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                <title>Made - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बजट में किसानों के लिए 16 एक्शन प्वाइंट बनाए जाने से किसान खुश</title>
                                    <description><![CDATA[इसे कृषि क्षेत्र में अधिक निवेश हो सकेगा। इसके साथ ही 2.83 लाख करोड़ रुपए, कृषि, सिंचाई व
 ग्रामीण विकास पर खर्च करने के निर्णय का लाभ सीधा किसानों को होगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-happy-with-16-action-points-made-for-farmers-in-budget/article-12868"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/16-action-points.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">कैमिकल खेती की बजाय सरकार देगी आर्गेनिक खेती को बढ़ावा</h2>
<h2 style="text-align:center;">(16 action points)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> वर्ष 2020-21 के आम बजट में देश के किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का वीजन आज पेश किए गए बजट में साफ दिखाई दिया। इस बजट में केंद्र सरकार ने किसानों के उत्थान व उनकी आय बढ़ाने के लिए 16 एक्शन प्वाइंट पर काम किया है। जिससे भिवानी जिला के किसान काफी उत्साहित है। (16 action points) भिवानी जिला के किसान अजय, जितेंद्र व सोमबीर ने बताया कि बजट में किसानों के सब्जियों व फलों के उत्पाद को संरक्षित करने के लिए 162 मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरज व वेयरहाऊस बनाने की योजना से फल, सब्जी उत्पादक किसानों को सीधा लाभ होगा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एग्रीकल्चर क्रेडिट के लिए किसानों को 15 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान करने का वे स्वागत करते है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसे कृषि क्षेत्र में अधिक निवेश हो सकेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके साथ ही 2.83 लाख करोड़ रुपए, कृषि, सिंचाई व  ग्रामीण विकास पर खर्च करने के निर्णय का लाभ सीधा किसानों को होगा।</li>
</ul>
<ul>
<li style="text-align:justify;"> मछली उत्पादन को बढ़ावा देने, होर्टिकल्चर को बढ़ावा देने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके साथ ही 20 लाख किसानों को सरकार सौलर पंप लगाने में मदद करेगी।</li>
<li style="text-align:justify;">इससे किसान अन्नदाता के साथ ऊजार्दाता भी बन जाएगा।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2020 17:19:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिडनी टेस्ट : पुजारा ने सीरीज में तीसरा शतक लगाया</title>
                                    <description><![CDATA[पुजारा ने इस सीरीज के एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट में भी शतक लगाया था सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैच की सीरीज के आखिरी टेस्ट के पहले दिन भारत ने पहली पारी में 90 ओवर (Sydney Test: Pujara Made The Third Century In The Series) में चार विकेट पर 303 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा टॉप […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">पुजारा ने इस सीरीज के एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट में भी शतक लगाया था</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सिडनी।</strong> ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैच की सीरीज के आखिरी टेस्ट के पहले दिन भारत ने पहली पारी में 90 ओवर (Sydney Test: Pujara Made The Third Century In The Series) में चार विकेट पर 303 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा टॉप स्कोरर रहे। वे 130 रन बनाकर नाबाद रहे। मंयक अग्रवाल ने भी अहम योगदान दिया। उन्होंने 77 रन बनाए। लोकेश राहुल फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वे नौ रन ही बना पाए। विराट कोहली 23 और अजिंक्य रहाणे 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड सबसे सफल रहे। उन्होंने दो, जबकि मिशेल स्टार्क और नाथन लियोन ने एक-एक विकेट लिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5वां टेस्ट शतक लगाया</h2>
<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैच की सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट के पहले दिन (Sydney Test: Pujara Made The Third Century In The Series) चेतेश्वर पुजारा ने शतक लगाया। उन्होंने इस सीरीज में तीसरी बार शतक लगाया। उन्होंने एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट में भी शतक लगाए थे। यह पुजारा के करियर का 18वां और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवां टेस्ट शतक है। पुजारा ने इस सीरीज में जिस-जिस टेस्ट में शतक लगाया, टीम इंडिया ने उसमें जीत हासिल की। इस मैच में उन्होंने मिशेल स्टार्क की गेंद पर चौका मारकर अपना शतक पूरा किया। पुजारा ने इस पारी में अपना अर्धशतक भी चौका मारकर पूरा किया था।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/sydney-test-pujara-made-the-third-century-in-the-series/article-7189</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Jan 2019 12:44:37 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान: 1947 में सत्ता के मोह में कांग्रेस ने कई गलतियां की, हम आज भुगत रहे: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[बंटवारे के वक्त कांग्रेस की गलतियों से करतारपुर पाकिस्तान में चला गया हनुमानगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां एक चुनावी सभा में भारत-पाकिस्तान बंटवारे के वक्त की (Rajasthan Relly Modi) कांग्रेस की गलतियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि इन्हीं गलतियों में से एक करतारपुर है। गुरुनानक देव की भूमि बंटवारे में पाकिस्तान में चली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rajasthan-relly-modi/article-6810"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/rajasthan-in-1947-congress-made-many-mistakes-in-the-power-we-are-suffering-today-modi.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">बंटवारे के वक्त कांग्रेस की गलतियों से करतारपुर पाकिस्तान में चला गया</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां एक चुनावी सभा में भारत-पाकिस्तान बंटवारे के वक्त की <strong>(Rajasthan Relly Modi)</strong> कांग्रेस की गलतियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि इन्हीं गलतियों में से एक करतारपुर है। गुरुनानक देव की भूमि बंटवारे में पाकिस्तान में चली गई, क्योंकि कांग्रेस ने इस पर ध्यान नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा कि विभाजन के वक्त अगर कांग्रेस नेताओं में इस बात की थोड़ी भी समझदारी, संवेदशीलता और गंभीरता होती तो तीन किलोमीटर की दूरी पर हमारा करतारपुर हमसे अलग नहीं होता। सत्ता के मोह में कांग्रेस पार्टी ने इतनी गलतियां की हैं जिनको आज पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है। मोदी सरकार ने हाल ही में कैबिनेट बैठक में करतारपुर कॉरिडोर बनाने को मंजूरी दी। इसका निर्माण गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा तक किया जाएगा। उधर, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा तक इस कॉरिडोर का निर्माण करेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मोदी ने करतारपुर का जिक्र क्यों किया?</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने इस सभा से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले की 11 सीटों को कवर किया। ये क्षेत्र पंजाब बॉर्डर से जुड़ा है। यहां सिख समुदाय का अच्छा प्रभाव है। 1947 में जब भारत का विभाजन हुआ तो राजगद्दी में बैठने की इतनी जल्दबाजी थी कि मुसलमानों को इस्लाम के नाम पर अलग देश चाहिए था। उनका एजेंडा साफ था। उस समय के नीति निर्धारकों से गलतियां हुईं। उसी का नतीजा है कि गुरुनानक देव की कर्मभूमि करतारपुर साहब पाकिस्तान में चला गया। आज अगर करतारपुर कॉरिडोर बन रहा है तो इसका क्रेडिट मोदी को नहीं बल्कि देश की जनता के वोट को जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">70 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही। लड़ाइयां भी लड़ीं। लाहौर में झंडा फहराने की बात हुई। नानक के चरणों में माथा टेकने का प्रबंध नहीं हुआ। 365 दिन जब कारिडोर बन जाएगा तो कोई भी हिंदुस्तानी आराम से करतारपुर चला जाएगा। माथा टेक कर चला आएगा। यह पूछना चाहिए कि आपको 1947 में करतारपुर हिंदुस्तान में होना चाहिए यह आपको याद क्यों नहीं आया। वह जो भी करके गए मेरे नसीब में ही आया है। इसका क्रेडिट किसको है?</p>
<h2 style="text-align:justify;">नामदार कहेगा हरी मिर्च की नहीं, लाल मिर्च की खेती करिए</h2>
<p style="text-align:justify;">“नामदार झूठ बोलकर किसानों का अपमान करते हैं। इसमें वे माहिर हैं। इस नामदार से कोई कह दे कि हरी मिर्च के किसान को कम पैसा मिलता है और लाल मिर्च के किसान को ज्यादा। तो वे भाषण देंगे कि किसानों को हरी की नहीं लाल मिर्च की खेती करनी चाहिए। पांच साल पहले अखबार में हेडलाइन होती थी- आज कोयले में इतना घोटाला हुआ, 2जी का घोटाला हुआ, पनडुब्बी में घोटाला हुआ, इसने चोरी की, उसने लूट लिया। ऐसी ही खबरें आती थीं। आज सरकार बने चार साल से ज्यादा हो गए हैं। अब ऐसी खबरें नहीं आतींं, देश के पैसों की लूट बंद हो गई।”</p>
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<p>Rajasthan Relly Modi</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/rajasthan-relly-modi/article-6810</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Dec 2018 14:05:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसी मर्ज की दवा न बना नोटबंदी का फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नोटबंदी लागू करने के दो साल बाद भी वे परिणाम नहीं दिख सके जिनके दावे सरकार ने जोर-शोर से किए थे। सैद्धांतिक तौर पर नोटबन्दी एक आर्थिक-राजनैतिक निर्णय होता है जिसे लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की होती है किंतु जब इस निर्णय का संतुलन बिगड़कर केवल राजनेताओं के हाथों में आ जाए तो अर्थ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/editorial/no-merger-decision-made-by-the-court/article-6554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/no-merger-decision-made-by-the-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नोटबंदी लागू करने के दो साल बाद भी वे परिणाम नहीं दिख सके जिनके दावे सरकार ने जोर-शोर से किए थे। सैद्धांतिक तौर पर नोटबन्दी एक आर्थिक-राजनैतिक निर्णय होता है जिसे लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की होती है किंतु जब इस निर्णय का संतुलन बिगड़कर केवल राजनेताओं के हाथों में आ जाए तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। अब यह बात समझ आती है कि नोटबन्दी आर्थिक की अपेक्षा अधिक राजनीतिक निर्णय था जिस संदर्भ में केंद्रीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों या आर्थिक विशेषज्ञों की कोई ज्यादा बैठकें नहीं हुई बल्कि जल्दबाजी में यह निर्णय लिया गया। नोटबन्दी का निर्णय एक राजनैतिक दबाव व राजनैतिक इच्छा के तहत लिया गया। भले ही यह निर्णय बेहद गुप्त तरीके से लेने होते हैं लेकिन किसी एक नेता की इच्छा या जिद्द की बजाए इस संबंधी आर्थिक विशेषज्ञों की सलाह ही मुख्य होती है। केंद्रीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने नोटबन्दी से कुछ घंटे पहले हुई मीटिंग में सरकार के इस दावे को नकार दिया था कि नोटबन्दी से कालेधन पर रोक लगेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी यदि नोटबन्दी के विरुद्ध नहीं थे, तो वह इसे सभी समस्याओं का समाधान भी नहीं मानते थे, नतीजे भी सामने हैं। बैंक आधिकारियों के अनुसार नोटबन्दी वाले नोटों में से 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा हो गए हैं। दरअसल नोटबन्दी एक आर्थिक इंकलाब की तरह होता है जिसने देश को नया जन्म देना होता है लेकिन देश में नोटबन्दी से बने हालातों के कारण सिवाय आम लोगों को कतारों में लगने की परेशानियों से कुछ नहीं मिला। कश्मीर में आतंकवाद नहीं घटा बल्कि आतंकवादी हमले बढ़ते ही जा रहे हैं। कश्मीर में आए दिन पुलिस व सुरक्षा कर्मियों पर हमले हो रहे हैं। पत्थरबाजों की भीड़ भी पहले के मुकाबले बढ़ रही है। विकास व रोजगार के अवसर नहीं बढ़े। यह मानने में कोई इंकार नहीं होना चाहिए कि विकास के लिए नोटबंदी ही एकमात्र समाधान नहीं है। अमेरिका व यूरोपीय देश बिना नोटबन्दी से तरक्की कर रहे हैं</p>
<p style="text-align:justify;">आज भी हमें कृषि के लिए इजराइल जैसे देशों की तरफ देखना पड़ रहा है। हथियारों में हम समर्थ बन रहे हैं लेकिन आर्थिक तौर पर लगातार नीचे जा रहे हैं। भुखमरी में हमारे की अपेक्षा नेपाल व बांग्लादेश जैसे देशों में भी हालात हमारे से अच्छे हैं। नोटबन्दी के बावजूद दुकानदार, किसान, छोटा उद्योगपति व व्यापारी परेशान है जब तक देश के आर्थिक विशेषज्ञों को अनदेखाकर आर्थिक निर्णय राजनैतिक नेताओं द्वारा लिए जाएंगे तब तक उम्मीद के अनुसार परिणाम नहीं आएंगे। सरकार को नोटबन्दी पर चुप्पी की बजाय इसकी समीक्षा इमानदारी से करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/editorial/no-merger-decision-made-by-the-court/article-6554</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Nov 2018 11:59:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयंत बने सर्व श्रेष्ठ मुक्केबाज</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। गांव शिमली बास के छात्र जयंत ने राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल अजमेर की तरफ से खेलते हुए मुक्केबाजी स्पर्धा का स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। 5 मिलिट्री स्कूलों के बीच हुए इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के चलते जयंत को सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज भी घोषित किया गया है। यह जानकारी देते हुए जयंत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/all-the-best-boxers-made-by-jayant/article-6367"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/all-the-best-boxers-made-by-jayant-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गांव शिमली बास के छात्र जयंत ने राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल अजमेर की तरफ से खेलते हुए मुक्केबाजी स्पर्धा का स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। 5 मिलिट्री स्कूलों के बीच हुए इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के चलते जयंत को सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज भी घोषित किया गया है। यह जानकारी देते हुए जयंत के पिता राकेश ने बताया कि राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल अजमेर ने पेंटांग्यूलर मीट में धौलपुर के विद्यालय को हराकर ओवरआॅल चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया है। शिमली बास के छात्र जयंत ने मुक्केबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। उसके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल अजमेर को ओवरआॅल चैंपियन घोषित किया गया। जयंत की शानदार जीत पर उसके कोच अमित और प्राचार्य अमित जाखड़ ने बधाई दी है।</p>
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<p> </p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Oct 2018 18:14:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>देश को न बनाया जाए कंक्रीट का शहर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में सांसद व अधिकारियों के आवास निर्माण के लिए पेड़ काटने की तैयारी पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक लोकहित बाद में करीब 16500 पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी है। विगत दो तीन साल से केन्द्र व राज्य सरकारें, स्थानीय सरकारें निर्माण कार्याें के विस्तार में करोड़ों पेड़ काट चुकी हैं। हाईवे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/editorial/the-country-can-not-be-made-the-city-of-concrete/article-4533"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/77-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली में सांसद व अधिकारियों के आवास निर्माण के लिए पेड़ काटने की तैयारी पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक लोकहित बाद में करीब 16500 पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी है। विगत दो तीन साल से केन्द्र व राज्य सरकारें, स्थानीय सरकारें निर्माण कार्याें के विस्तार में करोड़ों पेड़ काट चुकी हैं। हाईवे निर्माण, शहरी आवासीय सैक्टरों के निर्माण, नये संस्थान व उद्योगों के निर्माण के लिए पेड़ों का कटना दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। सरकार द्वारा निर्माण के लिए पेड़ों का कटान वह है जो समाचार बनता है, जन विरोध के चलते हर किसी के जेहन में रहता है कि पेड़ कट रहे हैं। लेकिन जो पेड़ आम पब्लिक अपने स्तर पर काट रही है उनका कोई स्पष्ट व ज्ञात आंकड़ा ही नहीं है। वह भी करीब-2 उतनी ही संख्या में होगा जितने पेड़ सरकार कटवा रही है। जबकि भारतीय वन अधिनियम 1927 के अनुसार एक पेड़ काटने पर 10,000 रूपये जुर्माना या तीन माह की सजा का प्रावधान है। हालांकि यह सजा बिना मंजूरी पेड़ काटने पर है, अनुमति से पेड़ काटने पर नए पेड़ लगाना अनिवार्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां प्रशन अनुमति या जुर्माने का नहीं हैं यहां प्रश्न यह है कि पेड़ काटकर क्यों मानव अपने व दूसरों के प्राकृतिक आवास को बिगाड़ रहा है। सरकार, प्रशासन ये महज एक व्यवस्था है इन्हें गर्मी, सर्दी, भूख प्यास किसी का अहसास नहीं है। मनुष्य भले ही वो सांसद है, प्रशासक है, आमजन है, जिसे सड़क या फ्लैट चाहिए वह भी जो बिना सड़क या फ्लैट के है उसे भी पेड़ों की जरूरत बराबर है। एक पेड़ तैयार होने में वर्षाें लगते हैं लेकिन वह एक घंटे से भी कम समय में काट लिया जाता है। पेड़ों का कटान व कं क्रीट का निर्माण पूरी दुनिया की समस्या है, जिसके कारण आज पृथ्वी दिन-ब-दिन एक गर्म ग्रह बन रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पृथ्वी अरबों जीवों का निवास स्थान है, जिनके लिए इसका अपना प्राकृतिक जीवन है। लेकिन कोई भी देश या सरकार इस दिशा में कागजों से बाहर कहीं गंभीर नजर नहीं आ रही। अब दिल्ली में सांसदों व प्रशासकों के आवासों की यदि बात करें तब दिल्ली के पास के महानगरों नोयडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में लाखों फ्लैट हैं, जो कि बिक नहीं रहे, उनमें से किसी प्रॉजैक्ट को खरीदना केन्द्र व राज्य सरकारों के लिए कौनसी बड़ी बात है? इससे उन लोगों का भी फायदा होगा जो मन्दी या किसी अन्य कारण से अपना प्रॉजैक्ट नहीं पूरा कर पा रहे या खरीददार जो किसी कारण वश अपने बुक करवाए फ्लैट नहीं खरीद पा रहे। ऐसे लोगों को उनका रूका हुआ पैसा भी वापिस मिल सकेगा व पर्यावरण भी बचेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अफसोस कोई सरकार ज्यादा दूर का नहीं सोच पाती और तुर्रत-फुर्रत किसी समस्या से निजात पाने के लिए आधे अधूरे रास्ते खोजती रहती है। देश में अभी भी अरबों पेड़ों की आवश्यकता है। भारत के महानगरों में करोड़ों आवास बेनामी सम्पति के रूप में पड़े हैं, उन्हें ढूंढकर भरा जाना चाहिए। सड़कों पर यातायात का व्यवसायिक भार बढ़े, गैर व्यावासायिक वाहनों का बोझ कम किया जाए ताकि निर्माण कार्याें की अंतहीन श्रृंखला को थामा जा सके। बढ़ती आबादी को भी रोका जाए। जो संस्थाएं देश में पौधारोपण करें, पेड़ों का संरक्षण करें, उन्हे प्रोत्साहित किया जाए। देश को हरा-भरा बनाया जाए न कि बेजान कं क्रीट का शहर।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Jun 2018 10:19:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर एनएच-48 बना खूनी हाइवे</title>
                                    <description><![CDATA[कई एक्शन प्लान पर पुलिस रही फेल गुरुग्राम (सच कहूँ-संजय कुमार मेहरा)। दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए जयपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 खूनी हाइवे बन गया है। खूनी हाइवे किसी और कारण से नहीं बल्कि खुद हमारी ही कमी और गल्तियों के कारण बना है। यातायात के नियमों की अनदेखी करके लोग काल का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/delhi-gururgram-jaipur-nh-48-made-bloody-highway/article-4310"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/road1.jpg" alt=""></a><br /><h1>कई एक्शन प्लान पर पुलिस रही फेल</h1>
<p><strong>गुरुग्राम (सच कहूँ-संजय कुमार मेहरा)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए जयपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 खूनी हाइवे बन गया है। खूनी हाइवे किसी और कारण से नहीं बल्कि खुद हमारी ही कमी और गल्तियों के कारण बना है। यातायात के नियमों की अनदेखी करके लोग काल का यहां ग्रास बने हैं। गत पांच महीने में यहां पर 215 लोगों की जान गई है। देश की राजधानी दिल्ली से हरियाणा राज्य से होकर राजस्थान की राजधानी पहुंचने वाले एनएच-48 पर सफर को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय खूब प्रयास कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">न केवल लोगों को जागरुक किया जा रहा है, बल्कि बिना किसी बाधा के चलने के लिए इस रूट पर अनेक फ्लाईओवर भी बना दिए गए हैं। यानी विकास की गति को तो यहां रफ्तार मिली है, लेकिन वाहनों की अधिक गति और यातायात के नियमों की अवहेलना हादसों के रूप में इंसानों को ही झेलनी पड़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच माह में यहां पर हादसों में 215 लोगों की जान गई है। यहां पर 550 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुग्राम यातायात पुलिस कई एक्शन प्लान पर अमल कर रही है। इस एक्शन प्लान में हीरो होंडा चौक, फाजिलपुर चौक, साउथ सिटी मोड़, ज्वाला कंपनी मोड़, हनुमान मंदिर के पास कट, हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन चौक पर कुछ प्रयोग किए गए हैं। नेशनल हाइवे पर कुछ प्रयोग किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इफ्को चौक पर एमजी रोड से यू-टर्न, राजीव चौक पर सोहना रोड की ओर यू-टर्न, हीरो होंडा चौक पर सुभाष चौक की ओर डायवर्जन जैसे प्रयोग किए गए, लेकिन वे भी असफल रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>11 साल में पांच हजार लोग हुए हादसों के शिकार</strong><br />
जिले में वर्ष 2006 से नवंबर 2017 तक करीब पांच हजार लोग सड़क दुर्घटना के शिकार हुए। आठ हजार से अधिक लोग घायल हो गए। अब गुरुग्राम पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों के लिए फैटल एक्सीडेंट में 25 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य तय किया है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Jun 2018 09:07:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेटी की शादी उसी घर में करेंगे जहां शौचालय बना होगा</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम पंचायत गोदिका का एतिहासिक फैसला सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरसा जिला के डबवाली उपमंडल के गांव गोदिका की ग्राम पंचायत ने खुले में शौच से बेटियों को मुक्ति दिलाने के लिए एक अनूठी पहल की शुरूआत की। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पास कर निर्णय लिया है कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/will-marry-the-daughter-in-the-same-house-where-the-toilet-will-be-made/article-4134"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/sirsa-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत गोदिका का एतिहासिक फैसला</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)</strong><strong>।</strong> स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरसा जिला के डबवाली उपमंडल के गांव गोदिका की ग्राम पंचायत ने खुले में शौच से बेटियों को मुक्ति दिलाने के लिए एक अनूठी पहल की शुरूआत की। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पास कर निर्णय लिया है कि जिस घर में शौचालय नहीं होगा, वे उस गांव में अपनी बेटी की शादी नहीं करेंगे। यही नहीं इसके लिए एक समिति का भी गठन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचायत के इस फैसले के बाद गांव की महिलाएं और बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। खुले में शौच से मुक्त करने के लिए पंचायत का फैसला काफी हद तक कारगर साबित होगा। खुले में शौच जाने से गंदगी फैलती है, जिससे तरह-तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। जिला में यह शायद पहली ग्राम पंचायत होंगी जिसने अनूठी पहल शुरू की है। इस मौके पर पंच सुमन रानी, रेखा रानी पांच, हर्षा पंच, मदन लाल पंच, राजकुमार पंच, कुलदीप भिडा सरा, अर्जन कुमार, भूप सिंह, जय राम मास्टर, संदीप सरपंच झूटीखेड़ा, धर्मपाल बिडासरा, राय सिंह सहित ग्रमीण मौजूद थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने पंचायत के फैसले का किया स्वागत</h3>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत के इस फैसले का ग्रामीणों ने भी स्वागत किया है जहाँ गाँव की होनहार बेटियों ने भी पंचायत का भरपूर सहयोग देने की बात कही, गांव की बेटियों ने बताया की वे बेहद खुश है उनकी गाँव की पंचायत ने ऐसा कदम उठाया है। उनकी सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाया है जिससे अब वे पराये घर जाकर भी सहज महसूस कर सकेगी। शादी के समय के समय वह खुश अपने माता पिता से यह शर्त रखेगी की जहाँ भी उनकी शादी हो वहां शौचालय का प्रबंध जरुर हो।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फैसला ग्राम पंचायत द्वारा मीटिंग कर सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित कर पेश किया गया है। गांव के मुख्य स्थानों की दीवारों पर इस संदेश का बैनर लगवायें जायेगे, ताकि आमजन इसके प्रति जागरूक भी हो सकें और अपनी बेटी की हिफाजत खुद कर सके और बेटी को शौच के लिए घर से बाहर खुले में नही जाना पड़े।<br />
<strong>धर्मपाल मूंदलिया, सरपंच गोदिका</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jun 2018 09:42:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में अब शिक्षा राम भरोसे, आठवीं पास को बनाया शिक्षामंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक में विभागों के बंटवारे से जद एस कोटे के दो मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। उनमें एक हैं, जीटी देवेगौड़ा, जो आठवीं पास हैं और उन्हें उच्च शिक्षा विभाग मिला है। सवाल उठने पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने साफगोई से कहा– ‘मैंने क्या पढ़ाई की है? मैं मुख्यमंत्री बना हूं।’ मालूम हो […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/education-minister-made-in-eighth-pass-in-karnataka/article-4070"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/karnatak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु (एजेंसी)।</strong> कर्नाटक में विभागों के बंटवारे से जद एस कोटे के दो मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। उनमें एक हैं, जीटी देवेगौड़ा, जो आठवीं पास हैं और उन्हें उच्च शिक्षा विभाग मिला है। सवाल उठने पर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने साफगोई से कहा– ‘मैंने क्या पढ़ाई की है? मैं मुख्यमंत्री बना हूं।’ मालूम हो कि 59 वर्षीय कुमारस्वामी खुद बीएससी डिग्रीधारक हैं। उन्होंने सवाल किया-‘क्या मुझे वित्त विभाग मिलना चाहिए?’ जीटी देवेगौड़ा ने मैसुरु जिले में चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस नाते वह कोई अहम विभाग की अपेक्षा रखते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में कुमारस्वामी ने कहा– ‘कुछ लोगों की इच्छा खास विभागों में काम करने की होगी, लेकिन सभी विभागों में प्रभावी तरीके से काम करने का मौका है। हमें दक्षतापूर्वक काम करना है।’ उन्होंने कहा-‘क्या काम करने के लिए उच्च शिक्षा और लघु सिंचाई से भी अच्छा विभाग है?’उन्होंने कहा कि पहले तो मंत्री बनने की ख्वाहिश होती है और उसके बाद फिर खास विभाग पाने की इच्छा आम है। खास मंत्रालयों की मांग होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन कुछ फैसले पार्टी में आंतरिक तौर पर लिए जाते हैं। एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार रात विभागों का बंटवारा किया, लेकिन जीटी देवेगौड़ा तथा सीएस पुत्ताराजू समेत कुछ मंत्री नाराज हैं। इन दोनों ही मंत्रियों के समर्थक अपने जिलों मैसुरु और मांड्या से अपने नेता के लिए मनचाहा विभाग मांगते हुए जमकर प्रदर्शन करेंगे। कुमारस्वामी ने खुद अपने पास वित्त, ऊर्जा विभाग रखे हैं, जबकि गृह विभाग अपने डिप्टी जी. परमेश्वर (कांग्रेस) को दिया है। विगत छह जून को मुख्यमंत्री ने 25 नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किया है। इसमें उनकी अपनी पार्टी जद एस के अलावा, कांग्रेस, बसपा और केपीजेपी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 08:13:02 +0530</pubDate>
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                <title>छुट्टी का बना रहे हैं शेड्यूल तो ट्रेन जाओ भूल</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। स्कूलों का ग्रीष्म अवकाश एक जून से शुरू हो रहा है। ऐसे में बच्चों एवं उनके अभिभावकों का गर्मियों की छुट्टियों में सैर सपाटे के प्रति रूझान बढ़ जाता है। अभिभावक भी बच्चों को तरोताजा करने के लिए किसी पवर्तिय प्रर्यटक स्थल या फिर धार्मिक स्थलों के दर्शन को ले जाना चाहते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/do-not-forget-to-leave-the-schedule-if-the-vacation-is-being-made/article-3864"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/train-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। </strong>स्कूलों का ग्रीष्म अवकाश एक जून से शुरू हो रहा है। ऐसे में बच्चों एवं उनके अभिभावकों का गर्मियों की छुट्टियों में सैर सपाटे के प्रति रूझान बढ़ जाता है। अभिभावक भी बच्चों को तरोताजा करने के लिए किसी पवर्तिय प्रर्यटक स्थल या फिर धार्मिक स्थलों के दर्शन को ले जाना चाहते हैं। लेकिन इस बार ट्रेन में सफर कर सैर सपाटा करने के इच्छुक लोगों को रेलगाड़ी ने निराश कर दिया हैं, क्योंकि हिल स्टेशन तक जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में महीनों पहले ही सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। बुकिंग में फूल चल रही इन ट्रेनों में अब ताजा टूर प्रोग्राम बनाने वाले अभिभावकों को हवाई एवं सड़क का महंगा सफर करना पड़ेगा। जो लोग रेलगाड़ी से अपने पसंद के स्थानों पर पहुंचना चाहते हैं उनकी परेशानी इस बार कुछ अधिक ही बढ़ी हुई नजर आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">भूवनेश्वर को जाने वाली 22812, 22824 राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में प्रतीक्षा सूची 22 जून तक 300 से ऊपर है। इसी प्रकार पुरी को जाने वाली 12802 पुरूषोत्तम एक्सप्रेस ट्रेन, 12816 नंदन कामन एक्सप्रेस, 12876 निलांचल एक्सप्रेस में भी 19 जून तक प्रतीक्षा सूची ढाई सौ से अधिक दिखाई दे रही है। उज्जैन को जाने वाली 14310 उज्जैनी एक्सप्रेस की प्रतीक्षा सूची भी 142 से ऊपर है। पुरी को जाने वाली 18478 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस की प्रतीक्षा सूची भी 200 से अधिक है। हिसार से जम्मूतवी को जाने वाली 19027 विवेक एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन रविवार को चलती है। इस गाड़ी में तो प्रतीक्षा सूची इतनी लम्बी है कि उसमें स्थान पाना असंभव है। 19415 अहमदाबाद कटरा एक्सप्रेस साप्ताहिक गाड़ी है, इसमें भी प्रतीक्षा सूची 200 से अधिक है।</p>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश के उना को जाने वाली उना हिमाचल जन शताब्दी में भी प्रतीक्षा सूची काफी लम्बी है। पर्वतीय क्षेत्र में जाने वाली 14041 मंसूरी एक्स्रपेस, 12017 देहरादून शताब्दी, 12055 जन शताब्दी एक्सप्रेस में भी 25 जून तक कोई स्थान नहीं है। प्रतीक्षा सूची इतनी लम्बी है कि यदि अब कोई टिकट लेता है तो पूरा जून माह समाप्त होने के बाद भी सीट मिलना मुश्किल है। विवेक एक्सप्रेस को छोड़कर सभी गाड़ियां दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन व नई दिल्ली से ही चलती हैं। इसके अलावा इलाहाबाद को जाने वाली 12418 प्रयाग राज एक्सप्रेस, 14218 उचाहार एक्सप्रेस में भी प्रतीक्षा सूची काफी लम्बी है। दिल्ली से जम्मू कटरा, पटानकोट आदि को जाने वाली रेलगाड़ियों में भी प्रतीक्षा सूची काफी लम्बी है। इस बार अन्य सालों की तुलना में गर्मी का रूप प्रचंड है। इसलिए भी ठंडे इलाकों की तरफ जाने वाली रेलगाड़ियों में प्रतीक्षा सूची काफी लम्बी हो गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगले 10 दिन तक नहीं राहत की उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम के जानकारों का मानना है कि अगले दस दिनों तक किसी प्रकार की राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती। अभिभावकों की सोच शायद यह है कि मानसून आने तक वे अपने लाडलों को पहाड़ी क्षेत्रों में घुमा लाएं, ताकि गर्मी का अधिकांश दौर गुजर जाए और जब लौटे तब बारिश की रिमझिम फुहार किसी हद तक लगाम लगा चुकी होगी। लेकिन ऐसा फिलहाल रेल यात्रा करने वालों के लिए केवल स्वप्र बन गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हवाई सफर भी 30 से 45 फीसद तक महंगा</h4>
<p style="text-align:justify;">ग्रीष्म अवकाश पर छुट्टी का प्रोग्राम बनाने वाले अभिभावकों की ट्रेन से उम्मीद छूट गई तो बाई एयर हिल स्टेशनों तक जाने का प्रोग्राम बनने लगा। लेकिन पर्यटकों की अधिक तादाद की वजह से हवाई सफर भी काफी महंगा हो गया। इस बारे में ट्रेवल एजेंसी संचालक सुनील चावला का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए हवाई यात्रा के लिए जो राहत एक पखवाड़े पहले तक थी, उसकी तुलना में टिकट अब 30 से 45 प्रतिशत महंगी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिए भी लोगों ने टिकट की बुकिंग शुरू में सस्ती दरों पर करवाई थी, लेकिन जैसे जैसे समय निकट आता जा रहा हैं, ये हवाई टिकटें भी महंगी होती जा रही हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 May 2018 10:49:11 +0530</pubDate>
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