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                <title>ICAR - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>आईसीएआर के पूर्व निदेशक प्रो. चोपड़ा का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्व महानिदेशक और योजना आयोग के पूर्व सदस्य वी एल चोपड़ा का कल यहां निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। प्रो. चोपड़ा का जन्म नौ अगस्त 1936 को रावलपिंडी के निकट अधवाल गांव में हुआ था । उन्होंने दिल्ली के रामजस कालेज और सेन्ट्रल कालेज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/former-director-of-icar-prof-v-l-chopra-died/article-14535"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/v-l-chopra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्व महानिदेशक और योजना आयोग के पूर्व सदस्य वी एल चोपड़ा का कल यहां निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। प्रो. चोपड़ा का जन्म नौ अगस्त 1936 को रावलपिंडी के निकट अधवाल गांव में हुआ था । उन्होंने दिल्ली के रामजस कालेज और सेन्ट्रल कालेज आफ एग्रीकल्चर में अध्ययन किया था। उन्होंने एडीनबर्ग विश्वविद्यालय से जेनेटिक्स (आनुवांशिकी) में पीएचडी की उपाधि हासिल की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जर्मनी के एक विश्वविद्यालय में काम करने के बाद प्रो. चोपड़ा ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में जेनेटिक्स के प्रोफेसर के तौर पर काम किया था और बायोटेक्नोलाजी केन्द्र के संस्थापक निदेशक रहें। उन्हें गेहूं आनुवांशिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल थी तथा उन्होंने ‘पूसा जय किसान’ नामक उच्च उत्पादकता वाली सरसों की किस्म का विकास भी किया था। प्राे. चोपड़ा को पद्म भूषण , विश्व खाद्य दिवस पुरस्कार , बारलॉग पुरस्कार , ओम प्रकाश भसीन पुरस्कार और बी पी पॉल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें बाद में योजना आयोग का सदस्य भी बनाया गया था।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2020 13:52:24 +0530</pubDate>
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                <title>आईसीएआर ने ‘कोविड-19’ जांच और क्वारंटीन केंद्र बनाने का दिया प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[सुझाव: संस्थान ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुरोध पर पेशकश की नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते हुए प्रकोप के मद्देनजर अपनी प्रयोगशालाओं को ‘कोविड-19’ जांच केंद्र तथा अतिथिशाला को क्वारंटीन केंद्र बनाने की पेशकश की है। आईसीएआर ने अपने उच्च गुणवत्ता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/icar-proposes-to-build-covid-19-probe-and-quarantine-center-covid-19-probe/article-13981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/covid-192.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सुझाव: संस्थान ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुरोध पर पेशकश की</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते हुए प्रकोप के मद्देनजर अपनी प्रयोगशालाओं को ‘कोविड-19’ जांच केंद्र तथा अतिथिशाला को क्वारंटीन केंद्र बनाने की पेशकश की है। आईसीएआर ने अपने उच्च गुणवत्ता वाली बेंगलुरु, भोपाल, बरेली और हिसार की प्रयोगशाला को कोरोना जांच केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही संस्थान के अतिथिगृह और छात्रावासों में हजारों बिस्तर वाले क्वारंटीन केंद्र बनाने की पहल की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">संस्थान ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुरोध पर यह पेशकश की है। संस्थान के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा ने बताया कि जिन अतिथि गृहों का उपयोग क्वारंटीन केंद्र के रूप में किया जा सकता है उसकी सूची स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्रीय संस्थानों से समय गंवाए बिना आइसोलेशन केंद्र की सुविधा स्थापित करने के लिए जगह की पहचान करने को लेकर पत्र लिखा है। डॉक्टर महापात्रा ने बताया कि संस्थान की चार प्रयोगशालाओं में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं जहां अटीर्पीसीआर तकनीक की सुविधा और मशीन हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय चाहे तो कोविड-19 की जांच में इसका उपयोग कर सकता है। उपमहानिदेशक कृषि विस्तार ए के सिंह ने बताया कि कुछ प्रयोगशालाओं में पहले से ही माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित काम किया जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कुछ अनुसंधान केंद्रों में पशु रोग को लेकर गहन अध्ययन किया जाता है</h3>
<p style="text-align:justify;">आईसीएआर के कुछ अनुसंधान केंद्रों में पशु रोग को लेकर गहन अध्ययन और शोध किया जाता है। संस्थान के भोपाल स्थित पशु रोग उच्च सुरक्षा राष्ट्रीय संस्थान (एनआईएचएसएडी) ने ‘कोविड-19’ जांच किट विकसित की है। आईसीएआर के कुछ अतिथिगृह न केवल आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं बल्कि इनमें सितारा होटलों जैसी सुविधाएं भी हैं, इसके अलावा संस्थान के छात्रावासों को भी आपातकाल के दौरान क्वारंटीन केंद्र के रूप में उपयोग किया जा सकता है। कृषि मंत्रालय के अधीन कार्यरत इस संस्थान के राष्ट्रीय राजधानी स्थित अतिथिगृह और कैंपस को आनन-फानन में अस्थाई क्वारंटीन केंद्र के रूप में बदला जा सकता है। संस्थान के देशभर में 103 केंद्र हैं जहां अस्थाई तौर पर ऐसी व्यवस्था की जा सकती है। इन केंद्रों में हैदराबाद , भुवनेश्वर ,जोधपुर , पोर्ट ब्लेयर , चेन्नई , हिसार , भोपाल , बीकानेर , नागपुर , लखनऊ , कोच्चि , कटक , रांची , पटना , कानपुर , वाराणसी , मेरठ , अल्मोड़ा , झांसी आदि प्रमुख है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2020 16:10:10 +0530</pubDate>
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                <title>अब पैकेट वाला दूध पीएंगे भारतीय सैनिक</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी सरकार बंद करेगी सेना की गोशालाएं नई दिल्ली । केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के एक फैसले से देश में फिर राजनीति गर्म हो सकती है। रक्षा मंत्रालय ने देश में 39 सैन्य फार्म बंद करने का आदेश दिया है,हालांकि सरकार के इस फैसले पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं। क्योंकि इन फर्म में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/modi-government-will-close-army-cowshed/article-2945"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/armyforce.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">मोदी सरकार बंद करेगी सेना की गोशालाएं</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली ।</strong> केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के एक फैसले से देश में फिर राजनीति गर्म हो सकती है। रक्षा मंत्रालय ने देश में 39 सैन्य फार्म बंद करने का आदेश दिया है,हालांकि सरकार के इस फैसले पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं। क्योंकि इन फर्म में जो गाय पाली जा रही हैं वो देश की सबसे अच्छी नस्ल की गाय हैं। ये गाय देशभर की अन्य गायों की तुलना में भी सबसे ज्यादा दूध देती हैं। इन गोशालओं में करीब 20 हजार गाय पाली जाती हैं। सरकार के इस फैसले से करीब 2,500 कर्मचारियों के रोजगार पर तलवार लटक गई है। आपको बता दें कि पिछले माह ही कैबिनेट की कमेटी ने सेना को आदेश जारी कर 3 माह के अंदर इन गोशालाओं को बंद करने को कहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिफेंस वर्कर ने इसपर चिंता जाहिर की है। क्योंकि गोशालाओं में काम रह रहे कर्मचारी अब बेरोजगार होने की कगार पर आ गए हैं। फेडरेशन ने कहा कि सरकार के इस फैसले से अब भारत की सबसे अच्छी नस्ल की गायों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। ये गाय सबसे ज्यादा दूध देती हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">फार्म बंद होने के बाद क्या होगा इन गायों का</h2>
<p style="text-align:justify;">सरकार के इस फैसले पर Indian Council of Agricultural Research (ICAR) के वैज्ञानिकों का कहना है कि वह इस बात को लेकर असमंझ में हैं कि फार्म बंद होने के बाद इन 20 हजार गायों का क्या होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि देश में किसी और फार्म के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह 20000 गायों का पालन-पोषण कर सके।</p>
<p style="text-align:justify;">द टेलीग्राफ में छपी खबर के अनुसार, सरकार का मानना है कि चूंकि देश में अब प्राइवेट डेयरी या दूध का कारोबार इतना बड़ा हो गया है कि सेना को खुद की फार्म की आवश्यकता नहीं है। सेना को अब उन प्राइवेट डेयरी के जरिए दूध मुहैया कराया जा सकता है। यानी भारतीय सेना के जवान अब पैकेट वाला दूध पिएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/modi-government-will-close-army-cowshed/article-2945</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2017 03:32:50 +0530</pubDate>
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