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                <title>Yamunanagar - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>व्यासपुर के डेरा श्रद्धालु बहनों ने तीन जरूरतमंदों को बांटी राशन किट</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु बहनों ने तीन जरूरतमंद परिवारों को राशन किट भेंट कर उनकी मदद की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dera-devotee-sisters-presented-ration-kits-to-three-needy-people/article-86315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/vyaspur-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>व्यासपुर (सचकहूँ ब्यूरो)। </strong>Vyaspur News: पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु बहनों ने तीन जरूरतमंद परिवारों को राशन किट भेंट कर उनकी मदद की। सच्चे नम्र सेवादार गीता इन्सां ने बताया कि ब्लॉक व्यासपुर के गांव मोहड़ी निवासी डेरा श्रद्धालु दो सगी बहनों ने तीन जरूरतमंद परिवारों को राशन भेंट किया। उन्होने बताया कि ये परिवार दिव्यांग है वहीं आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जो परिवार का भरणपोषण करने में सक्षम नहीं है। इस मौके पर रिम्पी इन्सां, रजनीश इन्सां, बलजिन्द्र इन्सां, इसरो इन्सां, अंजू इन्सां व प्रेमी सेवक बहन शशी बाला इन्सां मौजूद रहे।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/vyaspur-news.jpg" alt="Vyaspur News" width="1280" height="720"></img>
Vyaspur News: जरूरतमंद परिवारों को राशन किट देतीं सेवादार। 
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                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 09:55:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जिला में खनन की गतिविधियों से सरकार को लगभग 9.69 करोड़ रुपये का राजस्व हुआ प्राप्त</title>
                                    <description><![CDATA[उपायुक्त प्रीति ने जिला सचिवालय के सभागार में जिले में हो रहे अवैध खनन की रोकथाम के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-government-received-revenue-of-about-rs-969-crore-from/article-86254"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/pratap-nagar1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: उपायुक्त प्रीति ने जिला सचिवालय के सभागार में जिले में हो रहे अवैध खनन की रोकथाम के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उपायुक्त ने सभी एसडीएम, खनन अधिकारी, डीडीपीओ,आरटीओ, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन की गतिविधियों पर नजर रखें और निरंतर चेकिंग कर अवैध खनन पर रोक लगाएं। समीक्षा बैठक में जिला खनन अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में खनन गतिविधियों में सरकार को 21 मई 2026 से अब तक 9 करोड़ 68 लाख 76 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त 62 वाहनों को सीज किया गया तथा 17 एफआईआर दर्ज की गई।</p><p style="text-align:justify;">बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला में अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और अवैध खनन में संलिप्त व्यक्ति एवं वाहन के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फर्जी ई-रवाना की पूरी जांच की जाए और अवैध खनन में संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर अवश्य दर्ज कर वाहन को जब्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में पकड़े गए व्यक्ति व वाहन के सभी दस्तावेज अच्छी तरह चैक कर लें ताकि सही दस्तावेज न होने पर उसके खिलाफ कार्यवाही करने में किसी प्रकार की परेशानी न हों। उन्होंने पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूर्ण रूप से अवैध खनन पर पाबंदी लगाए और पकड़े गए वाहनों के चालान कर सख्त कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी को भी निर्देश दिए कि वे अवैध रूप से पंचायती भूमि पर खनन करने वालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज करवा कर कार्यवाही करें।</p><p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण अवश्य करते रहें। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि तय मानकों के अनुसार मिट्टी का उठान हो रहा है। उन्होंने कहा कि खनन जोन में लगे नाकों पर सीसीटीवी कैमरे, बिजली आदि की व्यवस्था ठीक होनी चाहिए और नाकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की देख-रेख में वाहनों को रोककर उनकी जांच की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी संवेदनशील नाकों पर पुलिस फोर्स बढ़ाई जाए। इसके साथ-साथ मोबाइल टीम की गतिविधियों को भी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करें और अपने कार्य में किसी प्रकार की कोताही बरतें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खनन से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सही तथ्यों के आधार पर भेजे और स्वयं इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेना सुनिश्चित करें।</p><p style="text-align:justify;">उन्होंने सिंचाई विभाग को अपने से संबंधित नदी तल क्षेत्रों में नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण व सेल्स टैक्स विभाग को भी बंद पड़े स्टोन क्रैशरों/स्क्रीन प्लांटों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के आदेश दिए, यदि वह चलते हुए पाए जाते हैं तो उनका बिजली कनेक्शन कटवाने के निर्देश दिए। सभी विभागों को अवैध खनन/अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त वाहनों पर इकठ्ठा कार्यवाही करने के निर्देश दिए जैसे कि खनन, आरटीए, सेल्स टैक्स, पुलिस इत्यादि। उन्होंने कहा कि पंचायती जमीन पर अवैध खनन के लिए सरपंच होंगे जिम्मेदार, ई-रवाना का मल्टीपज यूज रोका जाए, अवैध खनन रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करें, अवैध खनन को रोकने के लिए नाकों पर सख्त कार्यवाही करें और नाकों की संख्या में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यदि आपसी तालमेल से कार्य करें तो काफी हद तक अवैध खनन को रोका जा सकता है।</p><p style="text-align:justify;">इस मौके पर जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, एसडीएम व्यासपुर डॉ. कुलदीप सिंह, एसडीएम छछरौली जसपाल सिंह गिल, एसडीएम रादौर नरेन्द्र कुमार, डीएसपी रजत गुलिया, जिला खनन अधिकारी राजेश कुमार, डीडीपीओ नरेन्द्र कुमार, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, संबंधित थानों के प्रभारी, सेल्स टैक्स विभाग, आरटीओ विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/pratap-nagar1.jpg" alt="Pratap Nagar" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 18:10:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करें - कंवरपाल गुर्जर</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व कैबिनेट मंत्री गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यावरण केवल पेड़ों एवं नदियों का नाम नहीं हैं। यह हमारा जीवन है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/say-no-to-single-use-plastic-and-include-saving-water/article-85994"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/pratap-nagar-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: पूर्व कैबिनेट मंत्री गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यावरण केवल पेड़ों एवं नदियों का नाम नहीं हैं। यह हमारा जीवन है। आज का दिन केवल चिंता करने का नहीं है, बल्कि चिंतन और संकल्प का है। जलवायु परिवर्तन कोई काल्पनिक खतरा नहीं है, यह हमारे सामने खड़ी सच्चाई है। हर युवा से, बल्कि हर नागरिक से आग्रह है कि अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं। केवल लगाएं ही नहीं वरन् बड़ा होने तक उसकी पालन पोषण की ज़िम्मेदारी लें।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व कैबिनेट मंत्री गुर्जर ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करेंगे। प्रकृति हमें सब कुछ मुफ्त देती है, लेकिन उसकी एक ही शर्त है- सम्मान। अगर हम आज प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमारा भविष्य सुरक्षित करेगी।  भाजयुमो जिलाध्यक्ष निश्चल चौधरी ने पौधारोपण करते हुए कहा कि हम सब प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अपने आवास/आसपास पौधारोपण अवश्य करें। हमारा पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृति के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस का मूल उद्देश्य हमारे वातावरण को स्वच्छ व शुद्ध रखना तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए लोग ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करें व पेड़ों की कटाई न करें। जिला महामंत्री प्रवीण खदरी, डीएनटी बोर्ड</p>
<p style="text-align:justify;">वाइस चेयरमैन ओमपाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति जौहर, मंडल अध्यक्ष कृष्ण खदरी, मंडल अध्यक्ष प्रियंक शर्मा, भाजपा नेता मुकुल चौधरी, चेयरमैन विपुल गर्ग, जिला उपाध्यक्ष रामपाल नम्बरदार, वरिष्ठ भाजपा नेता जगबीर खदरी, जिला कोषाध्यक्ष जगदीश विधार्थी, सुशील मित्तल, परदुमन सिंह लाड्डी,पार्षद रूचि काम्बोज, संदीप राय, भाजपा जिला यमुनानगर मीडिया प्रमुख कपिल मनीष गर्ग, पीयूष गोगियान, पूनम अग्रवाल, संजीव गर्ग, अजय मंगला टोनी, पार्षद भानु प्रताप, पार्षद अंकित गोयल, पार्षद जयंत स्वामी , खैराती लाल बतरा सहित बहुत से भाजपा पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग 200 फलदार, फूलदार, छायादार पौधों का रोपण किया गया। इनमें त्रिवेणी (पीपल, नीम व बरगद), जामुन, अर्जुन, शीशम के पौधे शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/pratap-nagar-news1.jpg" alt="Pratap Nagar News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 17:02:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने छछरौली एसडीएम पद का कार्यभार संभाला</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा सिविल सेवा 2019 बैच के अधिकारी जसपाल सिंह गिल ने बुधवार को व्यासपुर से स्थानांतरण होने के उपरांत छछरौली के एसडीएम पद का कार्यभार संभाल लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/chhachhrauli-sdm-jaspal-singh-gill-took-charge-emphasis-on-quick/article-85540"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/chhachhrauli-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>छछरौली (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। </strong>Chhachhrauli News: हरियाणा सिविल सेवा 2019 बैच के अधिकारी जसपाल सिंह गिल ने बुधवार को व्यासपुर से स्थानांतरण होने के उपरांत छछरौली के एसडीएम पद का कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने कहा कि वे सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक सोमवार एवं वीरवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित समाधान शिविरों में आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा तथा संबंधित विभागों के माध्यम से उनका शीघ्र समाधान कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनहित के कार्यों में गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/chhachhrauli-news.jpg" alt="Chhachhrauli News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 18:18:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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                <title>प्रताप नगर में चोरी के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप, दुकानदार में रोष</title>
                                    <description><![CDATA[वालिया बर्तन भंडार प्रताप नगर में लगभग पांच महीने पहले हुई चोरी के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/shopkeepers-accused-of-negligence-in-theft-case-in-pratap-nagar/article-85118"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/pratap-nagar-news2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। </strong>Pratap Nagar News: वालिया बर्तन भंडार प्रताप नगर में लगभग पांच महीने पहले हुई चोरी के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दुकान संचालक ने आरोप लगाया है कि चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद होने और संदिग्ध चोरों की पहचान बताने के बावजूद भी प्रताप नगर थाना ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। दुकानदार ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">दुकानदार के अनुसार, करीब पांच महीने पहले दिन में ही उनकी दुकान में चोरी की वारदात हुई थी। चोर दुकान से नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई और शिकायत दर्ज कराई गई। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस को सौंपी गई, जिसमें कथित चोर साफ दिखाई दे रहे हैं। दुकानदार का कहना है कि उन्होंने कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान भी पुलिस को बताई थी जिनमें महिला बुढ़िया की और व्यक्ति की लेदी  रूप में पहचान हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित दुकानदार सुशील वालिया ने आरोप लगाया कि कई बार थाना स्तर पर संपर्क करने और अधिकारियों से मिलने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो आरोपी पकड़े जा सकते थे। लगातार देरी के कारण अब व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। आसपास के दुकानदारों ने भी इस मामले में चिंता जताई है और कहा कि यदि पुलिस इसी तरह उदासीन बनी रही तो क्षेत्र में अपराधियों के हौसले और बढ़ जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में पहले भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही बाजार क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण राजिंदर कुमार,सुशील वालिया ने बताया कि प्रताप नगर क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है और इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही जिससे चोरों के हौंसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे हैं।इससे पहले भी प्रताप नगर में कई चोरी की घटनाएं घटित हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">थाना प्रभारी रोहतास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>
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Pratap Nagar News: जानकारी देता पीड़ित दुकानदार और सीसीटीवी कैमरे में कैद दुकान से चोरी करते हुए
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 21:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाढ़ राहत कार्यों में अनियमितताओं के आरोप, स्टेकों के बीच मिट्टी भरने पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[मुजाफ़त कला, भगेड़ी, तिहानों, खानू वाला, रानीपुर और लाहड़ पुर सहित कई क्षेत्रों में चल रहे बाढ़ राहत एवं तटबंध निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/allegations-of-irregularities-in-flood-relief-works-questions-raised-on/article-84994"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/pratap-nagar-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। </strong>Pratap Nagar News: मुजाफ़त कला, भगेड़ी, तिहानों, खानू वाला, रानीपुर और लाहड़ पुर सहित कई क्षेत्रों में चल रहे बाढ़ राहत एवं तटबंध निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे पत्थरों के स्टेकों के बीच गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री भरने के बजाय मिट्टी डाली जा रही है, जिससे निर्माण कार्यों की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर नदी कटाव रोकने और बाढ़ से बचाव के लिए पत्थरों के बड़े-बड़े स्टेक लगाए गए हैं, वहां उनके बीच खाली जगहों में मिट्टी भर दी गई है। अब इन मिट्टी वाले हिस्सों में घास उगने लगी है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि स्टेकों के बीच उचित तरीके से बोल्डर और मजबूत सामग्री भरी जाती, तो वहां घास उगने की स्थिति पैदा नहीं होती। गुरमेज सिंह, चमन लाल, जगबीर, बिन्दु, लक्की आदि ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर स्टेक कमजोर दिखाई देने लगे हैं। लोगों को आशंका है कि तेज बारिश और नदी के बहाव के दौरान यह निर्माण कार्य बह सकते हैं, जिससे आसपास के गांवों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। स्थानीय किसानों ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ और कटाव से उनकी कृषि भूमि प्रभावित होती है और इस बार राहत कार्यों से उन्हें उम्मीद थी, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यों में मिलीभगत के चलते सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कई ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन अधिकारियों या ठेकेदारों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि सरकार बाढ़ राहत कार्यों पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करती है ताकि नदी किनारे बसे गांव सुरक्षित रह सकें, लेकिन यदि निर्माण कार्यों में ही अनियमितता बरती जाएगी तो इसका सीधा खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आगामी बरसात में बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंचाई विभाग के सुप्रीडेंट इंजीनियर प्रवीण गुप्ता का कहना है कि यदि स्टॉक के बीच में मिट्टी मिलाई जा रही है और पत्थर का साइज छोटा हुआ तो वे संबंधित अधिकारी को भेजकर जांच करवाते है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/pratap-nagar-news1.jpg" alt="Pratap Nagar News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 19:07:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा के यमुनानगर शहर में ये क्या हो रहा है....खुलेआम नियमों की उड़ाई धज्जियां, फिर देखों क्या हुआ...</title>
                                    <description><![CDATA[Yamunanagar:प्रदूषण विभाग द्वारा सील किए गए स्टोन क्रेशर को संचालकों ने अवैध रूप से दोबारा चालू कर दिया। सील तोड़ने के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/what-is-happening-in-yamunanagar-city-of-haryana-rules-are/article-84941"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/yamunanagar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर,  सच कहूं राजेंद्र कुमार।</strong> बेलगढ़ में स्थित  कमलेश स्टोन क्रशर के विरुद्ध प्रदूषण विभाग द्वारा मानक पूरे ना करने को लेकर सील लगाकर बंद किया गया था। कमलेश स्टोन क्रशर, ग्राम बेलगढ़ एचएसपीसीबी के अध्यक्ष द्वारा जारी बंद करने के आदेश के अनुपालन में एचएसपीसीबी द्वारा 28 मई 2025 को सील कर दिया गया था।</p>
<p><a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-government-land-scheme-good-news-there-will-be-a/article-84939">Haryana Government Land Scheme: खुशखबरी, हरियाणा के इन गांवों और शहरों की जमीन के रेट में आएगा बंपर उछाल</a></p>
<div class="pbwidget w-knyu postdisplay_image featured-image">
<div class="pbwidget-body">
<div><span style="text-align:justify;">जबकि, एचएसपीसीबी के अधिकारी द्वारा 13 मई 2026 को स्टोन क्रशर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, उपरोक्त स्टोन क्रशर की सील जानबूझकर टूटी हुई पाई गई, जिससे आधिकारिक सील के साथ अनधिकृत छेड़छाड़ की गई है। एचएसपीसीबी के अधिकारी द्वारा इकाई को पुनः सील कर दिया गया उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर, स्टोन क्रशर के विरुद्ध वैध आदेशों के उल्लंघन और आधिकारिक मुहर से छेड़छाड़ के लिए प्रदूषण अधिकारी प्रदीप कुमार ने शिकायत दी जिस एफआईआर दर्ज की गई।</span></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/what-is-happening-in-yamunanagar-city-of-haryana-rules-are/article-84941</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:50:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाढ़ राहत कार्यों में बरती जा रही अनियमितता काम की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[सिंचाई विभाग द्वारा जिले को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए करोड़ो का बजट जारी किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/irregularities-in-flood-relief-work-will-affect-the-quality-of/article-84174"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/pratap-nagar-new.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: सिंचाई विभाग द्वारा जिले को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए करोड़ो का बजट जारी किया है। इसके लिए सिंचाई विभाग द्वारा लगभग 30 साइटों के लिए टेंडर जारी किया था जिनका काम 16 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है लेकिन शुरुआत से ही सिंचाई विभाग द्वारा काम में लापरवाही बरती जा रही है। सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत के चलते एजेंसियां काम में लापरवाही बरत रही है। Pratap Nagar News</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कई जगह साइटों पर एजेंसियों ने पत्थर का स्टॉक लगाना शुरू कर दिया है और यही पत्थर आगे चलकर बाढ़ राहत कार्यों में प्रयोग किया जाएगा लेकिन भ्रष्टाचार और मिलीभगत का खेल यही से शुरू किया जा रहा है। साइटों पर कई जगह छोटे पत्थर स्टेक के अंदर लगाए जा रहे हैं और स्टेक को पैमाईश के हिसाब से तैयार किया जा रहा है लेकिन पत्थरों की कमी वाला यही स्टेक बाढ़ राहत कार्यों की गुणवत्ता पर प्रभाव डालेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं किसानों ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से कार्यों में भारी अनियमितताएं अभी से बरती जा रही हैं और यही अनियमितता कार्य की गुणवत्ता पर असर डालेगी जिससे बाढ़ सुरक्षा के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान सुमेर चंद,राकेश कुमार,रजनीश,अमित कुमार आदि का कहना है कि पिछले वर्ष भी सिंचाई विभाग ने बाढ़ से सुरक्षा के दावे किए थे लेकिन बाढ़ की विभीषिका दर्जनों गांवों के सैकड़ो ग्रामीणों को भुगतनी पड़ी थी। कई जगह पर तो सिंचाई विभाग के कार्य शुरू ही नहीं हो पाए थे और जहां पर शूर हुए वहां भी आधे अधूरे कार्य ही सिंचाई विभाग ने करवाए जिनकी आज तक पेमेंट भी जारी नहीं की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा हर साल बाढ़ राहत कार्यों में करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं लेकिन नतीजा वही बाढ़ का दंश लोगो को भुगतना ही पड़ता है। ठेकेदार के द्वारा बाढ़ राहत कार्य में लगाई जाने वाले पत्थरों के स्टॉक में मिट्टी मिक्स करके स्टेक को बनाया जा रहा है जिससे पत्थर की पैमाइश में काफी अंतर आएगा जिसका सीधा नुकसान उनके खेतों में लगाए जाने वाले स्टड व अन्य कार्यों पर पड़ेगा। ठेकेदार के द्वारा पत्थर के साथ मिट्टी को मिक्स करके पत्थरों के चट्टे  लगाए जा रहे हैं ताकि कम पत्थर में पूरी पैमाइश हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ-साथ स्टॉक लगाने वाली जगह को विजिलेंस टीम द्वारा भी सभी प्रकार से देखा  नहीं गया है जहां पर पत्थर गिराया जा रहा है जबकि पहले विजिलेंस की टीम पत्थर का स्टॉक लगाने वाली जगह का मुआयना करेगी तभी स्टॉक लगेगा लेकिन विजिलेंस की टीम की देखरेख के बिना ही स्टॉक ऊबड़ खाबड़ जगह में लगा दिया गया है। जिस जगह पर स्टॉक लगाया गया है वह जगह उबड़ खाबड़ है जिससे पत्थर की पैमाइश में काफी अंतर आएगा। इस सारे कार्य में अधिकारियों में ठेकेदार की मिलीभगत नजर आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुजाफ़त कला, भगेड़ी,बागपत आदि ऐसी कई जगह है जहां पर पत्थर तो स्टॉक कर लिए लेकिन पत्थर में अधिकतर मिट्टी ही मिलाई जा रही है। इसके अलावा सिंचाई विभाग द्वारा रंजीतपुर,रामपुर,भगवानपुर, तिहानों,खानू वाला, नगली 32 में भी बाढ़ राहत के करवाए जाने है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:27:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रॉयल्टी नाकों पर कार्रवाई की आहट, कर्मचारी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[जिला यमुनानगर में रॉयल्टी कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की आहट के बीच नाकों पर तैनात प्राइवेट कर्मचारी अचानक फरार हो गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sound-of-action-at-royalty-points-employees-abscond/article-84061"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/pratap-nagar-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: जिला यमुनानगर में रॉयल्टी कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की आहट के बीच नाकों पर तैनात प्राइवेट कर्मचारी अचानक फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मीडिया में फर्जी परचेज और अवैध खनन से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया जा रहा था, जिसके बाद मामला सरकार और जिला प्रशासन तक पहुंचा।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि रॉयल्टी नाकों पर तैनात कर्मचारी ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली कर उन्हें परेशान कर रहे थे। जिले में सक्रिय दो रॉयल्टी कंपनियों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद भी सामने आया, जो थाना बुढ़िया तक पहुंचा। हाल ही में शहजादपुर नाके पर भी कर्मचारियों के बीच झगड़े की शिकायत अधिकारियों तक पहुंची।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्रवाई की आशंका के चलते नाकों से कर्मचारियों के फरार होने पर ट्रांसपोर्टरों और स्टोन क्रेशर संचालकों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि कर्मचारी नियमों के तहत कार्य कर रहे थे, तो अचानक गायब होना संदेह पैदा करता है।<br />इस मामले में एसडीएम छछरौली रोहित कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिलहाल, प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 20:11:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हरियाणा के इस खूबसूरत शहर यमुनानगर में घुमने की टाप 10 जगह&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Top 10 Places to Visit in Yamunanagar:  राजेन्द्र कुमार। हरियाणा राज्य के उत्तर-पूर्व में स्थित यमुनानगर अपनी धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यह जिला न केवल औद्योगिक रूप से विकसित है, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बेहद समृद्ध है। यहां के मंदिर, पुरातात्विक स्थल, हरे-भरे जंगल और शांत प्राकृतिक वातावरण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/10-special-tourist-places-in-yamunanagar-a-wonderful-confluence-of-religion-history-and-nature/article-78341"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/top-10-places-to-visit-in-yamunanagar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Top 10 Places to Visit in Yamunanagar:  राजेन्द्र कुमार।</strong> हरियाणा राज्य के उत्तर-पूर्व में स्थित यमुनानगर अपनी धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यह जिला न केवल औद्योगिक रूप से विकसित है, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बेहद समृद्ध है। यहां के मंदिर, पुरातात्विक स्थल, हरे-भरे जंगल और शांत प्राकृतिक वातावरण हर किसी को आकर्षित करते हैं। आइए जानते हैं यमुनानगर की 10 प्रमुख जगहों के बारे में, जो इस जिले को खास बनाती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल | Top 10 Places to Visit in Yamunanagar</h4>
<p style="text-align:justify;">1. कपाल मोचन तीर्थ<br />
कपाल मोचन हिंदू और सिख दोनों धर्मों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थान है। यह स्थल जगाधरी शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने यहां यज्ञ किया था। हर साल यहां गुरुनानक जयंती और कपाल मोचन मेले के दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इस पवित्र स्थान के सरोवर में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलने का विश्वास है।<br />
2. आदि बद्री<br />
शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित आदि बद्री धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि सरस्वती नदी का उद्गम स्थल यहीं पर था। यह स्थान ऋषि यमदग्नि और भगवान परशुराम से जुड़ा हुआ है। यहां के प्राचीन मंदिरों, घने पेड़ों और शांत वातावरण में श्रद्धा के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।<br />
3. चनेटी बौद्ध स्तूप<br />
जगाधरी से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित यह स्तूप मौर्य काल की प्राचीन धरोहर है। माना जाता है कि मौर्य सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए इस स्तूप का निर्माण कराया था। मिट्टी और ईंटों से बना यह गुंबदनुमा ढांचा इतिहास प्रेमियों और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिए बेहद खास है।<br />
4. टोपरा कलां पुरातत्व पार्क<br />
यह स्थल यमुनानगर के इतिहास का गौरव बढ़ाता है। टोपरा गांव में स्थित इस पार्क में सम्राट अशोक के प्रसिद्ध स्तंभ और शिलालेखों की प्रतिकृतियां हैं। इन पर अंकित लिपियां भारत के प्राचीन प्रशासन, धर्म और संस्कृति की झलक दिखाती हैं। यहां जाकर भारत के गौरवशाली इतिहास का एहसास होता है।<br />
5. छछरौली किला<br />
यमुनानगर से कुछ दूरी पर स्थित छछरौली किला कभी स्थानीय राजाओं का मुख्य निवास स्थान था। इस किले में पुराने समय की वास्तुकला और निर्माण शैली आज भी देखने लायक है। यह किला इतिहास की उन कहानियों को सहेजे हुए है, जो इस क्षेत्र की शौर्यगाथाओं को याद दिलाती हैं।<br />
6. शिव मंदिर (भटोली मोहल्ला)<br />
भटोली मोहल्ला में स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर यमुनानगर के सबसे पुराने मंदिरों में गिना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना सदियों पहले हुई थी और यहां स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है। हर सोमवार और महाशिवरात्रि पर भक्तों की लंबी कतारें यहां देखी जा सकती हैं।<br />
प्राकृतिक और मनोरंजक स्थल<br />
7. कालेसर राष्ट्रीय उद्यान<br />
शिवालिक की निचली पहाड़ियों में फैला कालेसर राष्ट्रीय उद्यान 11,570 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह हरियाणा का एक प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य है, जहां तेंदुए, हिरण, हाथी, सियार, बंदर और अनेक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां का घना जंगल, शांत वातावरण और हरियाली इसे नेचर लवर्स और फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग बना देता है।<br />
8. चौ. देवीलाल हर्बल पार्क<br />
यमुनानगर-पांवटा रोड पर चुहड़पुर गांव में स्थित यह पार्क औषधीय पौधों का खजाना है। लगभग 14,000 से अधिक हर्बल पौधों की प्रजातियां यहां संरक्षित की गई हैं। यह स्थान प्राकृतिक चिकित्सा, योग और बॉटनी में रुचि रखने वालों के लिए बेहद उपयोगी है। पार्क में सुंदर रास्ते, हरे-भरे बगीचे और शांत वातावरण सैर-सपाटे के लिए इसे उपयुक्त बनाते हैं।<br />
9. हाथनी कुंड बैराज<br />
यमुना नदी पर बना यह विशाल बैराज हरियाणा और उत्तर भारत के जल प्रबंधन का एक अहम केंद्र है। इसके अलावा यह जगह प्राकृतिक सुंदरता और पक्षी दर्शन के लिए मशहूर है। सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। सूर्यास्त के समय हाथनी कुंड का दृश्य बेहद मनमोहक होता है, जिससे यह पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए एक पसंदीदा स्थान है।<br />
10. पिरामिड यमुनानगर<br />
शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित पिरामिड यमुनानगर एक आधुनिक और अनोखा स्थल है। इसका निर्माण पिरामिड के आकार में किया गया है, जिससे यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां का शांत वातावरण, खुली वादियां और हरे-भरे नजारे इसे ध्यान और विश्राम के लिए एक उत्तम जगह बनाते हैं।<br />
यमुनानगर अपने भीतर धर्म, इतिहास और प्रकृति का सुंदर संगम समेटे हुए है। चाहे आप धार्मिक स्थलों पर आस्था की अनुभूति करना चाहते हों या प्राकृतिक सुंदरता में सुकून पाना — यमुनानगर हर तरह के यात्रियों के लिए कुछ न कुछ खास जरूर रखता है। यह जिला हरियाणा का छिपा हुआ पर्यटन रत्न है, जो आने वाले समय में राज्य के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 12:18:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>History Haryana: मैं आज यमुनानगर हूँ, जानिये मेरे इतिहास के बारे में, ऐसी जानकारी जो आपके हमेशा आएगी काम</title>
                                    <description><![CDATA[history Haryana: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां का हर राज्य अपनी अलग पहचान, संस्कृति और इतिहास के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक राज्य है हरियाणा, जो मेहनतकश लोगों, ऐतिहासिक विरासत और तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक विकास के लिए प्रसिद्ध है। हरियाणा का हर जिला अपनी विशिष्ट पहचान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/i-am-from-yamunanagar-today-learn-about-my-history-information-that-will-always-be-useful-to-you/article-77954"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/history-haryana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>history Haryana: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार।</strong> भारत विविधताओं से भरा देश है। यहां का हर राज्य अपनी अलग पहचान, संस्कृति और इतिहास के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक राज्य है हरियाणा, जो मेहनतकश लोगों, ऐतिहासिक विरासत और तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक विकास के लिए प्रसिद्ध है। हरियाणा का हर जिला अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज का यमुनानगर जिला कभी अबदुल्लापुर के नाम से जाना जाता था? आइए, इस लेख के माध्यम से जानते हैं इस जिले के इतिहास और वर्तमान की पूरी कहानी। yamunanagar history</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/this-year-will-be-the-coldest-winter-of-the-decade/">Cold Winter Coming: दशक की सबसे ठंडी सर्दी इस बार पड़ेगी!, मौसम विभाग की चेतावनी</a></p>
<h5 style="text-align:justify;">हरियाणा राज्य का गठन | <strong>history Haryana</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा राज्य का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था। इसे भाषाई आधार पर पंजाब से अलग करके भारत का 17वां राज्य बनाया गया। लगभग 44,212 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस राज्य का भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र में लगभग 1.6 प्रतिशत हिस्सा है। हरियाणा कृषि, उद्योग और खेल के क्षेत्र में देश को नई दिशा देने वाला राज्य रहा है। राज्य के गठन के समय हरियाणा में केवल कुछ ही जिले थे, लेकिन विकास के साथ नए जिलों का गठन होता गया और आज यहां कुल 22 जिले हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/can-hair-that-turns-grey-at-the-age-of-15-20-turn-black-again/#google_vignette">White Hair: 15-20 साल की उम्र में सफेद हुए बाल दोबारा हो सकते हैं काले? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया सटीक उपाय</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">प्रशासनिक ढांचा और जनसंरचना | <strong>history Haryana</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा को प्रशासनिक रूप से 6 मंडलों में बांटा गया है, जिनमें 73 उपमंडल, 93 तहसीलें और 142 विकासखंड शामिल हैं। राज्य में 10 नगर निगम, 20 से अधिक नगर परिषदें, 90 विधानसभा सीटें, 10 लोकसभा सीटें और 5 राज्यसभा सीटें हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 7000 से अधिक गांव बसे हुए हैं, जो हरियाणा की संस्कृति और लोक परंपराओं को आज भी जीवित रखते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा के सबसे बड़े और सबसे छोटे जिले</h4>
<p style="text-align:justify;">राज्य का सबसे बड़ा जिला सिरसा है, जो लगभग 4277 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। वहीं, सबसे छोटा जिला फरीदाबाद है, जिसका क्षेत्रफल मात्र 742.9 वर्ग किलोमीटर है।<br />
फरीदाबाद न केवल क्षेत्रफल के आधार पर छोटा है, बल्कि जनसंख्या घनत्व और साक्षरता दर के मामले में भी अपनी अलग पहचान रखता है।<br />
राज्य की चार दिशाओं के प्रमुख जिले<br />
उत्तर दिशा: पंचकूला<br />
पूर्व दिशा: यमुनानगर<br />
दक्षिण दिशा: नूंह<br />
पश्चिम दिशा: सिरसा<br />
ये जिले भौगोलिक दृष्टि से राज्य की सीमाओं को परिभाषित करते हैं और अपनी-अपनी सांस्कृतिक विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">साक्षरता दर और शिक्षा</h4>
<p style="text-align:justify;">2011 की जनगणना के अनुसार, हरियाणा की कुल साक्षरता दर 75.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी।<br />
सबसे अधिक शिक्षित जिला:- गुरुग्राम, जहां शिक्षा और औद्योगिक विकास दोनों का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है।<br />
सबसे कम साक्षर जिला:- फरीदाबाद, हालांकि हाल के वर्षों में यहां शिक्षा के क्षेत्र में तेज़ी से सुधार हुआ है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यमुनानगर का इतिहास और पुराना नाम</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">आज जिसे हम यमुनानगर के नाम से जानते हैं, उसे पहले अबदुल्लापुर कहा जाता था। आज़ादी से पहले यह एक छोटा-सा गांव था, जहां मुख्य रूप से रेलवे स्टेशन के आसपास कुछ बस्तियां थीं।</li>
<li style="text-align:justify;">1947 में भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने यहां बसना शुरू किया। धीरे-धीरे यह क्षेत्र विकसित होने लगा और स्थानीय लोगों ने इसे एक नए स्वरूप में ढाल दिया। अबदुल्लापुर का नाम बदलकर यमुनानगर रखा गया  क्योंकि यह जिला यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है और इस क्षेत्र की पहचान इस नदी से गहराई से जुड़ी है।</li>
<li>प्राचीन काल: ऐतिहासिक रूप से, यमुनानगर का क्षेत्र ‘सरस्वती सभ्यता’ का हिस्सा था। कपाल मोचन मेले के पास राजा जरासंध के प्राचीन किले के अवशेष भी यहां मिलते हैं।</li>
<li>चचेहड़ी बौद्ध स्तूप: यह अशोक के शासनकाल में बनाया गया था और बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।</li>
<li>माता मन्त्रा देवी का मंदिर: शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित यह मंदिर मन्त्रों से प्रकट हुई माता के लिए प्रसिद्ध है।</li>
<li>कापाल मोचन: यह एक पवित्र स्थान है जहाँ राजा जरासंध से संबंधित एक किले के अवशेष हैं।</li>
<li>कालेसर राष्ट्रीय उद्यान: यह यमुनानगर में एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">यमुनानगर को जिला का दर्जा कब मिला</h4>
<p style="text-align:justify;">साल नवंबर 1989 में यमुनानगर को आधिकारिक रूप से जिले का दर्जा दिया गया। इससे पहले यह अंबाला जिले का हिस्सा हुआ करता था। जिले के गठन के बाद यहां शिक्षा, उद्योग और व्यापार का तेज़ विकास हुआ।<br />
आज यमुनानगर हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक जिलों में से एक है। यहां कागज़ उद्योग, फर्नीचर निर्माण, शुगर मिलें, और प्लाईवुड फैक्ट्रियां बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यह जिला हरियाणा की आर्थिक रीढ़ के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">धार्मिक और प्राकृतिक महत्व</h4>
<p style="text-align:justify;">यमुनानगर धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां स्थित कपलेश्वर महादेव मंदिर, बिलासपुर, और सदर बाजार का गुरुद्वारा श्रद्धालुओं के प्रमुख केंद्र हैं। इसके अलावा, हथनीकुंड बैराज न केवल पर्यटक आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह यमुना नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।<br />
यमुनानगर का इतिहास यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा-सा गांव समय के साथ एक विकसित और समृद्ध जिले में बदल गया। अबदुल्लापुर से यमुनानगर तक का सफर इस जिले की मेहनत, संघर्ष और प्रगति की कहानी बयां करता है। आज यह जिला न केवल हरियाणा के औद्योगिक मानचित्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी राज्य की पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रिय पाठकों, हम आपके लिए लेकर आ रहे हैं “आपके शहर का इतिहास”, एक विशेष श्रृंखला, जिसमें हर सप्ताह हम किसी एक जिÞले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत से आपको परिचित कराएंगे। इस श्रंखला का उद्देश्य है—आपकी सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज) को बढ़ाना और आपको अपने देश के गौरवशाली अतीत से जोड़ना। हर सोमवार पढ़िए एक नया जिÞला, एक नई कहानी, और जानिए अपने भारत को और भी करीब से। हमसे जुड़े रहिए, क्योंकि इतिहास जानना, अपने भविष्य को समझने की पहली सीढ़ी है। ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 12:52:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्यौहारी सीजन सिर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपलिंग के कार्य के आदेश तक नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रताप नगर (सच कहूं/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: त्यौहारी सीजन सिर पर है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक सैंपलिंग के आदेश तक नहीं हुए हैं। ऐसे में मिठाइयों में मिलावट का धंधा जोरो पर है। मिठाइयों में ये मिलावट और विभाग की लापरवाही आमजन के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। ग्रामीण रामपाल,सतीश,रूपचंद,सुरेश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-health-department-has-not-even-issued-orders-for-sampling-work-during-the-festive-season/article-76893"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/sweets.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूं/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: त्यौहारी सीजन सिर पर है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक सैंपलिंग के आदेश तक नहीं हुए हैं। ऐसे में मिठाइयों में मिलावट का धंधा जोरो पर है। मिठाइयों में ये मिलावट और विभाग की लापरवाही आमजन के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण रामपाल,सतीश,रूपचंद,सुरेश आदि ने बताया कि त्यौहारी सीजन में नकली मावा और नकली पनीर की जमकर सप्लाई हो रही है। इस सीजन में किसी भी मावा,पनीर,दूध सप्लाई करने वाले के पास समय और माल नहीं है। सभी सिंथेटिक मावा और पनीर बनाने में व्यस्त लगे हुए है। लोगों का कहना है कि त्यौहारी सीजन में मिठाई की दुकानों पर मिठाई की जगह ज़हर की सप्लाई हो रही है। Pratap Nagar News</p>
<p style="text-align:justify;">त्योहारी सीज़न के आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग तेज़ हो जाती है। लोग बड़े उत्साह से अपने प्रियजनों के लिए मिठाइयाँ खरीदते हैं, लेकिन क्या उन्हें पता है कि वे जो मिठाई खा रहे हैं,उसमें स्वाद के साथ ज़हर भी परोसा जा रहा है। लोगों का कहना है कि आज के समय में मिलावटखोरी एक गंभीर समस्या बन गई है, खासकर नकली मावा और नकली पनीर की सप्लाई के कारण।</p>
<p style="text-align:justify;">मावा और पनीर मिठाइयों के प्रमुख घटक होते हैं। इन्हें शुद्ध और ताजे दूध से बनाना चाहिए, लेकिन आजकल बाजारों में जो मावा और पनीर बेचे जा रहे हैं, उनमें सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट, स्टार्च, रिफाइंड तेल, यूरिया, और अन्य हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये रसायन न केवल मिठाई के स्वाद को बिगाड़ते हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालते हैं। स्वास्थ्य पर गंभीर असर नकली मावा और पनीर से बनी मिठाइयों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, फूड पॉइज़निंग जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से लीवर, किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर और भी घातक हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन पर कोई सख्त नियंत्रण नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कुछ औपचारिक निरीक्षण जरूर किए जाते हैं, लेकिन वे केवल खानापूर्ति तक ही सीमित हैं। मिठाई की दुकानों पर इस्तेमाल हो रहे मावा और पनीर की गुणवत्ता की जांच के लिए न तो पर्याप्त लैब सुविधा है, न ही आवश्यक संसाधन। ऐसे में मिलावटखोर खुलेआम ज़हर बेचने से नहीं चूकते। प्रशासनिक लापरवाही और जनता की अनदेखी प्रशासन की लापरवाही और जनता की जागरूकता की कमी ने इस समस्या को और बढ़ावा दिया है। अधिकतर लोग सस्ती मिठाई की लालच में बिना उसकी गुणवत्ता देखे ही खरीद लेते हैं। दुकानदार भी अधिक मुनाफा कमाने के लिए नकली सामग्री का सहारा लेते हैं। जब तक कोई गंभीर घटना नहीं हो जाती, तब तक ना तो प्रशासन चेतता है और ना ही आम जनता आवाज़ उठाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जागरूक लोगों का कहना हैं कि इस मिलावट को रोकने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने होंगे और मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू करना होगा। मिठाई की दुकानों की नियमित जांच, फूड टेस्टिंग लैब्स की संख्या में वृद्धि और मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है। साथ ही, जनता को भी जागरूक होना होगा। उन्हें मिठाई खरीदते समय दुकानदार से उसकी गुणवत्ता और सामग्री की जानकारी मांगनी चाहिए। त्योहारों की मिठास तब तक सुरक्षित नहीं रह सकती जब तक नकली मावा और पनीर की खुली सप्लाई पर लगाम नहीं लगती। मिठाई के नाम पर ज़हर का व्यापार बंद होना चाहिए और इसके लिए सरकार, प्रशासन, मिठाई व्यापारी और आम जनता सभी को अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी होगी। Pratap Nagar News</p>
<p style="text-align:justify;">इस बारे में प्रताप नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर जितेंद्र ने बताया कि अभी तक उनके पास विभाग की ओर से लिखित में सैंपलिंग के आदेश नहीं आए है। निर्देश मिलते ही सैंपलिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने मिठाई की दुकानों और संस्थानों से अपील की है कि घटिया किस्म के सिंथेटिक मावा और पनीर का प्रयोग बिल्कुल ना करें। सैंपलिंग के सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="संयुक्त राष्ट्र में सुधार जरूरी, भारत नियम आधारित व्यवस्था का पक्षधर: राजनाथ" href="http://10.0.0.122:1245/reforms-in-the-united-nations-are-necessary-india-is-in-favor-of-a-rules-based-system-rajnath/">संयुक्त राष्ट्र में सुधार जरूरी, भारत नियम आधारित व्यवस्था का पक्षधर: राजनाथ</a></p>
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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 17:17:17 +0530</pubDate>
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