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                <title>Ghaggar River - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Ghaggar River RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Ghaggar River: घग्गर के जलस्तर में गिरावट जारी; प्रशासन ने ली राहत की सांस</title>
                                    <description><![CDATA[घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश थमने के बाद नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ghaggar-water-level-continues-to-fall-administration-takes-a-sigh/article-90877"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/ghaggar-river.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। </strong>Jakhal News: घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश थमने के बाद नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार सुबह जारी हुई ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य एंट्री पॉइंट गुहला चीका पर पानी का बहाव सोमवार के मुकाबले और कम हो गया है। जलस्तर में आ रही इस लगातार कमी से फतोबाद,  कैथल जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और नदी के किनारे बसे तटीय क्षेत्र के किसानों ने बड़ी राहत की सांस ली है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तीन दिनों की गेज रिपोर्ट: लगातार घट रहा है पानी</h4>
<p style="text-align:justify;">पिछले 48 घंटों की प्रशासनिक रिपोर्ट पर नजर डालें, तो घग्गर नदी के विभिन्न गेज पॉइंट पर पानी का बहाव लगातार नियंत्रण में आ रहा है, गुहला चीका मुख्य हेड पर  रविवार सुबह यहाँ पानी का बहाव 18,018 क्यूसेक था, जो सोमवार शाम को घटकर 14,476 क्यूसेक पर आया। मंगलवार सुबह 6:00 बजे की रिपोर्ट में यह और कम होकर 13,860 क्यूसेक रह गया है, जो स्थिति के पूरी तरह सामान्य होने का संकेत है।</p>
<p style="text-align:justify;">खनौरी (पंजाब बॉर्डर): रविवार शाम को यहाँ बहाव 4,162 क्यूसेक था, जो सोमवार को 3,731 क्यूसेक और मंगलवार सुबह मंदी के साथ 3,349 क्यूसेक दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">चांदपुरा साइफन (जाखल बॉर्डर): रविवार के 4,162 क्यूसेक के मुकाबले सोमवार को यहाँ 4,850 क्यूसेक पानी स्थिर रहा था। मंगलवार सुबह की रिपोर्ट में यहाँ भी आंशिक गिरावट दर्ज की गई है और बहाव 4,150 क्यूसेक पर आ गया है।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/ghaggar-river.jpg" alt="Ghaggar River" width="1280" height="720"></img>
Jakhal News घग्गर के जलस्तर में गिरावट जारी प्रशासन ने ली राहत की सांस।
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 18:51:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar News: घग्घर में फिर आया पानी, धान उत्पादक किसानों के चेहरे खिले </title>
                                    <description><![CDATA[लंबे इंतजार के बाद घग्घर नदी में एक बार फिर पानी की आवक शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। जुलाई में पानी आने के बाद कुछ ही दिनों में नदी का बहाव थम गया था। अब करीब 25 दिन बाद दोबारा पानी पहुंचने से खासकर धान की फसल पर निर्भर किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/ghaggar-news-water-came-again-in-ghaggar-faces-of-paddy/article-89530"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/ghaggar-river-flow.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हनुमानगढ़। लंबे इंतजार के बाद घग्घर नदी में एक बार फिर पानी की आवक शुरू होने से क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। जुलाई में पानी आने के बाद कुछ ही दिनों में नदी का बहाव थम गया था। अब करीब 25 दिन बाद दोबारा पानी पहुंचने से खासकर धान की फसल पर निर्भर किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। Ghaggar News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार हरियाणा के ओटू हेड से छोड़ा गया पानी मंगलवार अलसुबह टिब्बी क्षेत्र में पहुंचा। इससे पहले 16 जुलाई को भी घग्घर में पानी आया था, लेकिन दो-तीन दिन बाद ही बहाव रुक गया था। इसके बाद किसान नदी में फिर से पानी आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। घग्घर में पानी पहुंचने के साथ ही नदी के आसपास बसे गांवों में भी रौनक लौट आई है। खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए घग्घर का पानी किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नदी में पर्याप्त पानी रहने से खेतों की सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम हो सकती है। किसानों का कहना है कि लगातार पानी उपलब्ध रहने पर धान की फसल को समय पर सिंचाई मिल सकेगी। इससे जहां फसल की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं सिंचाई के लिए होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम किया जा सकता है। Ghaggar News</p>
<p style="text-align:justify;">पिछली बार घग्घर में पानी आने के बाद कुछ दिनों तक नदी में बहाव बना रहा, लेकिन इसके बाद पानी बंद हो गया था। ऐसे में किसानों को धान की फसल की सिंचाई के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। अब नदी में फिर से पानी आने से उनकी चिंता काफी हद तक कम हुई है। किसानों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि घग्घर में पानी का प्रवाह कितने दिनों तक लगातार बना रहता है। उनका मानना है कि यदि पानी की आवक लंबे समय तक जारी रही तो इसका सीधा फायदा धान की फसल को मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जलस्रोतों और पशुपालकों के लिए भी उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्घर में पानी आने का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहेगा। नदी में लगातार पानी रहने से आसपास के जलस्रोतों को भी लाभ मिलने की संभावना है। इससे क्षेत्र में भूजल स्तर और पर्यावरणीय स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं नदी के पानी से पशुपालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि पिछले कुछ समय से खेतों में नमी की कमी महसूस हो रही थी। अब नदी में पानी आने से सिंचाई को लेकर तत्काल राहत मिली है। किसानों को उम्मीद है कि घग्घर का बहाव आगे भी जारी रहेगा और धान की फसल को उसकी जरूरत के अनुसार पानी मिलता रहेगा। Ghaggar News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:31:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar River: घग्गर नदी का जलस्तर घटा, लोगों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[घग्गर नदी के जलस्तर में गुहला-चीका क्षेत्र में कमी आने से राहत के संकेत मिले हैं, लेकिन जाखल क्षेत्र के चांदपुरा साइफन पर पानी का दबाव बढ़ा हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ghaggar-water-level-decreased-pressure-on-chandpura-siphon-increased/article-89448"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/jakhal-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Jakhal News: घग्गर नदी के जलस्तर में गुहला-चीका क्षेत्र में कमी आने से राहत के संकेत मिले हैं, लेकिन जाखल क्षेत्र के चांदपुरा साइफन पर पानी का दबाव बढ़ा हुआ है। रविवार सुबह यहां घग्गर का डिस्चार्ज 8810 क्यूसेक दर्ज किया गया। गुहला-चीका में शनिवार सुबह 19,096 क्यूसेक के मुकाबले रविवार को डिस्चार्ज घटकर 15,246 क्यूसेक रह गया। जलस्तर भी 12.4 फीट से घटकर 9.9 फीट हो गया। चांदपुरा साइफन की क्षमता 24 हजार क्यूसेक है और खतरे का निशान 11 फीट निर्धारित है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी तटबंधों पर लगातार नजर रख रहे हैं। पानी के दबाव के कारण कासिमपुर के पास तटबंध में लीकेज होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी डलवाकर लीकेज बंद किया। किसान लगातार तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">राहत के संकेत</h4>
<p style="text-align:justify;">गुहला-चीका में जलस्तर और डिस्चार्ज घटने से राहत मिली है। सिंचाई विभाग के अनुसार स्थिति फिलहाल स्थिर है और पानी का दबाव कम होने के आसार हैं। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निगरानी जारी रखी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/jakhal-news.jpg" alt="Jakhal News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 19:01:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar River Bridge Construction: जंक्शन-टाउन मार्ग पर घग्घर नदी के क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण अक्टूबर से पहले पूरा करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[जंक्शन-टाउन मार्ग पर घग्घर नदी पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से करीब 6 करोड़ 56 लाख 4 हजार 445 रुपए की लागत से पुल के क्षतिग्रस्त सुपर स्ट्रक्चर को बदला जा रहा है। विभाग के अनुसार अब तक करीब 40 से 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/ghaggar-river-bridge-construction-target-to-complete-construction-of-damaged/article-87819"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/ghaggar-construction.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ghaggar River Bridge Construction: हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। जंक्शन-टाउन मार्ग पर घग्घर नदी पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से करीब 6 करोड़ 56 लाख 4 हजार 445 रुपए की लागत से पुल के क्षतिग्रस्त सुपर स्ट्रक्चर को बदला जा रहा है। विभाग के अनुसार अब तक करीब 40 से 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और निर्धारित समय से पहले निर्माण पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्य का ठेका मैसर्स स्वास्तिक एंटरप्राइजेज, श्रीगंगानगर को दिया गया है। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य अभियंता (ब्रिज), जयपुर ने 23 जनवरी 2026 को कार्य स्वीकृत किया था। निर्माण कार्य 2 फरवरी 2026 से प्रारंभ हुआ तथा इसकी निर्धारित पूर्णता तिथि 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पुल के सुपर स्ट्रक्चर के तहत कुल नौ स्पान बदले जाने हैं। इनमें से दो स्पान का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष सात स्पानों पर कार्य तेजी से जारी है। बेस स्ट्रक्चर का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है और वर्तमान में स्टील कास्टिंग सहित सुपर स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। घग्घर नदी में मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए निर्माण कार्य बाधित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मौके पर पर्याप्त निर्माण सामग्री उपलब्ध करवाई गई है तथा अतिरिक्त श्रमिक लगाए गए हैं, ताकि कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग</h3>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता संदीप कुमार ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर चल रहे स्टील कास्टिंग कार्य का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने और निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि निर्माण में उपयोग किए जा रहे स्टील और अन्य सामग्री का टेस्टिंग के बाद ही उपयोग किया जा रहा है। डिवीजन-सर्किल स्तर के अधिकारी समय-समय पर कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा हो सके। Hanumangarh News</p>
<h3 style="text-align:justify;">यातायात को मिलेगी बड़ी राहत</h3>
<p style="text-align:justify;">मानसूनी नदी घग्घर पर स्थित यह पुल हनुमानगढ़ जंक्शन और टाउन के बीच आवागमन का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। वर्तमान में लंबे समय से क्षतिग्रस्त पुल के साथ बने दूसरे पुल से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक वन-वे व्यवस्था के तहत संचालित किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दोनों पुलों से अलग-अलग दिशा में यातायात संचालित किया जा सकेगा, जिससे हजारों वाहन चालकों को सुरक्षित, सुगम और तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी। विभाग का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो पुल का निर्माण निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। Hanumangarh News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:27:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar water Level Update: घग्घर साइफन में पानी की स्थिति अपडेट, गुल्लाचिक्का, खनौरी व चांदपुर हैड पर बढ़ा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[Ghaggar water Level Update: हनुमानगढ़। घग्घर नदी पर बने ओटू हैड से घग्घर साइफन की तरफ प्रवाहित किए जा रहे पानी में मंगलवार को कोई उतार-चढ़ाव नहीं हुआ। सोमवार की तरह मंगलवार सुबह भी ओटू हैड से 17500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इससे पहले पिछले दो-तीन दिन से ओटू हैड से लगातार पानी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/update-on-water-status-in-ghaggar-siphon-water-increased-at-gullachikka-khanauri-and-chandpur-head/article-75332"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/ghaggar-river-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ghaggar water Level Update: हनुमानगढ़। घग्घर नदी पर बने ओटू हैड से घग्घर साइफन की तरफ प्रवाहित किए जा रहे पानी में मंगलवार को कोई उतार-चढ़ाव नहीं हुआ। सोमवार की तरह मंगलवार सुबह भी ओटू हैड से 17500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इससे पहले पिछले दो-तीन दिन से ओटू हैड से लगातार पानी कम हो रहा था। हालांकि घग्घर साइफन से प्रवाहित किया जा रहा पानी मंगलवार को कुछ कम हुआ। वहीं गुल्लाचिक्का, खनौरी व चांदपुर हैड से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में बढ़ोतरी तो हुई लेकिन कम मात्रा में। अभी स्थिति नियंत्रण में है। Ghaggar News</p>
<p><a title="Sudan landslide 2025: सूडान में भीषण भूस्खलन, पूरा पहाड़ी गाँव धरती में दफ़न" href="http://10.0.0.122:1245/massive-landslide-in-sudan-entire-mountain-village-buried-under-the-earth/">Sudan landslide 2025: सूडान में भीषण भूस्खलन, पूरा पहाड़ी गाँव धरती में दफ़न</a></p>
<h3>नाली बेड में पिछले कुछ दिनों से पानी की मात्रा स्थिर है</h3>
<p style="text-align:justify;">राहत की बात यह है कि नाली बेड में पिछले कुछ दिनों से पानी की मात्रा स्थिर है और नाली बेड की क्षमता के अनुसार उसमें 5000 क्यूसेक पानी ही चलाया जा रहा है। मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार गुल्लाचिक्का हैड में 42954 क्यूसेक, खनौरी हैड में 11900 क्यूसेक, चांदपुर हैड में 13400 क्यूसेक, ओटू हैड में 17500 क्यूसेक, घग्घर साइफन में 16072 क्यूसेक, नाली, बैड में 5000 क्यूसेक, आरडी 42 जीडीसी में 11022 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी में 5800 क्यूसेक, एसओजी ब्रांच में 1200 क्यूसेक, आरडी 158 जीडीसी में 5750 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सोमवार शाम को गुल्लाचिक्का हैड में 42343 क्यूसेक, खनौरी हैड में 11225 क्यूसेक, चांदपुर हैड में 12500 क्यूसेक, ओटू हैड में 17500 क्यूसेक, घग्घर साइफन में 16560 क्यूसेक, नाली, बैड में 5000 क्यूसेक, आरडी 42 जीडीसी में 11500 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी में 6200 क्यूसेक, एसओजी ब्रांच में 1200 क्यूसेक, आरडी 158 जीडीसी में 6150 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। अतिवृष्टि और घग्घर नदी में संभावित अधिक पानी की आवक के चलते प्रशासन अलर्ट है। ऐहतियात के तौर पर आमजन से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। Ghaggar News</p>
<p><a title="Uttarakhand flood alert: “उत्तराखंड में भारी बारिश से मची त्राहि-त्राहि, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा”" href="http://10.0.0.122:1245/heavy-rains-cause-panic-in-uttarakhand-flood-threat-in-low-lying-areas/">Uttarakhand flood alert: “उत्तराखंड में भारी बारिश से मची त्राहि-त्राहि, निचले इलाकों में बाढ़…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/update-on-water-status-in-ghaggar-siphon-water-increased-at-gullachikka-khanauri-and-chandpur-head/article-75332</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 14:39:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Hanumangarh Ghaggar River water: ओटू हेड से लगातार बढ़ाई जा रही पानी की मात्रा, लोगों में खौफ, अधिकारी अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[घग्घर में 7960 क्यूसेक पानी की आवक, नाली बेड में चलाया 4300 क्यूसेक पानी Hanumangarh Ghaggar River water: हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ की टिब्बी तहसील से प्रवेश करने वाली घग्घर नदी में लगातार बरसाती पानी की आवक बढ़ रही है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग और घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/the-amount-of-water-is-continuously-increasing-from-otu-head/article-75111"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/ghaggar-river-water.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">घग्घर में 7960 क्यूसेक पानी की आवक, नाली बेड में चलाया 4300 क्यूसेक पानी</h3>
<p style="text-align:justify;">Hanumangarh Ghaggar River water: हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ की टिब्बी तहसील से प्रवेश करने वाली घग्घर नदी में लगातार बरसाती पानी की आवक बढ़ रही है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग और घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। बुधवार सुबह घग्घर साइफन में 7960 क्यूसेक जबकि नाली बेड में 4300 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा था। घग्घर में मंगलवार के मुकाबले करीब 800 क्यूसेक पानी की आवक बढ़ी है। नाली बेड में भी बुधवार को तीन सौ क्यूसेक पानी बढ़ाया गया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">आरडी 42 जीडीसी (घग्घर डायवर्सन चैनल) में 3500 क्यूसेक, आरडी 133 जीडीसी डाउन स्ट्रीम में 800 क्यूसेक, एसओजी ब्रांच में 1500 क्यूसेक व आरडी 158 जीडीसी में 750 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है। ओटू हेड से भी लगातार पानी की मात्रा बढ़ाई जा रही है। मंगलवार शाम को ओटू हेड से 6300 क्यूसेक पानी रिलीज किया जा रहा था। बुधवार सुबह इसकी मात्रा बढ़कर 8500 क्यूसेक हो गई। चांदपुर हेड पर पानी की मात्रा बढ़ने के कारण ओटू हेड से आगामी दिनों में मात्रा और बढ़ाए जाने की संभावना है। चांदपुर हेड से बुधवार सुबह 12 हजार 500 क्यूसेक पानी ओटू हेड की तरफ डिस्चार्ज किया जा रहा था।</p>
<h3>पानी की मात्रा और बढ़ाई जाएगी</h3>
<p style="text-align:justify;">उधर, गुल्लाचिका हेड पर भी तीन दिनों से पानी की मात्रा बढ़ रही है। बुधवार सुबह यहां से 16 हजार 940 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। जबकि मंगलवार शाम तक 14 हजार 168 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। खनोरी हेड से 8925 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारियों के मुताबिक ओटू हेड से पानी की मात्रा और बढ़ने पर नाली बेड और जीडीसी में पानी की मात्रा और बढ़ाई जाएगी। उधर, पानी की आवक में बढ़ोतरी के चलते नाली बेड और जीडीसी के संवेदनशील प्वाइंट चिह्नित कर मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। घग्घर बाढ़ नियंत्रण खंड कार्यालय में शुरू किया गया नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है। Hanumangarh News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 11:44:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar Water Level: घग्गर नदी में बढ़ने लगा पानी का स्तर, किसानों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[खनौरी आरडी 460 पर 739.2 फुट पर चल रहा पानी मूनक (सच कहूँ/मोहन सिंह)। Ghaggar Water Level Update Today: पंजाब के क्षेत्रों व हिमाचल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी का स्तर पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस कारण संगरूर जिला के हरियाणा पंजाब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-water-level-in-ghaggar-river-started-rising-and-farmers-are-worried/article-72920"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/ghaggar-river.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">खनौरी आरडी 460 पर 739.2 फुट पर चल रहा पानी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मूनक (सच कहूँ/मोहन सिंह)। </strong>Ghaggar Water Level Update Today: पंजाब के क्षेत्रों व हिमाचल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी का स्तर पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा है, जिस कारण संगरूर जिला के हरियाणा पंजाब के साथ लगते व घग्गर के साथ लगते गांवों के किसानों को इस बार फिर संभावित बाढ़ का डर सताने लगा है। वहीं संगरूर की सब डिवीजन मूनक के करीब डेढ दर्जन गांवों की फसलें घग्गर नदी में आई बाढ़ से विभिन्न सालों दौरान प्रभावित होती रहीं है। Moonak News</p>
<p style="text-align:justify;">खनौरी आरडी 460 पर लगे मापदंड के अनुसार घग्गर नदी में पानी का लैवल शाम 5 बजे 739.2 फुट पर चल रहा है व भले ही यह खतरे के निशान से काफी नीचे है, वहीं घग्गर नदी में खनौरी में लगे मापदंड पर 748 फुट पर पानी चल रहा है। साल 2023 में भी इस घग्गर ने इस क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया था, जिस कारण अभी तक लोग उस आर्थिक मार से उभरे ही नहीं थे कि अब फिर घग्गर नदी में पानी का स्तर बढ़Þने से किसानों की चिंताएं जरूर बढ़ गई हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की पहाड़ियों से निकलने वाली यह घग्गर नदी हर साल लोगों के लिए मुसीबत का कारण बनती आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा इस घग्गर नदी में मारकंडा व टांगरी नदी के अलावा और भी बहुत से छोटे नालों का पानी इस घग्गर में आता है। घग्गर नदी के साथ स्थित गांवों के लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को बरसात के मौसम से पहले घग्गर नदी की साफ सफाई करवानी चाहिए थी व कमजोर बांधों पर मिट्टी या मिट्टी के थैले भरकर लगाने चाहिए थे, लेकिन अब सफाई नहीं होने से इसका खामियाजा आमजन को ही भुगतना पड़ेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मनरेगा मजदूरों से भरवाए जा रहे मिट्टी के थैले | Moonak News</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग हर साल घग्गर नदी लीपा-पोती के अलावा कुछ नहीं करता व जब घग्गर नदी में पानी का स्तर बढ़ने लगता है तो मौके पर मनरेगा मजदूर व कुछ मशीनरी लगाकर खानापूर्ति जरूर कर दी जाती है। क्षेत्र के लोगों की दशकों से मांग रही है कि घग्गर नदी का स्थाई हल निकाला जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।<br />
उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा घग्गर नदी पर मनरेगा मजदूर लगाकर मिट्टी के थैले भरवाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी जगह जरूरत पड़ने पर भरे मिट्टी के थैले लगाए जा सकें व स्थिति को कंट्रोल किया जा सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Vegetable Prices: बारिश से आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, पपीते से महंगा हुआ खीरा" href="http://10.0.0.122:1245/vegetable-prices-have-increased-due-to-rain/">Vegetable Prices: बारिश से आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, पपीते से महंगा हुआ खीरा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-water-level-in-ghaggar-river-started-rising-and-farmers-are-worried/article-72920</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-water-level-in-ghaggar-river-started-rising-and-farmers-are-worried/article-72920</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 20:49:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar River: घग्घर नदी फिर बन सकती है तबाही का कारण, इन 114 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, प्रशासन बरत रहा लापरवाही</title>
                                    <description><![CDATA[ल्ल सरकार के दिशा निर्देश के बावजूद प्रशासन बरत रहा लापरवाही जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Jakhal News: हर साल की तरह इस बार भी जाखल क्षेत्र के लोगों की आंखें आसमान की ओर टिकी हैं, लेकिन इस बार वजह बारिश नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही है। शिवालिक की पहाड़ियों से निकलकर आ रही घग्घर नदी, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/flood-threat-looms-over-one-hundred-fourteen-villages/article-72433"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/jakhal-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ल्ल सरकार के दिशा निर्देश के बावजूद प्रशासन बरत रहा लापरवाही</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Jakhal News: हर साल की तरह इस बार भी जाखल क्षेत्र के लोगों की आंखें आसमान की ओर टिकी हैं, लेकिन इस बार वजह बारिश नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही है। शिवालिक की पहाड़ियों से निकलकर आ रही घग्घर नदी, जो पहले ही दर्जनों बार बाढ़ का रूप ले चुकी है, एक बार फिर तबाही की कगार पर खड़ी है। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन ने अब तक कोई ठोस बाढ़ प्रबंधन योजना नहीं अपनाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">चांदपुरा साईफन पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां 21 में से कई दरवाजे जलकुंभी व गंदगी से बंद पड़े हैं। दरवाजों की सफाई नहीं की गई, जिससे जल निकासी बाधित होती है। यदि तेज बारिश होती है तो यहां स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। घग्घर नदी के किनारे कमजोर हैं और पिछले वर्ष जहां-जहां नदी ने तांडव मचाया था, वहां मात्र कुछ सीमित मरम्मत कर दी गई है, स्थायी समाधान नहीं किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2023 की बाढ़ का दर्द अब भी ताजा | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल की भयावह बाढ़ ने फतेहाबाद जिले के 114 गांवों को प्रभावित किया था। इनमें से 35-40 गांव तो पूरी तरह चारों तरफ से बाढ़ के पानी में घिर गए थे। हालात इतने गंभीर थे कि सेना ने विशेष नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा। उस समय प्रशासन जागा जरूर था, लेकिन वह सजगता अब फिर से सो गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">घग्घर पहले ही छह बार बाढ़ ला चुकी है</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर हम पिछले बीते वर्षाें की बात करे तो सन 1983, 1993, 1995, 1998, 2010 और 2023 में घग्घर छह बार बाढ़ ला चुकी है। हर बार यही कहा गया कि तटबंध मजबूत किए जाएंगे, लेकिन हर बार बरसात से पहले आखिरी पलों में दिखावा होता रहा। इसी क्रम में इस बार भी बाढ़ से पहले कोई व्यापक निरीक्षण या ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।</p>
<h3 style="text-align:justify;">12 हजार की सीमा, 24 हजार क्यूसिक का खतरा</h3>
<p style="text-align:justify;">जानकारों के अनुसार, घग्घर नदी में पानी बहने की क्षमता 12 हजार क्यूसिक तक है। इसके ऊपर जाते ही पानी तटबंधों को पार कर गांवों में घुसने लगता है। 2023 में 24 हजार क्यूसिक पानी आया था, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। इस बार भी यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात किसी से छिपे नहीं रहेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जाखल-टोहाना व रतिया के 60 गांव ज्यादा खतरे में</h3>
<p style="text-align:justify;">सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जाखल, टोहाना और रतिया ब्लॉक के करीब 60 गांव ऐसे हैं, जो बाढ़ की सीधी चपेट में आ सकते हैं। खासकर हिमाचल में भारी बारिश हुई तो घग्घर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और कमजोर रिंग बांधों के कारण तटवर्ती गांव पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">…अभी वक्त है वरना 2023 की बर्बादी फिर लौटेगी</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की लारवाही के चलते कई सवाल उठ रहे हैं। क्या जिला प्रशासन फिर से वही गलती दोहराने जा रहा है? क्या इंतजार उस वक्त का है जब पानी गांवों में घुस जाए? सवाल गंभीर हैं और जवाब मांगते हैं। अब भी वक्त है—घग्घर के किनारों को मजबूत किया जाए, सायफन की सफाई की जाए और संवेदनशील गांवों को लेकर एडवांस प्लान तैयार किया जाए, वरना 2023 की बर्बादी एक बार फिर लौट सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मीरापुर में अवैध लकड़ी की आढ़तें बनीं पर्यावरण व वन विभाग के लिए संकट" href="http://10.0.0.122:1245/illegal-timber-markets-in-mirapur-have-become-a-problem-for-the-environment-and-forest-department/">मीरापुर में अवैध लकड़ी की आढ़तें बनीं पर्यावरण व वन विभाग के लिए संकट</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/flood-threat-looms-over-one-hundred-fourteen-villages/article-72433</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Jun 2025 15:55:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घग्गर नदी के कैमिकल युक्त पानी से बीमारियां फैलने का भय</title>
                                    <description><![CDATA[कभी घग्गर नदी पर बैसाखी मेले लगते थेे रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी/शामवीर)। Ratia News: शहर के पास से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी पर पर कभी 13 अप्रैल बैसाखी के दिन मेले लगते थे, मगर अब लोगों द्वारा सीवरयुक्त पानी व फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त युक्त दूषित पानी डालने से घग्घर का पानी दूषित होने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fear-of-spread-of-diseases-due-to-chemical-laden-water-of-ghaggar-river/article-69573"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/ratia-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कभी घग्गर नदी पर बैसाखी मेले लगते थेे</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>रतिया (सच कहूँ/तरसेम सैनी/शामवीर)।</strong> Ratia News: शहर के पास से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी पर पर कभी 13 अप्रैल बैसाखी के दिन मेले लगते थे, मगर अब लोगों द्वारा सीवरयुक्त पानी व फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त युक्त दूषित पानी डालने से घग्घर का पानी दूषित होने के कारण घग्घर के पास से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र के अनेक लोगों व विभिन्न सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने केंद्र व राज्य सरकार से घग्गर नदी में डाले जाने वाले गंदे कैमिकल युक्त पानी को बंद करने की मांग की है ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके। प्रेम कुमार, तरसेम सिंह, कुदन लाल, राजबीर, वरुण कुमार, जगसीर सिंह, सरदूल सिंह, त्रिलोचन सिंह, सतपाल, रमेश, जोगिंद्र आदि ने बताया कि घग्गर नदी में लगभग ढाई दशक पहले तक साफ पानी चलता था और घग्गर नदी पर बैसाखी के मौके पर घाट पर मेले भी लगते थे तथा लोग स्नान करते थे। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि काफी समय से घग्गर नदी में हरियाणा व पंजाब के अनेक शहरों से सीवरयुक्त पानी व फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त पानी नदी में डाला जा रहा है जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में है। लोगों ने केंद्र व राज्य सरकार के साथ.साथ पर्यावरण मंत्री, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से भी मांग की है कि घग्गर नदी में डाले जाने वाले गंदे पानी पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगवाई जाए और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जो नदी के अस्तित्व को समाप्त करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह नदी किसानों के लिए कभी वरदान साबित होती थी लेकिन अब गंदे पानी के कारण नदी के आसपास के ट्यूबवैलों का पानी भी दूषित हो गया है जिससे अनेक बीमारियां पनपने का खतरा बना हुआ है और फसलों को भी नुकसान होता है। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि इस कैमिकल युक्त पानी को समय पर नहीं रोका गया तो दूषित पानी से पैदा होने वाले प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। लोगों ने कहा कि इस नदी का ऐतिहासिक महत्व होने के साथ-साथ धार्मिक महत्व भी है। यह नदी शिमला की पहाडिय़ों से निकलकर चंडीगढ़, पटियाला, संगरूर जिलों से होती हुई हरियाणा के फतेहाबाद व सिरसा जिले से निकलकर राजस्थान के गंगानगर जिले से होती हुई पाकिस्तान में प्रवेश कर जाती है। उन्होंने कहा कि आज नदी को बचाने की जरूरत है ताकि हमारे देश की नदियां सुरक्षित रह सकें। रतिया क्षेत्र की अनेक संस्थाएं पिछले लंबे समय से नदी के दूषित पानी को बंद करवाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। गौरतलब है कि घग्गर नदी में हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़ व अन्य क्षेत्रों की फैक्ट्रियों का गंदा पानी इसमें छोड़े जाने के पश्चात जहां पूरी नदी दूषित हो</p>
<p style="text-align:justify;">गई है, वहीं रतिया के घग्गर पुल के नीचे बड़े-बड़े पत्थर लगे होने के कारण दूषित पानी यही एकत्रित हो जाता है, जिससे न केवल आसपास क्षेत्रों में बदबू फैलती थी, बल्कि भूजल स्तर भी काफी दूषित हो रहा था। हालांकि रतिया क्षेत्र के लोग सत्ता में आने वाली सभी सरकारों के समक्ष घग्गर नदी के पानी को शुद्ध करने के लिए अनेकों बार आवाज उठा चुके है और निरंतर संघर्ष भी कर रहे है तथा जहां तक कि दूषित पानी से निजात पाने के लिए अनेक सरकारों ने इस घग्गर नदी के दूषित पानी को अपना चुनावी मुद्दा भी बना लिया था, मगर फिर भी कोई भी सरकार इस दूषित पानी के बहाव को बंद करने में आज तक सफल नहीं हो पाई है। Fatehabad News</p>
<h3 style="text-align:justify;">90 के दशक में नदी पर रहती थी रौनक</h3>
<p style="text-align:justify;">गांव बलियाला निवासी 65 वर्षीय जंगीर सिंह का कहना है कि 90 के दशक में नदी में स्वच्छ पानी बहता था। तब इस नदी पर बड़ी रौनक रहती थी। आसपास के गांवोंं केे लोग नदी के पानी को पीने में प्रयोग करते थे। अधिकांश लोग नदी में ही नहाने के लिए आते थे। नदी के किनारों पर हरी भरी घास पैदा होती थी। जहां पर अकसर पशु चरते नजर आते थेे लेेकिन अब दूषित पानी के बहाव के कारण लोग भूलकर भी नदी की तरफ नहीं जाते।<br />
11 रतिया 1-बलियाला निवासी जंंगीर सिंह।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैसाखी पर करते थेे लोग स्नान</h3>
<p style="text-align:justify;">रतिया निवासी 80 वर्षीय लीला सिंह का कहना है कि वर्षों पूर्र्व घग्गर नदी में बिलकुल साफ पानी बहता था। लोग पानी को पीने में आम ही प्रयोग करते थेे। बैसाखी पर नदी पर मेले लगते थे और लोग नदी के पवित्र जल में स्नान करते थे। अब नदी का बिगड़ा हुआ स्वरुप देखकर मन मायूस हो जाता है। नदी में ढाई दशक से अत्यंत दूषित पानी बह रहा है लेकिन सरकारें इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Weather: हरियाणा में अगले तीन दिन बहुत भारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी" href="http://10.0.0.122:1245/very-heavy-rains-in-haryana-for-the-next-three-days-meteorological-department-has-issued-a-warning/">Haryana Weather: हरियाणा में अगले तीन दिन बहुत भारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fear-of-spread-of-diseases-due-to-chemical-laden-water-of-ghaggar-river/article-69573</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 15:58:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Ghaggar River: बढ़ा घग्घर नदी का जलस्तर: 24 घंटों में बढ़ा 6000 क्यूसेक पानी</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले वर्ष की तरह लोगों को सताने लगा बाढ़ का खतरा | Jakhal News जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Ghaggar River: पहाड़ों में लगातार हो रही बरसात के कारण एक बार फिर जाखल क्षेत्र में घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार शाम 4 बजे जाखल के चांदपुरा हेड पर पानी का बहाव 8810 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/due-to-rain-the-water-level-of-ghaggar-river-started-rising-again-in-jakhal-area/article-61104"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/jakhal-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पिछले वर्ष की तरह लोगों को सताने लगा बाढ़ का खतरा | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Ghaggar River: पहाड़ों में लगातार हो रही बरसात के कारण एक बार फिर जाखल क्षेत्र में घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार शाम 4 बजे जाखल के चांदपुरा हेड पर पानी का बहाव 8810 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो कल 2750 क्यूसेक पानी का बहाव था। लेकिन पीछे पहाड़ों में लगातार बरसात से पीछे गुहला चीका और खनौरी में भी पानी का बहाव बढ़ता ही जा रहा है। Jakhal News</p>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नदी पिछले एक दिन से पानी का बहाव और चढ़ाव काफी बढ़ा है। जिस कारण जाखल क्षेत्र के किसानों व लोगों को एक बार फिर बाढ़ का डर सताने लगा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोगों की बढ़ी चिंता | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि यह आंकड़ा खतरे के निशान से काफी कम है, लेकिन जिस प्रकार आंकड़ा बढ़ रहा है, उसको लेकर चिंता बढ़ी हुई हैं। चांदपुरा से पीछे खनौरी, गुहला और चीका हेडों पर बढ़ रहे जलस्तर का असर आज शाम तक और चांदपुरा में देखने को मिलेगा। लोग उम्मीद जता रहे हैं कि पहाड़ों और पिछले एरियों में बरसात कम हो तो यह पानी का बहाव कम हो जाएगा। जिससे बाढ़ जैसी आपदा का खतरा टल जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लगातार बढ़ रहा है जलस्तर</h3>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटों में चांदपुरा में 6010 क्यूसेक बहाव बढ़ा है। मंगलवार शाम 4 बजे तक यहां बहाव 2750 क्यूसेक दर्ज किया गया था। जबकि बुधवार 4 बजे यह बढ़कर 8810 क्यूसेक हो चुका है। कल की अपेक्षा खनौरी में भी पानी बढ़ा है। वहां कल 6475 क्यूसेक पानी चल रहा था, आज यह बढ़कर 9275 क्यूसेक हो गया है। यह बढ़ा पानी जाखल क्षेत्र की ही तरफ आना है, जिस कारण डर बना हुआ है। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">पिछले साल आई थी बाढ़</h3>
<p style="text-align:justify;">चांदपुरा हेड पर क्षमता 22 हजार क्यूसेक है। जबकि सहायक रंगोई नाले की क्षमता 6 हजार क्यूसेक है। लेकिन जैसे ही आंकड़ा 15 हजार क्यूसेक को पार करता है, तो बाढ़ का खतरा मंडराना शुरू हो जाता है। पिछले साल ऐसा ही हुआ था। 17 हजार क्यूसेक के बाद कई जगहों से घग्घर ओवर फ्लो होना शुरू हो गई थी, और फिर तटबांधों के टूटने के चलते फतेहाबाद सहित जाखल, टोहाना, कुलां, और रतिया क्षेत्रों में बाढ़ ने तबाही मचाई थी। Jakhal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में किया बड़ा ऐलान" href="http://10.0.0.122:1245/on-the-occasion-of-78th-independence-day-pm-modi-made-a-big-announcement-about-nalanda-university/">78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में किया बड़ा ऐलान</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/due-to-rain-the-water-level-of-ghaggar-river-started-rising-again-in-jakhal-area/article-61104</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Aug 2024 09:52:48 +0530</pubDate>
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                <title>Ghaggar River: घग्गर नदी में बरसाती पानी पहुंचा, किसान खुश</title>
                                    <description><![CDATA[जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Ghaggar River: हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही भारी बरसात से पंचकुला, चंडीगढ़ कर रास्ते जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी में पानी की आवक बढ़ने लगा है। नदी में पीछे से जलस्तर में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी बाढ़ के कारण जहां विकराल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-inflow-of-water-in-the-ghaggar-river-passing-through-jakhal-area-started-increasing/article-60740"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/ghaggar-river.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Ghaggar River: हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों में लगातार हो रही भारी बरसात से पंचकुला, चंडीगढ़ कर रास्ते जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्घर नदी में पानी की आवक बढ़ने लगा है। नदी में पीछे से जलस्तर में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी बाढ़ के कारण जहां विकराल रूप धारण करती है तो हजारों एकड़ फसलों को अपनी चपेट में ले लेती है वही इसको जीवन दायिनी भी कहा जाता है पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद अब तक घग्गर नदी सूखी हुई थी लेकिन अब हिमाचल, पंचकूला, चंडीगढ़ इत्यादि इलाकों में बरसात होने से इसमें बरसाती पानी बहने से तटीय किसान खुश हैं। Jakhal News</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि घग्घर नदी के जल से उन्हें खेतो में सिंचाई करने में आसानी होगी। वहीं अगर पीछे लगातार बरसात होगी तो भविष्य की स्थिति को मद्देनजर रखकर, बाढ़ आशंका को भांपते हुए किसान चिंतित भी है। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से बरसाती पानी घग्घर नदी के जरिए जाखल क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गया है। नदी की जल क्षमता से फिलहाल जलस्तर अपेक्षाकृत कम है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ के उचित प्रबंधन को लेकर पहले से ही एक्टिव है। हर प्रकार के प्रबंधों में लगे हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बीते वर्ष बाढ़ आने के कारण भयभीत है लोग | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">बीते वर्ष जुलाई महीने में नदी में भारी मात्रा में पानी की आवक हुई थी। जिससे नदी व नदी के सहायक रंगोई नाले के तटबंध टूटने से जाखल क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी, जबकि बाढ़ के वक्त जाखल शहर में पानी प्रवेश करने से गनीमत रही थी। उस वक्त सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणों के हाथ पांव फूल गए थे। बाढ़ से किसानों की हजारों एकड़ फसले बर्बाद हो गई थी। इससे ग्रामीणों को बड़ी क्षति झेलनी पड़ी थी। उस समय सभी ने दिन-रात एक कर कई दिनों की कड़ी मशक्कत से बिगड़े हालातो पर काबू पाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में हालांकि फिलहाल क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी में जलस्तर अभी न के बराबर है, लेकिन बीते वर्ष आई बाढ़ के मंजर को याद कर लोग सिहर उठते है। ऐसे में खासकर नदी के तट क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा बाढ़ आशंका के मद्देनजर बाढ़ से निपटान हेतु जिला प्रशासन से समुचित व्यवस्थाओं की मांग की गई हैं। वहीं जाखल के लोगों द्वारा भी नदी के शहरी भाग को पक्का करने का सुझाव दिया गया हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी देखने पहुंचने लगें लोग | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;">किसान नदी में पानी आने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब नदी में पानी आने से घग्घर नदी क्षेत्र के धान उत्पादक किसान पंपिंग कर धान की फसल में पानी लगाने लगे हैं। वहीं चांदपुरा साइफन हेड पर लोग नदी में पानी की आवक को देखने पहुंचने लगे हैं। लोग जहां पर सेल्फी लेते दिखाई दे रहे है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कितना है घग्घर में जलस्तर</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्गर नदी में पीछे से पानी बढ़ने के चलते सिंचाई विभाग की सोमवार शाम की रिपोर्ट में खनौरी पंजाब में 895 क्यूसेक पानी बह रहा है जबकि चांदपुरा साइफन हेड पर 1810 क्यूसेक जलस्तर मापा गया है, जो रविवार सुबह की अपेक्षा अधिक है। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">फिलहाल बाढ़ को लेकर जरा भी चिंता नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन नैन ने कहा कि अभी जितने पानी की आवक नदी में हो रही है, उससे चिंता की जरा भी बात नहीं है। वहीं भविष्य में भी जैसे-जैसे नदी में पानी की आवक होगी, उसे विभिन्न चैनलों के जरिए प्रवाहित किया जाएगा। घग्घर नदी में पानी की आवक होने से धान उत्पादक किसानों को काफी राहत मिलेगी। ऐसे में नदी में पानी की आवक होने से किसान काफी उत्साहित हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं अधिकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ी क्षेत्र में भारी बरसात होने से जलस्तर में वृद्धि हुई है। चांदपुरा साइफन हेड पर जलस्तर नदी की क्षमता से अपेक्षाकृत कम है। जहां पर नदी में जहां पानी का स्तर दो हजार क्यूसेक से भी कम है, जबकि घग्नघर नदी की क्षमता 22 हजार क्यूसेक के करीब है। सावन माह में क्षेत्र में वर्षा काफी कम होने से धान की फसल प्रभावित हो रही थी। ऐसे में घग्गर नदी में जल प्रवाह होने से घग्घर तटीय किसानों के लिए धान की फसल हेतू अमृत समान है।<br />
<strong>                                                                            -संजीव सिंगला, एसडीओ सिंचाई विभाग टोहाना।</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="वित्त विधेयक पारित होने के बाद आ सकता है वक्फ संशोधन विधेयक" href="http://10.0.0.122:1245/wakf-amendment-bill-may-come-after-the-finance-bill-is-passed/">वित्त विधेयक पारित होने के बाद आ सकता है वक्फ संशोधन विधेयक</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-inflow-of-water-in-the-ghaggar-river-passing-through-jakhal-area-started-increasing/article-60740</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 17:10:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरपंचों ने की बिलों का भुगतान करवाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पिछले दिनों पैदा हुए बाढ़ (Flood) के हालातों के बीच ग्रामीणों की ओर से अपने संसाधन लगाकर किए गए सहयोग पर हुए खर्च का भुगतान करवाने की मांग घग्घर बहाव क्षेत्र के आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने की है। इस संबंध में गुरुवार को ग्राम पंचायतों के सरपंचों (Sarpanches) […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/sarpanches-demanded-payment-of-bills/article-52981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/indian-money.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पिछले दिनों पैदा हुए बाढ़ (Flood) के हालातों के बीच ग्रामीणों की ओर से अपने संसाधन लगाकर किए गए सहयोग पर हुए खर्च का भुगतान करवाने की मांग घग्घर बहाव क्षेत्र के आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने की है। इस संबंध में गुरुवार को ग्राम पंचायतों के सरपंचों (Sarpanches) ने जिला कलक्टर (District Collector) रुक्मणि रियार सिहाग से मुलाकात की। ग्राम पंचायत श्रीनगर की सरपंच नवनीत कौर ने बताया कि पिछले दिनों घग्घर नदी (Ghaggar River) में पानी की अधिक आवक से आसपास की कई पंचायतों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। तब कई पंचायतें प्रभावित हुईं। तब बाढ़ का खतरा टालने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन का पूरा सहयोग दिया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ट्रैक्टर, पोकलेन, जेसीबी सहित अन्य निजी संसाधन लगाकर बांधों को मजबूत करने का कार्य किया। इसका नतीजा यह हुआ कि ग्राम पंचायतों में बाढ़ की स्थिति टाली जा सकी। लेकिन अभी तक उस खर्च का भुगतान प्रशासन की ओर से नहीं करवाया गया है। ग्राम पंचायत सरपंच एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अभी बिल भी इन्हीं कार्यालयों में घूम रहे हैं। पूर्व में भी जिला कलक्टर को लिखित में अवगत करवाकर बिलों का भुगतान करवाने की मांग की थी लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">आज फिर ग्राम पंचायत सरपंच जिला कलक्टर से मिलकर बिलों का भुगतान करवाने की मांग की गई ताकि भविष्य में भी इस तरह की आपदा की स्थिति में ग्रामीण इसी तरह प्रशासन की मदद करें। उन्होंने बताया कि किसी ग्राम पंचायत का दो लाख, किसी का तीन लाख तो किसी का पांच लाख रुपए का बिलों का भुगतान बनता है। प्रशासन से मांग है कि जल्द इन बिलों का भुगतान करवाया जाए। इस मौके पर सरपंच रोहित स्वामी, गुरलाल सिंह आदि मौजूद थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश से फसल में हुए खराबे का मिले मुआवजा" href="http://10.0.0.122:1245/demand-for-compensation-for-crop-damage/">गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बारिश से फसल में हुए खराबे का मिले मुआवजा</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 15:24:01 +0530</pubDate>
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