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                <title>chaos - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>लोकसभा में राहुल गांधी के &amp;#8216;रेप इन इंडिया&amp;#8217; बयान पर हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अपने बयान पर राहुल गांधी माफी मांगें । Rahul Gandhi Edited by Vijay Sharma नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के ‘रेप इन इंडिया’ वाले बयान पर शुक्रवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अपने बयान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chaos-in-parliament-over-rahul-gandhis-rape-in-india-remark/article-11749"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अपने बयान पर राहुल गांधी माफी मांगें । Rahul Gandhi</h1>
<h4>Edited by Vijay Sharma</h4>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>कांग्रेस नेता राहुल गांधी <strong>(Rahul Gandhi)</strong> के ‘रेप इन इंडिया’ वाले बयान पर शुक्रवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अपने बयान पर राहुल गांधी माफी मांगें। ईरानी ने कहाकि राहुल ने देश की महिलाओं का अपमान किया। इस दौरान भाजपा की तमाम महिला सांसद लोकसभा में अपनी जगह पर खड़ी हो गईं और ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाने लगीं। इस दौरान राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने कहा कि आप किसी ऐसे व्यक्ति का नाम नहीं ले सकते हैं। जो इस सदन का हिस्सा नहीं है। किसी को भी सदन की कार्यवाही बाधित करने का अधिकार नहीं है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डीएमके सांसद कनिमोझी ने किया बचाव |। Rahul Gandhi</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>वहीं डीएमके सांसद कनिमोझी ने राहुल गांधी का बचाव किया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कनिमोझी ने कहा- यह सदन के बाहर कहा गया।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> प्रधानमंत्री ने हमेशा मेक इन इंडिया कहा है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हम इसका सम्मान करते हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हम चाहते हैं कि वस्तुएं भारत में बनें। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लेकिन इस देश में क्या हो रहा है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> यही राहुल गांधी ने कहा कि मेक इंडिया नहीं हो रहा है, देश की महिलाओं के साथ दुराचार हो रहा है।</strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने ये दिया था ब्यान</h2>
<p style="text-align:justify;"> झारखंड के गोड्डा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था, ”नरेंद्र मोदी ने कहा था ‘मेक इन इंडिया’ लेकिन आजकल आप जहां कहीं भी दिखते हैं। वह ‘रेप इन इंडिया’ है। उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी के विधायक ने एक महिला के साथ दुराचार किया। फिर वह एक दुर्घटना की शिकार हुई लेकिन नरेंद्र मोदी ने एक शब्द भी नहीं कहा।” बता दें कि लोकसभा के अलावा राज्यसभा में भी शुक्रवार को राहुल गांधी के बयान को लेकर हंगामा हुआ।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2019 12:28:48 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क पर अराजकता के जिम्मेवार कौन?</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में जितने वाहन पंजीकृत हैं प्रतिदिन लगभग उतने ही पड़ोसी राज्यों से आते हैं। कहने को दिल्ली में एक से बढ़कर एक फ्लाइओवर हैं। चौड़ी सड़कें हैं। आउटर रिंग रोड पर ऐलिवेटेड रोड हैं। हर चौराहे पर यातायात नियंत्रित करने के लिए रेड लाइट की व्यवस्था है लेकिन यातायात लगभग अनियंत्रित ही हैं। इसका कारण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/who-is-responsible-for-chaos-on-the-road/article-3465"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/traffic.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली में जितने वाहन पंजीकृत हैं प्रतिदिन लगभग उतने ही पड़ोसी राज्यों से आते हैं। कहने को दिल्ली में एक से बढ़कर एक फ्लाइओवर हैं। चौड़ी सड़कें हैं। आउटर रिंग रोड पर ऐलिवेटेड रोड हैं। हर चौराहे पर यातायात नियंत्रित करने के लिए रेड लाइट की व्यवस्था है लेकिन यातायात लगभग अनियंत्रित ही हैं। इसका कारण वाहनों की संख्या अधिक होने से यहां के लोगों में ‘पहले मैं’ की होड़ का होना माना जा सकता है। कहीं भी देख लो, एक इस तरफ तो दो उस तरफ, तीन तीसरी और शेष जहां जगह मिले वहां निकल भागना चाहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यातायात अनुशासन तो लगता है जैसे किसी को मालूम ही नहीं। आश्चर्य तो तब होता है जब इस अराजकता के लिए जिम्मेवार लोग भी दूसरों को कोसते नजर आते हैं कि उसने गलत ढंग से गाड़ी निकालने की कोशिश। जाहिर है चालकों की अनुशासनहीनता जहां स्वयं उन पर भारी पड़ती है, वहीं निर्दोष लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। अनेक लोगों का मत है कि बेलगाम बाइक वाले जब जहां जैसा मौका मिले, निकल भागते हैं। उन्हें लाल बत्ती तो क्या, अपनी और दूसरों की जान की परवाह तक नहीं होती।</p>
<p style="text-align:justify;">आखिर इसका क्या कारण है। कुछ लोगों का मत है कि ड्राइविंग लाइसेंस मिलना कठिन नहीं है। दलाल के चलते किसी कठिन टेस्ट अथवा पूछताछ की जरूरत नहीं पड़ती। लाइसेंस पाना जैसे बच्चों का खेल सरीखा है। इसलिए वर्षों से गाड़ी चला रहे अनेक लोग भी बिना नियम कानून के ज्ञान के काम चला रहे हैं। बसें, आटो, टैक्सी, ट्रक, टैम्पों जैसे व्यवसायिक वाहनों की संख्या भी लाखों में है जिनके ड्राइवर अक्सर बदलते रहते हैं। अनेक बार तो बहुत कम पढ़े लिखे पहली बार महानगर में आये युवा के हाथ में स्टेरिंग पकड़ा दिया जाता है जो यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ता है। ऐसे ही लोग न तो लेन में चलते हैं, न कानून से डरते है, ओवरस्पीडिंग, रेड लाईट जम्प, तेज आवाज में लगातार हार्न बजाकर दूसरों को आतंकित करते हैं जबकि नियमानुसार चौराहे के 100 मीटर दूर तक हार्न बजाना अपराध है।</p>
<p style="text-align:justify;">रात के समय पर बाइक सवार युवक सड़कों पर स्टंट करते देखे जा सकते हैं, जबकि बच्चों को अनधिकृत रूप से वाहन सौंपना भी एक अपराध है। हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि सड़क पर पैदल चलने वाले की किसी को परवाह नहीं। पहले तो फुटपाथ बहुत कम है। है भी तो उन पर कब्जे हैं। कहीं रेहड़ी पटरी तो कहीं निर्माण सामग्री वाले ‘ले दे’ कर कमा-खा रहे हैं। हर चौराहे पर जेबरा क्रासिंग तो हैं लेकिन वाहन उस पर भी कब्जा जमा लेते हैं, जैसे सड़क केवल और केवल उन्हीं के लिए हो। हम बात करेंगे पश्चिमी देशों की लेकिन उनसे यातायात अनुशासन सीखने को तैयार ही नहीं हैं। वहां जाकर हर कानून का पालन करने वाले भारत आते ही अपने रंग में आ जाते हैं। कहीं भी गाड़ी रोकना, तेज आवाज में होर्न बजाना, मनमानी करना।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों का मत है कि हमारे महानगरों में यातायात के लिए पुलिस कर्मी बहुत कम हैं जबकि हमने अपने मॉरिशस प्रवास में 15 दिन में केवल एक बार सड़क पर पुलिस को देखा। वहां आत्मअनुशासन है तो यहां क्यों नहीं? बात स्पष्ट है कि एक बार सख्ती नहीं, बहुत सख्ती से नियम कानून का पालन कराया जाये तो दूसरी ओर स्कूली स्तर पर यातायात अनुशासन का प्रतिदिन ज्ञान दिया जाए, तभी दुबई, पोर्टलुईस जैसे वातावरण की अपेक्षा की जा सकती है। हर चौराहे पर कैमरे लगाये जायें जो हर छोटी से छोटी गलती पर भी चालान करें। बार-बार ऐसा होने पर वाहन तथा लाइसेंस रद्द कर दिया जाये। पुलिस केवल यातायात नियंत्रण करे । बाकी काम दूर से नियंत्रित कैमरे को सौंपा जाये जो जनता से दूर हो।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-लेखक डा़ विनोद बब्बर</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2017 03:33:25 +0530</pubDate>
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                <title>अराजकता के विरुद्ध एक समान हों विश्व मापदंड</title>
                                    <description><![CDATA[आखिर अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के खिलाफ पाबंदियों का प्रस्ताव पास करवाने में सफल हुआ। सबसे अहम बात यह है कि उत्तर कोरिया के सहयोगी चीन ने भी इस प्रस्ताव के लिए सहमति दी। यह एक ऐतिहासिक घटना है, जब पूरी दुनिया ने अमन-शांति के लिए एकजुटता दिखाई है। उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/equal-world-criteria-against-chaos/article-2948"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/missile.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आखिर अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के खिलाफ पाबंदियों का प्रस्ताव पास करवाने में सफल हुआ। सबसे अहम बात यह है कि उत्तर कोरिया के सहयोगी चीन ने भी इस प्रस्ताव के लिए सहमति दी। यह एक ऐतिहासिक घटना है, जब पूरी दुनिया ने अमन-शांति के लिए एकजुटता दिखाई है। उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर जिस तरह अमेरिका को अपनी चपेट में लाने का दावा किया था, उससे विश्व में तीसरी जंग की संभावनाएं शुरू हो चुकी थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा के लिए हथियार बनाना आपत्ति-जनक नहीं है, लेकिन जब कोई देश, दूसरे देश पर हमला करने की ताकत दिखाने का दावा करे, तब इसे कोई भी अंतरराष्ट्रीय संस्था स्वीकार नहीं कर सकती। जहां तक उत्तर कोरिया के शासक की मानसिकता व बयानबाजी का ताल्लुक है वह दक्षिण कोरिया व उसके साथी अमेरिका का कट्टर विरोधी है। भले उत्तर कोरिया के हथियारों के दावों को संदेह की नजर से देखा जाता है फिर भी जिस तरह इस देश ने हाईड्रोजन बम बनाने का दावा किया है, यदि इसमें जरा सी भी सच्चाई है, तब यह पूरे विश्व के लिए बड़ा खतरा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि यह लड़ाई उत्तर व दक्षिण कोरिया की नहीं बल्कि चीन, रूस, अमेरिका व जापान जैसे देशों का अप्रत्यक्ष मुद्दा होगा। उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार है, इसकी भी चर्चा हो चुकी है। पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान परमाणु बम की तकनीक उत्तर कोरिया को बेचने के मामले में जेल की हवा खा चुके हैं। इन हालातों में उत्तर कोरिया के खिलाफ सभी देशों का एकजुट होना बड़ा निर्णय है। यदि चीन और अन्य देश ईमानदारी से इस निर्णय पर कायम रहते हैं, तब इससे उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक को नसीहत मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि किसी भी देश ने इस मामले में दोहरी रणनीति अपनाई, तब यह तबाही को न्यौता होगा। प्रस्ताव पास करने के बाद भी रूस व चीन दक्षिण कोरिया में अमेरिका की मौजूदगी को सहन नहीं कर रहे। बाहरी सहमति के साथ-साथ इन तीनों देशों की सहमति में ईमानदारी होना आवश्यक है। यहां कश्मीर मामले में चीन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या चीन अमन-शांति के लिए जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाक आधारित आतंकवाद के खिलाफ उत्तर कोरिया की तरह ही फैसला लेगा? क्योंकि चीन लगातार भारत को वांछित आतंकवादी मसूद अजहर खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाने का विरोध कर रहा है। विभिन्न देशों में चीन के अलग-अलग पैंतरे उसकी ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं, जबकि विश्व में एक समान मापदंड अपनाए जाने से ही विवादित मुद्दे निपटेंगे।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2017 04:14:32 +0530</pubDate>
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