<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/from/tag-6317" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>from - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/6317/rss</link>
                <description>from RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मैक्सिको: पाइपलाइन से तेल चुराते वक्त धमाका, 73 लोगों की मौत, 74 जख्मी</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों ने तेल चोरी के लिए पाइपलाइन में कर दिया था छेद मैक्सिको सिटी। मैक्सिको में तेल-गैस पाइपलाइन में विस्फोट के साथ भीषण आग लगने से अब (73 People Killed 74 Injured In Explosion While Stealing Oil From Pipeline) तक 73 लोगों के मारे जाने की खबर है। 74 लोग घायल हुए हैं। करीब 80 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">लोगों ने तेल चोरी के लिए पाइपलाइन में कर दिया था छेद</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>मैक्सिको सिटी।</strong> मैक्सिको में तेल-गैस पाइपलाइन में विस्फोट के साथ भीषण आग लगने से अब (73 People Killed 74 Injured In Explosion While Stealing Oil From Pipeline) तक 73 लोगों के मारे जाने की खबर है। 74 लोग घायल हुए हैं। करीब 80 लापता बताए गए हैं। भारतीय समयानुसार यह हादसा शनिवार सुबह हिडाल्गो कस्बे में हुआ है। वहां के गवर्नर उमर फयाद ने बताया कि स्थानीय लोग पाइपलाइन से तेल चुराने के लिए जमा हुए थे, तभी आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मैक्सिको में गैस में विस्फोट की 9 साल में सबसे बड़ी घटना</h2>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोगों ने पाइपलाइन से तेल चुराने के लिए उसमें छेद कर दिया था। रिसाव बढ़ा तो लोगों (73 People Killed 74 Injured In Explosion While Stealing Oil From Pipeline) में रिस रहे तेल को चुराने की होड़ लग गई, तभी धमाका हुआ और आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि मैक्सिको में तेल पाइपलाइन में विस्फोट की नौ साल में यह सबसे बड़ी दुर्घटना है। इससे पहले 2010 में पाइपलाइन में विस्फोट के कारण 28 लोग मारे गए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ईंधन चोरी पर बन रही राष्ट्रीय नीति</h2>
<p style="text-align:justify;">हादसा ऐसे समय हुआ है, जब राष्ट्रपति लोपेज ईंधन चोरी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाने में लगे हुए हैं। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी पेमेक्स के मुताबिक उसकी पाइपलाइनों से बीते साल 21 हजार करोड़ रुपए के पेट्रो उत्पाद चोरी हुए। मैक्सिको में बीते साल टैंकों और पाइपलाइन से ईंधन चोरी होने के 13 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए गए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तेल सप्लाई घटी, पंपों पर कतार</h2>
<p style="text-align:justify;">ईंधन चोरी रोकने के लिए ऑइल कंपनी पेट्रोलियोस मैक्सिकंस (पेमेक्स) डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली में बदलाव कर रही है। उसने बताया कि ट्रांसपोर्ट सिस्टम में चोरी रोकने के लिए प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा रहा है। इस बदलाव के कारण सप्लाई बाधित हुई है। इस कारण बीते दो हफ्ते देश में छह राज्यों के पंप ड्राई जैसी स्थिति में हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर तेल-गैस ईंधन मिल रहा है, वहां सैकड़ों वाहनों की कतार लग रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने दौरा किया</h2>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति लोपेज ओब्राडोर ने शनिवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए ओब्राडोर ने कहा, “इस अभियान को बंद करने की जगह तेल चोरी के खिलाफ अभियान को तेज किया जाएगा। इस समय सबसे अहम ये है कि घायलों का इलाज किया जाए, ताकि कुछ ज़िंदगियां बचाई जा सकें।”</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/mexico-73-people-killed-74-injured-in-explosion-while-stealing-oil-from-pipeline/article-7396</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/mexico-73-people-killed-74-injured-in-explosion-while-stealing-oil-from-pipeline/article-7396</guid>
                <pubDate>Sun, 20 Jan 2019 14:23:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1984 दंगा: हाईकोर्ट से सज्जन कुमार की अर्जी खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[सरेंडर के लिए 30 जनवरी तक मोहलत मांगी थी नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले सज्जन कुमार (73) ने सरेंडर के लिए हाईकोर्ट (1984 riots Sajjan Kumar appeal rejected from High Court) से 30 जनवरी तक का वक्त मांगा था। शुक्रवार को अदालत ने उनकी अर्जी खारिज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/1984-riots-sajjan-kumar-appeal-rejected-from-high-court/article-7059"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/1984-riots-sajjan-kumar-appeal-rejected-from-high-court.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">सरेंडर के लिए 30 जनवरी तक मोहलत मांगी थी</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले सज्जन कुमार (73) ने सरेंडर के लिए हाईकोर्ट (1984 riots Sajjan Kumar appeal rejected from High Court) से 30 जनवरी तक का वक्त मांगा था। शुक्रवार को अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। अब सज्जन को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा। याचिका में सज्जन ने दलील दी थी कि पारिवारिक मसले, खासतौर से प्रॉपर्टी के मामले सुलझाने के लिए उन्हें वक्त चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर को सज्जन आपराधिक साजिश और दंगा भड़काने का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 1-2 नंवबर 1984 में पालम कालोनी के राजनगर पार्ट-1 में पांच सिखों की हत्या और राजनगर पार्ट-2 में गुरुद्वारा फूंकने से जुड़ा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को सरेंडर के लिए 31 दिसंबर तक का वक्त दिया था</h2>
<h2 style="text-align:justify;">सज्जन कुमार ने दलील दी थी- 8 नाती-पोतों वाला परिवार है, कई मसले सुलझाने हैं</h2>
<p style="text-align:justify;">सज्जन के वकील अनिल शर्मा ने हाईकोर्ट से कहा- सज्जन को कुछ वक्त चाहिए। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के (1984 riots Sajjan Kumar appeal rejected from High Court) फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करनी है। शर्मा ने कहा- उनके (सज्जन) पास संवैधानिक अधिकार हैं कि वह फैसले के खिलाफ उच्चतम अदालत में अपील दाखिल कर सकें। इसके लिए उन्हें वरिष्ठ वकीलों से मिलने की आवश्यकता है, जो कि अभी सुप्रीम कोर्ट में छुट्टी होने की वजह से भारत से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि सज्जन ही सही व्यक्ति हैं, जो इस मामले में विस्तार से वकीलों को जानकारी दे सकते हैं। सज्जन हाईकोर्ट के फैसले से आश्चर्य में हैं। जब वह दोषी ठहराए गए तो उन्हें सदमा लगा, क्योंकि उन्हें लगता था कि वे बेगुनाह हैं। अपील में कहा गया कि सज्जन को अपने बड़े परिवार के कुछ मसले सुलझाने हैं। वह अपने रिश्तेदारों और करीबियों से मिलना चाहते हैं, जो पिछले 73 साल से उनकी जिंदगी से जुड़े हुए हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/1984-riots-sajjan-kumar-appeal-rejected-from-high-court/article-7059</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/1984-riots-sajjan-kumar-appeal-rejected-from-high-court/article-7059</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Dec 2018 14:23:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-12/1984-riots-sajjan-kumar-appeal-rejected-from-high-court.jpg"                         length="65611"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौतम गंभीर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास</title>
                                    <description><![CDATA[गंभीर ने टविटर और फेसबुक पर एक वीडियो साझा करते हुए संन्यास की घोषणा की नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय टीम से लम्बे समय से बाहर चल रहे और आईपीएल टीम (Gautam Gambhir Retired From International Cricket) दिल्ली से रिलीज़ कर दिए गए बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/gautam-gambhir-retired-from-international-cricket/article-6847"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/gautam-gambhir-retired-from-international-cricket-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">गंभीर ने टविटर और फेसबुक पर एक वीडियो साझा करते हुए संन्यास की घोषणा की</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारतीय टीम से लम्बे समय से बाहर चल रहे और आईपीएल टीम (Gautam Gambhir Retired From International Cricket) दिल्ली से रिलीज़ कर दिए गए बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। गंभीर ने टविटर और फेसबुक पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने संन्यास की घोषणा की। भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक गंभीर ने भारत को 2007 का 20-20 विश्वकप और 2011 का एकदिवसीय विश्वकप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दिल्ली के गंभीर ने टवीट करते हुए, ‘सबसे मुश्किल फैसले भारी दिल से लिए जाते हैं। मैं आज भारी मन से वह ऐलान कर रहा हूं जिससे मैं पूरी जिंदगी डरता रहा।</p>
<h2>गंभीर ने भारत को 2007 का 20-20 विश्वकप और 2011 का एकदिवसीय विश्वकप जिताने में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका</h2>
<p style="text-align:justify;">37 वर्षीय गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 20-20 मैच खेले (Gautam Gambhir Retired From International Cricket) और इन मैचों में उन्होंने क्रमश: 4154, 5238 और 932 रन बनाए। उनका टेस्ट में सर्वाधिक स्कोर 206, वनडे में नाबाद 150 और 20-20 में 75 रन रहा। दिल्ली के गंभीर ने भारत के लिए पहला टेस्ट नवम्बर 2004 में मुंबई में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था और उनका आखिरी टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में नवम्बर 2016 में रहा था। गंभीर ने वनडे पदार्पण 11 अप्रैल 2003 को ढाका में बंगलादेश के खिलाफ किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका आखिरी वनडे धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ 27 जनवरी 2013 को था। गंभीर ने अपना पहला 20-20 मैच 13 सितम्बर 2007 को स्कॉटलैंड के खिलाफ डरबन में खेला था जबकि उनका आखिरी 20-20 मैच 28 दिसम्बर 2012 को अहमदाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ था। गंभीर ने 58 टेस्ट में नौ शतक और 147 वनडे मैचों में 11 शतक बनाए। भारत ने गंभीर के करियर के दौरान दो विश्वकप (20-20 विश्वकप 2007, वनडे विश्वकप 2011 ) जीते। गंभीर इन दोनों ही विश्वकप के फाइनल में भारत के टॉप स्कोरर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/gautam-gambhir-retired-from-international-cricket/article-6847</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/gautam-gambhir-retired-from-international-cricket/article-6847</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Dec 2018 14:12:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-12/gautam-gambhir-retired-from-international-cricket-copy.jpg"                         length="123100"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मच्छरजनित बीमारियों से मुक्त हो देश</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में जीका का कहर हमारे लिए चेतावनी है। डेंगू, इन्सेफलाइटिस ,मलेरिया आदि से तो पहले से ही जूझ रहे हैं और अब ये नई बीमारियों का प्रकोप। अब अगर भारत को मच्छरों का देश कहें तो कोई गलत बात नहीं होगी। देश के हर कोने में मच्छरों का जमावड़ा है और इसके विपरीत मच्छरों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/country-free-from-mosquito-diseases/article-6284"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/country-free-from-mosquito-diseases-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर में जीका का कहर हमारे लिए चेतावनी है। डेंगू, इन्सेफलाइटिस ,मलेरिया आदि से तो पहले से ही जूझ रहे हैं और अब ये नई बीमारियों का प्रकोप। अब अगर भारत को मच्छरों का देश कहें तो कोई गलत बात नहीं होगी। देश के हर कोने में मच्छरों का जमावड़ा है और इसके विपरीत मच्छरों से मुक्ति के प्रयास नाकाफी है। सरकारी स्तर पर मच्छरों से मुक्ति के काम में ढिलाई बरती गई है। आज जब विश्व के कई देश मलेरिया,डेंगू आदि से मुक्ति पा चुके हैं तब भी हमारी स्थिति बदतर होती जा रही है। दरअसल मुख्य समस्या यह है हमारे यहां केवल मच्छर जनित बीमारियो के इलाज पर ही ध्यान दिया जाता है जबकि ध्यान देना चाहिए मच्छरों के लार्वा को खत्म करने पर। जब मच्छर नहीं रहेंगे तभी रोग नहीं होंगे। मच्छरों से मुक्ति ही इन बीमारियो से निपटने का पुख्ता उपाय है। गौरतलब है कि हर साल बारिश के मौसम के ठीक बाद अनुकूल वातावरण होते ही मच्छरों की तादाद बेतहाशा बढ़ जाती है। हजारों लोग इसका शिकार बनते हैं और पूरा स्वास्थ्य महकमा मच्छरों के आगे बेबस नजर आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी जयपुर में जीका का प्रकोप चिंता और चिंतन का विषय है। इसके साथ ही दिल्ली सहित लगभग पूरे देश में डेंगू और मलेरिया के सैकड़ों रोगी सामने आना भी गम्भीर बात है। शहरों के साथ ही गावों में भी मच्छर जनित रोग इसी तरह पांव पसार रहे है। यह लोगों की लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की नाकामी दोनों को दशार्ता है। विडम्बना है कि हर वर्ष मलेरिया,डेंगू,चिकुनगुनिया और इंसेफ्लाइटिस जैसी मच्छरजनित बीमारियां महामारी की तरह पूरे देश में फैल जाती हैं और हजारों लोगों की मौत हो जाती हैं। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो भारत दुनिया का ऐसा तीसरा देश है जहाँ मलेरिया से सबसे ज्यादा मौते होती हैं। यह एक राष्ट्रीय आपदा से कम नहीं है। मौजूदा कार्यक्रमों और व्यवस्था से इन बीमारियों से निजात नहीँ पायी जा सकती है। नेशनल वेक्टर बोर्न डीजिज कन्ट्रोल प्रोग्राम के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष मलेरिया के 10,59,437 मामले सामने आए। दूसरी ओर डेंगू और चिकुनगुनिया के हजारों मामले तो अलग हैं। यह विडंबना ही है कि मच्छरजनित रोग महामारी का रूप धारण कर लेते हैं तब भी जनस्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च वरीयता का विषय नहीं बनता हैं और इन रोगों का समूलनाश करना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं रहा है क्योंकि अगर प्राथमिकता में शामिल होता तो 1958 में दिए गए नारे “मच्छर रहेगा,मलेरिया नहीँ”के इतने सालों बाद भी इतने मामले सामने नहीं आते।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी भी सरकार ने मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य 2030 तक रखा है। ऐसा बिल्कुल भी नहीँ है की देश को मलेरिया, डेंगू आदि से मुक्त नहीँ किया जा सकता क्योंकि मिसाल के तौर पर श्रीलंका ने मलेरिया और न्यूजीलैंड ने अपने आप को डेंगु मुक्त कर लिया है। भारत में इन रोगों के पाँव पसारने के कई कारण हैं जिसमें पहला यह है कि सरकार केवल बरसात के दिनों में इश्तेहार छपवाकर लोगों को मच्छरों से बचाव के तरीके बताकर इतिश्री कर लेती हैं या फिर पारम्परिक तरीके से धुँआ छोड़कर मच्छर प्रजनन नियंत्रण के उपाय किये जाते हैं जो कि अपर्याप्त हैं। जन जागरूकता अभियान भी मंथर गति से चल रहा है। इसके अलावा विदेशों से डेंगु की वेक्सिन लेने में भी ढिलाई बरती गई है। साथ ही साथ घरेलू वेक्सीन तैयार करने के प्रयास भी सुस्त हैं। बजट खर्च बहुत कम हैं। कुछ तो साफ सफाई की कमी और राजनीतिक स्तर पर बरती गई लापरवाही का भी परिणाम है। सोचनीय बात यह भी है यह हमारी भी लापरवाही है कि हम खुद मच्छरों को आश्रय देने का काम करते है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने घर में जब तक कूलर,गमले,पानी के टैंक,पुराना कबाड़, टायर ट्यूब आदि में मच्छर घर बनाते रहेंगे और अंडे पैदा करते रहेंगे तब तक ये बीमारियां भी हमारे घरों में ही रहेगी। फिर हम अगर किसी ओर को या सरकार को दोष देते हैं तो वो ठीक नहीं है। अपने घरों में मच्छरों के लार्वा पनपने नहीं देना हमारी जिम्मेदारी है। पहली शर्त यह है कि पहले हमें खुद को सुधरना और जागरूक रहना होगा। सरकार और जनता,सभी के कारणों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धि नाकाफी रही हैं। खैर,अब इन रोगों के नियंत्रण के लिए प्रभावी रोडमेप बनाकर युद्ध स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग को बड़े पैमाने पर संभावित एरिया का सर्वे करके और ‘नियंत्रण विभाग’ का पुनर्गठन करके ‘मच्छर लार्वा प्रजनन नियंत्रक वृहद अभियान’ क्रियान्वित करना चाहिए। जिन घरों में मच्छर के लार्वा पाए जाएं उन लोगों पर जुर्माना लगाया जाए। लोगों को साफ सफाई की सख्त हिदायत दी जाए। साथ ही साथ मच्छर प्रजनन नियंत्रक दवाई का छिड़काव भी सतत रूप से जारी रखें। इसके लिए प्रभावी नीति और टास्क फोर्स का गठन किया जाए और जवाबदेही तय की जाएं। लोग स्वयं भी साफ सफाई के प्रति विशेष ध्यान दें। अगर सरकार और जनता दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पुख्ता साझा प्रयास करें तो इन बीमारियों से मुक्ती पाई जा सकती हैं। <em><strong>नरपत दान चारण</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/country-free-from-mosquito-diseases/article-6284</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/country-free-from-mosquito-diseases/article-6284</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Oct 2018 14:27:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/country-free-from-mosquito-diseases-copy.jpg"                         length="67282"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो सप्ताहों दौरान ही डेंगू से मूनक में तीन की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[सैंकड़ों की संख्या में डेंगू मरीज टोहाना व मूनक के सरकारी व प्राईवेट अस्पताल में भर्ती Three die from dengue in Munic during two weeks मोहन सिंह/दुर्गा सिंगला संगरूर/मूनक। पिछले दो सप्ताहों दौरान डेंगू से मूनक कस्बे में तीन मौत हो जाने के साथ मूनक के लोगों में डेंगू को लेकर भारी दहशत पाई जा रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-die-from-dengue-in-munic-during-two-weeks/article-6275"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/three-die-from-dengue-in-munic-during-two-weeks-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">सैंकड़ों की संख्या में डेंगू मरीज टोहाना व मूनक के सरकारी व प्राईवेट अस्पताल में भर्ती Three die from dengue in Munic during two weeks</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोहन सिंह/दुर्गा सिंगला संगरूर/मूनक।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पिछले दो सप्ताहों दौरान डेंगू से मूनक कस्बे में तीन मौत हो जाने के साथ मूनक के लोगों में डेंगू को लेकर भारी दहशत पाई जा रही है। कस्बे मूनक में एक अन्दाजे मुताबिक सैंकड़ों की संख्या में डेंगू के मरीज टोहाना और मूनक के सरकारी व प्राईवेट अस्पताल मरीजों के साथ भरे पड़े हैं। डेंगू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गतदिवस मूनक कस्बे में जगह जगह खुले कथित डॉक्टरों की दुकानों की चैकिंग की गई व कई डॉक्टरों की दुकाना ऐसी चैकिंग की गई जिनके पास कोई डिग्री वगैरह नहीं थी जबकि उहना ने डेंगू के मरीजों को दाखिल कर ग्लुकोज की बोतलों लगाकर इलाज शुरू किया हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग की टीम एसएमओ डॉ. राजेश कुमार व डॉक्टर लवराज के नेतृत्व में से गई यह चैकिंग खानापूर्ती ही सिद्ध हुई क्योंकि कई अपने आप बने डॉक्टर के पास किसी भी तरह की कोई डिग्री न होने के बावजूद और मरीजों की मौजुदगी होने पर भी सिर्फ फटकार लगाकर छोड़ देना लोगों में चर्चा का विषय बन चुका है। क्षेत्र के लोगों अनुसार कथित प्राईवेट डॉक्टर मरीजों से एक ग्लुकोज की बोतल का 800 से 1500 रुपए वसूल कर रहे हैं। बीती रात डेंगू के साथ एक 32 वर्षीय महिला की मौत भी लोगों के में चर्चा का विषय बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या कहते हैं सिविल सर्जन संगरूर:</strong> डेंगू के साथ मौतें होने संबंधी व स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई चैकिंग सम्बन्धित पूछे जाने पर डॉ. अरुण गुप्ता ने कहा कि यदि हमारे स्वास्थ्य विभाग की कोई भी लापरवाही पाई गई तो उनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जायेगी और बिना डिग्री से चल रहे निजी अस्पतालों की दोबारा चैकिंग कर बनती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ कथित डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की टीम की चर्चा सुन कर अपनी दुकानों बंद कर भाग गए, जिनकी आगामी कुछ दिनों में अचानक चैकिंग कर दोषी पाए गए झौला छाप डॉक्टरों विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-die-from-dengue-in-munic-during-two-weeks/article-6275</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/three-die-from-dengue-in-munic-during-two-weeks/article-6275</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Oct 2018 12:04:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/three-die-from-dengue-in-munic-during-two-weeks-copy.jpg"                         length="189132"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधुनिक युग में नए नजरिए से गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[आधुनिक भारतीय चिंतन प्रवाह में गांधी के विचार सार्वकालिक हैं। वे भारतीय उदात्त सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के अग्रदूत भी हैं और सहिष्णुता, उदारता और तेजस्विता के प्रमाणिक तथ्य भी। सत्यशोधक संत भी और शाश्वत सत्य के यथार्थ समाज वैज्ञानिक भी। राजनीति, साहित्य, संस्कृति, धर्म, दर्शन, विज्ञान और कला के अद्भुत मनीषी और मानववादी विश्व निर्माण के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/from-a-new-perspective-in-the-modern-era-gandhi/article-6092"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/from-a-new-perspective-in-the-modern-era-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आधुनिक भारतीय चिंतन प्रवाह में गांधी के विचार सार्वकालिक हैं। वे भारतीय उदात्त सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के अग्रदूत भी हैं और सहिष्णुता, उदारता और तेजस्विता के प्रमाणिक तथ्य भी। सत्यशोधक संत भी और शाश्वत सत्य के यथार्थ समाज वैज्ञानिक भी। राजनीति, साहित्य, संस्कृति, धर्म, दर्शन, विज्ञान और कला के अद्भुत मनीषी और मानववादी विश्व निर्माण के आदर्श मापदंड भी। सम्यक प्रगति मार्ग के चिंह्न भी और भारतीय संस्कृति के परम उद्घोषक भी। गांधी के लिए वेद, पुराण एवं उपनिषद् का सारतत्व ही उनका ईश्वर है और बुद्ध, महावीर की करुणा ही उनकी अहिंसा। सत्य, अहिंसा, ब्रहमचर्य, अस्तेय, अपरिग्रह, शरीर श्रम, आस्वाद, अभय, सर्वधर्म समानता, स्वदेशी और समावेशी समाज निर्माण की परिकल्पना ही उनका आदर्श रहा है। गांधी के आदर्श विचार उनके निजी तथा सामाजिक जीवन तक ही सीमित नहीं रहे। उन विचारों को उन्होंने आजादी की लड़ाई से लेकर जीवन के विविध पक्षों में भी आजमाया। तब लोगों का कहना था कि आजादी के लक्ष्य में सत्य और अहिंसा नहीं चलेगी। लेकिन गांधी ने दिखा दिया कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर भी आजादी को हासिल किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजादी के आंदोलन के दौरान गांधी ने लोगों को संघर्ष के तीन मंत्र दिए-सत्याग्रह, असहयोग और बलिदान। उन्होंने खुद इसे समय की कसौटी पर कसा भी। सत्याग्रह को सत्य के प्रति आग्रह बताया। यानी आदमी को जो सत्य दिखे उस पर पूरी शक्ति और निष्ठा से डटा रहे। बुराई, अन्याय और अत्याचार का किन्हीं भी परिस्थितियों में समर्थन न करे। सत्य और न्याय के लिए प्राणोत्सर्ग करने को बलिदान कहा। अहिंसा के बारे में उनके विचार सनातन भारतीय संस्कृति की प्रतिध्वनि है। गांधी पर गीता के उपदेशों का व्यापक असर रहा। वे कहते थे कि हिंसा और कायरता पूर्ण लड़ाई में मैं कायरता की बजाए हिंसा को पसंद करुंगा। मैं किसी कायर को अहिंसा का पाठ नहीं पढ़ा सकता वैसे ही जैसे किसी अंधे को लुभावने दृश्यों की ओर प्रलोभित नहीं किया जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अहिंसा को शौर्य का शिखर माना। उन्होंने अहिंसा की स्पष्ट व्याख्या करते हुए कहा कि अहिंसा का अर्थ है ज्ञानपूर्वक कष्ट सहना। उसका अर्थ अन्यायी की इच्छा के आगे दबकर घुटने टेक देना नहीं। उसका अर्थ यह है कि अत्याचारी की इच्छा के विरुद्ध अपनी आत्मा की सारी शक्ति लगा देना। अहिंसा के माध्यम से गांधी ने विश्व को यह भी संदेश दिया कि जीवन के इस नियम के अनुसार चलकर एक अकेला आदमी भी अपने सम्मान, धर्म और आत्मा की रक्षा के लिए साम्राज्य के सम्पूर्ण बल को चुनौती दे सकता है। गांधी के इन विचारों से विश्व की महान विभुतियों ने स्वयं को प्रभावित बताया। आज भी उनके विचार विश्व को उत्प्रेरित कर रहे हैं। लोगों द्वारा उनके अहिंसा और सविनय अवज्ञा जैसे अहिंसात्मक हथियारों को आजमाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे समय में जब पूरे विश्व में हिंसा का बोलबाला है, राष्ट्र आपस में उलझ रहे हैं, मानवता खतरे में है, गरीबी, भुखमरी और कुपोषण लोगों को लील रही है तो गांधी के विचार बरबस प्रासंगिक हो जाते हैं। अब विश्व महसूस भी करने लगा है कि गांधी के बताए रास्ते पर चलकर ही विश्व को नैराश्य, द्वेष और प्रतिहिंसा से बचाया जा सकता है। गांधी के विचार विश्व के लिए इसलिए भी प्रासंगिक हैं कि उन विचारों को उन्होंने स्वयं अपने आचरण में ढालकर सिद्ध किया। उन विचारों को सत्य और अहिंसा की कसौटी पर जांचा-परखा। 1920 का असहयोग आंदोलन जब जोरों पर था उस दौरान चौरी-चौरा में भीड़ ने आक्रोश में एक थाने को अग्नि की भेंट चढ़ा दिया। इस हिंसक घटना में 22 सिपाही जीवित जल गए। गांधी जी द्रवित हो उठे। उन्होंने तत्काल आंदोलन को स्थगित कर दिया। उनकी खूब आलोचना हुई लेकिन वे अपने इरादे से टस से मस नहीं हुए। वे हिंसा को एक क्षण के लिए भी बर्दाश्त करने को तैयार नहीं थे। उनकी दृढ़ता कमाल की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जब उन्होंने महसूस किया कि ब्रिटिश सरकार अपने वादे के मुताबिक भारत को आजादी देने में हीलाहवाली कर रही है तो उन्होंने भारतीयों को टैक्स देने के बजाए जेल जाने का आह्नान किया। विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आंदोलन चलाया। ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक पर टैक्स लगाए जाने के विरोध में दांडी यात्रा की और समुद्र तट पर नमक बनाया। उनकी दृढ़ता को देखते हुए उनके निधन पर अर्नोल्ड टोनी बी ने अपने लेख में उन्हें पैगंबर कहा। प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन का यह कथन लोगों के जुबान पर है कि आने वाले समय में लोगों को सहज विश्वास नहीं होगा कि हांड़-मांस का एक ऐसा जीव था जिसने अहिंसा को अपना हथियार बनाया। हिंसा भरे वैश्विक माहौल में गांधी के विचारों की ग्राहयता बढ़ती जा रही है। जिन अंग्रेजों ने विश्व के चतुर्दिक हिस्सों में युनियन जैक को लहराया और भारत में गांधी की अहिंसा को चुनौती दी, आज वे भी गांधी के अहिंसात्मक आचरण को अपनाने की बात कर रहे हैं। विश्व का पुलिसमैन कहा जाने वाला अमेरिका जो अपनी धौंस-पट्टी से विश्व समुदाय को आतंकित करता है अब उसे भी लगने लगा है कि गांधी की विचारधारा की राह पकड़कर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। सच तो यह है कि गांधी के शाश्वत मूल्यों की प्रासंगिकता बढ़ी है। गांधी अहिंसा के न केवल प्रतीक भर हैं बल्कि मापदण्ड भी हैं जिन्हें जीवन में उतारने की कोशिश हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी गत वर्ष पहले ही अमेरिका पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस में अफ्रीकी महाद्वीप के 50 देशों के युवा नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि आज के बदलते परिवेश में युवाओं को गांधी जी से प्रेरणा लेने की जरुरत है। गत वर्ष पहले अमेरिका की प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने महात्मा गांधी की अगुवाई वाले नमक सत्याग्रह को दुनिया के सर्वाधिक दस प्रभावशाली आंदोलनों में शुमार किया। याद होगा अभी कुछ साल पहले जाम्बिया के लोकसभा सचिवालय द्वारा विज्ञान भवन में संसदीय लोकतंत्र पर एक सेमिनार आयोजित किया गया जिसमें राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों ने शिरकत की। जाम्बिया की नेशनल असेम्बली के अध्यक्ष असुमा के. म्वानामवाम्बवा ने इस सम्मेलन के दौरान गांधी के सिद्धान्तों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कहा कि भारत के साथ हम भी महात्मा गांधी की विरासत में साझेदार हैं। उन्होनें बताया कि अहिंसा के बारे में गांधी जी की शिक्षाओं ने जाम्बिया के स्वतंत्रता आन्दोलन को बेहद प्रभवित किया। सच तो यह है कि अब गांधी के वैचारिक विरोधियों को भी लगने लगा है कि गांधी के बारे में उनकी अवधारणा संकुचित थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्हें विश्वास होने लगा है कि गांधी के नैतिक नियम पहले से कहीं और अधिक प्रासंगिक और प्रभावी हैं और उनका अनुपालन होना चाहिए। गांधी जी राजनीतिक आजादी के साथ सामाजिक-आर्थिक आजादी के लिए भी चिंतित थे। समावेशी समाज की संरचना को कैसे मजबूत आधार दिया जाए उसके लिए उनका अपना स्वतंत्र चिंतन था। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में विषमता रहेगी, हिंसा भी रहेगी। हिंसा को खत्म करने के लिए विषमता मिटाना जरुरी है। विषमता के कारण समृद्ध अपनी समृद्धि और गरीब अपनी गरीबी में मारा जाएगा। इसलिए ऐसा स्वराज हासिल करना होगा, जिसमें अमीर-गरीब के बीच खाई न हो। शिक्षा के संबंध में भी उनके विचार स्पष्ट थे। उन्होंने कहा है कि मैं पाश्चात्य संस्कृति का विरोधी नहीं हूं। मैं अपने घर के खिड़की दरवाजों को खुला रखना चाहता हूं जिससे बाहर की स्वच्छ हवा आ सके। लेकिन विदेशी भाषाओं की ऐसी आंधी न आ जाए कि मैं औंधें मुंह गिर पड़ूं। गांधी जी नारी सशक्तीकरण के प्रबल पैरोकार थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जिस देश अथवा समाज में स्त्री का आदर नहीं होता उसे सुसंस्कृत नहीं कहा जा सकता। लेकिन दुर्भाग्य है कि गांधी के ही देश में उनके आदर्श विचारों की कद्र नहीं है। आज के दौर में भारत ही नहीं बल्कि विश्व समुदाय को भी समझना होगा कि उनके सुझाए रास्ते पर चलकर ही एक समृद्ध, सामर्थ्यवान, समतामूलक और सुसंस्कृत विश्व का निर्माण किया जा सकता है। <strong><em>अरविंद जयतिलक</em></strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/from-a-new-perspective-in-the-modern-era-gandhi/article-6092</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/from-a-new-perspective-in-the-modern-era-gandhi/article-6092</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Oct 2018 12:49:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/from-a-new-perspective-in-the-modern-era-gandhi.jpg"                         length="110787"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास से वर्तमान व भविष्य की ओर बढ़ते संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के बेहद खास रिश्ते वाले देशों में ‘बांग्लादेश’ का नाम अग्रणी है, वह भी बांग्लादेश के जन्म के समय से ही। रिश्ते की मजबूती का यह क्रम अनवरत बढ़ा है और यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बांग्लादेशी समकक्ष की आगवानी की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/moving-from-history-to-present-and-future-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के बेहद खास रिश्ते वाले देशों में ‘बांग्लादेश’ का नाम अग्रणी है, वह भी बांग्लादेश के जन्म के समय से ही। रिश्ते की मजबूती का यह क्रम अनवरत बढ़ा है और यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बांग्लादेशी समकक्ष की आगवानी की है। वस्तुत: इंदिरा गांधी ने जिस प्रकार बांग्लादेश को तत्कालीन पश्चिमी पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्त कराया तो एक तरह से यह रिश्ता स्वाभाविक ही था। चूंकि चीन, पाकिस्तान जैसे देश भारत के साथ दूसरे पड़ोसियों के रिश्तों को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश करते रहे हैं, ऐसे में बांग्लादेश के साथ भारत का कूटनीतिक संबंध और भी खास हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत लगातार बांग्लादेश से अपना संबंध मजबूत करने में दो कदम आगे बढ़कर पहल करता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">1947 में हुए भारत बंटवारे की कटु यादें भला किसे याद नहीं होंगी। दुनिया में उतना भीषण कत्ल-ए-आम संभवत: दूसरी जगह न हुआ होगा। पर उसका नतीजा क्या निकला, जिस धर्म के नाम पर मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान मांगा था, वह तीन दशक भी संयुक्त रूप में पूरा न कर सका और बिखर गया। आखिर, वह जुड़ा रहता भी तो किस प्रकार? चूंकि, पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान में बांग्लादेश) कहे जाने वाले देश की संस्कृति, भाषा पश्चिमी पाकिस्तान से सर्वथा भिन्न थी। ऊपर से वहां के लोगों के साथ पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा किया जाने वाला भेदभाव ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ। बांग्लादेशियों के अधिकारों को कुचलने में पाकिस्तान की सेना ने जो जुल्म ढाये, उससे समस्त विश्व की आँखें नम हो उठी थीं। आज के समय में हम सीरिया में गृहयुद्ध की जो हालत देख रहे हैं, उससे कम दुरूह हालात न थे उस समय! अंतत: उस अत्याचार से जब भारत पर दुष्प्रभाव पडऩे लगा तब इंदिरा गाँधी के रूप में भारतीय राजनीतिक नेतृत्व ने कठोरतम निर्णय लिया और फिर उदय हुआ बांग्लादेश का। जाहिर तौर पर बांग्लादेश के जन्म के समय से ही भारत का रिश्ता बेहद करीबी रहा है, जो लगातार आगे बढ़ता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुत कम लोगों को पता होगा कि शेख हसीना से भारत का बेहद करीबी जुड़ाव रहा है। 15 अगस्त 1975 को जब बांग्लादेश में सेना के गुट ने शेख मुजीबुर रहमान के घर पर हमला किया, तो शेख हसीना के परिवार के अधिकांश सदस्य मौत के घाट उतार दिए गए थे। उनके पिता और बांग्लादेश की आजादी के नायक शेख मुजीबुर रहमान का शरीर गोलियों से छलनी कर दिया गया था। किसी तरह शेख हसीना और उनकी बहन बच गयी थीं, पर उन्हें कहीं और राजनीतिक शरण नहीं मिल सकी। फिर इंदिरा गाँधी ने कई सालों तक शेख हसीना और उनके पति डॉक्टर वाजेद को सुरक्षा और शरण प्रदान की। बाद में स्थिति में सुधार होने के बाद शेख हसीना 17 मई, 1981 को अपने वतन लौट सकी थीं, जहाँ लाखों बांग्लादेशियों ने उनका स्वागत किया और फिर वह अपने पिता का रूतबा हासिल करने में सफल भी रहीं। पिछले दिनों भारत और बांग्लादेश के बीच हुए ‘परमाणु समझौतेझ् को दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">सच कहा जाए तो भारत और दूसरे दक्षिण एशियाई देश ड्रैगन की दोहरी चाल को बखूबी समझते हैं। वह जानते हैं सच्चे मित्र भारत जैसी स्वाभाविक दोस्ती चीन से कभी हो ही नहीं सकती, इसलिए भारत को कूटनीति की बिसात पर सधी चाल से चलना होगा और संतुलन बनाकर चीन की दोस्ती के दांव को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में मजबूती से उजागर करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट के सफल होने के बाद समुद्री मामलों के सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, ये तो एक छोटी सी झलक है, क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच कई सारे समझौते हो रहे हैं, जिनका प्रारूप और प्रभाव आने वाले समय में और भी बेहतर ढंग से नजऱ आएगा। वैश्विक परिदृश्य में दो देशों के संबंधों की अहमियत बार बार प्रमाणित हुई है। वहीं बात जब बांग्लादेश जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी की हो तो फिर यह अहमियत और भी बढ़ जाती है। निश्चित रूप से दोनों देशों की आने वाली पीढिय़ां पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना का धन्यवाद करेंगी, जिनके सकारात्मक दृष्टिकोण से दक्षिण एशियाई देशों के विकास का नया और चौड़ा मार्ग प्रशस्त हुआ है। <em><strong>जगजीत शर्मा</strong></em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Oct 2018 12:42:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/moving-from-history-to-present-and-future-copy.jpg"                         length="91642"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंकी संगठन आईएस के नाम से युवक के ग्रुप में आया मैसेज</title>
                                    <description><![CDATA[मैसेज में उससे इंडियन एजेंसी के बारे में जानकारी मांगी (Message from the name of IS in the Youth Group) इलाहाबाद उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के धूमनगंज क्षेत्र में एक युवक के व्हाटसएप ग्रुप पर आतंकवादी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया'(आईएसआईएस) के साथ जोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/message-from-the-name-of-is-in-the-youth-group/article-4604"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/message-from-the-name-of-is.jpg" alt=""></a><br /><h1>मैसेज में उससे इंडियन एजेंसी के बारे में जानकारी मांगी</h1>
<p><strong>(Message from the name of IS in the Youth Group)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इलाहाबाद</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के धूमनगंज क्षेत्र में एक युवक के व्हाटसएप ग्रुप पर आतंकवादी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया'(आईएसआईएस) के साथ जोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) वृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि धूमनगंज क्षेत्र निवासी रोहित (बदला हुआ नाम) नामक युवक को आतंकवादी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया ‘(आईएसआईएस) से जोडा गया है।</p>
<h1>एटीएस ने जांच शरू कर दी</h1>
<p style="text-align:justify;">युवक ने बताया कि उसके ग्रुप पर आईएसआईएस के नाम से ग्रुप में मैसेज मिला है। मैसेज में उससे इंडियन एजेंसी के बारे में जानकारी मांगी गई है। युवक को जानकारी उपलब्ध कराने के एवज में मोटी रकम की लालच भी दी गयी है। ग्रुप छोडने पर उसे जान से मारने की धमकी भरा मैसेज भी भेजा गया है। श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है। इस मामले में अपराध शाखा और आतंकवाद रोधी दल (एटीएस) ने जांच शरू कर दी है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p>Message from Name IS Youth Group</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/message-from-the-name-of-is-in-the-youth-group/article-4604</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/message-from-the-name-of-is-in-the-youth-group/article-4604</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Jul 2018 01:04:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/message-from-the-name-of-is.jpg"                         length="5381"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हॉलैंड से 1-1 का ड्रा खेलकर भारत फाइनल में</title>
                                    <description><![CDATA[मैच के दोनों गोल दूसरे हाफ में हुए ब्रेडा (वार्ता) गत उपविजेता भारत को एफआईएच चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में जाने के लिए मेजबान हॉलैंड के खिलाफ अपना India, (1-1 Draw Holland) आखिरी लीग मैच ड्रा खेलने की जरूरत थी और उसने शनिवार को 1-1 का ड्रा खेलकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/india-in-final/article-4585"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/india-1-1-draw-from-holland.jpg" alt=""></a><br /><h1>मैच के दोनों गोल दूसरे हाफ में हुए</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्रेडा (वार्ता)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गत उपविजेता भारत को एफआईएच चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में जाने के लिए मेजबान हॉलैंड के खिलाफ अपना India, <strong>(1-1 Draw Holland</strong>) आखिरी लीग मैच ड्रा खेलने की जरूरत थी और उसने शनिवार को 1-1 का ड्रा खेलकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली। भारत का फाइनल में विश्व और गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से रविवार को मुकाबला होगा। पहला हाफ गोलरहित बराबर रहने के बाद मैच के दोनों गोल दूसरे हाफ में हुए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/india-in-final/article-4585</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/india-in-final/article-4585</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 22:37:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/india-1-1-draw-from-holland.jpg"                         length="19080"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पैसेंजर्स को फलाईट से उतारने के लिए तेज कर दिया AC, प्लेन में भर गया धुआं</title>
                                    <description><![CDATA[यात्रियों से किसी तरह की बदसलूकी से अधिकारियों ने किया इनकार नेशनल डेस्क। प्राइवेट एयरलाइन कंपनी एयर एशिया की एक फ्लाइट के पैसेंजर्स ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्लेन से जबरदस्ती नीचे उतारने के लिए AC को जानबूझकर तेज कर दिया गया। इससे पूरे प्लेन में धुआं भर गया। कंपनी अधिकारियों ने फ्लाइट में तकनीकी खामी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/passenger-from-the-flight-smoke-filled-in-plane/article-4381"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kjkj-copy-4.jpg" alt=""></a><br /><h1>यात्रियों से किसी तरह की बदसलूकी से अधिकारियों ने किया इनकार</h1>
<p><strong>नेशनल डेस्क।</strong></p>
<p>प्राइवेट एयरलाइन कंपनी एयर एशिया की एक फ्लाइट के पैसेंजर्स ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्लेन से जबरदस्ती नीचे उतारने के लिए AC को जानबूझकर तेज कर दिया गया। इससे पूरे प्लेन में धुआं भर गया। कंपनी अधिकारियों ने फ्लाइट में तकनीकी खामी की बात तो मानी है, लेकिन यात्रियों से किसी तरह की बदसलूकी से इनकार किया है। एयर एशिया की यह फ्लाइट कोलकाता से बागडोगरा जा रही थी।</p>
<p>लेकिन यह कोलकाता एयरपोर्ट पर साढ़े चार घंटे लेट हो गई। इस दौरान पैसेंजर्स का आरोप है कि फ्लाइट लेट होने पर पहले उन्हें डेढ़ घंटे तक बैठाए रखा गया। इसके बाद जबरदस्ती उतारने के लिए एसी को इतना तेज कर दिया गया कि फ्लाइट में धुआं छा गया और लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। एक पैसेंजर ने फ्लाइट के अंदर का वीडियो शेयर किया है जिसमें धुएं में यात्री परेशान होते हुए दिख रहे हैं।</p>
<h4><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">HINDI NEWS </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">FACEBOOK</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">TWITTER</a> पर फॉलो करें।</strong></h4>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/passenger-from-the-flight-smoke-filled-in-plane/article-4381</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/passenger-from-the-flight-smoke-filled-in-plane/article-4381</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Jun 2018 13:41:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/kjkj-copy-4.jpg"                         length="33572"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खिलाड़ियों की आय से हिस्सा मांगा जाना नहीं उचित</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा सरकार ने पेशेवर खिलाड़ियों से उनको हुई विज्ञापन व निजी कार्यक्रमों की आय से एक तिहाई हिस्सा मांगा है, हालांकि खिलाड़ियों व मीडिया से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने से फिलहाल अधिसूचना को रोक लिया गया है। परंतु यहां सरकार की नीति पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। कुछ सवाल खिलाड़ियों की ओर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार ने पेशेवर खिलाड़ियों से उनको हुई विज्ञापन व निजी कार्यक्रमों की आय से एक तिहाई हिस्सा मांगा है, हालांकि खिलाड़ियों व मीडिया से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने से फिलहाल अधिसूचना को रोक लिया गया है। परंतु यहां सरकार की नीति पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। कुछ सवाल खिलाड़ियों की ओर से हैं कुछ आमजन के भी हैं। निश्चित ही राज्य सरकार से भूल हुई है। भारत में क्रिकेट के सिवाय अन्य खेलों के खिलाड़ी कोई बहुत ज्यादा अमीर नहीं हैं। चंद खिलाड़ी हैं जिन्हें अंतराष्टÑीय प्रतिस्पर्धाएं जीतने पर एक आध करोड़ या आमजन से 20-50 लाख रुपये की पुरुस्कार स्वरूप आय हुई है, जो कि बहुत ज्यादा नहीं मानी जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारें व्यापारी वर्ग को जो कर छूट देती हैं, या कच्चे माल पर जो सब्सिडी देती हैं या भूमि आवंटन में दरियादिली दिखाती हैं वह खिलाड़ियों की आय की तुलना में बहुत ज्यादा है। फिर भी अगर सरकार खिलाड़ियों की आय से भी कुछ हिस्सा वसूलती है तब वह कोई अधिक बड़ी राशि नहीं होगी। एक वर्ष में यही कोई 2 या 4 करोड़ रूपये की आय ही सरकार को होगी जबकि इससे अधिक तो राज्य सरकारें अपने सरकारी कार्यक्रमों या चाय-पानी में उद्घाटन समारोहों पर ही खर्च कर डालती हैं। सरकार को सलाह देने वाले अफसरों को निश्चित ही वास्तविकता का कोई अहसास नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारी शायद किसी खिलाड़ी के संघर्ष से वाकिफ नहीं हैं। अन्यथा यह कैसे हो सकता है कि एक तरफ राज्य सरकार खिलाड़ियों की जीत पर उन्हें लाखों-करोंड़ों के पुरस्कार बांट रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी थोड़ी सी कमाई में से खेल परिषदें के लिए हिस्सा मांग रही है। फिर तो सामाजिक कल्याण के लिए राजनीतिकों से भी हिस्सा राशि ली जानी चाहिए, क्योंकि ये भी भारी वेतन, पैंशन लेते हैं, जबकि ये नेता तो चुनावों पर भी करोड़ों खर्च करने की कूव्वत रखते हैं। खेल परिषदें का विकास करना सरकार का दायित्व है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार को पूरा प्रदेश टैक्स चुकाता है, जिनमें ये खिलाड़ी भी हैं जो आमजन की तरह हर तरह से टैक्स चुकाते हैं। हिस्सा राशि मांगने की बजाए सरकार को चैरिटी खेल आयोजनों का कार्यक्रम करवाना चाहिए, जिसमें ये खिलाड़ी भी उत्साह व सर्मपण से भाग लेंगे, ऐसे कार्यक्रमों की पूरी आय नए खिलाड़ी पैदा करने व खेल परिषदें के विकास पर खर्च की जाए। इसके अलावा प्रदेश में बहुत से उद्योगपति, सामाजिक संगठन भी तलाशे जा सकते हैं जो एक-एक खेल की परिषद् को गोद लेकर राज्य सरकार को सहयोग कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/players-earnings-should-not-be-sought-from-the-share/article-4047</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/players-earnings-should-not-be-sought-from-the-share/article-4047</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Jun 2018 10:16:05 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विरोध के बीच आज रिलीज हुई रजनीकांत की &amp;#8216;काला&amp;#8217;, रात 3 बजे से थियेटर के बाहर जुटे फैंस</title>
                                    <description><![CDATA[एजेंसी। जबरदस्त विवादों और विरोध के बाद आखिरकार रजनीकांत की ‘काला’ आज रिलीज हो ही गई, और जैसी रजनीकांत के फैंस से उम्मीद की जा रही थी, ठीक वैसी ही दीवानगी उनके फैंस में उनकी फिल्म को लेकर देखने को मिली। अपने इस फेवरेट स्टार की फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो में देखने की चाहत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/rajinikanths-black-released-protest-today-from-3pm/article-4013"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kook-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>एजेंसी। </strong>जबरदस्त विवादों और विरोध के बाद आखिरकार रजनीकांत की ‘काला’ आज रिलीज हो ही गई, और जैसी रजनीकांत के फैंस से उम्मीद की जा रही थी, ठीक वैसी ही दीवानगी उनके फैंस में उनकी फिल्म को लेकर देखने को मिली। अपने इस फेवरेट स्टार की फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो में देखने की चाहत रखने वाले रात 3 बजे से ही थियेटर के बाहर नजर आये। चेन्नई में फिल्म का पहला शो सुबह 4 बजे का था। जिसके चलते स्टार रजनीकांत के फैंस सुबह 3 बजे से थियेटर के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ फैंस फिल्म रिलीज को किसी त्यौहार की तरह सेलिब्रेट करते नजर आए। तमिलनाडु में फैंस ने उनके पोस्टर का दूध से अभिषेक किया तो कई फैंस ने सड़कों पर आतिशबाजी की। कुछ फैंस ने तो सड़कों को ऐसे सजाया जैसे कि दिवाली का त्यौहार हो। रजनीकांत के दामाद धनुष की कंपनी वण्डरबार फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने फिल्म का निर्माण किया है, वहीं फिल्म में डायरेक्शन पा रंजीत का है। कॉपीराइट मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल ही फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या रहा विवाद— बता दें कि रिलीज से पहले ही रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ जबरदस्त विवादों में रही है। एक तरफ तो फिल्म पर कॉपीराइट के आरोप लगे तो दूसरी तरफ कावेरी विवाद पर रजनीकांत की टिप्पणी के बाद कर्नाटक में फिल्म का विरोध हो रहा है। दरअसल मुंबई के एक जर्नलिस्ट ने फिल्म प्रोड्यसर्स पर 101 करोड़ की मानहानि का केस किया है। जर्नलिस्ट जवाहर का आरोप है कि फिल्म में रजनीकांत तो किरदार निभा रहे हैं, वो रियल लाइफ में उनके पिता शिरावियम नडार का है, जवाहर ने उनके पिता की इमेज नेगेटिव पेश किए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूसरी तरफ रजनीकांत ने कावेरी जल विवाद पर बयान दिया था कि- ‘केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड का गठन करना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो उसे पूरे तमिलनाडु की जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।’ दरअसल कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनके इस बयान के बाद से कर्नाटक में उनके खिलाफ माहौल बन गया और अब वहां काला की रिलीज का विरोध किया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/rajinikanths-black-released-protest-today-from-3pm/article-4013</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/rajinikanths-black-released-protest-today-from-3pm/article-4013</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Jun 2018 13:22:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/kook-copy.jpg"                         length="99269"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        