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                <title>Ghaggar River - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Ghaggar River RSS Feed</description>
                
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                <title>Ghaggar water Level Update: घग्घर साइफन में पानी की स्थिति अपडेट, गुल्लाचिक्का, खनौरी व चांदपुर हैड पर बढ़ा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[Ghaggar water Level Update: हनुमानगढ़। घग्घर नदी पर बने ओटू हैड से घग्घर साइफन की तरफ प्रवाहित किए जा रहे पानी में मंगलवार को कोई उतार-चढ़ाव नहीं हुआ। सोमवार की तरह मंगलवार सुबह भी ओटू हैड से 17500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इससे पहले पिछले दो-तीन दिन से ओटू हैड से लगातार पानी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/update-on-water-status-in-ghaggar-siphon-water-increased-at-gullachikka-khanauri-and-chandpur-head/article-75332"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/ghaggar-river-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ghaggar water Level Update: हनुमानगढ़। घग्घर नदी पर बने ओटू हैड से घग्घर साइफन की तरफ प्रवाहित किए जा रहे पानी में मंगलवार को कोई उतार-चढ़ाव नहीं हुआ। सोमवार की तरह मंगलवार सुबह भी ओटू हैड से 17500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इससे पहले पिछले दो-तीन दिन से ओटू हैड से लगातार पानी कम हो रहा था। हालांकि घग्घर साइफन से प्रवाहित किया जा रहा पानी मंगलवार को कुछ कम हुआ। वहीं गुल्लाचिक्का, खनौरी व चांदपुर हैड से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में बढ़ोतरी तो हुई लेकिन कम मात्रा में। अभी स्थिति नियंत्रण में है। Ghaggar News</p>
<p><a title="Sudan landslide 2025: सूडान में भीषण भूस्खलन, पूरा पहाड़ी गाँव धरती में दफ़न" href="http://10.0.0.122:1245/massive-landslide-in-sudan-entire-mountain-village-buried-under-the-earth/">Sudan landslide 2025: सूडान में भीषण भूस्खलन, पूरा पहाड़ी गाँव धरती में दफ़न</a></p>
<h3>नाली बेड में पिछले कुछ दिनों से पानी की मात्रा स्थिर है</h3>
<p style="text-align:justify;">राहत की बात यह है कि नाली बेड में पिछले कुछ दिनों से पानी की मात्रा स्थिर है और नाली बेड की क्षमता के अनुसार उसमें 5000 क्यूसेक पानी ही चलाया जा रहा है। मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार गुल्लाचिक्का हैड में 42954 क्यूसेक, खनौरी हैड में 11900 क्यूसेक, चांदपुर हैड में 13400 क्यूसेक, ओटू हैड में 17500 क्यूसेक, घग्घर साइफन में 16072 क्यूसेक, नाली, बैड में 5000 क्यूसेक, आरडी 42 जीडीसी में 11022 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी में 5800 क्यूसेक, एसओजी ब्रांच में 1200 क्यूसेक, आरडी 158 जीडीसी में 5750 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सोमवार शाम को गुल्लाचिक्का हैड में 42343 क्यूसेक, खनौरी हैड में 11225 क्यूसेक, चांदपुर हैड में 12500 क्यूसेक, ओटू हैड में 17500 क्यूसेक, घग्घर साइफन में 16560 क्यूसेक, नाली, बैड में 5000 क्यूसेक, आरडी 42 जीडीसी में 11500 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी में 6200 क्यूसेक, एसओजी ब्रांच में 1200 क्यूसेक, आरडी 158 जीडीसी में 6150 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। अतिवृष्टि और घग्घर नदी में संभावित अधिक पानी की आवक के चलते प्रशासन अलर्ट है। ऐहतियात के तौर पर आमजन से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। Ghaggar News</p>
<p><a title="Uttarakhand flood alert: “उत्तराखंड में भारी बारिश से मची त्राहि-त्राहि, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा”" href="http://10.0.0.122:1245/heavy-rains-cause-panic-in-uttarakhand-flood-threat-in-low-lying-areas/">Uttarakhand flood alert: “उत्तराखंड में भारी बारिश से मची त्राहि-त्राहि, निचले इलाकों में बाढ़…</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 14:39:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Hanumangarh Ghaggar River water: ओटू हेड से लगातार बढ़ाई जा रही पानी की मात्रा, लोगों में खौफ, अधिकारी अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[घग्घर में 7960 क्यूसेक पानी की आवक, नाली बेड में चलाया 4300 क्यूसेक पानी Hanumangarh Ghaggar River water: हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ की टिब्बी तहसील से प्रवेश करने वाली घग्घर नदी में लगातार बरसाती पानी की आवक बढ़ रही है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग और घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/the-amount-of-water-is-continuously-increasing-from-otu-head/article-75111"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/ghaggar-river-water.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">घग्घर में 7960 क्यूसेक पानी की आवक, नाली बेड में चलाया 4300 क्यूसेक पानी</h3>
<p style="text-align:justify;">Hanumangarh Ghaggar River water: हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ की टिब्बी तहसील से प्रवेश करने वाली घग्घर नदी में लगातार बरसाती पानी की आवक बढ़ रही है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग और घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। बुधवार सुबह घग्घर साइफन में 7960 क्यूसेक जबकि नाली बेड में 4300 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा था। घग्घर में मंगलवार के मुकाबले करीब 800 क्यूसेक पानी की आवक बढ़ी है। नाली बेड में भी बुधवार को तीन सौ क्यूसेक पानी बढ़ाया गया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">आरडी 42 जीडीसी (घग्घर डायवर्सन चैनल) में 3500 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी डाउन स्ट्रीम में 800 क्यूसेक, एसओजी ब्रांच में 1500 क्यूसेक व आरडी 158 जीडीसी में 750 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है। ओटू हेड से भी लगातार पानी की मात्रा बढ़ाई जा रही है। मंगलवार शाम को ओटू हेड से 6300 क्यूसेक पानी रिलीज किया जा रहा था। बुधवार सुबह इसकी मात्रा बढ़कर 8500 क्यूसेक हो गई। चांदपुर हेड पर पानी की मात्रा बढ़ने के कारण ओटू हेड से आगामी दिनों में मात्रा और बढ़ाए जाने की संभावना है। चांदपुर हेड से बुधवार सुबह 12 हजार 500 क्यूसेक पानी ओटू हेड की तरफ डिस्चार्ज किया जा रहा था।</p>
<h3>पानी की मात्रा और बढ़ाई जाएगी</h3>
<p style="text-align:justify;">उधर, गुल्लाचिका हेड पर भी तीन दिनों से पानी की मात्रा बढ़ रही है। बुधवार सुबह यहां से 16 हजार 940 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। जबकि मंगलवार शाम तक 14 हजार 168 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। खनोरी हेड से 8925 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारियों के मुताबिक ओटू हेड से पानी की मात्रा और बढ़ने पर नाली बेड और जीडीसी में पानी की मात्रा और बढ़ाई जाएगी। उधर, पानी की आवक में बढ़ोतरी के चलते नाली बेड और जीडीसी के संवेदनशील प्वाइंट चिह्नित कर मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड कार्यालय में शुरू किया गया नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है। Hanumangarh News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 11:44:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Ghaggar Water Level: घग्गर नदी में बढ़ने लगा पानी का स्तर, किसानों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[खनौरी आरडी 460 पर 739.2 फुट पर चल रहा पानी मूनक (सच कहूँ/मोहन सिंह)। Ghaggar Water Level Update Today: पंजाब के क्षेत्रों व हिमाचल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी का स्तर पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस कारण संगरूर जिला के हरियाणा पंजाब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-water-level-in-ghaggar-river-started-rising-and-farmers-are-worried/article-72920"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/ghaggar-river.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">खनौरी आरडी 460 पर 739.2 फुट पर चल रहा पानी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूनक (सच कहूँ/मोहन सिंह)। </strong>Ghaggar Water Level Update Today: पंजाब के क्षेत्रों व हिमाचल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी का स्तर पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस कारण संगरूर जिला के हरियाणा पंजाब के साथ लगते व घग्गर के साथ लगते गांवों के किसानों को इस बार फिर संभावित बाढ़ का डर सताने लगा है। वहीं संगरूर की सब डिवीजन मूनक के करीब डेढ दर्जन गांवों की फसलें घग्गर नदी में आई बाढ़ से विभिन्न सालों दौरान प्रभावित होती रहीं है। Moonak News</p>
<p style="text-align:justify;">खनौरी आरडी 460 पर लगे मापदंड के अनुसार घग्गर नदी में पानी का लैवल शाम 5 बजे 739.2 फुट पर चल रहा है व भले ही यह खतरे के निशान से काफी नीचे है, वहीं घग्गर नदी में खनौरी में लगे मापदंड पर 748 फुट पर पानी चल रहा है। साल 2023 में भी इस घग्गर ने इस क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया था, जिस कारण अभी तक लोग उस आर्थिक मार से उभरे ही नहीं थे कि अब फिर घग्गर नदी में पानी का स्तर बढ़Þने से किसानों की चिंताएं जरूर बढ़ गई हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की पहाड़ियों से निकलने वाली यह घग्गर नदी हर साल लोगों के लिए मुसीबत का कारण बनती आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा इस घग्गर नदी में मारकंडा व टांगरी नदी के अलावा और भी बहुत से छोटे नालों का पानी इस घग्गर में आता है। घग्गर नदी के साथ स्थित गांवों के लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को बरसात के मौसम से पहले घग्गर नदी की साफ सफाई करवानी चाहिए थी व कमजोर बांधों पर मिट्टी या मिट्टी के थैले भरकर लगाने चाहिए थे, लेकिन अब सफाई नहीं होने से इसका खामियाजा आमजन को ही भुगतना पड़ेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मनरेगा मजदूरों से भरवाए जा रहे मिट्टी के थैले | Moonak News</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग हर साल घग्गर नदी लीपा-पोती के अलावा कुछ नहीं करता व जब घग्गर नदी में पानी का स्तर बढ़ने लगता है तो मौके पर मनरेगा मजदूर व कुछ मशीनरी लगाकर खानापूर्ति जरूर कर दी जाती है। क्षेत्र के लोगों की दशकों से मांग रही है कि घग्गर नदी का स्थाई हल निकाला जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।<br />
उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा घग्गर नदी पर मनरेगा मजदूर लगाकर मिट्टी के थैले भरवाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी जगह जरूरत पड़ने पर भरे मिट्टी के थैले लगाए जा सकें व स्थिति को कंट्रोल किया जा सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Vegetable Prices: बारिश से आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, पपीते से महंगा हुआ खीरा" href="http://10.0.0.122:1245/vegetable-prices-have-increased-due-to-rain/">Vegetable Prices: बारिश से आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, पपीते से महंगा हुआ खीरा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-water-level-in-ghaggar-river-started-rising-and-farmers-are-worried/article-72920</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 20:49:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar River: घग्घर नदी फिर बन सकती है तबाही का कारण, इन 114 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, प्रशासन बरत रहा लापरवाही</title>
                                    <description><![CDATA[ल्ल सरकार के दिशा निर्देश के बावजूद प्रशासन बरत रहा लापरवाही जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Jakhal News: हर साल की तरह इस बार भी जाखल क्षेत्र के लोगों की आंखें आसमान की ओर टिकी हैं, लेकिन इस बार वजह बारिश नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही है। शिवालिक की पहाड़ियों से निकलकर आ रही घग्घर नदी, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/flood-threat-looms-over-one-hundred-fourteen-villages/article-72433"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/jakhal-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ल्ल सरकार के दिशा निर्देश के बावजूद प्रशासन बरत रहा लापरवाही</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Jakhal News: हर साल की तरह इस बार भी जाखल क्षेत्र के लोगों की आंखें आसमान की ओर टिकी हैं, लेकिन इस बार वजह बारिश नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही है। शिवालिक की पहाड़ियों से निकलकर आ रही घग्घर नदी, जो पहले ही दर्जनों बार बाढ़ का रूप ले चुकी है, एक बार फिर तबाही की कगार पर खड़ी है। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन ने अब तक कोई ठोस बाढ़ प्रबंधन योजना नहीं अपनाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">चांदपुरा साईफन पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां 21 में से कई दरवाजे जलकुंभी व गंदगी से बंद पड़े हैं। दरवाजों की सफाई नहीं की गई, जिससे जल निकासी बाधित होती है। यदि तेज बारिश होती है तो यहां स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। घग्घर नदी के किनारे कमजोर हैं और पिछले वर्ष जहां-जहां नदी ने तांडव मचाया था, वहां मात्र कुछ सीमित मरम्मत कर दी गई है, स्थायी समाधान नहीं किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2023 की बाढ़ का दर्द अब भी ताजा | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल की भयावह बाढ़ ने फतेहाबाद जिले के 114 गांवों को प्रभावित किया था। इनमें से 35-40 गांव तो पूरी तरह चारों तरफ से बाढ़ के पानी में घिर गए थे। हालात इतने गंभीर थे कि सेना ने विशेष नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा। उस समय प्रशासन जागा जरूर था, लेकिन वह सजगता अब फिर से सो गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">घग्घर पहले ही छह बार बाढ़ ला चुकी है</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर हम पिछले बीते वर्षाें की बात करे तो सन 1983, 1993, 1995, 1998, 2010 और 2023 में घग्घर छह बार बाढ़ ला चुकी है। हर बार यही कहा गया कि तटबंध मजबूत किए जाएंगे, लेकिन हर बार बरसात से पहले आखिरी पलों में दिखावा होता रहा। इसी क्रम में इस बार भी बाढ़ से पहले कोई व्यापक निरीक्षण या ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।</p>
<h3 style="text-align:justify;">12 हजार की सीमा, 24 हजार क्यूसिक का खतरा</h3>
<p style="text-align:justify;">जानकारों के अनुसार, घग्घर नदी में पानी बहने की क्षमता 12 हजार क्यूसिक तक है। इसके ऊपर जाते ही पानी तटबंधों को पार कर गांवों में घुसने लगता है। 2023 में 24 हजार क्यूसिक पानी आया था, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। इस बार भी यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात किसी से छिपे नहीं रहेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जाखल-टोहाना व रतिया के 60 गांव ज्यादा खतरे में</h3>
<p style="text-align:justify;">सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जाखल, टोहाना और रतिया ब्लॉक के करीब 60 गांव ऐसे हैं, जो बाढ़ की सीधी चपेट में आ सकते हैं। खासकर हिमाचल में भारी बारिश हुई तो घग्घर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और कमजोर रिंग बांधों के कारण तटवर्ती गांव पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">…अभी वक्त है वरना 2023 की बर्बादी फिर लौटेगी</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की लारवाही के चलते कई सवाल उठ रहे हैं। क्या जिला प्रशासन फिर से वही गलती दोहराने जा रहा है? क्या इंतजार उस वक्त का है जब पानी गांवों में घुस जाए? सवाल गंभीर हैं और जवाब मांगते हैं। अब भी वक्त है—घग्घर के किनारों को मजबूत किया जाए, सायफन की सफाई की जाए और संवेदनशील गांवों को लेकर एडवांस प्लान तैयार किया जाए, वरना 2023 की बर्बादी एक बार फिर लौट सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मीरापुर में अवैध लकड़ी की आढ़तें बनीं पर्यावरण व वन विभाग के लिए संकट" href="http://10.0.0.122:1245/illegal-timber-markets-in-mirapur-have-become-a-problem-for-the-environment-and-forest-department/">मीरापुर में अवैध लकड़ी की आढ़तें बनीं पर्यावरण व वन विभाग के लिए संकट</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/flood-threat-looms-over-one-hundred-fourteen-villages/article-72433</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Jun 2025 15:55:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>घग्गर नदी के कैमिकल युक्त पानी से बीमारियां फैलने का भय</title>
                                    <description><![CDATA[कभी घग्गर नदी पर बैसाखी मेले लगते थेे रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी/शामवीर)। Ratia News: शहर के पास से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी पर पर कभी 13 अप्रैल बैसाखी के दिन मेले लगते थे, मगर अब लोगों द्वारा सीवरयुक्त पानी व फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त युक्त दूषित पानी डालने से घग्घर का पानी दूषित होने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fear-of-spread-of-diseases-due-to-chemical-laden-water-of-ghaggar-river/article-69573"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/ratia-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कभी घग्गर नदी पर बैसाखी मेले लगते थेे</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी/शामवीर)।</strong> Ratia News: शहर के पास से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी पर पर कभी 13 अप्रैल बैसाखी के दिन मेले लगते थे, मगर अब लोगों द्वारा सीवरयुक्त पानी व फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त युक्त दूषित पानी डालने से घग्घर का पानी दूषित होने के कारण घग्घर के पास से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र के अनेक लोगों व विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने केंद्र व राज्य सरकार से घग्गर नदी में डाले जाने वाले गंदे कैमिकल युक्त पानी को बंद करने की मांग की है ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके। प्रेम कुमार, तरसेम सिंह, कुदन लाल, राजबीर, वरुण कुमार, जगसीर सिंह, सरदूल सिंह, त्रिलोचन सिंह, सतपाल, रमेश, जोगिंद्र आदि ने बताया कि घग्गर नदी में लगभग ढाई दशक पहले तक साफ पानी चलता था और घग्गर नदी पर बैसाखी के मौके पर घाट पर मेले भी लगते थे तथा लोग स्नान करते थे। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि काफी समय से घग्गर नदी में हरियाणा व पंजाब के अनेक शहरों से सीवरयुक्त पानी व फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त पानी नदी में डाला जा रहा है जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में है। लोगों ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ.साथ पर्यावरण मंत्री, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से भी मांग की है कि घग्गर नदी में डाले जाने वाले गंदे पानी पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगवाई जाए और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो नदी के अस्तित्व को समाप्त करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह नदी किसानों के लिए कभी वरदान साबित होती थी लेकिन अब गंदे पानी के कारण नदी के आसपास के ट्यूबवैलों का पानी भी दूषित हो गया है जिससे अनेक बीमारियां पनपने का खतरा बना हुआ है और फसलों को भी नुकसान होता है। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि इस कैमिकल युक्त पानी को समय पर नहीं रोका गया तो दूषित पानी से पैदा होने वाले प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। लोगों ने कहा कि इस नदी का ऐतिहासिक महत्व होने के साथ-साथ धार्मिक महत्व भी है। यह नदी शिमला की पहाडिय़ों से निकलकर चंडीगढ़, पटियाला, संगरूर जिलों से होती हुई हरियाणा के फतेहाबाद व सिरसा जिले से निकलकर राजस्थान के गंगानगर जिले से होती हुई पाकिस्तान में प्रवेश कर जाती है। उन्होंने कहा कि आज नदी को बचाने की जरूरत है ताकि हमारे देश की नदियां सुरक्षित रह सकें। रतिया क्षेत्र की अनेक संस्थाएं पिछले लंबे समय से नदी के दूषित पानी को बंद करवाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। गौरतलब है कि घग्गर नदी में हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़ व अन्य क्षेत्रों की फैक्ट्रियों का गंदा पानी इसमें छोड़े जाने के पश्चात जहां पूरी नदी दूषित हो</p>
<p style="text-align:justify;">गई है, वहीं रतिया के घग्गर पुल के नीचे बड़े-बड़े पत्थर लगे होने के कारण दूषित पानी यही एकत्रित हो जाता है, जिससे न केवल आसपास क्षेत्रों में बदबू फैलती थी, बल्कि भूजल स्तर भी काफी दूषित हो रहा था। हालांकि रतिया क्षेत्र के लोग सत्ता में आने वाली सभी सरकारों के समक्ष घग्गर नदी के पानी को शुद्ध करने के लिए अनेकों बार आवाज उठा चुके है और निरंतर संघर्ष भी कर रहे है तथा जहां तक कि दूषित पानी से निजात पाने के लिए अनेक सरकारों ने इस घग्गर नदी के दूषित पानी को अपना चुनावी मुद्दा भी बना लिया था, मगर फिर भी कोई भी सरकार इस दूषित पानी के बहाव को बंद करने में आज तक सफल नहीं हो पाई है। Fatehabad News</p>
<h3 style="text-align:justify;">90 के दशक में नदी पर रहती थी रौनक</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव बलियाला निवासी 65 वर्षीय जंगीर सिंह का कहना है कि 90 के दशक में नदी में स्वच्छ पानी बहता था। तब इस नदी पर बड़ी रौनक रहती थी। आसपास के गांवोंं केे लोग नदी के पानी को पीने में प्रयोग करते थे। अधिकांश लोग नदी में ही नहाने के लिए आते थे। नदी के किनारों पर हरी भरी घास पैदा होती थी। जहां पर अकसर पशु चरते नजर आते थेे लेेकिन अब दूषित पानी के बहाव के कारण लोग भूलकर भी नदी की तरफ नहीं जाते।<br />
11 रतिया 1-बलियाला निवासी जंंगीर सिंह।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैसाखी पर करते थेे लोग स्नान</h3>
<p style="text-align:justify;">रतिया निवासी 80 वर्षीय लीला सिंह का कहना है कि वर्षों पूर्र्व घग्गर नदी में बिलकुल साफ पानी बहता था। लोग पानी को पीने में आम ही प्रयोग करते थेे। बैसाखी पर नदी पर मेले लगते थे और लोग नदी के पवित्र जल में स्नान करते थे। अब नदी का बिगड़ा हुआ स्वरुप देखकर मन मायूस हो जाता है। नदी में ढाई दशक से अत्यंत दूषित पानी बह रहा है लेकिन सरकारें इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Weather: हरियाणा में अगले तीन दिन बहुत भारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी" href="http://10.0.0.122:1245/very-heavy-rains-in-haryana-for-the-next-three-days-meteorological-department-has-issued-a-warning/">Haryana Weather: हरियाणा में अगले तीन दिन बहुत भारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fear-of-spread-of-diseases-due-to-chemical-laden-water-of-ghaggar-river/article-69573</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 15:58:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar River: बढ़ा घग्घर नदी का जलस्तर: 24 घंटों में बढ़ा 6000 क्यूसेक पानी</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले वर्ष की तरह लोगों को सताने लगा बाढ़ का खतरा | Jakhal News जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Ghaggar River: पहाड़ों में लगातार हो रही बरसात के कारण एक बार फिर जाखल क्षेत्र में घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार शाम 4 बजे जाखल के चांदपुरा हेड पर पानी का बहाव 8810 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/due-to-rain-the-water-level-of-ghaggar-river-started-rising-again-in-jakhal-area/article-61104"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/jakhal-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पिछले वर्ष की तरह लोगों को सताने लगा बाढ़ का खतरा | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Ghaggar River: पहाड़ों में लगातार हो रही बरसात के कारण एक बार फिर जाखल क्षेत्र में घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार शाम 4 बजे जाखल के चांदपुरा हेड पर पानी का बहाव 8810 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो कल 2750 क्यूसेक पानी का बहाव था। लेकिन पीछे पहाड़ों में लगातार बरसात से पीछे गुहला चीका और खनौरी में भी पानी का बहाव बढ़ता ही जा रहा है। Jakhal News</p>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नदी पिछले एक दिन से पानी का बहाव और चढ़ाव काफी बढ़ा है। जिस कारण जाखल क्षेत्र के किसानों व लोगों को एक बार फिर बाढ़ का डर सताने लगा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोगों की बढ़ी चिंता | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि यह आंकड़ा खतरे के निशान से काफी कम है, लेकिन जिस प्रकार आंकड़ा बढ़ रहा है, उसको लेकर चिंता बढ़ी हुई हैं। चांदपुरा से पीछे खनौरी, गुहला और चीका हेडों पर बढ़ रहे जलस्तर का असर आज शाम तक और चांदपुरा में देखने को मिलेगा। लोग उम्मीद जता रहे हैं कि पहाड़ों और पिछले एरियों में बरसात कम हो तो यह पानी का बहाव कम हो जाएगा। जिससे बाढ़ जैसी आपदा का खतरा टल जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लगातार बढ़ रहा है जलस्तर</h3>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटों में चांदपुरा में 6010 क्यूसेक बहाव बढ़ा है। मंगलवार शाम 4 बजे तक यहां बहाव 2750 क्यूसेक दर्ज किया गया था। जबकि बुधवार 4 बजे यह बढ़कर 8810 क्यूसेक हो चुका है। कल की अपेक्षा खनौरी में भी पानी बढ़ा है। वहां कल 6475 क्यूसेक पानी चल रहा था, आज यह बढ़कर 9275 क्यूसेक हो गया है। यह बढ़ा पानी जाखल क्षेत्र की ही तरफ आना है, जिस कारण डर बना हुआ है। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">पिछले साल आई थी बाढ़</h3>
<p style="text-align:justify;">चांदपुरा हेड पर क्षमता 22 हजार क्यूसेक है। जबकि सहायक रंगोई नाले की क्षमता 6 हजार क्यूसेक है। लेकिन जैसे ही आंकड़ा 15 हजार क्यूसेक को पार करता है, तो बाढ़ का खतरा मंडराना शुरू हो जाता है। पिछले साल ऐसा ही हुआ था। 17 हजार क्यूसेक के बाद कई जगहों से घग्घर ओवर फ्लो होना शुरू हो गई थी, और फिर तटबांधों के टूटने के चलते फतेहाबाद सहित जाखल, टोहाना, कुलां, और रतिया क्षेत्रों में बाढ़ ने तबाही मचाई थी। Jakhal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में किया बड़ा ऐलान" href="http://10.0.0.122:1245/on-the-occasion-of-78th-independence-day-pm-modi-made-a-big-announcement-about-nalanda-university/">78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में किया बड़ा ऐलान</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/due-to-rain-the-water-level-of-ghaggar-river-started-rising-again-in-jakhal-area/article-61104</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Aug 2024 09:52:48 +0530</pubDate>
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                <title>Ghaggar River: घग्गर नदी में बरसाती पानी पहुंचा, किसान खुश</title>
                                    <description><![CDATA[जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Ghaggar River: हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही भारी बरसात से पंचकुला, चंडीगढ़ कर रास्ते जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी में पानी की आवक बढ़ने लगा है। नदी में पीछे से जलस्तर में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी बाढ़ के कारण जहां विकराल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-inflow-of-water-in-the-ghaggar-river-passing-through-jakhal-area-started-increasing/article-60740"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/ghaggar-river.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Ghaggar River: हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही भारी बरसात से पंचकुला, चंडीगढ़ कर रास्ते जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी में पानी की आवक बढ़ने लगा है। नदी में पीछे से जलस्तर में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी बाढ़ के कारण जहां विकराल रूप धारण करती है तो हजारों एकड़ फसलों को अपनी चपेट में ले लेती है वही इसको जीवन दायिनी भी कहा जाता है पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद अब तक घग्गर नदी सूखी हुई थी लेकिन अब हिमाचल, पंचकूला, चंडीगढ़ इत्यादि इलाकों में बरसात होने से इसमें बरसाती पानी बहने से तटीय किसान खुश हैं। Jakhal News</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि घग्घर नदी के जल से उन्हें खेतो में सिंचाई करने में आसानी होगी। वहीं अगर पीछे लगातार बरसात होगी तो भविष्य की स्थिति को मद्देनजर रखकर, बाढ़ आशंका को भांपते हुए किसान चिंतित भी है। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से बरसाती पानी घग्घर नदी के जरिए जाखल क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया है। नदी की जल क्षमता से फिलहाल जलस्तर अपेक्षाकृत कम है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ के उचित प्रबंधन को लेकर पहले से ही एक्टिव है। हर प्रकार के प्रबंधों में लगे हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बीते वर्ष बाढ़ आने के कारण भयभीत है लोग | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">बीते वर्ष जुलाई महीने में नदी में भारी मात्रा में पानी की आवक हुई थी। जिससे नदी व नदी के सहायक रंगोई नाले के तटबंध टूटने से जाखल क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी, जबकि बाढ़ के वक्त जाखल शहर में पानी प्रवेश करने से गनीमत रही थी। उस वक्त सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणों के हाथ पांव फूल गए थे। बाढ़ से किसानों की हजारों एकड़ फसले बर्बाद हो गई थी। इससे ग्रामीणों को बड़ी क्षति झेलनी पड़ी थी। उस समय सभी ने दिन-रात एक कर कई दिनों की कड़ी मशक्कत से बिगड़े हालातो पर काबू पाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में हालांकि फिलहाल क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी में जलस्तर अभी न के बराबर है, लेकिन बीते वर्ष आई बाढ़ के मंजर को याद कर लोग सिहर उठते है। ऐसे में खासकर नदी के तट क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा बाढ़ आशंका के मद्देनजर बाढ़ से निपटान हेतु जिला प्रशासन से समुचित व्यवस्थाओं की मांग की गई हैं। वहीं जाखल के लोगों द्वारा भी नदी के शहरी भाग को पक्का करने का सुझाव दिया गया हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी देखने पहुंचने लगें लोग | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">किसान नदी में पानी आने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब नदी में पानी आने से घग्घर नदी क्षेत्र के धान उत्पादक किसान पंपिंग कर धान की फसल में पानी लगाने लगे हैं। वहीं चांदपुरा साइफन हेड पर लोग नदी में पानी की आवक को देखने पहुंचने लगे हैं। लोग जहां पर सेल्फी लेते दिखाई दे रहे है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कितना है घग्घर में जलस्तर</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्गर नदी में पीछे से पानी बढ़ने के चलते सिंचाई विभाग की सोमवार शाम की रिपोर्ट में खनौरी पंजाब में 895 क्यूसेक पानी बह रहा है जबकि चांदपुरा साइफन हेड पर 1810 क्यूसेक जलस्तर मापा गया है, जो रविवार सुबह की अपेक्षा अधिक है। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">फिलहाल बाढ़ को लेकर जरा भी चिंता नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन नैन ने कहा कि अभी जितने पानी की आवक नदी में हो रही है, उससे चिंता की जरा भी बात नहीं है। वहीं भविष्य में भी जैसे-जैसे नदी में पानी की आवक होगी, उसे विभिन्न चैनलों के जरिए प्रवाहित किया जाएगा। घग्घर नदी में पानी की आवक होने से धान उत्पादक किसानों को काफी राहत मिलेगी। ऐसे में नदी में पानी की आवक होने से किसान काफी उत्साहित हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं अधिकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ी क्षेत्र में भारी बरसात होने से जलस्तर में वृद्धि हुई है। चांदपुरा साइफन हेड पर जलस्तर नदी की क्षमता से अपेक्षाकृत कम है। जहां पर नदी में जहां पानी का स्तर दो हजार क्यूसेक से भी कम है, जबकि घग्नघर नदी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक के करीब है। सावन माह में क्षेत्र में वर्षा काफी कम होने से धान की फसल प्रभावित हो रही थी। ऐसे में घग्गर नदी में जल प्रवाह होने से घग्घर तटीय किसानों के लिए धान की फसल हेतू अमृत समान है।<br />
<strong>                                                                            -संजीव सिंगला, एसडीओ सिंचाई विभाग टोहाना।</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="वित्त विधेयक पारित होने के बाद आ सकता है वक्फ संशोधन विधेयक" href="http://10.0.0.122:1245/wakf-amendment-bill-may-come-after-the-finance-bill-is-passed/">वित्त विधेयक पारित होने के बाद आ सकता है वक्फ संशोधन विधेयक</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-inflow-of-water-in-the-ghaggar-river-passing-through-jakhal-area-started-increasing/article-60740</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 17:10:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरपंचों ने की बिलों का भुगतान करवाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पिछले दिनों पैदा हुए बाढ़ (Flood) के हालातों के बीच ग्रामीणों की ओर से अपने संसाधन लगाकर किए गए सहयोग पर हुए खर्च का भुगतान करवाने की मांग घग्घर बहाव क्षेत्र के आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने की है। इस संबंध में गुरुवार को ग्राम पंचायतों के सरपंचों (Sarpanches) […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/sarpanches-demanded-payment-of-bills/article-52981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/indian-money.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पिछले दिनों पैदा हुए बाढ़ (Flood) के हालातों के बीच ग्रामीणों की ओर से अपने संसाधन लगाकर किए गए सहयोग पर हुए खर्च का भुगतान करवाने की मांग घग्घर बहाव क्षेत्र के आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने की है। इस संबंध में गुरुवार को ग्राम पंचायतों के सरपंचों (Sarpanches) ने जिला कलक्टर (District Collector) रुक्मणि रियार सिहाग से मुलाकात की। ग्राम पंचायत श्रीनगर की सरपंच नवनीत कौर ने बताया कि पिछले दिनों घग्घर नदी (Ghaggar River) में पानी की अधिक आवक से आसपास की कई पंचायतों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। तब कई पंचायतें प्रभावित हुईं। तब बाढ़ का खतरा टालने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन का पूरा सहयोग दिया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ट्रैक्टर, पोकलेन, जेसीबी सहित अन्य निजी संसाधन लगाकर बांधों को मजबूत करने का कार्य किया। इसका नतीजा यह हुआ कि ग्राम पंचायतों में बाढ़ की स्थिति टाली जा सकी। लेकिन अभी तक उस खर्च का भुगतान प्रशासन की ओर से नहीं करवाया गया है। ग्राम पंचायत सरपंच एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अभी बिल भी इन्हीं कार्यालयों में घूम रहे हैं। पूर्व में भी जिला कलक्टर को लिखित में अवगत करवाकर बिलों का भुगतान करवाने की मांग की थी लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">आज फिर ग्राम पंचायत सरपंच जिला कलक्टर से मिलकर बिलों का भुगतान करवाने की मांग की गई ताकि भविष्य में भी इस तरह की आपदा की स्थिति में ग्रामीण इसी तरह प्रशासन की मदद करें। उन्होंने बताया कि किसी ग्राम पंचायत का दो लाख, किसी का तीन लाख तो किसी का पांच लाख रुपए का बिलों का भुगतान बनता है। प्रशासन से मांग है कि जल्द इन बिलों का भुगतान करवाया जाए। इस मौके पर सरपंच रोहित स्वामी, गुरलाल सिंह आदि मौजूद थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश से फसल में हुए खराबे का मिले मुआवजा" href="http://10.0.0.122:1245/demand-for-compensation-for-crop-damage/">गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश से फसल में हुए खराबे का मिले मुआवजा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/sarpanches-demanded-payment-of-bills/article-52981</link>
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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 15:24:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहाड़ों में बारिश, घग्गर में बढ़ा जलस्तर</title>
                                    <description><![CDATA[जिले में से गुजरने वाली अन्य नदियों-नालों में पानी का स्तर अभी सामान्य पटियाला में किसानों ने दूसरी-तीसरी बार लगाया धान घग्गर व मारकंडा नदी में 14 फुट पर पहुंचा पानी का स्तर | Patiala News पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। पहाड़ों में भारी बारिश होने से घग्गर (Ghaggar) में फिर से जलस्तर बढ़ने लगा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/water-level-reached-fourteen-feet-in-ghaggar-and-markanda-river/article-51562"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/patiala-news-5.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिले में से गुजरने वाली अन्य नदियों-नालों में पानी का स्तर अभी सामान्य</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पटियाला में किसानों ने दूसरी-तीसरी बार लगाया धान</li>
<li>घग्गर व मारकंडा नदी में 14 फुट पर पहुंचा पानी का स्तर | Patiala News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> पहाड़ों में भारी बारिश होने से घग्गर (Ghaggar) में फिर से जलस्तर बढ़ने लगा है। वीरवार को घग्गर में पानी का स्तर 14 फुट पर पहुंच गया है। पहाड़ों में बारिश होने की खबरें सुनते ही घग्गर के नजदीक के किसानों और आमजन को फिर से चिंता सताने लगी है। वैसे वहीं प्रशासन का कहना है कि मौजूदा समय में चिंता की कोई बात नहीं है। जानकारी के अनुसार पटियाला जिले के राजपुरा, घनौर, सनौर, सुतराना हल्कों में से घग्गर नदी गुजरती है और हिमाचल में बरसात होने के बाद पानी पंजाब की तरफ मार करता है। Patiala News</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के डेमों में भी पानी का स्तर बढ़ चुका है। आज शाम की फ्लड कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के मुताबिक घनौर के नजदीक सराला हैड पर घग्गर में पानी का स्तर आज 14 फुट पर पहुंच गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 16 फुट पर है। मौजूदा समय में घग्गर में 19 हजार क्यूसिक पानी बह रहा है। बीते दिनों दौरान पटियाला में घग्गर ने भारी तबाही मचाई है और 40 हजार हैक्टेयर के करीब धान की फसल बर्बाद हो गई थी और किसानों ने दूसरी-तीसरी बार धान की रोपाई की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा मारकंडा नदी में भी पानी का स्तर 14 फुट के लगभग बह रहा है और इसमें खतरे का स्तर 20 फुट पर है। वहीं टांगरी नदी में पानी का स्तर काफी कम है जोकि आमजन के लिए राहत की बात है। यहां पानी का स्तर 6 फुट के नजदीक चल रहा है। इसके अलावा पटियाला से गुजरने वाली बाकी नदियां में पानी की आमद बिल्कुल कम है। वहीं भाखड़ा डैम में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है और 1674 फुट पर चल रहा है, जबकि पिछले साल यहां पानी का स्तर 1657 फुट पर था। पोग डैंम में पानी का स्तर 1391 फुट पर चल रहा है और यहां पानी का स्तर पिछले साल 1380 फुट के करीब था। पटियाला में घग्गर नदी सबसे अधिक तबाही मचाती है, जिस कारण लोगों में डर पैदा होना स्वभाविक है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभी चिंता वाली कोई बात नहीं: डिप्टी कमिशनर | Patiala News</h3>
<p style="text-align:justify;">डिप्टी कमिशनर साक्षी साहनी का कहना है कि जिले में पानी आने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा पूरी नजर रखी जा रही है और लोग अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें। घग्गर में पानी जरूर आया है, लेकिन अभी खतरे के निशान से नीचे है और बाकी नदियों-नालों में पानी की आमद बहुत कम है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पंचकूला के सरकारी दफ्तरों में जींस पहनने पर रोक" href="http://10.0.0.122:1245/ban-on-wearing-jeans-in-government-offices-of-panchkula/">पंचकूला के सरकारी दफ्तरों में जींस पहनने पर रोक</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/water-level-reached-fourteen-feet-in-ghaggar-and-markanda-river/article-51562</link>
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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 21:00:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>डीसी ने घग्गर में पानी के स्तर का लिया जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[मूनक (सच कहूँ/मोहन सिंह)। डिप्टी कमिशनर जितेन्द्र जोरवाल (Jitendra Jorwal) ने शुक्रवार को मकोरड़ साहब, घमूर घाट सहित अन्य जगहों का दौरा कर घग्गर नदी में पानी की स्थिति का जायजा लिया। डिप्टी कमिशनर ने लोगों से अपील करते कहा कि उनको घबराने की कोई जरूरत नही है क्योंकि आने वाले 48 से 72 घंटों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dc-jitendra-jorwal-reviewed-the-water-level-in-ghaggar/article-51355"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/moonak-news.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मूनक (सच कहूँ/मोहन सिंह)।</strong> डिप्टी कमिशनर जितेन्द्र जोरवाल (Jitendra Jorwal) ने शुक्रवार को मकोरड़ साहब, घमूर घाट सहित अन्य जगहों का दौरा कर घग्गर नदी में पानी की स्थिति का जायजा लिया। डिप्टी कमिशनर ने लोगों से अपील करते कहा कि उनको घबराने की कोई जरूरत नही है क्योंकि आने वाले 48 से 72 घंटों में घग्गर में पानी का स्तर और कम होने की पूरी संभावना है। Moonak News</p>
<p style="text-align:justify;">डीसी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश होने से तीन दिन से घग्गर में पानी का स्तर बढ़ने लगा था लेकिन अब घग्गर में पानी का स्तर नीचे जाना शुरु हो गया है। उन्होंने कहा कि लेकिन फिर भी सावधानी के तौर पर घग्गर की सभी संंवेदनशील जगहों पर नजर रखने के लिए ठीकरी पहरे जारी हैं और अधिकारियों को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने की हिदायत दी गई है। डीसी ने घमूर घाट के नजदीक मनरेगा मजदूरों क्षरा मिट्टी के थैले भरने की चल रही प्रक्रिया का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत करते कहा किघग्गर के कमजोर बांधों को अधिक मजबूती देने के लिए कार्य जारी रखे जाएं। डिप्टी कमिशनर ने बताया कि सभी दरारों को भरा जा चुका है और जिला प्रशासन हर पक्ष से पूरी तरह मुस्तैद है। Moonak News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘डेंगू पर वार’: खुद मैदान में उतरे स्वास्थ्य मंत्री" href="http://10.0.0.122:1245/health-minister-led-the-war-on-dengue-campaign/">‘डेंगू पर वार’: खुद मैदान में उतरे स्वास्थ्य मंत्री</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dc-jitendra-jorwal-reviewed-the-water-level-in-ghaggar/article-51355</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2023 20:38:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाढ़ से गांव अरनेटू में दिखा तबाही का मंजर</title>
                                    <description><![CDATA[पानी के तेज बहाव के आगे नहीं टिक पाया घग्गर नदी पर बना पुल बादशाहपुर/घग्गा (सच कहूँ/मनोज गोयल)। हलका शुतराना के कस्बा बादशाहपुर अधीन आते गांव अरनेटू में हर जगह आई बाढ़ (Flood) से तबाही का मंजर देखा जा रहा है। गांव अरनेटू जो कि घग्गर नदी के किनारे बसा हुआ है। इस गांव को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/scene-of-devastation-seen-in-arnetu-village-due-to-flood/article-51005"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/badshahpur-news.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पानी के तेज बहाव के आगे नहीं टिक पाया घग्गर नदी पर बना पुल</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बादशाहपुर/घग्गा (सच कहूँ/मनोज गोयल)।</strong> हलका शुतराना के कस्बा बादशाहपुर अधीन आते गांव अरनेटू में हर जगह आई बाढ़ (Flood) से तबाही का मंजर देखा जा रहा है। गांव अरनेटू जो कि घग्गर नदी के किनारे बसा हुआ है। इस गांव को पंजाब का अंतिम गांव भी कहा जाता है। क्योंकि यह पंजाब-हरियाणा का सीमावर्त्ती गांव है। बाढ़ ने यहां भारी तबाही मचाई है। पानी के तेज बहाव ने बने पुलों को भी नष्ट कर दिया है, जिनका मलबा दूर-दूर तक खेतों में बिखरा नजर आ रहा है। गांव के सरपंच अवतार सिंह व सरपंच महेन्द्र सिंह जानकारी देते बताया कि इस पुल के नष्ट होने से इस गांव का पंजाब से संपर्क ही कट गया है। Badshahpur News</p>
<p style="text-align:justify;">पानी के इस तेज बहाव में जहां ग्रामीणों के तूड़ी वाले कुप्प बह गए, वहीं 10-12 के करीब बेजुबान पशु भी पानी में बह गए। वहीं 20 के करीब मकान भी पानी से ढेÞरी हो गए और लगभग 100 के करीब ऐेसे घर हैं जो तेज बहाव में बुरी तरह नष्ट हो गए हैं। वहीं गांव में अब पीने वाले शुद्ध पानी की भी किल्लत हो गई है। जो ऊंचे स्थानों पर मोटरें हैं, वही सिर्फ बची हैं और पानी से हजारों एकड़ फसल भी तबाह हो गई है। उन्होंने बताया कि गांव में पानी आने से घरों में भी 5- 5 फुट तक पानी भर गया था। उन्होंने बताया कि इस गांव की कुल आबादी लगभग 4 हजार के करीब है, जिसमें किसानों की आबादी सिर्फ 400-500 ही है और बाकी सारी ही आबादी गरीब तबके की है, जोकि देहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पेट भरते हैं। Badshahpur News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इन मजदूरों में अब इतनी भी हिम्मत नहीं बची है कि वह फिर से अपने घर बना सकें। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि महीने के करीब हो चले इस टूटे पुल के कारण लोगों को भारी परेशानी आ रही है। बाढ़ की चपेट में आए लोगों ने बताया कि हमारी यह आवाज प्रशासन तक पहुंचाई जाए, ताकि हमें हमारा बनता हक मिल सके। Ghagga News</p>
<p style="text-align:justify;">हलका विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर से बात करते उन्होंने बताया कि जिसका जितना भी नुक्सान हुआ है। उसे बनता मुआवजा जरूर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा टूटे पुल का काम ट्रॉलियों द्वारा मिट्टी डालकर रास्ते को शुरू करने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस रास्ते को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गंगनहर को पानी नहीं मिलने पर, किसान संगठनों की प्रशासन को चेतावनी" href="http://10.0.0.122:1245/on-not-getting-water-to-ganga-nahar-farmers-organizations-warn-the-administration/">गंगनहर को पानी नहीं मिलने पर, किसान संगठनों की प्रशासन को चेतावनी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/scene-of-devastation-seen-in-arnetu-village-due-to-flood/article-51005</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Aug 2023 16:52:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घग्घर नदी का पानी पहुंचा भेड़ताल, पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर वापिस भारत आता है पानी</title>
                                    <description><![CDATA[पानी के भेडताल पहुंचने पर किसानों ने जताई खुशी | Anupgarh News अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। घग्गर नदी का पानी काफी इंतजार के बाद अनूपगढ़ क्षेत्र के अंतिम छोर भेडताल पहुंच चुका है। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा को क्रॉस करने के बाद पानी पाकिस्तान जाता है। फिर वहां से वापस भारतीय सीमा में प्रवेश कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/ghaggar-river-water-reached-bhedtal/article-50682"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/ghagar.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पानी के भेडताल पहुंचने पर किसानों ने जताई खुशी | Anupgarh News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अनूपगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> घग्गर नदी का पानी काफी इंतजार के बाद अनूपगढ़ क्षेत्र के अंतिम छोर भेडताल पहुंच चुका है। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा को क्रॉस करने के बाद पानी पाकिस्तान जाता है। फिर वहां से वापस भारतीय सीमा में प्रवेश कर भेडताल पहुंचता है। भेडताल ग्राम पंचायत 18 पी में आता है। इस बार नदी में पानी अधिक होने के कारण पानी भेड़ताल तक पहुंचा है। पानी भेड़ताल तक पहुंचने पर स्थानीय किसानों को लाभ होगा। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष जसवंत सिंह चंदी सहित किसान संगठनों व किसानों की ओर से घग्घर के पानी को भेडताल तक पहुंचाने के लिए किए गए प्रयास आखिरकार रंग लाए। घग्घर नदी का पानी भेड़ताल तक पहुंचने पर किसान संगठनों ने खुशी जताई है। Anupgarh News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पाकिस्तान जाकर दोबारा भारत आती है घग्घर :</strong> भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष जसवंत सिंह चंदी ने बताया कि घग्घर नदी का पानी भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनी मजनू पोस्ट से जीरो लाइन की तरफ जाता है। पाकिस्तान में घग्घर बहाव क्षेत्र में बंधा बना हुआ है जहां 4-5 किमी एरिया में पानी पाकिस्तान में बहता रहता है और उसे पानी को किसान साइफन के द्वारा सिंचाई में प्रयोग करते हैं। Ghaggar river</p>
<p style="text-align:justify;">चंदी ने बताया कि भारत की तरफ से घग्घर नदी का पानी कैलाश पोस्ट के साथ-साथ कुछ पानी भारत से ही भेड़ताल की तरफ जाता है। कुछ पानी पाकिस्तान जाता है। पाकिस्तान की तरफ काफी रेतीले टीले है जहां पानी इकट्ठा होता है। इसके बाद नदी का पानी पाकिस्तान से होते हुए भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनी भारत की चित्रकूट पोस्ट से वापस भारत मे भेड़ताल तक पहुंचता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>घग्घर का पानी अमृत समान :</strong> चंदी ने बताया कि घग्घर नदी का पानी अमृत के समान है, जो कृषि भूमि के लिए काफी उपजाऊ है। किसान इस पानी को सिंचाई में इस्तेमाल करेंगे व इससे भूमिगत पानी का जलस्तर काफी बढ़ेगा। घग्घर नदी का पानी भेड़ताल तक पहुंचने के बाद क्षेत्र के किसानों को फायदा होगा। घग्घर नदी हिमाचल प्रदेश में शिवालिका के पहाड़ियों से निकलती है यह पानी अपने साथ काफी पौष्टिक तत्वों व गुणों को लेकर आता है इस कारण घग्घर के पानी को फसलों के लिए अमृत माना जाता है।</p>
<h3>पौधारोपण वितरण कार्यक्रम आयोजित</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जैतसर। </strong>श्री कृष्ण गौशाला प्रांगण में रविवार को पौधा वितरण व हमारा हिंदुस्तान ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता एवं भजन संध्या का आयोजन भव्य रूप से आयोजित किया गया। मां चिंतपूर्णी जागरण एवं सेवा मंडल श्री श्याम सेवा मंडल निजी शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पारिवारिक वानिकी जन पौधशाला रायसिहनगर की ओर से 5000 पौधों के वितरण का लक्ष्य के साथ 1000 पौधों का वितरण किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">लव ट्री द्वारा आयोजित हमारा हिंदुस्तान प्रतियोगिता के तहत आए हुए परिवारों से भारतीय संस्कृति के अनुरूप प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया और विजेता रहने वालों को उपहारों से सम्मानित किया गया। आयोजक मंडल के राजकुमार दत्त शिव बागड़ी, जुगल जियानी व अन्य कार्यकतार्ओं ने अपनी सेवाएं दी। बृजमोहन मून्धड़ा ने आगामी ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण का संकल्प करवाते हुए प्रतियोगिता के लिए बच्चों को पूर्ण तैयारी के साथ भाग लेने का आव्हान किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘जनता के समक्ष उजागर हो लाल डायरी का काला चिट्ठा’" href="http://10.0.0.122:1245/the-black-letter-of-the-red-diary-should-be-exposed-in-front-of-the-public/">‘जनता के समक्ष उजागर हो लाल डायरी का काला चिट्ठा’</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Aug 2023 17:02:00 +0530</pubDate>
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