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                <title>Talent - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>एक फरवरी से ट्रस्ट की वेबसाइट पर होंगे आनलाईन आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा। अपै्रल-मई में होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा में 30 छात्र होंगे चयनित परीक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी परीक्षा सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। दक्ष प्रजापति एजुकेशन ट्रस्ट सरसा की ओर से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) 2019 के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">परीक्षा। अपै्रल-मई में होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा में 30 छात्र होंगे चयनित</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">परीक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क</li>
<li style="text-align:justify;">हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगी परीक्षा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा</strong><br />
<strong>सरसा।</strong> दक्ष प्रजापति एजुकेशन ट्रस्ट सरसा की ओर से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) 2019 के लिए आॅनलाईन आवेदन एक फरवरी से शुरू हो जाएंगे। जोकि 5 मार्च तक जारी रहेंगे। अप्रैल मई में होने वाली इस प्रतिभा खोज परीक्षा में सुपर 30 अव्वल विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। जिन्हें नकद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा। दक्ष प्रजापति एजुकेशन ट्रस्ट सरसा के प्रधान प्रो. आरसी लिम्बा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त परीक्षा में सरसा जिला के प्रजापति/कुम्हार समाज के उन विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। जिन्होंने साल 2018-19 सत्र मेंं दसवीं या दस जमा दो या स्नातक या समकक्ष (केवल अंतिम वर्ष) के रेगुलर या स्वयंपाठी या पत्राचार से पढने वाला विद्यार्थी होगा। परीक्षा के पारदर्शी व सुचारू संचालन के लिए प्रवक्ता अनिल कुमार आईतान को परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">150 अंकों की होगी परीक्षा</h2>
<p style="text-align:justify;">छात्रवृति के लिए आयोजित होने वाली लिखित प्रतिभा खोज परीक्षा को मुख्य रुप से चार भागों में बांटा गया है। इनमें प्रथम सामान्य बुद्धि एवं तार्किक अभिक्षमता परीक्षण होगा। जिसमें विद्यार्थियों की मानसिकता योग्यता जांचने के लिए बहुविकल्पीय प्रकार के एक-एक अंक के 40 प्रश्न होंगे। द्वितीय में भाषा परीक्षण होगा। इसमें एक-एक अंक के 25-25 प्रश्न अंग्रेजी व हिंदी भाषा के होंगे। तृतीय में मात्रात्मक योग्यता परीक्षण होगा। इसमें सामान्य गणित बहुविकल्पीय प्रकार के एक-एक अंक वाले 20 प्रश्न होंगे। अंतिम भाग सामान्य ज्ञान एवं अभिज्ञान परीक्षण का होगा। जिसमें वर्तमान में घटित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से सहित बहुविकल्पीय एक-एक अंक के 40 प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न के चार संभावित विकल्प होंगे। परीक्षा हिंदी व अंग्रेजी माध्यम में होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">परीक्षा के लिए क्या है पात्रता</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रतिभा खोज परीक्षा 2019 में विद्यार्थी सरसा जिले का स्थाई निवासी हो और कुम्हार समाज से संबंध रखता हो। विद्यार्थी की पात्रता में अनियमितता मालूम होने पर रद्द कर दी जाएगी। परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रार्थी द्वारा आवेदन पत्र ट्रस्ट की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट डीपीईटी डॉट इन पर आॅनलाईन ही भरा जाएगा। परीक्षा की तिथि व समय के बारे में प्रतिभागियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर एसएमएस के द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा ट्रस्ट की वेबसाईट से<br />
डाउनलोड होने वाले एडमिट कार्ड पर भी परीक्षा केन्द्र, तिथि व समय के बारे में उल्लेख होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अव्वल प्रतिभागियों को ये मिलेगा नकद पुरस्कार</h2>
<p style="text-align:justify;">दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) 2019 में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को पुरस्कार स्वरुप 11000 रुपए, द्वितीय को 5100, तृतीय को 3100, चौथे से दसवें तक प्रत्येक को 1100-1100 व 11वें से 30 तक प्रत्येक को 500-500 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रस्ट सरसा के प्रधान प्रो. आरसी लिंबा ने बताया कि प्रजापति/कुम्हार समाज के होनहार प्रतिभागियों का हुनर जांचने के लिए ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष दक्ष प्रजापति प्रतिभा खोज परीक्षा (सुपर-30) का आयोजन किया जाता है। इसी के तहत मई-अपै्रल में होने वाली 2019 की परीक्षा के लिए आॅनलाईन आवेदन 1 फरवरी से ट्रस्ट की वेबसाईट पर आॅनलाईन शुरू हो रहे है। परीक्षा के अव्वल सुपर 30 प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jan 2019 16:01:13 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>बर्थडे स्पेशल: केवल अभिनय तक सीमित नहीं थी नूतन की प्रतिभा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (एजेंसी)। अपने दौर की टॉप की अभिनेत्री नूतन की आज जयंती है। महज 54 साल की उम्र में इस दुनिया से विदा लेने वाली नूतन अगर आज हमारे साथ होतीं तो आज अपना 82 वां बर्थडे मना रही होतीं। रुपहले पर्दे पर अपनी सौम्य और सशक्त अभिनय से गहरी छाप छोड़ने वाली नूतन का दौर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/rangmanch/nutans-talent-was-not-limited-to-acting/article-3948"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/nuthan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)। </strong>अपने दौर की टॉप की अभिनेत्री नूतन की आज जयंती है। महज 54 साल की उम्र में इस दुनिया से विदा लेने वाली नूतन अगर आज हमारे साथ होतीं तो आज अपना 82 वां बर्थडे मना रही होतीं। रुपहले पर्दे पर अपनी सौम्य और सशक्त अभिनय से गहरी छाप छोड़ने वाली नूतन का दौर ब्लैक एंड व्हाईट फ़िल्मों का दौर था लेकिन, उन्होंने अपने अभिनय से बड़े पर्दे पर जो रंग भरे वो आज भी बेहद गहरे और चटक हैं!</p>
<p style="text-align:justify;">आज भी टीवी पर जब नूतन की फ़िल्में आती हैं तो सिनेमा के दीवाने उनकी सहज अभिनय शैली, दिलों को छूती संवाद अदायगी और भाव भंगिमाओं के जादू में बंध से जाते हैं। ऐसी बेमिसाल अदाकारा नूतन का जन्म मुंबई में ही 4 जून 1936 को एक मराठी कला प्रेमी परिवार में हुआ था। उनके पिता कुमारसेन समर्थ एक जाने-माने निर्देशक और कवि थे जबकि उनकी मां शोभना समर्थ एक जानी-मानी अभिनेत्री थीं। ज़ाहिर है परिवार में कला को लेकर उन्हें एक माहौल विरासत में मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">पंचगनी के एक कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद वो साल 1953 में उच्च शिक्षा के लिए स्विटज़रलैंड चली गईं, जहां वो तकरीबन एक साल तक रहने के बाद देश लौट आईं। बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा भी था कि विदेश में बिताये गए वो एक साल उनके जीवन का सबसे यादगार वर्ष था। हालांकि, विदेश जाने से पहले वो कुछ फ़िल्में कर चुकी थीं जो कामयाब नहीं हो पायी। गौरतलब है कि महज 14 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां के निर्देशन में बनी फ़िल्म ‘हमारी बेटी’ से डेब्यू किया था!</p>
<p style="text-align:justify;">नूतन साल 1952 में मिस इंडिया पीजेंट भी चुनी गयी थीं। नूतन को पहला बड़ा ब्रेक साल 1955 में आई फ़िल्म ‘सीमा’ में मिला। इस फ़िल्म के लिए उन्होंने पहला फ़िल्मफेयर अवार्ड भी जीता। यहां से उनकी कामयाबी को एक नया आसमान मिला। एक के बाद एक कई फ़िल्में जैसे-‘पेईंग गेस्ट’, ‘अनाड़ी’, ‘सुजाता’ आदि हिट साबित हुईं। वाकई तब तक हिंदी सिनेमा को उसकी अपनी एक समर्थ हीरोइन मिल गयी थी। साल 1963 में आई फ़िल्म ‘बंदिनी’ भारतीय सिनेमा जगत में अपनी संपूर्णता के लिए सदा याद की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिमल रॉय की ‘बंदिनी’ नूतन के कैरियर में एक मील की पत्थर की तरह है। इसके अलावा ‘छलिया’, ‘देवी’, ‘सरस्वतीचंद्र’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’, ‘सौदागर’ जैसी 70 से ज्यादा फ़िल्में करने वाली नूतन अपार कामयाबी पाने के बावजूद सादगी की एक मिसाल रही हैं। नूतन ने अपने कैरियर के टॉप पर पहुंचने के बाद साल 1959 में नेवी के लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल से शादी कर ली थी। उनके बेटे मोहनीश बहल भी लंबे समय से एक अभिनेता के रूप में सक्रिय हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, शादी ही नहीं बल्कि बेटे के जन्म साल 1961 के बाद भी वो लगातार अवार्ड विनिंग फ़िल्में करती रहीं। ‘सीमा’, ‘सुजाता’, बंदिनी’, ‘मिलन’ और ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फ़िल्मफेयर अवार्ड जीत कर नूतन ने साबित कर दिया था कि वो अपनी दौर की टॉप की अभिनेत्री रहीं हैं। साल 1985 ‘मेरी जंग’ के लिए उन्होंने फ़िल्मफेयर से बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड भी जीता। भारत सरकार से पद्मश्री समेत कई सम्मान पाने वाली नूतन को साधना से लेकर स्मिता पाटिल जैसी अभिनेत्रियां अपना रोल मॉडल मानती रही हैं।</p>
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                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jun 2018 23:03:39 +0530</pubDate>
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