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                <title>Contribution - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बोस को नमन: मोदी ने कहा- एक परिवार को बड़ा बनाने के लिए नेताजी का योगदान भुलाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद सरकार की 75वीं सालगिरह के मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के अलावा किसी अन्य मौके पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger/article-6373"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद सरकार की 75वीं सालगिरह के मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के अलावा किसी अन्य मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि देश में एक परिवार को बड़ा बनाने के लिए नेताजी के योगदान को भुलाया गया। सरकार इसे बदलने की कोशिश कर रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने एक अन्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देश को समर्पित किया। यहां पुलिस के योगदान को सराहते हुए वे भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस मुख्यालय में मोदी ने कहा, ”जिस प्रकार आप सभी अपने कर्तव्य के पथ पर बिना रुके अटल रहते हैं। हर मौसम में, हर त्योहार में सेवा के लिए तैनात रहते हैं। कुछ यही भावना इस मेमोरियल को देखने से झलकती है। देश में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करने की अनेक साजिश को आपने नाकाम किया है। ऐसी साजिशें जिनकी जानकारी भी बाहर नहीं आ पाती। जिसके लिए आपको प्रशंसा भी नहीं मिलती। यह सिर्फ आपके सेवा भाव की वजह से ही संभव है। देश के नक्सल प्रभावित जिलों में जो जवान ड्यूटी पर तैनात हैं, उन्हें मैं यही कहूंगा कि आप बेहतरीन काम कर रहे हैं।”</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Oct 2018 13:13:03 +0530</pubDate>
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                <title>देश निर्माण में एनसीसी का योगदान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत दुनिया का सबसे सुनहरी और गौरवशाली इतिहास वाला देश है। भारत की सुरक्षा जहां एक और विशाल हिमालय और गहरे सागर करते हैं वहीं दूसरी और हमारी सेना दुश्मन के लिए बुलन्द हौंसलों के साथ एक मजबूत दीवार बन कर खड़ी है। भारतीय सेना के गौरवमई इतिहास को आगे भी जारी रखता है दुनिया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/nccs-contribution-in-nation-building/article-4127"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/nnc.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत दुनिया का सबसे सुनहरी और गौरवशाली इतिहास वाला देश है। भारत की सुरक्षा जहां एक और विशाल हिमालय और गहरे सागर करते हैं वहीं दूसरी और हमारी सेना दुश्मन के लिए बुलन्द हौंसलों के साथ एक मजबूत दीवार बन कर खड़ी है। भारतीय सेना के गौरवमई इतिहास को आगे भी जारी रखता है दुनिया का सबसे बड़ा अनुशासित युवा संगठन एनसीसी भारतीय नौजवानों को बचपन से ही अनुशासन और देशभक्ति से लबरेज करने के उद्देश्य हेतु एन सी सी के लिए पार्लियामेंट एक्ट एक्सएक्सएक्सआई 16 अप्रैल 1948 को पास किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्कूलों और कॉलेजों में एन सी सी भर्ती की औपचारिक शुरूआत 15 जुलाई 1948 को की गई। एन सी सी में गर्ल डिवीजन जुलाई 1949, एयर विंग 1 अप्रैल 1950 और नेवल विंग का आरम्भ जुलाई 1952 में हुआ। इन सभी में जूनियर विंग में भर्ती स्कूलों में और सीनियर डिवीजन की भर्ती कॉलेजों में की जाती है। पूरे भारत में आज 13.5 लाख से भी ज्यादा एन सी सी केडेट्स हैं। एन सी सी कैडेट्स पूरे भारतवर्ष के 670 जिलों के 3600 प्राइवेट स्कूलों, 12102 सरकारी स्कूलों और 5377 कालिजों में से आतें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एन सी सी संगठन डिफेंस सेक्रेटरी के तहत मिनिस्ट्री आॅफ डिफेंस के अधीन आता है। संगठन का विस्तार देशभर में 17 डायरेक्टरेट द्वारा किया गया है। हर डायरेक्टरेट 14 ग्रुप में, हर ग्रुप 5-7 यूनिट/बटालियन में और बटालियन आगे कंपनी और ट्रूप में विस्तृत है। हैड क्वार्टर लेवल पर इसे लेफ्टीनेंट जनरल, डायरेक्टरेट लेवल पर मेजर जनरल/ब्रिगेडियर, ग्रुप लेवल पर ब्रिगेडियर/कर्नल और यूनिट लेवल पर कर्नल/लेफ्टीनेंट कर्नल अपने दिशा निर्देश से संचालित करते हैं। कॉलेज लेवल पर कंपनी को लेफ्टीनेंट, कैप्टेन और मेजर रैंक के ए एन ओ चलाते हैं जबकि स्कूल लेवल पर ट्रूप को थर्ड आॅफिसर, सेकंड आॅफिसर, फर्स्ट आॅफिसर व चीफ आॅफीसर रैंक के ए एन ओ सम्भालतें हैं। पूरे देश में एन सी सी के 95 ग्रुप हैड क्वार्टर हैं जिनमें 667 आर्मी विंग यूनिट, 61 नेवल और 61 एयर विंग यूनिट हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">1974 में इसे भारतीय युवा उम्मीदों के अनुसार ‘हम सब हिंदी हैं’ किया गया और आखिरकार 1980 में एन सी सी सॉन्ग हुआ ‘हम सब भारतीय हैं’ जो आज भी केडेट्स में गजब का जोश भरता है। 12 अक्टूबर 1980 को 12वीं सी ए सी मीटिंग में एन सी सी के मोटो को भी बड़े सोच विचार के बाद “एकता व अनुशाशन”चुना गया। हर साल नवंबर महीने के चौथे रविवार को एन सी सी दिवस मनाया जाता है। एन सी सी का लक्ष्य अथवा उद्देश्य है युवाओं में चरित्र निर्माण करना, अनुशासन, भविष्य की लीडरशिप तैयार करना, धर्मनिरपेक्षता के गुण भरना, युवाओं को संगठित, दक्ष और प्रेरित मानव स्रोत के रूप में ढालना और उनके लिए शस्त्रधारी सेना में भर्ती के लिए उपयुक्त माहौल तैयार करना।</p>
<p style="text-align:justify;">एन सी सी में जूनियर डिवीजन में एनरोलमेंट के लिए स्कूल के विद्यार्थियों को जो 13 से 18.5 साल की उम्र के हों और सीनियर डिवीजन में कॉलेज के 26 साल तक के विद्यार्थी आवेदन दे सकते हैं। अच्छे नैतिक चरित्र और शारीरिक रूप से फिट विद्यार्थिओं को एन सी सी में भर्ती किया जाता है। जिन संस्थाओं में एन सी सी नहीं हैं उनके विद्यार्थी दूसरी एन सी सी संस्थाओं में ओपन कैटेगरी में भर्ती हो सकते हैं।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jun 2018 08:05:34 +0530</pubDate>
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                <title>करुण नायर ने कहा, सामूहिक योगदान से जीते खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। तीसरी बार विजय हजारे ट्रॉफी खिताब जीतने के बाद कर्नाटक के कप्तान करुण नायर ने इस जीत का श्रेय टीम के सामूहिक प्रदर्शन को दिया है। विजेता टीम के कप्तान नायर ने मैच के बाद कहा, ‘खिताब जीतना एक सुखद अहसास है। इसके लिए मैं अपने साथी खिलाड़ियों, टीम प्रबंधन और स्पोर्टिंग स्टाफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/karun-nair-said-titles-won-by-collective-contribution/article-3564"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-02/karun.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>तीसरी बार विजय हजारे ट्रॉफी खिताब जीतने के बाद कर्नाटक के कप्तान करुण नायर ने इस जीत का श्रेय टीम के सामूहिक प्रदर्शन को दिया है। विजेता टीम के कप्तान नायर ने मैच के बाद कहा, ‘खिताब जीतना एक सुखद अहसास है। इसके लिए मैं अपने साथी खिलाड़ियों, टीम प्रबंधन और स्पोर्टिंग स्टाफ को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस खिताबी जीत में सामूहिक योगदान दिया। हमने पूरे सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में नाकाम रहने के बाद यहां खिताब जीतना हमारे लिए एक शानदार उपलब्धि है। कप्तान ने मैन आॅफ द् मैच बल्लेबाज मयंक अग्रवाल की तारीफ करते हुए कहा, ‘उन्होंने हर बार शानदार बल्लेबाजी की। हमें पता था कि वह बड़े स्कोर करने जा रहे हैं और वह ऐसा करके आते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एक बदलाव का दौर है और हम युवाओं को अधिक से अधिक मौका देना चाहते थे जिसमें हम सफल रहे। कर्नाटक की जीत के हीरो रहे मयंक ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में भी 90 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन आॅफ द् मैच का पुरस्कार मिला। मयंक ने कहा, ‘यह एक शानदार क्षण है। जब भी मैं मुश्किल समय में था तो मेरे टीम साथी और प्रबंधन ने मेरी काफी मदद की, इसके लिए मैं उन सब का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा था और जैसे-जैसे समय गुजरता गया, पिच बल्लेबाजी के लिए धीमी होती चली गई।</p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Feb 2018 00:29:25 +0530</pubDate>
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