिक्कत इन वाहनों में नहीं आई। अगर यहां इलैक्ट्रिक चार्जिंग ट्रायल सफल रहता है तो यहां और ऐसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में और भी ऐसे चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकते है। इन चार्जिंग स्टेशन पर चार-पांच घंटे में स्कूटी पूरी चार्ज हो जाती है जो मैदानी क्षेत्रों में 95 किलोमीटर जबकि काजा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में 70-75 किलोमीटर एक बार चार्जिंग में चल सकती है। पेट्रोल-डीजल की तुलना में इलैक्ट्रिक वाहन सस्ते पड़ते हैं।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Sep 2021 18:47:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली पर चलने वाले वाहन लाएगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के एमडी पवन गोयनका को नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया चडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पेट्रोल व डीजल वाहनों के प्रदूषण से चिंतित पंजाब सरकार ने अब नई औद्योगिक नीति लाने की योजना बनाई है। सरकार जल्द ही वातावरण पक्षीय बिजली के वाहनों को लांच करेगी। औद्योगिक नीति में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/government-will-bring-electric-vehicles/article-2577"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/captaion1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">मुख्यमंत्री ने महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के एमडी पवन गोयनका को नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पेट्रोल व डीजल वाहनों के प्रदूषण से चिंतित पंजाब सरकार ने अब नई औद्योगिक नीति लाने की योजना बनाई है। सरकार जल्द ही वातावरण पक्षीय बिजली के वाहनों को लांच करेगी। औद्योगिक नीति में सबसे ज्यादा फोकस इसी मुद्दे पर रहेगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार सुबह यहां महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के मैनेजिंग डायरैक्टर पवन गोयनका के साथ एक बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने नई औद्योगिक नीति संबंधी ऐलान किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गोयनका ने कंपनी द्वारा राज्य में निवेश करने और कारोबार बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गोयनका ने कहा कि उनकी कंपनी पंजाब में बिजली के वाहनों को उत्साहित करने में निवेश के लिए इच्छुक है। उन्होंने राज्य में ग्रीन एनर्जी का प्रसार और रोजगार की उत्पत्ति के लिए बिजली टैक्सियां लाने की स्कीम बनाने का सुझाव दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ओला चलाने की योजना बनाई</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि चीन की कंपनी इनलोंग ने हाल ही में राज्य में बिजली कारों और बसों की शुरूआत करने की संभावना संबंधी उनके साथ विचार विमर्श किया था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिजली टैक्सियों के लिए ओला के साथ बातचीत चलाई जा रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार बिजली वाहनों को रिवायती वाहनों का बदल बनाने की इच्छुक है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टरिंगो एप से भेज सकेंगे किराए पर ट्रैक्टर</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रवक्ता ने बताया कि ऊबर जैसी ट्रैक्टरों के लिए भी टरिंगो नाम की एप आंरभ करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। यह एप ट्रैक्टर मालिकों को अपना वाहन किराये पर देने के योग्य बनाएगी। गोयनका द्वारा पंजाब में अपने ट्रैक्टर यूनिटों के प्रसार के लिए की गई अपील पर मुख्यमंत्री ने सहमति देते इस संबंध में प्रस्ताव सौंपने के लिए कहा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फसल विभिन्नता पर दिया जोर</h3>
<p style="text-align:justify;">गोयनका अनुसार महिन्द्रा एंड महिन्द्रा निर्यात करने के लिए आलूओं का बीज विकसित करने में दिलचस्पी दिखाई। मुख्यमंत्री ने बागवानी व फूलों की काश्त द्वारा फसली विभिन्नता को उत्साहित करने के लिए अपने स्टैंड को दोहराते हुए फसली चक्कर को तोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसानों को कर्जे के भार से मुक्त किया जा सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सहयोग के लिए धन्यवाद</h3>
<p style="text-align:justify;">गोयनका ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने पिछले कार्यकाल दौरान राज्य में कपंनी को अपना कारोबार स्थापित करने में दिये सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया। पंजाब में 6000 लोग को प्रत्यक्ष और 30000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी में नौकरी कर रहे है और राज्य से कं पनी को मौजूदा समय 6000 करोड़ की आय होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2017 05:17:46 +0530</pubDate>
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