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                <title>Poisonous - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>दिल्ली में जहरीली हवा से मिलेगी मुक्ति: 50 करोड़ रुपए खर्च कर लगाने पड़ेंगे 150 एयर प्यूरीफायर टावर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती समस्या से स्थाई रूप से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एयर प्यूरीफायर टावर लगाने का निर्देश दिया है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/air-poisonous/article-11151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/air-poisonous-.jpg" alt=""></a><br /><h3>सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एयर प्यूरीफायर टावर लगाने का निर्देश |Air Poisonous</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>दिल्ली को जहरीली हवा <strong>(Air Poisonous)</strong> से राहत दिलाने के लिए आने वाले समय में चीन की तरह बड़े एयर प्यूरीफायर टावर लगाए जा सकते हैं। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती समस्या से स्थाई रूप से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एयर प्यूरीफायर टावर लगाने का निर्देश दिया है। एयर प्यूरीफायर टावर के मामले में चीन ने महारत हासिल कर रखी है। दुनिया का सबसे ऊंचा एयर प्यूरीफायर टावर चीन में लगाया गया है। इसकी लंबाई 328 फीट है, जो दस वर्ग किलोमीटर एरिया में समॉग को घटाने में कारगर है। इसे उत्तरी चीन के शांग्सी प्रांत में बनाया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">150 टॉवर लगाने पर करीब 50 करोड़ रुपए का खर्च</h2>
<p style="text-align:justify;">अगर भारत में एयर प्यूरीफायर टावर लगाए जाएं, तो दिल्ली के 1484 स्कवायर किमी दायरे में करीब 150 एयर प्यूरीफायर लगाने पड़ेंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में 60 मीटर (198 फीट) ऊंचा एक एयर प्यूरीफायर टावर लगाने में करीब 19 लाख रुपए का खर्च आया। ऐसे में 328 फीट लंबा एक टावर लगाने में करीब 30 से 35 लाख रुपए खर्च आएगा। अगर भारत की बात करें, तो यहां ऐसे 150 टॉवर लगाने में करीब 50 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कैसे काम करता है एयर प्यूरीफायर टावर</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दुनिया का ये सबसे बड़ा प्यूरिफायर चार भागों में काम करता है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पहले हिस्से में यह प्रदूषित हवा को कलस्टर के जरिए खींचता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> फिर इसमें मौजूद ग्रीन हाउस, सोलर एनर्जी से प्रदूषित वायु को गर्म करता है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>टावर के ऊपरी हिस्से पर पहुंचने तक प्रदूषित हवा को कई स्तरों पर फिल्टर किया जाता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इसके बाद प्रदूषित हवा स्वच्छ होकर दोबारा पर्यावरण में मिल जाती है।</strong></li>
</ul>
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<p style="text-align:right;"><strong>Edited By Vijay Sharma</strong></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2019 12:03:10 +0530</pubDate>
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                <title>जहरीली हो गर्ईं नहरें, पानी में बहाया जा रहा कैमिकल</title>
                                    <description><![CDATA[फरीदकोट/सादिक (अर्शदीप सोनी)। जिला फरीदकोट के कोटकपूरा रोड पर गुजरतीं जोड़ियां नहरें सरहन्द फीडर व राजस्थान फीडर के अलावा गुरूहरसहाए के पास की गुजरती नहर इन दिनों प्रदूषित पानी के साथ पूरी भरी हुई हैं। मालवा क्षेत्र पहले ही कैंसर व चमड़ी के रोगों की मार झेल रहा है हरीके पत्तन व सतलुज दरिया में फेंका […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/poisonous-berero-canals/article-3725"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/rover.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फरीदकोट/सादिक (अर्शदीप सोनी)। </strong>जिला फरीदकोट के कोटकपूरा रोड पर गुजरतीं जोड़ियां नहरें सरहन्द फीडर व राजस्थान फीडर के अलावा गुरूहरसहाए के पास की गुजरती नहर इन दिनों प्रदूषित पानी के साथ पूरी भरी हुई हैं। मालवा क्षेत्र पहले ही कैंसर व चमड़ी के रोगों की मार झेल रहा है हरीके पत्तन व सतलुज दरिया में फेंका जा रहा जालंधर व लुधियाना की फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त जहरीला व प्रदूषित पानी इन नहरों के द्वारा अब फरीदकोट भी पहुंच चुका है। पहले यह पानी साफ था फिर केमिकल मिलने के बाद काला हो गया व अब इस प्रदूषित पानी से नहरों में जीव जंतु मरने से पानी का रंग लाल हो गया है, जिसमें हजारों की संख्या में मरी हुई मछलियों व जीव -जंतु भी नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हैरानी व दुख की बात तो यह है कि जिला प्रशासन की नाक नीचे प्रवासी मजदूरों की तरफ से इन नहरों में से मरी मछलियां धड़ाधड़ निकाल कर बेची व खाई जा रही हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकतीं हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस सबसे बेखबर है। जिक्रयोग्य है कि यही पानी शहरों के वाटर वर्कस की तरफ से सीधा लोगों के घरों में सप्लाई किया जा रहा है व लोग भयानक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिससे लोगों में बेचैनी वाला माहौल बना हुआ है। मालवा क्षेत्र को भयानक बीमारियों से बचाने के लिए कई समाज सेवी व किसान संगठनों द्वारा जिला प्रशासन फरीदकोट को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था। जिससे सरकार इस की तरफ ध्यान दे परंतु सब कुछ जानते हुए भी सरकार ने चुप्पी साध रखी है। समाज सेवी गुरप्रीत सिंह, रुलदू सिंह औलख, दलेर सिंह, शिवजीत सिंह ने कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">कि कावां वाले पत्तन व हरीके पत्तन से पंजाब के मालवा क्षेत्र व राजस्थान राज्य को जहरीला व प्रदूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे लोगों व जानवरों में कैंसर और चमड़ी के रोगों में विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा जो कोई फैक्ट्रियां जहरीला व प्रदूषित पानी दरियाओं में फैंक रही हैं। उन पर पंजाब सरकार को जल्द ही कार्रवाई करनी चाहिए। इस संबंधी उन की तरफ से अपील भी दायर की जा रही है, जिसमें पंजाब सरकार को पार्टी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तो पशुआें व जानवरों में भी कैंसर जैसी भयानक बीमारी ने अपने पैर पसार लिए होने के बावजूद यदि सरकार कोई कदम नहीं उठाती तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों की तरफ से चंद पैसों की खातिर लोगों को मौत बांटी जा रही है जिसके आगामी दिनों में गंभीर निष्कर्ष निकलेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हमारी सरकार इस मुद्दे प्रति गंभीर: विधायक कुशलदीप ढिल्लों</h3>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी जब विधायक कुशलदीप ढिल्लों के साथ बात की तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोगों के स्वास्थ्य प्रति व प्रदूषण प्रति गंभीर है और जिस भी कारखाने की जहरीली वेस्टज नहरी पानियों में पाई गई है या पाई जा रही है उनके खिलाफ सरकार सख़्त से सख़्त कार्रवाई करेगी।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 May 2018 09:44:27 +0530</pubDate>
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