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                <title>Heart Disease - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Heart Disease RSS Feed</description>
                
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                <title>Heart Disease: सर्दी के मौसम में ह्दृय रोगों से बचाव के लिए इंडियन मैडिकल एसोसिएशन ने जारी की एडवाईजरी</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। Heart Disease: सर्दियों का मौसम जहां अपने साथ खुशनुमा अहसास लाता है, वहीं यह हृदय रोगियों के लिए चुनौतियों भरा भी हो सकता है। ऐसे में इंडियन मैडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सर्दियों में दिल की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने इस वर्ष के विश्व हृदय दिवस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/indian-medical-association-issues-advisory-to-prevent-heart-disease-during-winter-season/article-80254"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/heart-disease.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> Heart Disease: सर्दियों का मौसम जहां अपने साथ खुशनुमा अहसास लाता है, वहीं यह हृदय रोगियों के लिए चुनौतियों भरा भी हो सकता है। ऐसे में इंडियन मैडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सर्दियों में दिल की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने इस वर्ष के विश्व हृदय दिवस की थीम धडकऩ को न छोड़ें पर जोर देते हुए लोगों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">आईएमए हरियाणा के संरक्ष फिजीशियन डा. करन पूनिया ने बताया कि ठंड के मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त सर्दियों में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कमजोर दिल वाले मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है। Heart Disease</p>
<p style="text-align:justify;">डा. करन पूनिया ने ाव के सुझाव बताते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड और कोहरे में सुबह जल्दी सैर पर जाने से बचें। जब धूप निकल आए या तापमान थोड़ा बढ़ जाए, तभी बाहर निकलें। शरीर को गरम रखने के लिए एक मोटे कपड़े की जगह कई पतली परत वाले कपड़े पहनें, इससे शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकलती। सर्दियों में तले-भुने और अधिक नमक वाले भोजन से बचें, संतुलित आहार लें जिसमें साबुत अनाज, फल और हरी सब्जियां शामिल हों। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग ठंड से बचने के लिए शराब का सहारा लेते हैं, लेकिन यह रक्तचाप बढ़ाकर दिल के दौरे का खतरा पैदा करती है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीज नियमित रूप से अपनी जांच कराते रहें और दवाओं में कोई लापरवाही न बरतें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगामी विश्व हृदय दिवस की थीम धडकऩ को ना छोड़ें पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह थीम हमें याद दिलाती है कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जागरूकता और सक्रिय देखभाल अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि हृदय रोग से होने वाली 17.9 मिलियन वार्षिक मौतों में से अधिकांश को केवल जीवनशैली में सुधार और समय पर पहचान के जरिए रोका जा सकता है। हमें चेतावनी के संकेतों जैसे सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक पसीने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Heart Disease</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही डा. करण पुनिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सीने में भारीपन या तीव्र दर्द, सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई, हृदय गति का अचानक बहुत तेज या अनियमित होना, अचानक चक्कर आना या बेहोशी छाना आदि लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोकथाम ही उपचार से बेहतर है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि और तनाव मुक्त जीवन हृदय को लंबी उम्र प्रदान कर सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Punjab Weather: बफीर्ली ठंड से कांपा हरियाणा-पंजाब, सरसा का तापमान जानकर आप भी हो जाओगे हैरान" href="http://10.0.0.122:1245/haryana-and-punjab-shivered-in-the-icy-cold-youll-be-surprised-to-know-the-temperature-in-sirsa/">Haryana Punjab Weather: बफीर्ली ठंड से कांपा हरियाणा-पंजाब, सरसा का तापमान जानकर आप भी हो जाओगे हैरान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 16:22:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Heart Check Up Camp: हृदय रोग चैकअप व निवारण कैंप कल</title>
                                    <description><![CDATA[कैंप का समय सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे सेवाएं दवाइयां नि:शुल्क दी जाएंगी सरसा (सच कहूँ न्यूज़)। Heart Disease Check up camp: थ्री इन वन एमएसजी भंडारे और डेरा सच्चा सौदा स्थापना माह के उपलक्ष्य में शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 18 अप्रैल कल हृदय रोग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/heart-disease-checkup-and-prevention-camp-on-eighteen-april/article-69814"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/dera-hospital.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कैंप का समय सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सक देंगे सेवाएं</li>
<li>दवाइयां नि:शुल्क दी जाएंगी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Heart Disease Check up camp: थ्री इन वन एमएसजी भंडारे और डेरा सच्चा सौदा स्थापना माह के उपलक्ष्य में शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 18 अप्रैल कल हृदय रोग चैकअप व निवारण कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप का समय सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक रहेगा। कैंप को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कैंप में हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयोजित होने वाले इस कैंप में 18 अप्रैल को हृदय संबंधी बीमारियों की जांच की जाएगी। वर्णनीय है कि डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने 18 अप्रैल 1960 को चोला बदलकर अपने आपको पूज्य परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के युवा स्वरूप में प्रकट किया। इसी दिन के उपलक्ष्य में हृदय रोग चैकअप व निवारण कैंप का आयोजन किया जा रहा है। Sirsa News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हैलो, आपका फोन मिल गया, आकर ले जाओ" href="http://10.0.0.122:1245/mansa-police-handed-over-fifty-four-lost-phone-to-their-owners/">हैलो, आपका फोन मिल गया, आकर ले जाओ</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 21:10:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Heart Disease: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज! नहीं तो जा सकती है जान!</title>
                                    <description><![CDATA[Heart Disease: हृदय की समस्या आने पर तुरंत करवाएं जांच: डा. मनदीप सरसा। हृदय रोग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती समस्या है, जिसका शिकार सभी उम्र के लोग हो रहे हैं। युवा आबादी में भी ये दिक्कत बढ़ती देखी जा रही है। लाइफ स्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण हृदय रोगों का खतरा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/do-not-ignore-these-symptoms-otherwise-you-can-die/article-62753"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/dr-mandeep-sirsa.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">Heart Disease: हृदय की समस्या आने पर तुरंत करवाएं जांच: डा. मनदीप</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा। हृदय रोग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती समस्या है, जिसका शिकार सभी उम्र के लोग हो रहे हैं। युवा आबादी में भी ये दिक्कत बढ़ती देखी जा रही है। लाइफ स्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण हृदय रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। हृदय रोग और इससे संबंधी बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसके रोकथाम को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। Heart Disease</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त जानकारी डबवाली रोड स्थित मनदीप हार्ट सेंटर के संचालक डा. मनदीप ने विश्व हृदय दिवस पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। उनके साथ डा. शालू गर्ग व डा. चिंतन सेठी भी मौजूद थे। डा. मनदीप ने बताया कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कम उम्र से ही प्रयास करते रहना जरूरी है। संभावित हृदय संबंधी समस्याओं का समय रहते पता लगाने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं। इसके साथ आहार और दिनचर्या को ठीक रखने वाले उपाय करके कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल में रखें। कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर धमनियों में प्लाक के निर्माण को बढ़ावा दे सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। अपने वजन को कंट्रोल बनाए रखना हृदय पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए जरूरी है। Heart Disease</p>
<h3 style="text-align:justify;">तनाव कम करें | Heart Disease</h3>
<p style="text-align:justify;">ज्यादा तनाव लेना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। लंबे समय तक बनी रहने वाली तनाव की स्थिति हृदय को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली मानी जाती है। स्ट्रेस के कारण कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसे रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल दोनों के बढ़ने का खतरा रहता है। Heart Disease</p>
<p><a title="कुत्ता बना काल! दो बाइक चालकों की मौत" href="http://10.0.0.122:1245/dog-became-death-two-bike-riders-died/">कुत्ता बना काल! दो बाइक चालकों की मौत</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/do-not-ignore-these-symptoms-otherwise-you-can-die/article-62753</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Sep 2024 14:15:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Chaulai Saag Benefits: पोषक तत्वों से भरा है यह साग, सेवन से नस-नस में लबालब भर जाएगा रक्त, स्वाद भी ऐसा कि पालक का साग भी इसके सामने फेल</title>
                                    <description><![CDATA[(सच कहूं/अनु सैनी)। Chaulai Saag benefits: बरसात का मौसम चल ही रहा है और बारिश कभी भी आ जाती है ऐसे में बारिश के मौसम में आप जितना हेल्दी और पौष्टिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल करेंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे साथ ही इंफेक्शन की समस्या से भी बचे रहेंगे। वैसे तो हरी पत्तेदार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chaulai-saag-benefits/article-61203"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/chaulai-sag-benefits.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>(सच कहूं/अनु सैनी)।</strong> Chaulai Saag benefits: बरसात का मौसम चल ही रहा है और बारिश कभी भी आ जाती है ऐसे में बारिश के मौसम में आप जितना हेल्दी और पौष्टिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल करेंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे साथ ही इंफेक्शन की समस्या से भी बचे रहेंगे। वैसे तो हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन हर मौसम में करना हेल्दी है, लेकिन मानसून में आप कोई भी साग खाएं तो शरीर को कई लाभ ही होंगे, इसी में एक साग का नाम आता है, वह है चौलाई का साग… वहीं इसे अमरंथ के पत्ते भी कहते हैं। चौलाई खाने से न सिर्फ शरीर में लबालब रक्त बढ़ता है बल्कि आयरन की कमी दूर होने के साथ-साथ वजन भी कम होता है। यह पाचन तंत्र को भी दूरुस्त रखता है। तो चलिए जानते हैं चौलाई का साग खाने से हमें क्या-क्या फायदे होते हैं। Chaulai Saag benefits</p>
<h3 style="text-align:justify;">चौलाई का साग खाने के फायदे….</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि यह विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीआॅक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, जिस कारण चौलाई का साग संपूर्ण सेहत को हेल्दी बनाए रखता है। दरअसल यह जरूरी पोषक तत्वों का पावरहाउस है, इसमें विटामिन ए, सी, के, फोलेट आदि होते हैं। जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है। चौलाई के साग में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती हैं, इससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, बाउल मूवमेंट सही रहता है और कब्ज की समस्या भी नहीं होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रतिरोधक क्षमता को करता है बूस्ट | Chaulai Saag benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">यह साग रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बूस्ट करता है, कई तरह के इंफेक्शन से बचाता है, क्योंकि इसमें विटामिन सी भी पर्याप्त मात्रा में होती है, इसके सेवन से आंखों की सेहत दुरुस्त रहती है, देखने की क्षमता को बेहतर बनाता है, कई विटामिंस होने के कारण यह कोशिकाओं के ग्रोथ और मरम्मत में मदद करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हार्ट के लिए है फायदेमंद</h3>
<p style="text-align:justify;">अमरंथ या चौलाई का साग खाने से हार्ट की सेहत भी अच्छी रहती है, इन पत्तियों में अधिक मात्रा में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है, साथ ही कार्डियोवैस्कुलर संबंधित समस्याओं को भी ठीक रखता है, एंटीआॅक्सीडेंट्स जैसे बीट-कैरोटीन, विटामिन सी, आॅक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन को कम करके दिल को सुरक्षित बनाए रखता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बढ़ते वजन को करता है कम | Chaulai Saag benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आपका वजन बढ़ रहा है, तो आप चौलाई का साग जरूर खाएं, इसे आप डाइट में रेगुलर शामिल करके बढ़ते हुए वजन पर काबू पा सकते है। इस साग में कैलोरी की मात्रा अधिक नहीं होती है, यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पेट भरे होने का अहसास कराता रहता है। इससे आप कुछ भी एक्स्ट्रा खाने से बचे रहते है। फाइबर डाइजेस्टिव हेल्थ को भी सपोर्ट करता है, जिससे हेल्दी गट रहता है और कब्ज की परेशानी से भी पीछा छूटता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रक्त की कमी को करता है दूर</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं जिन लोगों के शरीर में रक्त की कमी है, उन्हें चौलाई का साग जरूर खाना चाहिए यदि एनीमिया के कारण थकान, कमजोरी महसूस होती है। दरअसल चौलाई में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए इसके सेवन से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से होता है, हीमोग्लोबिन के प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है। यह शरीर में आॅक्सीजन को ट्रांसपोर्ट करने के लिए जरूरी है, रेगुलर अमरंथ खाने से एनिमिया से छूटकारा मिलता है और एनर्जी लेवल भी बूस्ट होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डायबिटीज रोगी के लिए है फायदेमंद</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि डायबिटीज रोगियों के लिए चौलाई का साग बेहद हेल्दी होता हैं, इसमें कुछ खास बायोएक्टिव कम्पाउंड्स होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखते हैं, इससे शरीर में ग्लूकोज लेवल प्राकृतिक रूप से कंट्रोल किया जा सकता हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हड्डियों को बनाता है मजबूत</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आपकी हड्डियां कमजोर हैं, तो आप इन्हें स्ट्रॉन्ग बनाए रखने के लिए भी अमरंथ के पत्तों का सेवन कर सकते हैं, कैल्शियम से भरपूर ये पत्ते आॅस्टियोपोरोसिस से बचाते हैं, इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम होते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के कार्यों के लिए भी बेहद जरूरी हैं। Chaulai Saag benefits</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अस्वीकरण:</strong> लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Tech Tips: काम करते वक्त फोन कर रहा है डिस्टर्ब, तो सेटिंग में जाकर कर ले ये काम, ऑन होने के बावजूद भी स्विच ऑफ बताएगा फोन…" href="http://10.0.0.122:1245/even-though-the-phone-is-on-it-will-show-as-switched-off/">Tech Tips: काम करते वक्त फोन कर रहा है डिस्टर्ब, तो सेटिंग में जाकर कर ले ये काम, ऑन होने के बावजूद भी स्विच ऑफ बताएगा फोन…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/chaulai-saag-benefits/article-61203</link>
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                <pubDate>Sun, 18 Aug 2024 11:45:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Reduced Essential Medicine Prices: डायबिटीज, हार्ट और लीवर जैसी बीमारियों की 41 दवाएं को लेकर एनपीपीए का बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[Reduced Essential Medicine Prices: नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत सरकार ने डायबिटीज, हार्ट और लीवर जैसी कुछ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं के दाम पर राहत देने का फैसला कर लिया है। केंद्र सरकार ने 41 दवाओं और 6 फॉर्मूलेशन के दाम तय किए हैं। इसके बाद शुगर, दर्द, हार्ट, लिवर, एंटासिड, इन्फेक्शन, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/reduced-like-diabetes-heart-and-liver-essential-medicine-prices/article-57606"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/nppa-big-disision.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Reduced Essential Medicine Prices: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारत सरकार ने डायबिटीज, हार्ट और लीवर जैसी कुछ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाओं के दाम पर राहत देने का फैसला कर लिया है। केंद्र सरकार ने 41 दवाओं और 6 फॉर्मूलेशन के दाम तय किए हैं। इसके बाद शुगर, दर्द, हार्ट, लिवर, एंटासिड, इन्फेक्शन, एलर्जी, मल्टीविटामिन, एंटीबायोटिक्स के दाम तय किए गए हैं जिससे 41 दवाएं सस्ती होंगी। NPPA News</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। फार्मास्यूटिकल्स विभाग और राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) National Pharmaceutical Pricing Authority द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आमतौर पर इन्फैक्शन, एलर्जी के अलावा ये मल्टीविटामिन और एंटीबायोटिक्स दवाओं के दाम ऊंचे होते हैं जिसके चलते सामान्य इलाज का खर्चा भी अधिक हो जाता है। इस फैसले से अब एंटासिड, मल्टीविटामिन और एंटीबायोटिक्स सस्ती हो जाएंगी। फार्मा कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न दवाओं की कम कीमत की जानकारी तत्काल प्रभाव से डीलरों और स्टॉकिस्टों को दें। एनपीपीए की 143वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवश्यक दवाओं की कीमत जनता के लिए सस्ती रहे। NPPA News</p>
<p><a title="Salary Hike: 300% बढ़ी इस कर्मचारी की सैलरी, ख़ुशी से हुआ ‘पागल’!" href="http://10.0.0.122:1245/this-employees-salary-increased-by-300-asked-for-suggestions-to-save-tax/">Salary Hike: 300% बढ़ी इस कर्मचारी की सैलरी, ख़ुशी से हुआ ‘पागल’!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 09:42:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युद्ध प्रभावित क्षेत्र कारगिल में दिल की बीमारियों के शिकार हो रहे बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों की स्वास्थ्य जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य स्वास्थ्य जांच कैंप के दौरान जांच में 50 बच्चे दिल की बीमारी से ग्रस्त मिले दिल की गंभीर बीमारी से ग्रस्त 7 बच्चों की गुरुग्राम में हुई ओपन हार्ट सर्जरी गुरुग्राम। (सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा) वह कारगिल क्षेत्र जहां वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/children-falling-victim-to-heart-disease-in-war-affected-area-kargil/article-38428"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/heart-disease.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों की स्वास्थ्य जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य</h3>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h3>स्वास्थ्य जांच कैंप के दौरान जांच में 50 बच्चे दिल की बीमारी से ग्रस्त मिले</h3>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h3>दिल की गंभीर बीमारी से ग्रस्त 7 बच्चों की गुरुग्राम में हुई ओपन हार्ट सर्जरी</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम। (सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा)</strong> वह कारगिल क्षेत्र जहां वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को युद्ध में हराकर अपनी जांबाजी का परिचय दिया था, उसी कारगिल क्षेत्र से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। वहां तीन दिन तक लगाए हेल्थ चेकअप कैंप में पता चला कि बच्चों में दिल की बीमारी बढ़ रही है। कई बच्चे तो दिल की बीमारी से मृत्यु के बहुत निकट थे, जिनका समय रहते उपचार करके बचा लिया गया।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>यह भी पढ़ें:–</strong></span> <a href="http://10.0.0.122:1245/the-stock-market-swings-on-the-trust-of-rbi-to-save-the-economy-from-global-shocks/">अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से बचाने के आरबीआई के भरोसे पर झूमा शेयर बाजार</a></p>
<p style="text-align:justify;">कारगिल का क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पिछड़ा है। वहां पर इतनी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं कि हर किसी को अच्छा उपचार मिल सके। वहां के बच्चों को चिकित्सा सुविधा देने के उद्देश्य से गुरुग्राम के पारस अस्पताल के पीडियाट्रिक कार्डियक साइंस डिपार्टमेंट ने ड्रीम फॉर चेंज फाउंडेशन और एलएएचडीसी (लद्दाख आॅटोनोमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल, कारगिल) के सहयोग से स्वास्थ्य जांच कैंप लगाया। यह कैंप जिला अस्पताल कुबार्थांग कारगिल में लगाया गया। तीन दिन के लिए लगाए गए इस कैम्प में युद्ध प्रभावित क्षेत्र कारगिल में स्वास्थ्य सेवा से वंचित लोगों और बच्चों में हार्ट की बीमारियों का डायग्नोसिस किया गया। इस दौरान जांच टीम के सामने चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्डियक सर्जरी चीफ डा. महेश वाधवानी व पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डा. दीपक ठाकुर के मुताबिक तीन दिन में 300 बच्चों की जांच में करीब 50 बच्चों के जन्मजात ह्दय की बीमारी से पीड़ित होने का पता चला। यह चिंताजनक है कि बच्चे मां के गर्भ से ही ह्दय रोग लेकर पैदा हो रहे हैं। इन 50 बच्चों में 7 बच्चों में हार्ट की बीमारी इतनी गंभीर हो चुकी थी कि उन्हें जल्द ही उपचार ना दिया जाए तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। बिना कोई देरी किए उन बच्चों को गुरुग्राम स्थित पारस अस्पताल में लाया गया। यहां उनकी ओपन हार्ट सर्जरी की गई और कार्डियक इंटरवेंशन दिया गया।<br />
तत्काल सर्जरी करना था जरूरी: डा. वाधवानी</p>
<p style="text-align:justify;">डा. महेश वाधवानी के मुताबिक बच्चों में हृदय की बीमारी के स्पेक्ट्रम अलग अलग होते हैं। साधारण हृदय की समस्याओं में दवा की जरूरत होती है। गंभीर जन्मजात हृदय बीमारी के लिए उनका एक बार अच्छे से इलाज करने और हृदय की बीमारी को शुरूआती उम्र में ही रोकने के लिए सर्जरी करने की जरूरत होती है। बच्चों के हार्ट में जब कोई कमी या बीमारी होती है तो उसको ठीक करने के लिए अक्सर कार्डिएक सर्जरी कराने की सलाह दी जाती है। कुछ केस में गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्जरी की जरूरत होती है। ऐसे ही 7 केस थे, जिन्हें तुरंत सर्जरी करके बच्चों को जीवनदान दिया गया। सातों बच्चे अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कई बच्चों के हार्ट में छेद भी मिला</h3>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सकों के अनुसार कारगिल में जांच शिविर में बच्चों के कुछ केस ऐसे भी सामने आए, जिनमें बच्चों के हार्ट में छेद था। इस वजह से उनका वजन बहुत कम हो गया था। एक साल के बच्चे का ऐसा केस देखने को मिला, जिसमें उसका वजन 5 से 6 किलो था। एक और लड़के का केस देखने का मिला, जिसकी उम्र 15 से 16 के बीच थी और उसका वजन 25 से 30 किलो था। हार्ट में छेद (पेटेंट डक्ट्स आर्टिरियोसिस) से कॉम्प्लेक्स साइनोटिक हार्ट डिजीज देखने को मिली। सभी की हालत खराब थी। सभी बच्चों का उपचार करने के एक सप्ताह बाद घर भेज दिया गया। वे स्वस्थ हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी में हार्ट संबंधी अलग-अलग बीमारी थी</h3>
<p style="text-align:justify;">3 दिन में 300 बच्चों की जांच करना, उनका हार्ट की बीमारियों के प्रति बेहतर ढंग से डायग्नोसिस और इलाज (सर्जरी और इंटरवेंशन) करना बहुत ही मुश्किल काम था। इन बच्चों का इलाज करना भी एक बहुत ही बड़ी चुनौती थी। छह महीने की उम्र से लेकर 16 साल के बच्चों में अलग-अलग हार्ट की बीमारी थी। चिकित्सकों ने इस चुनौती को स्वीकारते हुए उनका उपचार शुरू किया और उसमें सफलता पाई।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Sep 2022 17:18:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिंताजनक: शराब और धूम्रपान से बढ़ रही दिल की बीमारी</title>
                                    <description><![CDATA[नोएडा (एजेंसी)। भारत में युवाओं में दिल के दौर पड़ने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और निष्क्रिय जीवनशैली, शराब, जंक फूड का सेवन तथा धूम्रपान के कारण हृदय की मांसपेशियां समय के साथ सख्त हो जाती हैं। इसके कारण यह रक्त को पंप करने में असमर्थ हो जाता है, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/worrying-heart-disease-on-the-rise-due-to-alcohol-and-smoking/article-27313"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/heart-disease.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा (एजेंसी)।</strong> भारत में युवाओं में दिल के दौर पड़ने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और निष्क्रिय जीवनशैली, शराब, जंक फूड का सेवन तथा धूम्रपान के कारण हृदय की मांसपेशियां समय के साथ सख्त हो जाती हैं। इसके कारण यह रक्त को पंप करने में असमर्थ हो जाता है, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की मात्रा सीमित हो जाती है। जेपी अस्पताल नोएडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक (कार्डियक सर्जरी) डॉ. मनोज लूथरा ने बुधवार को बताया ‘कोविड-19 महामारी की शुरूआत के बाद से, दुनिया भर में अधिक लोग घर से काम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह उपाय वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। महामारी में, यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, क्योंकि घर से काम करने से लोगों को अपने कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लंबे समय तक रहना पड़ता है। आजकल, न केवल काम के घंटे अत्यधिक लंबे हो गए हैं, बल्कि काम पर तनाव तेजी से बढ़ गया है। काम के लिए अधिक समय अक्सर स्वास्थ्य को प्रभावित करता है काम के लिए विश्व स्तर पर एक दूसरे से जुड़े लोग निर्धारित समय के बाद भी घंटो काम में व्यस्त रहते हैं। यह सब शरीर में हानिकारक तनाव प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा देता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वस्थ रखने के लिए करे योगा</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हार्ट फेलियर के अधिकांश रोगियों का निदान उनके प्रथम बार अस्पताल में भर्ती होने के समय हो जाता है। स्पष्ट रूप से गतिहीन जीवन शैली, बढ़ता तनाव का स्तर, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, तंबाकू का सेवन, मधुमेह और प्रदूषण भारत में अधिक से अधिक लोगों को हृदय रोगों की चपेट में ले रहा हैं। तनाव परीक्षण, कोरोनरी कैल्सीफिकेशन या सी.टी, एडवांस्ड लिपिड की जांच सी.आर.पी आदि जाँचों की मदद से हृदय रोग होने का पता लगाया जा सकता है। लोगों को अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए तीन नियम – 30-40 मिनट दैनिक व्यायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक मानसिकता का पालन करना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण</h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2016 में सी.वी.डी से अनुमानित 1़ 79 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई, जो विश्व स्तर पर हुई कुल मौतों का 31 प्रतिशत था और इनमें से 85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ) ने पाया कि लंबे समय तक काम करने से हृदय रोग और स्ट्रोक से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं। एनवायरनमेंट इंटरनेशनल में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ और इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन के अनुमानों के मुताबिक, 2016 में लंबे समय तक काम करने से स्ट्रोक और इस्केमिक हृदय रोग से 7,45,000 लोगों की मौत हुई, जो 2000 के बाद से 29 प्रतिशत अधिक है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/worrying-heart-disease-on-the-rise-due-to-alcohol-and-smoking/article-27313</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Sep 2021 20:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>35 फीसदी मौतों का कारण हृदय संबंधी रोग</title>
                                    <description><![CDATA[भारत जैसे विकासशील देश में हर वर्ष लाखों लोग दिल के रोगी के रूप में सामने आ रहे हैं
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/heart-disease-causes-35-percent-of-deaths/article-10515"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-09/heart-disease.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">चिंताजनक। जीवन शैली में आ रहे बदलावों से बीमारियों की घर बन रहा शरीर (Heart Disease)</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>डॉ. चानना ने नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने का किया आह्वान</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आज हृदय रोग युवाओं को सबसे ज्यादा अपनी गिरफ्त में ले रहा है, (Heart Disease) जोकि बहुत ही चिंतनीय है। वर्तमान की जीवन शैली और खानपान में बदलाव आने से भारत जैसे विकासशील देश में हर वर्ष लाखों लोग दिल के रोगी के रूप में सामने आ रहे हैं। वर्तमान में कुल मौतों में 35 प्रतिशत से ज्यादा लोग दिल के दौरे या इससे जुड़ी बीमारी के कारण मर रहे हैं। यह बात शनिवार को हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. बीबी चानना ने विश्व हृदय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।</p>
<ul>
<li> दिल का रोग आज दुनिया का नंबर वन किलर बन रहा है।</li>
<li>भारत जैसे विकासशील देश में प्रतिवर्ष बहुत बड़ी संख्या में दिल के नए रोगी सामने आ रहे हैं।</li>
<li> दिल बड़ा होने के साथ-साथ उसको जवान रखने की भी सख्त जरूरत है।</li>
<li>  व्यायाम और संतुलित आहार करके हृदय को स्वस्थ व तंदुरूस्त रख सकते हैं।</li>
<li>  आज स्टंट डालना व बाइपास सर्जरी होना आम बात हो चुकी है</li>
<li style="text-align:justify;">
<h2>21 वर्ष के युवा तक बन रहे रोगी (Heart Disease)</h2>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश दूध-दही के खाने व कड़ी मेहनत करने के लिए जाना जाता है। (Heart Disease) इस प्रदेश में भी हृदय रोग लोगों को जकड़ता जा रहा है, जिसमें ज्यादातर युवा वर्ग और देहात के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। यहां पर दिल के दौरों के 40 प्रतिशत मरीज 40 साल से कम उम्र के हैं। उनमें सबसे कम उम्र के मरीज मात्र 21 वर्ष के भी हैं। यहां महिलाओं में भी हृदय रोग अब ज्यादा पाया जाने लगा है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h2>अनावश्यक वसा है ब्लॉकेज की बड़ी वजह (Heart Disease)</h2>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">डॉ. चानना ने बताया कि जब हृदय ठीक से पंप नहीं कर पाता है तो हमें हृदय की बीमारी घेरने का खतरा बन जाता है। इसमें कोरोनरी धमनियों में ब्लॉकेज हो जाता है। यह ब्लॉकेज एक प्रकार के वसा की वजह से होती है। ब्लॉकेज के कारण रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है और मस्तिष्क जैसे जरूरी अंगों को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाता। ब्लॉकेज ज्यादा होने पर हृदय रक्त पंप नहीं कर पाता और मनुष्य को हार्ट अटैक आ जाता है। उन्होंने बताया कि हृदय रोग होने का मुख्य कारण वर्तमान का गलत खान-पान, जीवन शैली में बदलाव, धूम्रपान व नशाखोरी है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> युवा वर्ग में हार्ट फैल्यूर व हार्ट अटैक जैसी बिमारियों से ग्रसित हो रहा है</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भविष्य में इसके ज्यादा खतरनाक परिणाम आ सकते हैं</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> हमें इस गंभीर बीमारी के प्रति सचेत रहते हुए अपनी जीवन शैली को बदलना होगा</strong></li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2019 17:45:24 +0530</pubDate>
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                <title>Google रेटिना स्कैन से जांच सकेंगे दिल की बीमारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। गूगल और उसके स्वास्थ्य-तकनीकी में सहयोगी Verily  के वैज्ञानिक ने इंसानों में हॉर्ट की बीमारी का पता लगाने का एक तरीका ढूंढ़ निकाला है। कंपनी आॅर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से मरीज की आंख के रेटिना को स्कैन करेगी और हार्ट के बीमारी का पता लगाएगी। कंपनी का सॉफ्टवेयर किसी की वास्तविक उम्र और ब्लड प्रेशर के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/google-retina-scan-will-be-able-to-test-heart-disease/article-3849"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/heary.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>गूगल और उसके स्वास्थ्य-तकनीकी में सहयोगी Verily  के वैज्ञानिक ने इंसानों में हॉर्ट की बीमारी का पता लगाने का एक तरीका ढूंढ़ निकाला है। कंपनी आॅर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से मरीज की आंख के रेटिना को स्कैन करेगी और हार्ट के बीमारी का पता लगाएगी। कंपनी का सॉफ्टवेयर किसी की वास्तविक उम्र और ब्लड प्रेशर के अलावा यह भी बताने में सक्षम है कि व्यक्ति स्मोकिंग करता है या नहीं। गूगल का यह सॉफ्टवेयर आॅख की रेटिना को स्कैन हार्ट की बीमारी के कारण के बारे में भी बता सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस एल्गोरिदम से डॉक्टरों को हार्ट से संबंधित बीमारी का इलाज करने में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी। इस सॉफ्टवेयर से स्कैन कराने के बाद आपको ब्लड टेस्ट कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन इसे क्लिनिकल मेथड के तौर पर अपनाने से पहले इसका कई बार टेस्ट जरूरी है। गूगल और Verily  के वैज्ञानिक ने इस एल्गोरिदम से करीब 3 लाख मरीजों का मेडिकल डाटासेट तैयार किया और उसका विश्लेषण किया। इसमें आॅख के स्कैन के साथ ही जनरल मेडिकल डाटा भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैज्ञानिकों ने आंखों का स्कैन करने के बाद उसका विश्लेषण किया। गूगल एल्गोरिदम के सामने दो इंसान की रेटिना इमेज प्रस्तुत की गई। एक इंसान पिछले 5 साल से हृदय की बीमारी से पीड़ित था, जबकि दूसरा स्वस्थ था। गूगल एल्गोरिदम ने दोनों को बारे में सटीक जानकारी दी। गूगल एल्गोरिदम ने हृदय की बीमारी से पीड़ित के बारे में बताया कि इसमें 70 फीसदी हार्ट अटैक का खतरा है।  जबकि ब्लड टेस्च कराने पर पता चला कि इस व्यक्ति में 72 फीसदी हार्ट अटैक का खतरा है। यह रिसर्च ‘नेचर जर्नल बॉयोमेडिकल इंजीनियरिंग’ में छपा। हालांकि, किसी की आंख को स्कैन करके उसके स्वास्थ्य के बारे में बताना आसान नहीं है। वैज्ञानिकों को इसे मरीजों के इलाज में अपनाने से पहले रिसर्च और टेस्ट करना होगा। अगर यह टेक्नोलॉजी सफल होती है, तो मेडिकल जगत में नई क्रांति आ सकती है।</p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 May 2018 10:25:34 +0530</pubDate>
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