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                <title>Kumar Swamy - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Kumar Swamy RSS Feed</description>
                
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                <title>सार्वजनिक रूप से माफी मांगें कुमारस्वामी : भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी (Kumar Swamy) पर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया। भाजपा का कहना है कि श्री कुमारस्वामी को विधानसभा में विपक्ष के नेता बी. एस. येद्दियुरप्पा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kumar-swamy-should-apologize-to-the-public-bjp/article-6019"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/kumar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेंगलुरु (एजेंसी)।</strong> कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी <strong>(Kumar Swamy)</strong> पर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया।</p>
<p>भाजपा का कहना है कि श्री कुमारस्वामी को विधानसभा में विपक्ष के नेता बी. एस. येद्दियुरप्पा और पार्टी की छवि धूमिल करने वाले और जनता को उपद्रव के लिए भड़काने वाले बयान के लिए माफी मांगनी होगी। कुमारस्वामी ने गुरुवार को भाजपा पर गठबंधन सरकार के विधायकों को लुभाने और ‘आॅपरेशन कमल’ में शामिल होने के प्रयास करने का आरोप लगाया था।</p>
<p>उन्होंने भाजपा पर राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए जनता से पार्टी के खिलाफ बगावत करने का आह्वान किया। कुमारस्वामी ने कहा कि यदि उन्होंने श्री येद्दियुरप्पा का जनता को धोखा देने वाला मुखौटा हटाकर असल चेहरा उजागर कर दिया तो उन्हें मुंह छिपाने की जगह भी नहीं मिलेगी।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Sep 2018 17:10:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>विपक्षी एकता का नाटक और कुमारस्वामी के आंसू</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दिनों कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी एक सभा में रो पड़े। यह भी माना जा सकता है कि गठबंधन सरकार का प्रमुख बनने के बाद की परिस्थितियों ने उनके आंसू निकाल दिए। कुमारस्वामी के आंसू जेडीएस और कांग्रेस के खट्टे और तल्ख रिश्तों की पोल तो उजागर करते ही हैं, वहीं देश में विपक्ष एकता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-drama-of-opposition-unity-and-the-tears-of-kumaraswamy/article-4893"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/kumar-sawamy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पिछले दिनों कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी एक सभा में रो पड़े। यह भी माना जा सकता है कि गठबंधन सरकार का प्रमुख बनने के बाद की परिस्थितियों ने उनके आंसू निकाल दिए। कुमारस्वामी के आंसू जेडीएस और कांग्रेस के खट्टे और तल्ख रिश्तों की पोल तो उजागर करते ही हैं, वहीं देश में विपक्ष एकता की सच्चाई का बयान भी करते हैं। ये वहीं कुमारस्वामी हैं जिनके शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर विपक्षी दलों ने अपनी ताकत और मित्रता को संदेश पूरे देश को दिया था। अभी तो कर्नाटक की सरकार को बने चंद महीने ही हुए हैं और गठबंधन की सरकार के प्रमुख कुमारस्वामी के आंसू पूरा देश देख रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमं़त्री कुमारस्वामी के सहयोगी दल कांग्रेस ने उनके दुखी होने पर तंज कसा है कि मुख्यमंत्री को खुश रहना चाहिए वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल भाजपा ने कुमारस्वामी के आंसुओं को अवार्ड मिलने लायक बताकर उनका मजाक उड़ाया है। मुख्यमंत्री वाकई रोये या उन्होंने इसका अभिनय किया ये तो वही बेहतर बता सकते हैं लेकिन जिस तरह जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी का गठबंधन बेमेल विवाह जैसा था ठीक वैसे ही कर्नाटक में कांग्रेस द्वारा फेंके दाने को जिसे कुमार ने लपका उसमें कोई सैद्धांतिक सोच तो थी नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल दोनों ही पार्टियां आगामी चुनाव के मद्देनजर अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी हुई हैं। गठबंधन कब तक चलेगा ये भी नहीं कहा जा सकता। ऐसे में शुरूवाती दौर में ही कुमार स्वामी ने आंसू पोछते हुए जो सन्देश दिया वह बेहद साफ है। इससे यह तो साफ हो गया है कि कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। वैसे देखा जाए तो नेता आंसुओं की ताकत जानते हैं। कई ने इसके जरिए अपना भविष्य ही संवार लिया। नेताओं के लिए आंसू बहुत सी चीजों का इंश्योरेंस होते हैं। एचडी कुमारस्वामी भी बहुत मंझे हुए नेता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तभी उन्होंने हिंदू मान्यता की याद दिलाते हुए आंसू बहाए कि वह भी शिवजी की तरह विषपान कर रहे हैं। कुमारस्वामी का ये बयान पूरी मीडिया में हेडलाइन बना। इससे सहयोगी दल कांग्रेस चिंतित भी है और उसकी किरकिरी भी हुई, विपक्षी बीजेपी ने इसे डरामा करार दिया और कहा कि उन्हें बेस्ट एक्टर का अवार्ड दिया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने तो इसे गठबंधन की समाप्ति की शुरूआत तक कह दिया। राजनीति के कुछ जानकार कह रहे हैं कि यह गठबंधन के कमजोर होने का संकेत है। आगे चल कर सरकार भी गिर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन कुछ मान रहे हैं कि ये सोची समझी रणनीति है। इस रणनीति का अपना एक मकसद भी है। जेडीएस कार्यकतार्ओं के सामने आंसू बहा कर कुमारस्वामी ने एक चतुराई भरा कदम उठाया है। गौड़ा के सुपुत्र इस ताकतवर सेंटीमेंटल कार्ड को खेल कर एक तरह से कांग्रेस को चेतावनी दी है कि अगर वे टांग खिंचना जारी रखेगी तो दिक्कत होगी। वह अपने को सताया हुआ साबित कर देंगे। साथ ही उन्होंने बीजेपी को भी संकेत दे दिए कि 11 साल पहले उनके सहयोगी रहे बीएस येदुरप्पा ने जैसे उनके साथ ह्यविश्वासघातह्ण किया था वैसा वह भी कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके पिता, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगैड़ा ने भी कर्नाटक के हुबली जिले में एक तरह से अपने बेटे के इस रुख का समर्थन किया। साथ ही कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर हमला भी किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी को खुल कर काम करने नहीं दिया जा रहा है। उन पर बहुत अधिक दबाव है। दो महीने पहले जब यह कांग्रेस जेडीएस की साझा सरकार बनी तभी से पिता-पुत्र दोनों सताए जाने का कार्ड खेल रहे हैं ताकि कुछ सहानुभूति पैदा की जा सके। कुमारस्वामी अक्सर अपनी बेचारगी के बयान करते रहे हैं कि वे तो कांग्रेस के रहम पर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि 104 सदस्यों वाला विपक्ष उन्हें हटाने में लगा है। गठबंधन के कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सार्वजनिक तौर पर सरकार के स्थिरता को लेकर विवादास्पद बयान दे चुके हैं। उन्हें कभी गौड़ा का प्रतिद्वंदी माना जाता रहा। बीजेपी इसमें लगी है कि सरकार को उत्तर कर्नाटक के विरोधी के रूप में स्थापित किया जाय। बीजेपी के मुताबिक सरकार वहीं विकास के काम कर रही है जहां उसकी पकड़ मजबूत है। वैसे कर्नाटक की राजनीति को करीब से जानने वाले यह कहते हैं कि पिता-पुत्र दोनों बहुत चतुर हैं। अांसू बहाकर उन्होंने सरकार को सुरक्षित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर कांग्रेस उनके लिए परेशानी पैदा करती है, तो लोगों की भावना कांग्रेस के विरोध में और जेडीएस के पक्ष में ही होगी. अगर बीजेपी उनके खिलाफ जाती है तो वो भगवा-दल को पुराने मैसूर और वोकालिंगा समुदाय के विरुद्ध बता सकते हैं। हाल में किसानों के कर्जमाफी के बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों को मजबूर कर दिया। सहयोगी कांग्रेस भी कर्जमाफी नहीं चाह रही थी, क्योंकि पूरा के्रडिट जेडीएस को मिल जाएगी। राहुल गांधी को इसे मुद्दा न बनाने के लिए कांग्रेसियों को मनाना पड़ा। बीजेपी को डर है कि आने वाले लोक सभा चुनाव में यह मुद्दा उनके खिलाफ जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुमारस्वामी के इस भावुक भाषण की तात्कालिक वजह सोशल मीडिया पोस्ट हैं। मीडिया में आयी रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के भावुक भाषण के पीछे सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहा वह अभियान है जिसमें ‘कुमारस्वामी हमारे सीएम नहीं हैं।’ बताया गया है। इसके अलावे एक वीडियो में कोडागू के एक लड़के को यह कहते सुना जा रहा है कि जिले में भारी बारिश के बाद सड़कें बह गई हैं लेकिन मुख्यमंत्री को इसकी फिक्र नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुमारस्वामी ने गठबंधन की मजबूरियां बताते हुए कहा कि बिना बहुमत के सरकार चलाना काफी मुश्किल है। स्पष्ट जनादेश नहीं मिलने से सरकार चलाने में मुझे ज्यादा खुशी नहीं हो रही है। विपक्षी पार्टियां अगले लोकसभा चुनाव से पहले एकजुटता दिखाने के तरीके खोज रही हैं। इस बीच कुमारस्वामी का बयान विपक्षी एकता के झूठे नाटक को शीशा दिखाने का काम कर रहा है। असल में सत्ता पाने और मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए जो देश भर में परस्पर विरोधी और विचारधारा से विपरीत दल आपस में गले मिल रहे हैं, उसकी जमीनी सच्चाई यही है, जो इन दिनों कर्नाटक में दिख रहा है। कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस की सरकार के शपथ लेने के मौके पर देश भर के विपक्षी नेता बेंगलुरू में जुटे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उसके बाद अभी ऐसी जुटान का दूसरा मौका नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि चेन्नई में विपक्षी पार्टियों के नेताओं का जमावड़ा होगा। डीएमके नेता एमके स्टालिन तमाम विपक्षी नेताओं की मेजबानी करेंगी। यह भी कहा जा रहा है कि विपक्षी पार्टियां भारत बंद की योजना भी बना रही हैं। किसानों के मसले पर और रोजगार व आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष मानसून सत्र के दौरान भारत बंद का ऐलान कर सकता है। कुमारस्वामी के बयान के बाद विपक्षी एकता को धक्का लगना तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">गठबंधन की सरकार बनने के बाद कुमारस्वामी ने भगवान शंकर जी की तरह विषपान करने की जो बात कही वह सरासर गलत है क्योंकि ऐसा करने के लिए उन्हें किसी ने मजबूर नहीं किया था। स?ाा की लालच में जिसे वे अमृत समझकर गटक गए अब यदि वह उन्हें विष लग रहा है तो उसके लिए कोई दूसरा कसूरवार नहीं है। हालांकि रोने और आंसू पोछने की विवशता के बावजूद कुमारस्वामी ने अब तक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। यह भी लगभग निश्चित है कि वह इस्तीफा तब तक नहीं देंगे जब तक उसके लिए मजबूर नहीं कर दिए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ये पहला अवसर नहीं जब देवेगौड़ा परिवार स?ाा के लालच में कांग्रेस के शिकंजे में फंसा हो लेकिन दूसरी तरफ ये भी सच है कि कुमार यदि स?ाा में न आते तो वे कर्नाटक की राजनीति में हांशिये पर सिमटने की स्थिति में आ चुके थे। उस लिहाज से तो ये स?ाा उनके लिए अमृत जैसी हो गई। वे खुद भी जानते हैं ये ज्यादा दिन रहेगी नहीं इसीलिए वे इस तरह का नाटक दिखाकर सहानुभूति बटोरना चाह रहे हैं। फिलवक्त कर्नाटक के नाटक से कांग्रेस और भाजपा दोनों की मुसीबतें तो बढ़ी ही हैं, वहीं विपक्षी एकता की गाड़ी में भी फिलवक्त ब्रेक लगता दिख रहा है।</p>
<p> </p>
<p><strong>राजेश महेश्वरी</strong></p>
<p> </p>
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                <pubDate>Wed, 18 Jul 2018 08:19:15 +0530</pubDate>
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                <title>कुमार स्वामी: CM बनकर खुश नहीं, पी रहा जहर के घूंट</title>
                                    <description><![CDATA[चाहूं तो कभी भी  छोड़ सकता हूं सीएम पद बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक में गठबंधन सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस बात के संकेत खुद मुख्यमंत्री डी. कुमारस्वामी ने दिए हैं। शनिवार को बेंगलुरु में सीएम के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया था जिस दौरान कुमारस्वामी भावुक हो गए। कुमारस्वामी ने भरी आंखों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kumar-swamy-not-happy-by-becoming-a-cm-i-am-drinking-the-poison/article-4854"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/kumar-sawami.jpg" alt=""></a><br /><h2>चाहूं तो कभी भी  छोड़ सकता हूं सीएम पद</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु (एजेंसी)।</strong> कर्नाटक में गठबंधन सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस बात के संकेत खुद मुख्यमंत्री डी. कुमारस्वामी ने दिए हैं। शनिवार को बेंगलुरु में सीएम के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया था जिस दौरान कुमारस्वामी भावुक हो गए। कुमारस्वामी ने भरी आंखों से कहा कि वे सीएम की कुर्सी पर बैठकर खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं भगवान नीलकंठ की तरह जहर पी रहा हूं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि मैं चुनावों से पहले राज्य का सीएम बनना चाहता था, आप सब भी मेरे सीएम बनने पर खुश होंगे लेकिन मैं नहीं हूं। उन्होंने कहा कि मैं चाहूं तो कभी भी सीएम पद छोड़ सकता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">आप सब मुझसे बहुत प्यार करते हैं, मेरा सम्मान करते हैं ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है लेकिन मुझे इस बात का भी दुख है कि लोगों ने मुझे इतना वोट नहीं दिया कि मेरी पार्टी को बहुमत मिले। कर्नाटक सीएम ने कहा कि मैंने किसानों के साथ किया वादा निभाया और उनका कर्ज माफ किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डी. कुमारस्वामी ने कहा कि कोई नहीं जानता कि किसानों का कर्ज माफ करने में मुझे कितनी मशक्कत और बाजीगरी करनी पड़ी। उल्लेखनीय है कि कुमारस्वामी ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार का पहला बजट पेश करते हुए किसानों का 34 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Mon, 16 Jul 2018 03:23:55 +0530</pubDate>
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                <title>कर्नाटक में आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे कुमारस्वामी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली(एजेंसी) कर्नाटक में जदएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के मुखिया तौर पर एचडी कुमारस्वामी बुधवार को शपथ ग्रहण करेंगे। उनके साथ दलित नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शाम 4.30 होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में गैर-राजग दलों के कई नेता और मुख्यमंत्री शामिल होंगे। गठबंधन सरकार में 22 मंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kumar-swamy-will-take-oath-today-as-cm/article-3740"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/kumar-sawamy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली(एजेंसी) </strong>कर्नाटक में जदएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के मुखिया तौर पर एचडी कुमारस्वामी बुधवार को शपथ ग्रहण करेंगे। उनके साथ दलित नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शाम 4.30 होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में गैर-राजग दलों के कई नेता और मुख्यमंत्री शामिल होंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गठबंधन सरकार में 22 मंत्री कांग्रेस के और 12 जदएस से होंगे</h2>
<p style="text-align:justify;">अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और पार्टी के प्रदेश प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता रमेश कुमार विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। विधानसभा उपाध्यक्ष जदएस से होंगे। गठबंधन सरकार में 22 मंत्री कांग्रेस के और 12 मंत्री जदएस के होंगे। उन्हें गुरुवार को होने वाले बहुमत परीक्षण के बाद शपथ दिलाई जाएगी। वहीं, कुमारस्वामी ने बताया कि मंत्रियों के विभाग बंटवारे पर गुरुवार को ही विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा सरकार के सुचारू संचालन के लिए एक समन्वय समिति भी बनाई जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शिवकुमार नहीं बन पाए उपमुख्यमंत्री</h3>
<p style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का नाम भी आगे था, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पद के लिए जी. परमेश्वर के नाम को मंजूरी दी। बताते हैं कि जदएस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को उनके नाम पर आपत्ति थी, क्योंकि गौड़ा परिवार और शिवकुमार दोनों ही वोक्कालिगा समुदाय से हैं और शिवकुमार को उनका कट्टर प्रतिद्वंदी माना जाता है। हालांकि, देवेगौड़ा ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कई विपक्षी नेता करेंगे शिरकत</h4>
<p style="text-align:justify;">शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, राजद के तेजस्वी यादव, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आदि शिरकत करेंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">पांच साल गठबंधन सरकार चलाना बड़ी चुनौती: कुमारस्वामी</h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे जदएस नेता कुमारस्वामी ने कहा है कि अगले पांच साल तक कांग्रेस-जदएस की गठबंधन सरकार चलाना उनके लिए ‘बड़ी चुनौती’ होगी। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा, ‘यह मेरी जिंदगी की बड़ी चुनौती है।मुझे इस बात की उम्मीद नहीं है कि मैं मुख्यमंत्री के तौर पर अपने दायित्व आसानी से निभा पाऊंगा। ‘ सिर्फ मुझे ही नहीं, राज्य के लोगों को भी संदेह है कि क्या यह सरकार सुचारू रूप से चल पाएगी, लेकिन मुझे विश्वास है कि शारदाम्बे और श्रृंगेरी जगतगुरु (शंकराचार्य) की अनुकंपा से हर चीज आसान हो जाएगी।’ इससे पूर्व, कुमारस्वामी ने मंगलवार को श्रृंगेरी शारदा मंदिर, दक्षिणाम्या पीठम और प्रसिद्ध मंजूनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।</p>
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                <pubDate>Wed, 23 May 2018 07:44:48 +0530</pubDate>
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