<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/arresting/tag-5360" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Arresting - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/5360/rss</link>
                <description>Arresting RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एससी/एसटी अधिनियम के तहत गिरफ्तारी से पहले होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में आज व्यवस्था दी कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में बगैर उच्चाधिकारी की अनुमति के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी से पहले आरोपों की प्रारम्भिक जांच जरूरी है। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/pre-investigation-must-before-arresting-under-sc-st-act/article-3617"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/sc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (वार्ता) </strong>उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में आज व्यवस्था दी कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में बगैर उच्चाधिकारी की अनुमति के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी से पहले आरोपों की प्रारम्भिक जांच जरूरी है। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी से पहले जमानत भी मंजूर की जा सकती है। न्यायालय ने एससी/एसटी अधिनियम 1989 के संबंध में नये दिशानिर्देश जारी किये हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पीठ ने गिरफ्तारी से पहले मंजूर होने वाली जमानत में रुकावट को भी खत्म कर दिया है। ऐसे में अब दुर्भावना के तहत दर्ज कराये गये मामलों में अग्रिम जमानत भी मंजूर हो सकेगी। न्यायालय ने माना है कि एससी/एसटी अधिनियम का दुरुपयोग हो रहा है। पीठ ने नये दिशानिर्देश के तहत किसी भी सरकारी अधिकारी पर मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर का अधिकारी प्रारंभिक जांच करेगा। किसी सरकारी अधिकारी की गिरफ्तारी से पहले उसके उच्चाधिकारी से अनुमति जरूरी होगी। महाराष्ट्र की एक याचिका पर न्यायालय ने यह अहम फैसला सुनाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने केंद्र सरकार और न्याय मित्र अमरेंद्र शरण की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायालय ने इस दौरान कुछ सवाल भी उठाये थे कि क्या एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के लिए प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय किये जा सकते हैं ताकि बाहरी तरीकों का इस्तेमाल न हो? क्या किसी भी एकतरफा आरोप के कारण आधिकारिक क्षमता में अधिकारियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है और यदि इस तरह के आरोपों को झूठा माना जाये तो ऐसे दुरुपयोगों के खिलाफ क्या सुरक्षा उपलब्ध है? क्या अग्रिम जमानत मंजूर न होने की वर्तमान प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उचित प्रक्रिया है?</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/pre-investigation-must-before-arresting-under-sc-st-act/article-3617</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/pre-investigation-must-before-arresting-under-sc-st-act/article-3617</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Mar 2018 05:19:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-03/sc.jpg"                         length="72307"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंसाफ की मांग, पांच संगठनों ने घेरा थाना</title>
                                    <description><![CDATA[एक माह पहले जिम्मीदार के खेत में हुई मजदूर की मौत का मामला परिजनों ने की आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग भवानीगढ़(विजय सिंगला)। एक माह पहले जिम्मीदार के खेत में एक मजदूर की हुई मौत के मामले में शुक्रवार को मृतक के परिवार को इन्साफ दिलाने के लिए पांच संगठनों द्वारा भवानीगढ़ थाने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/demand-for-arresting-accused/article-3232"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/demand.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">एक माह पहले जिम्मीदार के खेत में हुई मजदूर की मौत का मामला</h1>
<h1 style="text-align:justify;">परिजनों ने की आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>भवानीगढ़(विजय सिंगला)।</strong> एक माह पहले जिम्मीदार के खेत में एक मजदूर की हुई मौत के मामले में शुक्रवार को मृतक के परिवार को इन्साफ दिलाने के लिए पांच संगठनों द्वारा भवानीगढ़ थाने का घेराव किया गया। इस दौरान जमीन प्राप्ति संघर्ष समिति, क्रांतिकारी ग्रामीण मजदूर यूनियन, नौजवान भारत सभा, पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन पंजाब व एफसीआई और पंजाब फूड एजेंसीज पल्लेदार आजाद यूनियन के नेताओं ने संबोधित करते पुलिस से मृतक मजदूर हरदीप सिंह की मौत के लिए जिम्मेवार आरोपियों को जल्द गिरफ़्तार करने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त संगठनों के नेताओं ने संबोधित करते बताया कि हरदीप सिंह पुत्र प्रगट सिंह निवासी बालद खुर्द अपने गांव के ही जिम्मीदार के साथ नौकरी करता था। 20 जुलाई को उनके खेतों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करते दवा चढ़ने साथ उसकी मौत हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">नेताओं ने आरोप लगाते कहा कि हरदीप सिंह की मौत उक्त जिम्मीदारों की लापरवाही से हुई है व बाद में पुलिस के साथ मिलकर कार्यवाही करवाकर मामला को रफा दफा कर दिया। धरने में शामिल मृतक हरदीप सिंह की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि एसएसपी संगरूर से मुलाकात कर भी उनके परिवार को इन्साफ नहीं मिला, जिस कारण विभिन्न संगठनों व इन्साफ पसंद लोगों को थाने का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके कर्म दयोल, रामपाल, बलवीर सिंह, सुखविन्दर सिंह लाली, मेजर सिंह बालद, जीवन सिंह, हाकम सिंह, राम सिंह दिड़बा, सुखपाल सिंह, संजीव मिंटू, कुलविन्दर बंटी, जगतार सिंह, नारंग सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।</p>
<h1 style="text-align:justify;">रिपोर्ट आने पर की जाएगी आगामी कार्यवाही : थाना प्रमुख</h1>
<p style="text-align:justify;">थाना प्रमुख ने बताया कि मजदूर की मौत का यह मामला लगभग एक माह पुराना है, पुलिस ने अपनी करवाई की थी, धरनाकारियों को मृतक की रिपोर्ट आने तक इंतजार करने के लिए कहा गया है। अब रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस आगामी कार्यवाही करेगी। बाद में थाना प्रमुख इंस्पेक्टर हरिन्दर सिंह के दिए भरोसे उपरांत धरनाकारियों ने धरना समाप्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/demand-for-arresting-accused/article-3232</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/demand-for-arresting-accused/article-3232</guid>
                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 23:46:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/demand.jpg"                         length="172590"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        