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                <title>Kim - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Kim RSS Feed</description>
                
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                <title>ट्रंप से मिलने के बाद किम पहुंचे चीन</title>
                                    <description><![CDATA[ 4 माह में तीसरा दौरा बीजिंग (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सिंगापुर में ऐतिहासिक मुलाकात करने के ठीक 7 दिन बाद नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग उन चीन पहुंचे हैं। मार्च से लेकर अब तक, ये उनका तीसरा चीन दौरा है। ट्रंप से मुलाकात से पहले भी वे चीन गए थे और राष्ट्रपति शी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/48862-2/article-4319"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kim-2.jpg" alt=""></a><br /><h1> 4 माह में तीसरा दौरा</h1>
<p><strong>बीजिंग (एजेंसी)। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सिंगापुर में ऐतिहासिक मुलाकात करने के ठीक 7 दिन बाद नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग उन चीन पहुंचे हैं। मार्च से लेकर अब तक, ये उनका तीसरा चीन दौरा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप से मुलाकात से पहले भी वे चीन गए थे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की थी। खास बात ये भी है कि सिंगापुर वे चीनी हवाईजहाज से ही पहुंचे थे। मंगलवार को चीन पहुंचे किम जोंग का ये दो दिवसीय दौरा बताया जा रहा है। इस बार चीन पहुंचने से पहले ही चीन की आधिकारिक न्यूज एजेंसी ने किम के आने के बारे में खबर कर दी। लेकिन इससे पहले जब वे चीन गए थे तो मुलाकात से पहले जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Jun 2018 10:52:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>किम-ट्रम्प ने बनाया सद्भावना का माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच ऐतिहासिक बातचीत शुरू होने से विश्वयुद्ध का एक खतरा टल गया है। अड़ियल और अहंकारी माने जाने वाले उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग ने सिंगापुर में अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मीटिंग करके स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम जारी नहीं रखेगा। अमेरिका के कट्टर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/kim-trump-created-an-atmosphere-of-goodwill/article-4125"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/tarmp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच ऐतिहासिक बातचीत शुरू होने से विश्वयुद्ध का एक खतरा टल गया है। अड़ियल और अहंकारी माने जाने वाले उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग ने सिंगापुर में अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मीटिंग करके स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम जारी नहीं रखेगा। अमेरिका के कट्टर विरोधी और परमाणु बम चलाने की धमकियां देने वाले किम के व्यवहार में एकदम इतना बदलाव हैरानी जनक है। यदि किम ईमानदारी से अपनी घोषणाओं को पूरा कर देते हैं तो यह दुनिया के लिए बहुत बड़ा संदेश होगा। किम-ट्रम्प की मुलाकात युद्ध के खतरों पर अमन की बड़ी जीत साबित हो सकती है। दुनिया को दो बड़े खतरों का सामना करना पड़ रहा है, आतंकवाद और ताकतवर देशों का टकराव।</p>
<p style="text-align:justify;">ताकतवर देशों के पास परमाणु हथियार हैं और इन देशों ने गुटबंदी बना रखी है। कोरियाई देशों में 65 सालों से चले आ रहे टकराव की मुख्य वजह रूस, चीन और अमेरिका के हित थे। रूस और चीन उत्तरी कोरिया की पीठ थपथपाते आए हैं और दक्षिणी कोरिया में अमेरिका अपना प्रभाव बरकरार रखना चाहता है। वैसे यह कहा जाना भी गलत नहीं होगा कि उत्तरी कोरिया के किम जोंग को ट्रंप के रूप में सवा शेर मिल गया है। यह ट्रंप की उपलब्धि है कि वह चीन और रूस के प्रभाव के बावजूद उत्तरी कोरिया को सही राह पर लाने में कामयाब हुए हैं। ट्रंप के प्रभाव का ही असर था कि इस मुलाकात से पहले किम जोंग और दक्षिणी कोरिया के नेता ने सीमा पर सद्भावना भरी मुलाकात कर दशकों की नफरत को खत्म किया। अब यदि फायर ब्रांड नेताओं किम और ट्रंप ने सतर्कता रखी।</p>
<p style="text-align:justify;">तब वह समय आ गया है कि सीरिया सहित अन्य देशों में रूस और चीन को खानाजंगी का रास्ता छोड़ अमन के रास्ते पर चलना चाहिए। आतंक समाप्ति के लिए भी इन देशों को स्पष्ट नीति अपनानी होगी। विशेषकर पाकिस्तान जो आतंकवाद की नर्सरी के तौर पर जाना जाता है, इस संबंध में कठोर नीति अपनाई जाने की आवश्यकता है। हाफिज़ मोहम्मद सईद, मसूद अजहर, ज़की उर रहमान लखवी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाक को औकात दिखाई जानी चाहिए। अमेरिका व चीन पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह चुके हैं, रूस को इस मामले में स्पष्ट व कल्याणकारी नीति अपनाते हुए आतंक छोड़ देने की बात करनी चाहिए। युद्ध व आतंकवाद किसी भी देश के हित में नहीं। दुनिया के बदल रहे हालातों के अनुसार विवादों को सुलझाने पर जोर दिया जाए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jun 2018 07:48:05 +0530</pubDate>
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                <title>उतर कोरिया के नेता किम जोंग सिंगापुर रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[सिंगापुर (एजेंसी)। 12 जून को होने वाली ऐतिहासिक शिखर वार्ता के लिए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन सिंगापुर के लिए रवाना हो गए हैं। इस हाई लेवल मीटिंग के चलते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/north-korean-leader-kim-jong-leaves-for-singapore/article-4079"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kim-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सिंगापुर (एजेंसी)। </strong>12 जून को होने वाली ऐतिहासिक शिखर वार्ता के लिए उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन सिंगापुर के लिए रवाना हो गए हैं। इस हाई लेवल मीटिंग के चलते सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच बातचीत के लिए सिंगापुर को शायद इसलिए चुना गया क्योंकि सिंगापुर की छवि सख्त नियम और कानून वाले देश की है। यहां ऐतिहासिक शिखर वार्ता के लिए चल रही तैयारियों से लगता है कि यह दोनों देशों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2006 के बाद यह पहला मौका होगा जब सबसे बड़ी संख्या में ट्रंप और किम जोंग उन के वार्ता स्थल की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। वर्ष 2006 में यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व विश्वबैंक की बैठक के दौरान 23 हजार अफसरों को तैनात किया गया था। सिंगापुर में की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के साथ ही नेपाली गोरखों के कंधों पर है। ट्रंप-किम की वार्ता के दौरान पूरी तरह से चौकन्ने ये जवान सड़कों पर फैलकर चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे और कार्यक्रम से जु़डे़ मुख्य स्थानों की ओर जाने वाले मार्गो को बंद कर देंगे। इस दौरान प्रदर्शन के तमाम तरीकों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी बैनर आदि लेकर नहीं चल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ मुख्य सड़कों पर ठोस अवरोधक और बटन दबाते ही जमीन से निकलने वाले मैकेनिकल मेटल बैरियर्स लगाए जा सकते हैं। जिन स्थानों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें रिसॉर्ट आइलैंड सेंटोसा शामिल है। यहीं दोनों नेता मुलाकात करेंगे। इसके अलावा जिस होटल में ट्रंप के रुकने की उम्मीद है उसकी ओर जाने वाला मार्ग भी बंद रहेगा। यहां के नागरिकों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, मेट्रो में वर्दीधारी अधिकरियों की गश्त अथवा हवाई अड्डों पर सशस्त्र सैनिकों की मौजूदगी आम बात है। सरकार ने अपने लोगों के दिलों दिमाग में यह बात गहराई से बैठा दी है कि दुनिया के अमीर स्थानों में शामिल यह जगह आंतकी हमलों के लिए मुख्य लक्ष्य हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंगापुर में इस बार की तैयारी अभूतपूर्व हो सकती है और इससे यहां रह रहे 56 लाख लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर असर पड़ सकता है। संगीत शिक्षक जेनिस तान (28) ने कहा कि यह सुरक्षा व्यवस्था बेहद असुविधाजनक है। खासतौर पर सड़कों को बंद करने से असुविधा बढ़ गई है। उन्होंने कहा, ‘मुझे वैश्विक शांति की चिंता है, लेकिन अच्छा होता कि वे कहीं और बैठक करते।’ सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने  कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच शिखर वार्ता के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस ऐतिहासिक बैठक में किसी भी तरह की कठिनाई नहीं आने दी जाएगी। 12 जून को होने वाली इस बैठक के लिए बालाकृष्णन ने पिछले पांच दिनों में अमेरिका और उत्तर कोरिया की यात्रा की है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 10:01:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जगह और दिन के बाद ट्रंप-किम की मुलाकात का वक्त भी मुकर्रर</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मुलाकात की जगह और दिन के बाद अब वक्त भी मुकर्रर हो गया है। दोनों नेता सिंगापुर के समय के अनुसार सुबह नौ बजे मिलेंगे. इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। व्हाइट हाउस ने इस मुलाकात के समय का ऐलान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-place-and-place-of-trump-kim-after-the-day-is-also-confirmed/article-3692"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/kim-joon.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मुलाकात की जगह और दिन के बाद अब वक्त भी मुकर्रर हो गया है। दोनों नेता सिंगापुर के समय के अनुसार सुबह नौ बजे मिलेंगे. इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। व्हाइट हाउस ने इस मुलाकात के समय का ऐलान करते हुए कहा कि 12 जून को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 9 बजे दोनों नेता मिलेंगे। प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बैठक के समय की घोषणा करते हुए कहा कि सिंगापुर में एक टीम तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। वार्ता शुरू होने तक यह टीम वहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि ट्रंप बैठक से पहले उत्तर कोरिया पर प्रतिदिन राष्ट्रीय सुरक्षा ब्रीफिंग ले रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जब से यह मुलाकात तय हुई है, तभी से इस पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। एक समय को ट्रंप ने मुलाकात रद्द भी कर दी थी। इससे दोनों की मुलाकात की आस लगाए बैठी पूरी दुनिया को झटका लगा था। इसकी कई देशों ने कड़ी आलोचना भी की थी. हालांकि उत्तर कोरिया ने संयम से काम लिया और इस मुलाकात को बहाल करने के लिए कूटनीतिक वार्ता शुरू की। उत्तर कोरिया के रुख को देखते हुए ट्रंप फिर से इस मुलाकात के लिए राजी हो गए। अब दोनों नेता पूर्व निर्धारित समय और स्थान पर ही मुलाकात करेंगे यानी ट्रंप और किम की मुलाकात सिंगापुर में 12 जून को सुबह 9 बजे होनी तय है। यह पहली बार होगा, जब दोनों नेता एक-दूसरे से मुलाकात करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Sat, 05 May 2018 08:20:37 +0530</pubDate>
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