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                <title>chess - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>नन्ही परी अवलीन लोटस ने शतरंज के क्षेत्र में मनवाया अपनी प्रतिभा का लोहा</title>
                                    <description><![CDATA[बारह वर्षीय अवलीन लोटस ने अंडर-19 के नेशनल में जगह बनाकर रचा इतिहास चैस क्वीन के खिताब से नवाजी गई अवलीन लोटस | Uklana News खंड शिक्षा अधिकारी व खेल कमेटी उकलाना ने लोटस स्कूल पहुंचकर किया सम्मानित | Uklana News उकलाना (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र)। सफलता उनको मिलती है जिनके सपनों में जान होती है […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/avaleen-lotus-proved-her-talent-in-the-field-of-chess/article-52250"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/uklana-news.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बारह वर्षीय अवलीन लोटस ने अंडर-19 के नेशनल में जगह बनाकर रचा इतिहास</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>चैस क्वीन के खिताब से नवाजी गई अवलीन लोटस | Uklana News</li>
<li>खंड शिक्षा अधिकारी व खेल कमेटी उकलाना ने लोटस स्कूल पहुंचकर किया सम्मानित | Uklana News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>उकलाना (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र)।</strong> सफलता उनको मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है जी हां इन पंक्तियों को चरितार्थ कर दिखाया है लोटस इंटरनेशनल स्कूल उकलाना की छात्रा अवलीन कौर ने। अवलीन कौर ने मात्र 12 वर्ष की आयु में शतरंज के खेल में अपने प्रतिद्वंदियों को पछाड़कर राज्य स्तरीय खेलों में अपनी जगह बनाई है ।‌ नगर के लोटस इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा आठवी की 12 वर्षीय छात्रा अवलीन कौर ने सरकारी खेलों की अंडर-19 प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। Uklana News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अंदर जिला स्तर पर अपने सभी प्रतिद्वंदियों को हराकर अपराजित रहते हुए स्टेट लेवल खेलों में पहुंची ।स्कूल डायरेक्टर धर्मजीत कुनर व प्रिंसिपल आरती कुनर ने जानकारी देते हुए बताया कि चैस की स्टेट लेवल प्रतियोगिता कुरुक्षेत्र के सेक्टर 3 के स्कूल में तीन दिन के लिए आयोजित की गई। जिसके अंदर पहले दो दिन हिसार की तरफ से खेलते हुए अवलीन कौर ने अपने पांचो मैच में रोहतक, रेवाड़ी, सोनीपत, यमुनानगर और पानीपत के सीनियर खिलाड़ियों से मुकाबला किया और पांचो मैच में अवलीन कौर फिर अपराजित रही। Uklana News</p>
<p style="text-align:justify;">स्टेट लेवल पर मौजूद सैंकड़ो खिलाड़ियों के अंदर अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अवलीन ने टॉप 20 खिलाड़ियों में शामिल हुई और प्रतियोगिता के अंतिम तीसरे दिन टॉप 20 प्रतिभागियों के मुकाबले में नेशनल खेलों के ट्रायल में हिस्सा लिया। जहां पर पिछले वर्ष के आठ नेशनल खिलाड़ी भी खेले। अवलीन कौर ने अपने से 5 साल सीनियर कक्षा 12 वीं की खिलाड़ियों से लोहा मनवाते हुए टॉप 5 में जगह बनाई और नेशनल की सिलेक्शन में अपना स्थान पक्का किया। स्कूल चेयरमैन महेंद्र कुनर और प्रिंसिपल आरती कुनर ने छात्रा अवलीन कौर और कोच तरसेम को इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर बधाई दी और नेशनल के अंदर भी अपने उच्च दर्जे के प्रदर्शन को बरकरार रखने का शुभ आशीर्वाद दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्कूल पहुंचने पर चेस चैंपियन अवलीन और कोच का हुआ सम्मान समारोह</h3>
<p style="text-align:justify;">अंडर-19 के नेशनल में सिलेक्शन होने पर कक्षा आठवीं की छात्रा अवलीन कौर का और कोच तरसेम का विद्यालय पहुंचने पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसके अंदर अवलीन को स्कूल मैनेजमेंट, प्रिंसिपल, शैक्षणिक अधिकारियों व खेल कमेटी द्वारा चैस क्वीन का खिताब दिया गया और साथ ही में क्वीन का क्राउन डालकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागी और कोच तरसेम को लोटस इंटरनेशनल स्कूल द्वारा स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। Uklana News</p>
<h4 style="text-align:justify;">खंड शिक्षा अधिकारी व खेल कमेटी उकलाना ने लोटस स्कूल पहुंचकर किया सम्मानित</h4>
<p style="text-align:justify;">चेस चैंपियन अवलीन की इतनी छोटी उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि लेने पर हौसला अफजाई के लिए खंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण कुमार वर्मा भी विद्यालय प्रांगण में पहुंचे और उनके साथ इस सत्र की खेल कमेटी उकलाना के हेड अनिल कुमार प्रिंसिपल प्रभुवाला, सीनियर डीपीई जगदीप और वीरेंद्र के साथ सुरेश सेलवाल, राजेश नैन, संदीप नैन, जयवीर सिंह, दिनेश पूनिया और सत्यवान भी उपस्थित रहे। खंड स्तरीय खेल कमेटी द्वारा चेस चैंपियन अवलीन को मोमेंटो भेंट किया गया। Uklana News</p>
<h3 style="text-align:justify;">अवलीन लोटस ने लगाई तीन सरकारी चेस टूर्नामेंट में अपराजित रहने की हैट्रिक</h3>
<p style="text-align:justify;">अवलीन कौर ने जनवरी के अंदर अंडर 14 का नेशनल खेलते हुए प्रतियोगिता के सभी मैचो में सबसे पहले अपराजित रही थी। इसके बाद अंडर-19 की जिला स्तर पर आयोजित टूर्नामेंट के चारों मैच में भी अवलीन अपराजित रही और अपनी जिला स्तर से चैस टीम में सिलेक्शन लेकर स्टेट लेवल पर सरकारी खेलों की टूर्नामेंट के 5 मैच खेलते हुए फिर अपराजित रही और लगातार तीन सरकारी टूर्नामेंट में अपराजित रहने की हैट्रिक बनाई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Supreme Court: राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मची हलचल!" href="http://10.0.0.122:1245/big-decision-of-supreme-court-on-treason-law-created-a-stir/">Supreme Court: राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मची हलचल!</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/avaleen-lotus-proved-her-talent-in-the-field-of-chess/article-52250</link>
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                <pubDate>Tue, 12 Sep 2023 17:18:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>शतरंज की पहली चैंपियन पर देश को नाज</title>
                                    <description><![CDATA[शतरंज की दुनिया का जाना पहचाना नाम रोहिणी खाडिलकर आज की लड़कियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा स्रोत हैं। उन्हें तेरह साल की उम्र में ‘वुमन इंटरनेशनल मास्टर’ होने का भी खिताब मिल चुका है। वर्ष 1976 में रोहिणी पहली भारतीय महिला चेस खिलाड़ी रहीं। उन्होंने बहुत कम उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/the-country-is-proud-of-the-first-chess-champion-rohini-khadilkar/article-19100"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/chess-champion-rohini-khadilkar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">शतरंज की दुनिया का जाना पहचाना नाम रोहिणी खाडिलकर आज की लड़कियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा स्रोत हैं। उन्हें तेरह साल की उम्र में ‘वुमन इंटरनेशनल मास्टर’ होने का भी खिताब मिल चुका है। वर्ष 1976 में रोहिणी पहली भारतीय महिला चेस खिलाड़ी रहीं। उन्होंने बहुत कम उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उस जमाने में इस खेल में महिलाओं का बिल्कुल भी दबदबा नहीं था। रोहिणी का जन्म 10 नवंबर 1963 को हुआ था। उनके पिता अखबार चलाते थे। उनका चेस खेलने का सफर आसान नहीं था। एक रिपोर्ट के मुताबिक रोहिणी ने कभी बताया था कि जब वे पुरुषों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करती थीं तो वे उसे हराने के लिए सबकुछ किया करते थे। वे सिगरेट पीकर उनके मुंह पर धुंआ छोड़ते थे। इस तरह की हरकतें भी उन्हें खेलने से रोक नहीं पाईं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पांच बार भारतीय महिला चैंपियनशिप और दो बार एशियाई महिला चैम्पियनशिप जीती। इसके अलावा उन्होंने 56 बार शतरंज में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विदेशों की यात्राएं कीं और 1980 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। रोहनी खादिलकर ने 1976 (कोट्टायम ), 1977 (हैदराबाद ), 1979 (चेन्नई ) में लगातार तीन राष्ट्रीय खिताब और 1981 (नई दिल्ली) और 1983 (कोट्टयम ) में मिलाकर कुल 5 राष्ट्रीय खिताब जीते। 1981 (हैदराबाद) और 1983 (मलेशिया) में उन्हे एशियन विजेता होने का गौरव हासिल हुआ। 1981 में तत्कालीन खुद प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने उन्हें शतरंज का भारतीय प्रतिनिधि घोषित करते हुए दुनिया भर में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना था। शतरंज के शुरूआती दौर में इसके स्तर और भारतीय पुरुष शतरंज के स्तर में कोई बड़ा अंतर नजर नहीं आता पर समय बीतने के साथ पुरुष शतरंज विश्वानाथन आनंद के पदार्पण से एक नए दौर में प्रवेश कर गया।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Oct 2020 10:02:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शतरंज में ग्रैंडमास्टर बनने वाली पहली भारतीय महिला</title>
                                    <description><![CDATA[जब भी शतरंज की चर्चा होती है तो सबके दिमाग में कुछ चुनिन्दा पुरुषों के नाम आते हैं। भारत की महिलाओं में शतरंज का हुनर पुरुषों के अपेक्षाकृत बहुत कम आंका जाता है लेकिन इस प्रवृत्ति को पीछे छोड़ते हुए भाग्यश्री साठे शतरंज में ग्रैंडमास्टर बनने वाली पहली महिला थी। भाग्यश्री का जन्म 4 अगस्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/first-indian-woman-to-become-grandmaster-in-chess/article-17896"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/chess-grandmaster.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जब भी शतरंज की चर्चा होती है तो सबके दिमाग में कुछ चुनिन्दा पुरुषों के नाम आते हैं। भारत की महिलाओं में शतरंज का हुनर पुरुषों के अपेक्षाकृत बहुत कम आंका जाता है लेकिन इस प्रवृत्ति को पीछे छोड़ते हुए भाग्यश्री साठे शतरंज में ग्रैंडमास्टर बनने वाली पहली महिला थी। भाग्यश्री का जन्म 4 अगस्त 1961, मुम्बई में हुआ था। वह शुरू से ही बहुत होशियार थी और शतरंज में उनकी दिलचस्पी महज 12 वर्ष से ही उत्पन्न हो गयी थी और इसका श्रेय उनके पिता को जाता है। अपने बहन-भाईयों के साथ खेलते हुए व पिता को शतरंज में मात देते हुए उनके शतरंज खेलने का सफर शुरू हुआ। लेकिन पढ़ाई के कारण वह पूरा ध्यान शतरंज पर नहीं दे पाती थी इसलिए उन्होंने बाद में इसे अपना मुख्य शौक बनाया।</p>
<p style="text-align:justify;">सन 1979 में उन्होंने मद्रास नेशनल विमन्स चैस चैम्पियनशिप मे भाग लिया और आठवां स्थान प्राप्त किया पर छह साल बाद उसी प्रतियोगिता को जीतकर दिखाया। उन्होंने सन 1985 से 1994 के बीच पाँच बार (1985, 1986, 1988, 1991 और 1994) इन्डियन विमन्स चैम्पियनशिप जीता एवं सन 1991 में एशियाई विमन्स चैम्पियनशिप जीता। पर उनके इस सफर का सबसे गौरवशाली क्षण तब आया जब उन्होंने वाय.एम.सी.ए नेशनल विमन्स चैस चैम्पियनशिप जीता। उनकी इतनी सारी जीतों के बाद वह इन्टरनेशनल ग्रैन्डमास्टर का खिताब जीतने वाली पहली महिला बनी। आज ही के दिन सन 1986 में उनको पद्मश्री एवं सन 1987 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। वर्तमान में वह मुम्बई में आई.डी.बी.आई अफसर के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2020 10:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑनलाइन शतरंज प्रतियोगिता से जुटाए 15 लाख रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक सरकार ने कोरोना से जंग में राहत कार्यों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से यूनाइटेड कर्नाटक शतरंज संघ (एआईसीएफ) के साथ मिलकर मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) के माध्यम से ऑनलाइन शतरंज टूनार्मेंट का आयोजन किया और इस टूनार्मेंट से 15 लाख रुपये जुटाए गए। चेकमेटकोविड चैस टूनार्मेंट का आयोजन दो और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु (एजेंसी)।</strong> कर्नाटक सरकार ने कोरोना से जंग में राहत कार्यों के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से यूनाइटेड कर्नाटक शतरंज संघ (एआईसीएफ) के साथ मिलकर मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) के माध्यम से ऑनलाइन शतरंज टूनार्मेंट का आयोजन किया और इस टूनार्मेंट से 15 लाख रुपये जुटाए गए। चेकमेटकोविड चैस टूनार्मेंट का आयोजन दो और तीन मई को एमपीएल एप्प के जरिए किया गया। इस टूनार्मेंट से जुटाई गयी राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दिया जाएगा। इस ऑनलाइन शतरंज टूनार्मेंट में भारत का कोई भी निवासी 50 रुपये के शुल्क के साथ भाग ले सकता था। टूनार्मेंट की कुल इनामी राशि 10 लाख रुपये थी। इस टूनार्मेंट के लिए कुल 19,245 खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया था। चैस ग्रैंडमास्टर अंकित राजपारा ने खिताब जीता और उन्हें एक लाख रुपये का इनाम दिया गया।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ग्रैंडमास्टर भक्ति कुलकर्णी ने महिला वर्ग में और शकुंतला देवी ने 60 वर्ष से अधिक की उम्र में खिताब जीता।</li>
<li style="text-align:justify;">दोनों को 25-25 हजार रुपये दिए गए।</li>
<li style="text-align:justify;">टूनार्मेंट में एमपीएल एप्प में कुल दो लाख 37 हजार गेम खेले गए।</li>
<li style="text-align:justify;">10 हजार की रैंकिंग तक सभी को कुल पुरस्कार राशि से नगद इनाम दिए गए।</li>
<li style="text-align:justify;">टूनार्मेंट में हर बाजी स्पीड चैस फॉर्मेट में खेली गयी और हर खिलाड़ी को तीन-तीन मिनट मिले।</li>
<li style="text-align:justify;">विजेता का फैसला दो दिनों में जीती गयी अधिकतम बाजी के आधार पर किया गया।</li>
</ul>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/15-lakhs-raised-from-online-chess-competition/article-15123</link>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2020 16:13:34 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>आनंद ने सिंकफील्ड शतरंज में आरोनियन से ड्रा खेला</title>
                                    <description><![CDATA[आरोनियन के खिलाफ आनंद को मिश्रित सफलता मिली सेंट लुई (अमेरिका)। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने यहां सिंकफील्ड शतरंज टूर्नामेंट में आर्मेनिया के लेवोन आरोनियन के खिलाफ लगातार चौथे ड्रा के साथ खुद को खिताब की दौड़ में बरकरार रखा है। आरोनियन के खिलाफ आनंद को मिश्रित सफलता मिली है लेकिन इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:center;">आरोनियन के खिलाफ आनंद को मिश्रित सफलता मिली</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सेंट लुई (अमेरिका)।</strong> पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने यहां सिंकफील्ड शतरंज टूर्नामेंट में आर्मेनिया के लेवोन आरोनियन के खिलाफ लगातार चौथे ड्रा के साथ खुद को खिताब की दौड़ में बरकरार रखा है। आरोनियन के खिलाफ आनंद को मिश्रित सफलता मिली है लेकिन इस खिलाड़ी को उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में काफी परेशान किया है। आनंद के लिए लगातार चौथा ड्रा अच्छा नतीजा है क्योंकि पिछले कुछ समय में वह बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छी फार्म में नहीं रहे हैं। आनंद के चार मैचों में दो अंक हैं और एक जीत उन्हें खिताब का दावेदार बना सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैग्नस कार्लसन की हार से उनकी राह भी कुछ आसान हुई है। लगभग एक साल पहले अजेय माने जा रहे कार्लसन की फार्म में पिछले कुछ समय में गिरावट आई है और उन्हें फ्रांस के मैक्सिम वाचिएर लाग्रेव के खिलाफ जीत की स्थिति में होने के बावजूद शिकस्त का सामना करना पड़ा। एक अन्य निर्णय वाले मुकाबले में रूस के इयान नेपोमनियाची ने स्थानीय दावेदार हिकारू नाकामूरा को हराकर पहली जीत दर्ज की। चौथे दौर के अन्य मुकाबलों में रूस के पीटर स्विडलर ने अमेरिका के वेस्ली सो से जबकि फाबियो करूआना ने ने रूस के सर्जेई कर्जाकिन से ड्रा खेला।</p>
<p style="text-align:justify;">वाचिएर लाग्रेव संभावित चार में से तीन अंक के साथ एकल बढ़त बनाए हुए हैं। कारूआना 2.5 अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। आनंद के अलावा कार्लसन, कर्जाकिन, आरोनियन और वेस्ली सो दो अंक के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं। नाकामूरा, स्विडलर और नेपोमनियाची 1.5 अंक के साथ संयुक्त आठवें स्थान पर है।</p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2017 08:42:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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