<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/balance/tag-5353" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>balance - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/5353/rss</link>
                <description>balance RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर निकाली रोष रैली</title>
                                    <description><![CDATA[अबोहर (सुधीर अरोड़ा)। बैंक कर्मचारियों द्वारा की जा रही वेतन बढ़ोत्तरी की मांग व सरकार द्वारा मात्र 2 प्रतिशत वेतन बढ़ाने जैसे किए गए मजाक के खिलाफ बुधवार को सभी सरकारी व गैर सरकारी बैंकों ने हड़ताल कर रोष रैली निकाली, जिसमें सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rowdy-rally-over-demand-for-salary-hike/article-3866"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/rali.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सुधीर अरोड़ा)। </strong>बैंक कर्मचारियों द्वारा की जा रही वेतन बढ़ोत्तरी की मांग व सरकार द्वारा मात्र 2 प्रतिशत वेतन बढ़ाने जैसे किए गए मजाक के खिलाफ बुधवार को सभी सरकारी व गैर सरकारी बैंकों ने हड़ताल कर रोष रैली निकाली, जिसमें सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के बाहर प्रदर्शन करते हुए रोषित कर्मचारियों नवनीत कुमार, राजेश कालड़ा, थरेश कुमार व राकेश गुम्बर ने बताया कि यूनाईटिड फोर्म आॅफ बैंक यूनियन के आह्वान पर पिछले साल से बैंक कर्मचारियों द्वारा वेतन बढ़ोत्तरी की मांग की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सरकार द्वारा लगातार टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। जिसके चलते सभी सरकारी व अर्द्ध सरकारी बैंक कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी रोष पाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा नवंबर 2017 से उनके वेतन बढोतरी के फैसले को बिना वजह टाला जा रहा है। इतना ही नहीं 5 मई को इंडियन बैकिंग एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में सरकार ने केवल 2 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की पेशकश की है, जो कर्मचारियों के साथ सीधे तौर पर मजाक है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसे कर्मचारी किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि जब सरकार द्वारा लागू की जा रही जन-धन योजना, मुद्रा लोन, नोटबंदी, आधार लिंक, मनरेगा पेमेंटस, एलपीजी सब्सिडी, अटल पेंशन योजना आदि सरकारी स्कीमें बैंक के माध्यम से चलती हैं लेकिन बैंक द्वारा नए नियुक्त किए गए कर्मचारियों का वेतन 5 साल में सिर्फ 400 रुपए ही बढ़ाया जा रहा है। इस प्रदर्शन में स्टेट बैंक आफ इंडिया से नवनीत, राजेश कालड़ा व कुलदीप कुमार, पीएनबी से थरेश कुमार, राकेश गुम्बर, दीप चावला व अमरजीत सिंह, सेंट्रल बैंक से मदन लाल छाबड़ा, राहुल बत्तरा।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित मक्कड़, पंजाब एंड सिंध बैंक से सुमित सहगल, सुरेन्द्र कुमार, ओबीसी से प्रदीप बुलंदी, कैनरा बैंक से नितिन गुप्ता व केवल सिंह, बैंक आॅफ इंडिया से मयूर गुप्ता व सुनील, यको बैंक से राज गुप्ता तथा इलाहबाद बैंक से मुकेश मल्होत्रा के अलावा स्टेट बैंक आॅफ इंडिया आॅफीसर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश गोदारा, व वाईस प्रेसीडेंट सतपाल सहित सभी सरकारी व अर्द्ध सरकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल थे। रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नवनीत व राजेश कालड़ा ने बताया कि 31 मई को बाजार नं. 4 स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के समक्ष सुबह 10 बजे शांतिपूर्वक धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे आगे की रुपेरखा तैयार करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rowdy-rally-over-demand-for-salary-hike/article-3866</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rowdy-rally-over-demand-for-salary-hike/article-3866</guid>
                <pubDate>Thu, 31 May 2018 11:03:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-05/rali.jpg"                         length="207822"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जरूरी है मानसिक और शारीरिक संतुलन</title>
                                    <description><![CDATA[संतुलन दुनिया के तमाम तत्वों, व्यक्तियों, स्थलों और परिस्थितियों के लिए नितान्त जरूरी है तभी सभी अपने अस्तित्व और गुणवत्ता को बरकरार रख सकते हैं। इसी प्रकार इंसान के मन-मस्तिष्क और शरीर में संतुलन जरूरी है। पुरुषार्थ चतुष्टय के चार पायों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं और इनमें भी आनुपातिक संतुलन बने रहना जरूरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/mental-and-physical-balance-essential/article-3227"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/health1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संतुलन दुनिया के तमाम तत्वों, व्यक्तियों, स्थलों और परिस्थितियों के लिए नितान्त जरूरी है तभी सभी अपने अस्तित्व और गुणवत्ता को बरकरार रख सकते हैं। इसी प्रकार इंसान के मन-मस्तिष्क और शरीर में संतुलन जरूरी है। पुरुषार्थ चतुष्टय के चार पायों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं और इनमें भी आनुपातिक संतुलन बने रहना जरूरी है। सृष्टि के पंच तत्वों की बात हो या फिर किसी भी ग्रह-नक्षत्र, तारों और आकाशगंगाओं की, सभी अपनी-अपनी धुरी पर निरन्तर चलायमान रहें, अपने कर्म करते रहें, इसके लिए यह जरूरी है कि इनकी शक्तियों और प्रवाह में आवश्यक संतुलन हर क्षण बना रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">इंसान के लिए जितना बैठकर काम करना जरूरी है उतना चलना भी जरूरी है। जो लोग बैठे ही बैठे रहते हैं, अपनी कुर्सियों और व्हीलचेयर्स में धँसे ही रहते हैं उन लोगों को भी चलना-फिरना, हिलना-डुलना जरूरी है और जो लोग चलते-फिरते और शारीरिक परिश्रम के काम करते हैं उन लोगों के लिए विश्राम जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सृष्टि का हर तत्व जड़ और जीवन्त के चक्र से होकर गुजरता रहता है। जो आज स्थिर है वह कल चलायमान दिखेगा, जो आज चलायमान है वह कल जड़ भी हो सकता है। केवल इंसानों की ही बात करें तो हर व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह अपने दिल-दिमाग को भी चलाए और शरीर को भी। इनके संचालन की आनुपातिक निरन्तरता होने पर ही व्यक्ति स्वस्थ और मस्त रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक जगह बैठे-बैठे केवल दिमाग ही चलता रहे, दिल की लहरें उठती रहें और शरीर स्थिर पड़ा रहे, जरा भी हिलने-डुलने की आदत खत्म हो जाए, उस स्थिति में दिमागी काम तो हो सकते हैं लेकिन शरीर अपनी जीवन्तता को एक समय तक बनाए रखने की हरचन्द कोशिश करता है, लेकिन कालान्तर में एक स्थिति ऐसी आती है कि शरीर मन की भावनाओं और मस्तिष्क के आदेशों का अक्षरश: पालन करना छोड़ देता है और उन्मुक्त हो उठता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह वह अवस्था होती है जब हमें लगता है कि हमारा शरीर अपने आप को बोझ मानने लगा है और अब इसका कोई उपयोग अपनी संकल्प शक्ति से कर पाना मुश्किल है।<br />
उसी तरह शारीरिक श्रम करने वाले लोग चाहे दिन-रात कितना ही श्रम कर लें, लेकिन आत्मसंतुष्टि उन्हें तभी प्राप्त हो पाती है जब वे विश्राम या मानसिक आनंद पाने के मूड़ में होते हैं और मानसिक थकान उतारने के जतन में लगे हुए हों।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसिक और शारीरिक संतुलन हर अवस्था में जरूरी होता है। एक सामान्य इंसान के लिए मानसिक और शारीरिक श्रम का औसत अनुपात बना रहता है लेकिन आधिक्य की स्थिति में यह संतुलन गड़बड़ा जाता है। जो लोग जितना अधिक मानसिक परिश्रम करते हैं उन्हें रिलेक्स होने के लिए उतने ही अधिक अनुपात में शारीरिक आनंद और सुकून की आवश्यकता पड़ती है और यही कारण है कि प्रकृति के करीब जाकर इन्हें आनंद और सुकून की प्राप्ति होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह शैथिल्य, रिलेक्सेशन और आनंद प्राप्त न हो पाए तो ये लोग चिड़चिड़े, क्रोधी और अन्त में उन्मादी अवस्था को प्राप्त हो जाते हैं जो इनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व के लिए हमेशा आत्मघाती सिद्ध होता है। इसलिए जीवन में हमेशा मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/mental-and-physical-balance-essential/article-3227</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/mental-and-physical-balance-essential/article-3227</guid>
                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 23:02:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/health1.jpg"                         length="15243"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        