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                <title>wheat - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>किसान अभी भी कर सकते हैं पछेती किस्म की गेहूँ की बुवाई</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। Farmer News: यदि किसान अभी भी गेहूँ की बिजाई किए बिना रहते हैं, ऐसे किसानों के लिए अभी भी पछेती गेहूँ बिजाई का समय बचा हुआ है। ऐसे में किसान आलू व मटर की फसल के बाद भी गेहूँ का उत्पादन कर सकते हैं। इसको लेकर कृषि विशेषज्ञ ने विशेष जानकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-can-still-sow-wheat/article-79119"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/kurukshetra-nerws.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)।</strong> Farmer News: यदि किसान अभी भी गेहूँ की बिजाई किए बिना रहते हैं, ऐसे किसानों के लिए अभी भी पछेती गेहूँ बिजाई का समय बचा हुआ है। ऐसे में किसान आलू व मटर की फसल के बाद भी गेहूँ का उत्पादन कर सकते हैं। इसको लेकर कृषि विशेषज्ञ ने विशेष जानकारी दी है। दैनिक सच कहूँ से विशेष बातचीत में कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सरिता ने कहा कि अभी पछेती किस्मों की बिजाई की जा सकती है। पछेती किस्मों के लिए 26 नवंबर से 25 दिसंबर तक का समय बिजाई के लिए उचित है। डा. सरिता रानी के अनुसार डब्ल्यू एच 201, डब्ल्यू एच 1124, एच डी 3059, एचडी 3298, डीबीडब्ल्यू 173, पीबीडब्ल्यू 771 वैरायटी पछेती किस्में हैं, इनमें से किसान अपने खेतों में बुआई कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उर्वरक ड्रिल से करें बिजाई : डा. सरिता</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि विशेषज्ञ डा. सरिता रानी ने कहा कि पछेती गेहूँ की बिजाई उर्वरक ड्रिल मशीन से करें। इस समय में 25 प्रतिशत ज्यादा बीज यानि 50 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ डालें। यदि छिड़काव विधि से बुआई करते हैं तो 55 से 60 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ के हिसाब से बुआई करें। अधिक जमाव व उत्पादन के लिए बीज को 12 घंटे पानी में भिगोएं। भिगोने वाले बर्तन में पानी का स्तर बीज से दो सैंटीमीटर ऊपर रखना चाहिए। Farmer News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद दो घंटे छाया में बीज को सुखाएं व फफूंदनाशक व जैविक खाद से उपचारित कर बीज की बुआई करें। पछेती गेहूँ की फसल में नाईट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की मात्रा 48:24:12 के अनुपात में रखें। प्रति एकड़ 50 किलोग्राम डीएपी, 85 किलोग्राम यूरिया व 20 किलोग्राम म्यूरेट आॅफ पोटाश गेहूँ में डालें। इससे ज्यादा खाद न खेत में न डालें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसान अंधाधुध कीटनाशकों का प्रयोग न करें: डा. सहारण</h3>
<p style="text-align:justify;">केवीके के मुख्य कृषि वैज्ञानिक डा. बलजीत सहारण ने जानकारी देते हुए कहा कि किसान कई बार पछेती धान को ज्याद ग्रोथ के चक्कर में ज्यादा ही कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। किसानों को ऐसा नही करना चाहिए बल्कि विशेषज्ञों से सलाह के अनुसार की कीटनाशकों का प्रयोग करें। उन्होेंने कहा कि पछेती गेहूँ फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बिजाई के 30-35 दिन बाद मेटसल्फुरोन-इथाईल 40 प्रतिशत डीएफ का 20 ग्राम प्रति एकड़ 200-250 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। मंडूसी व जंगली जई के लिए क्लोडिनोफोप 15 प्रतिशत घु.पा. 160 ग्राम प्रति एकड या सल्फोसल्फयूरान 75 प्रतिशत घु.पा. 13 ग्राम प्रति एकड़ व 500 मिलीलीटर पृषठ सक्रिय क्रमक चिपचिपा पदार्थ 5 प्रतिशत ई.सी. 400 मिलीलीटर मात्रा प्रति एकड़ 200 से 250 लीटर पानी में छिड़काव करें। Farmer News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बीएसएफ ने अमृतसर में तस्कर को गिरफ्तार कर ड्रोन और हेरोइन बरामद किया" href="http://10.0.0.122:1245/bsf-arrested-smugglers-in-amritsar-seizes-drone-and-heroin/">बीएसएफ ने अमृतसर में तस्कर को गिरफ्तार कर ड्रोन और हेरोइन बरामद किया</a></p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 15:04:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Wheat Dry Fodder : खेतों से तैयार नई तूड़ी कर सकती है आपके पशु का स्वास्थ्य खराब, रखें खास ख्याल</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष बातचीत में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विद्यासागर बंसल ने कई अहम विषयों पर दी महत्वपूर्ण जानकारी || Wheat Dry Fodder राजू, ओढां। गेहूँ की कटाई के साथ ही नई तूड़ी तैयार होकर इनदिनों हर घर में पहुंच रही है। अगर आप पशुओं को नई तूड़ी (Wheat Dry Fodder) खिलाने जा रहे हैं तो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/wheat-dry-fodder/article-56797"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/animal-husbandry.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>विशेष बातचीत में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विद्यासागर बंसल ने कई अहम विषयों पर दी महत्वपूर्ण जानकारी || Wheat Dry Fodder</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>राजू, ओढां।</strong> गेहूँ की कटाई के साथ ही नई तूड़ी तैयार होकर इनदिनों हर घर में पहुंच रही है। अगर आप पशुओं को नई तूड़ी (Wheat Dry Fodder) खिलाने जा रहे हैं तो सावधान हो जाईये, क्योंकि अगर आपने कई बातों का ध्यान न रखा तो आपके पशु का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, बल्कि उसकी जान तक जा सकती है। तूड़ी के सही इस्तेमाल व इसके भंडारण सहित पशुओं से जुड़े कई विषयों को लेकर सच-कहूँ संवाददाता ने पशुपालन विभाग सरसा के उपनिदेशक डॉ. विद्यासागर बंसल से विशेष बातचीत की। डॉ. बंसल ने पशु की नियमित खुराक, गर्मी के मौसम में उचित देखरेख, टीकाकरण व विभाग द्वारा पशुपालकों के हितार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे भी काफी महत्वपूर्ण जानकारियां सांझा की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सवाल : नई तूड़ी से पशु में बंध पड़ने व अफारा की शिकायतें आती हैं। इसका कारण और उपचार क्या है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब : नई तूड़ी को लेकर पशुओं में बंध या अफारा की अकसर शिकायत आती है। दरअसल, तूड़ी (Wheat Dry Fodder) के साथ तीखे कण होते हैं वो पशु के पेट में चले जाते हैं जोकि अंदर जख्म भी कर देते हैं। इसके लिए बेहतर ये है कि पशु को खिलाने से पूर्व तूड़ी को हल्के से पानी में भिगो दें। सेवन से पूर्व उसे छान लेना बेहतर है। साथ में हरे चारे की मात्रा अधिक रखें। ऐसा करने से तूड़ी न केवल नरम पड़ जाएगी, बल्कि पशु को पचाने में भी ज्यादा ऊर्जा खर्च नहीं करनी पड़ेगी। बंध के लक्षण दिखने पर पशुपालक अपने स्तर पर उपचार करने की बजाय पशु चिकित्सक से संपर्क करें। बंध ज्यादा समय तक रहने से पशु की मौत भी हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सवाल : तूड़ी का भंडारण किस तरह से करना चाहिए?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब: तूड़ी का भंडारण एक तो खुष्क जगह पर करें, जहां नीचे नमी हो या आसपास पानी का स्त्रोत हो वहां भंडारण करने से बचें। हो सके तो तूड़ी डालने से पूर्व नीचे पॉलीथीन बिछा दें। अक्सर देखा जाता है कि किसान जो खेती के लिए पेस्टीसाइड लेकर आते हैं उसका छिड़काव करने के बाद उसे तूड़ी में दबा देते हैं। ऐसे में कई बार दवा की बोतल लिकेज भी हो जाती है। फिर वही तूड़ी पशु को खिला दी जाती है जिसके चलते कई बार पशु के लिए वह खतरा बन जाती है। तूड़ी को नमी व बरसात से बचाकर रखना चाहिए। जब तूड़ी समाप्त होने वाली होती है तो कभी-कभी नीचे नमी वाली तूड़ी बच जाती है जिसमें फंगस आ जाती है। यह तूड़ी पशु में रोग का कारण बन जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: पशु के ब्याने के बाद अगर जैर नहीं गिरती तो क्या हाथ से निकलवाना सही है ?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब: अमूमन पशु ब्याने के कुछ घंटों बाद ही जैर गिरा देता है। कई बार पशु निर्धारित समय में ऐसा नहीं करता तो 24 घंटे तक इंतजार अवश्य करें। फिर भी अगर जैर नहीं गिरती तो निपुण पशु चिकित्सक से पहले सलाह व उपचार अवश्य लें। अधिकतर केसों में हम पशु के अंदर दवाई वगैरा रख देते हैं जिससे जैर अपने आप ही निकल जाती है। याद रहे कि हाथ से जैर निकलवाना अंतिम विकल्प होना चाहिए। इस प्रक्रिया में सावधानी बरतें और पशु के गर्भ में हाथ डालते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। यदि जैर पशु के अंदर पड़ी है तो कोई दिक्कत नहीं, वो धीरे-धीरे अपने आप बाहर आ जाती है। लेकिन जब जैर बाहर लटकती है तो पशु के बैठने पर उसमें मिट्टी या गोबर वगैरा लग जाता है। जब पशु खड़ा होता है तो जैर अंदर जाने पर गर्भ में संक्रमण हो जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: नस्ल सुधार क्या है और इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे मेें बताएं?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब: नस्ल सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है। जब हम देसी गाय को मेल पशु का सीमन लगाते हैं तो प्रथम बार 50 प्रतिशत, दूसरी बार 75 प्रतिशत व तीसरी बार 87 प्रतिशत नस्ल सुधार होती जाती है, इस तरह यह एक निरंतर प्रक्रिया है। गाय जैसे पहली बार ब्याती है तो मान लो उसे बछड़ी हुई। बछड़ी जब ग्याभिन हुई तो उसको जब टीका लगाया जाता है तो तब वह 75 प्रतिशत बढ़ेगी। आगे उसकी बछड़ी को टीका लगाया जाता है तो फिर वह 87 प्रतिशत बढ़ेगी। ये एक अच्छी प्रक्रिया है। पशुपालक को चाहिए कि वह इंतजार भी करे। जहां तक कृत्रिम गर्भाधान की बात है तो विभाग के पास उच्च क्वालिटी का सीमन है। इन दिनों एक ऐसा सीमन भी आया था जिससे 87 प्रतिशत गुंजाइश होती है कि बछड़ी ही पैदा होगी। सरसा क्षेत्र का यह रिकॉर्ड रहा है कि इस सीमन से मात्र 13 प्रतिशत ही मेल बच्चों ने जन्म लिया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: प्राकृतिक व कृत्रिम गर्भाधान में क्या फर्क है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब: कृत्रिम गर्भाधान की शुरूआत इसलिए हुई ताकि अच्छी नस्ल के बच्चे पैदा हो सकें। कई बार मेल पशु के चोट लग जाती है तो वह क्रॉस करने की स्थिति में नहीं होता। ऐसे पशु का सीमन लेकर हम काफी मात्रा में बच्चे पैदा कर सकते हैं। लेकिन मेल पशु का अच्छा रिकॉर्ड भी होना चाहिए। पशुपालन विभाग द्वारा उच्च क्वालिटी के सीमन कम शुल्क पर मुहैया करवाए जा रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सवाल : क्या टीकाकारण से पशु की दुग्ध क्षमता व स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ता है, क्या इससे गर्भपात का खतरा है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब: विभाग की ओर से साल में 2 बार पशुओं का मुंहखुर व गलघोटू का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाता है। हां, ऐसा होता है कि लोग पशुओं का टीकाकरण करवाने से बचते हैं। उनका कहना होता है कि पशु के दुग्ध उत्पादन पर असर पड़ेगा व ग्याभिन पशु का गर्भपात हो जाएगा। जहां तक गर्भपात का सवाल है विभाग इस पर पहले ही सजग है। बाकायदा हिदायत भी है कि अगर कोई पशु 7 माह से ऊपर का ग्याभिन है तो उसका टीकाकरण नहीं किया जाता। वैसे भी टीकाकरण से गर्भपात की गुंजाइश बहुत कम है। लेकिन फिर भी विभाग व टीका कंपनी किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेती। रही बात दुग्ध उत्पादन पर असर पड़ने की तो अधिकतर पशुओं में ऐसी कोई समस्या नहीं आती। कई बार टीकाकरण से पशु में बुखार आ जाता है जिसकी वजह से वह खाना-पीना कम कर देता है जिससे दुग्ध उत्पादन पर कुछ असर पड़ जाता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सीय परामर्श लेकर पशु को बुखार व भूख बढ़ाने की दवा दें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लू में दुधारू पशुओं की किस तरह से देखरेख करें?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जवाब: इस बार लू चलने का अंदेशा है। ऐसे में पशु विशेषकर दुधारू पशु पर ध्यान देने की आवश्यकता है। पशु को छायादार व खुली हवादार जगह पर रखें। पशु को दिन में कई बार पानी पिलाएं और नहलाएं भी। हो सके तो पानी में थोड़ा नमक मिलाकर पिलाएं। गर्मी की चपेट में आने से पशु दूध की मात्रा कम कर देता है। ऐसे में उसे खनिज तत्व दें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/wheat-dry-fodder/article-56797</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Apr 2024 10:01:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादीपुर गांव में किसान ने खड़ी गेहूं में चलाई रीपर</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात से खराब हुई किसान की साढ़े पांंच एकड़ फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करवाया पंजीकरण, अब मुआवजे की इंतजार जुलाना (सच कहूँ न्यूज)। क्षेत्र के शादीपुर गांव में एक किसान ने गेहूं की खड़ी साढ़े पांच एकड़ फसल पर कंबाइन की जगह रीपर चलवा दी। किसान (Farmer) की बरसात के कारण फसल खराब हो गई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/five-and-a-half-acres-of-farmers-crop-damage-due-to-rain/article-46938"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/farmer-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बरसात से खराब हुई किसान की साढ़े पांंच एकड़ फसल</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>क्षतिपूर्ति पोर्टल पर करवाया पंजीकरण, अब मुआवजे की इंतजार</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> क्षेत्र के शादीपुर गांव में एक किसान ने गेहूं की खड़ी साढ़े पांच एकड़ फसल पर कंबाइन की जगह रीपर चलवा दी। किसान (Farmer) की बरसात के कारण फसल खराब हो गई थी। शादीपुर गांंव निवासी किसान संदीप ने बताया कि उसने 27 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से साढ़े पांच एकड़ जमीन लेकर गेहूं की बिजाई की थी लेकिन बरसात के कारण उसकी फसल खराब हो गई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="फतेहाबाद के इस छोटे से गांव की बेटी ने रच दिया इतिहास, आंखों में खुशी के आंसू" href="http://10.0.0.122:1245/pooja-become-gold-medalist-by-making-the-highest-jump/">फतेहाबाद के इस छोटे से गांव की बेटी ने रच दिया इतिहास, आंखों में खुशी के आंसू</a></p>
<p style="text-align:justify;">उसने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर इसका पंजीकरण भी करवा दिया लेकिन कोई भी पटवारी गिरदावरी के लिए नहीं पहुंचा तो किसान ने फसल को कटवाने के लिए कंबाइन लगा दी लेकिन एक एकड़ में मात्र दो किवंटल गेहूं भी नहीं निकला तो उसने सोचा कि रीपर चलाकर कम से कम पशुओं के लिए चारा तो बनाया जा सकता है। (Farmer) किसान को बरसात से काफी नुकसान हुआ है उसे आर्थिक संकट से होकर गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन की मांग है कि किसानों की खराब हुई फसलों का जल्द से जल्द मुआवजा दे ताकि उन्हें हो रहे नुकसान से छुटकारा मिल सके। भाकियू की मांग है कि किसान को 35 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।                                                                       <strong>नरेंद्र ढ़ाडा, जिला उप प्रधान, भाकियू जींद।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Apr 2023 16:54:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाकियू ने हरियाणा बॉर्डर से जबरन निकलवाए गेंहू के वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[कैराना। (सच कहूँ न्यूज) हरियाणा प्रशासन द्वारा बॉर्डर पर यूपी के किसानों के गेंहू के वाहनों को रोकने से खफा भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। (Kairana News) उन्होंने हरियाणा के अधिकारियों पर किसानों से अवैध वसूली करने के भी आरोप लगाए। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने गेंहू से भरे किसानों के वाहनों को जबरन बॉर्डर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bhakiyu-workers-protested-against-the-haryana-administration-stopping-the-wheat-vehicles-of-up-farmers-at-the-border/article-46782"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/kairana-news-2-8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैराना। (सच कहूँ न्यूज)</strong> हरियाणा प्रशासन द्वारा बॉर्डर पर यूपी के किसानों के गेंहू के वाहनों को रोकने से खफा भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। (Kairana News) उन्होंने हरियाणा के अधिकारियों पर किसानों से अवैध वसूली करने के भी आरोप लगाए। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने गेंहू से भरे किसानों के वाहनों को जबरन बॉर्डर पार करा दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने वाहनों पर पुनः रोक लगाने पर चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जूतों में छिपाकर बेटे को दे रहा था गांजा, दबोचा" href="http://10.0.0.122:1245/the-person-giving-the-drug-has-been-detained-by-the-police/">जूतों में छिपाकर बेटे को दे रहा था गांजा, दबोचा</a></p>
<p style="text-align:justify;">यूपी के किसान अपने गेंहू को हरियाणा की मंडियों में बेचने के लिए जा रहे थे, जिन पर हरियाणा प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया। मंगलवार को बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों ने गेंहू के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप गाड़ियों को रोकते हुए वापस कर दिया था। इसी के चलते बॉर्डर पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। आक्रोशित किसानों ने हरियाणा में प्रवेश दिलवाए जाने की मांग करते हुए जाम लगाने का प्रयास किया था, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत किया था। हालांकि, इसके बाद भी किसानों को हरियाणा में जाने नहीं दिया गया।</p>
<h3>भाकियू नेता कपिल खाटियान ने आरोप लगाया</h3>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को किसानों ने बॉर्डर पर जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जाम को खुलवाया गया। वहीं, सूचना पाकर भारतीय किसान यूनियन के कपिल खाटियान दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ में यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचे। जहां उन्होंने हरियाणा के सनौली थाने की चौकी पर हंगामा कर दिया। उन्होंने सड़क पर खड़े होकर हरियाणा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। भाकियू नेता कपिल खाटियान ने आरोप लगाया कि हरियाणा के अधिकारी यूपी के किसानों से अवैध वसूली करते हैं। यूपी के कुछ किसानों से 500-500 रुपये लेकर करीब 20-25 ट्रैक्टर-ट्रालियों को हरियाणा में प्रवेश दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि किसान देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकते हैं, लेकिन फिर भी हरियाणा प्रशासन तानाशाही कर रहा है। (Kairana News) करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद भी जब किसानों के वाहनों को हरियाणा में नहीं जाने दिया गया, तो फिर भाकियू कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर के स्टेयरिंग थाम लिये और उन्हें बॉर्डर पार कराते हुए हरियाणा में प्रवेश करा दिया। भाकियू नेता कपिल खाटियान ने कहा कि यदि भविष्य में यूपी के किसानों के वाहनों को बॉर्डर पर हरियाणा प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया, तो चक्का जाम कर दिया जाएगा।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Apr 2023 20:43:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गेहूं के गोदामों की चेकिंग की, मंडियों से गेहूं उठान में तेजी लाने के आदेश दिए</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय खाद्य निगम को प्रबंधों को और सटीक बनाने के निर्देश फाजिल्का।(सच कहूँ/रजनीश रवि) आज शाम राणा गांव में बने गोदामों का फाजिल्का के उपायुक्त डॉ. सेनू दुग्गल आईएएस ने औचक (Fazilka News) निरीक्षण किया. यहां भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं का भंडारण किया जा रहा है। इस मौके पर उपायुक्त ने भारतीय खाद्य निगम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/deputy-commissioner-dr-senu-duggal-ias-made-a-surprise-inspection-of-the-godown-built-in-rana-village/article-46734"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/fazilka-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भारतीय खाद्य निगम को प्रबंधों को और सटीक बनाने के निर्देश</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>फाजिल्का।(सच कहूँ/रजनीश रवि) </strong>आज शाम राणा गांव में बने गोदामों का फाजिल्का के उपायुक्त डॉ. सेनू दुग्गल आईएएस ने औचक (Fazilka News) निरीक्षण किया. यहां भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं का भंडारण किया जा रहा है। इस मौके पर उपायुक्त ने भारतीय खाद्य निगम को प्रबंधों को और सटीक बनाने के निर्देश दिए और कहा कि गेहूं लेकर यहां आने वाले ट्रकों से गेहूं उतारने का काम तेजी से किया जाए, ताकि ये ट्रक जल्द से जल्द और गेहूं उठा सकें। उन्होंने कहा कि लिफ्टिंग में तेजी लाई जाए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गोदाम से 3 टन प्रतिबंधित प्लास्टिक के लिफाफे जब्त" href="http://10.0.0.122:1245/three-tons-of-banned-plastic-envelopes-seized-from-godown/">गोदाम से 3 टन प्रतिबंधित प्लास्टिक के लिफाफे जब्त</a></p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि मंगलवार तक जिले की मंडियों में 456780 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से 456323 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, (Fazilka News) आज जिले की मंडियों में 35162 मीट्रिक टन नये गेहूं की आवक हुई, जबकि दिनभर की खरीद 38988 मीट्रिक टन रही। इसी तरह आज मंडियों से 20487 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह 48 घंटे पहले तक खरीदे गए 743.67 करोड़ रुपए के गेहूं के भुगतान की एडवाइस जनरेट की गई है। इस मौके पर उपायुक्त ने एक बार फिर खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाले गेहूं की खरीद साथ की साथ की जाए और किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी न हो।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Apr 2023 21:09:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्र सरकार की किसानों को सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[गेहूं के टूटे दाने पर केन्द्र सरकार से 18 प्रतिशत की छूट चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के कृषि मंत्री जे पी दलाल (Wheat) शुक्रवार कैथल में कहा कि गेहूं के 6 प्रतिशत तक टूटे दाने की छूट को केन्द्र सरकार ने अब 18 प्रतिशत की छूट दी है। दलाल आज कैथल की नई अनाज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/central-governments-gift-to-the-farmers/article-46505"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/farmers-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">गेहूं के टूटे दाने पर केन्द्र सरकार से 18 प्रतिशत की छूट</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा के कृषि मंत्री जे पी दलाल (Wheat) शुक्रवार कैथल में कहा कि गेहूं के 6 प्रतिशत तक टूटे दाने की छूट को केन्द्र सरकार ने अब 18 प्रतिशत की छूट दी है। दलाल आज कैथल की नई अनाज मंडी में गेहूं खरीद के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इस छूट से किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि खराब दाने को लेकर भी सरकार से मंजूरी ली गई है और किसानों का कोई पैसा नहीं कटेगा। उन्होंने कहा कि सभी मंडियों से 43 प्रतिशत गेहूं का उठान हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विषय को लेकर अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे सभी मंडियों में बारदाना पूरा रखें। उठान और लदान का काम सुचारू रूप से होना चाहिए और किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की शेड बनवाने की मांग को जल्द पूरा किया जाएगा।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 17:59:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश के कारण गेहूं कटाई और तूड़ी बनाने का काम रुका</title>
                                    <description><![CDATA[बिजाई का काम भी प्रभावित, हटानी पड़ेगी फसल पर जमी मिट्टी खारियां। (सच कहूँ/सुनील कुमार) अब रबी फसल गेहूं की कटाई, कढ़ाई और नई फसल की बिजाई (Sirsa News) का समय चल रहा है। लेकिन बेमौसम बारिश अब भी किसानों का पीछा नहीं छोड़ रही है। रविवार को जिले के गांव शाहपुर बेगू, खारियां, चक्कां, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/due-to-the-rain-the-work-of-harvesting-wheat-and-making-tudi-stopped/article-46260"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/sirsa-news-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बिजाई का काम भी प्रभावित, हटानी पड़ेगी फसल पर जमी मिट्टी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>खारियां। (सच कहूँ/सुनील कुमार)</strong> अब रबी फसल गेहूं की कटाई, कढ़ाई और नई फसल की बिजाई (Sirsa News) का समय चल रहा है। लेकिन बेमौसम बारिश अब भी किसानों का पीछा नहीं छोड़ रही है। रविवार को जिले के गांव शाहपुर बेगू, खारियां, चक्कां, भून्ना, रिसालिया खेड़ा, बनवाला, नथौर, केहरवाला, घोड़ावाली सहित अन्य कई गावों में दोपहर बाद अचानक मौसम बदलने से तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें एक बार फिर खिंच गई। तेज हवाओं के साथ बारिश ने किसानों की गेहूं कटाई, कढ़ाई व तूड़ी बनाने सहित आगामी फसल की बिजाई संबंधी चल रहा कार्य प्रभावित कर दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="निकाय चुनाव मैं आरक्षण को लेकर ब्राह्मण महासभा ने भरी हुंकार" href="http://10.0.0.122:1245/brahmin-mahasabha-shouted-for-reservation-in-civic-elections/">निकाय चुनाव मैं आरक्षण को लेकर ब्राह्मण महासभा ने भरी हुंकार</a></p>
<p style="text-align:justify;">किसान रमेश नोखवाल ने बताया कि उनके खेत में गेहूं (Wheat) की फसल अभी निकाली ही थी कि अचानाक से मौसम बदला और काफी बारिश हुई जिससे गेहूं की निकाली हुई फसल भीग गई। अब उन्हें गेहूं के खराब होने का डर सता रहा है। किसान पवन सोखल का कहना है उनके खेतों में पशुओं के लिए स्ट्रारीपर से तूड़ी बनाने का कार्य चल रहा था जो बारिश होने से अगले दो दिनों के लिए बंद हो गया। अगर मौसम साफ हुआ तो तूड़ी तो बन जाएगी लेकिन अब प्रति एकड़ तूड़ी का वजन व मात्रा पहले से कम रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही खारियां से विनोद निमिवाल का कहना है कि उनके खेतों में नरमा की बिजाई किए तीन दिन हुए थे। लेकिन रविवार को हुई बारिश ने बिजाई को प्रभावित कर दिया। अब या तो बिजाई की गई फसल की कुरुंड (बारिश से फसल पर जमी मिट्टी को हटाना पड़ेगा) फोड़नी पड़ेगी या फिर एक बार फिर नए सिरे से बिजाई करनी पड़ेगी। इन दोनों की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मेहनत भी ज्यादा करनी पड़गी।</p>
<p style="text-align:justify;">पशुपालक महेन्द्र गोयल व विष्णु नोखवाल ने बताया कि उन्होंने अपने पशुओं के लिए 12 हजार रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से तूड़ी खरीदी थी। (Sirsa News) जो अचानाक से आई तेज आंधी से दूर तक उड़ गई। जिससे तूड़ी की मात्रा कम होने से कीमत और ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में मौसम में बार बार हो रहे अचानक बदलाव से खेती कार्य बहुत प्रभावित हुआ है। इस बारिश से किसानों के खेतों में गेहूं का कचरा भीग जाने से स्ट्रारीपर का कार्य बंद हो गया और तूड़ी कार्य के साथ कंबाईन व बिजाई कार्य काफी प्रभावित हुई है।</p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 14:44:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीधे किसानों के खातों में पहुंचेंगे 317.22 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[फसल खरीद का कार्य जोरों पर 24 हजार 624 किसानों के खातों में आॅनलाइन होंगे ट्रांसफर चंडीगढ़। (सच कहूँ न्यूज)। इन दिनों हरियाणा में एक तरफ जहां रबी की फसल की खरीद जोरों पर चल रही है। वहीं 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी शुरू हो चुकी है। (Farmer) ऐसे में फसल खरीद के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-money-for-the-purchase-of-wheat-will-directly-reach-the-farmers-accounts/article-46219"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/wheat-croap.jpg" alt=""></a><br /><h3>फसल खरीद का कार्य जोरों पर</h3>
<ul>
<li><strong>24 हजार 624 किसानों के खातों में आॅनलाइन होंगे ट्रांसफर</strong></li>
</ul>
<p><strong>चंडीगढ़। (सच कहूँ न्यूज)। </strong>इन दिनों हरियाणा में एक तरफ जहां रबी की फसल की खरीद जोरों पर चल रही है। वहीं 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी शुरू हो चुकी है। (Farmer) ऐसे में फसल खरीद के भुगतान की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है। अब तक 81381 किसानों के खातों में 932.64 करोड़ रुपए का भुगतान आॅनलाइन ट्रांसफर किया जा चुका है। अब बचे हुए 24,624 किसानों के भुगतान की भी फाइल बनानी शुरू कर दी गई है। इन किसानों को पैसा 17 अप्रैल यानी कल इनके खातों में 317.22 करोड़ रुपए पहुंचेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Miss India 2023: राजस्थान के किसान की बेटी के सिर मिस इंडिया-2023 का ताज" href="http://10.0.0.122:1245/miss-india-2023-nandini/">Miss India 2023: राजस्थान के किसान की बेटी के सिर मिस इंडिया-2023 का ताज</a></p>
<p>हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने दावा किया है कि सरकार किसानों के गेहूं का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। (Manohar Lal Khattar) राज्य सरकार ने रबी की फसल की सुगम खरीद के लिए समुचित व्यवस्था की है। रबी की फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है।</p>
<h3 class="entry-title td-module-title"></h3>
<h3>17 अप्रैल को होगा बकाया किसानों का भुगतान</h3>
<p>किसानों को उनकी फसल का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। अब तक 81381 किसानों के खातों में 932.64 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। वहीं 24624 किसानों के खातों में 317.22 करोड़ रुपए भुगतान के लिए पेमेंट फाइल भी तैयार की गई, यह भुगतान 17 अप्रैल को होगा।</p>
<h3>48 से 72 घंटे में हो रहा भुगतान</h3>
<p>सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा प्रदेश है जहां 48 से 72 घंटों में किसान की फसल खरीद का भुगतान किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा गेहूं की फसल में लस्टर लॉस या दाना टूटने के नुकसान के मद्देनजर खरीद सीजन 2023-24 के दौरान गेहूं की खरीद के मापदंडों में छूट दी गई है।</p>
<h3>फसल खरीदने को सैंकड़ों खरीद केंद्र खुले</h3>
<p>प्रदेश में सरसों की खरीद 20 मार्च से शुरू हो चुकी है जबकि गेहूं, जौ और चना की खरीद 1 अप्रैल से की जा रही है। विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियां अर्थात खाद्य आपूर्ति, हैफेड, एचडब्ल्यूसी और एफसीआई द्वारा यह खरीद की जा रही है। राज्य सरकार ने गेहूं के लिए 408 मंडियां/खरीद केंद्र, सरसों के लिए 103 मंडियां, खरीद केंद्र, जौ के लिए 25 मंडियां और चना के लिए 11 मंडियां, खरीद केंद्र खोले हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Apr 2023 17:07:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Fatehabad News: कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी, 8 कनाल गेहूं की फसल स्वाह</title>
                                    <description><![CDATA[भूना (सच कहूँ न्यूज)। गांव हसंगा में शनिवार की दोपहर बाद कंबाइन (wheat) मशीन से निकली चिंगारी के कारण 8 कनाल से अधिक की गेहूं की खड़ी फसल तथा 3 एकड़ का भूसा जलकर राख हो गया है। आगजनी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न प्रकार से प्रयास […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/spark-came-out-of-the-combine-machine-8-canals-of-wheat-crop-swah/article-45848"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/wheat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भूना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> गांव हसंगा में शनिवार की दोपहर बाद कंबाइन (wheat) मशीन से निकली चिंगारी के कारण 8 कनाल से अधिक की गेहूं की खड़ी फसल तथा 3 एकड़ का भूसा जलकर राख हो गया है। आगजनी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न प्रकार से प्रयास किए। वही आगजनी की सूचना फायर बिग्रेड की दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाने के लिए भूना, फतेहाबाद व रतिया तथा कंट्रोल रूम में दी गई। सूचना मिलते ही मार्केट कमेटी दमकल विभाग भूना व फतेहाबाद की फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। परंतु इससे पहले किसानों ने आग को काबू करने व आगे फैलने से रोककर बहुत बड़े नुकसान को होने से बचा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि एरिया में गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है, अगर इसी दौरान आग आगे बढ़ जाती तो काफी एरिया में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता था। किसानों का आसपास के लोगों ने आगजनी के क्षेत्र के चारों तरफ कृषि यंत्रों तथा विभिन्न बर्तनों से पानी डालकर आग की रफ्तार को कमजोर किया। जबकि फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने तुरंत मुख्य पहुंचकर आग को शांत किया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार शनिवार की दोपहर बाद किसान रामकुमार टांडी के खेत में गेहूं कटाई के लिए कंबाइन मशीन लगी हुई थी। लेकिन मशीन का अचानक एक बैरिंग टूट गया, जिससे निकली चिंगारी ने गेहूं की फसल में आग की लपटों का रूप ले लिया। हालांकि इस दौरान कंबाइन मशीन भी आग की चपेट में आते-आते बची। मगर आगजनी से 8 कनाल से अधिक खड़ी हुई गेहूं की फसल व 3 एकड़ में गेहूं का भूसा जलकर स्वाह हो गया। किसान रामकुमार टांडी ने प्रशासनिक अधिकारियों से नुकसान का निरीक्षण करके उचित मुआवजा देने की मांग की है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Apr 2023 10:21:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा सरकार इस तारीख से करेगी गेहूं की खरीद, कृषि मंत्री ने दिया बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा में सरकार एक अप्रैल से शुरू करेगी गेहूं की खरीद : दलाल सरसा (सुनील वर्मा)। हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा है कि गेहूं फसल (Haryana government) की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू की जाएगी। फसल बिक्री के दौरान किसानों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए मंडियों व गावों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-government-will-buy-wheat-from-this-date-agriculture-minister-gave-a-big-statement/article-44591"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/wheat-procurement.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">हरियाणा में सरकार एक अप्रैल से शुरू करेगी गेहूं की खरीद : दलाल</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सुनील वर्मा)</strong>। हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा है कि गेहूं फसल (Haryana government) की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू की जाएगी। फसल बिक्री के दौरान किसानों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए मंडियों व गावों में स्थापित किए गए खरीद केंद्रों पर व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। किसानों को फसल बेचने के बाद शीघ्र अति शीघ्र फसल का भुगतान किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गेहूं व सरसों की बंपर फसल उत्पादन का अनुमान | Haryana government</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अबकी बार गेहूं व सरसों की बंपर फसल उत्पादन का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सरसों की खरीद हैफेड की ओर से आज आरंभ कर दी गई है,पहले दिन प्रदेश में 315 क्विटल सरसों की खरीद की गई है। यह खरीद एमएसपी 5450 हजार रूपयों की दर से की गई। कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल आज यहां मीडिया से रूबरू हो रहे थे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय पंचायत भवन में जिला कष्टद्द निवारण समिति की बैठक में शिकायतों की सुनवाई। बैठक में 15 शिकायतें रखी गई, जिनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, शेष 3 शिकायतों को लंबित रखते हुए अधिकारियों को समाधान के दिशा-निर्देश दिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरपंचों के एक सवाल पर दिया जबाव | Haryana government</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री जय प्रकाश ने प्रदेश में आदोंलनरत्त सरपंचों के एक सवाल के जबाव में कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल निंरतर सरपंचों के साथ बैठक कर रहें हैं तथा जल्द ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है। उन्होंने विभिन्न दलों द्वारा की जा रही पदयात्रा के सवाल पर कहा कि चुनाव करीब आ रहें हैं इसलिए सभी दल अपने-अपने प्रयास कर रहें हैं बावजूद इसके भाजपा केंद्र व राज्य में फिर सत्तारूढ़ होगी। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला,रोहताश जांगड़ा, बलवान जांगड़ा, देव कुमार शर्मा सहित कई भाजपा नेता भी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव बकरियांवाली निवासी कविता रानी ने शिकायत रखी कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से लोन लिया गया है,जिसकी पुलिस में शिकायत दी। पुलिस द्वारा बैंक से हस्ताक्षर मिलान के लिए रिकॉर्ड मांगा , जोकि बैंक ने अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया। इस पर सुनवाई करते हुए कृषि मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि बैंक से रिकॉर्ड तलब किया जाए और जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एसडीएम इस मामले की जांच करेंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री ने देरी से इंतकाल दर्ज किए जाने बारे एक अन्य शिकायत की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी इंतकाल राइट टू सर्विस एक्ट के तहत दर्ज किए जाएं। उन्होंने रानियां इंतकाल मामले में संबंधित के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने शिकायतकर्ता को आश्वस्त किया कि देरी से इंतकाल दर्ज करने में जिस भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गांव बाजेकां निवासी कृष्ण लाल की शिकायत थी कि उन्हें मनरेगा में काम किया, लेकिन मेरी हाजिरी नहीं लगाई गई और मुझे पैसे नहीं दिए गए। इस पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि एसडीएम इस मामले की जांच करेंगे और अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मंडी डबवाली निवासी महिलाओं की मांग पर रिहायशी एरिया में शराब ठेका हटवाने बारे कृषि मंत्री ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए थे। बैठक में विभाग की ओर से बताया गया कि समस्या का समाधान कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। लोगों को यह नौबत ही न आए कि उन्हें अपनी शिकायतों को समिति में रखना पड़े। इसलिए अधिकारी अपने स्तर पर ही आमजन की शिकायतों के समाधान का प्रयास करें। बैठक में उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक डा. अर्पित जैन, एडीसी डा.आनंद कुमार शर्मा, एसडीएम राजेंद्र कुमार, विरेंद्र तिन्ना, कंवल सिंह चहल, बिमला सिंवर सहित संबंधित अधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित थे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Mar 2023 11:08:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गेहूं पर ‘पीला रत्तुआ’ की दस्तक, किसान के माथे पर चिंता की लकीरें</title>
                                    <description><![CDATA[ओढां (सच कहूँ/राजू)। रबी की फसल गेहूं में इस समय रोग की दस्तक है। परेशान किसान कीटनाशकों का छिड़काव कर नियंत्रण करने में लगे हुए हैं। कृषि विभाग ने खेतों में पहुंचकर रोगग्रस्त फसल का निरीक्षण करते हुए किसानों को उपचार बारे जानकारी दी। हालांकि ये रोग गेहूं की फसल के कुछ किस्मों में ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/knock-of-yellow-rust-on-wheat-lines-of-worry-on-farmers-forehead/article-44218"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/yellow-rust-on-wheat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ओढां (सच कहूँ/राजू)। </strong>रबी की फसल गेहूं में इस समय रोग की दस्तक है। परेशान किसान कीटनाशकों का छिड़काव कर नियंत्रण करने में लगे हुए हैं। कृषि विभाग ने खेतों में पहुंचकर रोगग्रस्त फसल का निरीक्षण करते हुए किसानों को उपचार बारे जानकारी दी। हालांकि ये रोग गेहूं की फसल के कुछ किस्मों में ही देखा जा रहा है। विभाग के मुताबिक इस रोग के कारण पौधे का विकास रुक जाता है और उत्पादन पर तकरीबन 50 प्रतिशत तक विपरीत असर पड़ सकता है।<br />
गांव नुहियांवाली के किसान आनंद गेदर, बाबू राम व सतपाल सुथार ने बताया कि इन दिनों में गेहूं की फसल में सिंचाई करते समय उन्हें कुछ पौधों की पत्तियां पीली नजर आई और पौधे को छूने पर हाथ पर हल्दी जैसा पाउडर लगा। किसानों की इस समस्या की सूचना के बाद कृषि कार्यालय ओढां के सहायक तकनीक अधिकारी रमेश सहु ने खेतों में जाकर फसलों का निरीक्षण कर किसानों को उपचार बारे जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने किसानों को बताया कि उक्त लक्षण ‘पीला रत्तुआ’ नामक रोग के हैं। ये रोग ज्यादातर नमी के मौसम में होता है तथा एचडी-2967, एचडी-2851 तथा डब्ल्यूएच-711 नामक गेहूं की अधिकतर 3 ही किस्मों में देखने को मिलता है। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि इस रोग को हल्के मेंं न लेते हुए समय रहते नियंत्रण करें अन्यथा उत्पादन पर करीब 50 प्रतिशत तक विपरीत असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ये रोग मुख्य रूप से एक कवक (पक्सीनिया स्ट्राइफार्मिस) द्वारा होता है। जिससे गेहूं के पौधे का विकास रुक जाता और बालियां छोटी बनती है। ये रोग हवा के साथ फैलता रहता है। ओढां खंड में इस बार 31 हजार 700 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये करें उपचार:</strong> अधिकारी ने किसानों से कहा कि किसान सर्वप्रथम उपरोक्त किस्मों की बिजाई से गुरेज करें। इसके लिए गेहूं की रोग प्रतिरोधी किस्में डब्ल्यूएच-283, डब्ल्यूएच-542, डब्ल्यूएच-896, डब्ल्यूएच-157 तथा राज-3765 की बिजाई करें। पीला रत्तुआ से ग्रस्त फसल में किसान बिना पूरी जानकारी के अंधाधुंध छिड़काव से बचें। रसायनिक उपचार के लिए किसान 200 एमएल प्रोपीकोनाजोल या 120 ग्राम नेटिवो या 200 एमएल कस्टोडिया या 200 एमएल ओपेरा दवा का 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करेंं। दूसरा छिड़काव 10 दिन के बाद करें।</p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं में पीला रत्तुआ की शिकायतें मिल रही हैं। ये रोग कुछ किस्मों में ही देखने को मिलता है। किसानों को उपचार बारे बताया गया है। बिना जानकारी के किसान अंधाधुंध छिड़काव न करें। किसान फसल का निरीक्षण करते रहें और रोगग्रस्त पौधे दिखाई दें तो विभाग से सम्पर्क करने के बाद ही छिड़काव करें।<br />
<strong>रमेश सहु, सहायक तकनीक अधिकारी (कृषि विभाग ओढां)।</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/knock-of-yellow-rust-on-wheat-lines-of-worry-on-farmers-forehead/article-44218</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Mar 2023 12:49:02 +0530</pubDate>
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                <title>बरसात से सरसों व गेहूं को फायदा: कृषि वैज्ञानिक</title>
                                    <description><![CDATA[फसल सिंचित करने के लिए डीजल का खर्चा बचाया दो-तीन दिन में साफ हो जाएगा मौसम : डॉ. देवीलाल भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। हरियाणा प्रदेश में पिछले दो दिनों से हुई बरसात ने कृषि प्रधान राज्य हरियाणा के किसानों व उनकी फसलों के लिए सोना बरसाने का कार्य किया है। लंबे समय से बार-बार पश्चिमी विक्षोभ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mustard-and-wheat-benefit-from-rain-agricultural-scientist/article-42956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/mustard-and-wheat.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">फसल सिंचित करने के लिए डीजल का खर्चा बचाया</li>
<li><strong>दो-तीन दिन में साफ हो जाएगा मौसम : डॉ. देवीलाल</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> हरियाणा प्रदेश में पिछले दो दिनों से हुई बरसात ने कृषि प्रधान राज्य हरियाणा के किसानों व उनकी फसलों के लिए सोना बरसाने का कार्य किया है। लंबे समय से बार-बार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हरियाणा पर पड़ रहा था, परन्तु बरसात हल्की बूंदाबांदी में बदलकर रह जाती थी। लेकिन पिछले दो दिनों के दौरान हुई बरसात ने फसलों को सिंचित करके फसलों में बंपर उत्पादन का संदेश दिया है। विशेषकर हरियाणा की मुख्य खरीफ फसल सरसों व गेहूं के लिए यह बरसात वरदान साबित हुई है।</p>
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<p style="text-align:justify;">हरियाणा कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवीलाल ने बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार 29 व 30 जनवरी को मौसम विभाग ने जो बरसात बताई थी, उसका प्रभाव पूरे प्रदेश भर में नजर आया है। बीती रात्रि को दक्षिणी हरियाणा के रेगिस्तानी क्षेत्र भिवानी व दादरी में भी काफी बरसात हुई है। इस बरसात से जहां दिन के तापमान में कमी की है, वहीं रात के तापमान में बढ़ोत्तरी होगी, जो फसलों के लिए बेहतर है। किसानों का सिंचाई का खर्च भी इस बरसात के कारण बचा है। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन बाद मौसम साफ हो जाएगा तथा निकट भविष्य में कोई बरसात की आशंका नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के खिले चेहरे</h3>
<p style="text-align:justify;">भिवानी जिला के किसान मांगेराम, बृजपाल, श्रीभगवान एवं ताली ने बताया कि पिछले दो दिनों से जो बरसात हुई है, उससे उनकी गेहूं व सरसों की फसल सिंचित हुई है तथा प्रति एकड़ 500 से 700 का डीजल बचा है, जो सिंचाई के लिए ट्यूव्बैल चलाने में प्रयोग होना था। इसके साथ ही बरसात का मीठा पानी उनकी फसल के लिए अमृत की तरह साबित होगा तथा फसलों का उत्पादन बढ़ेगा। हालांकि किसानों ने कहा कि कुछेक सब्जियों में पानी खड़ा होने से जरूर हल्का नुकसान हुआ है, परन्तु अधिकत्तर फसलों में इस बरसात का लाभ फसल उत्पादन बढाने में होगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Jan 2023 09:08:37 +0530</pubDate>
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