<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/solar-energy/tag-5480" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>solar energy - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/5480/rss</link>
                <description>solar energy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नहीं लगेंगे कट, सौर उर्जा से रोशन होंगे सरकारी कार्यालय</title>
                                    <description><![CDATA[सचिवालय की छत पर लगाया जा रहा है 200 किलोवाट का सोलर पावन प्लांट सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा। लघु सचिवालय जल्द ही सौर ऊर्जा(Solar Energy) से जगमग होगा। इससे यहां के सभी सरकारी कार्यालयों को बिजली के भारी भरकम बिल से निजात मिलेगी। वहीं बिजली कट का भी सामना नहीं करना पड़ेगा। सचिवालय की छत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/there-will-be-no-cut-government-offices-will-be-illuminated-by-solar-energy/article-30574"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/solar-energy.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सचिवालय की छत पर लगाया जा रहा है 200 किलोवाट का सोलर पावन प्लांट</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा।</strong> लघु सचिवालय जल्द ही सौर ऊर्जा(Solar Energy) से जगमग होगा। इससे यहां के सभी सरकारी कार्यालयों को बिजली के भारी भरकम बिल से निजात मिलेगी। वहीं बिजली कट का भी सामना नहीं करना पड़ेगा। सचिवालय की छत पर 200 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की देखरेख में निजी कंपनी लगाएगी। प्लांट को लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके है।</p>
<p style="text-align:justify;">नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा अधिकृत कंपनी के साथ यह पावर परचेज एग्रीमेंट दस वर्ष के लिए किया गया है। इस सोलर पावर प्लांट को लगाने तथा रख-रखाव संबंधी सारा खर्चा कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा। इस सोलर पावर प्लांट से बनी बिजली लघु सचिवालय में उपयोग होगी। इसके लिए चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से कंपनी को भुगतान किया जाएगा। लघु सचिवालय में एक आकलन के अनुसार यह सोलर पावर प्लांट एक वर्ष में सवा लाख से डेढ़ लाख यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। इसके लगने से लघु सचिवालय को प्रति वर्ष छह से सात लाख रुपये की बचत होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">उपकरण व प्लेट पहुंची</h4>
<p style="text-align:justify;">लघु सचिवालय में सोलर(Solar Energy) सिस्टम लगाने का कार्य जल्द ही कंपनी द्वारा शुरू किया जाएगा। जिसके लिए सचिवालय की छत पर सोलर पैनल के उपकरण व प्लेट पहुंच चुकी है। अब कंपनी के कर्मचारी सिस्टम लगाने का कार्य शुरू करेंगे। कंपनी द्वारा दो महीने में उपकरण व प्लेट लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सिस्टम लगने के बाद बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सचिवालय में है इन विभागों के कार्यालय</h4>
<p style="text-align:justify;">लघु सचिवालय में उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय बना हुआ है। इसी के साथ यहां एसडीएम कार्यालय, डीडीपीओ कार्यालय, तहसील कार्यालय,शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा अभियान, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, राजस्व विभाग, सहकारी समिति विभाग, रोजगार विभाग, खजाना विभाग, नगर परिषद आयुक्त कार्यालय, सीटीएम कार्यालय व अन्य विभाग है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दूसरे भवनों की छत पर लगाने की योजना</h4>
<p style="text-align:justify;">लघु सचिवालय के साथ अन्य विभाग के कार्यालय भी बने हुए हैं। इनमें भी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा सोलर सिस्टम लगाने की योजना बनाई जा रही है। जिससे बिजली की बचत हो सके। वहीं गर्मी के मौसम में बिजली कट लगाने पर किसी प्रकार की कोई परेशानी न झेलनी पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">‘‘लघु सचिवालय की छत पर सोलर सिस्टम लगाने का कार्य किया जाएगा। सचिवालय की छत पर 200 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए निजी कंपनी के साथ एग्रीमेंट हुआ है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>राहुल हुड्डा, अतिरिक्त उपायुक्त, सरसा।</strong></p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/there-will-be-no-cut-government-offices-will-be-illuminated-by-solar-energy/article-30574</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/there-will-be-no-cut-government-offices-will-be-illuminated-by-solar-energy/article-30574</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Feb 2022 20:10:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-02/solar-energy.jpg"                         length="27309"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सौर ऊर्जा से बिजली लागत घटायें उद्योग: गडकरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में क्षेत्र में बिजली लागत घटाने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गडकरी ने सौर महागठबंधन के प्रतिनिधियों को वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा में व्यापक संभावनाएं हैं जिनका […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/reduce-electricity-costs-with-solar-energy-gadkari/article-15601"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/nitingadkari1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में क्षेत्र में बिजली लागत घटाने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गडकरी ने सौर महागठबंधन के प्रतिनिधियों को वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा में व्यापक संभावनाएं हैं जिनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। सौर ऊर्जा से बिजली लागत घटाई जा सकती है जिसका उद्योगों को बहुत फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कृषि और भंडारण क्षेत्र में बिजली की बहुत खपत होती है और सौर ऊर्जा से इन क्षेत्रों की उत्पादन लागत घटाई जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आयात पर निर्भरता खत्म समाप्त करनी चाहिए और घरेलू स्तर पर उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहन देना चाहिए। इसके लिए उद्योगों को गुणवत्ता गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत घटाने पर भी जोर देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/reduce-electricity-costs-with-solar-energy-gadkari/article-15601</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/reduce-electricity-costs-with-solar-energy-gadkari/article-15601</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2020 09:59:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-05/nitingadkari1.jpg"                         length="44777"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सौर ऊर्जा से मिला हजारों के बिजली बिल का छुटकारा</title>
                                    <description><![CDATA[बचत। मात्र एक लाख रूपए में अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा प्लांट लगवा सकते हैं उपभोक्ता | Solar Energy लघु सचिवालय में लगे संयंत्र से एक लाख रूपए की बचत भिवानी में विभाग के पास 350 ने किया आवेदन सच कहूँ/इंद्रवेश/भिवानी। ग्रिड सिस्टम पर आधारित सौर ऊर्जा संयत्र (Solar Energy) लगवाने वाले अनेक परिवारों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/solar-energy/article-4714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/solaer.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बचत। मात्र एक लाख रूपए में अपने घर की छत पर सौर<br />
ऊर्जा प्लांट लगवा सकते हैं उपभोक्ता | Solar Energy</h1>
<ul>
<li><strong>लघु सचिवालय में लगे संयंत्र से एक लाख रूपए की बचत</strong></li>
<li><strong>भिवानी में विभाग के पास 350 ने किया आवेदन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/इंद्रवेश/भिवानी।</strong> ग्रिड सिस्टम पर आधारित सौर ऊर्जा संयत्र <strong>(Solar Energy)</strong> लगवाने वाले अनेक परिवारों के घर न केवल रोशन हुए हैं बल्कि हर माह हजारों रुपए की बचत से उनके घरों में खुशहाली का नया दौर भी शुरू हुआ है। सौर ऊर्जा संयत्र की स्थापना से नागरिकों को बिजली निगम द्वारा भेजे जाने वाले बिलों से भी निजात मिली है। अधिक बिजली उत्पादन होने व कम लागत से कई लोगों की बिजली अब बिजली निगम की तरफ सरप्लस है।</p>
<p style="text-align:justify;">नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग को मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 में एक मेगावाट यानि एक हजार किलोवाट का टारगेट मिला है, जबकि विभाग के पास अब तक 350 किलोवाट तक के आवेदन प्राप्त हुए हैं। नागरिकों के पास सौर ऊर्जा स्थापित करवाने का यह सुनहरा अवसर है। इसके अलावा निजी स्कूल भी अपने शिक्षण संस्थाओं पर ये संयत्र स्थापित करवा सकते हैं, इन पर 30 प्रतिशत की छूट है।</p>
<p style="text-align:justify;">लघु सचिवालय परिसर की छत पर नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा विभाग द्वारा 100 किलोवॉट के सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित किया गया है, जिसका 7 जून कोउपायुक्त अंशज सिंह ने शुभारंभ किया था। यह सयंत्र अब तक करीब एक लाख रुपए की बचत कर चुका है। फिलहाल सोलर पॉवर प्लांट पर एक से दस कि.वॉट पर 55 हजार रूपए प्रति कि.वॉट, 10 से 50 कि.वॉट के पॉवर प्लांट पर 47 हजार रूपए प्रति कि.वॉट और 50 से 100 कि.वॉट के सोलर पॉवर प्लांट पर 46 हजार रूपए प्रति कि.वॉट लागत आती है। इन पॉवर प्लांट 25 वर्ष तक चलते हैं। एक कि.वॉट के प्लांट के लिए दस वर्ग मीटर क्षेत्र की जरूर होती है और चार से पांच वर्ष में इसकी लागत पूरी हो जाती है।</p>
<h2 style="text-align:center;">30 फीसद तक मिलती है छूट | Solar Energy</h2>
<p style="text-align:justify;">विभाग के परियोजना अधिकारी अनन्त प्रकाश ने बताया कि आम आदमी यदि मकान या व्यापारिक प्रतिष्ठान पर इस प्रोजेक्ट को लगाता है तो उसको 30 प्रतिशत छूट मिलती है। इसी प्रकार सरकारी भवनों व 500 गज के मकानों पर सोलर पावर प्लांट को स्थापित करवाना जरूरी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट से लघु सचिवालय में प्रति दिन करीब 500 से 600 यूनिट की बचत होगी। मौटे तौर पर एक लाख 20 हजार रुपए महीना यानि साल में करीब 14 लाख 40 हजार रुपए की बिल की बचत होगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">ज्यादा बिजली पर वापस लौटा सकते हैं | Solar Energy</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि ये सयंत्र पावर ग्रिड टाईप हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इनमें नेट मीटरिंग सिस्टम होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन होने पर बिजली पावर ग्रिड को जाती है,</li>
<li style="text-align:justify;">जो जरूरत होने पर वापस ली जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">नेट मीटर द्वारा दर्शाए गए बीच के अंतर के हिसाब से बिजली का बिल आता है।</li>
</ul>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/solar-energy/article-4714</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/solar-energy/article-4714</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Jul 2018 03:52:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/solaer.jpg"                         length="150468"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब साथ देगी सौर ऊर्जा</title>
                                    <description><![CDATA[आज मानव को कदम-कदम पर ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। खाना पकाने से लेकर हर वैज्ञानिक सुख-सुविधा के उपयोग में ऊर्जा प्रथम जरूरत है मगर दुनिया में ऊर्जा के स्रोत सीमित हैं और जरूरतें असीमित। इसी समस्या के निदान हेतु सौर ऊर्जा के उपयोग पर वैज्ञानिक दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। सौर ऊर्जा का महत्वपूर्ण […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hindi-article-on-solar-energy/article-3334"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/solar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज मानव को कदम-कदम पर ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। खाना पकाने से लेकर हर वैज्ञानिक सुख-सुविधा के उपयोग में ऊर्जा प्रथम जरूरत है मगर दुनिया में ऊर्जा के स्रोत सीमित हैं और जरूरतें असीमित। इसी समस्या के निदान हेतु सौर ऊर्जा के उपयोग पर वैज्ञानिक दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। सौर ऊर्जा का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे प्रदूषण बिल्कुल नहीं फैलता। आज कई कार्यों में सौर ऊर्जा का उपयोग हो रहा है। जापान ने एक ऐसे घर का निर्माण किया है, जो अपनी बिजली संबंधी सारी आवश्यकताओं की पूर्ति सौर ऊर्जा से कर सकेगा। इस घर के एक कमरे की छत सोन्यो इलेक्ट्रिक कंपनी द्वारा निर्मित 75 सौर दर्पण टाइलों से तैयार की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सौर दर्पण टाइलों को सोलर बैटरी से जोड़कर 1.1 किलो वॉट की बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे पहले सोलर पैनल इतने बड़े आकार के थे कि सौर ऊर्जा प्राप्त करने में काफी समय लगता था और कठिनाइयां भी अनुभव की जाती थीं। भारत में हरियाणा स्थित गुड़गांव में देश का प्रथम सौर ताप बिजली घर बनाया गया, जिसकी क्षमता 50 किलोवॉट है। यह बिजलीघर पूर्णत: स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। यह अन्य बिजलीघरों की तुलना में न केवल किफायती है, बल्कि इससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है। इस सफलता को देखते हुए सरकार अन्य स्थानों पर भी ऐसे ही बिजली घर बनाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूर्य की गर्मी से बचने के लिये जापानी वैज्ञानिकों ने सौर ऊर्जा से ही चलने वाला एक ऐसा एयरकंडीशनर तैयार कर लिया, जो आकाश में बादल छाये रहने पर भी काम करता रहेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार जिस वक्त सूर्य का ताप अपने चरमोत्कर्ष पर होता है, उस समय यह एयरकंडीशनर सौर ऊर्जा को ग्रहण कर संग्रहित कर लेता है। बाद में रात के समय यह इसी ऊर्जा के बल पर काम करता रहता है। सौर ऊर्जा चलित उपकरणों के निर्माण के मामले में ‘जापान’ अग्रणी है। यहीं के वैज्ञानिकों ने सौर ऊर्जा से चलने वाली कार निर्मित की है। ‘साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी पत्रिका के अनुसार यह कार सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकेगी और इसका वजन 150 किलोग्राम होगा। सोलर कॉरपोरेशन ने अपनी इस कार के इंजन में ऐसे उपकरण लगाए हैं, जो सौर ऊर्जा को विद्युतधारा में परिवर्तित कर 1.4 किलोवॉट बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। कार के इंजन में इस केंद्र का नाम फोटोवाल्टिक केंद्र रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">20 नवंबर, 1980 को सोलर चैलेंजर वायुयान को पूर्णत: सौर शक्ति से उड़ाया गया। इसका निर्माण डॉ. पॉल के नेतृत्व वाली टीम ने किया था। 7 जुलाई, 1981 को सोलर चैलेंजर, ऐसा पहला सौर शक्ति चलित वायुयान था, जिसने निर्विघ्न इंग्लिश चैनल पार किया हो। इसने पोटोइकोरमीलल, पेरिस, फ्रांस से टेकआॅफ किया और 11 हजार 2 फीट की अधिकतम ऊंचाई पर मेन्सटन, कैट तक की 163 मील की यात्रा को 5 घंटे 23 मिनट में पूरा कर लिया। वायुयान का विंग स्पैन 47 फीट है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे देश में भी सौर ऊर्जा चलित उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहन देने के लिये सरकार उन उपकरणों के लागत मूल्य पर लगभग 50 प्रतिशत शासकीय अनुदान देती है। ‘सौर चूल्हे’, सौरचलित वाटर पम्प, पानी गर्म करने के उपकरण आदि अब शहरों के साथ ही सुदूर गांवों तक लोकप्रिय होते जा रहे हैं। वैज्ञानिक आकार में छोटे तथा बिना झंझट के कार्य कर सकने वाले सौर ऊर्जा चलित उपकरणों के निर्माण में जी-जान से जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि ऊर्जा की कीमतें चढ़ रही हैं तो सूर्य भी तो रोज चढ़ रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hindi-article-on-solar-energy/article-3334</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hindi-article-on-solar-energy/article-3334</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Sep 2017 04:00:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-09/solar.jpg"                         length="24716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        