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                <title>Air Pollution - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Air Pollution RSS Feed</description>
                
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                <title>दिल्ली सरकार कर रही पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए काम: दिल्ली सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार वायु प्रदूषण नियंत्रण, पौधरोपण और पर्यावरण सुधार के लिए सालभर 360 डिग्री रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही दिल्ली में विकास कार्यों और छठ घाट सौंदर्यीकरण की समीक्षा भी की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/delhi-government-is-working-to-improve-the-environment-delhi-cm/article-85347"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/rekha-gupta-plant-a-tree.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर पर्यावरण के लिए 360 डिग्री पर काम कर रही है। चाहे वायु प्रदूषण की समस्या हो या फिर अधिक से अधिक पौधरोपण, सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि दिल्ली का पर्यावरण बेहतर से बेहतर बनाया जा सके। Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण सिर्फ दो महीनों की चुनौती नहीं है बल्कि यह एक ऐसा काम है जिसे पूरे साल करना होता है। इसके लिए हमारी सरकार दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है और प्रदूषण को ठीक करने पर गंभीरता से काम कर रही है। कई नई पहल की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने कहा कि आप सभी को याद होगा कि दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने स्टार्टअप्स की एक बहुत बड़ी प्रदर्शनी आयोजित की थी, जहां लोग पर्यावरण को बेहतर बनाने और प्रदूषण को खत्म करने के लिए नए, इनोवेटिव आइडिया लेकर आए थे। हमने उन्हें प्रदर्शित किया और आईआईटी दिल्ली के सहयोग से हमने उनका मूल्यांकन किया। हमने उनमें से सबसे बेहतरीन प्रोजेक्ट्स को चुना और अब हम उन्हें दिल्ली में लागू कर रहे हैं। Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मुनक नहर पर भव्य छठ घाट के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां चल रहे कार्यों की ऑन-ग्राउंड समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। एक दौर था, जब छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के बिना कठिन परिस्थितियों में आस्था का पर्व मनाना पड़ता था। आज वही स्थान नई व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के साथ श्रद्धा के सम्मान का प्रतीक बनने जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, उन्होंने शालीमार बाग विधानसभा के एडी ब्लॉक और पीतमपुरा के एपी ब्लॉक में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शालीमार बाग में नागरिक सुविधाओं का एक नया ढांचा तैयार हो रहा है। आधुनिक सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, स्वच्छ नालियां, व्यवस्थित पार्किंग, वॉकवे, सार्वजनिक शौचालय और सुंदर पार्क, ये सभी कार्य स्थानीय लोगों की जरूरतों और आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। इस अवसर पर निगम पार्षद अनीता जैन जी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:57:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: वायु प्रदूषण बढ़ाने वालों पर नगर निगम ने ठोंका 14.10 लाख रुपये जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[वायु प्रदूषण पर सख्ती, ग्रेप के तहत नगर निगम गुरुग्राम की कड़ी कार्रवाई गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज़)। Gurugram News: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम सख्ती अपना रहा है। वायु प्रदूषण बढ़ाने पर 274 मामलों में नगर निगम ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/municipal-corporation-fines-those-causing-air-pollution/article-79547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/gurugram-news-10.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">वायु प्रदूषण पर सख्ती, ग्रेप के तहत नगर निगम गुरुग्राम की कड़ी कार्रवाई</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Gurugram News: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम सख्ती अपना रहा है। वायु प्रदूषण बढ़ाने पर 274 मामलों में नगर निगम ने 14.10 लाख रुपये जुमार्ना ठोंका है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों के मामलों में सख्ती से काम किया। निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार डस्टबिन का उपयोग न करने पर 170 व्यक्तियों पर 75 हजार रुपये का जुमार्ना लगाया गया। कचरा जलाने के 28 मामलों में 1.40 लाख रुपये, कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन गतिविधियों से जुड़े 10 मामलों में 2.60 लाख रुपये तथा धूल उड़ाने वाली गतिविधियों के तीन मामलों में 75 हजार रुपये का जुमार्ना किया गया। इसके अलावा कचरा फैलाने के नौ मामलों में 45 हजार रुपये, प्रतिबंध के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने के 51 मामलों में 7.90 लाख रुपये तथा बिना ढके निर्माण सामग्री रखने के 3 मामलों में 15 हजार रुपये के चालान किए गए हैं। निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। Gurugram News</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के मुताबिक धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा व्यापक स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत शहर की मुख्य सडकों की सफाई मैकेनाइज्ड की जा रही है। इस कार्य के लिए 18 मशीनें रात्रि के समय सडकों की सफाई में लगी रहती हैं, ताकि दिन के समय यातायात बाधित न हो और धूल का प्रभाव कम किया जा सके। नगर निगम की 10 ट्रक माउंटेड स्प्रिंकलर कम एंटी स्मॉग गन मशीनें प्रतिदिन शहर की विभिन्न सडकों पर शोधित पानी का छिडकाव कर रही हैं। इनके अलावा टैंकरों के माध्यम से भी लगातार पानी का छिडकाव किया जा रहा है, जिससे हवा में मौजूद धूल के कणों को जमाया जा सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे खुले में कचरा न जलाएं, निर्माण सामग्री को ढककर रखें और नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों का पालन कर स्वच्छ व स्वस्थ गुरुग्राम के निर्माण में सहयोग दें। Gurugram News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड की न्यायालय की निगरानी में हो सीबीआई जांच: कांग्रेस" href="http://10.0.0.122:1245/court-monitored-cbi-probe-into-ankita-bhandari-murder-case-congress/">Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड की न्यायालय की निगरानी में हो सीबीआई जांच: कांग्रेस</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 17:37:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: गुरुग्राम में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बैठक आयोजित, वायु गुणवत्ता सुधारने पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदूषण नियंत्रण के लिए परिवहन, सड़क धूल, निर्माण कार्य व कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस: प्रदीप दहिया निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वार्षिक कार्य योजना पर हुई विस्तृत चर्चा गुरुग्राम (सच कहूूँ न्यूज)। Gurugram News: शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meeting-held-in-gurugram-regarding-air-pollution-control/article-79361"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/gurugram-news-7.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रदूषण नियंत्रण के लिए परिवहन, सड़क धूल, निर्माण कार्य व कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस: प्रदीप दहिया</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वार्षिक कार्य योजना पर हुई विस्तृत चर्चा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम (सच कहूूँ न्यूज)।</strong> Gurugram News: शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। निगम कार्यालय में आयोजित इस बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक कार्य योजना विस्तार से चर्चा हुई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह योजना केंद्र सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना में परिवहन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां, सड़क धूल नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित आवरण बढ़ाने और जन-जागरुकता जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। योजना के तहत शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। ई-बसों और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाने, नए ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सड़क धूल नियंत्रण और सड़क पुनर्विकास | Gurugram News</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2026 तक 300 सड़कों को धूल-मुक्त बनाने और लगभग 3500 किलोमीटर सड़कों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ठोस कचरा और डंप साइट प्रबंधनबंधवाड़ी डंप साइट पर पड़े लगभग 16 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निपटान के लिए चरणबद्ध योजना बनाई गई है। लक्ष्य है कि मार्च 2028 तक डंप साइट को पूरी तरह साफ किया जाए और आधुनिक कचरा प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाए। स्कूलों, आरडब्ल्यूए, कॉलेजों और नागरिक समूहों के माध्यम से जागरुकता अभियान, स्ट्रीट प्ले, मीडिया और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए नागरिकों को स्वच्छ हवा के प्रति जिम्मेदार बनाने की योजना है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम की संख्या बढ़ाने, सभी विभागों को समन्वय से काम करने, सडकों की बेहतर सफाई तथा सीएंडडी वेस्ट, बागवानी वेस्ट, धूल-मिट्टी उठाने संबंधी निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। बैठक में जीएमडीए, एचएसवीपी, पुलिस, एचएसपीसीबी, पीडब्ल्यूडी, जीएमसीबीएल व नगर निगम के अधिकारीगण उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab Weather: पंजाब के लोगों हो जाओ सावधान, ये दो दिन होगी भारी बारिश, कहीं बाहर जा रहे हो तो ये खबर जरूर पढ़ें" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-will-experience-heavy-rain-for-two-days/">Punjab Weather: पंजाब के लोगों हो जाओ सावधान, ये दो दिन होगी भारी बारिश, कहीं बाहर जा रहे हो तो ये खबर जरूर पढ़ें</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meeting-held-in-gurugram-regarding-air-pollution-control/article-79361</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 19:52:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: धान का सीजन खत्म, उसके बाद भी बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर, एक्यूआई फिर 270 पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[वायु प्रदूषण बढ़ने से बढ़ी आँखों की ओपीडी जींद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बार फिर खतरे के स्तर पर पहुंच गया है, जिस वजह से आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और अन्य कई प्रकार की समस्या लोगो को आ रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/paddy-season-is-over-yet-pollution-levels-are-rising/article-78518"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/kaithal-news-15.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">वायु प्रदूषण बढ़ने से बढ़ी आँखों की ओपीडी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>जींद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Kaithal News: वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बार फिर खतरे के स्तर पर पहुंच गया है, जिस वजह से आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और अन्य कई प्रकार की समस्या लोगो को आ रही थी। रविवार को जिले का एक्यूआई 270 तक जा पहुंचा जोकि बहुत खराब श्रेणी में आता है | हालांकि अब धान का सीजन समाप्त हो चुका है और पराली जलाने की घटनाएँ भी नही हो रही, लेकिन इसके बावजूद शहर सहित आसपास के इलाको में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। धान के सीजन में प्रदूषण बढने का दोष किसानो के ऊपर लगाया जाता है लेकिन अब किस वजह से प्रदूषण बढ़ रहा इस तरफ कोई ध्यान नहीं देना चाहता और न ही बड़े बड़े पर्यावरण प्रेमी इस बढ़ते प्रदूषण के स्तर पर कोई सवाल उठा रहे है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">कैथल का एक्यूआई. स्तर रविवार को 250 से 270 तक दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। वहीं जींद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 को भी पार कर गया और यह 313 तक दर्ज किया गया | इस स्तर पर हवा में पी.एम. 2.5 और पी.एम. 10 जैसे सूक्ष्म कणों की मात्रा सामान्य मानक से कई गुना अधिक पाई जाती है। पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी खराब हवा में लंबे समय तक रहने से फैफड़ों, हृदय और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चिमनियों से दिन रात निकल रहा धुआं | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">शहर में लगे कारखानों की बड़ी बड़ी चिमनियों से लगातार दिन रात धुआं निकल रहा है। यह धुआं स्वास्थ्य के लिए उतना ही खतरनाक है जितना किसान के खेत में जलने वाली पराली से उठता हुआ धुआं है। लेकिन न तो। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन पर कोई कार्रवाई कर रहा और न ही जिला प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान दे रहा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को आंखों पर चश्मे और मुंह पर मास्क पहनने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि लगातार ऐसी हवा में सांस लेना दिन में कई सिगरेट पीने के बराबर नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चों और बुजुर्गों को घर से कम से कम बाहर निकलने और बेवजह खुली हवा में घूमने से बचना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वायु प्रदूषण बढ़ने से बढ़ी आँखों की ओपीडी</h3>
<p style="text-align:justify;">शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की आँखों पर पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र ओपीडी जो सामान्य दिनों में 100-110 के आसपास रहती है वह प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही 150 के करीब पहुँच जाती है | आँखों के मरीज अस्पताल पहुँच रहे हैं, जिनमें अधिकांश को आँखों में जलन, लालपन, खुजली और पानी आने जैसी समस्याएँ हो रही हैं। नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार प्रदूषण में मौजूद धूलकण, धुआँ और जहरीली गैसें आँखों की सतह को प्रभावित कर रही हैं, जिससे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को बाहर निकलते समय चश्मा पहनने, आँखों को बार-बार धोने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिये। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Weather News: उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव, दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि" href="http://10.0.0.122:1245/air-pollution-levels-have-increased-significantly-in-the-ncr-region-including-delhi-noida-and-gurugram/">Weather News: उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव, दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/paddy-season-is-over-yet-pollution-levels-are-rising/article-78518</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 15:59:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather News: उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव, दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[Weather News: उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में कई जगहों पर हल्का से घना कोहरा छाया रहा। होशियारपुर, नवांशहर, रोपड़, पंचकूला, यमुनानगर, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर और श्रावस्ती में सुबह के समय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/air-pollution-levels-have-increased-significantly-in-the-ncr-region-including-delhi-noida-and-gurugram/article-78516"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/weather-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Weather News: उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में कई जगहों पर हल्का से घना कोहरा छाया रहा। होशियारपुर, नवांशहर, रोपड़, पंचकूला, यमुनानगर, सहारनपुर, हरिद्वार, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर और श्रावस्ती में सुबह के समय विजिबिलिटी कम देखी गई। हरियाणा और पंजाब के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस फरीदकोट में रिकॉर्ड किया गया, जबकि हरियाणा में हिसार का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। चंडीगढ़ का तापमान 7.9 तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.9 कम है। दोनों राज्यों में पिछले 24 घंटों के दौरान औसत न्यूनतम तापमान में लगभग 0.7–0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई। दूसरी तरफ अरब सागर में केरल के तटीय इलाकों पर बने सिस्टम के चलते दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश जारी है। वहीं, मध्य भारत में भी बादलवाही बढ़ने लगी है, जिससे मौसम में नमी बनी हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिल्ली-एनसीआर: प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, 50% वर्क फ्रॉम होम</h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम समेत एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि देखी गई है। यहां कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। ग्रैप के तहत नियम सख्त कर दिए गए हैं। सरकारी, नगरपालिका और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जा रही है, ताकि प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत मौसम के बुलेटिन के अनुसार आने वाले दिनों में कोहरा और ठंड में और बढ़ोतरी की संभावना है। 27 नवंबर तक न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ ने कहा कि इस दौरान मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। उन्होंने किसानों को मौसम का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द गेहूं की बिजाई पूरी करने की सलाह दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कहाँ कितना एक्यूआई | Weather News</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">गाजियाबाद-437</li>
<li style="text-align:justify;">हापुड़-420</li>
<li style="text-align:justify;">नोएडा-418</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा-399</li>
<li style="text-align:justify;">चरखी-दादरी-396</li>
<li style="text-align:justify;">बहादुरगढ़-392</li>
<li style="text-align:justify;">दिल्ली-391</li>
<li style="text-align:justify;">मुजफ्फरनगर-382</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="“कलम की ताकत” शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी: वीरेंद्र सिंह " href="http://10.0.0.122:1245/deenbandhu-sir-chaudhary-chhotu-ram-birth-anniversary-celebrated-at-mavlankar-hall-constitution-club-delhi/">“कलम की ताकत” शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी: वीरेंद्र सिंह </a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/air-pollution-levels-have-increased-significantly-in-the-ncr-region-including-delhi-noida-and-gurugram/article-78516</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 15:07:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए कड़े हुए नियम</title>
                                    <description><![CDATA[वर्क फ्रॉम होम पर सरकार करेगी फैसला नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Delhi Air Pollution: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और उनकी निगरानी के लिए बने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के नियमों को और कड़ा कर दिया है जिसके बाद मौजूदा परिस्थितियों में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/stricter-rules-to-tackle-pollution-in-delhi-ncr/article-78444"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/new-delhi-8.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">वर्क फ्रॉम होम पर सरकार करेगी फैसला</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Delhi Air Pollution: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और उनकी निगरानी के लिए बने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के नियमों को और कड़ा कर दिया है जिसके बाद मौजूदा परिस्थितियों में राज्य सरकारों को सरकारी और निजी कार्यालयों में आधे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने पर फैसला करना होगा। ग्रैप के तहत चार चरणों के प्रावधान हैं। जैसे-जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है क्रमश: चरण-1, 2, 3 और 4 लागू होता है। आयोग के आदेश से 11 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण लागू है। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने शुक्रवार को नियमों में जो बदलाव किये हैं उसके तहत स्टेज-4 के कुछ प्रावधान अब स्टेज-3 का हिस्सा बन गये हैं। एनसीआर और राष्ट्रीय राजधानी टेरिटरी प्रशासन के अधीनस्थ सरकारों को सरकारी, स्थानीय निकायों के और निजी कार्यालयों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला करना होगा। केंद्र सरकार भी अपने कार्यालयों में कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे सकती है। स्टेज-4 के कुछ प्रावधानों को अब स्टेज-3 में शामिल किया गया है। इनमें राष्ट्रीय राजधानी टेरिटरी में सरकारों के लिए अपने कार्यालयों की टाइमिंग में अलग-अलग स्लॉट तैयार करना होता है। इसमें दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं। एनसीआर के अन्य इलाकों के लिए भी यह नीति लागू करना संबंधित राज्य सरकारों के लिए वैकल्पिक होता है। केंद्र सरकार भी दिल्ली-एनसीआर में अपने कार्यालयों के लिए इसी तरह का फैसला ले सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब ग्रैप के पहले चरण में ही बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी ताकि डीजी सेट तथा अन्य वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जा सके। यातायात को सुगम बनाना होगा। टेलिविजन, रेडियो और समाचार माध्यमों से लोगों को सुझाव दिया जायेगा और मेट्रो तथा बसों के फेरे बढ़ाकर सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना होगा। अब तक ये सभी प्रावधान स्टेज-2 में शामिल थे। उल्लेखनीय है कि सीएक्यूएम ने 17 नवंबर को उच्चतम न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान नियमों में इन बदलावों का प्रस्ताव रखा था। अगली सुनवाई में 19 नवंबर को शीर्ष अदालत ने कहा था कि आयोग को इन प्रस्तावों को लागू कर सकता है। दिल्ली में शुक्रवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 364 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मिल्क्वीड की खेती से देश में एक क्रांति ला सकती है: गिरिराज सिंह" href="http://10.0.0.122:1245/milkweed-cultivation-can-bring-about-a-revolution-in-the-country-giriraj-singh/">मिल्क्वीड की खेती से देश में एक क्रांति ला सकती है: गिरिराज सिंह</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/stricter-rules-to-tackle-pollution-in-delhi-ncr/article-78444</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 17:26:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: पंजाब, हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी</title>
                                    <description><![CDATA[Air Pollution: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को कटाई के मौसम में पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने की घटनाओं में भारी गिरावट दर्ज की। आयोग ने पिछले वर्ष की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में कमी की रिपोर्ट करते हुए बताया कि इस वर्ष […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/stubble-burning-incidents-decline-in-punjab-haryana/article-77760"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/air-pollution.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Air Pollution: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मंगलवार को कटाई के मौसम में पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने की घटनाओं में भारी गिरावट दर्ज की। आयोग ने पिछले वर्ष की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में कमी की रिपोर्ट करते हुए बताया कि इस वर्ष 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच पंजाब में पराली जलाने की 2,518 घटनाएँ दर्ज की गईं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की 4,132 घटनाओं से लगभग 40 प्रतिशत कम है। वहीं, हरियाणा में भी धान की पराली जलाने की घटनाओं में काफी अधिक गिरावट देखी गई, जहाँ 2024 में 857 मामले थे, इस वर्ष 145 मामले दर्ज किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनयी है कि आयोग ने चंडीगढ़ में एक प्रकोष्ठ खोला है और पंजाब और हरियाणा में 31 उड़न दस्ते भी तैनात किए हैं। आयोग ने पंजाब में 2,161 और हरियाणा में 121 जाँच अभियानों में अब तक पंजाब में 52.75 लाख रुपये और हरियाणा में 3 लाख रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) जुमार्ना लगाया है। कृषि अपशिष्ट जलाने पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत किसानों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। पंजाब में सोमवार तक दर्ज की गई प्राथमिकियों की संख्या 946 थी, जबकि हरियाणा में 42 मामले दर्ज किए गए। आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। दिवाली की पूर्व संध्या को शहर में चरण2 श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) को लागू किया गया था। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक नवंबर से भारत स्टेज-3 और उससे नीचे के उन सभी वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनका पंजीकरण दिल्ली में नहीं हुआ है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मंगलवार को थोड़ा सुधार देखा गया। दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 291 रहा, जो सोमवार के औसत 309 से थोड़ा बेहतर है। इस दिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में आ गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 11:41:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: कैथल पर प्रदुषण की मार, एक्यूआई @391 पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[पराली जलाने के 4 नए मामले आये कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: आंखों में जलन, सांसों में घुटन, नजर और मंजर के बीच धुआं, ये आलम आज कल कैथल जिले में देखने को मिल रहा है। आसमान को प्रदूषण की चादर ने ढक लिया है। कैथल में वायु प्रदुषण अब खतरनाक स्तर पर पहुंच […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/pollution-hits-kaithal-four-new-cases-of-stubble-burning-report/article-77680"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/kaithal-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पराली जलाने के 4 नए मामले आये</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> Kaithal News: आंखों में जलन, सांसों में घुटन, नजर और मंजर के बीच धुआं, ये आलम आज कल कैथल जिले में देखने को मिल रहा है। आसमान को प्रदूषण की चादर ने ढक लिया है। कैथल में वायु प्रदुषण अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जिस वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो दिनों पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर कम था, लेकिन शनिवार को एक्यूआइ फिर से बढ़ गया जो रविवार को भी बढ़कर 400 के करीब पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार 200 से ऊपर एक्यूआइ का स्तर खराब माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि शुक्रवार को जिले में एक्युआइ 100 के करीब आ गया था लेकिन रविवार सुबह 350 से शुरू हुआ एक्युआइ शाम होते होते 391 तक चला गया है। इससे पहले दीपावली पर भी 300 से ऊपर एक्युआइ चला गया था जोकि आमजन के लिए दिक्क्कते पैदा कर रहा है। वही कैथल के पडोसी जिले जींद की बात कि जाये तो इसका एक्यूआई भी रविवार को 300 से ऊपर रहा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फसल अवशेष जलाने के चार मामले आये | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">एक्यूआइ का स्तर बढने के अनेक कारण है जिनमे धूल का उड़ना, कचरे में आगजनी और धन के अवशेष जलाना मुख्यत होते है। शहर में कई स्थानों पर सरेआम कचरें में आग लगाई जाती हैं लेकिन नगर परिषद की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके अलावा जिले में धान के अवशेष जलाने के भी चार मामले सामने आये है, जिनमे एक गुहला, एक कलायत और दो राजौंद में पाए गये है। जिले में अब तक 17 मामले सामने आ चुके है जिनमे 35 हजार से ऊपर जुर्माना लगाया जा चुका है। बता दे कि धान के अवशेष जलाने से रोकने के लिए जिले में 272 टीमें लगाई गयी है जो लगातार किसानों को जागरूक कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदूषण की मार झेल रहे कैथल वासियों ने कहा कि लोगों को प्रदूषण की वजह से कई तरह की परेशानी हो रही हैं. पिछले कुछ दिनों में सांस लेने और गले में संक्रमण के साथ आंखों में जलन ज्यादा हो रही है | हवा में हमेशा धूल और गंदगी रहती है जिस कारण आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें जलन होने लगती है | ऐसे में हालात ये है कि अस्पतालों में बड़ी बड़ी लाइन लग रही है। पिछले कुछ दिनों से ओपीडी में वृद्धि हुई है। Kaithal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">इस तरह रहा रविवार को एक्युआइ</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>समय कैथल जींद </strong><br />
सुबह 2 बजे 358 329<br />
सुबह 5 बजे 344 319<br />
सुबह 10 बजे 354 307<br />
दोपहर 12 बजे 318 310<br />
दोपहर 3 बजे 331 311<br />
शाम 5 बजे 391 318</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Fatehabad History: फतेहाबाद को किसने बसाया था, इतिहास जानकर आप भी हैरान हो जाओगे, जानिये" href="http://10.0.0.122:1245/who-founded-fatehabad-you-will-be-surprised-to-know-this-history/">Fatehabad History: फतेहाबाद को किसने बसाया था, इतिहास जानकर आप भी हैरान हो जाओगे, जानिये</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/pollution-hits-kaithal-four-new-cases-of-stubble-burning-report/article-77680</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 14:47:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पराली जलाने के मामलो में आई बड़ी कमी लेकिन प्रदूषण नहीं हुआ कम, अब जिम्मेदार कौन?</title>
                                    <description><![CDATA[कैथल में 250 पार लेकिन फसल अवशेष जलाने के मामले सिर्फ चार हर साल प्रदूषण के लिए किसानो को दोषी मना जाता था, इस बार कौन बढ़ा रहा प्रदूषण? कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Kaithal News: कैथल सहित पूरे हरियाणा में पिछले दो दिन में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। ऐसे में आंखों में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/there-has-been-a-decrease-in-stubble-burning-cases-but-pollution-has-not-reduced/article-77218"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/kaithal-news-5.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कैथल में 250 पार लेकिन फसल अवशेष जलाने के मामले सिर्फ चार</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>हर साल प्रदूषण के लिए किसानो को दोषी मना जाता था, इस बार कौन बढ़ा रहा प्रदूषण?</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। </strong>Kaithal News: कैथल सहित पूरे हरियाणा में पिछले दो दिन में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। ऐसे में आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कतों जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इस बार कृषि विभाग के अधिकारी भी फसल अवशेष प्रबंधन पर पूरी तरह से सक्रिय है और जिले में नाममात्र की घटनाये सामने आई है लेकिन प्रदूषण के बम अब भी फूट रहा है। ऐसे में अब किसे दोषी माना जायेगा ? कुछ लोगो का कहना है कि दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद जिले में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। दिवाली पर लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। लोगों का कहना है कि दिवाली की रौनक अब शहर के लिए धुएं और प्रदूषण का कारण बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आतिशबाजी के चलते शहर की हवा खतरनाक स्तर तक दूषित हो गई। देर रात तक आसमान में आतिशबाजी का शोर और पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां दिखाई पड़ रही थी। जिसके परिणामस्वरूप मंगलवार दिन में यह 273 दर्ज किया गया तो रात को 300 के आंकड़े को पार कर गया जोकि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक श्रेणी में आंका जाता है। बता दें कि इस बार लाेगों की ओर से दो दिन लगातार बड़ी दिवाली मनाई गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैथल में पराली जलाने के मामले सिर्फ चार | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">हर बार प्रदूषण का ठीकरा किसानों के सिर फूटता आया है। लेकिन इस बार फसल अवशेष जलाने के मामलो में बड़ा अंतर है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले में पराली जलाने के अभी तक सिर्फ 4 मामले सामने आए हैं। इस बार पराली जलाने की घटनाओ में बड़ी कमी आई है। पूरे हरियाणा में अभी तक सिर्फ 55 जगहों पर पराली जलाने के मामले दर्ज किये गये है जबकि पिछले साल अब तक 655 मामले सामने आ चुके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई हर साल जो किसानो पर प्रदुषण का ठीकरा फोड़ा जाता था वो सही था? क्योकि कैथल सहित पुरे हरियाणा में अभी तक जो मामले सामने आये है उनको देखकर लगता नहीं कि ये प्रदुषण सिर्फ किसान द्वारा फसल अवशेष जलाने से बढ़ता हो ? बहुत से अन्य कारण भी हैं जो इस प्रदुषण को बढ़ाने में बराबर के हिस्सेदार है लेकिन किसानो को दोषी मानकर सरकारे और जनता बाकि चीजो से ध्यान हटा लेती थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रदूषण के अन्य कारको की तरफ नहीं किसी का ध्यान</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, अंधाधुंध कंस्ट्रक्शन, सड़कों की धूल, इंडस्ट्री, बड़ी बड़ी चिमनिया और एसयूवी कारों के अलावा बढ़ रहे प्रदूषण का एक बड़ा कारण लगातार कम होता वन क्षेत्र भी है. लेकिन कुछ पर्यावरणविदों ने प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान को ही खलनायक बना दिया है। हालाँकि इस बात से बिल्कुल भी इंकार नहीं किया जा सकता कि पराली जलाने से प्रदुषण नहीं होता लेकिन एक सच्चाई ये भी है इसके साथ अन्य बहुत से संसाधन भी जिम्मेदार है। प्रदुषण के अन्य कारणों में ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और धूल से प्रदूषण कायम रहा है , जिस और बहुत कम ध्यान दिया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कृषि मंत्री कह चुके है प्रदूषण के लिए सिर्फ किसान को जिम्मेदार मानना गलत</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने पिछले साल एक बयान मे कहा भी था कि ऐसा कहना गलत है कि सारा प्रदूषण किसान कर रहा है. दिल्ली में सिर्फ किसानों की वजह से प्रदूषण नहीं है, दिल्ली की आबादी और अन्य कई संसाधन भी इसके लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार है. जहां लोग ज्यादा होंगे, वहां प्रदूषण भी ज्यादा होगा. एयरपोर्ट और प्लेन से भी प्रदूषण होता है. कंस्ट्रक्शन के काम से भी होता है। Kaithal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">300 से ऊपर खतरनाक</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बोर्ड की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे है। पेड़ पौधों पर पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है। बारिश के बाद प्रदूषण सामान्य था, दीपावली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के मध्य खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब, 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Bhai Dooj: भाई दूज पर पर्यावरण संरक्षण और सुख-समृद्धि के लिए की त्रिवेणी रोपित" href="http://10.0.0.122:1245/triveni-was-planted-on-bhai-dooj-for-environmental-protection-and-happiness-and-prosperity/">Bhai Dooj: भाई दूज पर पर्यावरण संरक्षण और सुख-समृद्धि के लिए की त्रिवेणी रोपित</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 15:46:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: दिवाली के पटाखों के बीच वायु गुणवत्ता स्तर 469 तक पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[पटाखों के धुएं से बढ़ा वायु प्रदूषण, कोहरे के जैसा हो गया आसमान गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। Gurugram News: दिवाली की खुशियों के बीच गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता स्तर काफी बढ़ गया। यहां का एक्यूआई स्तर 469 तक पहुंंच गया। यह पर्यावरण प्रदूषण का बहुत ही खतरनाक स्तर रहा। पटाखों के धुएं के कारण यहां […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/diwali-firecrackers-have-significantly-worsened-gurugrams-air-quality/article-77183"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/gurugram-news-6.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पटाखों के धुएं से बढ़ा वायु प्रदूषण, कोहरे के जैसा हो गया आसमान</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Gurugram News: दिवाली की खुशियों के बीच गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता स्तर काफी बढ़ गया। यहां का एक्यूआई स्तर 469 तक पहुंंच गया। यह पर्यावरण प्रदूषण का बहुत ही खतरनाक स्तर रहा। पटाखों के धुएं के कारण यहां का पर्यावरण काफी प्रभावित हुआ। दिवाली पर पटाखों की बिक्री के लिए सुप्रीमकोर्ट ने दो दिन तक ग्रीन पटाखों की बिक्री की छूट दी गई थी। जिस तरह से यहां प्रदूषण का स्तर इतना अधिक बढ़ गया, उससे साफ है कि ग्रीन पटाखों की आड़ में प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की धड़ल्ले से बिक्री हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों द्वारा पटाखों की मांग को देखते हुए पटाखों के दाम भी कई गुणा तक बढ़ा दिए गए। बच्चों के पटाखों का एक पैकेट दिवाली से दो दिन पहले 250 रुपये में बिक रहा था, लेकिन दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली वाले दिन उसे 500-600 रुपये तक में बेचा गया। यह तो सिर्फ एक पैकेट की बात है। बड़े लोगों के लिए बड़े बम-पटाखों के भी दाम कई गुणा वसूले गए। इन पर नियंत्रण लगाने के लिए सरकार, प्रशासन की तरफ से कोई प्रयास नजर नहीं आए। लोगों ने भारी मात्रा में पटाखे जमा कर लिए थे। Gurugram News</p>
<p style="text-align:justify;">दिवाली की रात को इन पटाखों को जलाने के साथ ही पर्यावरण का स्तर काफी खतरनाक स्थिति में हो गया। मंगलवार की सुबह सडकों, गलियों में बम-पटाखों के जले हुए अवशेष पड़े नजर आए। भारी मात्रा में ये अवशेष थे। इनको देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सका कि रात के समय कितने पटाखे जलाए गए। इसी के साथ ही गुरुग्राम शहर का वायु गुणवत्ता स्तर (एक्यूआई) 469 रहा। इसे अति गंभीर स्थिति माना जाता है। दिवाली से एक दिन पहले भी वातावरण में कोहरे की तरह से प्रदूषण छाया रहा और दिवाली के एक दिन बाद मंगलवार को भी यही स्थिति रही।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/diwali-firecrackers-have-significantly-worsened-gurugrams-air-quality/article-77183</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 17:13:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: दीपावाली के बाद सरसा, जींद समेत इन महानगरों में हवा हुई सबसे ज्यादा खराब</title>
                                    <description><![CDATA[Air Pollution: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। दिल्ली के लोगों को दीपावाली के बाद मंगलवार और बुधवार की सुबह धुंध भरी धुंध के साथ जागना पड़ा क्योंकि शहर की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गयी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दीपावली की रात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सभी महानगरों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/after-diwali-the-air-quality-in-these-cities-including-sirsa-and-jind-became-the-worst/article-77160"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/air-pollution.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Air Pollution: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दिल्ली के लोगों को दीपावाली के बाद मंगलवार और बुधवार की सुबह धुंध भरी धुंध के साथ जागना पड़ा क्योंकि शहर की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गयी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दीपावली की रात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सभी महानगरों की तुलना में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। आज शाम चार बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 351 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।नइसके बाद मुंबई का स्थान रहा जहां एक्यूआई 211 रहा, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य महानगरों का प्रदर्शन बेहतर रहा, कोलकाता (174), चेन्नई (142), और हैदराबाद (116) सभी में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘मध्यम’ रहा। बेंगलुरु एकमात्र प्रमुख शहर रहा जहां वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही और वहां एक्यूआई 100 से नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों ने दिल्ली की वायु गुणवत्ता में तीव्र गिरावट के लिए पटाखों का जलना, हवा की स्थिर स्थिति और तापमान में कमी का कारण बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और एनसीआर में दीपावली की पूर्व संध्या और दीपावली की रात को निर्धारित समय में हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति प्रदान की थी। वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूवार्नुमान एवं अनुसंधान प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश निगरानी केंद्रों, विशेषकर मध्य एवं पूर्वी दिल्ली मे, रात में पीएम 2.5 के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, जींद 421 एक्यूआई के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर रहा, उसके बाद धारूहेड़ा (412), नारनौल (390) और रोहतक (376) रहा जबकि गुरुग्राम (370), बहादुरगढ़ (368), सिरसा (353) और चरखी दादरी (353) बेहद खराब श्रेणी में रहे। दिल्ली के पड़ोसी शहरों गाजियाबाद (324), नोएडा (320), मानेसर (320) और हापुड़ (314) में भी इसी तरह की जहरीली वायु देखी गई। दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के नियमों का व्यापक उल्लंघन देखा गया, जहां उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिनों के बाद और निर्धारित समय के बाद भी पटाखे फोड़ना जारी रहा, जिससे धुंध बढ़ गई।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 12:16:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Air Pollution: वायु प्रदूषण कम करने को लगातार हो रहे पानी के छिड़काव से राहत: विक्रमादित्य सिंह मलिक</title>
                                    <description><![CDATA[नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में हॉट सिटी के प्रदूषण के स्तर को कम करने का निरंतर प्रयास जारी | Ghaziabad News: निगम की अपील: प्रदूषण रोकने को शहरवासी अपने घरों के आसपास प्रतिष्ठानों के आसपास पानी का छिड़काव समय समय पर करते रहें शहर में 25 टैंकरों से और पांच अन्य मशीनों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-corporation-is-continuously-spraying-water-in-the-city-with-twenty-five-tankers-and-five-other-machines/article-64657"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/ghaziabad-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में हॉट सिटी के प्रदूषण के स्तर को कम करने का निरंतर प्रयास जारी | Ghaziabad News:</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>निगम की अपील:</strong> प्रदूषण रोकने को शहरवासी अपने घरों के आसपास प्रतिष्ठानों के आसपास पानी का छिड़काव समय समय पर करते रहें</li>
<li>शहर में 25 टैंकरों से और पांच अन्य मशीनों से लगातार निगम करा रहा पानी का छिड़काव</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)।</strong> Ghaziabad Air Pollution: राजधानी दिल्ली से सटे हॉट सिटी में शुमार शहर गाजियाबाद में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा शहर में नियमित पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। सार्वजनिक स्थल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थल, बस अड्डे, व अन्य स्थानों पर जहां आवागमन अधिक बना रहता है। वहां निरंतर पानी का छिड़काव हो रहा है। जलकल विभाग की टीम पानी के छिड़काव के लिए ग्राउंड लेवल पर कार्य कर रही हैl उन्होंने कहा कि बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम टीम निरंतर प्रयासरत है। Ghaziabad News</p>
<p style="text-align:justify;">और निगम अधिकारियों को मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। लगातार वॉटर स्प्रिंकलर मुख्य मार्गो को कवर कर रहे हैं, और सार्वजनिक स्थलों को कवर करते हुए,सीवर जेटिंग मशीन और पानी के टैंकरों के माध्यम से तेजी से कार्य जारी है। नगर आयुक्त ने बताया कि इस कार्य में करीब 25 टैंकरों के माध्यम से तथा पांच अन्य मशीनों के माध्यम से निरंतर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। कहा कि हवा में शुद्धता लाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम जन सहयोग के लिए भी अपील करता है, कि वह अपने घरों के आसपास प्रतिष्ठानों के आसपास पानी का छिड़काव समय -समय पर करते रहें। Ghaziabad News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Road Accident: ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार तीन की मौत" href="http://10.0.0.122:1245/three-bike-riders-died-after-being-hit-by-a-truck/">Road Accident: ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार तीन की मौत</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-corporation-is-continuously-spraying-water-in-the-city-with-twenty-five-tankers-and-five-other-machines/article-64657</link>
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                <pubDate>Sun, 24 Nov 2024 19:35:08 +0530</pubDate>
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