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                <title>pulses - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>खाद्य तेलों में बड़ी गिरावट, दालें और चीनी भी नरम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। वैश्विक बाजार के नकारात्मक संकेत एवं स्थानीय स्तर पर उठाव सुस्त रहने से बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों में भारी गिरावट दर्ज की गयी। इसके साथ ही दाल दलहन में भी नरमी का रूख बना रहा। आवक बढ़ने और सर्दी में मांग सुस्त होने से चीनी भी सस्ती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/major-fall-in-edible-oils-pulses-and-sugar-also-soften/article-29620"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/pulses.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> वैश्विक बाजार के नकारात्मक संकेत एवं स्थानीय स्तर पर उठाव सुस्त रहने से बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों में भारी गिरावट दर्ज की गयी। इसके साथ ही दाल दलहन में भी नरमी का रूख बना रहा। आवक बढ़ने और सर्दी में मांग सुस्त होने से चीनी भी सस्ती हो गयी हालांकि गुड़, चावल और गेहूँ में स्थिरता रही।<br />
<strong>तेल तिलहन :</strong> वैश्विक स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम आॅयल का दिसंबर वायदा समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 82 रिंगिट उतरकर 5173 रिंगिट प्रति टन पर आ गया। वहीं, दिसंबर का अमेरिकी सोया तेल वायदा 3.64 सेंट गिरकर सप्ताहांत पर 57.09 सेंट प्रति पाउंड रह गया।<br />
बीते सप्ताह वैश्विक बाजार की गिरावट का असर घरेलू बाजार में भी रहा। सप्ताहांत पर सोया रिफाइंड 146 रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 366 रुपये प्रति क्विंटल, पॉम आॅयल 146 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 440 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों तेल 586 रुपये प्रति क्विंटल उतर गया। इस दौरान वनस्पति में कोई बदलाव नहीं हुआ। सप्ताहांत पर सरसों तेल 18827 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल 16849 रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी तेल 15385 रुपये प्रति क्विंटल, सोया रिफाइंड 14066 रुपये प्रति क्विंटल, पाम आॅयल 12454 रुपये प्रति क्विंटल और वनस्पति तेल 14066 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।.<br />
<strong>दाल-दलहन :</strong> बीते सप्ताह उठाव कमजोर रहने से दाल-दलहन के बाजार में सुस्ती रही। सप्ताहांत पर मूंग दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल, चना दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल, अरहर दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल और मसूर दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल टूट गयी। उड़द दाल पिछले स्तर पर टिकी रही। चना में भी गिरावट दर्ज किया गया।<br />
सप्ताहांत पर चना 4600-4700, दाल चना 5600-5700, मसूर काली 8600-8700, मूंग दाल 8400-8500, उड़द दाल 9600-9800, अरहर दाल 8500-8600 रुपये प्रति क्विंटल रही।<br />
<strong>अनाज :</strong> बीते सप्ताह अनाज के बाजार में सुस्ती रही। सप्ताहांत पर चावल और गेहूं स्थिर रहे।<br />
सप्ताहांत पर अनाज (भाव प्रति क्विंटल) : गेहूं दड़ा 2200-2220 रुपये और चावल : 2350-2450 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।<br />
<strong>चीनी-गुड़ :</strong> आलोच्य सप्ताह मीठे के बाजार में नरमी रही। आवक बढ़ने के साथ ही सर्दी के कारण उठाव सुस्त होने के दबाव में चीनी 150 रुपये प्रति क्विंटल टूट गयी। गुड़ में कोई बदलाव नहीं हुआ।<br />
सप्ताहांत पर चीनी एस. 3340-3440, चीनी एम. 3650-3750, मिल डिलीवरी 3290-3390 और गुड़ 3050-3150 रुपये प्रति क्विंटल पर रहे।</p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jan 2022 12:31:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉकडाउन के दौरान 1313 करोड़ के दलहन और तिलहन की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान अबतक 1313 करोड़ रुपए के दलहनों और तिलहनों कि खरीद की है । रबी मौसम 2020 के दौरान बीस राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की खरीद की जा रही है। भारतीय खाद्य निगम और नेफेड ने 1,67,570.95 टन दलहन और 1,11,638.52 टन तिलहन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/purchase-of-pulses-and-oilseeds-worth-1313-crores-during-lockdown/article-14673"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/pulses.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सरकार ने लॉकडाउन के दौरान अबतक 1313 करोड़ रुपए के दलहनों और तिलहनों कि खरीद की है । रबी मौसम 2020 के दौरान बीस राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की खरीद की जा रही है। भारतीय खाद्य निगम और नेफेड ने 1,67,570.95 टन दलहन और 1,11,638.52 टन तिलहन की खरीद की है, जिसका मूल्य 1313 करोड़ रुपये है। इस खरीद योजना से अबतक 1,74,284 किसान लाभान्वित हुए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतरराज्यीय आवाजाही के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं, फलों और सब्जियों की आपूर्ति और कीमतों की निगरानी के लिए एक अलग सेल का गठन भी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों में प्याज की आपूर्ति के लिए महाराष्ट्र मंडी बोर्ड के संपर्क में है। वर्तमान में, नासिक जिले के अंतर्गत आने वाले कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) देश के विभिन्न हिस्सों जैसे; दिल्ली, हरियाणा, बिहार, तमिलनाडु, पंजाब, कोलकाता, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, उड़ीसा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि में औसतन 300 ट्रक प्रतिदिन नियमित तौर पर भेज रही है।</p>
<h3>थोक बाजारों को कम करने और आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय ने थोक बाजारों को कम करने और आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) पोर्टल को दो नए मॉड्यूल अर्थात गोदाम आधारित ट्रेडिंग मॉड्यूल और किसान निमार्ता संगठन (एफपीओ) मॉड्यूल को जोड़कर फिर से तैयार किया गया है। वेयरहाउस आधारित ट्रेडिंग मॉड्यूल किसानों को वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (डब्लूडीआरए) द्वारा पंजीकृत बाजारों में अधिसूचित गोदामों से अपनी उपज बेचने में सक्षम बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक 12 राज्यों पंजाब, उड़ीसा, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड के एफपीओ ने व्यापार में भाग लिया है। झारखंड जैसे राज्यों ने ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से फार्म-गेट ट्रेडिंग शुरू की है, जिसके अंतर्गत किसान एपीएमसी तक पहुंचे बिना आॅनलाइन बोली लगाने के लिए अपनी उपज का विवरण तस्वीर सहित अपलोड कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह, ई-नाम के अंतर्गत व्यापार के लिए एफपीओ भी संग्रह केंद्रों से अपनी उपज का विवरण अपलोड कर रहे हैं। हाल ही में ई-नाम प्लेटफॉर्म पर लॉजिस्टिक एग्रीगेटर्स के उबराइजेशन मॉड्यूल का शुभारंभ किया गया है। इससे व्यापारियों को मंडी से लेकर अन्य कई स्थानों पर कृषि उपज के तेजी से आवागमन हेतु अपने आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध ट्रांसपोर्टरों का पता लगाने में मदद मिलेगी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2020 13:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाय महंगाई: प्याज, लहसुन के बाद दालों-सरसों के तेल ने बिगाड़ा बजट</title>
                                    <description><![CDATA[आम घरों की गृहणियों का कहना है कि आम आदमी की जेबों पर सरकार ने तो पहले से डाका डाला हुआ है।
आमदनी किसी प्रकार से हो नहीं रही ऊपर से महंगाई की मार ने रसोई घर का बजट बिगाड़ के रख दिया है।
पहले महीने में औसतन करीबन तीन लीटर सरसों के तेल की खपत थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/increased-prices-of-pulses-mustard-and-oil/article-12494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/expensiveness.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">नववर्ष से प्याज के दामों में आई है गिरावट | Expensiveness</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा)</strong>। पिछले कुछ समय से बढ़े प्याज लहसुन इत्यादि सब्जियों के दामों के झटके से जनता उबरी नहीं थी कि अब जनवरी माह से दालों, घी, रिफाइंड और सरसों के तेल के दामों में भारी वृद्धि होने से रसोई घर में लगने वाला तड़का बिगड़ने लगा है। हालांकि नववर्ष से प्याज के दामों में गिरावट आई है। आम जनता के लिए खाद्य सामग्रियों की लगातार बढ़ रही कीमतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दाल, आटा, घी, रिफाइंड और सरसों तेल की कीमत में वृद्धि हो गई है। सभी प्रकार के दालों में अरहर दाल, मूंग दाल, चना दाल, उड़द दाल के भाव अचानक से बढ़ गए है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये हैं भाव: खुदरा में सरसों तेल की कीमत 115 रुपये, डालडा घी 105 रुपये प्रति लीटर कीमत हो गई है। दालें मूंग की 120, मसहुर 80, माह 120, बेसन 80 रुपये प्रति किलोग्राम है। वैसे क्षेत्रवार कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है। इससे रिटेल कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दामों में आई बढ़ोतरी से ग्राहक नाराज हो रहे है। जिस ग्राहक ने कुछ समय पहले 90 रुपये प्रति लीटर सरसों का तेल खरीदा हो, वो अब 115 से 125 रुपये प्रति लीटर खरीद रहा हो तो सवाल उठाएगा ही। इसके चलते बिक्री पर भी असर पड़ा है।</p>
<h2>रसोईयों में तेल का प्रयोग घटा | Expensiveness</h2>
<ul>
<li><strong>आम घरों की गृहणियों का कहना है कि आम आदमी की जेबों पर सरकार ने तो पहले से डाका डाला हुआ है। </strong></li>
<li><strong>आमदनी किसी प्रकार से हो नहीं रही ऊपर से महंगाई की मार ने रसोई घर का बजट बिगाड़ के रख दिया है।</strong></li>
<li><strong> पहले महीने में औसतन करीबन तीन लीटर सरसों के तेल की खपत थी। </strong></li>
<li><strong>अब एक दम से अधिक दाम बढ़ने से सरसों के तेल को कम इस्तेमाल करना पड़ रहा है </strong></li>
<li><strong>सब्जियां हर प्रकार की तेजी में चल रही दालों के भाव ने रसोई घर की महक पर असर पड़ रहा है।</strong></li>
</ul>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jan 2020 21:28:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दालों में घटबढ़, चीनी,गेहूं में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (एजेंसी)। विदेशी बाजारों में रही घटबढ़ के बीच घरेलू स्तर पर ग्राहकी सामान्य रहने से बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों में टिकाव रहा। सप्ताह के दौरान दालों में घटबढ़ रही जबकि गेहूं और चीनी में नरमी रही। चना और गुड़ में टिकाव रहा। तेल-तिलहन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेशिया के बुरसा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/decreases-in-pulses-sugar-wheat/article-3596"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/puls.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (एजेंसी)। </strong>विदेशी बाजारों में रही घटबढ़ के बीच घरेलू स्तर पर ग्राहकी सामान्य रहने से बीते सप्ताह दिल्ली थोक जिंस बाजार में खाद्य तेलों में टिकाव रहा। सप्ताह के दौरान दालों में घटबढ़ रही जबकि गेहूं और चीनी में नरमी रही। चना और गुड़ में टिकाव रहा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तेल-तिलहन</h2>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम आॅयल का जून वायदा 23 रिंगिट लुढ़ककर सप्ताहांत पर 2,418 रिंगिट प्रति टन पर आ गया। मई का अमेरिकी सोया तेल वायदा हालांकि 0.51 सेंट की तेज में शुक्रवार को कारोबार की समाप्ति पर 32.12 सेंट प्रति पौंड बोला गया। स्थानीय बाजार में सोया रिफाइंड ,सोया डिगम, मूंगफली तेल,तिल तेल, सरसों तेल ,बिनौला तेल,चावल छिलका तेल और पाम आॅयल के भाव टिके रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सप्ताहांत पर बिनौला तेल 7,400, सरसों तेल 7,800, मूँगफली तेल 8,500, चावल छिलका तेल 6,400, तिल तेल 9,000, सोया रिफाइंड 6,950, सोया डिगम 6,750, पाम आॅयल 7,400, वनस्पति 8,352-10,030 रुपये प्रति क्विंटल बोले गये। सप्ताहांत पर अखाद्य तेलों में अरंडी 7000, अलसी 8600, महुआ 6500, नीम 8500, चावल छिलका 4400, एसिड आॅयल 4500, चाय केटी 5500 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा। तिलहनों में सरसों 5000-5100, तिल सफेद 6000-6500, तिल लाल 5500-6000, खली सरसों 2000-2100, बिनौला 2000-2200 रुपये प्रति क्विंटल पर रहा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/decreases-in-pulses-sugar-wheat/article-3596</link>
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                <pubDate>Sun, 18 Mar 2018 06:28:42 +0530</pubDate>
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