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                <title>Ram - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भगवान राम की नगरी ने सभी को एक कर दिया: उमा</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की फायर ब्रांड नेता एवं अयोध्या में राममंदिर निर्माण आंदोलन की अगुआ नेताओं में एक उमा भारती ने बुधवार को कहा कि भगवान राम की नगरी ने सभी को एक कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर के भूमिपूजन में भाग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/city-of-lord-ram-unites-everyone-uma/article-17345"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/fire-brand-leader-uma-bhart.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की फायर ब्रांड नेता एवं अयोध्या में राममंदिर निर्माण आंदोलन की अगुआ नेताओं में एक उमा भारती ने बुधवार को कहा कि भगवान राम की नगरी ने सभी को एक कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर के भूमिपूजन में भाग लेने पहुंची मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा,”अयोध्या ने सभी को एक कर दिया है, अब भारत पूरे विश्व में अपना माथा ऊंचा कर कहेगा कि यहां किसी तरह का भेदभाव नहीं होता है।” भारती ने अयोध्या आने पर ट्वीट कर कहा,”मैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से बँधी हूँ । मुझे राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारी ने शिलान्यास स्थल पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है इसलिए मैं इस कार्यक्रम में उपस्थित रहूँगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ढहाये जाने के मुख्य आरोपियों में एक भारती ने हाल ही में इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था। इस मामले में अन्य मुख्य आरोपियों भाजपा के वरिष्ठतम नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी ब्यूरो के समक्ष अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार 31 अगस्त तक इस मुकदमे का निपटारा किया जाना है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2020 10:41:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र होगा राम मंदिर ट्रस्ट का नाम होगा</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में पीएम मोदी ने किया ऐलान | बोले-सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप तैयार की योजना नई दिल्ली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि रामजन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा मेरे दिल के बहुत करीब है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ram-temple-trust-will-be-the-name-of-sri-ram-janmabhoomi-teerath/article-12922"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/ram-mandir-trust-announce.jpg" alt=""></a><br /><h2>लोकसभा में पीएम मोदी ने किया ऐलान |</h2>
<h3>बोले-सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप तैयार की योजना</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि रामजन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा मेरे दिल के बहुत करीब है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वृहद योजना तैयार की जा रही है। वे लोकसभा में बजट सत्र 2020 के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने राम मंदिर से जुडे न्यास (Ram temple trust) का भी ऐलान कर दिया। मोदी ने कहा कि ट्रस्ट का नाम- श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। और यह इससे जुड़े सभी फैसले लेने में स्वतंत्र होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने पर सहमत’</h3>
<p style="text-align:justify;">पीएम ने जानकारी दी कि अयोध्या में अधिग्रहित 67 एकड़ जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को दी गई है। पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश, अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शानुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला राम मंदिर के पक्ष में दिया था। इसने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने को भी कहा था। आज सुबह, एक बैठक में, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप बड़े फैसले लिए गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कोर्ट ने ये दिया था फैसला</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले देते हुए एक सदी से अधिक पुराना मामला सुलझाया था। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>साथ में पवित्र नगरी में मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>विवादित 2.77 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जो इसे सरकार द्वारा बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपेंगे। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>केन्द्र को मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाने के दिए थे निर्देश।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Feb 2020 11:49:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में 2022 तक बनेगा राम मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[2020 में रामनवमी के दिन होगा शिलान्यास थाणे (एजेंसी)। राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर (Ram Temple) 2022 तक बन जाएगा। वे यहां राष्ट्रपुरुष श्रीराम के मुद्दे नव चेतना व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। इसका आयोजन अंग श्रीराम व्यायामशाला सेवा संस्था द्वारा किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ram-temple-to-be-built-in-ayodhya-by-2022/article-12046"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/ram-temple.jpg" alt=""></a><br /><h2>2020 में रामनवमी के दिन होगा शिलान्यास</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>थाणे (एजेंसी)।</strong> राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर (Ram Temple) 2022 तक बन जाएगा। वे यहां राष्ट्रपुरुष श्रीराम के मुद्दे नव चेतना व्याख्यानमाला में बोल रहे थे। इसका आयोजन अंग श्रीराम व्यायामशाला सेवा संस्था द्वारा किया गया था। स्वामी ने कहा कि अगले साल दो अप्रैल को राम नवमी के दिन राम मंदिर का शिलान्यास होगा।</p>
<h3>हमारे देश में 40,000 मंदिरों को तोड़ दिया  | Ram Temple</h3>
<p style="text-align:justify;">स्वामी ने कहा कि हमारे देश में तीन मंदिरों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है। यह हमारे आस्था का सवाल है। हम उन्हें सर्वश्रेष्ठ भगवान मानते हैं। ये मंदिर है अयोध्या में श्रीराम मंदिर, द्वारका में श्रीकृष्ण मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर। क्रूर शासकों ने हमारे देश में 40,000 मंदिरों को तोड़ दिया गया था। अब उन सभी मंदिरों का पुनर्निर्माण नहीं किया जा सकता है। लेकिन हम चाहते हैं कि इन तीनों मंदिरों को संरक्षित किया जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के हक में सुनाया था फैसला | Ram Temple</h3>
<p style="text-align:justify;">चीफ जस्टिस रंजन गगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के पांच जजों ने एकमत से फैसला दिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा है कि अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर बनेगा। इसके लिए तीन महीने के अंदर एक ट्रस्ट बनाया जाए, जो मंदिर बनाने के तौर-तरीके तय करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए दूसरी जमीन दी जाएगी। उसने कहा कि मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन दी जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्वामी बोले-</h3>
<ul>
<li><strong>क्रूर शासकों ने तोड़े हिन्दू धर्म के 40000 मंदिर</strong></li>
<li><strong>इन सभी मंदिरों को बना पाना मुमकिन नहीं </strong></li>
<li><strong>हमारे देश में तीन मंदिरों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है।</strong></li>
<li><strong>श्रीराम मंदिर, द्वारका में श्रीकृष्ण मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर को रखेंगे संरक्षित</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/ram-temple-to-be-built-in-ayodhya-by-2022/article-12046</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2019 05:06:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या  विवाद: SC से आज मिलेगी सुनवाई की तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ)। लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद (Ayodhya Ram Janmbhoomi controversy) पर सुनवाई की उम्मीद जगी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मामला लगा है जिसमें मुख्य अपीलों पर सुनवाई की तिथि तय हो सकती है। क्योंकि पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने मामले को जनवरी के पहले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)।</strong> लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद <strong>(Ayodhya Ram Janmbhoomi controversy)</strong> पर सुनवाई की उम्मीद जगी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मामला लगा है जिसमें मुख्य अपीलों पर सुनवाई की तिथि तय हो सकती है। क्योंकि पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने मामले को जनवरी के पहले सप्ताह में तारीख तय करने के लिए लगाने का आदेश दिया था। इसके अलावा एक नयी जनहित याचिका भी सुनवाई के लिए लगी है जिसमें अयोध्या मामले की अपीलों पर तय समय में सुनवाई किये जाने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि कोर्ट दिशानिर्देश तय करे कि अगर किसी मामले की सुनवाई स्थगित होती है या याचिका खारिज होती है तो कारण दर्ज किये जाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रामलला सहित 13 पक्षकारों ने बराबर हिस्सों में भूमि बांटने के हाईकोर्ट के आदेश को दी है चुनौती</h2>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में फैसला सुनाते हुए जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था। इस फैसले को रामलला सहित सभी पक्षकारों ने 13 अपीलों के जरिये सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिलहाल मामले में यथास्थिति कायम है।शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें लगी हैं क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मामला कोर्ट में लंबित रहने तक अयोध्या मसले पर अध्यादेश नहीं लाया जाएगा। दूसरी ओर संघ परिवार और साधू समाज सुनवाई में हो रही देरी के आधार पर अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए अध्यादेश लाने की मांग पर अड़ा है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक और नयी रिट याचिका विनीत कुमार मौर्या की लगी है।</li>
<li style="text-align:justify;">ये सारी याचिकाएं सातवें नंबर पर सुनवाई के लिए लगीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">बीसवें नंबर पर हरिनाथ राम की एक नयी जनहित याचिका लगी है जिसमें अयोध्या मसले से संबंधित सभी अपीलों पर तय समय में सुनवाई की मांग की गई है।</li>
<li style="text-align:justify;">साथ ही केस के स्थगन और खारिज होने पर कारण दर्ज करने के बारे में दिशानिर्देश तय करने का भी आग्रह किया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">पिछली सुनवाई 29 अक्टूबर को कोर्ट ने तिथि तय करने के लिए मामला उचित पीठ के सामने लगाने का आदेश दिया था</li>
<li style="text-align:justify;">जिसके बाद शुक्रवार को मामला सुनवाई पर लगा है।</li>
<li>
<h2>राम जन्मभूमि विवाद से जुड़ी कुल 15 याचिकाएं लगी हैं।</h2>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ के समक्ष राम जन्मभूमि विवाद से जुड़ी कुल 15 याचिकाएं लगी हैं। जिसमें से 13 हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पक्षकारों की वे अपीलें है जिन्हें कोर्ट विचारार्थ स्वीकार कर चुका है और अब उनकी मेरिट पर सुनवाई होनी है। एक याचिका शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड की है। जिसने अयोध्या में मंदिर बनवाने के लिए हिन्दुओं का समर्थन किया है हालांकि वह याचिका अभी सिर्फ प्रारंभिक सुनवाई के स्तर पर ही है।</p>
</li>
</ul>
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                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/ayodhya-ram-janmabhoomi-controversy/article-7209</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Jan 2019 10:40:56 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकवाद मिटाने को ‘राम’ बनायें</title>
                                    <description><![CDATA[विजय दशमी (दशहरा) विशेष भारत भूमि को आतंक की पीड़ा सदैव ही सहनी पड़ी है। चाहे वह सतयुग हो, त्रेता युग हो या द्वापर युग हो। इन आतंकियों को तब असुर, राक्षस, दानव, दैत्य, निशाचर जैसे नामों से पहचाना गया था। हिरण्यकश्यप, रावण, कंस ये सभी व ऐसे ही राक्षसवृत्ति के चरित्रों का हमारे यहां […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/eliminate-terrorism-make-ram/article-3358"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/rawan-ji.jpg" alt=""></a><br /><h2>विजय दशमी (दशहरा) विशेष</h2>
<p style="text-align:justify;">भारत भूमि को आतंक की पीड़ा सदैव ही सहनी पड़ी है। चाहे वह सतयुग हो, त्रेता युग हो या द्वापर युग हो। इन आतंकियों को तब असुर, राक्षस, दानव, दैत्य, निशाचर जैसे नामों से पहचाना गया था। हिरण्यकश्यप, रावण, कंस ये सभी व ऐसे ही राक्षसवृत्ति के चरित्रों का हमारे यहां ग्रन्थों में उल्लेख मिलता है। भारत धरा पर बाहरी हमले हुये, कभी सिकन्दर तो कभी गौरी, गजनी, फिर मुगल बाद में अंग्रेज भी। जब भी ये आक्रांता इस भू पर आये, तब इनके द्वारा लूटपाट, मारकाट, ध्वंस व जबरन धर्म परिवर्तन के कारनामों को अंजाम दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह देश की धरती पुन: आतंकी चपेट में आ रही है। इन्हें नक्सली कहो, आतंकवादी कहो, जेहादी कहो, अलगाववादी कहो, उग्रवादी कहो…। ये सभी दहशत को फैलाने वाले मानवता के दुश्मन हैं जहां भाईचारे, दया, धर्म, अहिंसा, धैर्य, क्षमा का कोई काम नहीं है। अत: संसार से वर्तमान आतंक का साया हटाना है तो हमें फिर से एक ‘राम’ बनाना होगा। ‘राम’ ही क्यों बनायें, इस पर संक्षिप्त चर्चा करना चाहूंगा। रावण शब्द से ही एक क्रूर, आतंकवादी, आततायी सताने वाले आदमी का चेहरा सामने आ जाता है। रावण पंडित था साथ में परम प्रतापी, दुस्साहसी वीर, अद्भुत साहसी, वैज्ञानिक, औषधियों का ज्ञाता, वेदों का जानकार, महत्वाकांक्षी, कूटनीतिज्ञ था पर अत्याचार के कई रूप उसमें समाहित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">वह तकनीकी ज्ञान का विशेषज्ञ था। सर्वगुण सम्पन्न होने पर भी वह अपनी लिप्सा के अधीन था। वह नहीं चाहता था कि विश्व में ब्रह्मांड में कोई उसकी बराबरी कर सके, उससे टक्कर ले सके। अपने बलबूते से कई सिद्धियां, तपस्या से कई वरदान (शक्तियां) प्राप्त कर वह एक तरह से अजेय बन चुका था। जिसके पास भी कुछ अच्छा होता था वह सब छीन लेता था। जब उसे आभास होता था कि कोई उससे शक्ति में और विज्ञान में आगे जाने वाला है तभी वह उसके विनाश का उपक्रम कर नष्ट कर देता था या अपने अधीन कर लेता था। इसी तरह आज के आतंकी आकाओं की महत्वाकांक्षायें भी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रावण भारत खंड से बहुत ही आतंकित रहता था। यहां तपस्वी, वीर, वैज्ञानिक, वैद्य सभी तरह की शक्तियों के ज्ञाता रहते थे पर ये योद्धा लड़ाका नहीं थे। कई ऋषियों के पास अस्त्र-शस्त्रों की शक्तियां थीं। उनके प्रयोग मानव हित के लिये होते थे। मुनियों ने शब्द शक्ति को प्राणवान, ऊर्जावान बनाया। मंत्र बल की सिद्धियों से सक्षम बने परन्तु अकेला एक रावण अपने पास इतनी सिद्धियां, शस्त्र शक्ति समेटे हुये था कि ये सब उसके सामने तुच्छ थे। रावण ने अपना आतंक यज्ञ विध्वंसों के द्वारा व तपस्वियों को मारकर बनाया हुआ था। इस आतंकवादी कारनामों के कारण सभी दबे हुए थे। त्रस्त थे। सब चाहते थे कि कोई शक्ति, कोई ताकत, बल या युक्ति मिले, ताकि इस रावण से मुक्ति मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">समय के इस कालखंड को मनीषियों ने ‘त्रेता युग’ का नाम दिया है। इस समय अयोध्या में राजा दशरथ के यहां चार पुत्रों का जन्म हुआ। जैसे कि कहावत है ‘पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं।’ बचपन से ही श्री राम जी की प्रतिभा, कौशल का दर्शन दिखाई देने लगा था। विद्या पाने के लिए उस समय के सर्वगुणसंपन्न गुरु वशिष्ठ जी से शिक्षा पायी। जहां से तपकर निकले तथा राजनीति, समाजशास्त्र, रण कौशल के साथ युद्ध विद्या की बारीकियों को समझकर अयोध्या आये। तब तक उनके कौशल, व्यावहारिकता और शौर्य की गाथायें चहुंओर फैल चुकी थीं। ऋषि, मुनि, महात्माओं आदि की नजर श्री राम जी पर ठहर गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुनि विश्वामित्र के यज्ञों को रावण के आतंकी ताड़का, मारची, सुबाहु जैसे राक्षस ध्वंस कर रहे थे। ऐसे में धैर्यवान, शौर्यमान गुणवान योद्धा श्री राम जी ही संबल बन सकते थे। तब विश्वामित्र श्री राम जी व लक्ष्मण जी को अपने यज्ञ की रक्षार्थ लेकर आये और उन्होंने राक्षसों को मारकर, खदेड़कर यज्ञ की रक्षा की। यह श्री राम की पहली परीक्षा थी। इनके नाम का डंका चारों तरफ पिट गया। इसी समय राजा जनक ने मिथिला में सीता स्वयंवर रखा। यहां श्री राम ने शिव धनुष को तोड़कर दूसरी सफलता से ब्रह्मांड में तहलका मचा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब बारी आती है श्री राम के राजतिलक की। रावण की शक्ति के विनाश की चाह रखने वालों को लगा कि यदि श्री राम का राज तिलक हो गया तो राक्षसों (आतंकियों) का विनाश कैसे होगा? अयोध्या के महल की कमजोर कड़ी मंथरा के माध्यम से कैकेयी को साध्य बनाकर श्री राम का वन गमन करवाया गया। श्री राम जी को वन में ऋषि भारद्वाज से मार्गदर्शन मिला। अगस्त मुनि से अक्षय तरकस वाला दिव्य धनुष मिला व अन्य शक्तियां मिलीं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व में विश्वामित्र जी से बला-अतिबला नाम की सिद्धियों के साथ अन्य युद्ध में काम आने वाले शस्त्र भी श्री राम जी को मिले। इस तरह वन में जिनके पास जो भी विशेष था, वह सब श्री रामचन्द्रजी को मिलता गया, फिर सुग्रीव जैसा समर्पित विश्वासी मित्र का साथ मिला वानर सेना के साथ। युक्ति, भक्ति व शक्ति के पुंज पवनपुत्र हनुमान जैसा आराध्य सेवक मिला। विभीषण से रावण की कमजोरियों के साथ कई भेद मिले। समय-समय पर देवताओं द्वारा भी व्यक्त व अव्यक्त रूप से शक्तियां मिलीं। श्री राम साहसी वीर योद्धा थे। इन शक्तियों द्वारा ही रावण का विनाश करने में सफल हुये। इसी तरह आज के ‘आतंक’ रावण को मारने के लिए एक ‘राम’ बनाना होगा, जिसके पास इस आतंक को मिटाने हेतु सभी तरह की शक्तियां भौतिक, चारित्रिक, साहसिक के साथ आधुनिक विज्ञान की उपलब्धियों, जिनसे युद्ध लड़ा जा सके, होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व राष्टÑपति श्री कलाम वैज्ञानिक थे, उन्होंने शक्तिशाली मिसाइलें बनायी हैं, पर वे लड़ाका (योद्धा) नहीं थे। इनका प्रयोग एक शक्तिशाली निपुण, पारंगत, योद्धा ही कर सकता है। अत: राम बनायें। सभी तरह के सहयोग के साथ मित्रता के विश्वासी हाथ भी दें। इस आतंक के वर्तमान स्वरूप के खात्मे के लिए निर्विवाद होकर एकजुट हों। भ्रमित करने वाले उन स्वर्णमृगों का सफाया हो, जो आतंक के नाम पर मानवता को कलंकित कर रहे हैं। मानव सभ्यता मनुजता से अलंकृत हो, पुष्पित हो, पल्लवित हो। आओ सब मिल एक ‘राम’ बनायें।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>-बाबूलाल खण्डेलवाल </strong></em></p>
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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2017 03:59:39 +0530</pubDate>
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