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                <title>पहले छिपाती थी, अब सजा दिलवाती हैं बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। अब हरियाणा में अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं में अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ गई है। यह कहना है महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन का। शुक्रवार को हरियाणा महिला आयोग की टीम ने वैश्य मॉडल स्कूल प्रकरण में धरने पर बैठी महिला शिक्षकों की शिकायत पर संज्ञान लेने भिवानी आई हुई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/prior-to-hiding-now-women-get-punishment/article-3909"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/batiya.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। </strong>अब हरियाणा में अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं में अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ गई है। यह कहना है महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन का। शुक्रवार को हरियाणा महिला आयोग की टीम ने वैश्य मॉडल स्कूल प्रकरण में धरने पर बैठी महिला शिक्षकों की शिकायत पर संज्ञान लेने भिवानी आई हुई थी। महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन व उपाध्यक्ष प्रीति भारद्वाज व सदस्या इंदु यादव ने बताया कि हरियाणा में अब अपराधों का ग्राफ बढ़ने की बजाए महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका मानना है कि महिला आयोग की भूमिका भी अब सक्रिय तौर पर दिखाई देने लगी है, यही वजह है कि महिलाएं अब बेझिझक होकर महिला थानों में अपने उत्पीड़न सम्बंधी शिकायतों को लेकर पहुंच रही हैं। उनका कहना है कि पहले महिलाएं अपने ऊपर होने वाले उत्पीड़न एवं अत्चायार को छिपाने का प्रयास करती थी, लेकिन अब हमारी बेटी और बहनें अत्चायार को छीपाने की बजाए अपराधियों को सजा दिलवाने का भरसक प्रयास करती हैं। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने बताया कि हरियाणा में हरियाणा के अधिकांश गांवों में पंचायत की बागडोर महिलाओं के हाथों में आ गई हैं। ऐसे में महिला स्वतंत्र होकर अपना काम करें।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए महिला आयोग आने वाले जुलाई माह के दौरान प्रदेश भर में महिला सरपंचों के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन करेगा, जिसमें महिला जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उनका कहना है कि जब महिला सरपंच जागरूक होगी तो उस गांव की हर वो महिला भी जागरूक हो जाएगी, जो कहीं ना कहीं शोषण एवं उत्पीड़न का शिकार हो रही है। इससे पहले महिला आयोग की टीम ने जिला पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे महिला अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी तफ्तीश में तेजी लाएं। महिलाओं से जुड़े अपराधों में निष्पक्ष जांच के भी निर्देश दिए गए।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jun 2018 12:14:03 +0530</pubDate>
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                <title>कश्मीर को खुर्द-बुर्द कर रहा पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के गिलगित-बाल्टीस्तान के भारतीय क्षेत्र में कई फेरबदल कर लिए हैं। 1947 में भारत-पाक बंटवारे के दौरान जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरिसिंह ने प्रदेश का विलय भारत में कर दिया था। कानूनन भारत को ही जम्मू-कश्मीर के भविष्य पर फैसले करने के सब अधिकार हैं। लेकिन 1948 में कबाईलियों के साथ मिलकर पाकिस्तान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/pakistan-hiding-kashmir/article-3838"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/jammu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के गिलगित-बाल्टीस्तान के भारतीय क्षेत्र में कई फेरबदल कर लिए हैं। 1947 में भारत-पाक बंटवारे के दौरान जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरिसिंह ने प्रदेश का विलय भारत में कर दिया था। कानूनन भारत को ही जम्मू-कश्मीर के भविष्य पर फैसले करने के सब अधिकार हैं। लेकिन 1948 में कबाईलियों के साथ मिलकर पाकिस्तान ने भारत के आधे के करीब जम्मू-कश्मीर पर कब्जा कर लिया जो अभी भी जारी है। पाकिस्तान यूूं तो अधिकृ त जम्मू-कश्मीर को ‘आजाद कश्मीर’ कहता है लेकिन वह चुपके-चुपके कश्मीर के भू-भाग को अपने में मिला रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले वह कुछ हिस्सा जो अक्साई चीन से सटता है वह चीन को दे चुका है, जो 6100 वर्ग किलोमीटर है। चीन का सीपीईसी प्रॉजैक्ट जो कि चीन से पाकिस्तान के ग्वाद्र बंदरगाह तक एक बड़ा रोड़ प्रॉजैक्ट है, जिस पर कई आर्थिक जोन भी बनाए जा रहे हैं भी गिलगित-बाल्टीस्तान से होकर गुजर रहा है। फाटा क्षेत्र जो कि अफ्गानिस्तान से सटता है। पहले वह एक स्वायत क्षेत्र रहा है। ये गिलगित-बाल्टीस्तान से सटता है। इसके सात जिलों को अब पाकिस्तान अपने खैबर पख्तूनवा प्रान्त में शामिल कर रहा है। ये जिले खैबर, उत्तरी वजीरीस्तान, दक्षिणी वजीरीस्तान, बाजौर, आरेकजई, मोहम्मद व खुर्रम हैं। ये इलाका अब पाकिस्तान का पांचवां प्रान्त होगा। भारत ने भले ही पाक उच्चायुक्त को बुलाकर गिलगित-बाल्टीस्तान पर अपना एतराज जता दिया है, लेकिन पाकिस्तान की सेहत पर इसका कोई खास असर होता नहीं दिख रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">उस पर पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आए दिन सीमापार से फायरिंग कर भारतीय क्षेत्र में तबाही फैला रहा है। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का यह तर्क ठीक है कि आतंक व बातचीत साथ-2 नहीं चल सकते, परंतु पाकिस्तान के इरादों से साफ है कि वह भारत को अब कश्मीर लौटाने के मूड में कतई नहीं है। अब उसके द्वारा कब्जाए कश्मीर में चीन ने भी धन लगा रखा है। अत: मामला साल-दर-साल जटिल हो रहा है। भारत की सरकार ने संसद में देशवासियों से वायदा किया है कि वह भारत की एक इंच जमीन भी किसी दूसरे देश के कब्जे में नहीं रहने देंगे। भारत सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कैसे व कब तक वह कश्मीर को वापिस हासिल करने वाले हैं? जबकि अवैध कब्जाधारी पाकिस्तान धीरे-2 कश्मीर का पूरा वजूद ही खत्म कर रहे हैं।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 May 2018 08:05:49 +0530</pubDate>
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