<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/boon/tag-527" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Boon - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/527/rss</link>
                <description>Boon RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान बना वरदान</title>
                                    <description><![CDATA[वर्षा का पानी संचय कर राजस्थान की तस्वीर बदल सकते है : जल संसाधन मंत्री राजस्थान का जल स्तर बढ़ा, डार्क जोन भी हुए कम श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/chief-minister-water-swavalamban-abhiyaan-make-boon/article-2185"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/swavalamban-abhiyaan-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">वर्षा का पानी संचय कर राजस्थान की तस्वीर बदल सकते है : जल संसाधन मंत्री</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>राजस्थान का जल स्तर बढ़ा, डार्क जोन भी हुए कम </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे है। प्रदेश में बहुत सारे क्षेत्र में जल स्तर नीचे चले जाने से डार्क जोन घोषित कर दिया गया था। इस योजना के पश्चात डार्क जोन धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है तथा भूमि का जल स्तर बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. रामप्रताप सोमवार को सूरतगढ़ में वन विभाग द्वारा आयोजित 68वां वन महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को लेकर माननीय मुख्यमंत्री भी बहुत गंभीर है। उन्होंने मुझे एक दिन में तीन जिलों में जाने के निर्देश दिये थे। आज के दिन श्रीगंगानगर, बीकानेर व हनुमानगढ़ जिले में जल स्वावलम्बन अभियान के तहत वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है, जिसमें मुझे शामिल होना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूरतगढ़ विधायक राजेन्द्र सिंह भादू ने कहा कि जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने माननीय मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे से मिलकर इस टिब्बा क्षेत्र को हरा भरा बनाने की सौगात इस क्षेत्र के किसानों को दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि के लिए कृषि कनेक्शन मिलने से टिब्बा क्षेत्र भी लहलहाने लगेंगे, जिससे आमजन का जीवन स्तर सुधरेगा। यह सरकार की किसानों के लिये बहुत बड़ी सौगात है। टिब्बा क्षेत्र भी अन्य नहरी क्षेत्रों की तरह हराभरा होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी को शपथ दिलवाई</h3>
<p style="text-align:justify;">आयोजित कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों, आमनागरिकों, युवाओं तथा छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई कि राजस्थान मेरा प्रदेश है, जिसकी जल मृदा एवं वृक्ष संपदा हमारी धरोहर है। मैं सत्य निष्ठा के साथ ईश्वर को साक्षी मानकर प्रतिज्ञा करता हूॅ/करती हॅू कि मैं मेरे द्वारा रोपित पौधों एवं राज्य की जल संरक्षण सरंचनाओं एवं मृदारोपी धरोहर की एक सजग प्रहरी के रूप में सदैव रक्षा करूंगा। उनकी सुरक्षा एवं उनके संवर्द्घन के लिये मन, वाणी एवं कर्म से प्रयत्नशील रहूंगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वृक्षकुंज की पटिट्का का अनावरण</h3>
<p style="text-align:justify;">आयोजित कार्यक्रम में वृक्षकुंज की पटिट्का का अनावरण किया तथा रिबन काटकर वृक्षकुंज कार्यक्रम की शुरूआत की, अतिथियों द्वारा मॉं सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया तथा विभिन्न विधालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। आयोजित कार्यक्रम में सूरतगढ़ एडीएम चांदमल, सीआरपीएफ के डीआईजी सूरजपाल वर्मा, नगरपरिषद सूरतगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, पंचायत समिति सूरतगढ़ की प्रधान श्रीमती बिरमा देवी, विकास अधिकारी श्रीमती रोमा सहारण, महेश शेखसरिया, नरेन्द्र राठी, सुभाष सहित गणमान्य नागरिक व विधालयों के विधार्थी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/chief-minister-water-swavalamban-abhiyaan-make-boon/article-2185</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/chief-minister-water-swavalamban-abhiyaan-make-boon/article-2185</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 06:02:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/swavalamban-abhiyaan-1.jpg"                         length="23872"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यार्थियों के लिए वरदान सिद्ध होंगी छात्रवृत्ति योजनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[अल्प संख्यक वर्ग की योजनाओं का लाभ उठाएं विद्यार्थी: धर्मसोत सिख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन वर्गों का आर्थिक व सामाजिक स्तर ऊंचा उठाना मुख्य उद्धेश्य मैरिट-कम-मीनज बेस्ड स्कालरशिप स्कीम तहत आॅन-लाइन आवेदन पत्र मांगे चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब के अनुसूचित जाति, पिछड़ी श्रेणीयां व अल्प संख्यक वर्ग कल्याण मंत्री साधू सिंह धर्मसोत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/scholarship-schemes-will-be-a-boon-for-students/article-1651"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/students.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अल्प संख्यक वर्ग की योजनाओं का लाभ उठाएं विद्यार्थी: धर्मसोत</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सिख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन वर्गों का आर्थिक व सामाजिक स्तर ऊंचा उठाना मुख्य उद्धेश्य</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मैरिट-कम-मीनज बेस्ड स्कालरशिप स्कीम तहत आॅन-लाइन आवेदन पत्र मांगे</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब के अनुसूचित जाति, पिछड़ी श्रेणीयां व अल्प संख्यक वर्ग कल्याण मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने कहा है कि राज्य के अल्प संख्यक वर्ग के नवयुवकों का सर्वपक्षीय विकास करने हेतू राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याण योजनाएं उनके लिए वरदान सिद्ध होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">धर्मसोत ने जानकारी देते हुए बताया कि सिख, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, पारसी व जैन आदि अल्प संख्यक वर्गों का आर्थिक व सामाजिक स्तर ऊंचा उठाना हमारी सरकार का मुख्य उद्धेश्य है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के अल्प संख्यक वर्ग के नवुयवकों का आर्थिक स्तर ऊंचा उठाने के लिए विशेष स्कीमें चलाने की स्वीकृति दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये कोर्स वाले विद्यार्थी उठाएं लाभ</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मैरिट-कम-मीनज बेस्ड स्कालरशिप स्कीम तहत पंजाब सरकार द्वारा राज्य और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं जैसे कि आईआईटी, आई आई एम आदि में पढ़ रहे, ग्रैजूएट/पोस्अ ग्रैजूएट स्तर के तकनीकी या प्रोफैशनल कोर्सों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी, इस स्कीम का लाभ उठा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि राज्य के अल्प संख्यक वर्ग के वह विद्यार्थी जो पंजाब की संस्थाओं में पढ़ रहे हैं व होस्टलों में रह रहे हैं, को दाखिले की तिथि से 10 हजार रूपए वार्षिक /1 हजार रूपए प्रति माह-10 महीनों के लिए/ और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं जैसे कि आई आई टी, आई आई एम आदि में पढ़ रहे हैं, को असल या अधिक से अधिक 20 हजार रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कल्याण मंत्री ने पंजाब की संस्थाओं में पढ़ रहे अल्प संख्यक वर्ग के डे-स्कालर विद्यार्थियों को 5 हजार रूपए वार्षिक/500 रूपए प्रति माह-10 महीनों के लिए / छात्रवृत्ति दी जाएगी जबकि राष्ट्रीय असल या अधिक से अधिक 20 हजार रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">स.धर्मसोत ने आगे बताया कि इस स्कीम तहत छात्रवृत्ति हासिल करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की वार्षिक आय 2.50 लाख रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए और नए कोर्स में प्रवेश वह विद्यार्थी वजीफा लेने का हकदार होगा जिसने पिछली परीक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक हासिल किए हों।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/scholarship-schemes-will-be-a-boon-for-students/article-1651</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/scholarship-schemes-will-be-a-boon-for-students/article-1651</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Jun 2017 08:43:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/students.jpg"                         length="44216"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य के लिए वरदान है योगासन</title>
                                    <description><![CDATA[योग हजारों साल से भारतीयों की जीवन-शैली का हिस्सा रहा है। ये भारत की धरोहर है। योग में पूरी मानव जाति को एकजुट करने की शक्ति है। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का आदर्श मिश्रण है। दुनिया भर के अनगिनत लोगों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। योग और प्राणायाम भारतीय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/yoga-is-a-boon-for-health/article-1448"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/yog-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">योग हजारों साल से भारतीयों की जीवन-शैली का हिस्सा रहा है। ये भारत की धरोहर है। योग में पूरी मानव जाति को एकजुट करने की शक्ति है। यह ज्ञान, कर्म और भक्ति का आदर्श मिश्रण है। दुनिया भर के अनगिनत लोगों ने योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। योग और प्राणायाम भारतीय संस्कृति और जीवन शैली के प्राण हैं। योग और प्राणायाम हमारे ऋषि-मुनियों की संसार को देन है। शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग को वरदान माना गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">योग साधना के आठ अंग हैं। इनमें क्रमश: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि शामिल हैं। इन अष्ठांग योग में प्रथम पांच अंग बहिरंग और शेष तीन अंग अंतरंग के नाम से जाने और पहचाने जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आठ अंगों में प्रथम अंग नियम में शौच, सन्तोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्रणिधाम शामिल हैं। दूसरे अंग आसन में योगासनों द्वारा शारीरिक नियंत्रण, तीसरे प्राणयाम में श्वास लेने सम्बन्धी तकनीकों द्वारा प्राण पर नियंत्रण, चौथे प्रत्याहार में इन्द्रियों को वश में करना, पांचवें में एकाग्र चित्त होकर अपने मन को नियंत्रित करना, छठे अंग ध्यान में निरन्तर ध्यान मग्न होना, सातवें समाधि में आत्मा से जुड़ना है। इसके अतिरिक्त यम अंग में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का पालन करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">योग हमारे देश में कोई नई प्रणाली नहीं है। इसे हमने अपनी जीवन शैली के रूप में अपनाया है। प्राचीन काल में दवाओं का प्रयोग न के बराबर होता था। जड़ी-बूटियां और औषधीय पौधे और योग ही प्रचलित थे, जो शरीर को स्वस्थ रख कर निरोग रखते थे और रोग को भगाते थे। इन्हें अपनाकर लोग शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से स्वस्थ और प्रसन्नचित्त रहते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">योग और प्राणायाम का स्वास्थ्य रक्षा में भारी योगदान है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। यदि हमारा शरीर पूरी तरह स्वस्थ होगा तो निश्चय ही मन भी प्रसन्न और प्रफुल्लित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">योगासन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये सहज, सरल और सुलभ है। इसके लिए धन की आवश्यकता नहीं है। यह अमीर, गरीब सबके लिए बराबर है। योगासनों में जहां माँसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली शारीरिक क्रियाएं करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर तनाव, खिंचाव दूर करने वाली क्रियाएं भी होती हैं। इससे शारीरिक थकान मिटने के साथ-साथ आधुनिक जीवन शैली की विभिन्न बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है। इससे शरीर पुष्ट होने के साथ पाचन संस्थानों में विकार उत्पन्न नहीं होते। मोटापा कटता है। शरीर सुडोल बनता है। निश्चय ही योग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए वरदान है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगासन हमारे शरीर के विकारों को नष्ट करता है। नेत्र ज्योति बढ़ाता है। योग हमारे तन और मन दोनों का ध्यान रखता है और विभिन्न बीमारियों से मुक्त रखता है। शारीरिक स्वास्थ्य को प्राप्त करने के लिए योगासनों का अपना महत्व और उपयोगिता है। आसनों से शारीरिक सौष्ठव के साथ-साथ श्वास-पश्वास की प्रक्रिया और रक्त संचार आवश्यक और नियमित रूप से बना रहता है। जो स्वस्थ तन-मन के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगासनों को सीखने से पूर्व आवश्यक सावधानियाँ भी रखनी चाहिये। सही आसन ही प्रयोग में लाने चाहिये। योगासन शौच क्रिया और स्रान से निवृत्त होने के बाद किया जाना चाहिये। यह समतल जमीन पर आसन बिछा कर करना चाहिये। योगासन के लिए खुला और हवादार स्थान होना परम आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज घर-घर में फास्ट और जंक फूड का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। मैगी की पोल खुलने से आम आदमी अवश्य सावचेत हुआ है। मगर अभी भी फास्ट फूड का उपयोग हम कर रहे हैं। विशेषकर बच्चे इसका सर्वाधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे हमारी पाचन शक्ति के साथ-साथ पेट के रोगों को बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि हम चाहते हैं कि हम स्वस्थ रहें। तन-मन प्रफुल्लित हो तो हमें योग को अंगीकार करना होगा। यह बिना खर्चे का बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण उपाय है जिसे अपना कर हम अपना जीवन खुशहाल बना सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-बाल मुकुन्द ओझा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/yoga-is-a-boon-for-health/article-1448</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/yoga-is-a-boon-for-health/article-1448</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 21:11:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/yog-1.jpg"                         length="119351"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोहरा बना फसलों के लिए वरदान</title>
                                    <description><![CDATA[राहत। किसानों के चेहरों पर दिखी रौनक KhatalBana, SachKahoon News:  सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिसम्बर की शुरूआती दिनों में घना कोहरा छाने से किसान वर्ग के चेहरों पर खुशी की लकीरें साफ देखी जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे की वजह फसलों को काफी फायदा मिलेगा। यह कोहरा फसलों के लिए सोने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/fog-become-boon-for-crops/article-392"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-7.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>राहत। किसानों के चेहरों पर दिखी रौनक</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>KhatalBana, SachKahoon News:</strong>  सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिसम्बर की शुरूआती दिनों में घना कोहरा छाने से किसान वर्ग के चेहरों पर खुशी की लकीरें साफ देखी जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे की वजह फसलों को काफी फायदा मिलेगा। यह कोहरा फसलों के लिए सोने पे सुहागे का काम करेगा और फसलों के लिए काफी लाभदायक भी होगा। हालांकि सरसों की फसलें भी लहलाने लगी हैं और गेहूूं की फसलों पर यह कोहरा मानो अमृत सा काम करेगा। वहीं किसानों के अनुसार यह कोहरा फसलों पर पानी की बारी जितना कार्य करता है। जिससे फसलों की आवक में भी बढ़ोतरी होती है। किसान वर्ग कोहरे के चलते फसलों की अच्छी पैदावार की बाते भी करते नजर आ रहे हैं। फसलों के झाड़ में भी काफी बढ़ोतरी होगी। कोहरे से फसलों पर जमी मिट्टी साफ फसलों मेंं जान सी डाल देता है जिसके चलते फसलों की अच्छी पैदावार भी होती है। गांव खाटलबाना, कालियां, फतूही, केरी, ओड़की, कोठा सहित सर्वें के दौरान किसानों के चेहरों पर रौनक को साफ देखा गया।</p>
<p><em>यह कोहरा फसलों के लिए सोने पे सुहागे का काम करेगा और फसलों के लिए काफी लाभदायक भी होगा। हालांकि सरसों की फसलें भी लहलाने लगी हैं और गेहूूं की फसलों पर यह कोहरा मानो अमृत सा काम करेगा।</em></p>
<p><em>दिसम्बर की शुरूआती दिनों में घना कोहरा छाने से किसान वर्ग के चेहरों पर खुशी की लकीरें साफ देखी जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे की वजह फसलों को काफी फायदा मिलेगा।</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/fog-become-boon-for-crops/article-392</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/fog-become-boon-for-crops/article-392</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Dec 2016 01:06:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/03-7.jpg"                         length="47695"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        