<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/punjab/tag-52" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>punjab - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/52/rss</link>
                <description>punjab RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँ</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी एक महत्त्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरकर सामने आई है, नागरिकों से मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/25339-arrests-related-to-drug-trafficking-in-punjab-based-on/article-90712"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/chandigarh-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Chandigarh News:<strong> </strong>पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी एक महत्त्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरकर सामने आई है, नागरिकों से मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से पंजाब की भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा-विरोधी एनफोर्समेंट अभियान में अधिकारियों ने 25,339 गिरफ्तारियाँ की हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह आंकड़े 1 मार्च 2025, जब ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान की शुरुआत की गई थी, से 03 सितंबर 2026 तक की अवधि के हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये गुप्त सूचनाएँ सेफ पंजाब हेल्पलाइन (97791-00200) के माध्यम से प्राप्त हुईं, इन सूचनाओं से एनफोर्समेंट एजेंसियों को संदिग्ध नशा तस्करी और इससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">यह तथ्य विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है कि पंजाब में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज कुल 59,293 एफआईआर में से 25,000 से अधिक गिरफ्तारियाँ नागरिकों से मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, नशे के कारोबार के बड़े खिलाड़ियों पर भी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन के साथ 696 ‘बड़ी मछलियों’ को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई केवल छोटे स्तर के नशा विक्रेताओं तक सीमित न रहकर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई को दर्शाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बरामदगी का आंकड़ा भी अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाता है। एनफोर्समेंट एजेंसियों ने 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफ़ीम, 45 टन पोस्त की भूसी, 1,288 किलोग्राम गांजा और 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर ‘आइस’ के नाम से जाना जाता है, बरामद किया है। इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 62 लाख टैबलेट और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस एनफोर्समेंट अभियान के दौरान ₹22 करोड़ की नशीली दवाओं की बिक्री से अर्जित धनराशि अथवा नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, वितरण या तस्करी के लिए रखी गई धनराशि भी ज़ब्त की गई है। इसके अलावा, नशीले पदार्थों की वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 2,675 मामले दर्ज किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “गुप्त सूचनाओं ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को अतिरिक्त मज़बूती दी है और हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में नागरिकों की ओर से गुप्त सूचनाएँ देने और उनके परिणामस्वरूप होने वाली गिरफ्तारियों में और अधिक भागीदारी देखने को मिलेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">एडीजीपी एएनटीएफ पंजाब नीलाभ किशोर ने कहा, “ये आंकड़े दर्शाते हैं कि नशा विरोधी अभियान में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों से प्राप्त ख़ुफ़िया जानकारी का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त 51,979 गुप्त सूचनाएँ इस बात का संकेत हैं कि आम नागरिक सक्रिय रूप से कार्रवाई के तंत्र तक महत्त्वपूर्ण जानकारी पहुँचा रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों को पुलिस के हस्तक्षेप के माध्यम से उपचार व्यवस्था से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेज़ किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पुलिस द्वारा नशे की लत से जूझ रहे 42,498 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया, जबकि 1,55,970 अन्य लोगों को पुलिस द्वारा आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिकों तक पहुँचाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64A के तहत 11,239 व्यक्तियों को प्रतिरक्षा प्रदान की गई है। यह प्रावधान निर्धारित परिस्थितियों में उन नशीले पदार्थों पर निर्भर व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है, जो स्वेच्छा से उपचार करवाते हैं। नवीनतम आंकड़े इस प्रकार नशे के ख़िलाफ़ अभियान के दोहरे दृष्टिकोण को दर्शाते हैं—एक ओर नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई और दूसरी ओर नशे के कारोबार में शामिल लोगों तथा नेटवर्क की पहचान के लिए नागरिकों एवं कानून लागू करने वाले अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/chandigarh-news1.jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img>
Chandigarh News: 51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँ
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/25339-arrests-related-to-drug-trafficking-in-punjab-based-on/article-90712</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/25339-arrests-related-to-drug-trafficking-in-punjab-based-on/article-90712</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 15:48:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/chandigarh-news1.jpg"                         length="119913"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार की ओर से कर्मचारियों को जन्माष्टमी का तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा*</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मचारी सुशासन की रीढ़, उनका अधिकार और सम्मान हमारी प्रमुख प्राथमिकता: अमन अरोड़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/janmashtami-gift-for-employees-from-the-bhagwant-mann-government--dearness-allowance-to-be-raised-to-60-percent/article-90690"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/punjab2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब सरकार के कर्मचारियों को जन्माष्टमी का तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए 85,000 कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डी.ए.) 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। इससे इन कर्मचारियों का डी.ए. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा। यह निर्णय सरकार द्वारा अनेक अवसरों और मंचों पर दोहराए गए एकसमान रुख को दर्शाता है, जिसके अनुसार लाभ प्राप्त करने के हकदार कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिलना चाहिए और जो कर्मचारी इन लागू प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आते, उन्हें यह लाभ नहीं मिलना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस निर्णय के साथ सरकार ने एक बार फिर यह सुनिश्चित किया है कि पंजाब सरकार के कर्मचारी देश में सबसे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों में बने रहें। यह निर्णय 2020 के बाद के नियमों के तहत भर्ती हुए उन कर्मचारियों पर लागू होता है, जिनका वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर आधारित है और जिन्हें न्यायालय के आदेशों के माध्यम से संशोधित नहीं किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए डी.ए. 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की सिफारिश की है, जिसे अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस निर्णय की घोषणा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तथा आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। यह कदम 17 जुलाई 2020 से पहले भर्ती हुए और अधिक वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों तथा इस तिथि के बाद केंद्र के 7वें सी.पी.सी. वेतन पैटर्न के तहत भर्ती हुए कर्मचारियों के बीच के अंतर को समाप्त करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं। भगवंत मान सरकार हमेशा हर कर्मचारी के अधिकारों और सम्मान के लिए उनके साथ खड़ी रही है। आज जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर हम एक और वादा पूरा कर रहे हैं और वर्ष 2020 के बाद भर्ती हुए नए कर्मचारियों को वही डी.ए. देना सुनिश्चित कर रहे हैं, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा नए भर्ती हुए कर्मचारियों के वेतन ढांचे में किए गए बदलाव के कारण उत्पन्न हुआ। उन्होंने आगे कहा, “दिसंबर 2020 में पंजाब कैबिनेट ने 17 जुलाई 2020 के बाद की गई नई भर्तियों और नियुक्तियों के लिए वेतन स्केल/मैट्रिक्स को केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के स्केल के बराबर करने की मंजूरी दी थी। इसके साथ कर्मचारियों की दो व्यापक श्रेणियां बन गईं—मौजूदा कर्मचारी, जो पंजाब में पहले से ही अधिक वेतन ढांचे के अंतर्गत आते हैं और 2020 के बाद भर्ती हुए नए कर्मचारी, जिनका शुरुआती वेतन केंद्र सरकार के 7वें सी.पी.सी. पैटर्न पर आधारित है।”</p>
<p style="text-align:justify;">अमन अरोड़ा ने कहा, “17 जुलाई 2020 से पहले भर्ती हुए कर्मचारियों को पंजाब के उच्च मूल वेतन स्केल का लाभ मिल रहा है। हालांकि, इस तिथि के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को केंद्रीय वेतन स्केल पैटर्न के तहत लाया गया था, लेकिन उन्हें पंजाब का केवल 42 प्रतिशत डी.ए. ही मिल रहा है। इस बड़े अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के कर्मचारी पहले से ही अपने केंद्र सरकार के समकक्ष कर्मचारियों की तुलना में काफी अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं। कई महत्वपूर्ण कैडरों के कर्मचारियों को पंजाब-विशिष्ट वेतन स्केल के तहत केंद्र सरकार के समकक्ष कर्मचारियों की तुलना में 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत अधिक वेतन मिल रहा है। अमन अरोड़ा ने कहा, “लेकिन 2020 के बाद के वेतन ढांचे के तहत भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए स्थिति अलग है, क्योंकि उन्हें पुराने वेतन पैटर्न की तर्ज पर उच्च पंजाब एंट्री वेतन स्केल नहीं मिलता। इसलिए यह तर्क कि कम डी.ए. की भरपाई अधिक मूल वेतन के माध्यम से हो सकती है, इस श्रेणी पर बहुत कम लागू होता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">अमन अरोड़ा ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली ‘आप’ सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि पंजाब सरकार के किसी भी कर्मचारी को केंद्र सरकार के उसके समकक्ष कर्मचारी से कम वेतन न मिले। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में बड़े स्तर पर भर्ती की है, जिससे राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अमन अरोड़ा ने कहा, “हमारी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब के कर्मचारियों को उनके केंद्र सरकार के समकक्षों की तुलना में नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। वर्ष 2020 के बाद के कर्मचारियों के लिए डी.ए. में वृद्धि इसी असमानता को दूर करने की दिशा में एक ईमानदार कदम है।”</p>
<p style="text-align:justify;">‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा, “पंजाब सरकार ने 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के डी.ए. के संबंध में अपना पक्ष पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में राज्य की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से प्रस्तुत किया है। इस मुद्दे को कैबिनेट मंत्रियों ने 3 सितंबर, 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी सार्वजनिक रूप से दोहराया था।”</p>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए अमन अरोड़ा ने कांग्रेस और भाजपा, जो पंजाब सरकार के कर्मचारियों के लिए वेतन समानता की मांग करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला दे रही हैं, को चुनौती दी और कहा, “यदि वे वास्तव में अनुच्छेद 14 में विश्वास रखते हैं तो पंजाब के मामलों में हस्तक्षेप करने से पहले उन्हें अपनी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाने के लिए कहना चाहिए।”</p>
<h4 style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए डी.ए. बढ़ाया</h4>
<p style="text-align:justify;">पंजाब पहले से ही ऐसे वेतन स्केल का पालन करता रहा है, जो केंद्र सरकार की तुलना में काफी अधिक हैं। कई महत्वपूर्ण कैडरों में तो वेतन उनके केंद्रीय समकक्ष कर्मचारियों की तुलना में 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न के तहत लाया गया था, जबकि उन्हें 42 प्रतिशत डी.ए. मिलता रहा। इससे इस श्रेणी के लिए कम डी.ए. दर एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब सरकार ने अब 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती किए गए उन कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डी.ए. देने का निर्णय लिया है, जिनका वेतन केंद्रीय 7वें सी.पी.सी. पैटर्न पर आधारित है और जिन्हें अदालत के आदेशों के माध्यम से संशोधित नहीं किया गया है। फैक्ट शीट के अनुसार, 85,000 कर्मचारी इस श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। इनमें शिक्षक, कांस्टेबल, क्लर्क, नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, मेडिकल अधिकारी, पटवारी और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस निर्णय से 2020 के बाद भर्ती किए गए लगभग 85,000 कर्मचारियों को लाभ होगा। इनमें 11,685 कांस्टेबल, 20,603 शिक्षक, 5,144 क्लर्क, 2,355 नर्स, 2,267 चपरासी, 1,467 मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर, 1,248 मेडिकल अधिकारी (जनरल), 1,214 पटवारी और 1,129 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/janmashtami-gift-for-employees-from-the-bhagwant-mann-government--dearness-allowance-to-be-raised-to-60-percent/article-90690</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/janmashtami-gift-for-employees-from-the-bhagwant-mann-government--dearness-allowance-to-be-raised-to-60-percent/article-90690</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 11:07:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/punjab2.jpg"                         length="21716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा ने फंड रोककर और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके पंजाब को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन जनता भगवंत मान सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है: बलतेज पन्नू</title>
                                    <description><![CDATA[जहाँ भी चुनाव आते हैं, भाजपा विपक्षी सरकारों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई, ईडी और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है: बलतेज पन्नू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bjp-tried-to-weaken-punjab-by-withholding-funds-and-using/article-90598"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/punjab1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong>  आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बुधवार को भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर राज्य के फंड रोक कर राजनीतिक मकसद के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने के लिए लगातार मुहिम चला कर पंजाब सरकार को जानबूझ कर कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले, भाजपा और उसके समर्थकों ने यह कहकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की थी कि आप सरकार के पास अनुभव की कमी है और वह ठीक से काम नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोगों ने उस बात को नकार दिया और आप को साफ़ जनादेश दिया। विरोधियों ने कहा था कि इस सरकार के पास कोई अनुभव नहीं है, यह काम नहीं कर पाएगी और मुख्यमंत्री तीन महीने भी नहीं टिक पाएंगे। लेकिन पंजाब के लोगों ने मन बना लिया था कि वे 2017 की गलती नहीं दोहराएंगे और उन्होंने भगवंत मान को भारी बहुमत दिया।"</p>
<p style="text-align:justify;">आप के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि आप सरकार के सत्ता में आने के बाद, केंद्र ने एक-एक करके पंजाब का फंड रोकना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, "आरडीएफ का हज़ारों करोड़ का पैसा अभी भी केंद्र के पास पेंडिंग है। यहां तक कि मनरेगा का स्ट्रक्चर और नाम बदलकर उसे कमज़ोर कर दिया गया, जिसका असर पंजाब पर भी पड़ा।"</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में आई बाढ़ का ज़िक्र करते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे और बाढ़ से हुए भारी नुकसान की जानकारी देने के बावजूद, पंजाब को सिर्फ़ 1,600 करोड़ रुपये मिले, जो मदद के लिए बहुत कम रकम थी। उन्होंने आगे कहा, "वादा की गई एक्स्ट्रा मदद भी नहीं मिली। केंद्र की लगाई गई वित्तीय पाबंदियों के बावजूद, भगवंत सिंह मान सरकार ने अपने विकास और भलाई के काम जारी रखे।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "उन्होंने सोचा कि अगर पंजाब का फंड रोक दिया गया, तो सरकार स्कूल नहीं बना पाएगी, हेल्थकेयर सिस्टम को मज़बूत नहीं कर पाएगी, मोहल्ला क्लीनिक नहीं बना पाएगी, हॉस्पिटल नहीं सुधार पाएगी या सड़कें नहीं बना पाएगी। लेकिन सरकार काम करती रही क्योंकि उसमें ईमानदारी और काम करने का पक्का इरादा था।"</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार के काम पर ज़ोर देते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा कि इस क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़कर पंजाब एक प्रोग्रेसिव राज्य के तौर पर उभरा है। उन्होंने आगे कहा, "रोड सेफ्टी फोर्स बनाई गई, जो पंजाब की सड़कों पर कीमती जानें बचाने का काम कर रही है, साथ ही जनता की भागीदारी से ड्रग्स के खिलाफ 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम भी जारी है।"</p>
<p style="text-align:justify;">आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, "भाजपा बार-बार पुराने वीडियो और चुनिंदा बातों का इस्तेमाल करके पंजाब को नेगेटिव दिखा रही है। चुनी हुई सरकारों को गिराने के मकसद से चुनावों के आसपास केंद्रीय जांच एजेंसियों को लगाया जाता है। जब भी किसी राज्य में चुनाव पास आते हैं, भाजपा सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों को लगा देती है। उनका एकमात्र मकसद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के काम में रुकावट डालने के तरीके ढूंढना और यह माहौल बनाना है कि उनकी सरकार फेल हो गई है।"</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने कहा कि 'मावां-धीया सत्कार योजना' जैसी भलाई की पहल के खिलाफ भी ऐसी ही कोशिशें की गईं, लेकिन भगवंत मान सरकार ने विरोध के बावजूद ऐसी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर, बलतेज पन्नू ने एजेंसी पर आप नेताओं के खिलाफ मीडिया में नेगेटिव नैरेटिव बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। आप मंत्री संजीव अरोड़ा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "वह अभी भी जेल में हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है, जबकि एक के बाद एक मंत्री पर आरोप लग रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने पंजाब पुलिस के साथ ईडी की बातचीत पर भी सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा डीजीपी को कथित तौर पर भेजे गए पत्र के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स को बार-बार हाईलाइट किया जा रहा है, जबकि पंजाब पुलिस द्वारा एजेंसी से मांगे गए जवाब को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। "पंजाब पुलिस ने ईडी से केस के साफ सबूत और पूरी डिटेल्स देने को कहा है। अगर जो कंटेंट दिखाया जा रहा है वह सिर्फ चैट के धुंधले स्क्रीनशॉट हैं, तो उसके आधार पर एफआईआर कैसे दर्ज की जा सकती है? ईडी को दस्तावेज और डिटेल्स देने चाहिए ताकि केस को आगे बढ़ाया जा सके। लेकिन कोई जवाब नहीं आ रहा है।"</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने कहा कि बार-बार लीक और चुनिंदा मीडिया रिपोर्ट्स का मकसद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करना है क्योंकि भाजपा उनके खिलाफ कुछ भी नहीं ढूंढ पाई है। "पंजाब के लोग सच जानते हैं। उन्होंने भगवंत मान सरकार का काम देखा है, चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों। भाजपा भले ही मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश करती रहे, लेकिन लोगों ने पहले ही अपना मन बना लिया है। आने वाले विधानसभा चुनावों में, पंजाब एक बार फिर भगवंत सिंह मान को राज्य की सेवा करते रहने के लिए चुनेगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bjp-tried-to-weaken-punjab-by-withholding-funds-and-using/article-90598</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/bjp-tried-to-weaken-punjab-by-withholding-funds-and-using/article-90598</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 14:10:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/punjab1.jpg"                         length="22983"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड का डेटा इस बात का सबूत है कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब के दशकों पुराने ग्राउंडवाटर संकट को ठीक करना शुरू कर दिया है: बलतेज पन्नू</title>
                                    <description><![CDATA[4 क्रिटिकल डार्क ज़ोन ब्लॉक सेफ ज़ोन में आए, क्रिटिकल ब्लॉक 10 से घटकर 6 हो गए; भगवंत मान सरकार की पानी बचाने के प्रयासों के नतीजे सामने आने लगे: बलतेज पन्नू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/central-groundwater-board-data-is-proof-that-bhagwant-mann-government/article-90496"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/punjab.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को कहा कि ग्राउंडवॉटर के ताजा मुल्याकंन से पंजाब को उम्मीद की एक बड़ी किरण मिली है, क्योंकि सरकारी डेटा से पता चलता है कि राज्य ने उस संकट को ठीक करना शुरू कर दिया है जिसे पिछली सरकारों ने दशकों तक गंभीर होने दिया। उन्होंने कहा कि यह सुधार भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाने, नहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और पंजाब की ग्राउंडवॉटर पर निर्भरता कम करने के लिए की गई लगातार कोशिशों का नतीजा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आप पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “दशकों से, हम पंजाब के पानी को बचाने की ज़रूरत के बारे में सुनते आ रहे हैं। हमने नेताओं को खुद को पंजाब के पानी का कस्टोडियन कहते, प्रतीकात्मक औजार लेकर और इमोशनल भाषण देते देखा। लेकिन सवाल साधारण है: उन्होंने असल में क्या किया है? इसका जवाब अब सरकारी डेटा के रूप में पंजाब के सामने है।”</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नारों के बजाय प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अमल पर ध्यान केंद्रित कर एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि पंजाब नहर के पानी के अपने हिस्से का पूरा इस्तेमाल करे, जिससे ग्राउंडवॉटर पर बोझ कम हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नहर के पानी का इस्तेमाल अब लगभग 80% से 82% तक पहुँच गया है, जो 2022 में सिर्फ़ 21% के आस-पास था। उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने 14,100 नहरें चालू की हैं, 400 किलोमीटर से ज़्यादा बंद नहरों को ठीक किया है और 1,000 किलोमीटर से ज़्यादा नहरों को पक्का किया है। नहर के स्ट्रक्चर की मरम्मत के साथ-साथ, ग्राउंडवॉटर को रिचार्ज करने में मदद के लिए रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने कहा कि इन उपायों का असर अब ताजा ग्राउंडवॉटर मुल्याकंन में साफ़ दिख रहा है। बलतेज पन्नू ने कहा, "पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने का लेवल 2021-22 में 163.80% से घटकर 2025 में 156.36% और 2025-26 में 152.22% हो गया है, जो चार सालों में 11.58 प्रतिशत पॉइंट्स का सुधार दिखाता है। सालाना ग्राउंडवाटर निकालने का लेवल भी लगभग 28.01 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है।" "11.58 प्रतिशत पॉइंट्स कागज़ पर सिर्फ़ एक आंकड़ा लग सकता है, लेकिन पंजाब के लिए इसका मतलब है कि दशकों की गिरावट के बाद, हम आखिरकार सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ताजा मुल्याकंन की सबसे उत्साहजनक पहलू ग्राउंडवाटर मुल्याकंन ब्लॉक्स में दर्ज सुधार है। उन्होंने कहा, "पंजाब के 153 डार्क-ज़ोन ब्लॉक में से 95 में सुधार हुआ है, जबकि गंभीर ब्लॉक की संख्या 10 से घटकर 6 हो गई है। चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में आ गए हैं, जिनमें फाजिल्का में अरनीवाला, फिरोजपुर में मक्खू, होशियारपुर में हाजीपुर और पठानकोट में नरोट जैमल सिंह शामिल हैं। अन्य 14 ब्लॉक में काफी सुधार दर्ज किया गया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने कहा कि ग्राउंडवॉटर रिचार्ज भी बढ़ा है, कुल सालाना रिचार्ज 19.14 बिलियन क्यूबिक मीटर है। उन्होंने कहा, “इसमें बारिश से 5.53 बिलियन क्यूबिक मीटर और नहर के पानी से 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर शामिल है। नहर के पानी का रिचार्ज पिछले साल के 4.5 बिलियन क्यूबिक मीटर से बढ़कर इस साल 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि पंजाब के लिए खेती के लिए ट्यूबवेल पर अपनी निर्भरता कम करना क्यों ज़रूरी है। उन्होंने आगे कहा, “निकाले गए 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर ग्राउंडवॉटर में से, लगभग 24.95 बिलियन क्यूबिक मीटर खेती के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि लगभग 1.38 बिलियन क्यूबिक मीटर घरेलू और इंडस्ट्रियल कामों के लिए इस्तेमाल होता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने माना कि पंजाब अभी भी ग्राउंडवॉटर की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बदलाव की दिशा ज़रूरी है, क्योंकि नए मुल्याकंन से पता चलता है कि ग्राउंडवॉटर निकालने में कमी आई है और कई मुल्याकंन ब्लॉक में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब के पानी के संकट के बारे में सिर्फ़ बात करने वाली सरकारों और इसे सुलझाने का फ़ैसला करने वाली सरकार के बीच यही फ़र्क है। भगवंत मान सरकार ने किसी दूसरे राज्य को मिलने वाले पानी में पंजाब का हिस्सा कम नहीं किया, बल्कि पंजाब के अपने नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाया। विपक्ष को इस सवाल का जवाब देना चाहिए: जब वे सत्ता में थे तो यह पानी कहाँ जा रहा था?”</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने कहा कि यह डेवलपमेंट पंजाब की अगली पीढ़ी के लिए खास तौर पर ज़रूरी है, क्योंकि राज्य का जलसंकट आखिरकार इस बात का सवाल है कि आने वाली पीढ़ियों को क्या मिलेगा। उन्होंने कहा, “जब इतिहास लिखा जाएगा, तो हमारे बच्चों को हमसे यह नहीं पूछना चाहिए कि हमने उनके लिए रेगिस्तान क्यों छोड़ा। उन्हें यह कहने में काबिल होना चाहिए कि उनके माता-पिता की पीढ़ी ने आखिरकार समय पर एक्शन लिया। ग्राउंडवॉटर का ताज़ा डेटा पंजाब को यह उम्मीद देता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नारों से आगे बढ़कर ठोस नतीजे देने का यही शासन का तरीका दूसरे एरिया में भी देखा जा रहा है, जिसमें रोड सेफ्टी फोर्स, सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को मज़बूत करना शामिल है। बलतेज पन्नू ने कहा, “इन आंकड़ों से संदेश साफ है: अगर सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति है, तो पंजाब की समस्याएं हल हो सकती हैं। भगवंत मान सरकार ने वह प्रतिबद्धता दिखाई है; अब नतीजे खुद बोलने लगे हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/central-groundwater-board-data-is-proof-that-bhagwant-mann-government/article-90496</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/central-groundwater-board-data-is-proof-that-bhagwant-mann-government/article-90496</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 11:03:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/punjab.jpg"                         length="21395"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राखी के त्यौहार पर भगवंत सिंह मान ने निभाया ‘भाई’ का फर्ज, 1.37 लाख सत्कार सखियों के खातों में डाली सम्मान राशि</title>
                                    <description><![CDATA[*हर पंजीकरण पर सत्कार सखियों को 300 रुपए मिलेंगे, 100 रुपए प्रति पंजीकरण के हिसाब से 52.20 करोड़ की पहली किस्त जारी की – भगवंत सिंह मान*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/on-the-festival-of-rakhi-bhagwant-singh-mann-fulfilled-the/article-90289"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गोइंदवाल साहिब; राखी के त्यौहार पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 1.37 लाख ‘सत्कार सखियों’ को 52.20 करोड़ रुपए की सम्मान राशि ट्रांसफर कर ‘भाई’ का फर्ज निभाया। इसके साथ ही उन्होंने पूरे पंजाब की महिलाओं तक ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ पहुंचाने में सत्कार सखियों के अथक योगदान की भरपूर सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्कार सखियों के प्रयासों की बदौलत ही इस योजना के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हो सका है और योग्य लाभार्थियों के बैंक खातों में सम्मान राशि पहुँचना सुनिश्चित हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 76.11 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपए पहले ही ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उनकी सरकार ने इस योजना से एक करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जबकि सत्कार सखियों को प्रत्येक पंजीकरण के लिए 300 रुपए मिलेंगे, जिससे वे इस पहल के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी और जब तक पंजाब में आप सरकार है, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ बंद नहीं होगी। इस दौरान आप पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. अमनदीप कौर, विधायक डॉ. जीवनजोत कौर, विधायक इंद्रजीत कौर तथा कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. भी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “राखी के पवित्र त्यौहार पर हमारी सरकार बहनों से किए वादे को पूरा कर रही है। आज मैंने गोइंदवाल साहिब में ‘सत्कार सखी सम्मान समारोह’ में वर्चुअल रूप से शिरकत की। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में ‘सम्मान राशि’ भेजी जा रही है। उन सभी ‘सत्कार सखियों’ का तहे दिल से धन्यवाद जिन्होंने जरूरतमंद परिवारों के पंजीकरण और फॉर्म भरने में मदद की। इस नेक सेवा के लिए आपका नाम इतिहास में दर्ज होगा। इस व्यापक सरकारी योजना को घर-घर पहुंचाने और महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि पहुंचाने के लिए सभी सत्कार सखियों को बहुत-बहुत मुबारकबाद और दिल से धन्यवाद।”</p>
<p style="text-align:justify;">सत्कार सखियों को सम्मान राशि देने के लिए आयोजित समारोह के दौरान सभा को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने राखी के त्यौहार पर पहली किस्त जारी कर महिला लाभार्थियों को रखी का विशेष तोहफा दिया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने महिलाओं के मान-सम्मान में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयह सत्कार योजना’ शुरू की है। मैं बाकी बची सभी योग्य महिलाओं से अपील करता हूं कि वे इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाएं और इसका लाभ उठाएं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता के मोबाइल संदेश मिल रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपए मिल रहे हैं। यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है और पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर तो न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान और स्वाभिमान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं और मां-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती पर जीत हासिल करने में मदद कर सकते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परिवार के कल्याण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक एवं आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय आजादी को मजबूत करना बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”राखी के त्यौहार पर मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने 1.37 लाख सत्कार सखियों को 52.20 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर ‘भाई’ का फर्ज निभाया है। ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को बड़ी सफलता दिलाने में सत्कार सखियों ने अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि उनके सुहृदय प्रयासों से ही 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण संभव हुआ है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “सत्कार सखियों ने इस योजना को पूरे पंजाब की महिलाओं तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनकी मेहनत की बदौलत ही 75 लाख से अधिक महिलाएं मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना से जुड़ सकी हैं।”मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सत्कार सखियों को प्रत्येक पंजीकरण के लिए 300 रुपए मिलेंगे और 100 रुपए प्रति पंजीकरण के हिसाब से 52.20 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सत्कार सखियह इस पहल के माध्यम से 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करेंगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने नोट किया, “अब तक पंजीकृत 76.11 लाख महिलाओं में से 68.06 लाख महिलाओं के खातों में 2,381 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता भेजी जा चुकी है। यह देश की इकलौती ऐसी योजना है जो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को बिना किसी शर्त के मान-भत्ता देती है।”उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब में आप सरकार है, ‘मुख्यमंत्री मा वां-धीयां सत्कार योजना’ जैसी कल्याणकारी पहल बंद नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन घरों में 3,000 से 4,500 रुपए पहले ही पहुंच चुके हैं, वहां सत्कार सखियों और महिला लाभार्थियों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया है। यह रिश्ता तब और मजबूत होगा, जब रखी पर नई किस्त जारी होने से लाभार्थियों के फोनों पर फिर संदेश आएंगे। मुझे उम्मीद है कि महिलाएं इस पैसे का इस्तेमाल समझदारी से नए कपड़े खरीदने, दवाइयां लेने या कर्ज चुकाने के लिए करेंगी। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इस पैसे का सही इस्तेमाल हो रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सत्कार सखियों को प्रेरित किया कि वे अपने द्वारा पंजीकृत किए गए परिवारों से हमेशा जुड़ी रहें और उनका ख्याल रखें। उन्होंने बातचीत खत्म करते हुए कहा, “उनकी भूमिका सिर्फ पंजीकरण तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर लाभार्थी परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।”इस दौरान आप पंजाब के महिला विंग की अध्यक्ष और विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने पंजाब भर की महिलाओं तक ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ पहुंचाने में सत्कार सखियों और समूचे महिला विंग के समर्पित योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये बहनें सिर्फ महिलाओं के फॉर्म भरवाने में ही मदद नहीं कर रही हैं, बल्कि उनकी जिंदगी बदलने में एक बड़े सहारे का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने आगे कहा, “महिला विंग आम आदमी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली सबसे मजबूत ताकत के रूप में उभरा है, जो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की सत्ता में वापसी को सुनिश्चित करने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाएगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने कहा, “आप वे बहनें हैं जिन्होंने अपनी गलियों और मोहल्लों में महिलाओं के फॉर्म भरे और उनकी जिंदगी बदलने में मदद की। आप हर रोज अनेकों महिलाओं की जरूरतों के मुताबिक उनकी मदद करती हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने में अपना पूरा योगदान देती हैं। मैं इस समर्पित कार्य के लिए समूची महिला विंग की टीम को बधाई देती हूं।”उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना एक और बड़ा उपक्रम है जिसके माध्यम से भगवंत सिंह मान सरकार ने महिलाओं के मान-सम्मान और स्वाभिमान को बढ़ाया है। उन्होंने आगे कहा, “पहले महिलाओं को पद तो दिए जाते रहे हैं, लेकिन अक्सर उन्हें पीछे ही धकेल दिया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार ने आम जीवन, रोजगार और लीडरशिप में महिलाओं के लिए बड़े मौके पैदा किए हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने पूछा, “मुझे बताओ, क्या कभी किसी सरकार ने महिलाओं के बारे में इतना सोचा है? यह पहली सरकार है जिसने महिलाओं के बारे में इतने ध्यान से सोचा है। मुफ्त बिजली से लेकर रसोई के लिए योजनाएं, हमारे बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा की सुविधाएं, मोहल्ला क्लीनिकों के माध्यम से दवाइयों का खर्च घटाना, 10 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा योजना और अब ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ तक, आप सरकार ने मेरी लाखों बहनों के चेहरों पर खुशी लाई है।”</p>
<p style="text-align:justify;">विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने कहा कि इन पहलों ने यह साबित कर दिया है कि आप सरकार लोगों की सरकार है और खासकर ऐसी सरकार है जो महिलाओं के योगदान और जरूरतों को पहचानती है। उन्होंने आगे कहा, “मौजूदा सरकार के अधीन महिलाओं को बड़ी नुमाइंदगी और मौके दिए गए हैं, जिनमें चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से बड़े पद, रोजगार और महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले महिलाओं को पद देकर पीछे बैठा दिया जाता था, लेकिन आज महिलाएं जिम्मेदारी वाले पदों पर विराजमान हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने कहा, “पंजाब में 11 महिला विधायक हैं और आप सरकार ने महिलाओं को बनती नुमाइंदगी दी है। महिलाओं को चेयरपर्सन के रूप में भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और यहाँ तक कि अब महिलाएं डी.सी. और एस.एस.पी. जैसे बड़े पदों पर भी तैनात हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महिला विंग आम आदमी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर एक शक्तिशाली ताकत बनकर उभरा है और मुझे अपनी टीम की लगन और समर्पण पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मुझे अपनी समूची महिला विंग की टीम पर गर्व है क्योंकि अगर 2027 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी के लिए कोई सबसे मजबूत सिपाही बनकर काम कर रहा है, तो वह मेरी महिला विंग की टीम है।”</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने पंजाब की तरक्की और लोगों की खुशहाली के लिए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा किए गए कई लोक-पक्षीय उपक्रमों पर रोशनी डाली। उन्होंने दूरंदेशी फैसलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा, “पंजाब के समझदार और निडर लोग राज्य सरकार का डटकर समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते आप फिर भारी बहुमत से राज्य में सरकार बनाएगी।”इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ई.टी.ओ., कई विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/on-the-festival-of-rakhi-bhagwant-singh-mann-fulfilled-the/article-90289</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/on-the-festival-of-rakhi-bhagwant-singh-mann-fulfilled-the/article-90289</guid>
                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 17:13:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab4.jpg"                         length="52132"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आप&quot; की पहली प्राथमिकता शिक्षा-स्वास्थ्य, पहले दिल्ली में सरकारी स्कूल सुधारे, अब पंजाब में सुधार रहे- केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[आज पंजाब के कई सरकारी स्कूल शिक्षा व सुविधा के मामले में सबसे अच्छे प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे - केजरीवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/aaps-first-priority-is-education-health-first-improve-government-schools-in/article-89892"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/पंजाब।</strong> आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के एक सरकारी स्कूल का पुराना वीडियो ट्वीट कर भगवंत मान सरकार को बदनाम करने की हो रही साजिश पर पलटवार किया। उन्होंने उस स्कूल का दौरा कर सच जानने पहुंचे शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य, आम आदमी पार्टी की पहली प्राथमिकता है। शिक्षा मंत्री का स्कूल का दौरा करना इसी प्राथमिकता का सबूत है। हमारी सरकार ने पहले दिल्ली में सरकारी स्कूलों को सुधारा, अब पंजाब के सरकारी स्कूलों को सुधार रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकांश सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा दी गईं हैं और बाकी बच्चे कुछ स्कूलों में भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगीं। यही वजह है कि आज पंजाब के कई सरकारी स्कूल शिक्षा और सुविधा के मामले में सबसे बड़े प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि आज पूरे देश में शिक्षा और स्कूलों की चर्चा हो रही है और यह एक जन आंदोलन बन गया है, जो बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। शिक्षा और स्वास्थ्य हमेशा से आम आदमी पार्टी के लिए दो सबसे अहम मुद्दे रहे हैं और हमारा मानना है कि कोई भी देश अपने नागरिकों को बेहतरीन और मुफ्त शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा दिए बिना तरक्की नहीं कर सकता, क्योंकि ये किसी भी देश के विकास की नींव हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अरविंद केजरीवाल ने बताया कि “आप” ने पहले दिल्ली और फिर पंजाब के सरकारी स्कूलों में कई सुधार किए, जिसके चलते कई स्कूल अब बेहतरीन प्राइवेट स्कूलों से भी अच्छे हो गए हैं। दिल्ली और पंजाब दोनों ही जगहों पर ऐसे हजारों उदाहरण हैं जहां माता-पिता ने अपने बच्चों का दाखिला प्राइवेट से निकालकर सरकारी स्कूलों में करवाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का काम जारी है और कुछ को छोड़कर ज्यादातर स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं। जल्द ही बाकी बचे स्कूलों में भी ये सुविधाएं होंगी। आज पंजाब के कई सरकारी स्कूल सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में सबसे अच्छे प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज किसी ने पंजाब के एक सरकारी स्कूल का पुराना वीडियो पोस्ट किया था। मुझे इस बात की खुशी है कि जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए खुद शिक्षा मंत्री ने उस स्कूल का दौरा किया और लोगों को शिक्षा मंत्री की रिपोर्ट जरूर पढ़नी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/aaps-first-priority-is-education-health-first-improve-government-schools-in/article-89892</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/aaps-first-priority-is-education-health-first-improve-government-schools-in/article-89892</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 11:25:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab3.jpg"                         length="18810"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mohali Murder: मोहाली में हेडमास्टर की बेरहमी से हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[मोहाली के कुंभड़ा में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर गुरसेवक सिंह की दिनदहाड़े धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mohali-murder-headmaster-brutally-murdered-in-mohali/article-89438"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/mohali-headmaster-murder.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Mohali Headmaster Murder:मोहाली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>पंजाब के मोहाली कुंभड़ा में रविवार को दिनदहाड़े सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। कार में सवार होकर आए बदमाशों ने हेडमास्टर गुरसेवक सिंह पर कुल्हाड़ी और तेजधार किरच से ताबड़तोड़ हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी कार में सवार होकर फरार हो गए। मृतक गुरसेवक सिंह कुंभड़ा स्थित सरकारी स्कूल में हेडमास्टर के पद पर तैनात थे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह स्कूल से संबंधित काम के सिलसिले में मौजूद थे। इसी दौरान कार में सवार हमलावर वहां पहुंचे और अचानक उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने धारदार हथियारों से कई वार किए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। Mohali News</p>
<p style="text-align:justify;">आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फुटेज के जरिए हमलावरों की पहचान और उनकी कार का नंबर पता लगाने का प्रयास कर रही है। दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद समेत कई संभावित कारणों की जांच कर रही है। मृतक के परिवार और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने  प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mohali-murder-headmaster-brutally-murdered-in-mohali/article-89438</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mohali-murder-headmaster-brutally-murdered-in-mohali/article-89438</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 16:58:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/mohali-headmaster-murder.jpeg"                         length="61822"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Tehdil Arora]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>*भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से प्रदेश के हर ज़िले के परिवारों को मिला लाभ; 2.91 लाख मरीज़ों को ₹1,044 करोड़ से अधिक मूल्य का कैशलेस उपचार मिला*</title>
                                    <description><![CDATA[*सेहत कार्ड ने कठिन गर्भावस्था के दौरान हमारी मदद की और मेरे बच्चे को स्वस्थ जीवन की शुरुआत दी : सुरेशपाल कौर, लाभार्थी*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/families-in-every-district-of-the-state-got-benefit-from/article-89303"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़। </strong>किसी भी स्वास्थ्य योजना की वास्तविक सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जा सकती कि उस पर कितना ख़र्च हुआ या कितने मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि इस बात से तय होती है कि ज़रूरत के समय लोगों को समय पर उपचार मिल पाया या नहीं। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 8 जनवरी 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को उपचार का लाभ मिल चुका है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ मूल्य की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान इलाज के ख़र्च की चिंता किए बिना अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल आंकड़ों की योजना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि किसी भी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। प्रत्येक लाभार्थी उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे कठिन समय में इस योजना का सहारा मिला।”</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ लगातार बदल रही हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाते रहें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम कैशलेस उपचार को अधिक सुलभ बना रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक इस योजना का लाभ पहुँचे।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सेहत योजना से लाभान्वित अनेक लोगों ने इस योजना के प्रति संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। सुरेशपाल कौर ने बताया कि कठिन गर्भावस्था के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए संबल बनी। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी और सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने की ज़रूरत थी। ऐसे समय में सेहत कार्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ। जन्म के बाद मेरे बच्चे को विशेष नवजात चिकित्सा (नीओनेटल केयर) की आवश्यकता थी, जिसका पूरा उपचार भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के पैकेज के तहत उपलब्ध करवाया गया। इस योजना ने कठिन समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिली।”</p>
<p style="text-align:justify;">सुनाम की रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन ख़र्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोच पाना भी मुश्किल था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मेरा घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) नि:शुल्क हुआ। इस उपचार ने मुझे फिर से सामान्य और बेहतर जीवन जीने का अवसर दिया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार तरनतारन के बीर सिंह को हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार मिला। उनका एंजियोग्राफी के साथ पीटीसीए (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बीर सिंह ने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोग के उपचार में देरी नहीं की जा सकती और इसका ख़र्च परिवार के लिए बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण मुझे समय पर आवश्यक उपचार मिल गया।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव अब पूरे पंजाब में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रत्येक ज़िले के लाभार्थी इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,91,417 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। ज़िलों में पटियाला 27,892 लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बठिंडा में 22,584 तथा लुधियाना में 21,729 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में इसकी व्यापक माँग है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के अंतर्गत जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोज़पुर (13,344) तथा गुरदासपुर (12,037) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त मोगा (11,669), फाज़िल्का (11,516), मानसा (10,539), फरीदकोट (10,309), बरनाला (8,773), तरनतारन (8,714), रूपनगर (8,574), एस.ए.एस. नगर (8,085), फतेहगढ़ साहिब (7,933), शहीद भगत सिंह नगर (6,999), कपूरथला (5,928), पठानकोट (5,844) तथा मालेरकोटला (2,472) के लाभार्थियों ने भी कैशलेस उपचार प्राप्त किया है। यह व्यापक पहुँच इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी ज़िलों में परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सेहत योजना का लगातार बढ़ता दायरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब लोगों को उपचार शुरू करवाने से पहले यह चिंता नहीं सताती कि वे इसका ख़र्च कैसे उठाएँगे। योजना का विस्तार लगातार जारी है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है—पंजाब के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/families-in-every-district-of-the-state-got-benefit-from/article-89303</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/families-in-every-district-of-the-state-got-benefit-from/article-89303</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 12:26:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab2.jpg"                         length="22077"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पजाब सरकार जेन-ज़ी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है; विधानसभा में नौजवानों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाया</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार की अनदेखी देखो; केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया और अगले ही दिन उन पर फूलों की वर्षा की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-government-stands-like-a-rock-with-gen-z-raised-the/article-89226"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़। </strong>पंजाब विधानसभा ने आज जेन-ज़ी (नौजवान पीढ़ी) के साथ दृढ़ता से खड़े होते हुए और देश के नौजवानों पर हो रहे जुल्मों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए देश भर में एक के बाद एक पेपर लीक के मामलों के खिलाफ जुबानी वोट से निंदा प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव पर बहस को समेटते हुए और फिर मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के राज में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने करोड़ों छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है, जबकि इंसाफ मांगने वालों को जवाबदेही की बजाय अश्रु गैस के गोलों, पैलेट गनों और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार यह निंदा प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी, जिसमें केंद्र को पेपर लीक के मामलों को रोकने और देश की शिक्षा प्रणाली की मजबूती के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश को विश्वगुरु बनाने का दावा करने वालों ने देश भर में एक के बाद एक हो रहे पेपर लीक के मामलों को रोकने में अपनी नाकामी से शिक्षा प्रणाली का मजाक बना दिया है। पेपर लीक यानी परीक्षा पत्र की बिक्री, परीक्षार्थियों के सपनों को तोड़ देती है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि नीट परीक्षा के 22 उम्मीदवारों ने निराशा में खुदकुशी तक कर ली। उन्होंने कहा कि जब से (साल 2014) भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली है, देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">पेपर लीक से संबंधित आंकड़ों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2019 से 2024 के बीच पेपर लीक के ऐसे मामलों की संख्या 65 थी और सबसे ज्यादा पेपर लीक भाजपा के नेतृत्व वाली राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की सरकारों में हुए। प्रधानमंत्री, जो छात्रों को परीक्षाओं में बैठने के नुस्खे बताते रहते हैं, पेपर लीक रोकने में नाकाम रहे हैं। उस प्रधानमंत्री से और क्या उम्मीद की जा सकती है जिसकी अपनी डिग्री का ही कोई पता नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “ये नेता अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए स्कूल पाठ्यक्रम को बदल रहे हैं, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश के छात्रों ने प्रधानमंत्री को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर कर दिया, जो देश में पेपर लीक रोकने में पूरी तरह असफल रहे। छात्रों के खिलाफ अश्रु गैस, जोरदार पुलिस बल, पैलेट गनों और अन्य पैतरों के इस्तेमाल के दौरान केंद्र सरकार की धौंसशाही बेहद निंदनीय है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर बात जारी रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूरी दुनिया में पैलेट गनों पर पाबंदी है, लेकिन केंद्र सरकार ने निर्दोष छात्रों के खिलाफ बेरहमी से इनका इस्तेमाल किया है। परीक्षाओं को निष्पक्षता से करवाने का वादा करने की बजाय, प्रधानमंत्री लोगों को गुमराह करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का वादा कर रहे हैं। यह सिस्टम का मजाक बनाना नहीं तो और क्या है कि केंद्र सरकार परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए रक्षा सेवाओं का सहयोग ले रही है।”</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रों और उनके परिवारों पर पेपर लीक के पड़ने वाले प्रभावों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पेपर लीक होने के कारण छात्रों को घोर संताप झेलना पड़ता है। ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अपने परिवारों की उम्मीद होते हैं। हालांकि, जब ऐसे पेपर लीक के नाम पर अमीर लोगों को बेचे जाते हैं, तो आम छात्रों/परीक्षार्थियों के सपने चकनाचूर हो जाते हैं। ये नेता देश के नौजवानों के भविष्य से खेल रहे हैं, जिसके कारण जेन-ज़ी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन पर बहुत अत्याचार हुए।”</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे पेपर लीक देश की शिक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं और इसीलिए हमारे देश की डिग्रियों की विदेशों में कोई कदर नहीं है। इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की बजाय केंद्र सरकार उनका बचाव कर रही है। प्रधानमंत्री छात्रों को परीक्षाओं की तैयारी करना सिखाते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी सरकार अधीन आने वाली संस्थाओं को कभी यह नहीं सिखाया कि पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ परीक्षाएं कैसे करवाई जाती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र के समूचे कार्यकाल के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार की विदेश नीति देश के हितों और अखंडता की रक्षा में बुरी तरह असफल रही है। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस में बैठे लोग देश की नीतियों में दखल दे रहे हैं। यह देश में बन रहे बेहद घिनौने और बुरे हालातों की झलक है क्योंकि केंद्र सरकार अपनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह फेल हो चुकी है।”</p>
<p style="text-align:justify;">बहस के बाद अपनी सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार आज विधानसभा में यह निंदा प्रस्ताव लेकर आई है। पारित किया गया यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा ताकि देश की शिक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही दखलंदाजी और नीट जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मुद्दा उनके ध्यान में लाया जा सके।”</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के बावजूद बार-बार होते पेपर लीक का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन पेपरों के लीक होने के कारण करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। हर बार सीबीआई जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन किसी को सजा नहीं मिलती। यह महज एक रस्म बनकर रह गया है। अब भी प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि मामले का फैसला फास्ट-ट्रैक अदालतों में किया जाएगा। इसका मतलब है कि पेपर लीक होते रहेंगे और केवल केसों के फैसले बाद में होते रहेंगे।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज परीक्षाएं करवाने के लिए फौज की मदद ली जा रही है। इससे बड़ी त्रासदी और क्या हो सकती है? हम विश्वगुरु बनने के दावे करते हैं, लेकिन हम अपनी परीक्षाएं भी सही ढंग से नहीं करवा पा रहे। बार-बार पेपर लीक होने से जिन छात्रों ने भारत से ईमानदारी से एमबीबीएस, वेटरनरी, इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर डिग्रियां हासिल भी की हैं, जब वे विदेश जाते हैं तो उन्हें दोबारा पढ़ने या नए टेस्ट पास करने के लिए कहा जाता है। विदेशी संस्थानों और कंपनियों का कहना है कि उन्हें हमारी परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं है। फिर भी ये लोग भारत को विश्वगुरु बनाने की बातें करते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित छात्रों के लिए इंसाफ की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इस पूरे घटनाक्रम की पुरजोर निंदा करते हैं। अपने हकों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज किए गए केस तुरंत वापस लिए जाएं। केंद्र सरकार के वादे मुताबिक खुदकुशी करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। भारत सरकार को यह भी यकीनी बनाना चाहिए कि ऐसी घटनाएं भविष्य में कभी न दोहराई जाएं।”</p>
<p style="text-align:justify;">बहस के दौरान कांग्रेस के रवैये पर निराशा जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस को छोड़कर सदन के लगभग हर सदस्य ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया। कांग्रेस ने बहस का बहिष्कार करने का रास्ता चुना। यह बहुत अफसोसजनक है कि जब देश भर के छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं तो कांग्रेस बार-बार होते पेपर लीक जैसे अहम मुद्दे पर भी उनके साथ नहीं खड़ी हुई। उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर नौजवानों के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ बोलने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने वाकआउट करना मुनासिब समझा।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज जब मैं विधानसभा में बोल रहा था तो विरोधी दल की सीटें खाली पड़ी थी। यह 2027 की एक झलक है। इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस में हिस्सा लेने की बजाय उन्होंने कार्रवाई का बहिष्कार किया। एक तरफ उनके नेता शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हैं और दूसरी तरफ जब उन्हें सदन में उसी मुद्दे पर बहस करने का मौका मिलता है तो वे वाकआउट कर जाते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षाओं के मामले में पंजाब के रिकॉर्ड को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार के पिछले चार सालों से ज्यादा के कार्यकाल के दौरान पंजाब में पेपर लीक की एक भी घटना नहीं हुई। कुछ परीक्षाओं के दौरान नकल के मामले सामने आए थे, लेकिन वे मामले सरकार द्वारा खुद ही पकड़े गए थे। चाहे किसी ने नकल करने के लिए डिजिटल उपकरणों, स्कैनिंग पेन या किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया हो, सख्त कार्रवाई की गई, एफआईआर दर्ज की गईं और दोषियों को जेल भेजा गया। नकल करना और पेपर लीक होना, दो अलग-अलग बातें हैं और विरोधी दल जानबूझकर इन दोनों को उलझाने की कोशिश कर रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा से संबंधित अपराधों में शामिल गिरोहों पर की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे मामलों में शामिल गिरोहों की पहचान करके कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओं के दौरान हरियाणा से चल रहे गिरोहों को गिरफ्तार किया गया था। मेरे पास पूरी सूची है जो दर्शाती है कि सबसे ज्यादा पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में हुए हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की पारदर्शी भर्ती नीति पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में सरकारी नौकरियां पाने के लिए सिर्फ योग्यता (मेरिट) ही एकमात्र मापदंड है। कोई सिफारिश नहीं, कोई रिश्वत नहीं, पारदर्शी तरीके से केवल मेरिट के आधार पर ही सरकारी नौकरियां दी जाती हैं। अब तक नौजवानों को 68,000 से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों के कारण पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाया है और व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा क्षेत्र में आए बदलाव पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इन प्रयासों के परिणामस्वरूप स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब अग्रणी बनकर उभर रहा है। भारत सरकार की मुख्य संस्थाओं में से एक, नीति आयोग ने नए आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। पिछले चार सालों से प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, पढ़ाने के आधुनिक तरीकों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है, और आज पंजाब शिखर पर खड़ा है। पहले केरल पहले नंबर पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। आने वाले समय में भी ऐसे और प्रयास किए जाएंगे।”</p>
<p style="text-align:justify;">गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार का दृढ़ विश्वास है कि हर बच्चे को, चाहे उसका आर्थिक पिछड़ापन कोई भी हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और सरकार के उपक्रमों का उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही मौके मिलें जो बाकियों को मिलते हैं। आने वाली पीढ़ियों को शक्तिशाली बनाने और खुशहाल पंजाब के निर्माण के लिए शिक्षा सबसे बड़ा साधन है और प्रदेश सरकार इसे मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के शिक्षा क्षेत्र के सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब मैंने पद संभाला था तो स्कूली शिक्षा में प्रदेश 27वें नंबर पर था। आज यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब पहले नंबर पर खड़ा है। जहां 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 छात्र हो गई है, जो कि पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-government-stands-like-a-rock-with-gen-z-raised-the/article-89226</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-government-stands-like-a-rock-with-gen-z-raised-the/article-89226</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 15:47:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab1.jpg"                         length="26885"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'अध्यक्ष पद कोई बड़ी बात नहीं', राजा वड़िंग का बड़ा बयान; बोले- टिकट कट जाए, फिर भी नहीं छोड़ूंगा कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA['अध्यक्ष पद कोई बड़ी बात नहीं', राजा वड़िंग का बड़ा बयान; बोले- टिकट कट जाए, फिर भी नहीं छोड़ूंगा कांग्रेस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/presidents-post-is-not-a-big-deal-raja-vadings-big/article-89019"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/punjab.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष <strong>राजा वड़िंग</strong> ने अपने पद को लेकर बड़ा बयान दिया है। फतेहगढ़ साहिब में कांग्रेस के पंजाब प्रभारी <strong>भूपेश बघेल</strong> की मौजूदगी में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए वड़िंग ने कहा कि उनके लिए अध्यक्ष पद से ज्यादा पार्टी के प्रति निष्ठा मायने रखती है। राजा वड़िंग ने कहा, <strong>"अध्यक्ष पद कोई बड़ी चीज नहीं है। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। अगर पार्टी मेरा टिकट भी काट दे, तब भी मैं कांग्रेस नहीं छोड़ूंगा।"</strong> उन्होंने कहा कि वह चार बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं, इसलिए पद से ज्यादा उनके लिए संगठन और पार्टी महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में वड़िंग ने यह भी दावा किया कि <strong>राहुल गांधी अमर सिंह को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे</strong>, लेकिन अमर सिंह ने खुद यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई नेता अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर आगे बढ़े हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">तकनीक और चुनावी रणनीति का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि पहले लड़ाई बंदूक और टैंकों से होती थी, लेकिन अब ड्रोन और डिजिटल माध्यमों का दौर है। उन्होंने कहा कि <strong>"अगर हम समय के साथ नहीं बदले तो धोखा खाएंगे। आज चुनाव फोन पर लड़े जाते हैं और फेक न्यूज का असर भी काफी बढ़ गया है।"</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राजा वड़िंग के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर इस्तीफे की बात नहीं कही, लेकिन उनके बयान को अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश के तौर पर भी देखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी <strong>भूपेश बघेल</strong> इन दिनों राज्य के 10 दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत सरहिंद (फतेहगढ़ साहिब) से की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/presidents-post-is-not-a-big-deal-raja-vadings-big/article-89019</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/presidents-post-is-not-a-big-deal-raja-vadings-big/article-89019</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:22:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/punjab.jpg"                         length="29867"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab: पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान, चन्नी गुट ने राजा वडिंग को हटाने की मांग पर बढ़ाया दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान, चन्नी गुट ने राजा वडिंग को हटाने की मांग पर बढ़ाया दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/political-conflict-increases-in-punjab-congress-channi-group-increases-pressure/article-87950"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/punjab2.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>Punjab: चंडीगढ़। </strong>पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी अंदरूनी खींचतान थमती नजर नहीं आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला गुट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के साथ बैठक के बाद भी चन्नी गुट ने साफ संकेत दिए हैं कि केंद्रीय नेतृत्व के फैसले तक वह अपना दबाव बनाए रखेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, चरणजीत चन्नी सोमवार (13 जुलाई) को एक बार फिर अपने समर्थक नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि यह कोई बड़ी बैठक नहीं होगी, लेकिन इसका उद्देश्य केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश देना है कि प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग अब भी कायम है। माना जा रहा है कि भूपेश बघेल द्वारा अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपे जाने से पहले चन्नी गुट अपनी एकजुटता का प्रदर्शन जारी रखेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बैठक में उठी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग |Punjab</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शनिवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में चन्नी गुट के करीब 15 प्रमुख नेताओं ने भूपेश बघेल के सामने खुलकर अपनी बात रखी। सभी नेताओं ने एक स्वर में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की। बैठक के दौरान चरणजीत चन्नी ने नेताओं से हाथ उठवाकर इस मांग पर सहमति भी ली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके समर्थक इस मुद्दे पर एकजुट हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि करीब 80 मिनट तक चली इस बैठक में कम से कम 12 विधायक समेत 80 से अधिक नेता मौजूद थे। इन नेताओं ने पार्टी प्रभारी के सामने कहा कि वे पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वडिंग के हाथों में बनाए रखने के पक्ष में नहीं हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कांग्रेस हाईकमान ने दोबारा जताया भरोसा</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस ने 1 जुलाई को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को दोबारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की थी। वहीं जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं मिलने से चन्नी नाराज हैं। इसी कारण उन्होंने अब तक पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात भी नहीं की थी। बघेल के पंजाब दौरे के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से बातचीत की, लेकिन चन्नी के कई करीबी नेता इन बैठकों से दूर रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हाईकमान के फैसले पर टिकी नजरें</h4>
<p style="text-align:justify;">पंजाब कांग्रेस में बढ़ते मतभेदों के बीच अब सबकी निगाहें कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं। भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट जल्द ही हाईकमान को सौंपेंगे, जिसके बाद प्रदेश संगठन को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। हालांकि फिलहाल चन्नी गुट अपने रुख पर कायम है और राजा वडिंग को हटाने की मांग को लेकर राजनीतिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/political-conflict-increases-in-punjab-congress-channi-group-increases-pressure/article-87950</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/political-conflict-increases-in-punjab-congress-channi-group-increases-pressure/article-87950</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 11:12:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/punjab2.jpg"                         length="34089"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए फ्लाईओवर बनने से पंजाब के इस जिले की बदल गई किस्मत, आम लोगों को मिल रहा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पवित्र नगरी अमृतसर के निवासियों को सुल्तानविंड बाईपास और सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर निर्मित नए फ्लाईओवर को जनता को समर्पित कर बड़ी सौगात दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-fortunes-of-this-district-of-punjab-have-changed-due/article-87341"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/punjab.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर।</strong> Punjab: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पवित्र नगरी अमृतसर के निवासियों को सुल्तानविंड बाईपास और सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर निर्मित नए फ्लाईओवर को जनता को समर्पित कर बड़ी सौगात दी। लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्या के समाधान तथा प्रतिदिन श्री अमृतसर साहिब में दर्शन के लिए आने वाले दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए गए इस परियोजना को पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से पूरा किया गया, जिससे जनता के 11.52 करोड़ रुपये की बचत हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी सरकार के विकासोन्मुखी शासन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 15 जुलाई तक जनता के लिए 3,100 नए स्टेडियम, 3,000 जिम और 400 नए आम आदमी क्लीनिक तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत से अधिक नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है तथा 43,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण के बाद उनके पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की होगी। उन्होंने कहा कि जहां उनकी सरकार विकास और ईमानदार शासन पर केंद्रित है, वहीं विपक्षी दल सरकार के कार्यों को चुनौती देने में असफल रहने के कारण फर्जी वीडियो वायरल करने जैसे ओछे हथकंडे अपना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने एक्स हैंडल पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, ‘पवित्र नगरी अमृतसर में सुल्तानविंड लिंक रोड पर नया ओवरब्रिज जनता को समर्पित किया गया है। सरकार ने अपनी पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से इस परियोजना में जनता के 11.5 करोड़ रुपये बचाए हैं। 15 जुलाई तक 3,100 नए खेल मैदान और 3,000 जिम तैयार हो जाएंगे, जबकि 400 नए आम आदमी क्लीनिक भी जनता की सुविधा के लिए लगभग पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, ‘खेती के लिए रिकॉर्ड 80 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा है और अब ठेकेदारों के लिए उनके द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों की पांच वर्ष की गारंटी देना अनिवार्य कर दिया गया है। आपकी सरकार ईमानदार नीयत से काम कर रही है। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को और अधिक समृद्ध बनाएं तथा नई बुलंदियों तक पहुंचाएं।ह्व</p>
<p style="text-align:justify;">फ्लाईओवर को जनता को समर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र नगरी में श्री दरबार साहिब तथा अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के लिए हमारी सरकार शहर के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। आज हमने सुल्तानविंड बाईपास और सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर निर्मित नए फ्लाईओवर को जनता को समर्पित किया है।परमात्मा का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं अकाल पुरख का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनता को समर्पित कर इस पवित्र नगरी की सेवा करने का अवसर प्रदान किया। यह फ्लाईओवर यातायात की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, ‘तारा वाला पुल के निकट तरनतारन रोड पर स्थित सुल्तानविंड लिंक रोड के जंक्शन पर भारी यातायात के कारण प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों, स्थानीय निवासियों तथा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को लंबे समय से जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था। यह फ्लाईओवर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार लाने के साथ-साथ प्रतिदिन हजारों लोगों के बहुमूल्य समय की भी बचत करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ह्लमुझे खुशी है की यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कि पवित्र नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इस परियोजना को युद्ध स्तर पर पूरा किया गया और निर्धारित समय से पहले ही जनता को समर्पित कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">परियोजना के पारदर्शी निर्माण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यद्यपि पंजाब सरकार ने इस परियोजना के लिए 34.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी, लेकिन इसे मात्र 22.68 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे जनता के 11.52 करोड़ रुपये की बचत हुई। उन्होंने बताया कि पहुंच मार्गों सहित इस परियोजना की कुल लंबाई 985 मीटर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया, "फ्लाईओवर की लंबाई 725 मीटर और चौड़ाई 14 मीटर है। स्थानीय यातायात की सुगम आवाजाही के लिए फ्लाईओवर के दोनों ओर 5.50 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई हैं।" परियोजना की पर्यावरण अनुकूल विशेषताओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "यह एक पर्यावरण-अनुकूल परियोजना है। वर्षा जल निकासी के लिए आर.सी.सी. नालियों के अलावा, इसके डिजाइन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग वेल्स को भी शामिल किया गया है। यह पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दशार्ता है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार करदाताओं का पैसा बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का उपयोग कर रही है। हम 43,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कर रहे हैं और ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जिम्मेदार बनाया गया है। राज्य के खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए सही ढंग से उपयोग किया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। यहां तक कि किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है, और हम इसे उनकी भलाई पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस जा रहा है।"</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/punjab.jpeg" alt="Punjab" width="775" height="431"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-fortunes-of-this-district-of-punjab-have-changed-due/article-87341</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-fortunes-of-this-district-of-punjab-have-changed-due/article-87341</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:19:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/punjab.jpeg"                         length="104791"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        