<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/indira-gandhi/tag-4822" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Indira Gandhi - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/4822/rss</link>
                <description>Indira Gandhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Operation Blue Star: ऑपरेशन ब्लू स्टार फैसला अकेले इंदिरा का नहीं था: चिदंबरम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Operation Blue Star: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार का फैसला पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अकेले का नहीं था लेकिन फिर भी इसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी। चिदंबरम ने प्रख्यात […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/operation-blue-star-decision-was-not-indira-alone-chidambaram/article-76811"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/new-delhi-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Operation Blue Star: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार का फैसला पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अकेले का नहीं था लेकिन फिर भी इसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी। चिदंबरम ने प्रख्यात पत्रकार लेखक खुशवंत सिंह के साहित्य पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि श्रीमती गांधी भले ही प्रधानमंत्री थीं लेकिन आॅपरेशन ब्लू स्टार का उनका फैसला अकेले का नहीं था। उनका कहना था कि उस समय सेना, पुलिस तथा पंजाब के नेताओं के साथ मिलकर उन्होंने यह निर्णय लिया था। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा “मैं मानता हूँ कि श्रीमती गांधी ने उस गलती की कीमत अपनी जान देकर चुकाई। वह गलती सेना, पुलिस, खुफिया विभाग और सिविल सेवाओं का मिला-जुला फैसला था। आप इसके लिए केवल श्रीमती गांधी को दोष नहीं दे सकते।” चिदंबरम के पूर्व प्रधानमंत्री पर दिए इस बयान की कांग्रेस के कई नेताओं ने चिदंबरम की आलोचना की है। गौरतलब है कि आपरेशन ब्लू स्टार के तहत सेना ने 01 जून 1984 से अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में वहां छिपे खालिस्तान समर्थक खाड़कुओं के सफाए के लिए 08 दिन तक चला था। इन खड़कुओं में खालिस्तान नेता जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए 08 दिन तक आॅपरेशन चलाया था। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Cricket News: जानते हों ना इस भारतीय गेंदबाज को… जब मैदान पर उतरते हैं तो बल्लेबाजों के लिए मुसीबतें खड़ी हो जाती…" href="http://10.0.0.122:1245/kuldeep-yadav-has-taken-five-five-wicket-hauls-in-fifteen-test-matches/">Cricket News: जानते हों ना इस भारतीय गेंदबाज को… जब मैदान पर उतरते हैं तो बल्लेबाजों के लिए मुसीबतें खड़ी हो जाती…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/operation-blue-star-decision-was-not-indira-alone-chidambaram/article-76811</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/operation-blue-star-decision-was-not-indira-alone-chidambaram/article-76811</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 17:48:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-10/new-delhi-5.jpg"                         length="99814"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदिरा गांधी और वल्लभ भाई पटेल को अर्पित किए श्रद्धासुमन</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुआ पुष्पांजलि कार्यक्रम | Hanumangarh News हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बलिदान दिवस व लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मंगलवार को टाउन में रावतसर रोड पर ज्ञानसिंह कॉलोनी स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इसके अंतर्गत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/tributes-paid-to-indira-gandhi-and-vallabhbhai-patel/article-54352"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/vallabhbhai-patel-iindra-g.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुआ पुष्पांजलि कार्यक्रम | Hanumangarh News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बलिदान दिवस व लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मंगलवार को टाउन में रावतसर रोड पर ज्ञानसिंह कॉलोनी स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इसके अंतर्गत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी की अध्यक्षता में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कांग्रेसजनों ने इंदिरा गांधी व सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने कहा कि एक ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण रखने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। दूसरे ने आधुनिक भारत के निर्माण, विवादास्पद मुद्दों पर विजय, आत्मनिर्भरता तथा देश की एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। समूचा देश उनके आगे नतमस्तक है। दादरी ने कहा कि समाजवाद को संविधान में शामिल कराने वाली, हरित क्रांति की प्रणेता और देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भारत ही नहीं पूरे विश्व की नेता थीं। वे पूरे विश्व में आयरन लेडी के नाम से विख्यात थीं। उन्होंने गरीबी हटाओ का नारा दिया। वे 1966 से 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री रहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी। इस विरासत की वह अग्रणी नेता बनकर उभरी। एक प्रधानमंत्री में रूप में देश के लिए उनका योगदान देश कभी नहीं भूलेगा। 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध में देश की ऐतिहासिक विजय में इंदिरा गांधी की दृढ़ता का भी बड़ा योगदान था। यह वह समय था जब उन्हें देशवासी ही नहीं पूरी दुनिया ने लौह महिला मान लिया। देश की आजादी में भी उनका योगदान था। इंदिरा गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की अखंडता व एकता के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं देश की स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल के प्रयासों से ही अखंड भारत के निर्माण का सपना पूरा हुआ। सरदार पटेल कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने आजादी में भी काम किया और देश के आजाद होने के बाद देश को एकसूत्र में पिराने का भी काम किया। 586 रियासतों को एकसूत्र में पिरोने का काम सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें लौहपुरुष की उपाधि से नवाजा। दादरी ने कहा कि इन महान विभूतियों के अधूरे सपनों को साकार कर एक नया भारत बनाएंगे। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">पुष्पांजलि कार्यक्रम में पीसीसी सचिव मनीष मक्कासर, पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र चौधरी, पीसीसी के पूर्व महामंत्री मनीष धारणिया, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन, कृषि उपज मंडी समिति अध्यक्ष अमर सिंह सिहाग, नगर परिषद उपसभापति अनिल खीचड़, कार्यक्रम मीडिया प्रभारी अश्विनी पारीक, महिला कांग्रेस पर्यवेक्षक सरोज शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव नवनीत संधू, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष वर्षा कर्मचंदानी, पूर्व महासचिव जगदीश सिंह राठौड़, पूर्व प्रधान जयदेव भिड़ासरा, जिला परिषद सदस्य मोहम्मद हुसैन, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष इशाक खान, मोहनलाल इंदलिया, सरपंच नेतराम, वारिस अली, एलडी सांखला, महेंद्र चतुर्वेदी, सुभाष शर्मा, बलदेव कुक्कड़, डॉ. रविन्द्र गौतम, कालूराम गोदारा, जाकिर हुसैन, सोहन सांगा, सुखचैन सिंह, मनीष बब्बर सहित कई अन्य कांग्रेस जन मौजूद रहे। Hanumangarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="National Unity Day: ‘भारत के लौह पुरुष’ की ‘छाया’ में कैसे एक सोए हुए गांव का चेहरा बदल गया?" href="http://10.0.0.122:1245/how-did-the-face-of-a-sleeping-village-change-under-the-shadow-of-the-iron-man-of-india/">National Unity Day: ‘भारत के लौह पुरुष’ की ‘छाया’ में कैसे एक सोए हुए गांव का चेहरा बदल …</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/tributes-paid-to-indira-gandhi-and-vallabhbhai-patel/article-54352</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/tributes-paid-to-indira-gandhi-and-vallabhbhai-patel/article-54352</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 15:54:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-10/vallabhbhai-patel-iindra-g.jpg"                         length="57481"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम ने इंदिरा गांधी और रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र के लिए रानी लक्ष्मीबाई के महत्वपूर्ण योगदान पर उन्हें याद किया हैं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘हमारी पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। एक अन्य ट्वीट में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-pays-tribute-to-indira-gandhi-and-rani-laxmibai-on-their-birth-anniversary/article-39987"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/indira-gandhi-jayanti.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र के लिए रानी लक्ष्मीबाई के महत्वपूर्ण योगदान पर उन्हें याद किया हैं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘हमारी पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। हमारे देश के लिए उनके साहस और महत्वपूर्ण योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वह औपनिवेशिक शासन के अपने दृढ़ विरोध के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मोदी ने लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने के लिए पिछले वर्ष इसी दिन किए झांसी के अपने दौरे की तस्वीरें भी साझा कीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>खडगे, सोनिया ने इंदिरा गांधी को उनकी जयंती पर किए श्रद्धा सुमन अर्पित</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे तथा पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को शक्ति स्थल पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 105वीं जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। खडगे तथा श्रीमती गांधी आज सुबह करीब साढ़े सात बजे शक्ति स्थल पर पहुंचे और पुष्प अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस ने कहा कि भारत की सुरक्षा एवं अखंडता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाली लौह महिला को राष्ट्र नमन कर रहा है। शक्तिस्थल पर इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस नेता पवन बंसल, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी वर्ष 19 नवंबर 1917 को राजनीतिक प्रभावशाली नेहरू परिवार में हुआ था। इनके पिता जवाहरलाल नेहरू और इनकी माता कमला नेहरू थीं। इन्दिरा को उनका ‘गांधी’ उपनाम फिरोज गाँधी से विवाह के पश्चात मिला था। वह 1966 से 1977 तक लगातार तीन बाद देश की प्रधानमंत्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। वह देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थी।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/pm-pays-tribute-to-indira-gandhi-and-rani-laxmibai-on-their-birth-anniversary/article-39987</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/pm-pays-tribute-to-indira-gandhi-and-rani-laxmibai-on-their-birth-anniversary/article-39987</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 10:12:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-11/indira-gandhi-jayanti.jpg"                         length="77842"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदिरा गांधी की राजनीति</title>
                                    <description><![CDATA[बात 1969 की है। इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं। उस समय कांग्रेस में कुछ बुजुर्ग नेताओं का सिंडिकेट हावी था। इंदिरा गांधी की भूमिका राम मनोहर लोहिया के शब्दों में गूंगी गुड़िया से ज्यादा नहीं थी। पार्टी में उनको सुनने वाले बहुत कम थे। इंदिरा चाहती थीं कि वीवी गिरि को राष्ट्रपति बनना चाहिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/politics-of-indira-gandhi/article-39776"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/indira-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बात 1969 की है। इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं। उस समय कांग्रेस में कुछ बुजुर्ग नेताओं का सिंडिकेट हावी था। इंदिरा गांधी की भूमिका राम मनोहर लोहिया के शब्दों में गूंगी गुड़िया से ज्यादा नहीं थी। पार्टी में उनको सुनने वाले बहुत कम थे। इंदिरा चाहती थीं कि वीवी गिरि को राष्ट्रपति बनना चाहिए पर पार्टी में सक्रिय सिंडिकेट ने नीलम संजीव रेड्डी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था। तब इंदिरा गांधी ने बगावत कर दी और रेड्डी हार गए। मोरारजी देसाई को वित्त मंत्री पद से हटाने के बाद से ही सिंडिकेट के नेता इंदिरा से नाराज थे। रेड्डी की हार ने उन्हें और परेशान कर दिया। उन्हें लगता था कि अगर प्रधानमंत्री ही पार्टी के नेता को सपोर्ट नहीं करेंगी तो कौन करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के उस समय के अध्यक्ष एस निजालिंगप्पा के खिलाफ सिग्नेचर कैम्पेन शुरू हो गया। इंदिरा भी अलग-अलग राज्यों में जाकर कांग्रेसियों को अपने पक्ष में लामबंद कर रही थीं। इंदिरा समर्थकों ने स्पेशल कांग्रेस सेशन बुलाने की मांग की ताकि नया प्रेसीडेंट चुना जा सके। गुस्से में निजालिंगप्पा ने इंदिरा को ओपन लेटर लिखा और इंटरनल डेमोक्रेसी खत्म करने का आरोप लगाया। इंदिरा ने भी निजालिंगप्पा की बैठकों में भाग लेना बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक नवंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की दो जगहों पर मीटिंग हुईं। एक प्रधानमंत्री आवास में और दूसरी कांग्रेस के जंतर-मंतर रोड कार्यालय में। तब कांग्रेस कार्यालय में हुई मीटिंग में इंदिरा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाल दिया गया और संसदीय दल से कहा गया कि वे अपना नया नेता चुन लें। इंदिरा ने फौरन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों की मीटिंग बुलाई, जिसमें कांग्रेस के 429 सांसदों में से 310 ने भाग लिया। इंदिरा ने कांग्रेस के दो टुकड़े कर दिए। इंदिरा की पार्टी का नाम रखा गया कांग्रेस (आर) और दूसरी पार्टी हो गई कांग्रेस (ओ)। तब इंदिरा ने सीपीआई और डीएमके की मदद से कांग्रेस (ओ) के अविश्वास प्रस्ताव को गिरा दिया।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/politics-of-indira-gandhi/article-39776</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/politics-of-indira-gandhi/article-39776</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Nov 2022 09:52:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-11/indira-gandhi.jpg"                         length="139789"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी</title>
                                    <description><![CDATA[तीन अक्टूबर 1977 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार किया गया था। (Indira Gandhi) उन पर चुनाव प्रचार के लिए जीप की खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप था। कहा गया कि 1977 के लोकसभा चुनाव के दौरान रायबरेली में इंदिरा के लिए 100 जीपें खरीदी गई थीं। इनका भुगतान कांग्रेस ने नहीं बल्कि उद्योगपतियों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/literature/indira-gandhi/article-38542"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/indira-gandhi--e1664786411932.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तीन अक्टूबर 1977 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार किया गया था। (Indira Gandhi) उन पर चुनाव प्रचार के लिए जीप की खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप था। कहा गया कि 1977 के लोकसभा चुनाव के दौरान रायबरेली में इंदिरा के लिए 100 जीपें खरीदी गई थीं। इनका भुगतान कांग्रेस ने नहीं बल्कि उद्योगपतियों ने किया था। साथ ही सरकारी पैसे का भी इस्तेमाल किया गया था। उस समय मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार थी और गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह थे। माना जाता है कि इमरजेंसी में जिस तरह इंदिरा गांधी ने विरोधियों को परेशान किया, उनसे कई नेता नाराज थे। वे चाहते थे कि जिस तरह उन्हें जेल भेजा गया, वैसा ही इंदिरा के साथ भी किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">चरण सिंह तो इसके लिए अड़ ही गए थे, जबकि मोरारजी देसाई कोई भी गैरकानूनी कदम नहीं उठाना चाहते थे। तब, 3 अक्टूबर को इंदिरा गांधी के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और गिरफ्तार भी किया। उन्हें बड़कल लेक गेस्ट हाउस में हिरासत में रखना था, लेकिन उन्हें किंग्सवे कैम्प की पुलिस लाइन में बनी आॅफिसर्स मेस में रखा गया। 4 अक्टूबर की सुबह मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया तो सामने आया कि इंदिरा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। तब तकनीकी आधार पर उन्हें बरी कर दिया गया। जनता पार्टी की इस राजनीतिक भूल को ‘आॅपरेशन ब्लंडर’ कहा जाता है। इंदिरा को इसका नुकसान नहीं बल्कि फायदा हुआ। इमरजेंसी लगाने के कारण जनता में इंदिरा के खिलाफ गुस्सा था। जनता सरकार के इस कदम की वजह से इंदिरा के खिलाफ गुस्सा सहानुभूति में बदलने लगा। इसका असर 1980 के चुनावों में दिखा। जब इंदिरा ने फिर से सत्ता में वापसी की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">21 अन्य पार्टियों के साथ भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 545 में से 296 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं। अटलजी के नेतृत्व में पहली बार किसी गठबंधन सरकार ने पांच साल पूरे किए। इसके बाद 2004 से 2014 तक मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए की सरकार ने देश पर शासन किया।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>साहित्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/literature/indira-gandhi/article-38542</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/literature/indira-gandhi/article-38542</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Oct 2022 14:04:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-10/indira-gandhi--e1664786411932.jpg"                         length="77650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदिरा गांधी जयंती पर विशेष: आयरन लेडी के नाम से मशहूर थी इंदिरा गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्र भारत के इतिहास में चंद लोग ऐसे हुए हैं, जिन्होंने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर अपनी अमिट छाप छोड़ी और उनके व्यक्तित्व की मिसालें दी गईं। इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी भी एक ऐसा ही नाम है, जिन्हें उनके निर्भीक फैसलों और दृढ़निश्चय के चलते ‘लौह महिला’ कहा जाता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indira-gandhi-jayanti-2/article-11193"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/indira-gandhi--e1664786411932.jpg" alt=""></a><br /><h2>जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के यहां जन्मी कन्या को उसके दादा मोतीलाल नेहरू ने इंदिरा नाम दिया था</h2>
<p><strong>Edited By Vijay Sharma</strong></p>
<p><strong>सच कहूँ डेस्क ।</strong> स्वतंत्र भारत के इतिहास में चंद लोग ऐसे हुए हैं, जिन्होंने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर अपनी अमिट छाप छोड़ी और उनके व्यक्तित्व की मिसालें दी गईं। इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी भी एक ऐसा ही नाम है, जिन्हें उनके निर्भीक फैसलों और दृढ़निश्चय के चलते ‘लौह महिला’ कहा जाता है। जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के यहां 19 नवंबर,1917 को जन्मी कन्या को उसके दादा मोतीलाल नेहरू ने इंदिरा नाम दिया और पिता ने उसके सलोने रूप के कारण उसमें प्रियदर्शिनी भी जोड़ दिया। फौलादी हौसले वाली इंदिरा गांधी ने लगातार तीन बार और कुल चार बार देश की बागडोर संभाली और वह देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। भारत की आयर लेडी के नाम से मशहूर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए वर्ष 1984 का दौर राजनीतिक दृष्टि से बेहद उतार चढ़ाव से भरा था।</p>
<h2>सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के बाद भी इंदिरा गांधी ने अपने सिख अंगरक्षकों को नहीं हटाया।</h2>
<p>इंदिरा गांधी के बारे में कहा जाता है कि वह एक मजूबत इरादों वाली महिला थीं यही कारण था कि सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के बाद भी उन्होंने अपने सिख अंगरक्षकों को नहीं हटाया। 30 अक्टूबर, 1984 को इंदिरा ने भुवनेश्वर में एक एतिहासिक भाषण दिया था। कहा जाता है कि उनके तेवर उस दिन बदल गए थे। लिखे भाषण से अलग उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा “मैं आज यहां हूँ कल शायद न रहूं। मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं। मेरा लंबा जीवन रहा है और मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आखिरी साँस तक ऐसा करती रहूंगी और जब मैं मरूंगी तो मेरे खून का एक एक कतरा भारत को मजबूत करने में लगेगा।”</p>
<h2>सुरक्षाकर्मी बेअंत सिंह ने अपनी रिवाल्वर निकालकर फायरिंग की</h2>
<p>भाषण देने के बाद इंदिरा राजभवन लौट गईं। सोनिया गांधी के मुताबिक उस रात वह बहुत कम सो पाई थीं। 31 अक्टूबर, 1984 तकरीबन सुबह साढ़े सात बजे तक इंदिरा गांधी तैयार हो चुकी थीं। उस दिन काले बॉर्डर वाली केसरिया रंग की साड़ी पहनी थीं। उनका पहला अपोइंटमेंट उनके ऊपर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले पीटर उस्तीनोव के साथ था। इसके बाद दोपहर में उनको ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री जेम्स कैलेघन से मिलना था। साथ ही मिजोरम की एक नेता के साथ भी उनकी मीटिंग थी। रात में वो ब्रिटेन की राजकुमारी ऐन के साथ डिनर करने वाली थीं। खैर, नाश्ता कर वो करीब 9 बजकर 10 मिनट पर बाहर आईं। उस दिन धूप चटकदार थी। उनको धूप से बचाने के लिए सिपाही नारायण सिंह काला छाता लेकर उनके साथ चल रहे थे। इस दिन उनके साथ आरके धवन थे।</p>
<p>वह आरके से पूरे दिन की प्लानिंग के बारे में डिस्कस कर रहे थे। तभी अचानक वहां तैनात सुरक्षाकर्मी बेअंत सिंह अपनी रिवाल्वर निकालकर इंदिरा पर फायरिंग करना शुरू कर दिया। उसकी पहली गोली उनके पेट में लगी। इसके बाद बेअंत ने इंदिरा पर दो गोलियाँ और फायर की जो उनके सीने के साथ कमर में जा लगी। वहीं पर सतवंत ऑटोमैटिक कारबाइन के साथ कुछ फुट की दूरी पर खड़ा था। वो दहशत में था। तभी उसका साथी बेअंत उसे चिल्लाकर कहता गोली चलाओ। सतवंत होश में आता है और 25 गोलियों से इंदिरा के जिस्म को छलनी कर दी।</p>
<h2>एम्बुलेंस का चालक था नदारद</h2>
<p>इंदिरा का शरीर खून से लथपथ था। सुरक्षाकर्मी सतवंत और बेअंत को पकड़ चुके थे। वहां एम्बुलेंस तो खड़ी थी मगर चालक नदारद था। ऐसे में इंदिरा के सलाहकार माखनलाल ने कार निकालने को कहा। इंदिरा को जमीन से उठाकर सफ़ेद अम्बेसडर की पिछली सीट पर आरके धवन और सुरक्षाकर्मी दिनेश रखते हैं। तभी सोनिया नगे पैर गउन में मम्मी-मम्मी चिल्लाते भागते आईं। उसी हालत में वो इंदिरा के सिर को अपनी गोद में रखकर बैठ गईं। कार तेज रफ्तार से एम्स की तरफ भाग रही थी। सोनिया का गाउन इंदिरा के खून से भीग चुका था। 9 बजकर 32 मिनट पर कार एम्स पहुंची। डॉक्टर इंदिरा को इस हालत में देखकर हैरान थे। मिनटों में वहां सूचना पर डॉक्टर गुलेरिया, एस बालाराम और एमएम कपूर पहुंच गए। अस्पताल के बाहर उनके समर्थकों का हुजूम उनके जीवन की प्रार्थना कर रहा था। इंदिरा के दिल की मामूली गतिविधि दिखाई दे रही थी। उनकी आंखों की पुतलियां फैल चुकी थीं, डॉक्टर के अनुसार उनके दिमाग को काफी नुकसान हुआ था। तब एक डॉक्टर ने उनके मुंह के जरिये उनकी साँस की नली में एक ट्यूब डाली ताकि उनको ऑक्सीजन पहुंच सके और उनको किसी तरह जीवित रखा जाये।</p>
<h2>गोलियों से उनकी बड़ी आंत में दर्जनों छेद हो चुके थे</h2>
<ul>
<li><strong>4 घंटे तक वह अस्पताल के ऑपरेशन रूम में थीं। </strong></li>
<li><strong>उनको ओ निगेटिव  के 80 बोतल खून चढ़ चुके थे। </strong></li>
<li><strong>हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उन्हें गोली मारे जाने के बाद ही उनकी जान जा चुकी थी। </strong></li>
<li><strong>गोलियों से उनकी बड़ी आंत में दर्जनों छेद हो चुके थे। छोटी आंत भी क्षत विक्षत हो गई थीं।</strong></li>
<li><strong> बहरहाल उनकी मौत की पुष्टि के लिए डॉक्टर गुलेरिया ने ईसीजी किया।</strong></li>
<li><strong> उनकी आत्मा उनका शरीर छोड़ चुकी थीं। इसके बाद भी उनकी मौत की पुष्टि कुछ देर के लिए रोकी गई। </strong></li>
<li><strong>फिर उन पर हुए हमले के लगभग 4 घंटे बाद 2 बजकर 23 मिनट पर इंदिरा गांधी को मृत घोषित किया गया।</strong></li>
<li><strong> हालांकि सरकारी प्रचार माध्यमों से शाम 6 बजे उनकी मौत की घोषणा की गई। इस तरह 80 यूनिट खून भी इंदिरा गांधी के काम न आ सका।</strong></li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/indira-gandhi-jayanti-2/article-11193</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/indira-gandhi-jayanti-2/article-11193</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Nov 2019 11:18:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-11/indira-gandhi--e1664786411932.jpg"                         length="77650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदिरागांधी के पैटर्न पर राजनीति नहीं करती भाजपा : शाह</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर उठ रही उंगलियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी या सरकार इंदिरा गांधी के पैटर्न पर राजनीति नहीं करती। तीन दिवसीय लखनऊ दौरे के अंतिम दिन सोमवार को शाह ने संवाददाताओं से कहा कि यदि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर उठ रही उंगलियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी या सरकार इंदिरा गांधी के पैटर्न पर राजनीति नहीं करती। तीन दिवसीय लखनऊ दौरे के अंतिम दिन सोमवार को शाह ने संवाददाताओं से कहा कि यदि कोई भाजपा में शामिल होना चाहता है या गठबंधन कर सरकार बनाना चाहता है तो पार्टी उसे क्यों रोकेगी। स्वेच्छा से कोई मिलना चाहता है तो उसका स्वागत है, लेकिन एक बात तय है कि भाजपा या उसकी सरकारें इंदिरागांधी के पैटर्न पर राजनीति नहीं करती।</p>
<h2 style="text-align:justify;"> गठबंधन से अलग होकर भाजपा से नाता जोड़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">बिहार में आए राजनीतिक बदलाव में नीतिश कुमार का पक्ष लेते हुए उन्होंने कहा कि कुमार ने किसी को मंत्रिमंडल से निकाला नहीं और न ही कोई दल तोड़ा। उन्होंने स्वेच्छा से गठबंधन से अलग होकर भाजपा से नाता जोड़ा। इसमें भाजपा या नीतिश कुमार कहां गलत हो गए। गुजरात में कांग्रेस विधायकों को लालच देने के आरोपों को भाजपा अध्यक्ष ने बेबुनियाद बताया और सवाल किया कि बंगलुरु में तो कांग्रेस की सरकार है, वहां विधायकों को कमरे में क्यों रखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होने वाले कई नेताओं को चुनाव लड़वाया गया। वह जनादेश से जनप्रतिनिधि चुने गए। भाजपा ने किसी दल को तोड़कर लोगों को नहीं शामिल किया था। जनता ने शामिल होने वालों को चुनकर उन्हें राजनीतिक मान्यता भी दे दी। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य राज्य में ही बने रहेंगे। उन्होंने मौर्य के केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को सिरे से खारिज किया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘भाजपा अध्यक्ष पद छोड़ने का सवाल ही नहीं’</h2>
<p style="text-align:justify;">राज्यसभा में जाने की स्थिति में भाजपा अध्यक्ष पद छोड़ने की अटकलों को विराम देते हुए अमित शाह ने कहा कि उनके पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है और वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी खुशी और तन्मयता से निभा रहे हैं। शाह ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में राज्यसभा का सदस्य बनने की स्थिति में भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफे के प्रश्न पर कहा कि कोई सवाल नहीं है। नरेन्द्र मोदी को आजादी के बाद देश का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री करार देते हुए शाह ने कहा कि मोदी ने देश का सम्मान दुनिया में बढ़ाया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/bjp-not-politics-on-indira-gandhi-pattern-shah/article-2750</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/bjp-not-politics-on-indira-gandhi-pattern-shah/article-2750</guid>
                <pubDate>Mon, 31 Jul 2017 06:18:45 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        