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                <title>Moral - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद भाजपा नेता प्रफुल्लित, तेदेपा ने नैतिक विजय का दावा किया</title>
                                    <description><![CDATA[यह काफी हताशाजनक है कि प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं को हल्के में ले रहे हैं : नायडू नयी दिल्ली (वार्ता): तेलुगू देशम पार्टी(तेदेपा) की ओर से कल लाेेेकसभा में केन्द्र सरकार के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव के गिर जाने से जहां भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रफुल्लित मुद्रा में हैं वहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">यह काफी हताशाजनक है कि प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं को हल्के में ले रहे हैं : नायडू</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (वार्ता):</strong></p>
<p style="text-align:justify;">तेलुगू देशम पार्टी(तेदेपा) की ओर से कल लाेेेकसभा में केन्द्र सरकार के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव के गिर जाने से जहां भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रफुल्लित मुद्रा में हैं वहीं तेदेपा ने इसे अपनी “नैतिक विजय” बताया है। तेदेपा के लोकसभा में पार्टी नेता टी नरासिम्हम ने शुक्रवार देर रात कहा कि अंतत: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए एक नैतिक विजय के रूप में रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में इस प्रस्ताव पर मतदान होने के तुरंत बाद तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला करते हुए एक ट्वीट में कहा“ यह काफी हताशाजनक है कि प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं को हल्के में ले रहे हैं। हमारी मांगों को सिर्फ इसलिए खारिज कर दिया जाना कि हमारे पास बहुमत नहीं है ,उनकी राज्य के प्रति असंवेदनशीलता का दर्शाता है। जब केन्द्र सरकार से सहायता संबंधी सभी प्रयास विफल रहे तो हम केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने बार बार हमारी मांगों को खाारिज कर दिया अौर लाेगाें की भावनाओं की अनदेखी की है । इसके बावजूद हम अपने संघर्ष को जारी रखेंगे।”</p>
<h1 style="text-align:center;">हम उन सभी पार्टियों और सांसदों के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने हमें समर्थन दिया है: शाह</h1>
<p style="text-align:justify;">उधर इस प्रस्ताव के गिर जाने के बाद भाजपा के नेताओं और केन्द्रीय मंत्रियों में अलग ही उत्साह नजर अाया और उन्होंने अपने विचार ट्वीटर के जरिए व्यक्त किए। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने एक ट्वीट में कहा“ परिवार अाधारित राजनीति की नकारात्मकता की पराजय हुई है। हम उन सभी पार्टियों और सांसदों के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने हमें समर्थन दिया है।”केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि लोकसभा में शुक्रवार रात मतदान के जो नतीजे आए हैं वे 2019 में होने वाले आम चुनावों के पूर्ववर्ती परिणाम हैं। केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ट्वीट करते हुए कहा है“ सत्य हमारे पक्ष में रहा और यह एक संकेत है कि 2019 में होने वाले चुनाव झूठे द्रष्प्रचार पर नहीं बल्कि वास्तविक प्रगति पर आधारित होंगे।”</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jul 2018 07:24:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>देश में बढ़ता नैतिक पतन</title>
                                    <description><![CDATA[आज हमारा समाज जिस दौर से गुजर रहा है उसका चित्रण प्रत्येक दिन अखबारों एवं टीवी के समाचारों द्वारा दिखाया जा रहा है। लोग ईमानदारी और सदाचार का मार्ग छोड़कर छोटे-छोटे लालचों में फंसे दिखते हैं। लालच प्रमुखत: धन प्राप्ति का है परंतु साथ ही कामचोरी का भी दिखाई देता है। धन प्राप्ति के लिए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/growing-moral-decline-in-the-country/article-3380"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/media.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज हमारा समाज जिस दौर से गुजर रहा है उसका चित्रण प्रत्येक दिन अखबारों एवं टीवी के समाचारों द्वारा दिखाया जा रहा है। लोग ईमानदारी और सदाचार का मार्ग छोड़कर छोटे-छोटे लालचों में फंसे दिखते हैं। लालच प्रमुखत: धन प्राप्ति का है परंतु साथ ही कामचोरी का भी दिखाई देता है। धन प्राप्ति के लिए लालच, घूस, भ्रष्टाचार, लूट के मामले सामने आते हैं। छोटे व्यक्तियों की बात तो क्या ऊंचे पदों पर आसीन व्यक्ति भी नियम-कायदों की घोर उपेक्षा कर मन-माफिक धन संचय के लिए कुछ भी गलत करने में नहीं हिचकते। बड़ों में राजनेता और उच्च पदस्थ वे अधिकारी भी हैं, जिन्हें समाज को मार्गदर्शन देना चाहिए और आदर्श उदाहरण बनकर देश की प्रगति के लिए सहायक बनना चाहिए। चूंकि बड़ों का अनुसरण समाज प्राचीन काल से करता आया है इसलिए आज समाज का छोटा वर्ग भी इसी चारित्रिक गिरावट में दिखाई देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार हर जगह सामान्य हो चला है। जिसे जहां मौका मिलता है वहीं वह घोटाला कर बैठता है। घूंस स्वीकार कर नियमविरुद्ध कार्य करने को हर कोई तैयार है। अपने कर्त्तव्य और अपने उत्तरदायित्वों के प्रति लोगों की निष्ठा जैसे समाप्त हो चली है। आये दिन खबरें छपती हैं कि शिक्षक अपने छात्रों को शिक्षित करने में रुचि न लेकर कार्यस्थल से ड्यूटी की अवधि में अनुपस्थित रहते हैं। डाक्टर समय पर अस्पतालों में नहीं पहुंचते, मरीजों के दुख-तकलीफों को दूर करने में रुचि नहीं लेते। ध्यान केवल पैसों पर और अपनी कमाई पर रखते हंै। अधिकारी तक जो ऊंचे तनख्वाह पाते हैं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाह हैं। धन के अपव्यय या घोटाले के प्रसंग उजागर होने पर जांच कमीशन नि:युक्त कर दिये जाते हैं जो समय और धन के व्यय के बाद भी शायद वांछित परिणाम विभिन्न कारणों से नहीं दे पाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीह जन साधारण अपने अधिकारों से वंचित किये जा रहे हैं। बेरहमी देश में ताण्डव नृत्य कर रही है। इन सबका सबसे बड़ा कारण धार्मिक मान्यताओं की घोर उपेक्षा और शासन के कानूनों की अवहेलना है। धार्मिक मान्यतायें ही नैतिक चरित्र का निर्माण और परिपालन कराती है। जिनसे मनुष्य स्वानुशासित होता है। समाज में शांति सुरक्षा और व्यवस्था स्वत: ही बनी रहती है। किंतु आज प्राचीन तानाबाना विभिन्न कारणों से छिन्न-भिन्न हो गया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Oct 2017 04:32:54 +0530</pubDate>
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