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                <title>पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण लंबे समय तक चलने वाली मंदी की चपेट में आ सकता है वैश्विक व्यापार</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। पश्चिम एशिया का संघर्ष दुनिया भर के व्यवसायों को एक लंबे आर्थिक मंदी की ओर धकेल सकता है। यह बात नेविगेटर प्रिंसिपल इन्वेस्टर्स कंपनी के निदेशक काइल शोस्टैक ने रूसी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती से बातचीत में कही। उन्होंने कहा, “व्यवसायों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे खुद को अलग-अलग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/global-trade-could-be-gripped-by-a-prolonged-downturn-due-to-the-ongoing-conflict-in-west-asia/article-83872"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/washington-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> पश्चिम एशिया का संघर्ष दुनिया भर के व्यवसायों को एक लंबे आर्थिक मंदी की ओर धकेल सकता है। यह बात नेविगेटर प्रिंसिपल इन्वेस्टर्स कंपनी के निदेशक काइल शोस्टैक ने रूसी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती से बातचीत में कही। उन्होंने कहा, “व्यवसायों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे खुद को अलग-अलग उद्योगों में एक लंबी आर्थिक मंदी की ओर फिसलते हुए देख रहे हैं। यह संघर्ष जितना लंबा चलेगा, व्यवसायों के लिए यह उतना ही अधिक कष्टदायक होगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि एशिया और अफ्रीका के उभरते बाजारों की कंपनियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कंपनियों के पास जोखिम कम करने के लिए बहुत कम गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि वे अपनी ऊर्जा आपूर्ति, ग्राहक आधार और पूंजी के स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हालांकि, यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल।” गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में तेहरान सहित कई ठिकानों पर हमले किये, जिससे नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जान गयी। ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका और ईरान सात अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की। इस तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही लगभग ठप हो गयी है। यह फारसी खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों तक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और इसके कारण ईंधन की कीमतें बढ़ गयी हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 11:09:53 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका के व्हाइट हाउस में अंधाधुंध गोलीबारी, बाल-बाल बचे ट्रम्प</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के वाशिंगट में व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई बडे़ अधिकारी मौजूद थे। गोलीबारी के बाद सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप और अन्य शीर्ष नेताओं को तत्काल बाहर निकाल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/indiscriminate-shooting-at-the-us-white-house-trump-narrowly-escapes/article-83868"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/washington-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका के वाशिंगट में व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई बडे़ अधिकारी मौजूद थे। गोलीबारी के बाद सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप और अन्य शीर्ष नेताओं को तत्काल बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार रात घटित हुई घटना के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ की। उन्होंने लिखा उन्होंने (सुरक्षा कर्मियों) तेजी से और बहादुरी से काम किया। ट्रंप ने फिर से कार्यक्रम में शामिल होने का इरादा जाहिर किया लेकिन कहा कि वह सुरक्षा अधिकारियों के निदेर्शों का पालन करेंगे। ट्रम्प ने लिखा, “हमलावर को पकड़ लिया गया है और मैंने सुझाव दिया है कि हम शो जारी रहने दें, लेकिन मैं पूरी तरह से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निदेर्शों का पालन करूंगा। वे जल्द ही कोई फैसला लेंगे। उनका फैसला चाहे जो भी हो, यह शाम वैसी नहीं होगी जैसी योजना बनाई गई थी। हमें बस इसे सीधे, फिर से करना होगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया में जारी वीडियो में दिखाई दे रहा है कि सीक्रेट सर्विस एजेंट ने राष्ट्रपति ट्रंप को घेर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति और वहां मौजूद लोग अपनी मेज के पीछे छिपते हुए दिखे, जबकि लोग चिल्ला रहे थे- नीचे झुक जाओ और नीचे ही रहो। इसके बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स श्री ट्रंप को तेजी से मंच से दूर ले गये, जिसके बाद भारी हथियारों से लैस एजेंट्स ने स्टेज को घेर लिया। उल्लेखनीय है कि व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर एक ‘ब्लैक-टाई’ कार्यक्रम है, जिसकी मेजबानी उन पत्रकारों का संघ करता है जो अमेरिकी राष्ट्रपति को कवर करते हैं; यह कार्यक्रम हर साल वाशिंगटन हिल्टन के विशाल बॉलरूम में आयोजित किया जाता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 10:45:31 +0530</pubDate>
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                <title>इजरायल-लेबनान ने तीन दशक बाद की सीधी बातचीत</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। लेबनान और इजरायल ने तीन दशकों से अधिक समय के बाद अपनी पहली राजनयिक वार्ता की है, जो इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह समूह के बीच लड़ाई को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई एक दुर्लभ मुलाकात है। यह जानकारी बुधवार को बीबीसी ने दी। इस वार्ता की मध्यस्थता अमेरिकी विदेश मंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/israel-and-lebanon-hold-direct-talks-after-three-decades/article-83459"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/washington.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> लेबनान और इजरायल ने तीन दशकों से अधिक समय के बाद अपनी पहली राजनयिक वार्ता की है, जो इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह समूह के बीच लड़ाई को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई एक दुर्लभ मुलाकात है। यह जानकारी बुधवार को बीबीसी ने दी। इस वार्ता की मध्यस्थता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की जिन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के प्रभाव को समाप्त करने का यह एक ऐतिहासिक अवसर था। अमेरिका ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष एक निश्चित समय और स्थान पर सीधी बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इजरायल ने कहा कि वह सभी गैर-सरकारी आतंकवादी समूहों को निरस्त्र करना चाहता है जिसका मतलब हिज्बुल्लाह से है। लेबनान ने युद्धविराम और मानवीय संकट से निपटने के उपायों की मांग की। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं और उनके बीच आखिरी सीधी उच्च स्तरीय वार्ता 1993 में हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों के कुछ ही दिनों बाद, दो मार्च को लेबनान में इजरायली सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। मंगलवार को वाशिंगटन में दोनों पक्षों की बैठक के दौरान हिज्बुल्लाह ने लेबनान में इजरायल और इजरायली सैनिकों पर कम से कम 24 हमलों की जिम्मेदारी ली। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने वार्ता के बाद एक बयान में कहा कि इजरायल और लेबनान दोनों हिजबुल्लाह के प्रभाव को कम करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि लेबनानी पक्ष ने देश में “गंभीर मानवीय संकट से निपटने और उसे कम करने के लिए युद्धविराम और ठोस उपायों” की भी मांग की। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने हिजबुल्लाह के हमलों से खुद की रक्षा करने के इजरायल के अधिकार के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है। बैठक से पहले पत्रकारों से बात करते हुए श्री रूबियो ने कहा कि यह बैठक एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, “इसमें समय लगेगा, लेकिन हमें विश्वास है कि यह प्रयास सार्थक होगा। यह एक ऐतिहासिक सम्मेलन है जिस पर हम आगे बढ़ना चाहते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">एक बयान में, लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वार्ता “सामान्य रूप से लेबनानी लोगों और विशेष रूप से दक्षिण में रहने वाले लोगों की पीड़ा के अंत की शुरूआत का प्रतीक होगी”। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का एकमात्र समाधान यही होगा कि लेबनानी सशस्त्र बलों को क्षेत्र की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सौंपी जाए। उल्लेखनीय है कि हिजबुल्लाह का सामना करने की लेबनानी सरकार की क्षमता सीमित है। हालांकि वार्ता से पहले, हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ सदस्य ने एपी समाचार एजेंसी से कहा कि वह वाशिंगटन में हुए किसी भी समझौते का पालन नहीं करेगा। हिज्बुल्लाह की राजनीतिक परिषद के सदस्य वाफिक सफा ने कहा कि हम उनके द्वारा सहमत किसी भी बात से बंधे नहीं हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ता की पुष्टि होने से एक महीने पहले ही इजरायल-लेबनान वार्ता की योजना बनाई गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 10:52:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका ने ईरान में 11,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किये: सेंटकॉम</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान 11,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किये है। अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) यह जानकारी दी है। सेंटकॉम द्वारा एक्स पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने अब तक 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किये है, जिसमें 150 से ज्यादा क्षतिग्रस्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/us-attacked-over-11000-military-targets-in-iran-centcom/article-82852"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/washington-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान 11,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किये है। अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) यह जानकारी दी है। सेंटकॉम द्वारा एक्स पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने अब तक 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किये है, जिसमें 150 से ज्यादा क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए जहाज शामिल हैं। सेंटकॉम ने दावा है कि अमरीकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने 11,000 से ज्यादा उड़ानें भरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमला करना शुरू किया था। ईरान, इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी हमला कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने इस सैन्य अभियान की शुरूआत को एक ‘पहले से किया गया हमला’ बताया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कथित खतरों का हवाला दिया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 11:48:49 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा संयंत्र पर हमले को 10 दिनों के लिए किया स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि ईरानी सरकार के अनुरोध पर उन्होंने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की प्रक्रिया को 10 दिनों के लिए रोक दिया है। ट्रम्प ने कहा कि वे इस प्रक्रिया को छह अप्रैल को पूर्वी समयानुसार रात आठ बजे तक के लिए स्थगित कर रहे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/trump-postpones-attack-on-irans-energy-plant-for-10-days/article-82777"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/washington-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि ईरानी सरकार के अनुरोध पर उन्होंने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की प्रक्रिया को 10 दिनों के लिए रोक दिया है। ट्रम्प ने कहा कि वे इस प्रक्रिया को छह अप्रैल को पूर्वी समयानुसार रात आठ बजे तक के लिए स्थगित कर रहे हैं। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, “ईरानी सरकार के अनुरोध पर, मैं ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की अवधि को 10 दिनों के लिए सोमवार, छह अप्रैल को रात आठ बजे (पूर्वी समय) तक रोक रहा हूं।” उन्होंने दोहराया कि बातचीत जारी है और फर्जी मीडिया और अन्य लोगों द्वारा इसके विपरीत दिए गए गलत बयानों के बावजूद, यह बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। हालांकि ईरान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत चल रही है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:21:59 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका सेना एक सीटी स्कैन मशीन यूक्रेन भेजेगी</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन। अमेरिकी सेना एक सीटी स्कैन मशीन यूक्रेन को देने तथा चिकित्सा कर्मियों को इसे संचालित करने के लिए प्रशिक्षित करने की योजना बना रही है। रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी रिया नोवोस्ती ने अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी। दस्तावेजों के अनुसार, ठेकेदार को न केवल उपकरण वितरित और स्थापित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/the-us-military-will-send-a-ct-scan-machine-to-ukraine/article-82736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/washington-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिकी सेना एक सीटी स्कैन मशीन यूक्रेन को देने तथा चिकित्सा कर्मियों को इसे संचालित करने के लिए प्रशिक्षित करने की योजना बना रही है। रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी रिया नोवोस्ती ने अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी। दस्तावेजों के अनुसार, ठेकेदार को न केवल उपकरण वितरित और स्थापित करना होगा, बल्कि इसे चलाने के लिए स्थानीय विशेषज्ञों को प्रशिक्षित भी करना होगा। इसके साथ ही सिस्टम मैनुअल भी यूक्रेनी भाषा में प्रदान करना होगा। इस परियोजना की देखरेख अमेरिकी सेना की 409वीं कॉन्ट्रैक्टिंग सपोर्ट ब्रिगेड द्वारा की जा रही है, जो जर्मनी में स्थित है। अनुबंध उस कंपनी को दिए जाने की उम्मीद है जो सभी तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करते हुए सबसे कम कीमत की पेशकश करेगी और इसके लिए आवेदन अप्रैल 2026 के अंत तक स्वीकार किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">खरीद की शर्तों के अनुसार, उपकरण पहले स्टुटगार्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर पहुंचाए जाएंगे और फिर यूक्रेन भेजे जाएंगे। वितरण की समय सीमा अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से 90 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए। रूस ने बार-बार कहा है कि यूक्रेन को पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति सैन्य संघर्ष के समाधान में बाधा डालती है और यह नाटो देशों को संकट का एक पक्ष बनाती है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन के लिए हथियारों वाले किसी भी कार्गो को रूसी सेना के लिए वैध लक्ष्य माना जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 10:53:06 +0530</pubDate>
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                <title>भारत के लिए अच्छी खबर अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए कुछ समय के लिए पाबंदियों पर ढील दे दी है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कुछ समय के लिए पाबंदियों में ढील दी है, ताकि भारत समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीद सके। अमेरिका के वित्त मंत्री […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/good-news-for-india-america-gives-approval-to-buy-oil-from-russia/article-82005"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/washington-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए कुछ समय के लिए पाबंदियों पर ढील दे दी है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कुछ समय के लिए पाबंदियों में ढील दी है, ताकि भारत समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीद सके। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि 30 दिन की छूट से वैश्विक बाजार में तेल की आवाजाही बनी रहेगी ईरान की वैश्विक ऊर्जा को बंधक बनाने की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बेसेंट ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह कदम एक जानबूझकर उठाया गया अल्पकालीन है जिससे रूसी सरकार को कोई खास वित्तीय फायदा नहीं होगा क्योंकि इसमें सिर्फ वही तेल शामिल है जो पहले से समुद्र में फंसा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रूसी तेल पर पाबंदी लगा दी, जिससे खरीदारों को दूसरे विकल्प ढूंढने पड़े थे।भारत रूस ऊर्जा का एक बड़ा खरीदार है और अमेरिका ने भारत पर दबाव डाला है कि वह हमले के लिए पैसे का बहाव कम करने की कोशिश में उसका (रूस) तेल खरीदना बंद कर दे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 10:43:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की खाई कसम, संघर्ष तेज</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन/नयी दिल्ली, (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरान पर सैन्य हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक वाशिंगटन के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। उन्होंने तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई। ट्रंप की ये टिप्पणी ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/trump-vows-to-avenge-the-deaths-of-american-soldiers-intensifying-conflict/article-81857"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/washington.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन/नयी दिल्ली, (एजेंसी)।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरान पर सैन्य हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक वाशिंगटन के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। उन्होंने तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई। ट्रंप की ये टिप्पणी ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के बाद शत्रुता में तीव्र वृद्धि के बीच आई है। ईरानी कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए संयुक्त हमलों का प्रतिशोध बताया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने इजरायल के साथ मिलकर किए गए एक बड़े समन्वित हमले के बाद पिछले 24 घंटों में ईरान के अंदर 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और लगभग 40 वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मारे गए, जिससे ईरान के नेतृत्व ढांचे को निर्णायक झटका लगा है। इस स्थिति ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है, जिसके चलते खाड़ी देशों ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात के बाद अपने इजरायली समकक्ष को फोन किया और उनसे स्थिति पर चर्चा की। बाद में मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात हुई। हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। भारत ने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता को दोहराया।”</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 10:43:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कैरीबिया में ड्रग तस्करी के संदेह में जहाज पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन, (एजेंसी)। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कैरिबिया में नशीले पदार्थों की तस्करी के संदेह में एक और जहाज पर हमला किया जिससे तीन लोगों की मौत हो गयी। यह अभियान उस शृंखला का हिस्सा है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ट्रंप प्रशासन ने शुरू की है। अमेरिकी दक्षिणी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/three-killed-in-us-military-raid-on-ship-suspected-of-drug-smuggling-in-caribbean/article-81296"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/washington-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन, (एजेंसी)</strong>। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कैरिबिया में नशीले पदार्थों की तस्करी के संदेह में एक और जहाज पर हमला किया जिससे तीन लोगों की मौत हो गयी। यह अभियान उस शृंखला का हिस्सा है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ट्रंप प्रशासन ने शुरू की है। अमेरिकी दक्षिणी कमान ने ‘एक्स’ पर कहा, ” तेरह फरवरी को दक्षिणी कमान के कमांडर जनरल फ्रांसिस एल डोनोवन के निर्देश पर, संयुक्त कार्य बल ‘साउदर्न स्पीयर’ ने नामित आतंकवादी संगठनों’ के जहाज पर घातक सैन्य हमला किया।” कमान ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि इस हमले में कोई भी अमेरिकी कर्मी हताहत नहीं हुआ है।</p>
<p>आॅपरेशन साउदर्न स्पीयर’ के तहत संदिग्ध ड्रग नौकाओं पर किये गये हमलों में अब तक कम से कम 124 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने मारे गये लोगों को ‘अवैध लड़ाका’ बताया है और न्याय विभाग की गोपनीय राय के आधार पर बिना किसी न्यायिक समीक्षा के इन घातक हमलों को उचित ठहराया है। इस साल अब तक सार्वजनिक रूप से चार हमलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से एक हमला इसी शुक्रवार को किया गया। इस सप्ताह की शुरूआत में हुए पिछले हमले में दो लोग मारे गये थे और एक व्यक्ति जीवित बचा था। इसमें अमेरिकी तट रक्षकों ने ‘इक्वाडोर के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र’ को समन्वित खोज और बचाव प्रयासों के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी। सांसदों ने विशेष रूप से 2 सितंबर को हुए पहले हमले को लेकर चिंता जतायी है। इसमें एक ‘फॉलो-अप’ हमला भी शामिल था। उस हमले में चालक दल के उन दो सदस्यों को मार दिया गया था, जो शुरूआती हमले में जीवित बच गये थे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:21:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च के निर्माण का किया समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजधानी वॉशिंगटन, डीसी में दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च (स्मारक द्वार) के निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन किया है। ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि आर्च “सबसे बड़ा” हो और उन्होंने अमेरिका को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/trump-supported-the-construction-of-the-worlds-largest-triumphal-arch/article-80904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/washington.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजधानी वॉशिंगटन, डीसी में दुनिया के सबसे बड़े ट्रायम्फल आर्च (स्मारक द्वार) के निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन किया है। ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि आर्च “सबसे बड़ा” हो और उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बताया। उन्होंने कहा, “200 वर्षों के लिए वह एक आर्च बनाना चाहते थे,” और राजधानी के स्वरूप को बदलने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया। उन्होंने प्रस्ताव को वैश्विक नजरिए से देखते हुए कहा कि दुनिया भर के लगभग 57 शहरों में पहले से ही ट्रायम्फल आर्च हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन, जिसे उन्होंने “एकमात्र बड़ा शहर” कहा जहां यह नहीं है, अब यहा ट्रायम्फड आर्च बनाने में कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। यह बात ट्रम्प की जनवरी में की गई घोषणा पर आधारित है, जब उन्होंने बताया था कि वाशिंगटन डीसी में ट्रायम्फल आर्च पर काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। अमरीकी राष्ट्रपति ने अक्टूबर में एक भोज में दानदाताओं से कहा था कि यह स्मारक लिंकन मेमोरियल के पास बनाया जाएगा, जो अर्लिंग्टन मेमोरियल ब्रिज के साथ देश की राजधानी में एक औपचारिक प्रवेश को परिभाषित करेगा। द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, भोज में उन्होंने प्रस्तावित ढांचे के मॉडल दिखाए और कई डिजाइन विकल्प बताए। इस प्रस्तावित स्मारक की तुलना पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ से की गई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:04:32 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान के गृह मंत्री, शीर्ष अधिकारियों पर लगाये अमेरिका ने प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। ईरान में जारी प्रदर्शन के बाद अमेरिका ने ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों पर ईरानी प्रशासन परहिंसक कार्रवाई के लिये ये सभी जिम्मेदार थे। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा, “मोमेनी ईरान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/the-us-has-imposed-sanctions-on-irans-interior-minister-and-top-officials/article-80851"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/washington-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> ईरान में जारी प्रदर्शन के बाद अमेरिका ने ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों पर ईरानी प्रशासन परहिंसक कार्रवाई के लिये ये सभी जिम्मेदार थे। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा, “मोमेनी ईरान इस्लामिक गणराज्य के हत्यारे कानून प्रवर्तन बल का संचालन करते हैं, जो हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिये जिÞम्मेदार है।”</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने कहा, “आज अमेरिका के वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने ईरानी लोगों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अतिरिक्त कार्रवाई की। जिन अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए गये, उनमें ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी शामिल हैं।”<br />
इन प्रतिबंधों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों और ईरानी व्यवसायी बाबक मोर्तेजा जंजानी को भी निशाना बनाया गया है, जिन पर ईरानी लोगों से अरबों डॉलर के गबन का आरोप है। मंत्रालय ने श्री जंजानी से जुड़े डिजिटल करेंसी विनिमय पर भी रोक लगा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के प्रतिबंधों के तहत नामित व्यक्तियों या संस्थाओं की कोई भी संपत्ति जब्त कर दी जाती है और अमेरिकी नागरिकों तथा कंपनियों को उनके साथ व्यापार करने से मना किया जाता है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि श्री जंजानी ने आईआरजीसी और व्यापक ईरानी शासन का समर्थन करने वाली परियोजनाओं को आर्थिक रूप से समर्थन दिया है।<br />
ओएफएसी ने पहली बार श्री जंजानी से जुड़े दो डिजिटल संपत्ति विनिमय नामित किये। यह ईरानी अर्थव्यवस्था में काम करने वाले डिजिटल एसेट विनिमय के खिलाफ उसकी पहली कार्रवाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय के सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, “एक समृद्ध ईरान बनाने के बजाय शासन ने देश के तेल राजस्व के बचे हुए हिस्से को परमाणु हथियारों के विकास, मिसाइलों और दुनिया भर में आतंकवादी संगठन पर बर्बाद करना चुना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं और उन्होंने मंत्रालय को शासन के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। मंत्रालय ईरानी नेटवर्क और भ्रष्ट अभिजात वर्ग को निशाना बनाना जारी रखेगी जो ईरानी लोगों की कीमत पर खुद अमीरी में जीते हैं।” प्रतिबंधित किये गये अन्य अधिकारियों में आईआरजीसी इंटेलिजेंस आॅर्गनाइजेशन के माजिद खादेमी, तेहरान प्रांत के आईआरजीसी सैय्यद अल-शोहादा कॉर्प्स के कमांडर गोरबान मोहम्मद वलीजदेह, हमादान प्रांत के आईआरजीसी कमांडर हुसैन जारे कमाली, गिलान प्रांत के आईआरजीसी कमांडर हामिद दमघानी, और करमानशाह प्रांत के एलईएफ कमांडर मेहदी हाजियन शामिल हैं।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 12:33:53 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका ने कनाडा को 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली/वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को चीन के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर धमकी देते हुए कहा कि अगर कनाडा ने ऐसा किया तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति कनाडा और चीन के बीच हुए इस व्यापार समझौते को चीन द्वारा अपने निर्यात […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/america-threatens-canada-with-100-percent-tariff/article-80690"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/washington-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली/वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कनाडा को चीन के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर धमकी देते हुए कहा कि अगर कनाडा ने ऐसा किया तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति कनाडा और चीन के बीच हुए इस व्यापार समझौते को चीन द्वारा अपने निर्यात को कनाडा के रास्ते अमेरिका भेजने का एक जरिया मानते हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “चीन कनाडा को पूरी तरह से निगल जाएगा, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देगा, जिसमें उसके कारोबार, सामाजिक ताना-बाना और जीवन शैली का विनाश भी शामिल है।”</p>
<p style="text-align:justify;">कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में बीजिंग का दौरा किया था और एक प्रारंभिक व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी जिसके तहत कनाडा को बेची जाने वाली चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर टैरिफ कम किया जाएगा, जिसके बदले में चीन ने कनाडाई कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई थी। कनाडाई उत्पादों पर इतने ऊंचे टैरिफ लगाने से अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखलाएं, जिनमें रक्षा उत्पादन श्रृंखलाएं भी शामिल हैं, बाधित हो सकती हैं क्योंकि परंपरागत रूप से दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों के लिए पुर्जे और सहायक उपकरण बनाकर एक-दूसरे की आपूर्ति प्रणालियों में योगदान करते हैं।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 11:41:55 +0530</pubDate>
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