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                <title>मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य योजना की प्रगति की समीक्षा; कहा, स्वास्थ्य संभाल योजना पंजाब के लिए वरदान बनकर उभरी</title>
                                    <description><![CDATA[• एम.एम.एस.वाई. के तहत 3.79 लाख मरीजों ने 654 करोड़ रुपये का नकदी रहित इलाज हासिल किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/reviewing-the-progress-of-the-health-scheme-the-chief-minister/article-85968"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/punjab.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़।</strong> </span>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मुख्यमंत्री सेहत योजना (एम.एम.एस.वाई.) की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह प्रमुख स्वास्थ्य संभाल पहल प्रदेश भर के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस योजना के तहत 3.79 लाख मरीज पहले ही 654 करोड़ रुपये का नकदी रहित प्राप्त कर चुके हैं। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश के हर परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस योजना को लोगों से भरपूर समर्थन मिला है और यह पंजाब भर में सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा कवरेज की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में उभर रही है।</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की पहुंच को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अब तक, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 47.27 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें पंजाब भर के 23.01 लाख परिवार कवर हैं। इन कार्डधारकों में से 48.5 प्रतिशत पुरुष और 51.5 प्रतिशत महिलाएं हैं। शहरी क्षेत्रों में लगभग 31 प्रतिशत कार्ड जारी किए गए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 69 प्रतिशत कार्ड जारी किए गए हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस योजना को और अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा लगातार सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "लोगों को स्वास्थ्य कार्ड डाउनलोड करने में आ रही कठिनाइयों के मद्देनजर एक समर्पित व्हाट्सएप-आधारित सुविधा और एक वेबसाइट पेज बनाया जा रहा है ताकि लाभार्थी अपने ई-कार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकें। इसी तरह, एक नई मोबाइल ऐप-आधारित पंजीकरण प्रणाली पर भी काम चल रहा है और जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के तहत दिए जाने वाले उपचार के बारे में विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अब तक 3.79 लाख मरीजों ने सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में इस योजना के तहत 654 करोड़ रुपये का मुफ्त उपचार प्राप्त किया है।" उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत 835 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 223 सरकारी अस्पताल और 612 निजी अस्पताल शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि लाभार्थियों को प्रदेश भर में मानक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पहल के पैमाने और महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। इस प्रमुख योजना के तहत हर परिवार 10 लाख रुपये तक के नकद रहित इलाज का हकदार है।"</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना को प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा में एक नया मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह पहल लोगों के लिए वरदान साबित हुई है क्योंकि पहले उन्हें चिकित्सा उपचार पर बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी। लेकिन यह योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण मानक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।" बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:09:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>हम पंजाब को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाएंगे, हमारे बच्चों को कनाडा या ऑस्ट्रेलिया की ओर देखने की जरूरत नहीं रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के शिक्षा ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के चार साल बाद भगवंत मान सरकार अब बड़े लक्ष्य पर नजर टिकाए बैठी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/we-will-make-punjab-the-leading-education-center-of-the/article-85741"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: पंजाब के शिक्षा ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के चार साल बाद भगवंत मान सरकार अब बड़े लक्ष्य पर नजर टिकाए बैठी है। इस लक्ष्य के तहत पंजाब को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाना और इस पुरानी धारणा को बदलना है कि बेहतर शिक्षा सिर्फ विदेशों में ही मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में केरल को पछाड़कर पंजाब द्वारा बड़ी छलांग, बोर्ड टॉपरों में लड़कियों के बढ़ते दबदबे और जेईई मेन में सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों की सफलता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की 'शिक्षा क्रांति' के जमीनी स्तर पर सार्थक नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज यहां टैगोर थिएटर में 'सितारे ज़मीन पर' कार्यक्रम के दौरान 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में सभी जिलों से पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहचान के लिए संघर्ष नहीं कर रहे, बल्कि देश भर में उत्कृष्टता, आत्मविश्वास और अवसरों के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां 'एक्स' पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज चंडीगढ़ में ‘सितारे ज़मीन पर’ कार्यक्रम के दौरान पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार टॉपरों को सम्मानित</p>
<p style="text-align:justify;">करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर मैंने शिक्षा विभाग को विशेष हिदायतें जारी कीं कि जन्म तिथि के आधार पर रैंक तय करने की बजाय बराबर अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से पहला स्थान दिया जाए। आज आपकी सरकार के सुहृदय प्रयासों से पंजाब के सरकारी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल को भी पछाड़ रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पोस्ट के अंत में कहा, “विद्यार्थियों के लिए मेरा संदेश साफ और स्पष्ट है कि जीवन में आप चाहे कितने भी सफल हो जाओ, हमेशा जमीन से जुड़े रहो। अपने अध्यापकों और माता-पिता का हमेशा सम्मान करो, क्योंकि एक विजेता को भी मेडल लेने के लिए झुकना पड़ता है। आपके सभी के उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए मेरी दिल से शुभकामनाएं।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब भर के जिलों के शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित ‘सितारे ज़मीन पर’ समागम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की ‘शिक्षा क्रांति’ ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की इच्छाओं को बदल दिया है और उनके लिए अवसरों के नए रास्ते खोले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं उन सभी विद्यार्थियों को बधाई देता हूं जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपने माता-पिता, अध्यापकों और समाज का नाम रोशन किया है। अतीत में ऐसे समागम कभी नहीं आयोजित किए गए क्योंकि पिछली सरकारों ने शिक्षा, खासकर सरकारी स्कूलों की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। पहले इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अक्सर परीक्षाओं में मुकाबला करने से हिचकते और असुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन आज वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और अपनी योग्यता साबित कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है जहां वे आधुनिक शिक्षण प्रणालियां सीखते हैं। वापस आने के बाद वे इस ज्ञान को विद्यार्थियों और साथी अध्यापकों के साथ साझा करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि शिक्षा का विश्व स्तरीय मानक पंजाब के कोने-कोने के क्लासरूम तक पहुंचे। यह नवीनतम पहल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित कर रही है और गुणात्मक बदलाव ला रही है जिसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को हो रहा है। ये अध्यापक बदलाव के दूत के रूप में काम कर रहे हैं और पंजाब में शिक्षा क्रांति को मजबूत कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “यह पहल अध्यापकों की निपुणता को निखारती है और उन्हें आधुनिक विधियों से लैस करती है ताकि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तैयार किया जा सके। नतीजे आज दिखाई दे रहे हैं क्योंकि पंजाब के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने परिवारों का नाम रोशन कर रहे हैं। मौजूदा युग हुनर का है, हमारी सरकार युवाओं को हुनर प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है।”</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों को जमीन से जुड़े रहने और मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “तुम्हें जीवन में ग्रास-रूट्स (जमीन से जुड़ने) बनने की कोशिश करनी चाहिए न कि पैराशूट बनने की। ग्रास-रूट्स मेहनत और दृढ़ इरादे से जमीन से उठते हैं और दुनिया को जीतने के लिए आगे बढ़ते हैं। ऐसे मेहनती व्यक्तियों के लिए असीम अवसर होते हैं। दूसरी ओर पैराशूट वाले आसमान से नीचे उतरते हैं और उनका देर-सवेर गिरना तय होता है। तुम्हारा ध्यान हमेशा बुलंदी छूने पर होना चाहिए और हमारी सरकार तुम्हारे सपनों को साकार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">हवाई जहाज से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस तरह एक रनवे हवाई जहाज को सुचारू रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, पंजाब सरकार विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों के लिए तैयार कर रही है ताकि उनके सपनों को साकार करने में मदद मिले। हमारे युवाओं के विचारों को उड़ान भरने के लिए पंख देने की हर कोशिश की जा रही है और इस नेक कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। मैं हर युवा से अपील करता हूं कि मेहनत और लगन से अलग पहचान बनाएं क्योंकि तुम जो कुछ हासिल कर सकते हो उसकी कोई सीमा नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सफलता के बावजूद विद्यार्थियों को नम्र रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “तुम्हें अपनी उपलब्धियों से कभी भी घमंडी नहीं होना चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक रहना जरूरी गुण हैं, लेकिन घमंड कभी भी सफलता के साथ नहीं आना चाहिए। नम्रता, मेहनत और दृढ़ता निरंतर सफलता की असली कुंजियां हैं और ये मूल्य हमेशा तुम्हारे सफर का मार्गदर्शन करती रहें।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की शानदार विरासत का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब न सिर्फ देश को अनाज देता है बल्कि देश की खड़गभुजा भी है। पंजाब के लोग अपनी बहादुरी, मेहनत और उद्यमी भावना के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। इस पवित्र धरती का एक-एक इंच महान गुरुओं, संतों, पीरों-पैगंबरों और शहीदों की महान विरासत को समर्पित है जिन्होंने हमें बेइंसाफी, जुल्म और जबर के विरुद्ध खड़े होने की शिक्षा दी। पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नर्म मेहमाननवाजी को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे जोड़ा, “पंजाबी स्वभाव से ही अग्रणी रहने के गुण के मालिक हैं और उन्होंने हमेशा हर क्षेत्र में बुलंदी हासिल की है। यह बहुत गर्व की बात है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों ने अग्रणी भूमिका निभाई और देश के लिए बेमिसाल कुर्बानियां दी।”</p>
<p style="text-align:justify;">सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “जब मैंने पद संभाला था तो पंजाब में लगभग चार लाख बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ रहे थे। आज पंजाब सरकार के प्रयासों से एक भी बच्चा फर्श पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर नहीं है। पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र से संबंधित लगभग हर राष्ट्रीय रिपोर्ट में शीर्ष स्थान हासिल कर रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “देश में पुरानी परीक्षा प्रणाली को बदलना चाहिए। नीट जैसी परीक्षाओं के लीक होने जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को बर्बाद कर रही हैं। 19वीं सदी की सिस्टम पर भरोसा करने की बजाय परीक्षाएं विद्यार्थियों की समग्र योग्यता और क्षमताओं का मूल्यांकन करने वाली होनी चाहिए, न कि तीन घंटे की परीक्षा तक सीमित।”</p>
<p style="text-align:justify;">मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “परीक्षा प्रणाली को 21वीं सदी के विद्यार्थियों की जरूरतों और योग्यताओं के मुताबिक ढाला जाना चाहिए ताकि उनकी समग्र व्यक्तित्व और क्षमता का विकास हो सके। इस बदलाव के लिए हमें शिक्षा को प्राथमिकता देने वाली और शिक्षा में निवेश करने वाली सरकारें चुननी चाहिए।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर विद्यार्थियों ने विचार साझा किए कि पंजाब की 'शिक्षा क्रांति' उनके स्कूलों, विश्वास और ख्वाहिशों को कैसे नया रूप दे रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस समागम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने शिक्षा को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की। फरीदकोट जिले के जैतो से हरलीन शर्मा ने विद्यार्थियों को लगातार उत्साहित करने और उन्हें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए हौसला अफजाई करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया। श्री मुक्तसर साहिब जिले के सरकारी स्कूल रुपाणा के विद्यार्थी निखिल पांडे ने अपने अध्यापकों को समर्पित एक कविता पेश की और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया।</p>
<p style="text-align:justify;">लुधियाना से सुहानी चौहान ने कहा कि पंजाब सरकार की शिक्षा पहलकदमियों ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के विश्वास को मजबूत किया है और उन्होंने विद्यार्थियों को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बोलने और विचार रखने के लिए उत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की। ज़ीरा के एक सरकारी स्कूल की ग्यारहवीं कक्षा की विद्यार्थी अनमोलप्रीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने लड़कियों के लिए आवागमन की सुविधाएं प्रदान करके शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया है। उन्होंने अपने स्कूल में एक लिफ्ट की स्थापना पर भी प्रकाश डाला और साझा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही स्कूल का दौरा करेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति ने शानदार नतीजे दिए</h4>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की शिक्षा क्रांति ने पूरे राज्य में शानदार नतीजे देना शुरू कर दिए हैं। नीति आयोग के स्कूल शिक्षा मूल्यांकन में, पंजाब के सरकारी स्कूलों ने पारंपरिक रूप से बेहतर प्रदर्शन वाले कई राज्यों को पछाड़कर देश भर में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इस साल स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के 359 विद्यार्थियों ने जेईई मेन के लिए क्वालीफाई किया है, जबकि सरकार ने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने के लिए कोचिंग संस्था ‘फिजिक्स वाला’ के साथ भी भागीदारी की है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार ने लगभग 19,000 सरकारी स्कूलों में माता-पिता-शिक्षक मिलनी पहल शुरू की है, जिसने विद्यार्थियों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए लगभग 25 लाख माता-पिता और 1.8 लाख से अधिक स्कूल स्टाफ को मिलनियों का मौका दिया। अन्य प्रमुख सुधारों में फिनलैंड और सिंगापुर में शिक्षकों के लिए विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रम, विद्यार्थियों के लिए आवागमन सुविधाएं और पंजाब के बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्कूल ऑफ एमिनेंस का विस्तार शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news.jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:24:47 +0530</pubDate>
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                <title>भगवंत मान सरकार द्वारा लड़कियों के लिए देश की सबसे बड़ी पहलों में शामिल स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[भगवंत मान सरकार द्वारा लड़कियों के लिए देश की सबसे बड़ी पहलों में शामिल स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/school-based-menstrual-health-education-launched-by-bhagwant-mann-government-among/article-85707"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">चंडीगढ़। </strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">राज्य में लड़कियों की शिक्षा, किशोर स्वास्थ्य और लैंगिक-संवेदनशील शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ रही किशोरावस्था की लड़कियों के लिए भारत की सबसे बड़ी स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा पहलों में से एक की शुरुआत की है। 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य के सभी 23 जिलों के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में “मासिक धर्म स्वच्छता पाठ्यक्रम” के चरणबद्ध राज्य स्तरीय विस्तार की घोषणा की। पाठ्यक्रम का पहला सत्र इन सरकारी स्कूलों में कल अर्थात 29.05.2026 को आयोजित किया जाएगा। इस पहल से 3,600 से अधिक सरकारी स्कूलों में पढ़ रही छठी से दसवीं कक्षा की 3.4 लाख से अधिक छात्राओं को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।</span></p>
<div>
<p style="text-align:justify;">यह पहल भगवंत मान सरकार द्वारा सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाती है, जहां लड़कियों को जागरूकता, आत्मविश्वास, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच प्रदान की जा रही है। मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा को इतने बड़े स्तर पर कक्षाओं तक पहुंचाकर पंजाब सरकार ने एक ऐसे विषय को संबोधित करने का प्रयास किया है, जो पारंपरिक रूप से चुप्पी, झिझक, मिथकों और सामाजिक भय से घिरा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मासिक धर्म कभी भी लड़कियों की शिक्षा, आत्मविश्वास, भागीदारी, कल्याण या स्कूल जीवन में बाधा न बने। यह कार्यक्रम भारत के सर्वोच्च न्यायालय की उन टिप्पणियों के अनुरूप है, जिनमें यह स्वीकार किया गया है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता सीधे तौर पर किशोर लड़कियों की गरिमा, शिक्षा और समानता से जुड़ी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार ने यह कार्यक्रम वॉश यूनाइटेड के सहयोग से शुरू किया है, जो मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है। इस पहल के तहत “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट” नामक एक संरचित पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से तैयार किए गए कक्षा सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें पंजाबी भाषा में तैयार किया गया है ताकि छात्राएं विषयवस्तु को बेहतर ढंग से समझ सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सत्र के अंतर्गत गाइड के मुख्य पात्र के रूप में 10 वर्षीय लड़की रूबी की कहानी प्रस्तुत की जाती है। साथ ही छात्राओं के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहभागितापूर्ण और सुरक्षित बनाने हेतु कक्षा में विचार-विमर्श तथा भागीदारी आधारित गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। यह सत्र छात्राओं को मासिक धर्म और शारीरिक परिवर्तनों को समझने, स्वच्छता एवं स्वयं की देखभाल संबंधी आदतों के बारे में जानकारी देने, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने तथा स्कूल एवं साथियों के बीच सहयोगी वातावरण तैयार करने पर केंद्रित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यभर में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा लगभग 7,200 शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है ताकि वे इन सत्रों को कक्षाओं में सहज तरीके से संचालित कर सकें। यह कार्यक्रम एक संरचित तीन-सत्रीय हस्तक्षेप मॉडल के तहत कार्य करता है, जिसमें कहानी-आधारित शिक्षण और आयु-उपयुक्त मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार द्वारा राज्यभर में कार्यक्रम शुरू करने से पहले शिक्षकों को व्यापक स्तर पर तैयार किया गया है। लगभग 100 स्टेट रिसोर्स पर्सन्स को पहले मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिसके बाद हजारों सरकारी स्कूल शिक्षकों को तैयार करने के लिए जिलों में क्रमिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि यह शिक्षक प्रशिक्षण सुरक्षित कक्षा वातावरण तैयार करने में मदद करेगा, जहां लड़कियां खुलकर सवाल पूछ सकेंगी और बिना शर्म या डर के सही जानकारी प्राप्त कर सकेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पहल की शुरुआत पंजाब के सभी 23 जिलों के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में चलाए गए एक पूर्व पायलट कार्यक्रम के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए की गई है, जिसमें 45,000 से अधिक छात्र शामिल थे। पंजाब सरकार द्वारा साझा किए गए परिणामों के अनुसार, इस पायलट कार्यक्रम में शामिल 97 प्रतिशत शिक्षकों ने कहा कि वे नए पाठ्यक्रम के माध्यम से पीरियड्स संबंधी शिक्षा प्रदान करने में सहज महसूस करते हैं, जबकि 94 प्रतिशत ने सिफारिश की कि इस कार्यक्रम का विस्तार पूरे पंजाब में किया जाना चाहिए। लगभग 88 प्रतिशत शिक्षकों ने पाठ्यक्रम को पहले के तरीकों की तुलना में अधिक सरल और प्रभावशाली बताया, जबकि 80 प्रतिशत ने कक्षा सत्रों के दौरान छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखी।</p>
<p style="text-align:justify;">पायलट कार्यक्रम से जुड़े शिक्षकों ने कहा कि पाठ्यक्रम के माध्यम से लड़कियाँ बिना किसी झिझक के माहवारी के बारे में खुलकर चर्चा कर सकीं और उन्हें माहवारी से जुड़े सामाजिक भय को दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फरीदकोट की एक अध्यापिका जसप्रीत कौर ने कहा, “माहवारी के दौरान स्वच्छता संबंधी यह पाठ्यक्रम लड़कियों के लिए सवाल पूछने और अपने अनुभव साझा करने हेतु एक सुरक्षित वातावरण तैयार करता है, जिससे माहवारी से जुड़े मिथकों को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। कहानियों, खेलों और दृश्य सामग्री के माध्यम से अपनाई गई इंटरैक्टिव पद्धति सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और आत्मीय बनाती है तथा डर और झिझक की भावना को कम करती है। यह निश्चित रूप से आत्मसम्मान और सहभागिता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।”</p>
<p style="text-align:justify;">अमृतसर की एक अन्य अध्यापिका मोनिका सूद ने कहा कि लड़कियों ने सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और खुलकर यह साझा किया कि घरों और समुदायों में माहवारी को किस प्रकार देखा और समझा जाता है। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी किशोरियों के लिए कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ पैदा कर सकती है, जबकि यह मार्गदर्शन उन्हें अपने शरीर को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ समझने में सहायता करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षकों ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम के कारण कक्षाओं में माहवारी पर खुलकर बातचीत करना संभव हो पाया है। मोगा की एक अध्यापिका सिल्वी ने कहा कि लड़कियाँ ही नहीं, बल्कि वे अध्यापिकाएँ भी जो पहले माहवारी पर बात करने में झिझक महसूस करती थीं, अब सत्रों के दौरान खुलकर और आत्मविश्वास के साथ इस विषय पर चर्चा करने लगी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं ने भी सत्रों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। संगरूर की नौवीं कक्षा की छात्रा कोमल प्रीत कौर ने कहा कि इन सत्रों ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया और उसे यह समझने में मदद की कि माहवारी एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, कोई बीमारी नहीं। मोगा की एक अन्य छात्रा डिंपल रानी ने कहा कि उसे ये सत्र बहुत रोचक लगे और उसने घर जाकर अपनी माँ के साथ अपने सीखने के अनुभव साझा किए। दसवीं कक्षा की छात्रा तनीशा ने कहा कि पाठ्यक्रम के कारण लड़कियाँ सत्रों के दौरान बिना शर्म महसूस किए खुलकर बात कर सकीं, क्योंकि इससे उनमें आत्मविश्वास विकसित हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के माध्यम से पंजाब न केवल माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता का विस्तार कर रहा है, बल्कि किशोरियों के लिए अधिक संवेदनशील, प्रगतिशील और सहयोगात्मक शिक्षा व्यवस्था का निर्माण भी कर रहा है। सरकारी स्कूलों में माहवारी स्वास्थ्य शिक्षा को संस्थागत रूप देने के जरिए पंजाब सरकार विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने, शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी को मजबूत करने तथा पूरे राज्य में अधिक जागरूक और सशक्त युवा पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पहल को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में किए जा रहे व्यापक शिक्षा सुधारों का हिस्सा भी माना जा रहा है, जिसके अंतर्गत पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढाँचे के विकास, अध्यापक प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के कल्याण तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 10:53:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आवारा कुत्तों को लेकर सीएम भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान, जानिये</title>
                                    <description><![CDATA[- हम आवश्यक संख्या में डॉग शेल्टर बनाएंगे और कुत्तों की देखभाल करेंगे, जहां इन आवारा कुत्तों की उचित देखभाल हो सकेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/know-the-big-announcement-of-cm-bhagwant-singh-mann-regarding/article-85317"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करते हुए आवारा कुत्तों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी। बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी डर के घूमने-फिरने योग्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आवारा कुत्तों को अधिक भीड़भाड़ वाली जगहों से हटाया जाएगा और उनकी उचित देखभाल के लिए आवश्यक शेल्टर होम बनाए और संचालित किए जाएंगे। उन्होंने मानव जीवन और पशु कल्याण दोनों की सुरक्षा के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट द्वारा 19 मई 2026 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पहले ही आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आवारा कुत्तों को सभी अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से हटाया जाएगा ताकि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से घूम सकें।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार आवश्यक संख्या में डॉग शेल्टर (आश्रय गृह) बनाएगी और उनकी देखभाल करेगी, जहां आवारा कुत्तों की उचित तरीके से देखभाल की जा सकेगी। उन्होंने पुष्टि की कि सरकार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस मुद्दे का मानवीय और कानूनी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, “रेबीज और लाइलाज बीमारी से पीड़ित या ऐसे कुत्ते जो अत्यधिक खतरनाक हैं और मानव जीवन के लिए खतरा बने हुए हैं, के मामलों में कानूनी रूप से स्वीकृत कदम, जिनमें दर्दरहित मृत्यु भी शामिल है, के संबंध में पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस कदम से पूरे पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाओं ने नागरिकों में व्यापक चिंता पैदा की है, जिसके कारण पंजाब सरकार के लिए इस मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करना जरूरी हो गया था।”</p>
<p style="text-align:justify;">जनकल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार के हर फैसले का उद्देश्य आम आदमी की भलाई और पंजाब की प्रगति सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे कहा, “जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण मामलों को पंजाब सरकार द्वारा हमेशा प्राथमिकता दी जाती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “पंजाब सरकार 19 मई] 2026 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का यथावत पालन करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, हम सभी अधिक भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाएंगे ताकि बच्चे, बुजुर्ग नागरिक और परिवार अपनी सुरक्षा के डर के बिना स्वतंत्र रूप से घूम-फिर सकें। हम कुत्तों के लिए आवश्यक संख्या में आश्रय गृह बनाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे, जहां इन आवारा कुत्तों की उचित तरीके से देखभाल की जा सके।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लिखा, “रेबीज़ और लाइलाज बीमारी से पीड़ित या खतरनाक कुत्तों, जो मानव जीवन के लिए खतरा हैं, के मामलों में कानूनी रूप से स्वीकृत कदम उठाए जाएंगे, जिनमें दर्दरहित मृत्यु भी शामिल है। इसके लिए पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:37:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी सरकार ने प्रतिबंधों और महंगाई के जरिए देश में अघोषित लॉकडाउन लागू किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी सरकार ने प्रतिबंधों और महंगाई के जरिए देश में अघोषित लॉकडाउन लागू किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/modi-government-implemented-undeclared-lockdown-in-the-country-through-restrictions/article-85066"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/patna.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/patna.jpg" alt="Patna" width="626" height="347"></img>पटना। </strong>लगातार बढ़ती महंगाई, नागरिकों पर प्रतिबंधों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से कथित छेड़छाड़ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश को "अघोषित लॉकडाउन" में धकेल दिया है और लोगों से अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों को छुपाया जा रहा है। यह बताते हुए कि केंद्र ने चुनावों तक तेल की कीमतों को दिखावे के लिए जानबूझकर स्थिर रखा, उन्होंने कहा कि अब जब चुनाव समाप्त हो गए हैं, तो नागरिकों पर इसका बोझ डाला जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मांग की कि केंद्र सरकार देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति का सार्वजनिक रूप से खुलासा करे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब में विशेष गहन संशोधन (एस.आई.आर.) प्रक्रिया के दौरान किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाए और न ही किसी नकली मतदाता का नाम शामिल किया जाए।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:29:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>Punjab: पंजाब के बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, इस योजना का मिल रहा बड़ा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व हाइपरटेंशन दिवस: पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना 40 से 90 वर्ष से अधिक आयु के मरीज़ों के लिए बनी सहारा,98 वर्षीय मरीज़ भी लाभान्वित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/world-hypertension-day-punjab-chief-minister-health-scheme-becomes-a/article-84952"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab5.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़। विश्व हाइपरटेंशन दिवस के अवसर पर,भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना उच्च रक्तचाप और उससे जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों को किफायती और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाकर उन्हें महत्त्वपूर्ण राहत प्रदान कर रही है। जैसे-जैसे विभिन्न आयु वर्गों में उच्च रक्तचाप के मामले बढ़ रहे हैं, यह योजना पंजाब के हज़ारों परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ भारी चिकित्सा खर्चों से भी सुरक्षा प्रदान कर रही है। हाइपरटेंशन ,जिसे आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है, को डॉक्टर अक्सर 'साइलेंट किलर' कहते हैं। यह बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के स्ट्रोक, हार्ट फेलियर या किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। यह बीमारी लगभग हर आयु वर्ग में देखने को मिल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पतालों में बुज़ुर्ग पुरुष जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार करते दिखाई देते हैं, महिलाएँ अपने पर्स में दवाइयों की पर्चियाँ संभालकर रखती हुई दिखाई देती हैं। जबकि युवा मरीज़, जिन्हें पहले इस बीमारी के लिए बहुत कम उम्र का माना जाता था, अब रक्तचाप की बढ़ती रीडिंग को लेकर चिंता व्यक्त करते नज़र आते हैं। हर मरीज़ की फ़ाइल के पीछे एक ऐसा परिवार है जो बीमारी और बढ़ते इलाज के ख़र्च के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, भारत में उच्च रक्तचाप का बोझ तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसके प्रमुख कारण अस्वस्थ खान-पान, तनाव, तंबाकू का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित जीवनशैली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज़ों को इस बीमारी का पता तब चलता है जब गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न हो चुकी होती हैं। ऐसे बढ़ते स्वास्थ्य संकट के बीच पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना एक महत्त्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो रही है। यह योजना हज़ारों मरीज़ों को उच्च रक्तचाप और उससे जुड़ी जटिलताओं का इलाज बिना भारी चिकित्सा बिलों के बोझ के उपलब्ध करवा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अनियंत्रित रक्तचाप के चलते होने वाले स्ट्रोक, हृदय संबंधी गंभीर आपात स्थितियों और किडनी से जुड़ी बीमारियों के उपचार एवं अस्पताल में भर्ती होने का ख़र्च अब इस योजना के तहत वहन किया जा रहा है, जिससे मानसिक तनाव से गुज़र रहे परिवारों को राहत मिल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में अधिकांश मरीज़ अभी भी मध्यम आयु वर्ग और बुज़ुर्ग आबादी से संबंधित हैं, जिनमें 40 से 80 वर्ष आयु वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, गुरदासपुर में 94 वर्ष तक की आयु वाले मरीज़ दर्ज किए गए, जबकि एस.ए.एस.नगर में 98 वर्ष आयु तक के मरीज़ दर्ज किए गए, जिससे स्पष्ट होता है कि यह रोग बुज़ुर्गों में व्यापक रूप से फैला हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला,एस.ए.एस.नगर ,होशियारपुर, जालंधर और फरीदकोट जैसे जिलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए। वहीं अमृतसर और लुधियाना के अस्पताल रिकॉर्ड में 50 से 77 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सौरभ शर्मा, जो कि सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंद्रा अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं, कहते हैं कि उच्च रक्तचाप अब केवल बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा,“आधुनिक जीवनशैली हर आयु वर्ग के लिए नई स्वास्थ्य चुनौतियाँ लेकर आई है। हालाँकि अधिकांश मामले 40 से 90 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में देखे जाते हैं, लेकिन अब किशोरों और 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में भी हाइपरटेंशन के मामले सामने आ रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. शर्मा ने कहा,“तनाव, खराब खान-पान, व्यायाम की कमी और अनियमित दिनचर्या जैसे जीवनशैली संबंधी कारक उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण हैं, हालाँकि कुछ चिकित्सीय स्थितियाँ भी इसका कारण बन सकती हैं।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अब यह जटिलताएँ पहले की तुलना में कम उम्र में सामने आने लगी हैं। अब केवल हाई ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी जटिलताएँ जैसे स्ट्रोक,हार्ट फेलियर और किडनी रोग भी पहले की तुलना में जल्दी सामने आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी योजनाएँ इसलिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि वे मरीज़ों को आर्थिक डर के कारण इलाज टालने से रोकती हैं। उन्होंने कहा,“उच्च रक्तचाप आपातकालीन स्थिति (हाइपरटेंसिव इमरजेंसी) में इलाज में देरी कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित होती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता केवल इलाज उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि इलाज समय पर सुनिश्चित करना है। पहले कई परिवार आर्थिक डर के कारण मरीज़ को अस्पताल में भर्ती करवाने में देरी कर देते थे, जो कई बार घातक साबित होती थी। अब सेहत योजना के तहत मरीज़ समय रहते चिकित्सा सहायता लेने लगे हैं, जिससे उनके स्वस्थ होने की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। मध्यम वर्गीय परिवारों, पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना भारी चिकित्सा खर्चों के ख़िलाफ एक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर, सेहत कार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल निपटाए गए मामलों की संख्या नहीं, बल्कि वह सम्मान और आत्मविश्वास भी है जो इसने मरीज़ों को दिया है, ताकि वे आर्थिक कठिनाई के भय के बिना इलाज करवा सकें।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 11:17:51 +0530</pubDate>
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                <title>जब तक पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, महिलाओं को सम्मान राशि और मुफ्त बिजली मिलती रहेगी - भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[जब तक पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, महिलाओं को सम्मान राशि और मुफ्त बिजली मिलती रहेगी - भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/as-long-as-aam-aadmi-party-is-in-power-in/article-84195"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दसूहा (होशियारपुर)। </strong>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर जिले के दसूहा हलके के घोगरा में लोक मिलनी में विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए एलान किया कि जब तक आम आदमी पार्टी (आप) सत्ता में है, महिलाओं को उनकी सम्मान राशि और सूबे में मुफ्त बिजली मिलती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब को नशों में डुबोने के लिए अकाली दल और सूबे को बदनाम करने के लिए हर रोज झूठा प्रचार करने वाली सभी विपक्षी पार्टियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार और पहले आई सरकारों में एक ही फर्क है कि अब लोगों का पैसा लोगों के पास जाता है, पहले की तरह नेताओं की जेबों में नहीं जाता।</p>
<p style="text-align:justify;">लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सूबे की बेमिसाल तरक्की और खुशहाली से ईर्खा करते हुए पंजाब के द्रोही बुरी नीयत से मेरे खिलाफ झूठा प्रचार कर रहे हैं। ये ताकतें जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली की दुश्मन हैं, अब मुझे बेहूदा मुद्दों पर बदनाम करने के लिए निचले स्तर पर गिर चुकी हैं। मेरा जीवन एक खुली किताब है क्योंकि मैंने अपना सारा जीवन पंजाब और पंजाबियों की भलाई को समर्पित किया है और इस नेक काम के लिए सख्त प्रयास कर रहा हूं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "परंपरागत पार्टियों ने हमेशा लोगों को अपना वोट बैंक समझा है और कभी उनकी भलाई की परवाह नहीं की, और वे इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं, जिस कारण मेरे खिलाफ निराधार प्रचार कर रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ये ताकतें अब निराधार, तर्कहीन और भ्रामक प्रचार से मेरी छवि खराब करने पर तुली हुई हैं, जिस कारण सूबे के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। मैं सूबे के बेमिसाल विकास को सुनिश्चित करने के लिए जी-जान से काम कर रहा हूं और प्रतिदिन हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई लोक-हितैषी कदम उठा रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "पिछली सरकारों के विपरीत, मैंने कभी भी सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि मैंने यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनता की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "उनके बेटे और भाई के नाते मैं अपने पहले के नेताओं की तरह अमीरी की जिंदगी जीने के बजाय आम लोगों के दुख-दर्द बांटने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हूं। पहले का कोई भी शासक लोगों के पास इस तरह नहीं आया था कि उनकी मुश्किलों के बारे में खुलकर बातचीत करे और उन मुश्किलों को लगन से हल करे।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "उन घमंडी सियासतदांनों ने हमेशा लोगों से मिलने के बजाय अपने महल की ऊंची दीवारों में अपने आप को सीमित रखा है और अब सूबा सरकार के हर कदम से वे बौखलाए हुए हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "मैं हमेशा विकासोन्मुखी और नागरिक केंद्रित नीतियां बनाने के लिए सीधे लोगों से फीडबैक लेने के लिए मैदान में रहा हूं, जिससे पंजाब के विकास को बड़ा बढ़ावा मिला है। इससे पूरा विपक्ष सदमे में है और सभी विरोधियों ने झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने के लिए सोची-समझी रणनीति से मेरे खिलाफ हाथ मिलाया है।" उन्होंने आगे कहा, "ये ताकतें मनघड़ंत और अपमानजनक कहानी गढ़कर लोगों को बहकाने की कोशिश कर रही हैं, जिसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे और इन ताकतों को सबक सिखाया जाएगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, "सूबे के समझदार लोग विपक्ष के इन नेताओं के संदिग्ध और धोखेबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे जरूर इन्हें सबक सिखाएंगे। विपक्ष के नाटक मुझे कभी भी सूबे के लोगों की सेवा से नहीं रोक सकते और मैं अपनी अंतिम सांस तक डटा रहूंगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "इन पार्टियों के पास सूबा सरकार के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि पंजाब सरकार ने लोक भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसकी वजह से विपक्षी दल मुद्दाहीन हैं।" समाज सुधार पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कोई भी मुफ्त या रियायत वाले कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस जाल से बाहर निकाल सकती है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया को रोशन करती है और इसीलिए हम इस पर विशेष जोर दे रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं और हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही सेहत कार्ड बनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "इस योजना के तहत अब तक 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल की है और मैं लोगों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "सूबे के इतिहास में यह पहली बार है कि धान के सीजन के दौरान खेतों के लिए ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली की सप्लाई दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।"</p>
<p style="text-align:justify;">महिला सशक्तिकरण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, " मांवां धीयां सतिकार योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों से बातचीत का एक माध्यम है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी लोगों की भलाई की परवाह नहीं की। इन पार्टियों ने अपने मुनाफे के लिए घिनौने खेल खेले और राज्य की दौलत लूटी, लेकिन लोगों ने झाड़ू को वोट दिया, जिसने स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों की तस्वीर बदल दी है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकाली नेता पांच मौके दिए जाने के बावजूद लोगों से एक और मौका मांग रहे हैं। लोगों की सेवा करने के बजाय, उन्होंने सूबे को लूटा और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "ये पार्टियां सूबे की दौलत को फिर से लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं, जो कि सत्ता प्राप्त करने का उनका एकमात्र उद्देश्य है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ये लोग कभी भी सूबे या यहां के लोगों की परवाह नहीं करते और उनका एकमात्र उद्देश्य सरकार का दुरुपयोग करके सत्ता हथियाना है। ये मौकापरस्त नेता हैरान हैं क्योंकि लोग अब उनकी तरफ आंख नहीं उठा रहे और उनका एजेंडा अपने परिवारों की भलाई तक सीमित है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, "इन पार्टियों ने लंबे समय तक राज किया, लेकिन अपनी अयोग्यता और कुशासन के कारण लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना जो उनके लिए अथक मेहनत कर रही है। परंपरागत पार्टियां हमसे इसलिए ईर्खा करती हैं क्योंकि हमने आम आदमी की भलाई का एजेंडा रखा है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "इन पार्टियों ने सत्ता में आकर लोगों और देश को लूटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुखबीर सिंह बादल पंजाब के एक कॉन्वेंट पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं जो सूबे की बुनियादी भौगोलिक स्थिति से वाकिफ नहीं हैं, लेकिन फिर भी राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
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                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 09:27:14 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस ने अपनी घटिया मानसिकता का किया प्रदर्शन, भाजपा और अकाली दल का असली चेहरा बेनकाब: हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव के बाद गैस सिलेंडर के दाम 994 रुपये बढ़े, मज़दूरों और छोटे व्यापारियों पर सीधा हमला: हरपाल सिंह चीमा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/congress-demonstrated-its-poor-mentality-harpal-singh-cheema-exposed-the/article-84115"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><span style="font-size:1.75rem;">हम अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं, हम आप की विचारधारा के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं और अपनी आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे: अनमोल गगन मान</span></h3>
<div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़  ।</strong>मजदूर दिवस पर बुलाए गए पंजाब विधानसभा का विशेष सेशन के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के विरुद्ध तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के काम उनके मजदूर विरोधी, गरीब विरोधी और मौकापरस्त सोच को दिखाते हैं, जबकि आप सरकार लगातार लोगों के हक वाली नीतियों को प्राथमिकता देती रही है। आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चुनाव के तुरंत बाद कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें 994 रुपये बढ़ाने के लिए भाजपा की केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 994 रुपये की बढ़ोतरी मजदूरों और छोटे कारोबारियों पर सीधा हमला है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले को जानबूझकर चुनाव तक टाला गया और इस बढ़ोतरी का फूड इंडस्ट्री और सस्ते खाने पर निर्भर मजदूरों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हरपाल सिंह चीमा ने मजदूरों के अधिकारों के बारे में विधानसभा के विशेष सेशन से वॉकआउट करने के लिए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “लेबर राइट्स पर स्पेशल सेशन से कांग्रेस का वॉकआउट करना उसकी दलित-विरोधी और गरीब-विरोधी सोच दिखाता है।” उन्होंने कहा कि इस तरह का बर्ताव दिखाता है कि पार्टी जवाबदेही से बचना चाहती है और लेबर और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकतांत्रिक संस्थाओं पर चिंता जताते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए संविधान को कमजोर कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मनरेगा जैसी स्कीमों को प्रभावित करने वाली नीतियां और हॉर्स-ट्रेडिंग की कोशिशें लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शराब और डोप टेस्ट की कांग्रेस की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस नेताओं द्वारा जमीन हड़पने के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री को बदनाम करने की एक राजनीतिक रूप से प्रेरित कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि सेशन के दौरान कांग्रेस का बर्ताव उनकी घटिया मानसिकता को दिखाता है और भाजपा और शिरोमणि अकाली दल दोनों ने अपना जन-विरोधी चेहरा सामने ला दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आप पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने विशेष सेशन के दौरान भाजपा और कांग्रेस के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा, "यह सेशन बेअदबी रोकने और मज़दूरों के अधिकारों की सुरक्षा जैसे ज़रूरी जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था, लेकिन भाजपा गैरहाज़िर रही, जबकि कांग्रेस ने हंगामा किया और वॉकआउट कर दिया।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने मज़दूरों की पीठ में छुरा घोंपा है और हंगामे और बेबुनियाद आरोपों के ज़रिए सरकार का संदेश दबाने की कोशिश की है। इतने ज़रूरी दिन पर उनका व्यवहार शर्मनाक है।"</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भाजपा की राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों को खारिज कर दिया और कहा, "आप के अंदर कोई फूट नहीं है और पार्टी एकजुट है।" उन्होंने कहा, "भाजपा की विधानसभा के बाहर पैरेलल असेंबली सेशन करने की कोशिश सिर्फ़ यह दिखाती है कि उनके पास विधानसभा के अंदर काम करने के लिए नंबर नहीं हैं। वे कितनी भी कोशिश कर लें, वे पंजाब में सरकार बनाने में कामयाब नहीं होंगे।" कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आम मज़दूरों और आर्थिक अपराधियों के बीच फ़र्क बताते हुए कहा कि मज़दूर ईमानदारी से अपना लोन चुकाते हैं, जबकि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे लोग करोड़ों रुपये लेकर देश से भाग गए। उन्होंने कहा कि यह मज़दूर वर्ग की ईमानदारी को दिखाता है और पुराने सिस्टम की नाकामियों को सामने लाता है, जिसने ऐसे अपराधियों को सुरक्षा दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक लाभ सिंह उगोके ने कहा कि पिछले कांग्रेस मंत्रियों ने अनुसूचित जाति के छात्रों की स्कॉलरशिप में हेराफेरी की और आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के फंड बर्बाद किए गए। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने स्कॉलरशिप का समय पर और सीधा पेमेंट पक्का किया है और साथ ही महिलाओं के लिए पेंशन जैसे भलाई के काम भी किए हैं। पार्टी के प्रति अपना प्रतिबद्धता दोहराते हुए विधायक अनमोल गगन मान ने कहा कि आप ने उनके जैसे नेताओं को सेवा करने और आगे बढ़ने का मौका दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी पूरे देश में अपना विस्तार जारी रखेगी और कहा कि इसके नेता अपनी आखिरी सांस तक पार्टी के प्रति समर्पित रहेंगे। आप नेता और पंजाब स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने भाजपा की पैरेलल "लोक विधानसभा" आयोजन करने की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक ऐसी पार्टी का राजनीतिक स्टंट है जिसका विधानसाभा में कोई रिप्रेजेंटेशन नहीं है। उन्होंने भाजपा-शासित राज्यों के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए, मणिपुर और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा के पंजाब नेताओं को अपने शासन वाले राज्यों का डेटा जनता के सामने पेश करना चाहिए, साथ ही यह दावा करना चाहिए कि पंजाब आज सबसे सुरक्षित राज्य है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 10:55:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब ने सीमा के पीछे खड़ी की अदृश्य दीवार; संगठित अपराध की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए दूसरी सुरक्षा पंक्ति को किया मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[सीमा बेल्ट के 585 स्थानों पर 2291 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-builds-invisible-wall-behind-border-strengthens-second-security-line/article-84072"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़। </strong>पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग अब सिर्फ मुठभेड़ों और गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह अब राज्य की सीमाओं तक निर्णायक रूप से पहुँच चुकी है, जहाँ एक शांत लेकिन कहीं अधिक रणनीतिक लड़ाई चल रही है। ‘गैंगस्टरां ते वार’ के तहत पंजाब पुलिस 'दूसरी रक्षा पंक्ति' को तेज़ी से मजबूत कर रही है—एक गहरी, तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था, जिसका उद्देश्य उन संगठित अपराध नेटवर्क की जीवनरेखाओं को ही काट देना है जो सीमापार कनेक्शनों के जरिए काम करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जहाँ सीमा सुरक्षा बल (BSF) अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा कर रहा है, वहीं पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि अगर कोई अवैध सामग्री सीमा पार से आ भी जाए, तो वह ज्यादा दूर तक न पहुँच सके। और अब आंकड़े भी इस दिशा में की गई तैयारी को स्पष्ट करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सीमा बेल्ट के 585 स्थानों पर 2291 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे संवेदनशील गाँवों और ट्रांजिट रूट्स पर एक घना निगरानी जाल तैयार हुआ है। इसके अलावा, सीमा जिलों के 41 पुलिस स्टेशनों को भी सीसीटीवी निगरानी के दायरे में लाया गया है, जिससे निगरानी और तुरंत कार्रवाई की एक व्यापक व्यवस्था विकसित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन यह केवल निगरानी बढ़ाने की बात नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी बनाने की रणनीति है।  ज़मीनी स्तर पर, नाके अब अधिक सटीक और कम पूर्वानुमानित हो गए हैं, जिन्हें वास्तविक समय की खुफ़िया जानकारी का समर्थन प्राप्त है। वाहन जाँच अब रूटीन नहीं रही, बल्कि लक्षित और सूचना-आधारित हो गई है। ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप गिराए जाने की घटनाओं को देखते हुए एंटी-ड्रोन निगरानी को भी और मज़बूत किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने कहा,“दूसरी रक्षा पंक्ति वह स्थान है जहाँ अपराध की कड़ी प्रभावी रूप से टूटती है। सीमा सीलिंग पहली परत है, लेकिन यदि कोई उल्लंघन होता है, तो उसे हमारे अधिकार क्षेत्र में तुरंत रोका जाता है। हमारे नाके अब सामान्य चौकियाँ नहीं हैं; वे खुफ़िया जानकारी आधारित, सत्यापित इनपुट के अनुसार तैनात और संचालित होते हैं l”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “साथ ही, गाँव स्तर की रक्षा समितियों और स्थानीय नेटवर्क को सुरक्षा ढाँचे से जोड़ा गया है, जिससे ज़मीन पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जा सके। हम महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे, निगरानी प्रणाली, गतिशीलता और शीघ्र प्रतिक्रिया तंत्र को भी लगातार मज़बूत कर रहे हैं, ताकि यह परत अपराध को रोकने और उसे बाधित करने दोनों में सक्षम हो।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने इस बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि दूसरी रक्षा पंक्ति को मज़बूत करना राज्य की गैंगस्टर विरोधी रणनीति का केंद्रीय हिस्सा है। उन्होंने कहा, “हम अपनी पुलिसिंग में गहराई बना रहे हैं। ध्यान पूरे तंत्र को ध्वस्त करने पर है—सीमापार सप्लाई से लेकर अंतिम स्तर तक डिलीवरी तक। दूसरी रक्षा पंक्ति यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी प्रयास को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जाए और तुरंत निष्क्रिय कर दिया जाए।” पंजाब की पुलिसिंग पर नज़र रखने वालों के लिए यह एक स्पष्ट बदलाव है—अब ध्यान अपराध होने के बाद प्रतिक्रिया देने से हटकर, उन व्यवस्थाओं को तोड़ने पर है जो अपराध को संभव बनाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि हर इंटरसेप्ट किया गया ड्रोन ड्रॉप, हर संदिग्ध वाहन की पहचान, और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए हर गतिविधि की निगरानी, उस पूरे तंत्र को कमजोर करती है जो गैंगस्टरों को सहारा देता है—जिनमें से कई विदेशों से संचालित होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रणनीति का एक और महत्त्वपूर्ण पहलू भी है। सीमा के गाँवों को अब केवल संवेदनशील क्षेत्र नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय खुफ़िया जानकारी को व्यवस्थित रूप से पुलिसिंग ढाँचे में शामिल किया जा रहा है, जिससे गाँव-स्तरीय सतर्कता और सामुदायिक नेटवर्क से मिलने वाली सूचनाएँ खुफ़िया तंत्र को और अधिक मज़बूत बना रही हैं। यह रणनीति बहुस्तरीय, सुनियोजित और प्रत्यक्ष कार्रवाई से कहीं अधिक विघटनकारी है। जहाँ पहले सवाल यह होता था कि गोली किसने चलाई, वहीं अब ध्यान यह जानने पर है कि हथियार वहाँ तक पहुँचा कैसे। जैसे-जैसे ‘गैंगस्टरां ते वार’ आगे बढ़ रहा है, पंजाब की दूसरी रक्षा पंक्ति इसका सबसे निर्णायक मोर्चा बनकर उभर रही है—एक ऐसी अदृश्य दीवार जो केवल ख़तरे को रोकती नहीं, बल्कि उसके पीछे के पूरे नेटवर्क को धीरे-धीरे ख़त्म कर देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 11:15:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का दिया आमंत्रण</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से मुलाकात की और पंजाब में हॉकी को और मजबूत करने, विशेषकर प्रतिष्ठित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारियों के लिए उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर चर्चा की। विस्तृत बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब में हॉकी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-chief-minister-met-with-the-great-dutch-hockey-player-floris-jan-bovelander/article-83692"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/punjab-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से मुलाकात की और पंजाब में हॉकी को और मजबूत करने, विशेषकर प्रतिष्ठित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारियों के लिए उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर चर्चा की। विस्तृत बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब में हॉकी और खेलों के समृद्ध वातावरण पर प्रकाश डाला और राष्ट्रीय खेल की पुरानी गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बोवेलैंडर के असाधारण कौशल और हॉकी में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका शानदार करियर दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।</p>
<p style="text-align:justify;">ओलंपियन बोवेलैंडर को पंजाब आने का निमंत्रण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपने खिलाड़ियों की प्रतिभा को और निखारने के लिए उनकी सेवाएं लेना चाहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब खेल प्रतिभा को विकसित करने और हॉकी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि इतिहास में पहली बार पंजाब एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जो राज्य के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई खेल अक्टूबर की शुरुआत में समाप्त होंगे, जिसके बाद शीर्ष छह टीमें चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी से पंजाब की पहचान वैश्विक स्तर पर हॉकी केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दशकों से भारतीय हॉकी में पंजाबियों की मजबूत उपस्थिति के बावजूद, पंजाब ने अब तक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की थी, और अब यह एक ऐतिहासिक बदलाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब और हॉकी के बीच गहरे संबंध का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी खिलाड़ियों के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना करना मुश्किल है। पंजाब के 50 से अधिक खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और 10 पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक में भारतीय टीम की कप्तानी की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की समृद्ध खेल विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि संसारपुर, खुसरोपुर और मिठापुर जैसे गांवों ने मिलकर 20 से अधिक ओलंपियन दिए हैं। हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि टोक्यो 2020 ओलंपिक में भारत ने 41 वर्षों के अंतराल के बाद कांस्य पदक जीता, जिसमें मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम में नौ पंजाबी खिलाड़ी शामिल थे। उन्होंने आगे बताया कि पेरिस 2024 ओलंपिक में भी भारत ने कांस्य पदक हासिल किया, जिसमें 10 पंजाबी खिलाड़ी शामिल थे, और हरमनप्रीत सिंह ने कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करते हुए सर्वाधिक गोल किए।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीदरलैंड में ओलंपियन फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से मिलकर उन्हें अत्यंत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि बोवेलैंडर का अनुभव और उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगी। उन्होंने बताया कि बोवेलैंडर ने पंजाब आने का निमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया है और आगामी एशियाई हॉकी चैंपियनशिप से पहले खिलाड़ियों के साथ जुड़कर उन्हें मार्गदर्शन देंगे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब खेल प्रतिभा को निखारने और हॉकी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:48:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प लगातार जारी: हरभजन सिंह ईटीओ</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आज सड़क विकास कार्यों की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/under-the-leadership-of-chief-minister-bhagwant-mann-the-revitalization-of-punjabs-infrastructure-continues-unabated-harbhajan-singh-eto/article-83582"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/punjab-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आज सड़क विकास कार्यों की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 45,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सरकार का मुख्य लक्ष्य पंजाब के हर गांव को बेहतरीन सड़क नेटवर्क से जोड़ना है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट मंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर जोर देते हुए कहा कि सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के बाद अगले 5 वर्षों तक यदि सड़क को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है, तो उसकी मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) की होगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड’ का गठन किया गया है, जो सीधे तौर पर निगरानी कर रहा है। इसके साथ ही एक विशेष ‘क्वालिटी कंट्रोल सेल’ भी सक्रिय है और विभाग के अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ईटीओ ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कई स्थानों पर उन्होंने स्वयं निर्माण कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की घटिया या घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">तकनीकी नवाचार का जिक्र करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब में पहली बार ‘फुल डेप्थ रेक्लीमेशन’ (एफडीआर) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक के तहत वर्तमान में 540 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। एफडीआर तकनीक की खासियत यह है कि इसमें सड़क के स्तर को घरों के स्तर के मुताबिक रखा जाता है, जिससे जलभराव की समस्या नहीं होती। जल्द ही इस तकनीक का दायरा बढ़ाकर राज्य की अन्य सड़कों को भी इसके तहत कवर किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने यह भी साझा किया कि पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश के कारण निर्माण कार्यों में कुछ देरी अवश्य हुई है, लेकिन विभाग अब दुगनी गति से काम कर रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जून तक 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे पंजाब के निवासियों को सुगम और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 12:51:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईडी के छापे विपक्ष की आवाज को कुचलने के लिए भाजपा की बौखलाहट को दर्शाते हैं: आप पंजाब</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने और गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग का एक और उदाहरण करार दिया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ed-raids-reflect-bjps-desperation-to-crush-the-voice-of-the-opposition-aap-punjab/article-83545"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/punjab-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने और गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग का एक और उदाहरण करार दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार को “लोकतंत्र का लगातार गला घोंटने” के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों द्वारा चुनिंदा रूप से निशाना बनाने पर सवाल उठाते हुए कहा, “ईडी के छापे सिर्फ उन्हीं राज्यों में क्यों मारे जाते हैं जहाँ भाजपा सत्ता में नहीं है? जो लोग जनता के हक के लिए आवाज उठाते हैं और जन कल्याण के लिए काम करते हैं, उन्हें या तो ईडी के नोटिस दिए जाते हैं या जेल भेज दिया जाता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ऐसी चालें लोकतंत्र की आवाज को दबाने में सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “डर और दबाव के जरिए लोकतंत्र को कुचला नहीं जा सकता। पंजाब की क्रांतिकारी धरती से मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि जहाँ भी अन्याय होगा, हम उसके खिलाफ डटकर खड़े होंगे। यह किसी व्यक्ति की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे संविधान और देश को बचाने की लड़ाई है, और यह संघर्ष जारी रहेगा।” इसी बीच कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने संयम बनाए रखा और कानूनी प्रक्रिया में अपना भरोसा व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, मैं एजेंसियों को पूरा सहयोग दूँगा और मुझे भरोसा है कि सच्चाई की जीत होगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भाजपा गैर-भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को धमकाने के लिए ईडी का दुरुपयोग कर रही है। विपक्षी नेताओं पर दबाव डालने के लिए ईडी का इस्तेमाल करना अब उनकी राजनीतिक रणनीति बन गई है ताकि असहमति की हर आवाज को दबाया जा सके। यह हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए बेहद खतरनाक है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की राजनीति “डराने, धमकाने और किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने” पर आधारित है। दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने ऐसी कार्रवाइयों के समय पर सवाल उठाते हुए यही चिंताएँ दोहराईं। उन्होंने कहा, “जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा को अचानककी याद आ जाती है और विपक्षी नेताओं के घरों पर छापेमारी शुरू हो जाती है। चाहे वह संजीव अरोड़ा हों या सांसद अशोक मित्तल, निशाना हमेशा वे होते हैं जो भाजपा से राजनीतिक रूप से असहमत हैं। यह जाँच नहीं, बल्कि बदले की राजनीति है।” उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्रीय एजेंसियों को हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है, जो देश को तानाशाही की ओर धकेल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस छापेमारी को ‘आप’ पंजाब को कुचलने के उद्देश्य से “एजेंसियों का घोर दुरुपयोग” करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसी चालें हमें खत्म करने में हमेशा असफल रही हैं। ये हमें और मजबूत बनाती हैं। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ही असली राष्ट्रीय विपक्ष और भाजपा का असली विकल्प है।” ‘आप’ पंजाब के नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि देश के लोग देख रहे हैं कि कैसे विपक्ष की आवाजों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने “डर और बदले की राजनीति” के खिलाफ मजबूती से खड़े होने के अपने संकल्प को दोहराया और लोकतंत्र तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का प्रण लिया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 10:36:17 +0530</pubDate>
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