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                <title>चेतावनी: सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाने पर होगी जेल</title>
                                    <description><![CDATA[अब फर्जी खबरों की साइबर एक्सपर्ट करेंगे जांच सरसा(सच कहूँ न्यूज)। सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और अफवाहें फैलाने वालों को अब जेल जाना पड़ सकता है। सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी तथा बेबुनियाद खबरें और अफवाहें फैलाकर समाज में सांप्रदायिक दंगे, भ्रम, घृणा, दहशत और दुश्मनी फैलाने वालों को अब 3 साल तक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/will-be-jailed-for-spreading-false-rumors-on-social-media/article-37868"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/fake-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>अब फर्जी खबरों की साइबर एक्सपर्ट करेंगे जांच</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा(सच कहूँ न्यूज)।</strong> सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और अफवाहें फैलाने वालों को अब जेल जाना पड़ सकता है। सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी तथा बेबुनियाद खबरें और अफवाहें फैलाकर समाज में सांप्रदायिक दंगे, भ्रम, घृणा, दहशत और दुश्मनी फैलाने वालों को अब 3 साल तक की सजा हो सकती है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि डीएसपी मुख्यालय साधुराम पर आधारित पुलिस टीम सोशल मीडिया पर जिला पुलिस से संबंधित फर्जी व आधारहीन खबरों की जांच कराएगी और झूठी खबर परोसने वाले लोगों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराएगी, क्योंकि झूठी और बेबुनियाद खबरें समाज में अशांति फैलाने और सांप्रदायिकता व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं जोकि अपराध की श्रेणी में आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर झूठी तथा बिना किसी पुष्टि के भ्रामक प्रचार करने वालों पर नजर रखने के लिए डीएसपी साधुराम की अध्यक्षता में साइबर थाना के एक्सपर्ट शामिल किए गए हैं जो जिला से संबंधित सोशल मीडिया पर सभी खबरों पर नजर रखेंगे तथा झूठी अफवाह फैलाकर समाज को भ्रमित करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>झूठी अफवाहों से लोगों में फैल रही दहशत: एसपी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">एसपी ने कहा कि ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं, इस दौरान कुछ लोग समाज में भ्रम तथा अफवाह फैलाने के लिए पोस्ट तैयार कर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं, जिससे घरों में बैठे लोगों के बीच दहशत फैल जाती है। डॉ. जैन ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति गलत अफवाह फैलाने वाले पोस्ट करेगा तो मामला दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने इसी क्रम में जिला के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे फेसबुक, ट्विटर तथा इंस्टाग्राम आदि पर साइबर हेल्प डेस्क की मद्द से पैनी नजर रखें तथा झूठी व बेबुनियाद खबरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर समाज में भ्रम तथा दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Sep 2022 08:18:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>अफवाहों व सोशल मीडिया का दुरुपयोग बन रहे तनाव का कारण</title>
                                    <description><![CDATA[अनपढ़ता और अफवाहें जब मिल जाएं तो यह उथल-पुथल मचा देती हैं। सोशल मीडिया ने अफवाहों को पंख लगा दिए हैं। असम में दो युवाओं को बच्चे उठाने वाले समझकर गांववासियों ने पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। पिछले कई दिनों से असम में बच्चों को उठाने संबंधी अफवाहें फैल रहीं थी। दूसरी तरफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">अनपढ़ता और अफवाहें जब मिल जाएं तो यह उथल-पुथल मचा देती हैं। सोशल मीडिया ने अफवाहों को पंख लगा दिए हैं। असम में दो युवाओं को बच्चे उठाने वाले समझकर गांववासियों ने पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। पिछले कई दिनों से असम में बच्चों को उठाने संबंधी अफवाहें फैल रहीं थी। दूसरी तरफ प्रशासन व पुलिस तंत्र इतना सुस्त है कि ऐसी अफवाहों पर तब ध्यान देता है जब कोई बड़ा हादसा घटित हो जाए। पिछड़ापन इतना ज्यादा है कि जनता और प्रशासन के बीच बड़ी खाई पैदा हो गई है। (Artical)</p>
<p style="text-align:justify;">खासकर बंगाल, बिहार, उड़ीसा जैसे राज्यों में ग्रामीण क्षेत्र अनपढ़ता व अफवाहों के कारण बदतर परिस्थितियों से गुजर रहा है। पिछले महीनों में चोटी काटने की अफवाहों ने तब कई जानें ले ली जब किसी अज्ञात वृद्ध महिला की तरफ से चोटी काटने की अफवाह फैला दी गई। सोशल मीडिया ने ऐसी अफवाहों का प्रभाव कई गुणा बढ़ा दिया। सोशल मीडिया बुरा नहीं पर इसका दुरुपयोग बुरा है। यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह समझाए की मीडिया की आजादी व समाज की सुरक्षा के बीच किस तरह संतुलन रखना है।</p>
<p style="text-align:justify;">नि:सन्देह अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनन सजा का प्रावधान है लेकिन सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों की बड़ी गिनती इन कानूनों से ही अनभिज्ञ है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने संबंधी ऐसा कोई प्रबंध होना चाहिए कि इंटरनेट का कनैक्शन देने या मोबाइल फोन की खरीदारी के समय कानून संबंधी जानकारी लिखित रूप में दी जाए ताकि लोगों में जागरुकता के साथ-साथ कानून का भय भी पैदा हो। (Artical)</p>
<p style="text-align:justify;">कई पिछड़े क्षेत्रों में अनपढ़ता के कारण हिंसा इतनी ज्यादा बढ़ रही है कि लोग आरोपी को कानून के हवाले करने की बजाय कबीलाई सोच अपनाकर सजा देने लगे हैं। कई जगहों पर निर्दोष व्यक्तियों को चोर समझकर मार दिया गया। भड़की जनता बेगुनाह लोगों की जान ले लेती है। भीड़ पर कोई कार्रवाई नहीं होती, मामला रफा-दफा हो जाता है। भीड़ की आड़ में असामाजिक तत्व अपराध कर जाते हैं। ऐसी घटनाएं भारतीय सभ्यता, कानून और सरकार के नाम पर कलंक हैं। इस विष य में प्रभावी शिक्षाा व कानून व्यवस्था के प्रबंध किए जाने आवश्यक हैं। (Artical)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Jun 2018 09:36:40 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>बाल काटने की अफवाहें बंद हों</title>
                                    <description><![CDATA[देश का अफवाहों से नाता ऐसा जुड़ा हुआ है कि साल दो साल बाद एक नैशनल अफवाह फैल जाती है। इन अफवाहों से लोगों में दहशत तो पैदा होती ही है, कई बार जानी नुक्सान भी होता है। पंजाब हरियाणा व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आज-कल महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/stop-rumors-of-hair-cutting/article-2864"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/hair-cutting.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश का अफवाहों से नाता ऐसा जुड़ा हुआ है कि साल दो साल बाद एक नैशनल अफवाह फैल जाती है। इन अफवाहों से लोगों में दहशत तो पैदा होती ही है, कई बार जानी नुक्सान भी होता है। पंजाब हरियाणा व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आज-कल महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं की अफवाहों ने लोगों को परेशान किया हुआ है। रोहतक जिले में तो एक बुजुर्ग महिला को बाल काटने वाली समझ कर गांव वासियों ने पीट-पीट कर मार डाला।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य कई जगह पर भी निर्दोष व कमजोर लोग अफवाह से भड़की भीड़ के शिकार होते हैं। कई जगह रात को पहरे लगे हुए हैं। बेशक इन अफवाहों को पुरूष भी सच मान कर आगे फैला रहे हैं, किन्तु अफवाहों की शुरूआत महिलाओं से ही होती है। भारतीय महिलाएं अधिक संवेदनशील व अंध विश्वास का शिकार मानी जाती हैं, जो सुनी सुनाई बात को हकीकत की तरह पेश करके हजारों लोगों तक पहुंचा देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चोटी काटने का मामला भी महिलाओं से जुड़ा हुआ है। दरअसल इन घटनाओं के पीछे किसी मानसिक रोग का होना अथवा किसी व्यक्ति का परिवार में मानसिक दबाव अधीन रहना है। मानसिक रोगी अपना अंदरूनी गुस्सा परिवार को किसी न किसी रूप में परेशान करके निकालता है। रोगी परिवार में खुद को नजरअंदाज हुआ देख कर दुखी होता है और अपनी बात मनवाने के लिए कई तरह के ढंग ढूंढता है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवारिक सदस्यों के अंध विश्वासी होने के कारण मानसिक रोगी अंध विश्वास का ही सहारा लेता है। रोगी की हरकत पूरे समाज में भूत-प्रेत अथवा ओपरी शह के तौर पर फैल जाती है। वर्तमान समय में चोटी काटने की घटनाएं पुलिस थानों तक भी पहुंच गई हैं और पुलिस असमंजस में है। इससे पहले गांवों में बिज्जू के हमले की अफवाहें फैली थी, जो कि हकीकत से परे थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह एक हरी सब्जी पर विशेष प्रकार के कीड़े के निशाने को देख कर यह अफवाह फैली थी कि सब्जी पर सांप देवता के निशान हैं। इसे खाना नहीं चाहिए। परिणाम स्वरूप लाखों टन तोरी की सब्जी बर्बाद हो गई और सब्जी उत्पादकों को भारी घाटा सहन करना पड़ा। सरकारी स्तर पर इन अफवाहों को रोकने के लिए कोई पहल नहीं की गई। शासन- प्रशासन लोगों को दहशत के माहौल से दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस उन लोगों का भी पर्दाफाश करे, जो अफवाहें नहीं, बल्कि चोरी एवं अपराध करने के लिए ऐसी साजिशें रचते हैं। धर्म महां विज्ञान है। धर्मों में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि कोई भूत-प्रेत मनुष्य को परेशान करते हैं। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में फरमाया है कि इस धरती पर कोई भूत-प्रेत होता ही नहीं। लोग बेशक धर्म की सुनें अथवा विज्ञान की, भूत-प्रेत वाली बात बेबुनियाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Aug 2017 23:59:52 +0530</pubDate>
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