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                <title>cybercrime - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>इंटरनेट के युग में हमे साइबर धोखाधड़ी के प्रति सजग रहना चाहिए &amp;#8211; अमित कुंडू</title>
                                    <description><![CDATA[उकलाना थाना टीम ने पाठशाला यूनिवर्शल स्कूल, बिठमडा में विधार्थियो को किया साइबर क्राइम और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक उकलाना। (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र) पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, आईपीएस के निर्देशानुसार थाना उकलाना पुलिस टीम ने पाठशाला यूनिवर्शल स्कूल, बिठमडा में विधार्थियो को किया साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उप निरीक्षक अमित कुंडू ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/uklana-police-team-make-students-aware-of-cybercrime/article-40682"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/uklana.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">उकलाना थाना टीम ने पाठशाला यूनिवर्शल स्कूल, बिठमडा में विधार्थियो को किया साइबर क्राइम और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उकलाना। (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र)</strong> पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, आईपीएस के निर्देशानुसार थाना उकलाना पुलिस टीम ने पाठशाला यूनिवर्शल स्कूल, बिठमडा में विधार्थियो को किया साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उप निरीक्षक अमित कुंडू ने विद्यार्थियो और अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट के युग में हमे साइबर धोखाधड़ी के प्रति सजग रहना चाहिए। साइबर अपराधी हर रोज ठगी के नए – नए तरीके अपना रहे है। थोड़ी सी सावधानी से हम साइबर ठगी से बच सकते है। ऑनलाइन खरीददारी करते समय हमे निम्न सावधानियां रखनी चाहिए:-</p>
<p style="text-align:justify;">कभी भी अंजान वेबसाइट से ऑनलाइन शॉपिंग न करें। कभी भी ऐसे ऑनलाइन विक्रेताओं से कुछ भी न खरीदें जो केवल उपहार कार्ड, धन हस्तांतरण आदि द्वारा भुगतान स्वीकार करते हैं, क्योंकि ऐसे भुगतानों का पता लगाना और रिवर्स करना लगभग असंभव है। अज्ञात साइटों को कभी भी अग्रिम भुगतान न करें, क्योंकि भुगतान हो जाने के बाद उत्पाद मिलने की संभावना न के बराबर होती है । हमेशा सुरक्षित वेबसाइटों से खरीदारी करें। यह सुनिश्चित करें कि वेबसाइट चेकआउट ब्राउज़र में एक छोटा लॉक आइकन या ‘https’ दिखाएं, यह दर्शाता है कि लेनदेन सुरक्षित हैं। कभी भी संवेदनशील, व्यक्तिगत या मालिकाना जानकारी (आधार या पैन कार्ड) ईमेल के माध्यम से अज्ञात लोगों को न भेजें।</p>
<p style="text-align:justify;">नौकरी पाने के लिए कभी भुगतान न करें, वास्तविक फर्म कभी जमा नहीं मांगती । छोटे URLS से सावधान रहें, अज्ञात स्रोतों से Google फ़ॉर्म पर मांगी गई जानकारी को सुनिश्चित करे । ईमेल, एसएमएस और पोर्टल में खराब वर्तनी, गलत स्पेलिंग की तलाश करें।व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले लिंक/फॉर्मों से सावधान रहें। किसी भी ऑफ़र को एक्सेप्ट करने से पहले उसकी वास्तविकता को परखे । कोई भी भुगतान/प्रतिबद्धता करने से पहले हमेशा वसूली एजेंटों की पहचान सुनिश्चित करें। जाँच करें कि क्या एजेंट के पास बैंक या एजेंसी फर्म द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र के साथ बैंक से वसूली नोटिस और प्राधिकरण पत्र की एक प्रति है। आप फोन पर होम ब्रांच से क्रॉस वेरिफाई भी कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ओटीपी का उद्देश्य जानने के लिए पूरा एसएमएस पढ़ें। किसी नकली ऐप/वेबसाइट द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की स्थिति में, आगे के लेन-देन को रोकने के लिए कार्ड/खाता/यूपीआई सेवा को ब्लॉक करने के लिए तुरंत अपने बैंक को कॉल करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड से पीड़ित होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in और नजदीकी पुलिस थाना में सूचना दें। साइबर सुरक्षा के साथ उप निरीक्षक अमित कुंडू ने विधार्थियो को सड़क सुरक्षा के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि में ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। ट्रैफिक नियमों की पालना कर हम अपने साथ दूसरो के जीवन को भी बचा सकते है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Dec 2022 20:22:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>साइबर क्राइम गैंग गिरोह का पर्दाफाश, आठ गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[1548 वारदातों में शामिल मिले आरोपी सच कहूँ/राजेन्द्र दहिया, फरीदाबाद। साइबर ठगी (Cybercrime Gang) की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना फरीदाबाद की टीम ने तीन विदेशी नागरिकों तथा एक महिला सहित गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने पुलिस आयुक्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cybercrime-gang-busted-eight-arrested/article-33039"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/cyber-criminals.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>1548 वारदातों में शामिल मिले आरोपी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/राजेन्द्र दहिया, फरीदाबाद।</strong> साइबर ठगी (Cybercrime Gang) की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना फरीदाबाद की टीम ने तीन विदेशी नागरिकों तथा एक महिला सहित गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर 21सी में बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 3 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिसमें नाइजीरिया के रहने वाले गैब्रियल व किंग्सले तथा घाना के रहने वाले गॉडविन का नाम शामिल हैं, जो फिलहाल दिल्ली में रह रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी गॉडविन का वीजा फरवरी 2021 तथा किंग्सले का वीजा 10 महीने पहले एक्सपायर हो चुका था, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इसके अलावा महिला आरोपी युर्थिंग्ला वारोंग उर्फ मम्मी जो मणिपुर की रहने वाली है और फिलहाल दिल्ली में रह रही थी, को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुंबई के रहने वाले हरीश, फिरोज अंसारी, नोएडा के रहने वाले राजकुमार उर्फ राजू व सफरउद्दीन और दिल्ली के रहने वाले सुशील तिवारी को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपियों ने दिसंबर 2021 में फरीदाबाद निवासी रामकिशोर के साथ साइबर ठगी (Cybercrime Gang) की वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने रामकिशोर के साथ 7.39 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस थाना साइबर अपराध में दी, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ षड्यंत्र, धोखाधड़ी तथा फर्जी कागजात बनाकर उपयोग में लेने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई। साइबर थाना की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए इन उपरोक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर थाना की टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल, 37 सिम कार्ड, 03 पासपोर्ट, 40 पासबुक, 49 चेकबुक, 50 एटीएम कार्ड, 11 आधार कार्ड, 06 पैनकार्ड, दो पेन ड्राइव, आधार कार्ड में पता बदलने के काम में प्रयुक्त कंप्यूटर व प्रिंटर तथा 1.39 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर टीम द्वारा बरामद किए गए इन मोबाइल फोन और सिम कार्ड को ट्रेस करने पर पता चला कि आरोपियों ने पूरे देश में साइबर क्राइम की 1548 वारदातों को अंजाम दिया है और जिसमें उत्तर प्रदेश की सबसे अधिक 441, राजस्थान की 150, तेलंगाना की 149, दिल्ली की 147 तथा महाराष्ट्र की 101 वारदातें शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपियों द्वारा हरियाणा में 30 वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। साइबर टीम (Cybercrime Gang) द्वारा इन मामलों में संबंधित पुलिस थानों को सूचित किया जा रहा है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के फर्जी खातों में करीब 25 करोड़ रुपए का लेनदेन पाया गया है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 May 2022 18:59:54 +0530</pubDate>
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                <title>आप भी हो सकते हैं साईबर क्राईम के अगले शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[तुलसी (एक काल्पनिक नाम) ने एक दिन दोपहर को अपना व्हाट्सएप मैसेज चैक किया जो कि फ्लिपी*** नाम की एक वैबसाईट से आया था, जिस पर मोबाईल, टीवी, कपड़े, जूतों व अन्य ढेरों सामान बहुत ही भारी छूट के साथ बिक रहा था। तुलसी ने तत्काल अपने लिए एक मोबाईल ऑर्डर किया और ऑनलाईन12 हजार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/you-can-also-be-the-next-victim-of-cybercrime/article-16370"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-06/cybercrime-1.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;">तुलसी (एक काल्पनिक नाम) ने एक दिन दोपहर को अपना व्हाट्सएप मैसेज चैक किया जो कि फ्लिपी*** नाम की एक वैबसाईट से आया था, जिस पर मोबाईल, टीवी, कपड़े, जूतों व अन्य ढेरों सामान बहुत ही भारी छूट के साथ बिक रहा था। तुलसी ने तत्काल अपने लिए एक मोबाईल ऑर्डर किया और ऑनलाईन12 हजार रूपये मोबाईल कंपनी को डाल दिए। तुलसी को आज तक उसका मोबाईल नहीं मिला। ठीक ऐसे ही बहुत बार आपके या आपके किसी दोस्त, रिश्तदार के मोबाईल पर बैंक के नाम से लिंक भेजे जाते हैं कि आप अपनी केवाईसी अपडेट कर लें या कभी लिंक भेजा जाता है कि आपको एयरटेल या बजाज, गूगल आदि नामी कंपनियोें ने विजेता चुना है, अपना ईनाम पाने के लिए आप दिए गए लिंक पर अपना नाम, पता, बैंक खाता आदि जानकारी भरकर भेजें एवं आपको दोबारा से लिंक भेजा जाएगा, जिसे क्लिक कर आप ईनाम की राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। उपरोक्त सब साईबर क्राईम करने वालों के हत्थकंडे हैं, जिससे साईबर क्रिमिनल पढ़े-लिखे, अनपढ़, ग्रामीण-शहरी हर वर्ग को किसी न किसी तरह उकसाकर उनके बैंक अकाउंट से राशि उड़ा लेते हैं। बैंक व पुलिस दोनों ही आमजन की ऐसी ढेरों शिकायतें आए दिन दर्ज कर रहे हैं, जिनमें किसी ने अपने फोन पर आए कॉल या लिंक को खोलकर अपने रूपये खो दिये, किसी ने छूट का लाभ पाने के लिए पैसे गंवा दिये। आमजन को चाहिए कि बढ़ रहे तकनीकी लेन-देन में एवं स्मार्ट फोन के फायदों के साथ खतरों को भी अच्छी तरह से समझ लें, ताकि आपको कोई ठग न सके। अक्सर ही बैंक एवं पुलिस भी लोगों के मोबाईल फोन पर आने वाले आकर्षक पुरस्कारों, फर्जी कॉलस के बारे में जागरूक करती रहती है। इतना ही नहीं लोगों से उम्मीद की जाती है कि वह अपनी बैंक डिटेल्स जैसे नेटवर्किंग के लॉगिन पॉसवर्ड, ओटीपी पिन आदि गुप्त रखें, फिर भी यदि आमजन खासकर महिलाएं एवं ग्रामीण लोग जरा सा सावधान रहें तो वह साईबर अपराधियों से बच सकते हैं। आॅनलाईन खरीददारी करते समय एमाजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नेपडील, मिंत्रा आदि नामी कंपनियों के वेबपेज को स्वयं उनके डोमेन नाम से ही खोलें। मोबाइल पर आए किसी भी लिंक को खोलने से बचें या अच्छी तरह जांच लें कि कहीं वह कोई मिलता-जुलता नाम तो नहीं है। भारी छूट व अनजान पुरस्कार संदेशों का लालच न करें। किसी भी अनजान लिंक या फोन कॉल या व्यक्ति को अपने बैंक पासवर्ड, पिन न बताएं। बेहतर होगा कि बढ़Þते सूचना तकनीकी के इस दौर में अपने आपको सूचना तकनीक से शिक्षित करें।</h5>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2020 09:02:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>साइबर अपराध : तीन साल में 232 करोड़ की सेंध</title>
                                    <description><![CDATA[बैंकों में धोखाधड़ी के रोजाना सामने आए 39 मामले नई दिल्ली (एजेंसी)। बैंकों से जुड़े साइबर अपराध के तहत पिछले तीन वित्त वर्ष में 43,204 यानी रोजाना 39 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिसमें अपराधियों ने 232.32 करोड़ रुपये की सेंध लगाई है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 में डेबिट कार्ड, क्रेडिट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/cybercrime-daily-39-fraud-cases-happen-in-banks/article-2556"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/cyber1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बैंकों में धोखाधड़ी के रोजाना सामने आए 39 मामले</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> बैंकों से जुड़े साइबर अपराध के तहत पिछले तीन वित्त वर्ष में 43,204 यानी रोजाना 39 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिसमें अपराधियों ने 232.32 करोड़ रुपये की सेंध लगाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2014-15 में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़े साइबर अपराध के 13,083 मामले आए थे, जिनमें 80.64 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। वित्त वर्ष 2015-16 में मामलों की संख्या बढ़कर 16,468 पर पहुँच गई जबकि राशि घटकर 79 करोड़ रुपये रह गई। पिछले वित्त वर्ष कुल 13,653 मामले सामने आए, जिनमें 72.68 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले तीन वित्त वर्ष के दौरान साइबर अपराध के सबसे ज्यादा 11,055 मामले आईसीआईसीआई बैंक में सामने आए, जिसमें 52.80 करोड़ रुपये की राशि शामिल हैं। कुल 7,144 मामलों के साथ एचडीएफसी बैंक दूसरे स्थान पर रहा। इनमें 24.53 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। इसके बाद 6,539 मामले स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में मिले, जिनकी राशि 27.28 करोड़ रुपये है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">सबसे ज्यादा मामलों में कोटक महिन्द्रा बैंक</h1>
<p style="text-align:justify;">तीन साल एक हजार मामलों से ज्यादा वाले बैंकों में कोटक महिन्द्रा बैंक (4,929 मामले, 11.45 करोड़ रुपये), सिटी बैंक एन.ए. (3,790 मामले, 18.13 करोड़ रुपये), अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्पोरेशन (3,700 मामले, 27.80 करोड़ रुपये) और एचएसबीसी (3,611 मामले, 8.69 करोड़ रुपये) शामिल हैं। जिन बैंकों में मामले तो कम रहे लेकिन राशि 10 करोड़ से ज्यादा रही, उनमें बैंक आॅफ बड़ौदा (20.12 करोड़ रुपये, 31 मामले) और एक्सिस बैंक (13.89 करोड़ रुपये, 660 मामले) का नाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ऐसे 5,149 मामले सामने आ चुके हैं जिसमें साइबर अपराधियों ने 19.63 करोड़ रुपये की सेंधमारी की है। इसमें सबसे ज्यादा 1,528 मामले (2.39 करोड़ रुपये) कोटक महिन्द्रा बैंक के, 1,086 मामले (2.64 करोड़ रुपये) अमेरिकन एक्सप्रेस के, 777 मामले (4.31 करोड़ रुपये) एचडीएफसी बैंक के और 515 मामले (3.16 करोड़ रुपये) आईसीआईसीआई बैंक के हैं। साइबर अपराधियों के निशाने पर सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 2013 से जून 2017 के बीच कुल 57,853 मामले सामने आये जिनकी कुल राशि 329.96 करोड़ रुपये है। इसमें 38,085 मामलों में क्रेडिट कार्ड धारकों को 185.39 करोड़ रुपये की चपत लगी है। एटीएम से जुड़े 19,068 मामलों में 99.61 करोड़ रुपये की राशि और इंटरनेट बैंंिकग से जुड़े 700 मामलों में 44.97 करोड़ रुपये की राशि शामिल रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डेबिट, क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग संबंधी साइबर धोखाधड़ी</h2>
<p><strong>        वर्ष                                     मामले                                     राशि</strong></p>
<ul>
<li>2014-15                          13,083                             80.64 करोड़</li>
<li>2015-16                          16,468                             79 करोड़</li>
<li>2016-17                          13,653                             72.68 करोड़</li>
</ul>
<p><strong>(सबसे ज्यादा 11,055 मामले आईसीआईसीआई बैंक में सामने आए, जिसमें 52.80 करोड़ रुपये का चूना लगाया।)</strong></p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2017 05:48:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>फर्जी कॉल कर एटीएम के नंबर पूछे</title>
                                    <description><![CDATA[दो खातों से निकाले ढाई लाख रुपये JaiPur, SachKahoon News: शहर के दो अलग-अलग थाना इलाके में साइबर ने फर्जी बैक अधिकारी बन खाते व एटीएम की जानकारी ले लाखों रुपए निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पहला मामला करधनी थाना इलाके […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/fake-call-aing-for-atm-number/article-391"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/fraud-call.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दो खातों से निकाले ढाई लाख रुपये</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>JaiPur, SachKahoon News:</strong> शहर के दो अलग-अलग थाना इलाके में साइबर ने फर्जी बैक अधिकारी बन खाते व एटीएम की जानकारी ले लाखों रुपए निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पहला मामला करधनी थाना इलाके का है। जहां पीड़ित शिव कुमार निवासी श्याम कुंज विस्तार खोराबीसल कने मामला दर्ज करवाया कि गत दिनो पहले उसके पास एक अज्ञात व्यक्ति को फोन आया और खुद को बैक अधिकारी बताते हुए खाते व एटीएम कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के नाम का झांसा देकर खाते की जानकारी मांगी। इस पर पीड़ित उसकी बातों में आ गया और खाते सहित एटीएम की जानकारी दे दी। कुछ समय के बाद उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि उसके खाते से करीब 24 हजार रुपए का टां्रसजेक्शन किया गया है। वहीं दूसरा मामला बजाज नगर थाना इलाके का है। जहां पीड़ित आशीष गुप्ता पुत्र राधेश्याम गुप्ता निवासी देव नगर ने मामला दर्ज करवाया कि 12 मई 2016 को उसाके पास किसी बैक अधिकारी का फोन आया और क्रेडिट कार्ड को रिन्यू करवाने का झांसा देकर खाते की जानकारी मांगी। पीड़ित उसकी बातों में आ गया और क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी। उसके बाद उसके परिवादी के बैंक खाते से क्रेडिट कार्ड से करीब दो लाख 24 हजार आठ रुपए निकालने का मैसेज आया।</p>
<p><em>शहर के दो अलग-अलग थाना इलाके में साइबर ने फर्जी बैक अधिकारी बन खाते व एटीएम की जानकारी ले लाखों रुपए निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</em></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Dec 2016 01:01:00 +0530</pubDate>
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