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                <title>Nepal: राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के इस्तीफे के बाद नेपाल में अब तक का सबसे बड़ा संवैधानिक संकट</title>
                                    <description><![CDATA[अब कौन देगा अंतरिम सरकार बनाने का निमंत्रण? डॉ. संदीप सिंहमार। नेपाली प्रधानमंत्री के.पी ओली (KP Sharma Oli) के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति को भी पद छोड़ना पड़ा। राष्ट्रपति के इस्तीफा देने के बाद नेपाल में अब राजनीतिक संकट की स्थिति बन गई है। क्योंकि वर्तमान में नेपाल में न तो नई सरकार का दावा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/after-the-resignation-of-nepali-prime-minister-kp-oli-the-president-also-has-to-resign/article-75578"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/kp-sharma-oli.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अब कौन देगा अंतरिम सरकार बनाने का निमंत्रण?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. संदीप सिंहमार।</strong> नेपाली प्रधानमंत्री के.पी ओली (KP Sharma Oli) के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति को भी पद छोड़ना पड़ा। राष्ट्रपति के इस्तीफा देने के बाद नेपाल में अब राजनीतिक संकट की स्थिति बन गई है। क्योंकि वर्तमान में नेपाल में न तो नई सरकार का दावा करने वाला नेता है और न ही सरकार बनाने का निमंत्रण देने वाला अर्थात राष्ट्रपति। फिलहाल नेपाली प्रदर्शनकारी काठमांडू के मेयर और रैपर बालेन्द्र शाह जिन्हें बालेन शाह भी कहा जाता है का नाम अंतरिम सरकार के मुखिया अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर चर्चा में आ गया है। Nepal</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान राजनीतिक संकट और युवा प्रदर्शनकारियों के बीच, बालेन शाह को युवा वर्ग और जनमानस का समर्थन मिल रहा है, खासकर जेनरेशन Z के बीच। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और पारदर्शिता, जवाबदेही के लिए पहचान बनाई है। हालांकि वे लोकप्रिय हैं और युवाओं के चाहते माने जा रहे हैं, लेकिन नेपाल की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों का संसद में दबदबा अभी भी कायम है। इसलिए बालेन शाह का अंतरिम प्रधानमंत्री बनना पूरी तरह राजनीतिक सहमति पर निर्भर करेगा। उनका प्रॉफाइल यूनिक है – वे स्ट्रक्चरल इंजीनियर, रैपर और मेयर हैं, और उन्हें टाइम मैगजीन की 2023 में टॉप 100 उभरते नेताओं की सूची में भी शामिल किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि उन्होंने भारत को लेकर कभी-कभी विरोधी बयान भी दिए हैं, लेकिन वे पूरी तरह से भारत विरोधी नहीं माने जाते। वर्तमान में बालेन शाह को अंतरिम सरकार के मुखिया के रूप में नामित करने की मांग युवाओं और कुछ जनांतर में उठ रही है, लेकिन यह निर्णायक रूप से तय होगा कि राजनीतिक दल इस पर सहमति देते हैं या नहीं,यह भविष्य के गर्भ में है!</p>
<h3 style="text-align:justify;">यह है नई सरकार बनने की प्रक्रिया | Nepal</h3>
<p style="text-align:justify;">नेपाल में नई सरकार बनने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत होती है। जब प्रधानमंत्री इस्तीफा देते हैं या सरकार गिरती है, तब राष्ट्रपति संसद में मौजूद राजनीतिक दलों को नई सरकार बनाने का दावा पेश करने का मौका देते हैं। पर यहाँ दूसरा सबसे बड़ा संकट यह है कि राष्ट्रपति ने भी इस्तीफा दे दिया है। इसके अनुसार: दो या अधिक राजनीतिक पार्टियाँ संसद में अपनी संख्या बल के आधार पर सरकार बनाने का दावा कर सकती हैं। संसद में कुल सदस्यों की आधे से ज्यादा संख्या अर्थात् बहुमत का समर्थन आवश्यक होता है, जो लगभग 136 सांसद होते हैं। यदि कोई दल या गठबंधन विश्वास मतदान जीत जाता है, तो वह सरकार बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि बहुमत नहीं बनता, तो सांसदों की संख्या कम करने के लिए इस्तीफे या अन्य विकल्पों के कारण नई कोशिश की जाती है। गठबंधन की जटिलताओं के कारण नई सरकार बनाना कभी-कभी पेचीदा हो सकता है, खासतौर पर जब प्रमुख दलों के बीच मतभेद हों। नई सरकार बनने तक कार्यवाहक सरकार स्थित रह सकती है। इस प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों की भूमिका, भागीदारी, और सत्ता-साझा समझौते महत्वपूर्ण होते हैं। इस बार के हालात में, सरकार बनाने के लिए विभिन्न दलों के बीच गठबंधन, उनके समर्थन और सांसदों की संख्या पर ध्यान रखा जा रहा है। अगर संसद में स्थिर बहुमत नहीं बन पाता, तो राष्ट्रपति नए चुनाव की भी मांग कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संवैधानिक ढाँचा चुनौतीपूर्ण</h3>
<p style="text-align:justify;">नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी प्रधानमंत्री के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद अपना इस्तीफा दे दिया है। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार, नई सरकार का गठन राष्ट्रपति के निर्देशन में होता है क्योंकि वे संसद का प्रमुख होते हैं और सरकार बनाने के लिए उम्मीदवार को आमंत्रित करते हैं। लेकिन अब राष्ट्रपति के इस्तीफा देने के कारण इस व्यवस्था में अनिश्चितता आ गई है। इस स्थिति में नेपाल की संवैधानिक व्यवस्था और राजनीतिक ढांचा चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। सामान्यतः, राष्ट्रपति की आधिकारिक भूमिका निभाने वाला उपराष्ट्रपति या संसद में वरिष्ठतम नेता जब तक नया राष्ट्रपति नहीं चुना जाता, राष्ट्रपति के दायित्वों का निर्वाह करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नया राष्ट्रपति चुने जाने तक, संसद और राजनीतिक दल इस व्यवस्था को संभालेंगे।</h3>
<p style="text-align:justify;">नए राष्ट्रपति के चयन के बाद ही वे नई सरकार गठन के लिए प्रधानमंत्री उम्मीदवार को आमंत्रित कर सकेंगे।फिलहाल सरकार का संचालन अस्थायी या कार्यवाहक स्तर पर संभव होगा। देश में राजनीतिक स्थिरता के लिए गठबंधन, वार्ता और समझौते की जरूरत होगी।राष्ट्रपति के इस्तीफे की वजह से नेपाल के नए नेतृत्व और सरकार गठन की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से अटकी हुई है, और जल्द राजनीतिक समाधान और नया राष्ट्रपति चुनने की आवश्यकता है। ताकि देश को स्थायी सरकार मिल सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जे.एस. विवि प्रशासन से परेशान छात्र छात्राओं की शिकायतों को डीएम, एसएसपी ने सुना" href="http://10.0.0.122:1245/dm-and-ssp-heard-the-complaints-of-students-troubled-by-j-s-university-administration/">जे.एस. विवि प्रशासन से परेशान छात्र छात्राओं की शिकायतों को डीएम, एसएसपी ने सुना</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 21:11:52 +0530</pubDate>
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                <title>Nepal: देश ही नहीं विदेश में भी बज रहा है राम-नाम का डंका</title>
                                    <description><![CDATA[रूपनदेही (सच कहूँ न्यूज़)। Nepal: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए नेपाल के लक्ष्मीनगर जिला रूपनदेही (नेपाल) में नामचर्चा हुई। नामचर्चा की शुरूआत पवित्र नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ लगाकर की। इसके बाद क्रम वाइज कविराजों ने शब्दवाणी से साध-संगत को मंत्रमुग्ध किया। नामचर्चा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/naamcharcha-was-held-in-laxminagar-district-rupandehi-nepal/article-73996"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/nepal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रूपनदेही (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Nepal: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए नेपाल के लक्ष्मीनगर जिला रूपनदेही (नेपाल) में नामचर्चा हुई। नामचर्चा की शुरूआत पवित्र नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ लगाकर की। इसके बाद क्रम वाइज कविराजों ने शब्दवाणी से साध-संगत को मंत्रमुग्ध किया।</p>
<p style="text-align:justify;">नामचर्चा के दौरान सभी साध-संगत ने पूज्य गुरु जी द्वारा चलाए जा रहे 168 मानवता भलाई के कार्यों को तेज गति देने का संकल्प लिया। नामचर्चा के दौरान सभी साध-संगत ने सुमिरन किया। आस-पास के क्षेत्र से आई साध-संगत ने नामचर्चा में शिरकत की। Nepal</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ग्रीनाथन जैसे आयोजन समय की आवश्यकता हैं: सुनील शर्मा  " href="http://10.0.0.122:1245/events-like-greenathon-are-the-need-of-the-hour-sunil-sharma/">ग्रीनाथन जैसे आयोजन समय की आवश्यकता हैं: सुनील शर्मा  </a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 15:49:10 +0530</pubDate>
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                <title>Nepal Earthquake: अब नेपाल में डोली धरती&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Nepal Earthquake: हिसार, संदीप सिंहमार। म्यांमार व थाईलैंड के बाद अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भूकंप के झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी है। शुक्रवार देर सैन्य नेपाल की राजधानी काठमांडू में भूकंप से धरती डोली। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5 मापी गई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-the-earth-shook-in-nepal/article-69302"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/nepal-earthquake.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Nepal Earthquake: हिसार, संदीप सिंहमार।</strong> म्यांमार व थाईलैंड के बाद अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भूकंप के झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी है। शुक्रवार देर सैन्य नेपाल की राजधानी काठमांडू में भूकंप से धरती डोली। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5 मापी गई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के बीच चिंता दहशत का माहौल बन गया। हालांकि इस भूकंप में अभी तक किसी भी प्रकार की जान माल की हानि की कोई सूचना नहीं आई है। यह प्राकृतिक आपदा म्यांमार और थाईलैंड में हाल ही में आए भूकंपों की कड़ी में आया भूकंप है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्राकृतिक आपदाएँ भौगोलिक सीमाओं की परवाह नहीं करती। नेपाल की भौगोलिक स्थिति उसे भूकंप के प्रति संवेदनशील बनाती है। हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ भारी आतंरिक दबाव और टेक्टोनिक गतिविधियाँ प्रायः होती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नेपाल में भूकंपों का खतरा हमेशा बना रहता है, चाहे वह म्यांमार या थाईलैंड की घटनाओं के बाद हो या स्थानीय स्तर पर। भूकंप की तीव्रता के अनुसार, हज़ारों लोगों का जीवन प्रभावित होता है, और संपत्ति का नुकसान बहुत व्यापक होता है। म्यांमार में हाल ही में आए 7.7 तीव्रता वाले भूकंप ने 3000 से अधिक लोगों की जान चली गई। जिससे वहाँ एक गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है। इन आपदाओं ने यह भी दर्शाया है कि आपदाएँ केवल एक देश तक सीमित नहीं रहतीं। थाईलैंड, पाकिस्तान और म्यांमार में भूकंप के बाद के झटके यह दिखाते हैं कि प्राकृतिक आपदाएँ क्षेत्रीय समन्वय और सहयोग की आवश्यकता को उजागर करती हैं। दक्षिण एशिया के देशों को आपसी सहयोग और सहायता तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी आपदाओं के समय में वे एक-दूसरे की सहायता कर सकें। इस तरह के घटनाक्रम हमें यह याद दिलाते हैं कि हमारी प्राकृतिक दुनिया कितनी अस्थिर है। भूकंप, जैसे संकटों का सामना करने के लिए हमें एकजुट होकर तैयारी करनी होगी। नेपाल के हालिया भूकंप ने हमें एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में कैसे सुधार कर सकते हैं। हम सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करने के लिए तत्पर रहना चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव कम किया जा सके।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 11:49:33 +0530</pubDate>
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                <title>Naamcharcha: देश ही नहीं विदेश में भी बज रहा है राम-नाम का डंका</title>
                                    <description><![CDATA[रौतहट/नेपाल (सच कहूँ न्यूज़)। Nepal: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए जिला रौतहट, जिङ्गडिया में नामचर्चा का आयोजन किया गया। कविराजों ने रूहानियत के भजन बोलकर उपस्थित साध संगत को गुरू महिमा से लबरेज किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रेमी सेवक सहित ब्लॉक की साध […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/naamcharcha-was-organized-in-rautahat/article-68074"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/nepal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रौतहट/नेपाल (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Nepal: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए जिला रौतहट, जिङ्गडिया में नामचर्चा का आयोजन किया गया। कविराजों ने रूहानियत के भजन बोलकर उपस्थित साध संगत को गुरू महिमा से लबरेज किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रेमी सेवक सहित ब्लॉक की साध संगत उपस्थित रही। इस अवसर पर मानवता भलाई कार्यों के बारे में अवगत कराया गया। Nepal</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Moong Ki Kheti: गर्मियों में किसानों के लिए उन्नत खेती है मूंग की फसल" href="http://10.0.0.122:1245/moong-crop-is-an-advanced-farming-for-farmers-in-summer/">Moong Ki Kheti: गर्मियों में किसानों के लिए उन्नत खेती है मूंग की फसल</a></p>
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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 15:22:15 +0530</pubDate>
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                <title>Nepal-China: नेपाल में चीनी हस्तक्षेप</title>
                                    <description><![CDATA[Nepal-China: चीन ने नेपाल के साथ 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी पर जोर दिया गया है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड चीन के दौरे पर हैं। चीन नेपाल को बहुत उदारतापूर्वक प्रस्ताव दे रहा है। इसे जी-20 शिखर सम्मेलन की चर्चा की पृष्ठभूमि में समझा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/chinese-intervention-in-nepal/article-52936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/nepal-china.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Nepal-China: चीन ने नेपाल के साथ 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी पर जोर दिया गया है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड चीन के दौरे पर हैं। चीन नेपाल को बहुत उदारतापूर्वक प्रस्ताव दे रहा है। इसे जी-20 शिखर सम्मेलन की चर्चा की पृष्ठभूमि में समझा जा सकता है। जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हिस्सा न लेकर अपने प्रतिनिधि को भेजा। वास्तव में जी-20 सम्मेलन के सफल आयोजन से भारत का कद बढ़ा है क्योंकि भारत संयुक्त घोषणा पत्र जारी करने में सफल रहा। Nepal-China</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह भारत की सिफारिश पर अफ्रीकी संघ को भी जी-20 में शामिल किया गया। भारत के बढ़ते प्रभाव ने कई पड़ोसी देशों को परेशानी में डाल दिया है। भारत के साथ चीन के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। कुछ मुद्दों पर चीन का रवैया भारत विरोधी बना हुआ है। चीन अरुणाचल और सिक्किम पर दावा करता रहा है। लद्दाख में चीनी सेना के हमले में 20 भारतीय जवान भी शहीद हो गए। कई कमांडर स्तर की बैठकों के बावजूद भी मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं सका है। चीन हमेशा बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में अपनी पैठ मजबूत कर भारत को घेरने की कोशिश करता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने भी चीन के प्रभाव को रोकने के लिए नेपाल सहित अन्य देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। नेपाल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण देश है। यह भारत की कूटनीतिक सफलता है कि तमाम विवादों के बावजूद भारत ने नेपाल के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। नेपाल के वर्तमान प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड को चीन समर्थक और कामरेड विचारधारा वाला नेता माना जाता था, लेकिन प्रचंड ने इस वर्ष मई-जून में भारत का दौरा कर यह बता दिया था कि नेपाल चीन का पिछलग्गू नहीं है। China-Nepal</p>
<p style="text-align:justify;">प्रचंड की भारत यात्रा जहां भारत के लिए सकारात्मक रही, वहीं चीन ने अपनी पैठ मजबूत करने के लिए नेपाल के साथ 12 नए समझौते किए। इसमें कोई संदेह नहीं कि चीन नेपाल में भारत के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहा है। ताजा घटनाक्रम भारत के लिए एक नई कूटनीतिक तैयारी की मांग करता है। दरअसल, भारत-नेपाल संबंध केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक भी हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से नेपाल भारत के अधिक निकट है। भारत सरकार को इस पड़ोसी देश के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए कदम उठाने चाहिए। Nepal-China</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Iraq Fire Accident: खुशियों के बीच मौत का मातम, 114 लोग जलकर राख, लोगों में मची दहशत" href="http://10.0.0.122:1245/iraq-fire-accident/">Iraq Fire Accident: खुशियों के बीच मौत का मातम, 114 लोग जलकर राख, लोगों में मची दहशत</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 14:33:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Seema Haider Case LIVE Updates: सीमा हैदर पर बड़ा खुलासा, पुलिस के उड़े होश | Pakistan | Nepal</title>
                                    <description><![CDATA[Seema Haider Case LIVE Updates:  पाक महिला सीमा हैदर पर इस्लामाबाद से कबूलनामा आ गया है। सीमा हैदर से जो सवाल पूछे जा रहे हैं उसका जवाब कैमरे के सामने खड़े होकर खुद पाकिस्तान दे रहे हैं। सीमा हैदर को लेकर पाकिस्तान को डर सता रहा है। एटीएस की टीम ने सवालों की लिस्ट सीमा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/seema-haider-case-live-updates/article-50333"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/seema-haider1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Seema Haider Case LIVE Updates:  पाक महिला सीमा हैदर पर इस्लामाबाद से कबूलनामा आ गया है। सीमा हैदर से जो सवाल पूछे जा रहे हैं उसका जवाब कैमरे के सामने खड़े होकर खुद पाकिस्तान दे रहे हैं। सीमा हैदर को लेकर पाकिस्तान को डर सता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एटीएस की टीम ने सवालों की लिस्ट सीमा हैदर के सामने रखी। इंट्रोगेशन शुरू किया उसके बाद से लगातार खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीमा का फोन पाक सिम कार्ड के बाद पाकिस्तान आर्मी में मौजूद उसके भाई की तस्वीरें भी रिलीज हो चुकी है और इन खबरों ने पाकिस्तान में खौफ बढ़ा दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">होटल में सचिन ने बताया था नाम गलत | Seema Haider Case</h3>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार 10 मार्च को सचिन काठमांडू पहुंचा था। जानकारी के अनुसार सचिन ने सीमा को बताया था अपनी पत्नी। होटल वालो के मुताबिक उन्हें लगा था कि ये दोनों पति पत्नी है। नवविवाहित जोड़ा है। होटल में सचिन ने नाम भी गलत बताया था। होटल में गलत नाम से एंट्री की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब हैं कि समय बीतने के साथ पाकिस्तानी सीमा हैदर की कहानी कर्इं मोड़ आते देखे जा रहे हैं। सीमा हैदर की बातों पर अब शक पैदा रहा है। सीमा हैदर के बारे में मीडिया पर नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जो बताती हैं कि ये सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं है। इस कहानी के पीछे कुछ और छिपा हुआ है। Pakistani Seema Haider</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार सीमा हैदर पाक के सिंध में रहती थी। इस दौरान ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में रहने वाले सचिन मीणा से नेपाल में शादी की फिर वह भारत आई। बिना पासपोर्ट के भारत में आई।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश एटीएस को अंदेशा है कि सीमा हैदर को कहीं कोई गाइड तो नहीं कर रहा है। यूपी एटीएस को ये पता नहीं चल पाया कि सीमा हैदर के परिवार में कितने लोग है? फिलहाल एटीएस टीम को यह भी नहीं पता चल पाया कि सीमा हैदर के ससुराल व मायके दोनों जगहों पर कितने लोग हैं? बरहाल टीम सीमा हैदर से पूछताछ कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पाकिस्तान से मिल रही हैं धमकियां</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि सीमा हैदर को पाकिस्तान से धमकियां मिल रही है कि अगर वो पाकिस्तान आई तो उसको मार दिया जाएगा। गौरतलब हैं कि सीमा हैदर का केस नोएडा थाने में चल रहा है। अभी फिलहाल उसको जमानत मिली हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने कहा…</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं इस मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले पर हमारी नजर है। मामला विचाराधीन है ।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/pakistani-seema-haider-sachin-love-story/">Pakistani Seema Haider: सीमा हैदर का प्लान हुआ ऐसे तैयार! </a></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2023 13:52:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड की पत्नी का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[काठमांडू (एजेंसी)। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की पत्नी श्रीमती सीता दहल का लंबी बीमारी के बाद बुधवार की सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। वह 69 वर्ष की थीं। उनके परिवार में चार संतान हैं। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर किया जाएगा। नेपाली प्रधानमंत्री के निजी चिकित्सक (फिजीशियन) प्रो. डॉ. युवराज शर्मा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nepals-prime-minister-prachandas-wife-passes-away/article-49883"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/nepal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू (एजेंसी)।</strong> नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की पत्नी श्रीमती सीता दहल का लंबी बीमारी के बाद बुधवार की सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। वह 69 वर्ष की थीं। उनके परिवार में चार संतान हैं। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर किया जाएगा। नेपाली प्रधानमंत्री के निजी चिकित्सक (फिजीशियन) प्रो. डॉ. युवराज शर्मा ने बताया कि पार्किन्सन, मधुमेह उच्च तनाव से पीड़ित श्रीमती दहल को आज सुबह करीब आठ बजे दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत उपचार दिया गया। लेकिन काफी कोशिश के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। साढ़े आठ बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सचिवालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार देश में माओवादी आंदोलन की केंद्रीय सलाहकार रहीं श्रीमती दहल का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) के मुख्यालय में 11 बजे से दोपहर एक बजे तक रखा जाएगा और दो बजे पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में बागमती नदी के तट पर पशुपति आर्यघाट पर उनकी अंत्येष्टि की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jul 2023 11:59:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत और नेपाल के बीच संबंधों में नए इतिहास की शुरूआत: प्रचंड</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर (एजेंसी)। नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने कहा है कि भारत और नेपाल के बीच संबंधों में नए इतिहास की शुरूआत हुई है। भारत नेपाल के बीच संबंधों में नए आयाम जुड़े है। प्रचंड ने यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कल उनके सम्मान में इंदौर में दिये […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/beginning-of-new-history-in-relations-between-india-and-nepal-prachanda/article-48401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/pushpa-kamal-dahal-and-narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इंदौर (एजेंसी)।</strong> नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने कहा है कि भारत और नेपाल के बीच संबंधों में नए इतिहास की शुरूआत हुई है। भारत नेपाल के बीच संबंधों में नए आयाम जुड़े है। प्रचंड ने यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कल उनके सम्मान में इंदौर में दिये गये रात्रि भोज में कही। नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कल की मुलाकात के दौरान कहना कि हम अपने रिश्तों को हिमालय जितनी ऊंचाई देने के लिए काम करते रहेंगे और इसी भावना से, हम सभी मुद्दों का, चाहे बाउंड्री का हो या कोई और विषय, सभी का समाधान करेंगे यह हमारे लिये खुशी और गर्व का विषय है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मोदी और प्रचंड के बीच दूरदर्शी समझौते | (India–Nepal Relations)</h3>
<p style="text-align:justify;">नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री के रूप में भारत भ्रमण चौथी बार हो रहा है। इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के बीच जो सहमति हुई है, यह दूर तक जाने वाली सहमति है। कनेक्टीविटी, वॉटर रिसोर्स, ऊर्जा के क्षेत्र में जो सहमति बनी है, उसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे। मैं नेपाल जाकर नेपाली जनता को बताऊंगा कि भारत नेपाल के बीच संबंधों में नए इतिहास की शुरूआत हुई है। भारत नेपाल के संबंधों में नए आयाम जुड़े है। इसको मजबूत करना हम सबका कर्तव्य है। प्रचंड ने कहा कि मध्यप्रदेश में जो गर्मजोशी से स्वागत हुआ है वह अविस्मरणीय है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवान महांकाल के दर्शन कर मेरा सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जो विकास हुए है वह अभूतपूर्व है। इसके लिये उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान को बधाई दी। मुख्यमंत्री चौहान ने स्वागत भाषण देते हुये प्रदेश की 9 करोड़ जनता और राज्य शासन की ओर से प्रधानमंत्री प्रचंड का स्वागत अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रचंड को हमारे बीच पाकर हम अभिभूत है, उनका स्वागत कर हम गौरवांवित हो रहे है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और परम्पराएं लगभग एक जैसी है। ऐसा लग रहा है कि अपनों के बीच अपने ही आये है। कार्यक्रम का संचालन सांसद शंकर लालवानी ने किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हिमाचल में मई में 177.4 मिलीमीटर बारिश, तोड़े कई रिकॉर्ड" href="http://10.0.0.122:1245/weather-broke-many-records-in-himachal-pradesh-in-may/">हिमाचल में मई में 177.4 मिलीमीटर बारिश, तोड़े कई रिकॉर्ड</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/beginning-of-new-history-in-relations-between-india-and-nepal-prachanda/article-48401</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2023 16:23:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AMRITPAL SINGH Arrest Operation: क्या नेपाल में छिपा है अमृतपाल सिंह?</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने नेपाल से कहा- उन्हें तीसरे देशों में पलायन न करने दें नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। खालिस्तानी नेता अमृतपाल (AMRITPAL SINGH Arrest Operation) सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस का आॅपरेशन जारी है। इस बीच, भारत सरकार ने नेपाल से कहा है कि अगर वह अपने भारतीय पासपोर्ट या किसी अन्य फर्जी पासपोर्ट का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/is-amritpal-singh-hiding-in-nepal/article-45244"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/amritpal-101.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भारत ने नेपाल से कहा- उन्हें तीसरे देशों में पलायन न करने दें</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> खालिस्तानी नेता अमृतपाल (AMRITPAL SINGH Arrest Operation) सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस का आॅपरेशन जारी है। इस बीच, भारत सरकार ने नेपाल से कहा है कि अगर वह अपने भारतीय पासपोर्ट या किसी अन्य फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भागने की कोशिश करता है तो उसे गिरफ्तार किया जाए। उसे किसी तीसरे देश में भागने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ‘काठमांडू पोस्ट’ अखबार ने सोमवार (27 मार्च) को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी पंजाब को बदनाम कर रही : शिअद | AMRITPAL SINGH Arrest Operation</h3>
<p style="text-align:justify;">खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह तथा उसके समर्थकों के खिलाफ पुलिस के अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर नौजवानों की गिरफ्तारी पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने आज आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने और सभी मोर्चों पर अपनी विफलता छिपाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। डॉ. दलजीत सिंह चीमा और शिअद की कानूनी विंग के अध्यक्ष अर्शदीप सिंह कलेर के यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगंवत मान को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अर्धसैनिक बलों का उपयोग यह दिखाने के लिए क्यों किया गया कि जैसे युद्ध छेड़ा जा रहा है, जबकि साजिश की रूपरेखा तक अब तक रेखांकित नहीं की गई है। उन्होने कहा, ‘ऐसा लगता है कि जानबूझकर 1980 के दशक के माहौल को फिर से बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।</p>
<h3>156 व्यक्तियों के खिलाफ कुछ भी अभियोग नही | AMRITPAL SINGH Arrest Operation</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. चीमा ने कहा कि सरकार ने खुलासा किया था कि कुल 353 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा इनमें से 197 को छोड़ दिया गया । उन्होंने कहा, ‘सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि 156 व्यक्तियों के खिलाफ कुछ भी अभियोग नही है और केवल 40 व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि सरकार को क्या पता चला है क्योंकि अब तक जो सामने आया है वह केवल शस्त्र अधिनियम के तहत मामले हैं।</p>
<h3>मूसेवाला हत्याकांड जैसे…</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. चीमा ने कहा कि आप सरकार पंजाब को बदनाम (AMRITPAL SINGH) करने की कवायद में शामिल न हो क्योंकि राज्य में पहले से ही उद्योगों का पलायन देखा जा रहा है तथा जबरन वसूली और अपहरण के मामले लगातार बढ़ने के अलावा खुली गैंगवार देखी गयी है। उन्होंने कहा कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड जैसे मामले अब भी अनसुलझे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुददों का समाधान करने के बजाय अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए अलगाववाद को हवा दे रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने इस सच्चाई का खुलासा किया कि पंजाब पुलिस को अमृतपाल के ठिकाने की विश्वसनीय जानकारी होने के बावजूद डेढ़ दिन तक शाहबाद नही पहुंची ।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Mar 2023 09:51:48 +0530</pubDate>
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                <title>नेपाल प्लेन हादसे में जान गंवाने वालों में 5 भारतीय भी शामिल, अब तक 36 शव बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[काठमांडू (एजेंसी)। नेपाल में मध्य नेपाल के पोखरा क्षेत्र में रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए एक यात्री विमान के मलबे से कम से कम 36 शव बरामद किये गये। विमान में 72 यात्री सवार थे। एक स्थानीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। कास्की जिले के मुख्य जिला अधिकारी टेक बहादुर के.सी ने दुर्घटनास्थल से बताया कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/plane-crash-with-72-people-on-board-in-pokhara-nepal/article-42383"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/aircraft-crash-in-america.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू (एजेंसी)।</strong> नेपाल में मध्य नेपाल के पोखरा क्षेत्र में रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए एक यात्री विमान के मलबे से कम से कम 36 शव बरामद किये गये। विमान में 72 यात्री सवार थे। एक स्थानीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। कास्की जिले के मुख्य जिला अधिकारी टेक बहादुर के.सी ने दुर्घटनास्थल से बताया कि मलबे से छत्तीस शव निकाले गए हैं और आग बुझा दी गई है। नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रवक्ता जगन्नाथ निरौला ने बताया कि यति एयरलाइंस का एटीआर-72 विमान काठमांडू से पोखरा जा रहा था और उतरने से कुछ ही मिनट पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि विमान में 15 विदेशियों सहित 68 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Passenger aircraft crashes on runway of Pokhara Airport in Nepal</p>
<p>Read <a href="https://twitter.com/ANI?ref_src=twsrc%5Etfw">@ANI</a> Story | <a href="https://t.co/EcNHJm6YTa">https://t.co/EcNHJm6YTa</a><a href="https://twitter.com/hashtag/Nepal?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Nepal</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/PokharaAirport?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#PokharaAirport</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Runway?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Runway</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/planecrash?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#planecrash</a> <a href="https://t.co/ehAxwErZeR">pic.twitter.com/ehAxwErZeR</a></p>
<p>— ANI Digital (@ani_digital) <a href="https://twitter.com/ani_digital/status/1614514431639322624?ref_src=twsrc%5Etfw">January 15, 2023</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3><strong>आग के गोले में तब्‍दील</strong></h3>
<p>हादसे के बाद प्‍लेन एक आग के गोले में तब्‍दील हो गया। ऐसे में कई लोग कयास लगा रहे हैं कि इस दुर्घटना में शायद ही कोई जीवित बचा हो। जो वीडियोज आ रहे हैं, वो भी काफी डरावन हैं। इन्‍हें देखने से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह क्रैश कितना भयानक रहा होगा। इस विमान में कुछ भारतीयों के भी सवार होने की खबरें आ रही हैं।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jan 2023 15:22:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चीनी एजेंडे को जनता ने चटाई धूल ?</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल चुनाव में कुछ अंदरूनी, कुछ बाहरी ताकतें अपने मनमाफिक परिणाम चाहती थीं, पर वैसा हुआ नहीं? इस चुनाव में कईयों की हार हुई है। चीन प्रचंड-ओली गठबंधन की हुकूमत का पक्षधर था, लेकिन समय रहते नेपालियों ने उनके मंसूबों को भांपकर सत्ता फिर से शेर बहादुर देउबा के हाथों सौंप दी है। जनता जर्नादन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/chinese-agenda/article-41086"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/china2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नेपाल चुनाव में कुछ अंदरूनी, कुछ बाहरी ताकतें अपने मनमाफिक परिणाम चाहती थीं, पर वैसा हुआ नहीं? इस चुनाव में कईयों की हार हुई है। चीन प्रचंड-ओली गठबंधन की हुकूमत का पक्षधर था, लेकिन समय रहते नेपालियों ने उनके मंसूबों को भांपकर सत्ता फिर से शेर बहादुर देउबा के हाथों सौंप दी है। जनता जर्नादन का यह निर्णय निश्चित रूप से देश हित में और भारत से अच्छे संबंधों की नींव रखने में मददगार साबित होगा। भारत-नेपाल के दरमियान सदियों से सामाजिक, सांस्कृतिक ज्यादातर पारंपरिक रीति-रिवाज आपस में साझा रहे हैं, सिलसिला बदस्तूर जारी है। राजनीतिक हवा भी कमोबेश मिलती जुलती रही है। मौजूदा समय में हिंदुस्तान में राष्टÑवाद की जड़ें जिस अंदाज से मजबूत हुई हैं। उसे देखकर नेपाल भी हिंदुस्तान के नक्शेकदम पर चल पड़ा है। पर, वहां कुछ नेता ऐसे हैं जो ना राष्टृ को मजबूत करने देना चाहते हैं और ना ही पड़ोसी भारत से रिश्ते सुधरने देना चाहते हैं। इसके पीछे की वजह भी साफ है। वहां के कुछ राजनेता अपनी गंदी सियासत को चमकाने के लिए मधुर संबंधों की भी बलि चढ़ाने से नहीं चूक रहे। फिलहाल ऐसे नेताओं को नेपाली जनता ने मौजूदा आम चुनाव में उनकी औकात दिखा दी है। नेपाल के लोग कतई नहीं चाहते कि उनके संबंध भारत से खराब हों।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, नेपाल के आम चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। हुकूमत किसकी होगी, इसकी भी स्वीर तकरीबन साफ हो गई है। मौजूदा प्रधानमंत्री ही फिर से गठबंधन के साथ मुल्क की कमान संभालेंगे। देखा जाए तो, पड़ोसी पहाड़ी मुल्क नेपाल की अंदरूनी सियासत में कुछ भी होता है तो उसकी धमक हिंदुस्तान में साफ तौर पर सुनाई देती है। चुनावों में वहां इस बार भारत विरोधी प्रचार खूब हुआ। उनके पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत से पुरानी जमीन वापस लेने का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि भारत ने नेपाल की करोड़ों एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा किया हुआ है, जिसे प्रधानमंत्री बनने के बाद वो छुड़वा लेंगे। उनके बयान का विरोध भारत के अलावा नेपाल में भी हुआ। हालांकि उनके इस दावे को नेपाली जनता ने सिरे से नकारा, चुनाव में झांसे में नहीं आए, शायद यही राष्टृविरोधी हथकंडा उनकी हार की वजह बना? जबकि, चुनाव पूर्व उनकी पार्टी की स्थित बहुत अच्छी थी, सरकार बनाने की प्रबल संभावनाएं लोग जता रहे थे। पर, एक बयान ने उनको कहीं का नहीं छोड़ा, पीछे धकेल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है, केपी शर्मा ओली जब नेपाल के प्रधानमंत्री हुआ करते थे। तब से ही चीन की वकालत करते आए हैं और लगातार भारत की मुखालफत करते हैं। हालांकि भारत ने आज तक ना उनका प्रतिकार किया और ना ही खुलेआम विरोध? इसलिए कि एक ना एक दिन ओली खुद समझ जाएंगे चीन की चालाकी। दरअसल, हिंदुस्तान की तरह नेपाल में भी हिंदू आबादी रिकॉर्ड तौर पर बहुमत में है। सातों राज्यों में अस्सी से नब्बे फीसदी हिंदू हैं। जो किसी को भी हराने-जिताने का मादा रखते हैं। अपने पर आ जाएं तो किसी को भी बहुमत देकर देश की सत्ता सौंप दें। नेपालियों ने फिलहाल शर्मा ओली को चुनाव परिणामों में खारिज कर दिया है। ओली की पार्टी सीपीएन-यूएमएल के हिस्से 78 सीटें आई हैं। जबकि, मौजूदा प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की पार्टी नेपाली कांग्रेस 89 सीटें जीतकर टॉप पर है। पिछले आम चुनाव में ओली की यूएमएल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी उभरी थी। इस बार क्यों पिछड़ी, उसका कारण भी पानी की तरह साफ है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, ओली का चीन प्रेम उन्हें ले डूबा, अब भी वक्त है, सुधर जाएं, वरना स्थिति आने वाले समय में विपक्ष में बैठने की भी नहीं रहेगी। गनीमत यह समझें, भारत के खिलाफ उन्होंने बयान तब दिया जब पांच राज्यों में चुनाव निपट चुके थे, सिर्फ दो राज्य शेष बचे थे, वरना सीटें और कम होती। पड़ोसी देश से अच्छे संबंध और ठीकठाक कार्यकाल के लिए शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है। देउबा के संबंध भारत के साथ हमेशा से मधुर रहे हैं। उनकी सरकार आने के बाद भारत के साथ संबंधों में फिर से गर्मजोशी देखने को मिलेगी। जबकि, पूर्ववर्ती केपी शर्मा ओली के कार्यकाल में निचले स्तर पर पहुंच गई थी ये गर्मजोशी। हालांकि देउबा सरकार ने तीन बार राजनयिक नोटिस भारत को भेजे हैं, जिसको लेकर थोड़ी नाराजगी जरूर हुई, फिर भी तीनों नोटिस का जबाव भारत सरकार ने सहजता से देकर मुद्दे को भड़कने नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">नेपाल में सात राज्य हैं, सभी में पिछले महीने नबंवर में वोटिंग हुई थी, परिणाम आने में देर इसलिए लगी, क्योंकि वहां ईवीएम से वोट नहीं डाले जाते, बैलेट पेपर से मतदान हुआ है, इसलिए वोट गिनने में एकाध महीना लगा। फिलहाल वहां गड़बडी की संभावनाएं नहीं होतीं। अगर होती तो चीन अपनी पसंद की पार्टियों के साथ मिलकर कुछ ना कुछ खुराफात जरूर करता। दरअसल, चीन नेपाल पर अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहता है। प्रचंड या ओली की अगर सत्ता रहती तो उनकी टयूनिंग मनमाफिक रहती। फिलहाल प्रचंड-ओली की जोड़ी विपक्ष में रहेगी। पर, संभावनाएं ऐसी हैं कि दोनों सरकार को गिराने की कोशिशें करते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, ओली स्पष्ट बहुमत से आएंगे। अपनी अंदरूनी लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे। इसके लिए दोनों सदनों में उनके सदस्यों की संख्या अच्छी होनी चाहिए। नेपाली संसद में भारत की ही तरह दो सदन हैं। ऊपरी सदन को ‘नेशनल असेंबली’ जबकि निचले सदन को ‘हाउस आॅफ रिप्रजेंटेटिव्स’ कहते हैं। ऊपरी सदन में 59 सदस्य होते हैं, जिनमें 56 सदस्य सभी सातों प्रांतों से चुने जाते हैं। वहीं, तीन सदस्यों को राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। ऊपरी सदन के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है। नियम के तहत इस सदन में प्रत्येक दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य रिटायर कर दिए जाते हैं। सबसे असरदार निचला सदन होता है जिसमें कुल 275 सदस्य होते हैं। उनका कार्यकाल पांच साल या संसद भंग होने तक रहता है। निचले सदन में बहुमत दल का नेता प्रधानमंत्री होता है। बहुमत के लिए 138 सीटों की आवश्यकता होती है। नेपाल में एक अच्छी बात है, जब किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता, उस दशा में राष्ट्रपति सबसे बड़ी पार्टी के नेता को अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करके प्रधानमंत्री बना देते हैं। बहरहाल, इस बार देउबा अपने गठबंधन के साथ सरकार बनाने की ओर हैं। उन्हें शायद ही किसी दिक्कत का सामना करना पड़े। उनका प्रधानमंत्री बनना निश्चित रूप से भारत-नेपाल के हित में होगा।</p>
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                <pubDate>Sat, 17 Dec 2022 15:48:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>नेपाल में करीब 61% हुआ मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[काठमांडू (एजेंसी)। नेपाल में संसद और सात प्रांतीय विधानसभाओं के नए प्रतिनिधि के चुनाव रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार करीब 61 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। आयोग ने कहा कि यह अनुमान प्रारंभिक आंकड़ों पर आधारित है और अंतिम आंकड़े मिलने के बाद इसमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nearly-61-percent-polling-take-place-in-nepal/article-40048"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/nepal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काठमांडू (एजेंसी)।</strong> नेपाल में संसद और सात प्रांतीय विधानसभाओं के नए प्रतिनिधि के चुनाव रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार करीब 61 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। आयोग ने कहा कि यह अनुमान प्रारंभिक आंकड़ों पर आधारित है और अंतिम आंकड़े मिलने के बाद इसमें एक या दो प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। चुनाव में कुल 1,79,88,570 मतदाता मतदान करने के पात्र थे। चुनाव पर्यवेक्षकों का मानना है कि कि इस बार मतदाताओं की हताशा स्पष्ट तौर पर देखी जा रही थी और प्रमुख दलों को निचले सदन की सीटों के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों, विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आठ राज्यों में कोरोना के नए केस मिले" href="http://10.0.0.122:1245/new-cases-of-corona-were-found-in-eight-states/">आठ राज्यों में कोरोना के नए केस मिले</a></p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 13 मई के स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान प्रमुख दलों की निराशा भी स्पष्ट तौर पर देखी जा रही थी, तब मतदान 72 प्रतिशत से अधिक हुआ था। नेपाल में कल हुए मतदान में हालांकि कुछ जगहों पर विवाद और हिंसा की घटनाएं सामने आर्इं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत और कई अन्य घायल हुए था। अन्यथा चुनाव काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए रौतहाट, सिराहा, चितवन, डोलखा, बाजुरा और हुमला जिलों में हवा में गोली चलाई थी। चुनाव समाप्त होने के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त दिनेश थपलिया ने कहा कि हमें देश के विभिन्न हिस्सों में छिटपुट हिंसा के दौरान बाजुरा में एक व्यक्ति की दुखद मौत और अन्य के घायल होने पर खेद है। उन्होंने कहा कि हम घायलों को आवश्यक उपचार प्रदान करवा रहे हैं। थपलिया ने कहा कि बाजुरा में घायल हुए दो लोगों का इलाज किया जा रहा है जबकि अन्य घायल पहले ही इलाज के बाद घर लौट चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सुरखेत, नवलपरासी पूर्व, गुलमी और बाजुरा में 15 मतदान केंद्रों पर चुनाव बाधित हुआ, जहां आयोग एक सप्ताह के भीतर पुनर्मतदान कराएगा। संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव के लिए कुल 11,543 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। आयोग के अनुसार एफपीटीपी प्रणाली के तहत 2,412 उम्मीदवार सदन की सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 2,187 पुरुष और 225 महिलाएं हैं। इसके अलावा 110 आनुपातिक प्रतिनिधित्व वाली सीटों के लिए कुल 2,199 उम्मीदवार हैं, जिनमें 1,187 महिला और 1,012 पुरुष उम्मीदवार हैं। इसी तरह एफपीटीपी प्रणाली के तहत 330 प्रांतीय सीटों पर 3,224 उम्मीदवार, जिनमें 280 महिलाएं शामिल हैं और एक ‘अन्य’ चुनाव लड़ रहे हैं। आनुपातिक तौर पर 220 सीटों के लिए प्रतिनिधित्व वाली 3,708 उम्मीदवार (1,511 महिलाओं सहित) मैदान में हैं।</p>
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                <pubDate>Mon, 21 Nov 2022 16:27:18 +0530</pubDate>
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