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                <title>किलाजफरगढ़ गांव में एक माह में बीस मौतें</title>
                                    <description><![CDATA[दहशत में ग्रामीण, स्वास्थ्य विभाग बेखबर जुलाना (सच कहूँ न्यूज)। जीन्द जिले में जुलाना क्षेत्र के गांव किलाजफरगढ़ में एक माह में बीस मौतें हो चुकी हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार को किलाजफरगढ़ गांव में चार मौतें हुई। जिससे और भी भय का माहौल बन गया है। लेकिन इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/twenty-deaths-in-a-month-in-kilajafargarh-village/article-23534"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/twenty-deaths-in-a-month-in-kilajafargarh-village.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>दहशत में ग्रामीण, स्वास्थ्य विभाग बेखबर</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (सच कहूँ न्यूज)</strong>। जीन्द जिले में जुलाना क्षेत्र के गांव किलाजफरगढ़ में एक माह में बीस मौतें हो चुकी हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार को किलाजफरगढ़ गांव में चार मौतें हुई। जिससे और भी भय का माहौल बन गया है। लेकिन इस ओर स्वास्थ्य विभाग का कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सभी मौतें बुखार के चलते हुई हैं। तीन चार दिन तक लगातार बुखार के बाद सांस लेने में परेशानी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई मरीजों ने तो अस्पताल में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। ग्रामीण कोरोना के डर से जांच नहीं करवा रहे हैं, जिसका सीधा खामिजा उन्हें मौत ग्रास बनकर भुगतना पड़ रहा है। एक महीने में इतनी मौतें होने से ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कि मरीजों की जांच हो सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर घर में बुखार के मरीज हैं, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्त के सैंपल भी नहीं लिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव में केवल कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन दी गई है, लेकिन एक माह में 20 मौतें होने के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई भी कड़ा कदम उठाना उचित नहीं समझा है। एक महीना बीतने के बाद भी रक्त के सैंपल तक नहीं लिए हैं। ग्रामीणों की मांंग है गांव में रक्त की जांच की जाए।</p>
<p style="text-align:right;"><strong><em>कुलदीप सिंह, सरपंच किलाजफरगढ़।</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ने ग्रामीणों को वैक्सीन दी गई है। जल्द ही टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। मरीजों को कोरोना जांच के लिए जागरूक किया जाएगा और गांव में ही जाकर कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग की जाएगी।</p>
<p style="text-align:right;"><strong><em>डा. नरेश वर्मा, एसएमओ जुलाना।</em></strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 May 2021 21:06:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विश्व में कोरोना से मरने वालों की संख्या 5 लाख के पार</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ से दुनियाभर में मरने वालों की संख्या पांच लाख के पार हो गई है जबकि इस बीमारी से एक करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/death-toll-from-corona-in-the-world-crosses-5-lakh/article-16395"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/death-toll-from-corona-in-the-world-crosses-5-lakh.gif" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन</strong> l वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ से दुनियाभर में मरने वालों की संख्या पांच लाख के पार हो गई है जबकि इस बीमारी से एक करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक विश्व भर में कोरोना से 5,00,306 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 1,00,05,970 लोग इससे संक्रमित हो गये हैं। विश्व महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका में कोरोना से अब तक 25,42,675 लोग संक्रमित हो चुके हैं तथा 125,763 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ब्राजील, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, स्पेन और मेक्सिको में 20,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 1,89,077 मामले दर्ज किये गये हैं।सबसे अधिक कोरोना मामलों में वृद्धि ब्राजील और अमेरिका से हुई है जहां पिछले 24 घंटों में क्रमश: 46,860 और 44,458 संक्रमित मामले सामने आये हैं। इस दौरान भारत में भी 19,906 मामले सामने आये हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 4,612 मरीजों की कोरोना से मौत हुई है और शनिवार की तुलना में 2,254 मौतें कम हुई हैं।</h5>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2020 10:53:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Drugs: नशों से होने वाली मौतों में पंजाब से आगे निकला हरियाणा</title>
                                    <description><![CDATA[नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार | Drugs चौंकाने वाली है पीजीआई रोहतक की रिपोर्ट सच कहूँ/अनिल कक्कड़ चंडीगढ़। पीजीआई रोहतक की एक रिपोर्ट चौंकाने वाली है जिसमें खुलासा हुआ है कि 4 साल के दौरान नशे (Drugs) के आदि स्कूली बच्चों की तादाद में 12 गुणा बढ़ोत्तरी हुई है। पीजीआई में हुई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-overtakes-punjab-due-to-drug-deaths/article-12924"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/durgs.jpg" alt=""></a><br /><h1>नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार | Drugs</h1>
<ul>
<li>
<h2>चौंकाने वाली है पीजीआई रोहतक की रिपोर्ट</h2>
</li>
</ul>
<h4>सच कहूँ/अनिल कक्कड़</h4>
<p><strong>चंडीगढ़।</strong> पीजीआई रोहतक की एक रिपोर्ट चौंकाने वाली है जिसमें खुलासा हुआ है कि 4 साल के दौरान नशे <strong>(Drugs)</strong> के आदि स्कूली बच्चों की तादाद में 12 गुणा बढ़ोत्तरी हुई है। पीजीआई में हुई एक स्टडी के मुताबिक 2016 में 18 नशे के आदि बच्चे इलाज के लिए आए थे, जिनकी उम्र 14 से 19 साल के बीच थी। लेकिन 2019 के आखिर तक ये आंकड़ा बढ़कर 209 हो गया। करीब 12 गुणा की ये बढ़ोत्तरी पूरे हरियाणा को परेशान करने वाली है। इस पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा कि युवाओं के साथ बच्चों में नशे के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता का विषय है उन्होंने कहा कि पहले एनसीआरबी और अब रोहतक पीजीआई के आंकड़े परेशानी बढ़ाने वाले हैं।</p>
<h2>नशों से होने वाली मौतों में पंजाब से आगे निकला हरियाणा |Drugs</h2>
<p>20 से 25 साल की उम्र के युवाओं में बढ़ती नशे की लत का भी रिपोर्ट में जिक्र है। पीजीआई में साल 2016 के दौरान इलाज के लिए 267 युवा आए। 2019 तक ये आंकड़ा बढ़कर 451 हो गया। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा नशे की वजह से मौत के मामले में पंजाब को भी पीछे छोड़ चुका है। साल 2018 के दौरान हरियाणा में एनडीपीएस के 2,587 मामले सामने आए जो उत्तर भारत में सबसे ज्यादा है। हरियाणा में नशे से 86 लोगों की मौत हुई जबकि पंजाब में इससे कम 78 मौतें हुई। इसी तरह नकली शराब पीने से 162 लोगों की मौत हुई थी।</p>
<h2>सरसा को लगी नजर, घर-घर पहुंचा नशा |Drugs</h2>
<p>हालात कितने खतरनाक हो चुके हैं, इसका अंदाजा सरसा जिले की रिपोर्ट से भी लगाया जा सकता है। वहां के जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक साल 2014 के दौरान 1,405 ड्रग एडिक्ट इलाज के लिए आए थे। लेकिन 2018 में ये संख्या बढ़कर 18,551 हो गई थी। ये सीधे तौर पर 13 गुणा की बढ़ोत्तरी है। इससे भी खतरनाक बात ये है कि ड्रग एडिक्ट्स में पहले 25 से 30 साल की उम्र के युवा ज्यादा होते थे लेकिन अब 15-20 साल के किशोरों की तादाद ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सिरसा समेत हरियाणा के कई जिलों में चिट्टे का कारोबार चरम पर है। खुद सरकार का मानना है कि सिरसा के साथ पंजाब से लगते फतेहाबाद, कैथल और अंबाला जिले में ऐसा नशा बिक रह है। कई जगह खुद बीजेपी के नेताओं पर ही नशे के कारोबार में संलिप्तता के आरोप लगे हैं।</p>
<h2>सरकार की नीयत और नीति नशे के चलने के लिए जिम्मेदार: हुड्डा</h2>
<ul>
<li><strong>पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते नशे के चलन और कारोबार के लिए सरकार की नीयत और नीति को जिम्मेदार ठहराया है। </strong></li>
<li><strong>उनका कहना है कि सरकार की नीति ‘ठेके खोलो और स्कूल बंद करो’ वाली है। </strong></li>
<li><strong>इन्हीं विनाशकारी नीतियों की बदौलत प्रदेश के युवा बेरोजगारी के चलते नशे के आगोश में समा रहे हैं। </strong></li>
<li><strong>कांग्रेस सरकार के दौरान प्रति व्यक्ति आय और प्रति व्यक्ति निवेश के पैमाने पर नंबर वन रहा हरियाणा ।</strong></li>
<li><strong>अब अपराध, बेरोजगारी और नशे में नंबर वन बन गया है। </strong></li>
<li><strong>सरकार के मंत्री नशे के कारोबारियों से लड़ने की बजाए किसकी कुर्सी कहां लगे इसी लड़ाई में व्यस्त हैं।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-overtakes-punjab-due-to-drug-deaths/article-12924</link>
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                <pubDate>Wed, 05 Feb 2020 12:23:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व में होने वाली मौतों का वायु प्रदूषण पांचवा बड़ा कारण</title>
                                    <description><![CDATA[अब कंपनी ने इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए एक विशेष वाहन के भीतर कुछ लैंप लगाए हैं जिसके चारों तरफ पर नमक की एक परत है और इसमें विशेष लैंपों के जरिए इसे बहुत कम गर्म कर वाष्प में बदला जाता है और यह सांस के जरिए भीतर जाकर सांस नलिकाओं को खोल देता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/pollution-is-the-fifth-largest-cause-of-deaths-in-the-worldpollution-is-the-fifth-largest-cause-of-deaths-in-the-world/article-12358"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/pollution.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">देश में वायु प्रदूषण की भयावहता को देखते हुए अब देशी तरीके से इससे निपटने की मुहिम शुरू की है</h2>
<ul>
<li style="text-align:center;">
<h3 style="text-align:left;">चिंताजनक: स्टेट आफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2019 में हुआ खुलासा (Pollution )</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> विश्व में होने वाली मौतों में सबसे बड़ा पांचवा कारण (Pollution ) वायु प्रदूषण है और यह कुपोषण तथा शराब से होने वाली मौतों के आंकडे को भी पार कर गया है। स्टेट आफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2019 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण अब युवा वर्ग भी इससे प्रभावित हो रहा है और उनमें अस्थमा तथा कैंसर के मामले भी सामने आ रहे हैं। देश के अग्रणी संस्थान टाटा केमिकल्स लिमिटेड ने देश में वायु प्रदूषण की भयावहता को देखते हुए अब देशी तरीके से इससे निपटने की मुहिम शुरू की है और नमक के इस्तेमाल से लोगों को प्रदूषण का मुकाबला करने का अभियान शुरू किया है। टाटा ने इस अनूठे प्रयोग को ‘साल्ट थैरेपी’ का नाम दिया है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">टाटा केमिकल्स के विपणन, उपभोक्ता कारोबार के प्रमुख सागर बोके ने गुरुवार को बताया।</li>
<li style="text-align:justify;"> यह साल्ट थैरेपी सदियों से घरों में इस्तेमाल की जा रही थी ।</li>
<li style="text-align:justify;">और लोगों के गले और सीने में जब भी कोई दिक्कत होती थी।</li>
<li style="text-align:justify;">तो वे नमक के पानी के गरारे करते थे ।</li>
<li style="text-align:justify;">और अब नमक के इसी प्राकृतिक गुण को टाटा ने घर घर तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">थैरेपी में मरीजों को नमक का इस्तेमाल करके उन्हें भाप के रूप में लेना पड़ता है</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस थैरेपी में मरीजों को नमक का इस्तेमाल करके उन्हें भाप के रूप में लेना पड़ता है और जिन मरीजों की छाती में बलगम अधिक जम जाता है यह वाष्प युक्त नमक उनकी सांस की नलियों को खोल देता है। अब कंपनी ने इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए एक विशेष वाहन के भीतर कुछ लैंप लगाए हैं जिसके चारों तरफ पर नमक की एक परत है और इसमें विशेष लैंपों के जरिए इसे बहुत कम गर्म कर वाष्प में बदला जाता है और यह सांस के जरिए भीतर जाकर सांस नलिकाओं को खोल देता है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस तरह का एक वाहन आम लोगों के लिए निशुल्क बुधवार को लाजपत नगर में लगाया गया था।</li>
<li style="text-align:justify;">इसी कड़ी में यह हौज खास में लगाया गया जहां स्थानीय लोगों ने जाकर इस थैरेपी का आनंद निशुल्क उठाया।</li>
<li style="text-align:justify;">कंपनी इस तरह के वाहन का इस्तेमाल 14 जनवरी तक विभिन्न क्षेत्रों में करेगी।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इन दिनों राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर हो गया है और अगर कोई व्यक्ति खुले में एक घंटा किसी चौराहे पर खड़ा हो जाए तो वह 30 सिगरेटों के बराबर प्रदूषक तत्व अपने भीतर ले जाता है और लंबे समय तक वायु प्रदूषण के कारण जीवन के कम से कम चार पांच साल कम हो जाते हैं। कईं शोधों से यह बात सामने आई है कि नमक का इस्तेमाल शरीर की कोशिकाओं की सूजन और संक्रमण को कम करता है और नमक के इसी प्राकृतिक गुण को आम लोगों तक पहुंचाया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि नमक का रासायनिक संघटन सोडियम क्लोराइड है और हर स्थान पर पाए जाने वाले नमक में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।</p>
<p> </p>
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</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2020 16:56:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेकाबू ट्रक ने मातम में बदली शादी की खुशियां</title>
                                    <description><![CDATA[पांच की दर्दनाक मौत, मृतकों में 4 एक ही परिवार के मातम के चित्कार से कांप उठा जर्रा-जर्रा सच कहूँ/संजय भाटिया झज्जर। अभी तो शादी की शहनाइयां पूरी तरह से बंद भी नहीं हुई थी कि ऐसी मनहूस खबर आ गई कि पूरा परिवार व रिश्तेदार करूण कु्रंदन से दहल उठे। दरअसल सेंट्रो कार द्वाराशादी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2>पांच की दर्दनाक मौत, मृतकों में 4 एक ही परिवार के</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h2><strong>मातम के चित्कार से कांप उठा जर्रा-जर्रा</strong></h2>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/संजय भाटिया</strong><br />
<strong>झज्जर।</strong> अभी तो शादी की शहनाइयां पूरी तरह से बंद भी नहीं हुई थी कि ऐसी मनहूस खबर आ गई कि पूरा परिवार व रिश्तेदार करूण कु्रंदन से दहल उठे। दरअसल सेंट्रो कार द्वाराशादी समारोह से लौट रहे एक परिवार को बेकाबू ट्रक ने ऐसा जख्म दिया कि जिसे ताउम्र भुलना नामुंकिन है। बुधवार सुबह करीब सात बजे गांव रईया के पास एक ट्रक व कार के बीच हुई भीषण दुर्घटना में बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार गांव कासनी निवासी विरेन्द्र पुत्र रामफल बीती रात दिल्ली में किसी शादी समारोह में गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार सुबह जब विरेन्द्र अपनी पत्नी सुशीला, पुत्र प्रियांशु, पुत्री रिंकू के अलावा गांव के ही सुनील के साथ कार द्वारा गांव रईया के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे एक ट्रक के साथ कार की सीधी भिडंत हो गई। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार पांचों लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और बड़ी मशक्कत के साथ कार में फंसे शवों को बाहर निकाला। कार में सवार लोगों को नागरिक अस्पताल लाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां उनका पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों के हवाले कर दिए गए। बुधवार शाम ही पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। बताया जाता है कि विरेन्द्र गांव में ही परचून की दुकान चलाता है। मंगलवार रात विरेन्द्र अपनी पत्नी, बच्चों के साथ दिल्ली में किसी शादी समारोह में गया था। आज सुबह घर लौटते समय पूरे परिवार की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। एक साथ पांच चिताओं के जलने पर पूरे गांव में दु:ख का माहौल साफ नजर आया।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/accident-five-deaths/article-7777</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Feb 2019 17:48:24 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल में बाढ़ का कहर: 29 लोगों की मौत, 54,000 से ज्यादा लोग हुए बेघर</title>
                                    <description><![CDATA[14 जिलों में से थलसेना की पांच टुकडिय़ां तैनात तिरुवनंतपुरम (एजेंसी) Edited By Vijay Sharma । केरल के आधे से ज्यादा हिस्से में भीषण बाढ़ के कारण बांध, जलाशय और नदियां लबालब भरी हुई हैं। कई जगहों पर राजमार्ग ध्वस्त हो गए हैं। अनेक घर पानी में बह गए हैं। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/floods-in-kerala-29-deaths-more-than-54000-people-homeless/article-5312"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/kerla-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>14 जिलों में से थलसेना की पांच टुकडिय़ां तैनात</h2>
<p><strong>तिरुवनंतपुरम (एजेंसी) Edited By Vijay Sharma </strong><strong>।</strong> केरल के आधे से ज्यादा हिस्से में भीषण बाढ़ के कारण बांध, जलाशय और नदियां लबालब भरी हुई हैं। कई जगहों पर राजमार्ग ध्वस्त हो गए हैं। अनेक घर पानी में बह गए हैं। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण करीब 54,000 लोग बेघर हो गए हैं और कम से कम 29 लोगों की मौत हुई है। बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित राज्य के कुल 14 जिलों में से सात उत्तरी जिलों में थलसेना की पांच टुकडिय़ां तैनात की गई हैं ताकि लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने और अस्थायी पुलों के निर्माण में मदद मिले। पेरियार नदी में जलस्तर बढऩे के बाद भारतीय नौसेना की दक्षिणी कमान को अलर्ट पर रखा गया है। आशंका है कि कोच्चि स्थित वेलिंगडन द्वीप के कुछ हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं।</p>
<h2>राज्य की लगभग सभी 40 नदियां उफान पर</h2>
<p>अधिकारियों ने बताया कि राज्य की लगभग सभी 40 नदियां उफान पर हैं। बीते आठ अगस्त से ही हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण उत्तरी एवं मध्य केरल अत्यधिक प्रभावित हैं। बारिश के कारण कुल 29 लोगों की मौत हुई है जिनमें तीन की मौत आज हुई। इनमें से 25 की मौत भूस्खलन में हुई तथा चार की मौत डूबने से हुई। केरल के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 439 राहत शिविरों में कुल 53,501 लोगों को रखा गया है। कई जगहों पर सड़कें धंस जाने के कारण पर्यटकों को पर्वतीय इडुक्की जिले में दाखिल होने से रोका गया। कोझिकोड और वायनाड में विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए थलसेना के जवान छोटे-छोटे पुल बना रहे हैं। इडुक्की जलाशय से और ज्यादा पानी जारी होने की संभावना के मद्देनजर इडुक्की और इससे सटे जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया।</p>
<ul>
<li>12 अगस्त तक के अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है</li>
<li>और राज्य की राजधानी से वह हालात पर नजर रखे हुए हैं।</li>
<li>केंद्रीय मंत्री के. जे अल्फॉंस ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ केरल में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।</li>
<li>राजनाथ  रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।</li>
<li>अल्फॉंस ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार सशस्त्र बलों, आपदा प्रबंधन टीम की सेवाएं मुहैया करा रही है<br />
<h2></h2>
</li>
</ul>
<h2>58 बांधों में से 24 के जलाशयों की अधिकतम भंडारण क्षमता पार</h2>
<p>केरल के पर्यटन मंत्री के. सुरेंद्रन ने बताया कि 24 विदेशियों सहित कम से कम 50 पर्यटक बुधवार से ही मन्नार के प्लम जूडी रिजॉर्ट में फंसे हुए थे और उन्हें वहां से निकालकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। कोच्चि में पेरियार नदी और इडुक्की में चेरुथोनी नदी की नीचे की धारा की तरफ की जगहों पर रहने वाले लोगों को तटों के जलमग्न होने की चेतावनी दी गई है। राज्य के 58 बांधों में से 24 के जलाशयों की अधिकतम भंडारण क्षमता पार हो गई है, जिसके कारण अधिकारियों को स्लुइस गेट खोलकर पानी छोडऩा पड़ा। करीब 26 साल के बाद कल एक शटर खोला गया। सुबह केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने थलसेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल और एनडीआरएफ की ओर से चलाए जा रहे बाढ़ राहत कार्यों और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इडुक्की बांध में जल स्तर बढऩे के कारण अभी छोड़े जा रहे पानी की तुलना में तीन गुना ज्यादा पानी छोडऩा जरूरी हो गया है। इससे पेरियार नदी और इसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ेगा। लोगों को चौकस रहना चाहिए।</p>
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<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/floods-in-kerala-29-deaths-more-than-54000-people-homeless/article-5312</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Aug 2018 11:23:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान में सिखों पर हमला, 20 की मौत, मोदी ने की हमले की निंदा</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी व कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने अफगानिस्तान हमले की कड़ी निंदा की जलालाबाद (एजेंसी)। अफगानिस्तान के पूर्वी शहर जलालाबाद में रविवार को सिखों को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गये। गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्ला खोगयानी ने बताया कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/attack-sikhs-afghanistan-deaths/article-4609"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/attack-sikhs-afghanistan-deaths.jpg" alt=""></a><br /><h1>पीएम मोदी व कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने अफगानिस्तान हमले की कड़ी निंदा की</h1>
<p><strong>जलालाबाद (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अफगानिस्तान के पूर्वी शहर जलालाबाद में रविवार को सिखों को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गये। गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्ला खोगयानी ने बताया कि राष्ट्रपति अशरफ गनी के जलालाबाद में एक अस्पताल का उद्घाटन करने के कुछ घंटे बाद हुए इस विस्फोट से मुखाबेरात चौक के पास कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गयीं और मकान धराशायी हो गये।नांगरहार के पुलिस प्रमुख गुलाम सनायी स्तानेकजई ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने सिखों को लेकर जा रहे एक वाहन को निशाना बनाकर हमला किया। हमला के समय सिख समुदाय के लोग राष्ट्रपति से मिलने आये थे। उन्होंने कहा, ‘हमले में हताहत हुए अधिकतर लोग सिख समुदाय के हैं। खोगयानी ने बताया कि विस्फोट में कम से कम 20 लोग मारे गये और कई अन्य घायल हो गये।</p>
<h1 style="text-align:justify;">आतंवाद के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत</h1>
<p style="text-align:justify;">भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ‘इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एकजुट वैश्विक लड़ाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है। आतंकवादियों को किसी भी तरह से समर्थन देने वाले लोगों के खिलाफ एकजुट होने की जरुरत है। इस्लामिक स्टेट ने अपनी आधिकारिक समाचार एजेंसी अमाक के माध्यम से एक वक्तव्य जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस्लामिक स्टेट ने अपने इस दावे के पक्ष में कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान एक मुस्लिम राष्ट्र है लेकिन देश में हिंदुओं और सिखों की एक छोटी संख्या है। अफगानी संसद में सिख एवं हिन्दू समुदाय के लिए एक सीट आरक्षित है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मोदी ने की अफगानिस्तान हमले की निंदा</h1>
<p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान में आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे वहां के बहुसांस्कृतिक ढांचे पर हमला बताया है। अफगानिस्तान में रविवार को अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लोगों पर उस समय आत्मघाती हमला किया गया जब वह राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात करने जा रहे थे। इस हमले में 19 लोग मारे गए थे। हमला पूर्वोत्तर के नांगरहार प्रांत में हुआ। मोदी ने सोमवार को अपने शोक संदेश में कहा ‘हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं।’ उन्होंने इसे अफगानिस्तान के बहुसांस्कृतिक ढांचे पर हमला बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिजनों के साथ हमारी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना करते हुए मोदी ने कहा भारत दुख की इस घड़ी में अफगानिस्तान को मदद के लिए तैयार है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/attack-sikhs-afghanistan-deaths/article-4609</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Jul 2018 11:13:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुराड़ी में सामूहिक मौत के पीछे आध्यात्म की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पीड़ित परिवार किस गुरु को मानता था (Fear of spirituality behind mass deaths in the shrine) नई दिल्ली (एजेंसी)। राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में परिवार के आध्यात्मिक प्रवृति का होने की आशंका व्यक्त की जा रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/fear-of-spirituality-behind-mass-deaths-in-the-shrine/article-4608"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/fear-spirituality-behind-mass-deaths-shrine.jpg" alt=""></a><br /><h1>पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पीड़ित परिवार किस गुरु को मानता था</h1>
<p><strong>(Fear of spirituality behind mass deaths in the shrine)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में परिवार के आध्यात्मिक प्रवृति का होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौके से दो रजिस्टर मिले हैं जिससे लगता है कि परिवार के लोग किसी साधना में लगे हुए थे। इनमें से एक रजिस्टर के एक ही पेज में विस्तार से सारी बातें हिन्दी में लिखी हुई हैं। इसमें लिखा हुआ है कि परमात्मा में लीन हो रहे हैं। आंखें बंद कर रहे हैं ताकि भारी और बुरी वस्तु को न देख सकें। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पीड़ित परिवार किस गुरु को मानता था। परिजनों को आध्यात्म के लिए खुदकुशी के लिए उकसाया तो नहीं गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से परिवार के सदस्य लटके हुए थे उस तरीके की बातें रजिस्टर में लिखी हुई है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">पूरा परिवार बेहद धार्मिक था</h1>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों रजिस्टरों में मौत और मोक्ष के लेकर एक कहानीनुमा लंबा लेख है, जिसमें किसी आध्यत्मिक गुरु का नाम नहीं है लेकिन मौत की क्रियाओं को लेकर एक बड़ा हिस्सा है। पुलिस को कई पड़ोसियों और जानकरों से ये पता चला है कि यह पूरा परिवार बेहद धार्मिक था, इनके घर में हर दूसरे दिन शाम को कीर्तन होते थे। घर के बाहर हर रोज एक तख्ती पर श्लोक लिखे जाते थे। परिवार के सभी 11 लोग हर व्रत साथ करते थे। परिवार का एक सदस्य पिछले दो-तीन साल से मौन व्रत पर था।अब तक की जांच में किसी बाहरी शख्स के घर में आने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।कोई लूटपाट नहीं हुई है, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ हो पायेगी।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्या था मामला:</h1>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि उत्तरी दिल्ली में बुराड़ी के संत नगर इलाके में रविवार को एक साथ 11 शव मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। मरने वालों में 10 की आंखों पर पट्टी बंधी थी और वे रेलिंग से लटके मिले जबकि एक का शव जमीन पर मिला था।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/fear-of-spirituality-behind-mass-deaths-in-the-shrine/article-4608</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Jul 2018 10:52:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>तंबाकू जनित बीमारियों से हर साल 70 लाख से अधिक मौतें</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा (एजेंसी)। विश्व में हर साल तंबाकू उत्पादों से सत्तर लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है और 30 लाख लोग इसके कारण दिल की बीमरियों तथा लकवे का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज यह जानकारी दी। डब्ल्यूएचओ ने आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस(नो टौबेको डे) के मौके पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/more-than-7-million-deaths-per-year-from-tobacco/article-3862"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/aa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जिनेवा (एजेंसी)। </strong>विश्व में हर साल तंबाकू उत्पादों से सत्तर लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है और 30 लाख लोग इसके कारण दिल की बीमरियों तथा लकवे का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज यह जानकारी दी। डब्ल्यूएचओ ने आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस(नो टौबेको डे) के मौके पर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि धूम्रपान करने वाले लोग तो इससे होने वाली बीमारियों की चपेट में आकर मारे जाते हैं लेकिन ये लोग आस पास धुआं छोड़ते हैं तो इसके संपर्क में आकर लोग भी अपनी जान गवां रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह के सेकंड हैंड एक्सपोजर से मरने वालों का आंकड़ा 890,000 है। डब्ल्यूएचओ ने तंबाकू उत्पादों और ध्रूमपान के खतरों से लोगों को अवगत कराने के लिए 2005 में एक प्रस्ताव पेश किया था जिसका अनुमोदन 180 देशों ने कर दिया है। इसमें तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और प्रायोजकता पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ के अंसचारी रोग विभाग के निदेशक डगलस बैचर ने बताया कि इस मुहिम के अच्छे परिणाम सामने आए हैं और 2000 में जहां विश्व की कुल आबादी का 20 प्रतिशत हिस्सा तंबाकू उत्पादों का सेवन करता था वहीं यह 2016 में घटकर 20 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि अभी इस दिशा में काफी कुछ किया जाना है और सबसे अधिक दिक्कतें निम्न और मध्य आय वाले देशों में आ रही हैं जहां तंबाकू लाबी इतनी ताकतवर है कि वे अपने उत्पादों के प्रचार के लिए किसी भी तरह के हथकंडे अपनाने को तैयार रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये कंपनियां अपने उत्पादों का प्रचार गलत तरीके से करती हैं और इनका लक्ष्य युवा वर्ग होता है जिसके लिए ये उत्पादों की कीमत कम रखती हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रति वर्ष तंबाकू उत्पादों के सेवन से सत्तर लाख से अधिक लोग मारे जा रहे हैं और इनमें से अधिकांश को पता होता है कि धूम्रपान कैंसर का एक बड़ा कारण है लेकिन फिर भी ये इनके दुष्चक्र में फंस जाते हैं। विश्व में धूम्रपान करने वालों की संख्या 1़ 1 अरब है जिनमें चीन में 30़ 7 करोड़ लोग और भारत में 10़ 6 करोड़ लोग इसके जाल में फंसे हुए हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 May 2018 10:04:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भूख से मौतों पर गंभीर हो सरकारें</title>
                                    <description><![CDATA[बड़ी-बड़ी खोजी संस्थाएं भारत को बेशक भारत को विश्व की सबसे तेज़ उभरती हुई अर्थव्यवस्था करार दे रही हों। बेशक विभिन्न आंकड़ों के खेल में भारत विकास के नए-नए आयाम छूह रहा हो और केंद्र व राज्य सरकारें अपनी पीठ ऐसे सर्वे आने के बाद अपनी पीठ थपथपाने में बेशक पीछे नहीं रह रही हों। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/governments-are-serious-on-deaths-from-hunger/article-3525"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/poor-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बड़ी-बड़ी खोजी संस्थाएं भारत को बेशक भारत को विश्व की सबसे तेज़ उभरती हुई अर्थव्यवस्था करार दे रही हों। बेशक विभिन्न आंकड़ों के खेल में भारत विकास के नए-नए आयाम छूह रहा हो और केंद्र व राज्य सरकारें अपनी पीठ ऐसे सर्वे आने के बाद अपनी पीठ थपथपाने में बेशक पीछे नहीं रह रही हों। लेकिन देश के राज्य झारखंड में भूख से हो रही मौतें देश में विकास के हो रहे दावों की धज्जियां उड़ा रही हैं। 21वीं सदी में भी यदि देश में किसी व्यक्ति की मौत भूख से मरने की वजह से हो रही है तो निश्चित तौर पर यह अत्यंत गंभीर समस्या है। झारखंड के सिमडेगा जिले की संतोषी कुमारी, धनबाद के बैधनाथ रविदास और देवघर के रूपलाल मरांडी की कथित तौर पर भूख से हुई मौत ने सरकार की जन वितरण प्रणाली को आधार से जोड़ने की नीति और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन में गंभीर त्रुटियों के कारण लोगों के जीने के अधिकार के हनन को उजागर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">संतोषी कुमारी के परिवार को राशन नहीं मिल रहा था क्योंकि आधार से लिंक नही होने के कारण उनके कार्ड को रद्द कर दिया गया था। कई बार आवेदन देने के बावजूद भी बैधनाथ रविदास के परिवार का राशन कार्ड नहीं बना था। जन वितरण प्रणाली में आधार आधारित प्रमाणीकरण के बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठे का निशान नहीं मिलने के कारण रूपलाल मरांडी को भी राशन मिलना बंद हो गया था। ये मामलें सरकार की जवाबदेही की कमी की चरम सीमा है, लेकिन राज्य में खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत राशन मिलने के अधिकार का हनन रोजाना की एक हकीकत है। राज्य में कानून लागू हुए दो साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी भी अनेक योग्य परिवारों को राशन कार्ड निर्गत नहीं हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका एक मुख्य कारण है कि राशन मिलने की पात्रता 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) पर आधारित है जिसमें कई प्रकार की त्रुटियां हैं- जैसे जनगणना के दौरान परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति का सही से आकलन न करना, जनगणना से परिवार छूट जाना आदि। प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण भी योग्य परिवारों के आवेदनों पर समय पर कार्यवाही नहीं होती है। ऐसे में केवल मात्र आधार के लिंक न होने और राशन कार्ड न बने होने का हवाला देकर यदि किसी अत्यंत गरीब परिवार को सरकार के भ्रष्ट अधिकारी राशन नहीं देते और ऐसे में वह परिवार भोजन की किल्लत के कारण तिल-तिल कर मर जाता है तो यह कलंक पूरे देश के सिर पर लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए केवल मात्र झारखंड की सरकार जिम्मेदार नहीं है इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जिम्मेदारी लेनी होगी। बेशक अहमदाबाद से मुंबई बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया जा रहा है लेकिन उससे भी पहले जरूरी है देश के हर नागरिक के पेट में भोजन का होना। ऐसे में भूख से हो रही मौतों पर सरकारों को तुरंत गंभीर होना होगा और सरकारी तंत्र की लापरवाही से फिर कोई गरीब आधार या राशन कार्ड के नाम पर बलि न चढ़े इसका पुख्ता इंतजाम करना होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Nov 2017 04:13:32 +0530</pubDate>
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                <title>शिशुओं की मौतें- हादसा या मर्डर</title>
                                    <description><![CDATA[गोरखपुर बाल संहार की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। लोग पीड़ित परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। घटना ने कई परिवारों के आंगनों की किलकारी हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दी है। घरों में मातम छाया हुआ है। 48 घंटे के भीतर प्रत्येक घंटे में एक बच्चे ने दम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/infant-deaths-accident-or-murder/article-3124"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/gorkhpur-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गोरखपुर बाल संहार की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। लोग पीड़ित परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। घटना ने कई परिवारों के आंगनों की किलकारी हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दी है। घरों में मातम छाया हुआ है। 48 घंटे के भीतर प्रत्येक घंटे में एक बच्चे ने दम तोड़ा, यानी 48 घंटे में 48 नौनिहालों की जिंदगी खत्म। इस घटना को लापरवाही नहीं, बल्कि मर्डर कहा जाए। मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर माना जा रहा है कि हादसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में हुआ है। जिले से ताल्लुक रखने के चलते वहां का प्रशासनिक अमला हमेशा सतर्क रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सवाल उठता है कि फिर इतनी बड़ी घटना कैसे घटी? इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं? खैर इन मौतों के आंकड़े को स्वाभाविक बताना संवेदनहीनता के अलावा और कुछ नहीं। हम पीड़ित परिवारों के दु:ख का अंदाजा नहीं लगा सकते कि उन पर क्या बीत रही होगी। दरकार इस बात की है कि मामले की लीपापोती नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोषियों को कठोर से कठोर दंड मिलना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सूबे की सरकार इस बात को फिलहाल नकार रही है कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अक्सीजन की कमी से हादसा हुआ। सरकार के इस दावे की सच्चाई की पोल खोलने के लिए ताजा उदाहरण एक यह भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल आॅक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी ने पिछले साल जुलाई में भी आॅक्सीजन की सप्लाई पैमेंट नहीं होने पर रोक दी थी। फिर भी सरकार सचेत नहीं हुई। आॅक्सीजन कंपनी ने जो असंवेदनहीनता का परिचय दिया है, उसका सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं। इस कृत्य में सरकार, प्रशासन व कंपनी बराबर की भागीदार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गोरखपुर के जिस अस्पताल बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में अमानवीय घटना घटी है वह सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि में आता है। ताज्जुब इस बात का है कि विगत 9 व 10 अगस्त को खुद सीएम ने इस अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया था। उन्होंने अस्पताल के प्राचार्य, सीएमओ के अलावा अन्य चिकित्सकों से बात भी की थी। तब उन्हें कहीं कोई चूक नहीं दिखाई दी। बावजूद इसके इतनी घोर किस्म की लापरवाही सामने आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के कई जिले इस समय घातक बीमारी इन्सेफेलाइटिस की चपेट में हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने इन्सेफेलाइटिस रोग को रोकने के लिए और उसके उन्मूलन के लिए एक अभियान छेड़ रखा है। इस बीमारी से सबसे ज्यादा रोगी उनके गृह जनपद गोरखपुर के ही हैं। आंकड़ों पर गौर करें, तो इस रोग से उत्तर प्रदेश में हर साल सैकड़ों बच्चों की जान जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगी ने इस रोग पर काबू पाने के लिए पोलियो अभियान की तरह खत्म करने का प्रण कर रखा है। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि इन्सेफेलाइटिस का उन्मूलन हमारा लक्ष्य है। योगी ने अभियान की सफलता के लिए जागरूकता और जनता की सहभागिता पर जोर दिया था। अभियान राज्य के सबसे बुरी तरह प्रभावित पूर्वी क्षेत्र के 38 जिलों में शुरू किया गया है। क्षेत्र में पिछले चार दशक में इस रोग की वजह से लगभग 40 हजार बच्चों की मौत हो गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">आॅक्सीजन की कुंद मौतकाल के आगोश में समाए 60 बच्चों के परिवारों के दु:ख में सभी लोग खड़े हो गए हैं। लोग बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ मांग रहे हैं। शनिवार को सुबह खुले देश के तकरीबन स्कूलों में गोरखपुर के बाल संहार में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दिल्ली के कई स्कूलों में शांति अरदास की गई, सभा के दौरान कई बच्चे भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-रमेश ठाकुर</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2017 01:49:02 +0530</pubDate>
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