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                <title>एक फरवरी से ट्रस्ट की वेबसाइट पर होंगे आनलाईन आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा। अपै्रल-मई में होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा में 30 छात्र होंगे चयनित परीक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी परीक्षा सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। दक्ष प्रजापति एजुकेशन ट्रस्ट सरसा की ओर से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) 2019 के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">परीक्षा। अपै्रल-मई में होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा में 30 छात्र होंगे चयनित</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">परीक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क</li>
<li style="text-align:justify;">हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी परीक्षा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा</strong><br />
<strong>सरसा।</strong> दक्ष प्रजापति एजुकेशन ट्रस्ट सरसा की ओर से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) 2019 के लिए आॅनलाईन आवेदन एक फरवरी से शुरू हो जाएंगे। जोकि 5 मार्च तक जारी रहेंगे। अप्रैल मई में होने वाली इस प्रतिभा खोज परीक्षा में सुपर 30 अव्वल विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। जिन्हें नकद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा। दक्ष प्रजापति एजुकेशन ट्रस्ट सरसा के प्रधान प्रो. आरसी लिम्बा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त परीक्षा में सरसा जिला के प्रजापति/कुम्हार समाज के उन विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। जिन्होंने साल 2018-19 सत्र मेंं दसवीं या दस जमा दो या स्नातक या समकक्ष (केवल अंतिम वर्ष) के रेगुलर या स्वयंपाठी या पत्राचार से पढने वाला विद्यार्थी होगा। परीक्षा के पारदर्शी व सुचारू संचालन के लिए प्रवक्ता अनिल कुमार आईतान को परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">150 अंकों की होगी परीक्षा</h2>
<p style="text-align:justify;">छात्रवृति के लिए आयोजित होने वाली लिखित प्रतिभा खोज परीक्षा को मुख्य रुप से चार भागों में बांटा गया है। इनमें प्रथम सामान्य बुद्धि एवं तार्किक अभिक्षमता परीक्षण होगा। जिसमें विद्यार्थियों की मानसिकता योग्यता जांचने के लिए बहुविकल्पीय प्रकार के एक-एक अंक के 40 प्रश्न होंगे। द्वितीय में भाषा परीक्षण होगा। इसमें एक-एक अंक के 25-25 प्रश्न अंग्रेजी व हिंदी भाषा के होंगे। तृतीय में मात्रात्मक योग्यता परीक्षण होगा। इसमें सामान्य गणित बहुविकल्पीय प्रकार के एक-एक अंक वाले 20 प्रश्न होंगे। अंतिम भाग सामान्य ज्ञान एवं अभिज्ञान परीक्षण का होगा। जिसमें वर्तमान में घटित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से सहित बहुविकल्पीय एक-एक अंक के 40 प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार संभावित विकल्प होंगे। परीक्षा हिंदी व अंग्रेजी माध्यम में होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">परीक्षा के लिए क्या है पात्रता</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रतिभा खोज परीक्षा 2019 में विद्यार्थी सरसा जिले का स्थाई निवासी हो और कुम्हार समाज से संबंध रखता हो। विद्यार्थी की पात्रता में अनियमितता मालूम होने पर रद्द कर दी जाएगी। परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रार्थी द्वारा आवेदन पत्र ट्रस्ट की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीपीईटी डॉट इन पर आॅनलाईन ही भरा जाएगा। परीक्षा की तिथि व समय के बारे में प्रतिभागियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर एसएमएस के द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा ट्रस्ट की वेबसाईट से<br />
डाउनलोड होने वाले एडमिट कार्ड पर भी परीक्षा केन्द्र, तिथि व समय के बारे में उल्लेख होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अव्वल प्रतिभागियों को ये मिलेगा नकद पुरस्कार</h2>
<p style="text-align:justify;">दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) 2019 में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को पुरस्कार स्वरुप 11000 रुपए, द्वितीय को 5100, तृतीय को 3100, चौथे से दसवें तक प्रत्येक को 1100-1100 व 11वें से 30 तक प्रत्येक को 500-500 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रस्ट सरसा के प्रधान प्रो. आरसी लिंबा ने बताया कि प्रजापति/कुम्हार समाज के होनहार प्रतिभागियों का हुनर जांचने के लिए ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) का आयोजन किया जाता है। इसी के तहत मई-अपै्रल में होने वाली 2019 की परीक्षा के लिए आॅनलाईन आवेदन 1 फरवरी से ट्रस्ट की वेबसाईट पर आॅनलाईन शुरू हो रहे है। परीक्षा के अव्वल सुपर 30 प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jan 2019 16:01:13 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीएनए कानून: अपराधियों की करेगा खोज</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी जांच एजेंसियों से भी सांझा किया जा सकेगा प्रमोद भार्गव । केंद्रीय मंत्री-मंडल ने डीएनए प्रोफाइलिंग बिल यानी, मानव डीएनए सरंचना विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक मानसून सत्र में पारित हो सकता है। डाटा बैंक में देश के लोगों की डीएनए प्रोफाइल बनने के बाद अपराधिक मामलों की जांच के लिए इसे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/dna-law-will-of-criminals-search/article-4781"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/dna-law.jpg" alt=""></a><br /><h2>विदेशी जांच एजेंसियों से भी सांझा किया जा सकेगा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रमोद भार्गव । </strong>केंद्रीय मंत्री-मंडल ने डीएनए प्रोफाइलिंग बिल यानी, मानव डीएनए सरंचना विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक मानसून सत्र में पारित हो सकता है। डाटा बैंक में देश के लोगों की डीएनए प्रोफाइल बनने के बाद अपराधिक मामलों की जांच के लिए इसे विदेशी जांच एजेंसियों से भी सांझा किया जा सकेगा। डीएनए जांच और डीएनए प्रोफाइलिंग को नियंत्रित करने वाले कानून में इस बात का प्रावधान किया गया है कि डीएनए नियमन बोर्ड की अनुमति के बाद ही अपराधिक मामलों की जांच घरेलू और विदेशी एजेंसियां कर सकेंगी।</p>
<h2>बोर्ड में  रहेंगे दस सदस्य</h2>
<p style="text-align:justify;">इस बोर्ड में दस सदस्य रहेंगे और राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर भी डाटा बैंक खोले जाएंगे। इन नामूनों के मार्फत अपराधियों, संदिग्ध, गुमशुदा, दुर्घटना में मृत एवं लापता व्यक्तियों, और लावारिस शवों की डीएनए जांच संभव हो जाएगी। हरिद्वार, प्रयाग और वाराणसी जैसी धर्मनगरियों में हर साल मोक्ष के लिए आए लाखों में से सैंकड़ों लोग गुमनामी के कफन में दफन हो जाते है। इन लावारिस शवों की पहचान में भी डीएनए बैंक मदद करेगा।मानव संरचना डीएनए विधेयक-2015 के जरिए देश के हरेक नागरिक का जीन आधारित कंप्यूटरीकृत डाटाबेस तैयार होगा और एक क्लिक पर मनुष्य की आंतरिक जैविक जानकारियां कंप्युटर स्क्रीन पर होंगी। लिहाजा इस विधेयक को भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 में आम नागरिक के मूल अधिकारों में शामिल गोपनीयता के अधिकार का खुला उल्लंघन माना जा रहा था, किंतु अब बोर्ड के गठन के बाद ये आशंकाएं निर्मूल हो गई हैं। इससे यह आशंका भी उत्पन्न हुई थी कि तकनीक आधारित इस डाटाबेस का दुरुपयोग स्वास्थ्य एवं उपचार, बीमा और प्रौद्योगिक उत्पादों से जुड़ी कंपनियां बाला-बाला लीक न करने लग जाएं।</p>
<h2>डाटाबेस एक बड़ी चुनौती</h2>
<p style="text-align:justify;">व्यक्ति की पहचान से जुड़े बहुउद्देशीय आधार कार्ड के साथ भी ये आशंकाएं जुड़ी थीं, जो अब सही साबित हो रही हैं। फेसबुक और ट्विटर ने भी कैंब्रिज एनालिटिका को गोपनीयता से जुड़ा उपभोक्ताओं का निजी डाटा बेचने का काम किया है। इन सच्चाईयों के परिप्रेक्ष्य में यदि डीएनए के नमूने भी लीक कर दिए जाते हैं तो यह व्यक्ति की जिंदगी के साथ आत्मघाती कदम होगा। भारत में लालच और भ्रष्टाचार के चलते ऐसी शंकाएं हमेशा बनी रहती है। हालांकि इसे अस्तित्व में लाने के प्रमुख कारणों में अपराध पर नियंत्रण, शवों की पहचान और बीमारी का रामबाण इलाज है। फिर भी सवा अरब की आबादी और भिन्न-भिन्न नस्ल व जाति वाले देश में कोई निर्विवाद व शंकाओं से परे डाटाबेस तैयार हो जाए यह अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि अब तक हम न तो विवादों से परे मतदाता पहचान पत्र बना पाए और न ही नागरिक को विशिष्ट पहचान देने का दावा करने वाला आधार कार्ड? लिहाजा देश के सभी लोगों की जीन आधाारित कुण्डली बना लेना भी एक दुष्कर व असंभव कार्य है?</p>
<h2>डीएनए विश्लेषण से अपराध नियंत्रित होंगे</h2>
<p style="text-align:justify;">मन डीएनए प्रोफाइलिंग बिल 2015 लाने के पक्ष में तर्क दिए जा रहे हैं कि डीएनए विश्लेषण से अपराध नियंत्रित होंगे। खोए, चुराए और अवैध संबंधों से पैदा संतान के माता-पिता का पता चल जाएगा। लावारिस लाशों की पहचान होगी। इस बाबत देशव्यापी चर्चा में रहे नारायण दत्त तिवारी और उनके जैविक पुत्र रोहित शेखर तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व कवयित्रि मधुमिता शुक्ला के उदाहरण दिए जा सकते हैं। रोहित, तिवारी और उज्जवला शर्मा के नाजायज संबंधों का परिणाम था। तिवारी पूर्व से ही विवाहित थे,इसलिए रोहित को पुत्र के रूप में नहीं स्वीकार रहे थे। किंतु जब रोहित ने खुद को तिवारी एवं उज्जवला की जैविक संतान होने की चुनौती सर्वोच्च न्यायालय में दी और डीएनए जांच का दबाव बनाया, तो तिवारी ने हथियार डाल दिए। रोहित ने यह लड़ाई अपना सम्मान हासिल करने की दृष्टि से लड़ी थी, इसलिए पवित्र और वैद्य हक के लिए थी। इसी तरह अमरमणि नहीं स्वीकार रहे थे कि मधुमिता से उनके नजायाज संबंध थे। किंतु सीबीआई ने मृतक मधुमिता के गर्भ में पल रहे शिशु-भू्रण और अमरमणि का डीएनए टेस्ट कराया तो मजबूत जैविक साक्ष्य मिल गए।</p>
<h2>कानून बनाने से पहले ही अदालतें डीएनए जांच रिर्पोट के आधार पर फैसले दे रही हैं</h2>
<p style="text-align:justify;">जिससे अमरमणि व उनकी पत्नी हत्या के प्रमुख दोषी साबित हुए व आजीवन कारावास की सजा पाई। बहरहाल कानून बनाने से पहले ही अदालतें डीएनए जांच रिर्पोट के आधार पर फैसले दे रही हैं। लावारिस व पहचान छिपाने के नजरिए से कुरूपता में बदल दी गई लाशों की पहचान भी इस टेस्ट से संभव है। जीन संबंधी परिणामों को सबसे अहम चिकित्सा के क्षेत्र में माना जा रहा है। क्योंकि अभी तक यह शत-प्रतिशत तय नहीं हो सका है कि दवाएं किस तरह बीमारी का प्रतिरोध कर उपचार करती हैं। जाहिर है,अभी ज्यादातर दवाएं अनुमान के आधार पर रोगी को दी जाती हैं। जीन के सूक्ष्म परीक्षण से बीमारी की सार्थक दवा देने की उम्मीद बढ़ जाएगी। लिहाजा इससे चिकित्सा और जीव-विज्ञान के अनेक राज तो खुलेंगे ही, दवा उद्योग भी फले-फूलेगा। इसीलिए मानव-जीनोम से मिल रही सूचनाओं का दोहन करने के लिए दुनिया भर की दवा, बीमा और जीन-बैंक उपकरण निर्माता बहुराष्ट्रीय कंपनियां अरबों का न केवल निवेश कर रही हैं, बल्कि राज्य सत्ताओं पर जीन-बैंक बनाने का पर्याप्त दबाव भी बना रही हैं। आशंकाएं तो यहां तक हैं कि यही कंपनियां सामाजिक समस्याओं से जुड़े बहाने ढूंढकर अदालत में एनजीओ से याचिकाएं दाखिल कराती हैं।</p>
<h2>हरेक व्यक्ति का जीन डाटा इकट्ठा करने का क्या औचित्य है ?</h2>
<p style="text-align:justify;">हालांकि जीन की किस्मों का पता लगाकर मलेरिया, कैंसर, रक्तचाप, मधुमेह और दिल की बीमारियों से कहीं ज्यादा कारगर ढंग से इलाज किया जा सकेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन इस हेतु केवल बीमार व्यक्ति अपना डाटाबेस तैयार कराए, हरेक व्यक्ति का जीन डाटा इकट्ठा करने का क्या औचित्य है ? क्योंकि इसके नकारात्मक परिणाम भी देखने में आ सकते हैं। चुनांचे, यदि व्यक्ति की जीन-कुडंली से यह पता चल जाए कि व्यक्ति को भविष्य में फलां बीमारी हो सकती है,तो उसके विवाह में मुश्किल आएगी ? बीमा कंपनियां बीमा नहीं करेंगी और यदि व्यक्ति, एड्स से ग्रसित है तो रोग के उभरने से पहले ही उसका समाज से बहिष्कार होना तय है। गंभीर बीमारी की शंका वाले व्यक्ति को खासकर निजी कंपनियां नौकरी देने से भी वंचित कर देंगी। जाहिर है, निजता का यह उल्लंघन भविष्य में मानवाधिकारों के हनन का प्रमुख सबब बन सकता है?</p>
<h2>डीएनए डाटा-बैंक बनाने होंगे।</h2>
<p style="text-align:justify;">मानव डीएनए सरंचना विधेयक अस्तित्व में आ जाता है तो इसके क्रियान्वयन के लिए बड़ा ढांचागत निवेश भी करना होगा। डीएनए नमूने लेने, फिर परीक्षण करने और फिर डेटा संधारण के लिए देश भर में प्रयोगशालाएं बनानी होंगी। प्रयोगशालाओं से तैयार डेटा आंकड़ों को राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर सुरक्षित रखने के लिए डीएनए डाटा-बैंक बनाने होंगे। जीनोम-कुण्डली बनाने के लिए ऐसे सुपर कंप्युटरों की जरूरत होगी, जो आज के सबसे तेज गति से चलने वाले कंप्युटर से भी हजार गुना अधिक गति से चल सकें। बावजूद महारसायन डीएनए में चलायमान वंशाणुओं की तुलनात्मक गणना मुश्किल है। हमारे यहां कंप्यूटराइजेशन होने के पश्चात भी राजस्व-अभिलेख, बिसरा और रक्त संबंधी जांच-रिपोर्ट तथा आंकड़ों का रख-रखाव कतई विश्वसनीय व सुरक्षित नहीं है। भ्रष्टाचार के चलते जांच प्रतिवेदन व डेटा बदल दिए जाते हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणियां भी अक्सर झूठी साबित होती हैं। ऐसी अवस्था में आनुवंशिक रहस्यों की गलत जानकारी व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा सामाजिक समरसता से खिलवाड़ कर सकती है।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jul 2018 02:45:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लंदन में माल्या की संपत्तियों की तलाशी-जब्ती की ब्रिटिश अफसरों को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[इन संपत्तियों में लेडीवॉक,ब्राम्बले लॉज भी शामिल नई दिल्ली। भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ के कर्ज लेकर इंग्लैंड भाग जाने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या के लिए बुरी खबर है क्योंकि उनकी उम्मीद के विपरीत ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि ब्रिटिश अधिकारी लंदन स्थित उनकी संपत्तियों की जांच और जब्त कर सकते हैं।ब्रिटिश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/mallya-property-search-london/article-4683"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/vijay-malya.jpg" alt=""></a><br /><h1>इन संपत्तियों में लेडीवॉक,ब्राम्बले लॉज भी शामिल</h1>
<p><strong>नई दिल्ली। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ के कर्ज लेकर इंग्लैंड भाग जाने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या के लिए बुरी खबर है क्योंकि उनकी उम्मीद के विपरीत ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि ब्रिटिश अधिकारी लंदन स्थित उनकी संपत्तियों की जांच और जब्त कर सकते हैं।ब्रिटिश हाईकोर्ट ने भारतीय बैंकों की अर्जी पर गुरुवार को अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि बैंकों के संगठन विजय माल्या से संबंधित संपत्तियों की जांच और नियंत्रण के लिए तलाशी ले सकते हैं।मिलेगी पुलिस की मददसाथ ही कोर्ट ने कहा कि ब्रिटिश अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई के दौरान जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद भी ले सकते हैं। हालांकि, कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया है कि बैंक उसके इस आदेश का इस्तेमाल अपनी रिकवरी के लिए नहीं कर सकेंगे।अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी और उसके अधीन काम करने वाला किसी भी जांच एजेंसी का अधिकारी लंदन स्थित माल्या की संपत्तियों की जांच और जब्ती की कार्रवाई कर सकता है। उसकी इन संपत्तियों में लेडीवॉक, ब्राम्बले लॉज भी शामिल हैं।</p>
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<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jul 2018 15:50:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>रमजान बीतते ही कश्मीर में सर्च अभियान पर हटी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[आतंकवादियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: राजनाथ केंद्र सरकार ने 17 मई को सर्च आॅपरेशन पर रोक लगाई थी ईद से 2 दिन पहले आतंकियों ने पत्रकार बुखारी और आर्मी जवान औरंगजेब की हत्या की थी नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ रोके गए अभियान की अवधि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rakarmam-on-search-campaign-in-kashmir/article-4255"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/raj-4.jpg" alt=""></a><br /><h1>आतंकवादियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: राजनाथ</h1>
<p><strong>केंद्र सरकार ने 17 मई को सर्च आॅपरेशन पर रोक लगाई थी</strong><br />
<strong>ईद से 2 दिन पहले आतंकियों ने पत्रकार बुखारी और आर्मी जवान औरंगजेब की हत्या की थी</strong><br />
<strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> केंद्र सरकार ने रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ रोके गए अभियान की अवधि आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकार ने 16 मई को रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई एक महीने निलंबित करने का फैसला किया था ताकि वहां की जनता शांतिपूर्ण ढंग से रमजान मना सके। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को घोषणा की कि आतंकवादियों के खिलाफ घाटी में निलंबित सुरक्षा बलों की कार्रवाई की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद घाटी में रमजान माह के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की निलंबित कार्रवाई अब फिर शुरू हो जाएगी।</p>
<h1>संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा</h1>
<p>सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आतंकवादियों के खिलाफ संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान संघर्ष विराम के केंद्र सरकार के फैसले की चौतरफा प्रशंसा हुई। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह फैसला मुस्लिम समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से रमजान मनाने के लिए किया था। सुरक्षा बलों ने सरकार के इस निर्णय को बहुत ही धैर्यपूर्ण ढंग से अमल किया और उनकी इस कोशिश की हम सराहना करते हैं। सुरक्षा बलों ने संघर्ष विराम के दौरान बहुत ही धैर्य एवं संयम दिखाया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का घाटी के साथ-साथ पूरे देश के लोगों ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद थी कि उसकी इस पहल को सफल बनाने में हर कोई योगदान देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रमजान के पवित्र महीने में भी आतंकवादी अपनी ‘नापाक’ हरकतों से बाज नहीं आए।</p>
<h1>रमजान माह के दौरान आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी</h1>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि सरकार के रमजान माह के दौरान घाटी में संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई। इस दौरान आ तंकवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं गंवाया। ईद से एक दिन पहले ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक सुजाअत बुखारी की सरेआम हत्या कर दी गई। इस घटना में बुखारी के दो अंगरक्षक भी मारे गए। वही ईद मनाने के लिए छुट्टी जा रहे जवान औरंगजेब को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया और उनकी हत्या कर दी। बुखारी और जवान औरंगजेब की हत्या के बाद घाटी में संघर्ष विराम को लेकर सरकार निशाने पर थी। सिंह ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संघर्ष विराम के फैसले लेकर बातचीत की थी। सिंह ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाने अथवा नहीं बढ़ाने का फैसला ईद के बाद किया जाएगा।</p>
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                <pubDate>Sun, 17 Jun 2018 17:05:28 +0530</pubDate>
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                <title>कश्मीर में सेना के कैंप पर हमला नाकाम, सर्च ऑपरेशन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)। उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले में मंगलवार रात आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर में घुसने की कोशिश की आतंकियों ने रात करीब साढ़े आठ बजे हाजिन इलाके में सेना की 30 राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर के गेट पर ग्रेनेड फेंके। उसके बाद आतंकियों ने फायरिंग की। जवानों ने इस हमले का फौरन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kashmir-army-camp-fails-to-attack-search-operation-continues/article-3974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/pak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (एजेंसी)। </strong><span style="text-align:justify;">उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले में मंगलवार रात आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर में घुसने की कोशिश की आतंकियों ने रात करीब साढ़े आठ बजे हाजिन इलाके में सेना की 30 राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर के गेट पर ग्रेनेड फेंके। उसके बाद आतंकियों ने फायरिंग की। </span>जवानों ने इस हमले का फौरन मुंहतोड़ जवाब दिया. इस पर आतंकी भाग खड़े हुए। हमले में दो जवान घायल हुए हैं। शुरुआती खबरों के मुताबिक 4 से 5 आतंकियों को शिविर के बाहर देखा गया है. कैंप पर दो तरफ से हमला किया गया है। आतंकियों ने पहले गेट पर कई ग्रेनेड फेंके। उसके बाद उन्होंने फायरिंग की। सुबह रोशनी होते ही शिविर के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">फरार आतंकियों की तलाश की जा रही है। जवानों ने पूरे इलाके को घर लिया है. इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि अंधेरा होने के चलते सर्च ऑपरेशन में थोड़ी दिक्कत हो रही है। इसके अलावा रमजान के चलते स्थानीय लोग भी घरों से बाहर हैं। ऐसे में सेना को सर्च ऑपरेशन में भी दिक्कत हो रही है। ये इलाका लश्कर का गढ़ माना जाता है। बीते कुछ दिनों में सुरक्षाबलों पर किया गया ये सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। जवानों पर हमले के अलर्ट के चलते शिविर में भी जवान बेहद अलर्ट थे।इसके चलते आतंकी शिविर के भीतर दाखिल नहीं हो सके। शुरुआती खबरों में फिदायिन हमले से इनकार किया जा रहा है। जवानों की जवाबी कार्रवाई से सभी आतंकी फरार हो गए।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Wed, 06 Jun 2018 07:55:01 +0530</pubDate>
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                <title>इराक में लापता 39 भारतीयों की तलाश जारी रखेगा केंद्र : सुषमा</title>
                                    <description><![CDATA[बिना सबूत लोगों को मृत घोषित करना पाप नई दिल्ली। इराक के मोसूल में लापता 39 भारतीयों के संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि केंद्र सरकार इन भारतीयों की तलाश जारी रखेगी और भविष्य में ठोस सबूत मिलने के बाद ही उनके परिजनों को ताजा स्थिति की जानकारी दी जाएगी। विदेश मंत्री सुषमा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/center-will-continue-search-for-missing-indians-in-iraq-sushma/article-2624"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/sushma3.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बिना सबूत लोगों को मृत घोषित करना पाप</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> इराक के मोसूल में लापता 39 भारतीयों के संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि केंद्र सरकार इन भारतीयों की तलाश जारी रखेगी और भविष्य में ठोस सबूत मिलने के बाद ही उनके परिजनों को ताजा स्थिति की जानकारी दी जाएगी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में दिए अपने बयान में कहा कि सरकार इन भारतीय की तलाश जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि बिना सबूत इन लोगों को मृत घोषित करना पाप हैऔर इस पाप की भागी मैं नहीं बनूंगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पुख्ता सबूत मिलने पर ही परिजनों को दी जाएगी जानकारी</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मामले को लेकर देश को गुमराह करने के विपक्ष के आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि वे जिंदा हैं और न ही मैंने ए कहा कि वे मारे गए हैं। इराक के विदेश मंत्री पिछले दिनों भारत आए थे और उन्होंने यह भरोसा दिया है कि अब वह जो भी जानकारी देगा, सबूत के साथ ही देगा। सुषमा स्वराज ने कहा कि वह पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही इन भारतीयों के परिजनों को जानकारी देंगी। उन्होंने साथ ही कहा कि वह इस मसले को लेकर इन परिवारों से 12 बार मुलाकात कर चुकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इराक के विदेश मंत्री ने भी कहा है कि ये भारतीय इराक के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए मजदूर के रूप में इराक गए थे और इसलिए उनका पता लगाना उनकी सरकार भी अपना फर्ज समझती है। उन्होंने कहा कि इराक की सरकार का कहना है कि 2016 के बाद से उन्हें इन लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और जिस जेल में इनके बंद होने की बातें कही जा रही हैं , उसके बारे में भारत सरकार ने इराक से कहा है कि वह जेल के नष्ट होने से पूर्व वहां से निकलने वाले जेल के वार्डन से पूछताछ कर कैदियों के नामों की सूची में भारतीय कैदियों के वहां कभी मौजूद रहने के बारे में जानकारी हासिल करे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Wed, 26 Jul 2017 06:07:11 +0530</pubDate>
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