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                <title>Fire Extinguisher - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>कैसे बुझेगी आग, फायर स्टेशन में कर्मचारियों का टोटा?</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारी 8 की बजाय 12 घंटे कर रहे ड्यूटी सच कहूँ/कर्मबीर, जुलाना। जुलाना ब्लॉक में 39 गाँवों में आग बुझाने के लिए सिर्फ एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी है। आग बुझाने की जिम्मेवारी 10 कच्चे कर्मचारियों के भरोसे है तथा आग बुझाने के लिए जरूरी सामान भी नहीं है। ऐसे में अगर आगजनी की कोई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/how-will-the-fire-be-extinguished-there-is-a-shortage-of-employees-in-the-fire-station/article-32402"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/fire-station.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>कर्मचारी 8 की बजाय 12 घंटे कर रहे ड्यूटी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/कर्मबीर, जुलाना।</strong> जुलाना ब्लॉक में 39 गाँवों में आग बुझाने के लिए सिर्फ एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी है। आग बुझाने की जिम्मेवारी 10 कच्चे कर्मचारियों के भरोसे है तथा आग बुझाने के लिए जरूरी सामान भी नहीं है। ऐसे में अगर आगजनी की कोई बड़ी घटना हो जाती है तो दमकल विभाग (Fire Station) आकर आग पर काबू पा लेगा तो आप की भूल हो सकती है। क्योंकि फायर स्टेशन में स्टाफ ही पूरा नहीं है। फायर स्टेशन में 21 कर्मचारियों की जरूरत है तो केवल 11 कर्मचारियों के कंधों पर 39 गांवों का भार है।</p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं की कटाई के साथ गर्मी भी तेज हो गई है और आगजनी की घटनाओं का अंदेशा भी है। ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि अगर आग लगी तो उस पर काबू कैसे पाया जाएगा? जुलाना ब्लॉक के 39 गांव में सिर्फ एकही फायर ब्रिगेड गाड़ी है। यहीं नहीं दमकल विभाग के पास गाड़ियों में पानी भरने के लिए हाईडेंट या टैंक की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गाड़ी के टैंक में पानी भरने में बहुत समय लग जाता है, तब तक आग भयकर रूप ले लेती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग के पास जरूरी समान की भी कमी है। गेहूं की कटाई के इस मौसम में तेज हवाएं चलती रहती हैं। बिजली के खंभे भी झुके हुए हैं तथा इन खंभों पर जर्जर तथा लटकती हुई तारें हैं, जो कभी भी टूट सकती हैं और बड़ी घटना को दावत दे सकती हैं। ऐसे में दमकल विभाग के पास कम से कम आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त गाड़ी व समान का होना जरूरी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कच्चे कर्मचारियों पर जुलाना का भार</h4>
<p style="text-align:justify;">जुलाना में आगजनी की घटना से निपटने के लिए पूरी जिम्मेदारी कच्चे कर्मचारियों के कंधों पर है। जुलाना में दमकल विभाग के पास कुल 11 कर्मचारियों का स्टाफ है। इनमें तीन चालक तथा 7 फायरमैन व 1 एएफएसओ हैं जबकि जुलाना कि फायर स्टेशन में 21 पद हैं, जिनमें से केवल 11 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में कर्मचारियों को 8 घंटे की बजाय 12 घंटे तक ड्यूटी करने पर मजबूर होना पड़ रही है। 12 घंटे ड्यूटी करने के बाद भी कर्मचारियों को 6 माह से वेतन नहीं मिल पाया है, जिसके चलते कर्मचारियों को आर्थिक संकट से होकर गुजरना पड़ रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आग पर काबू पाने के लिए जींद से बुलानी पड़ी गाड़ियां</h4>
<p style="text-align:justify;">जुलाना ब्लॉक में अगर आगजनी की कोई बड़ी घटना हो जाती है तो जींद दमकल विभाग से फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ती है। जिससे आग ज्यादा फैल जाती है और नुकसान की आशंका ज्यादा बढ़ जाती रास्ता नहीं होने से भी आ सकती है बड़ी तबाही जुलाना के सभी पहुंचायक मार्गों की हालत खस्ता बनी हुई है। सभी सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं तो जींद-रोहतक मार्ग को फोर लेन करने का काम भी चला हुआ है, जिसके चलते घटना स्थल तक पहुंचने मेंं ही अधिक समय लग जाता है और घटनास्थल पर गाड़ी लेट पहुंचती है। समय लगने से आग इस तपती गर्मी में अधिक भयानक रूप ले लेती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर कर्मियों का विभाग मार्केट कमेटी से अलग हो गया था। जिसके लिए पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का रिकार्ड चढ़ाना पड़ता है। सब काम पूरे हो गए हैं। जल्द ही कर्मचारियों के खातों में उनका वेतन आ जाएगा।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>भूप सिंह, एफएसओ जींद।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Apr 2022 01:39:42 +0530</pubDate>
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                <title>अब खत्म होगा अग्निश्मन वाहनों का टोटा</title>
                                    <description><![CDATA[सराहनीय। शहरों में हाइड्रोलिक प्लेटफार्म व दो टर्न टेबल लैडर खरीदने की प्रकिया शुरू चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश सरकार पूरी अग्निश्मन व्यवस्था को एक छत के नीचे ला रही है, ताकि पालिका, हुडा, एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में आपत्ति की स्थिति में अग्निश्मन यंत्रों की जरूरत को पूरा किया जा सके। शहरी इलाकों में ऊंचे भवनों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/improvement-in-fire-extinguisher-vehicles/article-2722"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/fire-extinguisher.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सराहनीय। शहरों में हाइड्रोलिक प्लेटफार्म व दो टर्न टेबल लैडर खरीदने की प्रकिया शुरू</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश सरकार पूरी अग्निश्मन व्यवस्था को एक छत के नीचे ला रही है, ताकि पालिका, हुडा, एचएसआईआईडीसी क्षेत्र में आपत्ति की स्थिति में अग्निश्मन यंत्रों की जरूरत को पूरा किया जा सके। शहरी इलाकों में ऊंचे भवनों को ध्यान में रखते हुए 32 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, 55 मीटर के दो टर्न टेबल लैडर, 70 मीटर ऊंचाई के दो हाइड्रोलिक प्लेटफार्म तथा 101 मीटर का एक प्लेटफार्म खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई है।</p>
<h2>एक छत तले आएगा अग्निश्मन सिस्टम</h2>
<p>शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश में अग्निश्मन सेवाओं की स्थिति को सुधार लाने के मकसद से जहां पूरी व्यवस्था को एक छत के नीचे लाया जा रहा है, वहीं विभाग को ढांचागत मजबूती देने के लिए संसाधनों को जुटाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पालिकाओं में अग्निश्मन वाहनों की कमी को देखते हुए विभाग ने सबसे पहले 56 अग्निश्मन गाड़ी तथा 102 अग्निश्मन यंत्र चालित मोटरसाइकिल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब इनके संबंध में निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इन वाहनों की खरीद पूरी होने से प्रदेश के ग्रामीण, शहरी इलाकों में अग्निश्मन वाहनों की कमी दूर होने के साथ-साथ अग्निशमन सेवाओं में और सुधार आएगा ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दमकल वाहनों पर खर्च होंगे 35 करोड़</h3>
<p style="text-align:justify;">कविता जैन ने बताया कि वर्ष 2015-16 के दौरान 74 अग्निश्मन वाहन तैयार कराए गए थे और 10 करोड़ रूपए की राशि खर्च करते हुए 34 छोटे अग्निश्मन वाहन तैयार कराए गए। वर्तमान वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 35 करोड़ रूपए के बजट का निर्धारण अग्निश्मनों सेवाओं को दुरूस्त करने के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों विभागों के तहत आने वाले कर्मचारी, अधिकारियों को एक छत के नीचे लाकर न केवल व्यवस्था को सुदृढ करने के प्रयास किए जाएंगे, अपितु उनकी क्षमता के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Jul 2017 07:42:53 +0530</pubDate>
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