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                <title>festival - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>फिनैक 2023: एक बार फिर ज्ञान और प्रतिभा प्रदर्शन का लाया मंच</title>
                                    <description><![CDATA[अकाउंटिंग और फाइनेंस के विभिन्न आयाम होंगे स्थापित आर. ए. पोदार कॉलेज, माटुंगा में 11-12 अगस्त को होगा आयोजित Mumbai News (Sach Kahoon News): आर.ए. पोदार कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (ऑटोनॉमस) 80 वर्षों से अधिक शिक्षा के प्रति सेवा में समर्पित उत्सव का जश्न मनाने में बहुत ही गौरवान्वित महसूस करता है। कॉलेज फिनैक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/ra-podar-finacc/article-50857"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/finacc-2023.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अकाउंटिंग और फाइनेंस के विभिन्न आयाम होंगे स्थापित</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आर. ए. पोदार कॉलेज, माटुंगा में 11-12 अगस्त को होगा आयोजित</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Mumbai News (Sach Kahoon News):</strong> आर.ए. पोदार कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (ऑटोनॉमस) 80 वर्षों से अधिक शिक्षा के प्रति सेवा में समर्पित उत्सव का जश्न मनाने में बहुत ही गौरवान्वित महसूस करता है। कॉलेज फिनैक 2023 के 9वें संस्करण को उत्सव के रूप में प्रस्तुत करने के लिए काफी उत्साहित हैं, जोकि आने वाली 11 अगस्त से 12 अगस्त, 2023 के बीच बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा, यह बात फेस्ट इंचार्ज ने सच कहूं को बताई।</p>
<p style="text-align:justify;">Finacc एक लेखांकन और वित्त (फाइनेंस) आधारित कार्यक्रम है जो पोदार सस्थान के लेखा और वित्त (अकाउंट तथा फाइनेंस) सर्कल द्वारा आयोजित किया जाता है। फिनैक का मूल उद्देश्य अकाउंट तथा फाइनेंस के विषयों को मनोरंजक और आकर्षक तरीके से छात्रों में बढ़ावा देना है। आने वाले इस आयोजन के दो दिनों के दौरान, प्रतिभागियों को एकाउंटिंग (लेखांकन) की दुनिया में मनोरंजक और सूचनात्मक अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">फेस्ट इंचार्ज ने आगे बताया कि पोदार के अकाउंट्स और फाइनेंस सर्कल के तहत इस महोत्सव का उद्देश्य नियमित पाठ्यक्रम से आगे बढ़ते हुए अकाउंटिंग और फाइनेंस के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित करना है। ऐसा करने से, उन्हें उम्मीद है कि छात्रों को अकाउंट तथा फाइनेंस के क्षेत्र में मौजूद विशाल अवसरों का एहसास करने में मदद मिलेगी। यह मंच समान विचारधारा वाले लोगों, शिक्षाविदों और विद्वानों के साथ प्रोग्राम्स, वार्ताओं और समूह चर्चाओं (ग्रुप डिस्कशन) के माध्यम से विचारों को साझा करने के माध्यम से नये विचारों तथा अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हुए युवा मन में इन विषयों के प्रति लगाव पैदा करना चाहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फिनैक 2023 के कुछ रोमांचक आयोजन</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मनीबॉल:</strong> यह एक प्री-इवेंट स्केवेंजर हंट है, जिसमें एकाउंटिंग संकेतों के अधर पर खोज गतिविधियें शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>फंडाज अपना-अपना:</strong> यह एक वित्तीय पत्रकारिता आधारित कार्यक्रम जहां प्रतिभागियों को शाम के समाचार एंकर बनने का मौका मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्विज-ओ-काउंट्स:</strong> प्रमुख प्रोग्राम्स में शामिल यह कार्यक्रम जो क्विजजार्ड के रूप में प्रतिभागियों के ज्ञान का परीक्षण करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्रिप्टो पहेली:</strong> यह कार्यक्रम क्रिप्टो करेंसी पर केंद्रित रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>व्यवसाय विश्लेषक:</strong> प्रतिभागियों के लिए यह कार्यक्रम एक मानव संसाधन साक्षात्कार दौर रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एस्प्लोरो प्रेजेंटाडो: </strong>यह एक शोध और प्रस्तुति कार्यक्रम है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बिटवीन द लाइन्स:</strong> यह एक केस स्टडी प्रतियोगिता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपरोक्त सभी कार्यक्रमों के तहत टीम फिनैक 2023 ने उत्साह और समर्पण के साथ लेखांकन साक्षरता के महत्व को संप्रेषित करने के लिए काफी प्रयास किए हैं। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों और वक्ता सत्रों के माध्यम से उपस्थित लोगों को एक साथ लाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिनैक 2023 एकाउंटिंग तथा फाइनेंस की दुनिया के लिए विशाल ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एक समृद्ध अनुभव व शिक्षा का संगम होने का वादा करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिनैक 2023 इस रोमांचक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुंबई शहर के सभी शैक्षणिक संस्थानों और भावी छात्रों का हार्दिक स्वागत करता है। पंजीकरण शुरू है। ज्यादा जानकारी आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज – @afcpfinacc पर पाई जा सकती है। बता दें, राष्ट्रिय समाचार पत्र सच कहूं इस फेस्ट में मीडिया पार्टनर हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2023 21:11:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाह! सरकारी विभाग, त्यौहार पर बिक गई मिठाइयां, अब आई सैंपल रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[– त्योहारी सीजन में लिए मिठाइयों के 343 सेंपल में से 77 सेंपल हुए फेल सेंपल की रिपोर्ट इतनी देर से आने पर भी लोग उठा रहे सवाल संजय कुमार मेहरा गुरुग्राम। त्योहारों पर बेची जानी वाली मिठाइयों में मिलावटी से इंकार नहीं किया जा सकता। कहने को तो मिलावटी मिठाइयों पर अंकुश लगाने के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-report-will-come-after-the-festival-is-out/article-39630"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/600.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><strong>– त्योहारी सीजन में लिए मिठाइयों के 343 सेंपल में से 77 सेंपल हुए फेल</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3><strong>सेंपल की रिपोर्ट इतनी देर से आने पर भी लोग उठा रहे सवाल</strong></h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजय कुमार मेहरा</strong><br />
<strong>गुरुग्राम।</strong> त्योहारों पर बेची जानी वाली मिठाइयों में मिलावटी से इंकार नहीं किया जा सकता। कहने को तो मिलावटी मिठाइयों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग की ओर से सेंपल लेकर मिलावटी मिठाइयों को नष्ट कराया जाता है। त्योहार पर मिठाइयों के लिए गए सेंपल की अब रिपोर्ट आई है। खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन की ओर से कुल 343 सेंपल लिए गए थे, जिनमें से 77 के सेंपल फेल हुए हैं। यानी इनमें मिलावट थी। दुकानदारों ने तो मिलावटी मिठाइयां बेचकर लाखों की वारे-न्यारे कर लिए।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-:</strong>–<a href="http://10.0.0.122:1245/the-political-delusions-of-the-bhajan-lal-family-could-not-be-broken-in-adampur/">आदमपुर में टूट नहीं पाया भजन लाल परिवार का सियासी तिलस्म</a></p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी बड़े त्योहार विशेषकर दीवाली पर मिठाइयों समेत अनेक खाद्य पदार्थों में मिलावट की अधिक संभावनाएं रहती ह। मिलावट खोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग को कार्रवाई करनी होती है। मिठाइयों की दुकानों में पहुंचकर सेंपल लेने होते हैं। होना तो यह चाहिए कि जिस मिठाई के सेंपल लिए जाते हैं, उसकी बिक्री रिपोर्ट आने तक नहीं की जानी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। विभाग तो सेंपल लेकर अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी कर लेता है, लेकिन रिपोर्ट आने तक उस सेंपल वाली मिठाई की दुकानों पर धड़ल्ले से बिक्री होती रहती है। इस त्योहारी सीजन में भी ऐसा ही हुआ।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कुल 145 सेंपल में पायी गई गड़बड़ी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन की ओर से शहर में मिठाइयों के 343 सेंपल लिए गए। इसमें से 77 सेंपल फेल होने की रिपोर्ट सामने आई है। यानी इन मिठाइयों में मिलावट थी। मिलावट वाले सेंपल के अलावा 14 सेंपल ऐसे हैं, जिन पर पूरी जानकारी अंकित नहीं थी। 54 सेंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। किसी न किसी रूप में 145 सेंपल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने मिलावट खोर दुकानदारों को नोटिस जरूर दिए हैं। हो सकता है कि उन पर एफआईआर भी हो जाए। अदालत में केस चले, उन्हें सजा हो जाए, लेकिन वे मिलावटी मिठाइयां तो बिक चुकी हैं। लोगों की सेहत से खिलवाड़ तो हो चुका है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खाद्य सुरक्षा विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा: अभय जैन</h3>
<p style="text-align:justify;">मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन एडवोकेट का कहना है कि सेंपल लेकर उनकी रिपोर्ट में देरी करना भी एक तरह से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। किसी भी प्रोडक्ट की रिपोर्ट उसी दिन आनी चाहिए। तब तक उसकी बिक्री पर भी रोक लगनी चाहिए। खाद्य विभाग की यह कार्यप्रणाली सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है। यह विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा है। छापेमारी सिर्फ दिखावे के लिए की जाती है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-report-will-come-after-the-festival-is-out/article-39630</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Nov 2022 18:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर्थिकी को मजबूत करने में त्योहारों का योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[सतीश सिंह कोरोना के बाद दुर्गा पूजा के लिए धन का सबसे प्रमुख स्रोत प्रायोजन है। बैंकों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल में कारोबार करने वाली कंपनियां, उपभोक्ता सामान से जुड़ी कंपनियाँ ने इस वर्ष दुर्गा पूजा को प्रायोजित किया है। नामचीन पूजा पंडाल, पंडाल के द्वार, खंभे, बैनर और स्टॉल प्रायोजन के लिए मुहैया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/contribution-of-festivals-in-strengthening-the-economy/article-38671"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/unique-holi-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>सतीश सिंह कोरोना के बाद दुर्गा पूजा के लिए धन का सबसे प्रमुख स्रोत प्रायोजन है। बैंकों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल में कारोबार करने वाली कंपनियां, उपभोक्ता सामान से जुड़ी कंपनियाँ ने इस वर्ष दुर्गा पूजा को प्रायोजित किया है। नामचीन पूजा पंडाल, पंडाल के द्वार, खंभे, बैनर और स्टॉल प्रायोजन के लिए मुहैया करवाते हैं। विज्ञापन से भी दुर्गा पूजा के लिए पैसे आते हैं।</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">भारत उत्सवधर्मियों का देश है। यहाँ त्योहारों को उत्सव की तरह मनाने का चलन है। त्योहार लोगों के जीवन में उल्लास का रंग भर देते हैं साथ ही साथ देश की आर्थिकी को भी मजबूत करने का काम करते हैं। ये रोजगार सृजन के भी स्रोत हैं। त्योहारों से स्थायी रोजगार सृजित नहीं होते हैं, लेकिन स्थानीय कामगारों, कलाकारों और शिल्पकारों को अस्थायी तौर पर कुछ दिनों या कुछ महीनों के लिए जरूर रोजगार मिल जाता है। इससे निजी अंतिम उपभोग में इजाफा होता है, जिससे मांग और आपूर्ति में बेहतरी आती है। साथ ही, विविध क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में इजाफा होता है। पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और ओडिसा में यह पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है। हालांकि, कमोबेश यह त्योहार देशभर में मनाया जाता है। इस पूजा के दौरान प्रतिमा बनाने वाले कुम्हार, दुर्गा माँ के जेवर बनाने वाले कलाकार, नाटक करने वाले कलाकार, नृत्य-संगीत, होटल, रेस्टोरेंट, पर्यटन आदि उद्योगों को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूनेस्को ने 2021 में दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित कर दिया है, जिससे कयास लगाये जा रहे हैं कि हर साल पूजा के दौरान पर्यटकों की आवक में तेजी आयेगी, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या अधिक रहेगी। कोलकाता के रहवासियों ने यूनेस्को के प्रति अपनी कृतज्ञता एक कार्निवल आयोजित करके की है। इस साल 1 अक्तूबर से 5 अक्तूबर के दौरान भी कोलकाता में देश और विदेश से दुर्गा माँ के भक्त शामिल होकर इस त्योहार का आनंद लेंगे। वर्ष 2019 में दुर्गा पूजा के दौरान हुए कारोबार पर ब्रिटिश काउंसिल ने एक अध्ययन किया है, जिसके अनुसार वर्ष 2019 के दौरान दुर्गा पूजा में 32,377 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ, जो पश्चिम बंगाल की कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.58 प्रतिशत था। इस राशि में खुदरा क्षेत्र की हिस्सेदारी 27,364 करोड़ रुपये की थी। एक अनुमान के अनुसार इस साल देश में दुर्गा पूजा के दौरान लगभग 1.25 से 1.5 लाख करोड़ रुपए के कारोबार होने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोरोना के बाद दुर्गा पूजा के लिए धन का सबसे प्रमुख स्रोत प्रायोजन है। बैंकों से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल में कारोबार करने वाली कंपनियां, उपभोक्ता सामान से जुड़ी कंपनियों ने इस वर्ष दुर्गा पूजा को प्रायोजित किया है। नामचीन पूजा पंडाल, पंडाल के द्वार, खंभे, बैनर और स्टॉल प्रायोजन के लिए मुहैया करवाते हैं। विज्ञापन से भी दुर्गा पूजा के लिए पैसे आते हैं। इस वर्ष दीवाली पूरे देश में 24 अक्तूबर को धूमधाम से मनाया जायेगा। दीवाली में लक्ष्मी माँ की पूजा की जाती है, जिन्हें धन की देवी माना जाता है। इस त्योहार में दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान किया जाता है। कुम्हार दीये और खिलौने बनाते हैं। लोग पटाखा जलाकर खुशी का इजहार करते हैं, जिसके कारण पटाखे का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जाता है। दीवाली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी और धातु के बर्तन खरीदने का रिवाज है। नए वाहन भी इस त्योहार में खूब खरीदे जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिल भारतीय व्यापार परिसंघ (सीएआईटी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना महामारी के बावजूद वर्ष 2021 में दीवाली के दौरान 1.25 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया गया था, जो विगत 10 सालों का रिकॉर्ड था। सीएआईटी के मुताबिक देशभर में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम चलाये जाने की वजह से चीन को वर्ष 2019 में लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था और स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, कुम्हारों आदि की कमाई में तेजी आई थी। ई-कॉमर्स कंपनियां भी इस साल दीवाली में जबरदस्त कारोबार होने की उम्मीद कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएआईटी के अनुमान के अनुसार दीवाली में कुल कारोबार 1.5 से 1.75 लाख करोड़ रुपए की सीमा को पार कर सकता है, क्योंकि विगत 2 सालों से आमजन कोरोना महामारी की वजह से परेशान थे और इस साल वे खुद को उत्सव के रंग में सराबोर करना चाहते हैं। भारत विविधताओं से भरा देश है और यहाँ हर 12 कोस में बोली, रहन-सहन, भाषा और पानी बदल जाती है, लेकिन इस बदलाव को त्योहार एक रंग में रंग देते हैं। इंसान की जिंदगी में अनेक मुश्किलें हैं, जिससे वह अक्सर घबरा जाता है। त्योहार हमें मुश्किलों के बीच जीना सिखाते हैं। साथ ही, हमें आर्थिक रूप से सबल बनाने का काम भी करते हैं।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>-युवा लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Oct 2022 10:13:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विजयदशमी पर्व आज, दोपहर 12.15 पर निकलेगी शोभायात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[शाम 6.08 मिनट पर होगा रावण दहन सरसा शहर में श्री रामा क्लब व विष्णु क्लब द्वारा दो जगह होगा दशहरा महोत्सव पर कार्यक्रम सरसा (सच कहूँ न्यूज)। शारदीय नवरात्रों के समापन के पश्चात विजयदशमी पर्व यानि दशहरा मनाया जाता है। कोरोना काल के चलते करीब दो सालों के बाद इस बार दशहरा पर्व उत्साह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/vijayadashami-festival-today/article-38622"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/vijayadashami.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>शाम 6.08 मिनट पर होगा रावण दहन</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सरसा शहर में श्री रामा क्लब व विष्णु क्लब द्वारा दो जगह होगा दशहरा महोत्सव पर कार्यक्रम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> शारदीय नवरात्रों के समापन के पश्चात विजयदशमी पर्व यानि दशहरा मनाया जाता है। कोरोना काल के चलते करीब दो सालों के बाद इस बार दशहरा पर्व उत्साह व उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सरसा शहर में दशहरा महोत्सव पर श्री रामा क्लब व विष्णु क्लब के द्वारा बुधवार दोपहर 12 बजे से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो शहर के मुख्य बाजारों से होती हुई दशहरा ग्राउंड में पहुंचेगी। श्री रामा क्लब के द्वारा आटो मार्केट में वहीं विष्णु क्लब के द्वारा सरसा बाइपास सीडीएलयू गेट के सामने रावण व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। दोनों ही क्लबों के द्वारा पुतले स्थापित किए जाने का काम मंगलवार को दोपहर बाद शुरू हो गया। शोभायात्रा के उपरांत दशहरा ग्राउंड में भगवान राम व रावण का युद्ध होगा, जिसके पश्चात रावण कुंभकर्ण के पुतलों को अग्निभेंट किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चौ. रणजीत सिंह करेंगे रावण दहन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">श्री रामा क्लब द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा को पूर्व सांसद डा. अशोक तंवर धर्म ध्वजा दिखाकर रवाना करेंगे। बाद में दशहरा महोत्सव में मुख्यातिथि के रूप में बिजलीमंत्री चौ. रणजीत सिंह पहुंचेगे। जबकि अध्यक्षता संजय अरोड़ा करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्लब के संरक्षक श्याम बजाज, भाजपा नेता सुरेंद्र आर्य व समाजसेवी अरूण मेहता होंगे। वहीं विष्णु क्लब के द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह मुख्यातिथि होंगे। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी राजन मेहता होंगे। कार्यक्रम में गायक राजू मावर अपने गीतों की प्रस्तुति देंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दोनों ही क्लबों के विशालकाय पुतले रहेंगे का केंद्र</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दशहरा उत्सव पर रामा क्लब व विष्णु क्लब के द्वारा रावण व कुंभकर्ण के विशालकाय पुतले तैयार किए गए हैं। रामा क्लब द्वारा करीब 71 फीट ऊंचा रावण व 61 फीट ऊंचा कुंभकर्ण का पुतला तैयार किया गया है। साथ ही लंका भी बनाई गई है। भव्य आतिशबाजी व पटाखों के साथ रावण कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होगा। वहीं विष्णु क्लब द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा में 12 फीट के हनुमान की झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। रथ को भी नए अंदाज में खिंचा जाएगा। यहां भी करीब 55 फीट ऊंचा रावण व मेघनाद के पुतले तैयार किए गए हैं। रावण के पुतले का मुंह घूमता हुआ दिखाई देगा तथा आवाजें निकालेगा। इसके साथ ही करीब सात फीट ऊंचा नशे का पुतला भी फूंका जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>इन रूटों से होकर गुजरेगी शोभायात्रा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">श्री रामा क्लब की शोभायात्रा जनता भवन से शुरू होकर अनाजमंडी, शिव चौक, सूरतगढ़िया बाजार, घंटाघर चौक, भगत सिंह चौक, रोड़ी बाजार, सदर बाजार से होते हुए आर्य समाज रोड, बेगू रोड से होते हुए कंगनपुर रोड व आटो मार्केट में बने दशहरा ग्राउंड में पहुंचेगी। वहीं विष्णु क्लब की शोभायात्रा सूरतगढ़िया बाजार, घंटाघर चौक, रोड़ी बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, जगदेव सिंह चौक, शिव चौक, अनाज मंडी, डबवाली रोड से होते हुए सरसा बाइपास से होते हुए दशहरा ग्राउंड में पहुंचेगी।</p>
<p><a title="वायु सेना दिवस पर चंडीगढ़ के आकाश में 40 से अधिक लड़ाकू विमान करेंगे गर्जन" href="http://10.0.0.122:1245/air-show-in-chandigarh-on-air-force-day/">वायु सेना दिवस पर चंडीगढ़ के आकाश में 40 से अधिक लड़ाकू विमान करेंगे गर्जन</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/vijayadashami-festival-today/article-38622</link>
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                <pubDate>Wed, 05 Oct 2022 09:20:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलवर में अयोध्या से लाई गई रज पर खड़े होकर होगा रावण के पुतले का दहन</title>
                                    <description><![CDATA[अलवर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान में अलवर शहर में दशहरा पर्व (Dussehra Festival) पर इस बार 75 फुट का रावण, 55 फुट का कुंभकरण एवं 50 फुट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर शहर के दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में राम बनकर श्री राम जन्म भूमि अयोध्या से लाई गई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/dussehra-festival-in-alwar-city/article-38578"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/dussehra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अलवर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान में अलवर शहर में दशहरा पर्व (Dussehra Festival) पर इस बार 75 फुट का रावण, 55 फुट का कुंभकरण एवं 50 फुट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर शहर के दशहरा मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में राम बनकर श्री राम जन्म भूमि अयोध्या से लाई गई रज पर खड़े होकर रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। पुरुषार्थी समाज के प्रतिनिधि अयोध्या से रज लेकर अलवर पहुंचे हैं। दशहरे पर आयोजित रावण दहन के लिए दिल्ली के कारीगर पुतला बनाने में जुटे हैं। इस बार खास तकनीक से पुतले बनाए गये है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार रावण दहन धीरे-धीरे होगा। विशेष लाइटिंग होगी। इस मौके आयोजित शोभायात्रा में पंजाबी बैंड होगा। अलवर जिला पुरुषार्थी समिति के प्रवक्ता सौरभ कालरा ने बताया कि पांच अक्टूबर को अपराह्न ढाई बजे शोभायात्रा समाज की धर्मशाला अशोका टॉकीज से आरम्भ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई दशहरा मैदान पहुंचेगी। इस वर्ष पंजाब का विशेष आमंत्रित बेग पाइपर बेंड विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। जिसमें सिक्खी पोशाक पहने कलाकर पंजाबियत की छठा बिखेरेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>10 दिनों से पुतला बनाने में लगे</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">दशहरा मैदान में डीग के प्रधान ठेकेदार गुड्डू के निर्देशन में मेरठ , आगरा व डीग के कारीगरों 10 दिनों से पुतला बनाने में लगे हैं। दशहरा ग्राउंड व्यवस्था देख रहे अशोक आहूजा ने बताया कि इस वर्ष रावण पुतला 75 फुट, कुम्भकर्ण 55 फुट व मेघनाथ 50 फुट का होगा। पुतला निर्माण में गोवर्धन से विशेष बांस व खप्पची तथा दिल्ली से आकर्षक एको फ्रेंडली पेपर उपयोग में लिया गया है। पुतलों का दहन धीरे धीरे के लिए खास तकनीक काम में ली जाएगी। ग्राउंड पर चार हजार से अधिक कुर्सियां होंगी ताकि दर्शकों को असुविधा न हो। पांच अक्टूबर को शाम छह से साढे छह बजे तक जयपुरी नवरंगी आतिशबाजी का विशेष शो होगा। इस आयोजन को सफल बनाने में 60 लोगों की टीम तैयारी में जुटी है।</p>
<hr />
<p><a title="अंधविश्वास का कहर" href="http://10.0.0.122:1245/havoc-of-superstition/">अंधविश्वास का कहर</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 10:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान : अग्नि महोत्सव में 11 की मौत, 400 से अधिक घायल</title>
                                    <description><![CDATA[तेहरान। ईरान में चाहरशांबे सूरी या अग्नि महोत्सव के जश्न के दौरान कम से कम 11 लोग मारे गए और 486 अन्य घायल हो गए। ईरान की सरकारी टीवी चैनल ने यह जानकारी दी। ईरान के आपातकालीन संगठन के प्रवक्ता मोजतबा खालिदी के अनुसार, घायलों में से 49 की स्थिति गंभीर है। खालिदी ने कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/11-killed-over-400-injured-in-fire-festival-in-iran/article-31541"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/fire-festival-in-iran.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान।</strong> ईरान में चाहरशांबे सूरी या अग्नि महोत्सव के जश्न के दौरान कम से कम 11 लोग मारे गए और 486 अन्य घायल हो गए। ईरान की सरकारी टीवी चैनल ने यह जानकारी दी। ईरान के आपातकालीन संगठन के प्रवक्ता मोजतबा खालिदी के अनुसार, घायलों में से 49 की स्थिति गंभीर है। खालिदी ने कहा कि ज्यादातर हताहतों की संख्या पिछले साल की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है, जो बीते चार या पांच दिनों में हुई है। इस वर्ष ईरानी नव वर्ष 21 मार्च से शुरू हो रहा है, जिससे पहले पिछले बुधवार की पूर्व संध्या पर ईरानियों द्वारा अग्नि महोत्सव मनाया गया। ईरानी लोग आग पर कूदकर और सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़कर अग्नि उत्सव मनाते हैं तथा पुराने वर्ष को विदाई देकर नए साल का स्वागत करते हैं।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Mar 2022 10:15:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>70 पाकिस्तानी तीर्थयात्री उर्स के लिए भारत आएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। दिल्ली स्थित हजरत ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया के 718वें उर्स में हिस्सा लेने के लिए करीब 70 पाकिस्तानी तीर्थयात्री 18 से 25 नवंबर के बीच भारत आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह यात्रा भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक स्थलों की यात्रा पर 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के तहत हो रही है। यह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/70-pakistani-pilgrims-will-come-to-india-for-urs/article-28462"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/urs-festival-ajmer.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> दिल्ली स्थित हजरत ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया के 718वें उर्स में हिस्सा लेने के लिए करीब 70 पाकिस्तानी तीर्थयात्री 18 से 25 नवंबर के बीच भारत आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह यात्रा भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक स्थलों की यात्रा पर 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के तहत हो रही है। यह जानकारी भारत द्वारा गुरु पूरब समारोह के लिए करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोलने की घोषणा के बाद मिली है, ताकि सिख तीर्थयात्रियों को 19 नवंबर को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की यात्रा करने की अनुमति मिल सके।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Nov 2021 10:41:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lohri festival : जानें क्यों जलाई जाती है आग और कौन था ‘दुल्ला भट्टी’</title>
                                    <description><![CDATA[सच कहूँ परिवार अपने सभी पाठकों को लोहड़ी पर्व (Lohri festival ) की शुभकामनाएं देता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/lohri-festival-is-a-major-festival-of-punjab-and-haryana/article-12451"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/happy-lohri.jpg" alt=""></a><br /><h3>नवविवाहित दंपति और नवजात शिशु के लिए के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है लोहड़ी पर्व | Lohri festival</h3>
<h5>Edited By Vijay Sharma</h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ डेस्क।</strong> सबसे पहले तो सच कहूँ परिवार अपने सभी पाठकों को लोहड़ी पर्व <strong>(Lohri festival )</strong> की शुभकामनाएं देता है। सच कहूँ डेस्क आज पाठकों को  इस पर्व की महत्वता और इतिहास क्या है इसके बारे में बतायेगा। लोहड़ी पंजाब और हरियाणा का प्रमुख त्योहार है। हर साल 13 जनवरी को देशभर में धूमधाम से लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। यह फसल से जुड़ा हुआ त्योहार है और इस दिन सिख लोग फसल पकने की खुशी मनाते हैं। यह त्योहार नवविवाहित दंपति और घर आए नवजात शिशु के लिए के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दिन शाम को लकड़ियों की ढेरी पर लोहड़ी जलाई जाती है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में नववधू और बच्चे की पहली लोहड़ी का विशेष महत्व होता है। इस दिन अग्नि के चारों ओर खड़े होकर लोकगीत गाए जाते हैं और नए धान के साथ खील, मक्का, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली अग्नि में अर्पित की जाती हैं। अग्नि के चारों तरफ परिक्रमा भी की जाती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दुल्ला भट्टी से जुड़ी ये लोककथा है प्रचलित</h2>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो लोहड़ी को लेकर दक्ष और भगवान कृष्ण से जुड़ी मान्यताएं भी प्रचलित हैं। लेकिन एक और मान्यता है जो अकबर के शासन काल के दौरान की है। कहा जाता है कि अकबर के शासन काल में दुल्ला भट्टी नाम का एक शख्स था जो कि पंजाब प्रांत में रहता था। दुल्ला भट्टी बहादुर योद्धा था। संदलबार नाम की एक जगह थी जहां गरीब घर की लड़कियों को अमीरों को बेच दिया जाता था। यह जगह अब पाकिस्तान में है। यहां एक किसान सुंदरदास रहता था जिसकी दो बेटियां सुंदरी और मुंदरी थीं। गांव का ठेकेदार जो कि मुगल था, सुंदरदास को खुद से बेटियों की शादी कराने के लिए धमाकता है। जब यह बात दुल्ला भट्टी को पता चली तो उसने ठेकेदार के खेत जला दिए और सुंदरी और मुंदरी की शादियां वहां करवाई जहां उनका पिता चाहता था। तभी से लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">लोहड़ी पर क्यों जलाते हैं आग ?</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>लोहड़ी के दिन आग जलाने को लेकर माना जाता है कि यह आग्नि राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में जलाई जाती है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एक बार राजा दक्ष ने यज्ञ करवाया और इसमें अपने दामाद शिव और पुत्री सती को आमंत्रित नहीं किया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>निराश होकर सती ने पिता से पूछा कि उन्हें और उनके पति को इस यज्ञ में निमंत्रण क्यों नहीं दिया गया।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इस बात पर अहंकारी राजा दक्ष ने सती और भगवान शिव की बहुत निंदा की।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इससे सती बहुत आहत हुईं और क्रोधित होकर खूब रोईं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उनसे अपने पति का अपमान देखा नहीं गया और उन्होंने उसी यज्ञ में खुद को भस्म कर लिया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सती के मृत्यु का समाचार सुन खुद भगवान शिव ने वीरभद्र को उत्पन्न कर उसके द्वारा यज्ञ का विध्वंस करा दिया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>तब से माता सती की याद में आग जलाने की परंपरा है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>पौराणिक कथा अनुसार</strong></p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>लोहड़ी का पावन लोक गीत </strong></h2>
<p style="text-align:justify;">सुंदर मुंदरिये हो, तेरा कौन विचारा हो,<br />
दुल्ला भट्ठी वाला हो, दुल्ले दी धी व्याही हो,<br />
सेर शक्कर पाई हो, कुड़ी दे जेबे पाई हो,<br />
कुड़ी दा लाल पटाका हो, कुड़ी दा सालू पाटा हो,<br />
सालू कौन समेटे हो, चाचे चूरी कुट्टी हो,<br />
जमीदारां लुट्टी हो, जमीदारां सदाए हो,<br />
गिन-गिन पोले लाए हो, इक पोला घट गया,<br />
जमींदार वोहटी ले के नस गया, इक पोला होर आया,<br />
जमींदार वोहटी ले के दौड़ आया,<br />
सिपाही फेर के लै गया, सिपाही नूं मारी इट्ट, भावें रो ते भावें पिट्ट,<br />
साहनूं दे लोहड़ी, तेरी जीवे जोड़ी..</p>
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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2020 12:27:58 +0530</pubDate>
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