<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/oil/tag-6094" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>oil - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/6094/rss</link>
                <description>oil RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Cooking Oil:  सावधान: आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है ये तेल, जानें खाना पकाने में किस तेल का करे इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[Which Oil is best for health? अगर आप ऑफिस में नौकरी करते हैं और अपने घर से दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं, तो आपको निश्चित रूप से ही हर शाम ऑफिस के बाहर खड़े होकर पकौड़े वाले से पकौड़े खाना या फिर समोसा खाना पसंद होगा। लेकिन क्या आपने इन सभी चीजों में एक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/which-oil-is-best-for-health/article-49897"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/cooking-oil.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Which Oil is best for health? अगर आप ऑफिस में नौकरी करते हैं और अपने घर से दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं, तो आपको निश्चित रूप से ही हर शाम ऑफिस के बाहर खड़े होकर पकौड़े वाले से पकौड़े खाना या फिर समोसा खाना पसंद होगा। लेकिन क्या आपने इन सभी चीजों में एक बात को गौर किया है कि जिस कढ़ाई में इन्हें बनाया जाता है उसमें उबलता तेल ही आपके पेट मे पहुंचता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि हम सभी जानते हैं कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है, लेकिन फिर भी हम खुद को रोक नहीं पाते और समोसे पकौड़े व कचौड़ी खूब खाते हैं। हां लेकिन हम अगर एक बार को बाहर की ये चीजें खानी बंद कर देने हैं, लेकिन घर पर नहीं रोक पाते और हम घर पर भी ये गलती कई बार दोहराते हैं। Cooking Oil</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल भारतीय रसोई में रिफाइंड ऑयल का ही इस्तेमाल किया जाता है, आजकल हर रसोई में रिफाइंड ऑयल ही है, रसोई तो रसोई पकौड़े बनाने वालों के पास भी रिफाइंड ऑयल होता है। रिफाइंड ऑयल हमारे किचन का वह स्लो पॉइजन है, जो धीरे-धीरे हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है, जी हां, हम उसी रिफाइंड की बात कर रहे हैं, उस रिफाइंड सोयाबीन तेल की जिसका इस्तेमाल आप सब्जी से लेकर परांठे तक में करते हैं। उससे कोलेस्ट्रॉल, हार्ट संबंधी समस्याओं, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज जैसे नुकसान भी हो सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये रिफाइंड ऑयल आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। Cooking Oil</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि ऐसे में सब्जियां बनाने के लिए किस तेल का इस्तेमाल किया जाए और कौन सा तेल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानतें हैं सब्जी में कौन से तेल का इस्तेमाल करें। लेकिन सबसे पहले हम आपको बताएंगे रिफाइंड ऑयल के नुकसान इन बीमारियों का कारण बन सकता है सोयाबीन तेल। वैज्ञानिकों के रिसर्च के मुताबिक सोयाबीन तेल में लिनोलिक एसिड पाया जाता है, जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो 1 से 2% लिनोलिक एसिड का सेवन हम कर सकते हैं, लेकिन सोयाबीन के तेल में इससे ज्यादा लिनोलिक एसिड पाया जाता है, जिससे आपके माइक्रोबायोम पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि सोयाबीन का तेल खाने से मोटापा, डायबिटीज, अल्जाइमर, डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं और आप इन बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खाना पकाने में कौन सा तेल है सही? Which Oil is best for health?</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल सैचुरेटेड फैट शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक होता है, ऐसे में हमेशा हमें उस तेल का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम हो। जैसे ऑलिव ऑयल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा सरसों के तेल का सेवन भी आप कर सकते हैं। लेकिन आपको किसी भी प्रकार के रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल खाने में नहीं करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे सरसों के तेल के अलावा कुकिंग में ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल और एवोकाडो ऑयल जैसे कई तेलों का इस्तेमाल होता है। लेकिन इन सारे तेलों में अलग-अलग गुण मौजूद होते हैं। आइए जानते हैं इन सब तेलों के गुण….</p>
<h3 style="text-align:justify;">ओलिव ऑयल | Best Cooking Oil</h3>
<p style="text-align:justify;">ऑलिव ऑयल में खाना पकाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, खासकर एक्स्ट्रा वर्जन ऑलिव ऑयल में खाना पकाना अच्छा है क्योंकि यह पूरी तरह से शुद्ध होता है। ओलिव ऑयल को प्रोसेस्ड और रिफाइंड नहीं किया जाता है जिसकी वजह से इसकी क्वालिटी बहुत अच्छी होती है। इसमें अच्छी मात्रा में मोनोसैचुरेटेड फैट और कुछ मात्रा में पॉलीअनसैचुरेटे फैटी एसिड पाया जाता है जो दिल के लिए अच्छा होता है। ऑलिव ऑयल से धीमी आंच पर कुकिंग की जाती है।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/benefits-of-black-turmeric-in-hindi/">Black Turmeric: औषधीय गुणों से भरपूर है काली हल्दी, जानें अनोखे और चमत्कारी लाभ</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Black Turmeric: औषधीय गुणों से भरपूर है काली हल्दी, जानें अनोखे और चमत्कारी लाभ” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/benefits-of-black-turmeric-in-hindi/embed/#?secret=eOqZRPHRwp%23?secret=Bxg6rp6Ukj" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h3 style="text-align:justify;">कोकोनट ऑयल</h3>
<p style="text-align:justify;">कोकोनट तेल में हाई सैचुरेटेड फैट पाया जाता है इसलिए इसके इस्तेमाल पर एक्सपर्ट्स की राय अलग-अलग रहीे हैं। सैचुरेटेड फैट याददास्त के लिए अच्छा नहीं माना जाता लेकिन कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम मात्रा में हेल्थी चीजों में इसका इस्तेमाल करके कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एवोकैडो ऑयल | Cooking Oil</h3>
<p style="text-align:justify;">एवोकैडो ऑयल को बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। वर्जिन ऑलिव ऑयल की तरह इसे भी रिफाइंड नहीं किया जा सकता है। इस तेल में हाई हीट पर कुकिंग की जाती है। इस तेल में स्वाद बहुत ही कम होता है। एवोकैडो की तरह इसका तेल भी क्रीमी होता है। एवोकैडो ऑयल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट, पॉलीअनसैचुरेटे फैटी एसिड और विटामिन ई पाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि अन्य तेलों की तुलना में इसकी कीमत अधिक होती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/diet-tips-for-uric-acid/">Diet Tips For Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरंत खाना छोड़ दें ये चीजें</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/which-oil-is-best-for-health/article-49897</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/which-oil-is-best-for-health/article-49897</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Jul 2023 16:12:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/cooking-oil.jpg"                         length="40152"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस से तेल खरीदना हमारे फायदे का सौदा: जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[मास्को (एजेंसी)। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि मास्को से तेल खरीदना भारत के लिए फायदेमंद और वह इसे जारी रखना चाहेंगे। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान रुस से तेल के आयात पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में डा.जयशंकर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/buying-oil-from-russia-is-a-profitable-deal/article-39694"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/minister-s-jaishankar1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मास्को (एजेंसी)।</strong> भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि मास्को से तेल खरीदना भारत के लिए फायदेमंद और वह इसे जारी रखना चाहेंगे। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान रुस से तेल के आयात पर पूछे गये एक सवाल के जवाब में डा.जयशंकर ने यह बात कही। विदेश मंत्री ने ऊर्जा बाजार पर दबाव के बारे में चर्चा करते हुए कहा, ‘तेल और गैस के दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता के रूप में, एक उच्च स्तर की आय के बिना एक उपभोक्ता के रूप में हमारा मौलिक दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय उपभोक्ताओं के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सबसे लाभप्रद शर्तों तक सबसे अच्छी पहुंच हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘इस संबंध में काफी ईमानदारी से, भारत रूस संबंधों ने हमारे लाभ के लिए काम किया है। इसलिए अगर यह मेरे लाभ के लिए काम करता है, तो मैं इसे जारी रखना चाहता हूं। जबकि भारत ने यूक्रेन संघर्ष पर बातचीत और कूटनीति की वापसी की वकालत करते हुए अपनी स्थिति बनाए रखी, रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि भारत और रूस ऐतिहासिक संबंधों से एकजुट हैं, जो पारस्परिक सम्मान, आत्मनिर्भरता, ‘भू-राजनीतिक स्थिति में उतार-चढ़ाव का प्रतिरोध की विशेषता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव ने द्विपक्षीय व्यापार की ‘सकारात्मक गतिशीलता’ का स्वागत किया और कहा कि दोनों देश जल्द ही 30 बिलियन अमरीकी डालर के वार्षिक व्यापार कारोबार को प्राप्त कर लेंगे। रूसी विदेश मंत्री ने कहा, ’सितंबर 2022 तक, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में, व्यापार कारोबार में 133 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो लगभग 17 अरब अमेरिकी डॉलर के निशान तक पहुंच गई। हमें यकीन है कि रूस और भारत के नेताओं द्वारा वार्षिक व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">30 अरब अमरीकी डालर का कारोबार जल्द ही हासिल किया जाएगा। इससे इससे पूर्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान यूक्रेन संघर्ष पर भारत की स्थिति को साफ करते हुये डा. जयशंकर ने रुस से बातचीत और कूटनीति से इस समस्या का हल निकालने की वकालत की। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर सोमवार शाम मास्को पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच इस साल यह पांचवीं मुलाकात है। उनकी यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत को रूस और यूक्रेन के बीच संभावित वातार्कार के रूप में पेश किया जा रहा है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/buying-oil-from-russia-is-a-profitable-deal/article-39694</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/news-brief/buying-oil-from-russia-is-a-profitable-deal/article-39694</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Nov 2022 10:44:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-11/minister-s-jaishankar1.jpg"                         length="16030"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाद्य तेलों के दामों में आग, एक साल में हुए दोगुने</title>
                                    <description><![CDATA[राहत के लिए कदम उठा सकती है सरकार नई दिल्ली। अच्छे दिनों का इंतजार करते आमजन के गुस्से से अब सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। खाद्य तेलों के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के चलते आमजन का मोदी सरकार से मोह भंग होता जा रहा है और उसमें बेहद नाराजगी देखी जा रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/edible-oil-prices-doubled-in-a-year/article-24151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/oil.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;">राहत के लिए कदम उठा सकती है सरकार</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> अच्छे दिनों का इंतजार करते आमजन के गुस्से से अब सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। खाद्य तेलों के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के चलते आमजन का मोदी सरकार से मोह भंग होता जा रहा है और उसमें बेहद नाराजगी देखी जा रही है। क्योंकि पिछले एक साल में ही इन तेलों के दाम दोगुने हो चुके हैं। लोगों के बीच सरकार की छवि को हुए नुक्सान की भरपाई के लिए अब सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात कर को घटाने की तैयारी की है। ऐसा करने से शायद आमजन को थोड़ी राहत मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि देश में फिलहाल सरसों, पाम, सोया आॅयल आदि तेलों की कीमत 175 से 200 रुपये लीटर के करीब पहुंच चुकी है। एक न्यूज एजेंसी ने कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया कि आमजन को राहत देने के लिए सरकार अब टैक्स घटाने की तैयारी हो रही है। भारत विश्व के सबसे ज्यादा वनस्पति तेल आयात करने वाले देशों में शुमार है। आयात कर कम होने से जहां घरेलू बाजार में तेल कीमतें घटेंगी और खपत में इजाफा होगा। वहीं मलेशिया से आने वाले पाम, सोया, सनफ्लावर आयल के आयात को बल मिलेगा। ऐसा होने से घरेलू सरसों, सोयाबीन और मुंगफली तेल के दाम भी कम होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि भारत खाद्य तेलों की दो तिहाई आपूर्ति के लिए इसका आयात करता है। वर्तमान में पाम आॅयल पर 32.5% और क्रूड सोयाबीन तथा सोया आॅयल पर 35 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। अगर पाम आॅयल की बात करें तो इसका ज्यादातर आयात इंडोनेशिया, मलेशिया सेस और सोया, सनफ्लावर आॅयल अर्जेंटीना, ब्राजील, यूक्रेन और रूस आदि देशों से मंगवाया जाता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/edible-oil-prices-doubled-in-a-year/article-24151</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/edible-oil-prices-doubled-in-a-year/article-24151</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Jun 2021 09:58:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-06/oil.jpg"                         length="81896"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑयल चोरी के लिए हाईवे के नीचे बना डाली लंबी सुरंग, पुलिस के उड़े होश</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के शाहपुरा थाना इलाके में चाकसू से पानीपत जा रही इंडियन ऑयल  की भूमिगत पाइप लाइन से ऑयल चोरी के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/oil-theft-game-in-jaipur/article-10699"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/oil-theft.jpg" alt=""></a><br /><h2><strong>मामले को लेकर जयपुर रेंज आइजी एस सेंगाथिर ने  घटनास्थल का जायजा | </strong></h2>
<h2><strong>Oil Theft </strong></h2>
<ul>
<li><strong>सुरंग बनाने में आरोपितों को करीब 15 से 20 दिन लगे होंगे।</strong></li>
</ul>
<p><strong>जयपुर (एजेंसी)।</strong> जयपुर के शाहपुरा थाना इलाके में चाकसू से पानीपत जा रही इंडियन ऑयल <strong>( Oil Theft Game in Jaipur )</strong> की भूमिगत पाइप लाइन से क्रूड ऑयल चोरी के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। मामले को लेकर जयपुर रेंज आइजी एस सेंगाथिर व जयपुर ग्रामीण एसपी शंकरदत्त शर्मा ने बुधवार को घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की पूरी जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक सुरंग बनाने में आरोपितों को करीब 15 से 20 दिन लगे होंगे। मुख्य पाइप लाइन से टीन शेड में जा रही क्रूड ऑयल चोरी करने के लिए 2 चेंबर भी बनाए गए थे।</p>
<h2>आरोपितों के कई ठिकानों पर दबिश जारी</h2>
<p>वॉल्व से 100 मीटर की दूरी पर टीन शेड मिला है। जिसमें मुख्य लाइन से तेल चोरी किया जा रहा था। टीन शेड के अंदर दो चैम्बर मिले हैं। पाइप, टैंकर, वॉल्व सहित कई तरह के संसाधन भी मिले। इससे पूर्व 19 जून को चौमूं में तेल गिरोह पकड़ा था। गिरोह हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की लाइन में सेंधमार कर लाखों का तेल निकाल चुका था। पुलिस ने बताया कि आरोपितों के कई ठिकानों पर दबिश जारी है और कॉल डिटेल के आधार पर भी जांच की जा रही है।</p>
<ul>
<li><strong>इंडियन ऑयल की भूमिगत पाइप लाइन में सेंधमारी कर क्रूड ऑयल चोरी का खेल एक माह से चल रहा था। </strong></li>
<li><strong>10 सितम्बर की रात को पाइप लाइन में कू्रड ऑयल का प्रेशर कम होने पर कंपनी प्रतिनिधियों ने चोरी होने का अनुमान लगाया।</strong></li>
<li><strong> मुख्य पाइप लाइन में लगाए गए वाल्व को हटाने में कंपनी कार्मिक दूसरे दिन भी व्यस्त रहे।</strong></li>
<li><strong>मामले को लेकर जयपुर रेंज आइजी एस सेंगाथिर ने  घटनास्थल का जायजा</strong></li>
</ul>
<h2>जल्द पकड़े जाएंगे</h2>
<p>मौके की जांच की है। पुलिस टीम सरगर्मी से आरोपितों की तलाश में जुटी है। आरोपी जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे।<br />
एस सेंगाथिर,आईजी, जयपुर रेंज</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p>Oil Theft Game in Jaipur</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/oil-theft-game-in-jaipur/article-10699</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/oil-theft-game-in-jaipur/article-10699</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Oct 2019 14:12:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-10/oil-theft.jpg"                         length="113194"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज फिर बढ़ोतरी, मोदी कर सकते हैं समीक्षा बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ)। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। शनिवार को एक बार फिर तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 35 पैसे बढ़े हैं, जबकि डीजल की कीमत में 24 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 81.63 रुपये प्रति लीटर हो गई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/oil-prices/article-5938"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/oil-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)।</strong> पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। शनिवार को एक बार फिर तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 35 पैसे बढ़े हैं, जबकि डीजल की कीमत में 24 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 81.63 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 73.54 रुपये प्रति लीटर मिल रहे हैं। वहीं, मुंबई में भी पेट्रोल के दाम 34 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं, जबकि डीजल के दाम में 25 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अब मुंबई में पेट्रोल की कीमत 89.01 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 78.07 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।</p>
<h2>तेल की कीमतें बढ़ने के पीछे ये हैं कारण</h2>
<p>तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर की मुकाबले रुपये का गिरना है। चूंकि रुपये में लगातार गिरावट आ रही है, इसकी वजह से तेल कंपनियां भी लगातार कीमतों में बदलाव कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि तेल कंपनियों को कीमतों का भुगतान डॉलर में करना पड़ता है, जिसकी वजह से उन्हें अपना मार्जिन पूरा करने के लिए तेल की कीमतों में इजाफा करना पड़ रहा है।</p>
<p>माना जा रहा है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी और बढ़ने वाली हैं। हालांकि कर्नाटक चुनावों के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम बिलकुल नहीं बढ़े थे। इसलिए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि चार राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सरकार तेल की कीमतों पर लगाम लगा सकती है। हालांकि चार राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने पहले ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वैट कम कर दिया है।</p>
<h2>पीएम मोदी आज कर सकते हैं समीक्षा बैठक</h2>
<p>रुपये में लगातार गिरावट और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हर रोज हो रही बढ़ोतरी ने सरकार को चिंता में डाल दिया है। सूत्रों की मानें तो देश की अर्थव्यवस्था पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज बैठक हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी की बैठक में संभावित वित्तीय और मौद्रिक कदमों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें देश के शीर्ष वित्त अधिकारी भी शामिल होंगे।सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री अरुण जेटली, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, प्रधान मंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय और वित्त सचिव हंसमुख अधिया के साथ-साथ कई अधिकारी भी इस बैठक में भाग ले सकते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/oil-prices/article-5938</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/oil-prices/article-5938</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Sep 2018 08:39:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/oil-1.jpg"                         length="21221"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई का खेल निकाल रहा जनता का तेल</title>
                                    <description><![CDATA[रुपये की महिमा बड़ी न्यारी है। कहावतें भी बड़ी बनी है रुपये पर तो, बाप बड़ा ना भैया यहां सबसे बड़ा रुपिया और भी न जाने क्या-क्या। लेकिन जब रुपैय्या ही गिरना शुरू हो जाए तो भगवान ही रखवाला है। ऐसे में रुपैया डॉलर के मुकाबले आज तक के सबसे निचले स्तर पर 70.7 पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/public-oil-extracting-inflation/article-5828"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/oil.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रुपये की महिमा बड़ी न्यारी है। कहावतें भी बड़ी बनी है रुपये पर तो, बाप बड़ा ना भैया यहां सबसे बड़ा रुपिया और भी न जाने क्या-क्या। लेकिन जब रुपैय्या ही गिरना शुरू हो जाए तो भगवान ही रखवाला है। ऐसे में रुपैया डॉलर के मुकाबले आज तक के सबसे निचले स्तर पर 70.7 पर पहुंच गया। सरकारें कोई भी रहीं हो इस सारे खेल में तेल जरूर निकला है, किसी और का नहीं बल्कि आम आदमी का, विपक्ष में होने की रस्म अदायगी करती अलग-अलग पार्टियाँ लेकिन सरकार में आते ही हाव भाव ही बदल जाते हैं बिल्कुल रंग बदलने वाले किसी गिरगिट की तरह। पिछले 4 साल से पहले के वक्त में लौटकर देखता हूँ तब पैट्रोल-डीजल की कीमतों पर हाय तौबा मची हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उस समय के पीएम मनमोहन सिंह को तब की विपक्ष और अब की सत्ताधारी पार्टी ने जाने क्या-क्या कहा था लेकिन लोगों ने सरकार बदल दी और ऐसी बदली की राजीव गाँधी की सरकार के बाद से अब तक सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को जीतवा भी दी लेकिन समय बदलने के बाद आज कच्चे तेल की कीमतें तब के मुकाबले बेहद कम हैं लेकिन पेट्रोल डीजल के बढ़े दाम आम आदमी की जेब पर डाका डालने का काम कर रहे हैं। अब बात करते हैं गैरों पर करम की। एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि भारत 15 देशों को 34 रुपए लीटर पैट्रोल व 29 देशों को 37 रुपए लीटर डीजल बेच रहा है। जबकि देश मे पैट्रोल कई जगह 86 रुपये के आसपास पहुंच चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">बस शतक से जरा सा ही दूर तो है। पिछले समय को याद करके कुछ बयान याद आते हैं। ये राजनेता भी गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। तब के बयान वर्तमान में विदेश मंत्री व तब विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज बड़ी मुखर हो आवाज उठाती थी। तब सुषमा स्वराज ने कहा था कि जैसे-जैसे रूपया गिरता है। अब तब के भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार और वर्तमान पीएम ने पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों पर दिए थे। पैट्रोल के बड़े दाम दिल्ली में बैठी सरकार की नाकामयाबी का प्रतीक है। दिल्ली में बैठी सरकार और रुपये में होड़ लगी है कौन कितना गिरेगा। अब ना पीएम साहब को सरकार की नाकामयाबी की ही चिंता है और न ही उन्हें अब आम आदमी नजर आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2012 में मई और सितम्बर के महीने में बीजेपी ने पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर भारत बंद किया था। 23 मई 2012 में उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था कि पेट्रोल की कीमत में भारी वृद्धि कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार की विफलता का एक प्रमुख उदाहरण है। इससे गुजरात पर कई सौ करोड़ का बोझ पड़ जाएगा। नाकामयाबी तो है लेकिन क्या सरकारें बदलने के साथ नेताओं के विचार भी बदल जाते हैं या हमारी यादाश्त ही इतनी कमजोर है कि नेता आसानी से कुछ भी चिपका जाते हैं। अब तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आॅइल के बढ़ते दामों का हवाला देकर पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं, लेकिन पिछले महीने जब क्रूड आॅइल के दाम निचले स्तर पर थे तब इन कंपनियों ने जमकर चांदी काटी।</p>
<p style="text-align:justify;">उस समय इन कंपनियों को पेट्रोल के दाम कम करने का ख्याल क्यों नहीं आया? नेताओं को समाजसेवी होने पर भी मोटा वेतन, सुख-सुविधाएँ, कई तरह के भत्ते और भी न जाने क्या-क्या मिलता है लेकिन इन नेताओं को शिखर तक पहुंचाने वाली जनता हर बार की तरह पिसती नजर आती है। खैर यह उस वक़्त भाजपा नेताओं के बयान है। जब भाजपा विपक्ष में थी। खैर अब तो अच्छे दिन हैं। इस लिए गिरता रुपया राष्ट्रभक्ति की श्रेणी में माना जायेगा। सोशल मीडिया पर लोगों का इससे अच्छा खासा टाइम पास हो जाता है। पैट्रोल-डीजल के बढ़े दामों तले दबता आम आदमी कुछ करने की स्थिति में नजर नहीं आता।</p>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल-डीजल लम्बे समय से राजनैतिक पार्टियों के लिए खींच-तान और राजनैतिक प्रोपगेंडा बना है लेकिन इन दामों को भुगता आम जनता ने ही है। सरकार चाहे कोई भी रही हो। सबने अपने हिसाब से पैट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की। अब आम आदमी के पास इतना समय तो है नहीं की वो पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ विरोध दर्ज कराए। आम आदमी को पता है कि अगर वो ऐसा करेगा तो उसका जीवन नहीं चल पाएगा इसलिए राजनैतिक पार्टियों के भरोसे ही आमजन ने शांति और विरोध छोड़ रखा है। शाम होते ही जिसे ही आम आदमी अपने सुकून के लिए टीवी यानि बुद्धू बक्से को आॅन करता है तो सुकून मिलना तो दूर न्यूज उसे बिल्कुल अशांत कर देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">तेल में लगी आग, महंगाई का बम ऊपर से टीवी स्टूडियो में बैठे एक्सपर्ट मानो एक-दूसरे को खा ही जाएंगे। बेचारा सुकून का मारा आम आदमी, टीवी बन्द करके सोना चाहता है तो घर की समस्याएं उसे खाने को आती हैं। समस्याएं तो खाएंगी ही भला आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया हो तो किसे चलेगा। किसी से पूछ लो और क्या चल रहा है। सामने वाला मुंह पर साढ़े 6 बजाकर बोलता है बस कट रहे हैं दिन। ऐसी स्थिति हो चली है हर ओर तनाव का माहौल, न वो हंसी न मुस्कुराहट। भाई हंसना सीख लो। ये सब देश से कभी नहीं खत्म होने वाला। जिंदगी तो चलानी ही है चाहे हँसकर या रोकर।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>प्रदीप दलाल</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/public-oil-extracting-inflation/article-5828</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/public-oil-extracting-inflation/article-5828</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Sep 2018 20:24:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/oil.jpg"                         length="53623"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगा हुआ कच्चा तेल, भारत पर पड़ेगा  असर</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान पर अमेरिका की सख्ती से भारत को  करना पड़ सकता है मुश्किलों का सामना Crude Oil Will Be Costlier, India Will Fall नई दिल्ली( एजेंसी)। जियो पॉलिटिकल टेंशन के कारण क्रूड में उबाल पहले से ही जारी था, लेकिन अब ईरान पर अमेरिका की हालिया सख्ती ने ब्रेंट क्रूड की कीमतों को भड़का दिया है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crude-oil-will-be-costlier-india-will-fall-10-0-0-122-1245/article-4546"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/oil.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">
<h2>ईरान पर अमेरिका की सख्ती से भारत को  करना पड़ सकता है मुश्किलों का सामना</h2>
</li>
</ul>
<h2>Crude Oil Will Be Costlier, India Will Fall</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली( एजेंसी)</strong>। जियो पॉलिटिकल टेंशन के कारण क्रूड में उबाल पहले से ही जारी था, लेकिन अब ईरान पर अमेरिका की हालिया सख्ती ने ब्रेंट क्रूड की कीमतों को भड़का दिया है। क्रूड की कीमतों का बढ़ना सीधे तौर पर भारत के लिए एक बुरी खबर है। ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़ता क्रूड भारत में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में इजाफा कर देगा (Crude Oil Will Be Costlier, India Will Fall)। जिसका असर महंगाई के तौर पर सामने आएगा। वर्तमान में डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम 70.83 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड के दाम 76.69 डॉलर प्रति बैरल हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ईरान पर अमेरिका की सख्ती के मायने</h2>
<h2 style="text-align:justify;">Crude Oil Will Be Costlier, India Will Fall</h2>
<p style="text-align:justify;">केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि ईरान पर अमेरिका की ओर से सख्ती के संकेत भारतीय बाजार के लिहाज से काफी नकारात्मक है। केडिया ने कहा कि ईरान पर प्रतिबंधों को 6 महीने के लिए टाल दिया गया था लेकिन अमेरिका उस पर प्रतिबंध लगाकर ही मानेगा। वहीं 4 जुलाई को अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस है और इसके बाद ही अमेरिका की तरफ से किसी बड़े फैसले की घोषणा की जा सकती है। लेकिन जैसा कि ईरान पर अमेरिका की सख्ती का सवाल है, इससे सप्लाई को लेकर तो कोई खास चिंता की बात नहीं है लेकिन बाजार के लिए बेहतर खबर नहीं है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारत के लिए कितनी बुरी खबर?</h2>
<h2>Crude Oil Will Be Costlier, India Will Fall</h2>
<p style="text-align:justify;">कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के हेड डॉ रवि सिंह ने बताया कि ईरान पर अमेरिका की सख्ती के बाद क्रूड की कीमतों का बढ़ना भारत के लिए एक नकारात्मक खबर है। अगर ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंध लागू हुए तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होना तय है, वहीं यह सरकार के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को कम करने के सपने को भी तोड़ सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ईरान नहीं तो विकल्प कौन ? Crude Oil Will Be Costlier, India Will Fall</h2>
<p style="text-align:justify;">ईरान भारत के लिए सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है, ऐसे में अगर उस पर प्रतिबंध लगता है तो उसे अमेरिका की ओर देखना होगा। अमेरिका वर्तमान समय में अपने देश में क्रूड के प्रोडक्शन में तेजी से इजाफा कर रहा है। भारत को अमेरिका से संबंध और मधुर बनाने होंगे ताकि ईरान के बाद अमेरिका से तेल की निर्बाध आपूर्ति होती रहे।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crude-oil-will-be-costlier-india-will-fall-10-0-0-122-1245/article-4546</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/crude-oil-will-be-costlier-india-will-fall-10-0-0-122-1245/article-4546</guid>
                <pubDate>Thu, 28 Jun 2018 21:22:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/oil.jpg"                         length="62373"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ऐसा पेट्रोल पंप, जहां तेल के साथ मिल रही शिक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[मानसा (सुखजीत मान/सच कहूँ न्यूज)। मानसा के बस स्टैंड से त्रिकोनी को जाती सड़क पर एक पेट्रोल पंप तेल के साथ-साथ शिक्षा भी देता है। तेल की कीमतें चाहे कितनी भी बढ़-घट जाएं परंतु शिक्षा नि:शुल्क मिलती है शिक्षा बांटने का यह कार्य पिछले 51 वर्षांे से चल रहा है शहर के कुछ लोग ऐसे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/a-petrol-pump-where-education-with-oil/article-3818"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/petrol-pump.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मानसा (सुखजीत मान/सच कहूँ न्यूज)। </strong>मानसा के बस स्टैंड से त्रिकोनी को जाती सड़क पर एक पेट्रोल पंप तेल के साथ-साथ शिक्षा भी देता है। तेल की कीमतें चाहे कितनी भी बढ़-घट जाएं परंतु शिक्षा नि:शुल्क मिलती है शिक्षा बांटने का यह कार्य पिछले 51 वर्षांे से चल रहा है शहर के कुछ लोग ऐसे भी हैं जो तेल बेशक अपने वाहन में यहां से न डलवाएं परन्तु शिक्षा लेने जरूर आते हैं। विवरणों मुताबिक वर्ष 1967 में बस स्टंैंड के पास एसो. कंपनी का पंप स्थापित किया गया था उस समय पर कंपनी का संचालक एक अंग्रेज अधिकारी था।</p>
<p style="text-align:justify;">पंप के उद्घाटन पर आए अंग्रेज अधिकारी ने पंप मालिक जगदीश राय को जब पंप पर कोई अन्य सुविधा लेने संबंधी पूछा तो उन्होंने एक बोर्ड लागने की मांग करते कहा कि वह बोर्ड पर रोजमर्रा की सुबह ‘आज का विचार’ लिखा करेंगे, जिसे लोग रूक-रूक कर पढ़ा करेंगे। अंग्रेज अधिकारी ने तुरंत उनकी मांग को पूरा करते बोर्ड लगवा दिया जिस पर उस समय पर से किसी महान विद्वान या कवि आदि की समाज को शिक्षा देने वाली लाईनें लिखीं जा रही हैं। जगदीश राय के पुत्र जगमोहन कुमार ने बताया कि 1967 में काले रंग का बोर्ड लगाया था, जिस पर चाक से उनके पिता सन्देश लिखते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक समय पर उन के पिता वद्ध होने के कारण वह बीमार हो गए तो कुछ वर्ष तक विचार लिखना बंद रहा परन्तु 1992 में जब उसने पंप संभाला तो अपने पिता से इस बोर्ड संबंधी पूछा तो वह बहुत प्रभावित हुए, जिस कारण उन्होंने अपने पिता के इस कार्य को आगे बढ़ाते पहली बार लिखा था ‘‘इन्सान अपनी संगत से और फल अपनी रंगत से पहचाना जाता है’’ कई सालों बाद में दोबारा लिखे विचार की प्रशंसा पहले दिन ही करीब 60 -70 व्यक्तियों ने की, जिससे उनको काफी हौसला मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">जगमोहन कुमार ने बताया कि उनके पंप पर इस विचार को अब बड़ी संख्या लोग रोजमर्रा की ही पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि काफी लोग तो इस विचार को पढ़ने के इस हद तक आदी हो गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या स्कूल अध्यापक व अन्य सरकारी कर्मचारी हैं, जो अपने वाहनों में तेल चाहे यहां रुक कर न डलवाएं परंतु बोर्ड पर लिखा विचार जरूर पढ़ने आते हैं। जगमोहन कुमार ने बताया कि उनके पिता जगदीश राय को भी साहित्य की उत्साह था और वह भी साहित्य के साथ जुड़े हुए हैं किसी भी अखबार में से मिला अच्छा विचार वह कॉपी आदि पर लिख लेते हैं, जिसे समय -समय अनुसार बोर्ड पर लिख देते हैं। उन्होंने कहा कि जमाने की रफ़्तार के हिसाब के साथ अब काले बोर्ड की जगह सफेद बोर्ड लगाया है, जिस पर मार्कर के साथ लिखा जाता है।</p>
<h3 style="text-align:left;">‘चिराग सेवियां भंडार’ के मालिक ने भी पंप मालिक से प्रभावित होकर अपनी दुकान के सामने लगाया शिक्षा बोर्ड</h3>
<p style="text-align:justify;">शहर के ‘चिराग सेवियां भंडार’ के मालिक यसपाल गिल्होत्रा ने भी पेट्रोल पंप वाले बोर्ड से प्रभावित होकर अपनी दुकान के सामने शिक्षा बोर्ड लगवाया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 22 वर्ष से इस बोर्ड पर रोजमर्रा की एक विचार लिखते हैं, जिसे राहगीर लिखकर या बोर्ड की फोटो खींच कर ले जाते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/a-petrol-pump-where-education-with-oil/article-3818</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/a-petrol-pump-where-education-with-oil/article-3818</guid>
                <pubDate>Mon, 28 May 2018 09:25:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-05/petrol-pump.jpg"                         length="211535"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल की कीमतें काबू करने के लिए सरकार ने आज बुलाई तेल कंपनियों की बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एंजेसी)। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार बुधवार शाम को तेल कंपनियों के साथ मीटिंग करने जा रही है। ऐसी उम्मीद है कि इसमें एक्साइज डयूटी और वैट टैक्स को कम करने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/oil-companies-to-convene-today-to-control-petrol-prices/article-3742"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/patrrol.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एंजेसी)। </strong>पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार बुधवार शाम को तेल कंपनियों के साथ मीटिंग करने जा रही है। ऐसी उम्मीद है कि इसमें एक्साइज डयूटी और वैट टैक्स को कम करने को लेकर फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा। पिछले 10 दिन से पेट्रोल 2.54 रुपए और डीजल 2.41 रुपए महंगा हुआ है। दिल्ली में बुधवार को डीजल का दाम 26 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 68.34 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया। वहीं, पेट्रोल में 30 पैसे की तेजी रही और 77.17 रुपए प्रति लीटर रहा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय से बातचीत की</h2>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार तेजी ने सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। इसके लिए कदम उठाने होंगे। वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय के बातचीत चल रही है।  बता दें कि हर राज्य में वैट या स्थानीय सेल्स टैक्स की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग हैं।  बता दें कि कर्नाटक चुनाव से पहले 19 दिन तक पेट्रोल डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। बता दें कि कर्नाटक में 12 मई को मतदान हुआ था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हम कीमते कम करने के लिए काम कर रहे: शाह</h4>
<p style="text-align:justify;"> भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, “सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती हुई कीमतों को गंभीरता से ले रही है। पेट्रोलियम मंत्री बुधवार को तेल कंपनियों के मालिकों के साथ मुलाकात करेंगे। हम कीमतों को कम करने के लिए उपाए निकाल रहे हैं।”</p>
<h4 style="text-align:justify;">एक रुपए की कटौती पर 13,000 करोड़ का नुकसान</h4>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज डयूटी में 1-1 रुपए की कटौती करने पर सरकार को 13,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के दौरान जब क्रूड ऑयल के दाम घट रहे थे, सरकार ने 9 बार में पेट्रोल पर 11.77 रु. और डीजल पर 13.47 रु. एक्साइज बढ़ाई थी। क्रूड महंगा होने पर सिर्फ एक बार, अक्टूबर 2017 में ड्यूटी 2 रु. प्रति लीटर घटाई।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/oil-companies-to-convene-today-to-control-petrol-prices/article-3742</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/oil-companies-to-convene-today-to-control-petrol-prices/article-3742</guid>
                <pubDate>Wed, 23 May 2018 08:23:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-05/patrrol.jpg"                         length="45703"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        