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                <title>Editorial - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Shah Satnam Ji: कण-कण में हाजिर हजूर&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे सतगुरु, समाज सुधारक, पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने समाज, देश और पूरी मानवता पर ऐसे अनगिनत उपकार किए हैं, जिनका वर्णन करना सूर्य को दीपक दिखाना है। नशे और अन्य बुराइयों के कारण जो घर नरक बन चुके थे, उन्हें आपजी ने फिर से खुशियों से भर दिया। राक्षसी प्रवृत्ति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/he-is-present-in-every-single-particle/article-79141"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/shah-satnam-ji-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे सतगुरु, समाज सुधारक, पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने समाज, देश और पूरी मानवता पर ऐसे अनगिनत उपकार किए हैं, जिनका वर्णन करना सूर्य को दीपक दिखाना है। नशे और अन्य बुराइयों के कारण जो घर नरक बन चुके थे, उन्हें आपजी ने फिर से खुशियों से भर दिया। राक्षसी प्रवृत्ति वाले लोग आपकी शरण में आकर देवतुल्य बन गए। धर्म और जाति के नाम पर एक-दूसरे के शत्रु बने लोग, सब वैमनस्य छोड़कर आपसी प्रेम और भाईचारे के सूत्र में बंध गए। आपजी ने रूहानियत को इतना सरल और सहज बना दिया कि छोटे-छोटे बच्चे भी भक्ति के मार्ग पर चल पड़े। आपजी की रूहानी शिक्षा का ऐसा प्रकाश फैला कि लोग जादू-टोना, तावीज, भूत-प्रेत जैसे अंधविश्वासों और पाखंडों से दूर हो गए। आपजी ने विभिन्न प्रांतों में गाँव-गाँव, शहर-शहर सत्संग लगाकर परमात्मा के नाम का ऐसा संदेश दिया कि चारों ओर राम-नाम की गूंज उठने लगी। Shah Satnam Ji</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने यह शिक्षा घर-घर पहुंचाई कि परमात्मा एक है- ओम, राम, अल्लाह, वाहिगुरु, गॉड ये सभी उसी एक परमेश्वर के नाम हैं। संपूर्ण सृष्टि उसकी संतान है। कोई ऊँच-नीच नहीं, सब बराबर हैं। परमात्मा की प्राप्ति के लिए बाहरी आडंबर, पाखंड, पैसे-चढ़ावे या धन की आवश्यकता नहीं, बल्कि सच्ची भावना चाहिए। रूहानियत के इतिहास में आपजी का यह महान परोपकार मील का पत्थर साबित हुआ जब आप जी ने वचन फरमाए कि हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे। सामान्यत: सतगुरु का देह रूप में वियोग शिष्य के लिए सबसे असहनीय होता है, परंतु पूजनीय परम पिता जी ने यह स्पष्ट कर दिया कि ‘हम जाएंगे ही नहीं, सदैव तुम्हारे (पूजनीय हजूर पिता जी के) रूप में रहेंगे।’ यह पवित्र वचन साध-संगत के लिए महापरोपकार तथा रूहानियत में अद्वितीय उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;">एमएसजी के रूप में ये वचन साकार हुए। पूजनीय बेपरवाह सांईं शाह मस्ताना जी महाराज व पूजनीय परम पिता जी से नाम प्राप्त करने वाले जीव अपने अनुभव बताते हैं कि उन्हें पूज्य हजूर पिता जी में शाह मस्ताना जी महाराज तथा परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के ही दर्शन होते हैं। Shah Satnam Ji</p>
<p style="text-align:justify;">पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने 25 जनवरी 1919 को श्री जलालआणा साहिब की पवित्र धरती पर पूजनीय पिता वरियाम सिंह जी और पूजनीय माता आस कौर जी के घर अवतार धारण किया। बचपन से ही आपजी का सामाजिक और धार्मिक जीवन प्रेरणा-स्त्रोत था। आपजी ने अपने सतगुरु शाह मस्ताना जी महाराज के प्रेम, भक्ति और श्रद्धा में महान बलिदान दिया। अपने सतगुरु जी के हुक्मानुसार अपनी बड़ी हवेली गिराकर संपूर्ण सामान सरसा दरबार ले आए। फिर सांईं जी के हुक्म अनुसार सर्द रात में सारा सामान डेरे के बाहर रख दिया। अगले दिन आपजी ने सारा सामान आई हुई साध-संगत में बाँट दिया। पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज जी ने इस महान बलिदान को देखकर अपार कृपा से भरपूर वचन फरमाए और समस्त साध-संगत के सम्मुख आपजी को पवित्र गुरगद्दी बख्शिश की। सांईं मस्ताना जी ने आपजी का नाम स. हरबंस सिंह जी से बदलकर सतनाम सिंह जी रख दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूजनीय परम पिता जी ने रूहानियत के इतिहास में नई मिसाल कायम करते हुए 23 सितंबर 1990 को पूजनीय गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को गुरगद्दी की बख्शिश की। आप जी सवा साल तक पूजनीय हजूर पिता जी के साथ स्टेज पर विराजमान रहे। पूजनीय परम पिता जी ने साध-संगत पर दया मेहर करते हुए स्पष्ट वचन फरमाए- ‘पूजनीय शाह मस्ताना जी के रूप में व अब इस शरीर में (पूजनीय परम पिता जी के रूप) में हमने ही साध-संगत की संभाल की और आगे भी संत जी (पूजनीय हजूर पिता जी) के रूप में हम ही संभाल करते रहेंगे।’</p>
<p style="text-align:justify;">परंपरा के अनुसार परमात्मा के हुक्म से संत अपना चोला बदलते हैं। 13 दिसंबर 1991 को पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने अपना नूरी चोला बदल लिया। किंतु आपजी पूज्य हजूर पिता जी के रूप में साध-संगत की दिन-दुगुनी, रात-चौगुनी संभाल कर रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत इस महीने को सेवा माह व 3 इन 1 एमएसजी भंडारे के रूप में मनाती है। 12 से 15 दिसंबर तक प्रतिवर्ष आँखों का मुफ्त शिविर लगाया जाता है, जिसने अब तक हजारों लोगों की अंधेरी जिंदगी में प्रकाश ला दिया है। सेवा की यह मशाल पूरे लौ के साथ जल रही है। सच्चे सतगुरु पालनहार को हमारा करोड़ों बार नमन। Shah Satnam Ji</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 09:03:48 +0530</pubDate>
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                <title>Water Management Plan : जल प्रबंधन पर बने प्रभावी योजना</title>
                                    <description><![CDATA[Water Management Plan : मात्र 15 या 20 दिन पहले दिल्ली में पानी की कमी से हाहाकार मची हुई थी। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार हरियाणा पर पानी न देने का आरोप लगा रही थी। भाजपा द्वारा भी दिल्ली में पानी के लिए दिल्ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे थे वहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/effective-plan-on-water-management/article-59512"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/water-manegement.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Water Management Plan : मात्र 15 या 20 दिन पहले दिल्ली में पानी की कमी से हाहाकार मची हुई थी। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार हरियाणा पर पानी न देने का आरोप लगा रही थी। भाजपा द्वारा भी दिल्ली में पानी के लिए दिल्ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे थे वहीं दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पानी की मांग को लेकर खुद अनशन पर बैठ गई थी। यह घटनाक्रम हर वर्ष होता है। मई-जून में पानी की किल्लत फिर जून-जुलाई में मानसून से पानी द्वारा तबाही। यह हाल अकेले दिल्ली का नहीं बल्कि लगभग सभी राज्यों का है।</p>
<h3>मानसून की पहली बारिश में ही दिल्ली अस्त-व्यस्त नजर आई</h3>
<p style="text-align:justify;">मानसून की पहली बारिश में ही दिल्ली अस्त-व्यस्त नजर आई। हरियाणा, पंजाब में भी जहां-जहां मानसून की बारिश हुई। कहीं पर सड़कें नदी का रूप धारण किए हुए थीं, तो कहीं दुकानों, घरों में पानी घूसा, पेड़ गिरे, बिजली के खंभे टूटे। जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ। यही ठीक है कि प्रकृति के आगे किसी का जोर नहीं चलता। लेकिन कुछ सावधानियों व संसाधनों के द्वारा इस प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है। समय रहते पानी निकासी के संसाधन दुरूस्त कर लिए जाएं, पानी निकासी के नालों की सही ढंग से साफ-सफाई हो, बिजली के कमजोर खंभों को समय अनुसार बदला जाए इत्यादि उपायों के द्वारा काफी हद तक आमजन के जीवन को विपरीत परिस्थितियों से बचाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जल संकट एक गंभीर और विश्वव्यापी चिंता का विषय है। इस विषय पर सरकार को विस्तृत योजना बनाने की आवश्यकता है ताकि गर्मियों में पानी का अभाव न हो और मानसून में पानी की वजह से नुकसान न हो। इसके लिए वर्षा के जल का संचयन, नदियों को जोड़ने की योजना इत्यादि पर गंभीरता से योजना बनाकर अमल में लाने की आवश्यकता है। इस प्रकार की योजनाओं से न केवल पानी की कमी से बचा जा सकेगा बल्कि बाढ़ इत्यादि से होने वाले नुकसान से भी काफी हद तक बचा जा सकेगा। Water Management Plan</p>
<p><a title="Income Tax Return: 28 ऐसे बैंक जहां आप 31 जुलाई से पहले भर सकते हैं आईटीआर और इतने समय में रिफंड!" href="http://10.0.0.122:1245/28-such-banks-where-you-can-fill-itr-before-31-july/">Income Tax Return: 28 ऐसे बैंक जहां आप 31 जुलाई से पहले भर सकते हैं आईटीआर और इतने समय में रिफंड!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 12:53:55 +0530</pubDate>
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                <title>Israel–Hamas War : शक्तिशाली देशों की जिद्द</title>
                                    <description><![CDATA[– Israel Hamas War – इजराइल-हमास के बीच चल रहा युद्ध (Israel Hamas War) थमने का नाम नहीं ले रहा। अमेरिका व अन्य शक्तिशाली देश शांति बहाली के प्र्रयासों की बजाए शक्ति संतुलन कायम रखने के लिए युद्ध की आग में घी डाल रहे हैं। अमेरिका ने इजरायल को एक अरब डॉलर के और हथियार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/israel-hamas-war-update/article-57686"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/israel-hamas-violence.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Israel Hamas War –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इजराइल-हमास के बीच चल रहा युद्ध (Israel Hamas War) थमने का नाम नहीं ले रहा। अमेरिका व अन्य शक्तिशाली देश शांति बहाली के प्र्रयासों की बजाए शक्ति संतुलन कायम रखने के लिए युद्ध की आग में घी डाल रहे हैं। अमेरिका ने इजरायल को एक अरब डॉलर के और हथियार देने का फैसला किया है, जिसका स्पष्ट सा अर्थ है कि महाशक्तियों के लिए साम्राज्यवाद की जिद्द और मनमानी करना इंसानियत से ऊपर हो गई है। चिंताजनक बात यह है कि विश्व स्तर की पंचायतें बेबस नजर आ रही हैं और मामला अब अंतरराष्ट्रीय अदालत में पहुंच चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">हैरानी इस बात की है कि जिन पश्चिमी देशों ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के विनाश को देखकर तौबा की थी और शांति के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों की स्थापना की थी, अब वही देश परमाणु युद्ध को छोड़कर पुन: विश्व युद्ध के रास्ते पर चल रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई उचित व आवश्यक है लेकिन निर्दोष फिलिस्तनियों व इजरायल के नागरिकों की बर्बादी समूह मानवता के खिलाफ एक बड़ा अपराध है। मौजूदा परिस्थितियों से स्पष्ट है कि युद्ध इजराइल और हमास के बीच नहीं बल्कि विश्व शक्तियों के बीच है। विश्व शक्तियां अपने प्रयोग व शक्ति प्रदर्शन के लिए इंसानियत की बलि न दें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 19 May 2024 10:26:04 +0530</pubDate>
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                <title>Health Facilities : फ्री हो स्वास्थ्य सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[– Health Facilities – केंद्र सरकार ने हृदय, लीवर और मधुमेह से जुड़ी 41 दवाएं सस्ती करने का फैसला किया है। दवा मूल्य निर्धारण करने वाली एजेंसी नेशनल ड्रग प्राइसिंग अथॉरिटी ने अपनी 123वीं बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया। दरअसल, आजकल यह रोग दुर्लभ नहीं रहे और 30 करोड़ से अधिक लोग इन बीमारियों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/health-facilities-in-india/article-57643"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/health-centers.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Health Facilities –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने हृदय, लीवर और मधुमेह से जुड़ी 41 दवाएं सस्ती करने का फैसला किया है। दवा मूल्य निर्धारण करने वाली एजेंसी नेशनल ड्रग प्राइसिंग अथॉरिटी ने अपनी 123वीं बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया। दरअसल, आजकल यह रोग दुर्लभ नहीं रहे और 30 करोड़ से अधिक लोग इन बीमारियों से पीड़ित हैं। लेकिन यह भी एक तथ्य है कि कई करोड़ से अधिक लोग इन बीमारियों के साथ जी रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं जिन्हें स्वास्थ्य जांच करवाने पर अपने रोग का पता चलता है। भले ही सरकार ने जनता के हित में यह फैसला लिया है, लेकिन आज की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यकता है कि देश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं (Health Facilities) फ्री में उपलब्ध करवाई जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे लोगों पर प्राइवेट कंपनियों के महंगे हेल्थ इंश्योरेंस के खर्च का बोझ भी घटेगा। कैंसर, हृदय, किडनी और लीवर की बीमारियों का तत्काल उपचार करवाना अति आवश्यक हो गया है। ऐसी भयानक बीमारियों के भारी भरकम खर्च के सामने सरकारी बीमा योजनाएं भी छोटी पड़ जाती हैं। बढ़ते प्रदूषण और कुछ अन्य कारणों से बीमारियां बड़े पैमाने पर बढ़ रही हैं। हार्ट में स्टंट, लीवर ट्रांसप्लांट और घुटनों का प्रत्यारोपण आजकल आम बात हो गई है। लीवर ट्रांसप्लांट करवाने का खर्च 20 लाख से भी अधिक तक पहुंच जाता है। इसी तरह गुर्दे बदलने पर भी 10 लाख के करीब खर्च आता है। यूं भी भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की चार प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और तीसरी बनने को तैयार है, इसलिए ऐसे देश में सभी नागरिकों तक निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचना जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
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                <pubDate>Sat, 18 May 2024 09:53:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Dengue Day : डेंगू के बारे में जागरुकता जरुरी</title>
                                    <description><![CDATA[– Dengue Day – आज देशभर में डेंगू दिवस (Dengue Day) मनाया गया है। इस दिवस की महत्ता जागरुकता के कारण है। बेशक हर वर्ष अगस्त से लेकर नवम्बर तक डेंगू के मरीज बड़ी संख्या में मिलते हैं परंतु बाकी महीनों अंदर ही मरीज मिल रहे हैं। रोग इतना घातक है कि सीधा लीवर पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/national-dengue-day-2024/article-57609"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/dengue.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Dengue Day –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आज देशभर में डेंगू दिवस (Dengue Day) मनाया गया है। इस दिवस की महत्ता जागरुकता के कारण है। बेशक हर वर्ष अगस्त से लेकर नवम्बर तक डेंगू के मरीज बड़ी संख्या में मिलते हैं परंतु बाकी महीनों अंदर ही मरीज मिल रहे हैं। रोग इतना घातक है कि सीधा लीवर पर असर करता है। जिस कारण मौत होने के आसार बन जाते हैं। एडीज नाम के मच्छर कारण यह बीमारी फैलती है। तसल्ली वाली बात यह हे कि जागरुकता के साथ इस बीमारी से बचना आसान है और सस्ता है। असल में घरों के आसपास सफाई न रखने के कारण यह बीमारी पनपती है। सफाई को सभ्याचार में शामिल करना जरुरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सफाई स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए। अच्छी बात है कि केन्द्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान चलाया हुआ है। जिसके तहत महानगरों-शहरों को सफाई के लिए सम्मानित किया जाता है। शहरों की दर्जाबंदी भी होती है। इस तरह केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय गांवों को भी सफाई के आधार पर सम्मानित करता है। अगर केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार की उक्त स्कीमों को पूरी दृढ़ता के साथ लागू किया जाए तो यह डेंगू की रोकथाम में बड़ी भूमिका निभाएंगी, सफाई का जिम्मा सिर्फ केन्द्रीय या प्रदेश सरकारों के स्वास्थ्य विभाग तक सीमित रखने की बजाय अन्य विभागों को सरगर्म होने की जरुरत है। इस अभियान में लोगों की भागीदारी भी अति आवश्यक है। लोग खुद भी सफाई रखें और अपने घरों के आसपास पानी न खड़ा होने दें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 10:24:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Artificial Intelligence : AI की नई आहट</title>
                                    <description><![CDATA[– Artificial Intelligence – Artificial Intelligence की ताकत को लेकर दुनिया में तमाम तरह की शंकाएं हों, लेकिन एक बात तय है कि भविष्य में बदलाव का सबसे बड़ा कारण एआई ही बनेगी। यह लगातार नई ताकतवर तकनीकों को जन्म दे रही है। इसी कड़ी में एआई तकनीक की गुणवत्ता से लैस सर्च इंजन के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/artificial-intelligence/article-57563"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/artificial-intelligence.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Artificial Intelligence –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">Artificial Intelligence की ताकत को लेकर दुनिया में तमाम तरह की शंकाएं हों, लेकिन एक बात तय है कि भविष्य में बदलाव का सबसे बड़ा कारण एआई ही बनेगी। यह लगातार नई ताकतवर तकनीकों को जन्म दे रही है। इसी कड़ी में एआई तकनीक की गुणवत्ता से लैस सर्च इंजन के सामने आने की बात कही जा रही है है। कहा जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित यह सर्च इंजन कालांतर गूगल के सर्च इंजन की बादशाहत को चुनौती दे सकता है। अभी गूगल का सर्च इंजन हर कंप्यूटर और हरेक स्मार्टफोन में मौजूद है, पर जब ओपनएआई का कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाला सर्च इंजन सक्रिय हो जाएगा, तो स्थितियां बदलेंगी। माइक्रोसॉफ्ट समर्थित ओपनएआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अभी सबसे आगे है। चैटजीपीटी भी ओपन एआई का अब तक का सफलतम उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब नए सर्च इंजन के आने से ओपन एआई के चैट जीपीटी की क्षमताओं में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे यह वेब से वास्तविक समय में या तत्काल जानकारी प्राप्त कर सकेगा। यह अक्सर कहा जा रहा है कि चैट जीपीटी काफी मशीनी या एकरूपता वाले पाठ पेश कर रहा है, जबकि बाजार में ज्यादा विविधता वाले ऐसे पाठों की जरूरत है, जो मशीनी नहीं, बल्कि ज्यादा मानवीय लगें। सरकारों को मौजूदा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि आज देश की अधिकतर व्यवस्थाएं इंटरनेट पर टिकी हैं। इसके नियमन के लिये सख्त कानून बनाये जाने चाहिए। पश्चिमी जगत के विशेषज्ञ भी मनुष्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के खतरों के लिये तैयार करने की सलाह दे चुके हैं। ऐसे में इस दिशा में सावधानी के साथ चलने की आवश्यकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 10:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Drug Trafficking : नशा तस्करी पर लगाम जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[– Drug Trafficking – हाल ही में पंजाब पुलिस ने 70 लाख से अधिक नशीली गोलियों के रैकेट का भंडाफोड़ किया। गिरफ्तार व्यक्ति हिमाचल प्रदेश की एक फैक्ट्री से पांच राज्यों में नशीली दवाएं सप्लाई कर रहे थे। भले ही गिरफ्तारियों और बरामदगी से नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला आंशिक रूप से टूटी है, लेकिन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/it-is-necessary-to-control-drug-trafficking/article-57443"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/drugs1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Drug Trafficking –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में पंजाब पुलिस ने 70 लाख से अधिक नशीली गोलियों के रैकेट का भंडाफोड़ किया। गिरफ्तार व्यक्ति हिमाचल प्रदेश की एक फैक्ट्री से पांच राज्यों में नशीली दवाएं सप्लाई कर रहे थे। भले ही गिरफ्तारियों और बरामदगी से नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला आंशिक रूप से टूटी है, लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि पता नहीं यह सप्लाई कब से हो रही थी और अब तक कितने लोगों तक पहुंच चुकी है। दूसरा सवाल भी अहम है कि पिछले एक दशक से अलग-अलग राज्यों की पुलिस नशे के खिलाफ काम कर रही है, जिसके मुताबिक अब तक नशे की तस्करी (Drug Trafficking) खत्म हो जानी चाहिए थी, लेकिन इतनी बड़ी पुलिस व्यवस्था होने के बावजूद भी नशे का काला कारोबार निर्विघ्न जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि गिरफ्तार तस्करों के पीछे शक्तिशाली लोगों का हाथ है, जिनकी शह पर इतने बड़े स्तर पर नशा तस्करी हो रही थी। वे कई राज्यों की पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद भी अपना कारोबार कर रहे थे। शक्तिशाली लोगों का शिकंजे में न आना भी नशे नहीं रुकने का कारण है। यह भी स्वीकार करना होगा कि सरकार की नशा विरोधी नीतियों, पुलिस ढांचे और सामाजिक जागरूकता में कहीं न कहीं कमी है, जिसके कारण नशीली दवाओं की तस्करी जारी है। हमारी व्यवस्था को इतना मजबूत होना चाहिए कि नशा तस्करी निरंतर व बेलगाम न रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 14:02:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Palestine : फिलिस्तीन को विश्वव्यापी समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[– Palestine UN Membership – Palestine को संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनाने के समर्थन में कुल 193 सदस्य देशों में से भारत सहित 143 देशों ने मतदान किया। इस प्रस्ताव के पास होने से फिलिस्तीन ने UN का सदस्य बनने के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यूएन महासभा फिलिस्तीन को पूर्ण सदस्यता तो नहीं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/palestine-un-membership-vote/article-57396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/united-nations1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Palestine UN Membership –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">Palestine को संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनाने के समर्थन में कुल 193 सदस्य देशों में से भारत सहित 143 देशों ने मतदान किया। इस प्रस्ताव के पास होने से फिलिस्तीन ने UN का सदस्य बनने के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यूएन महासभा फिलिस्तीन को पूर्ण सदस्यता तो नहीं दिला सकती, हालांकि इससे फिलिस्तीन को कुछ विशेष अधिकार मिलने की संभावना है। इस समर्थन से हिंसा के खिलाफ और फिलीस्तीन के आम नागरिकों की सुरक्षा के पक्ष में एक सशक्त संदेश गया है, लेकिन इजराइल हठधर्मिता पर कायम है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायली राजदूत ने गुस्से में चार्टर फाड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही इजरायल को पश्चिम देशों का समर्थन प्राप्त है, फिर भी उसे यह स्वीकार करना होगा कि आतंकवाद और नागरिकों को एक साथ नहीं देखा जा सकता। अधिकतर देश इजरायल के हमलों में आम फिलिस्तीन नागरिकों के हुए नुक्सान के खिलाफ हैं। जहां तक ​​भारत के समर्थन की बात है तो भारत हमेशा ही आतंकी कार्रवाईयों के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। भले ही अमेरिका सुरक्षा परिषद् में इजरायल का समर्थन कर रहा है, लेकिन हाल की घटनाओं ने पश्चिमी देशों को संकेत दिया है कि अब उसे आम नागरिकों के नुक्सान को लेकर अपनी जिम्मेवारी का एहसास करना होगा। पश्चिमी देशों को अपने निर्णयों पर पुन:विचार करने की दिशा में काम करना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 10:02:54 +0530</pubDate>
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                <title>Supreme Court : विज्ञापन पर अंकुश</title>
                                    <description><![CDATA[– Supreme Court on Advertisement – Supreme Court ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कड़ी आपत्ति व्यक्त की है कि कई मशहूर हस्तियां भी गलत और खतरनाक उत्पादों का विज्ञापन (Advertisement) कर मानवीय स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करते हैं। कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दरअसल, विज्ञापन का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/supreme-court-on-advertisement/article-57243"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/supreme-court-of-india1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Supreme Court on Advertisement –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">Supreme Court ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कड़ी आपत्ति व्यक्त की है कि कई मशहूर हस्तियां भी गलत और खतरनाक उत्पादों का विज्ञापन (Advertisement) कर मानवीय स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करते हैं। कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दरअसल, विज्ञापन का मामला बहुत खतरनाक है और पैसे के लालच में सेलिब्रिटीज उत्पाद की गुणवत्ता की जांच किए बिना ही विज्ञापन कर देते हैं और आम लोग अपने आइकन की बात पर भरोसा कर उत्पाद का इस्तेमाल करने लगते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बात केवल खाने-पीने की वस्तुओं की नहीं बल्कि बल्कि बाजार में ऐसे कॉस्मेटिक्स भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं, जिनका इस्तेमाल करने से कैंसर, टीबी, फेफड़ों का कैंसर तक हो सकता है। पश्चिमी जीवनशैली, पूंजीवाद और बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने मुनाफे के लिए मानव स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। इन खतरों के बीच चिकित्सा अनुसंधान को दबा दिया जाता है। आवश्यकता इस बात की है कि इन चिकित्सा अनुसंधान को स्वतंत्र और निष्पक्ष रखने के साथ-साथ अनुसंधान के लिए बजट में भी वृद्धि की जाए। केंद्र और राज्य सरकारों को मानवता की भलाई के लिए धोखाधड़ी और लालची कंपनियों के साथ-साथ मशहूर हस्तियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 May 2024 10:13:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Pet Dogs : पालतू कुत्तों का आतंक</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु में रॉटवीलर नस्ल के कुत्ते ने एक पांच वर्षीय बच्ची को बुरी तरह से नोच डाला। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं। रॉटवीलर के अलावा पिटबुल कुत्तों का आतंक भी चर्चा में रह चुका है। हैरानी की बात यह है कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/terror-of-pet-dogs/article-57202"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/pitbull-and-rottweiler-dog.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तमिलनाडु में रॉटवीलर नस्ल के कुत्ते ने एक पांच वर्षीय बच्ची को बुरी तरह से नोच डाला। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं। रॉटवीलर के अलावा पिटबुल कुत्तों का आतंक भी चर्चा में रह चुका है। हैरानी की बात यह है कि आवारा कुत्तों के काटने की खबरों के बीच पालतू कुत्तों (Pet Dogs) और आवारा कुत्तों के हमलों की भी खबरें आ रही हैं। कुत्तों के इस मामले को लेकर कोई सख्त नियम न होने के कारण घटनाएं हो रही हैं। राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और कड़े प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही केंद्र सरकार ने 23 खतरनाक नस्ल के कुत्तों पर प्रतिबंध लगाने के लिए राज्यों को पत्र लिखा है, लेकिन राज्यों ने इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिला प्रशासन और नगर पालिकाओं ने अपने स्तर पर अवश्य कदम उठाए हैं। कुछेक शहरों ने अपने स्तर पर कुछ नस्लों के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगा दिया है और सामान्य कुत्तों का पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया है। यह आवश्यक है कि किसी का शौक पड़ोसी के बच्चों के लिए जान का खतरा न बन जाए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 10:04:23 +0530</pubDate>
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                <title>Coaching Centres Industry : कोचिंग सेंटरों का चलन</title>
                                    <description><![CDATA[– Coaching Centres Industry – देश में निजी कोचिंग सेंटर (Coaching Centres Industry) आईएएस, आईपीएस और अन्य उच्च परीक्षाओं के लिए भारी-भरकम फीसें वसूल रहे हैं। कई ऐसे सेंटर हैं जो दो लाख से भी ज्यादा फीस ले रहे हैं। इन परिस्थितियों में मध्यम वर्ग के विद्यार्थी कोचिंग लेने से वंचित रह जाते हैं। केंद्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/coaching-centres-industry/article-57124"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/exam-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Coaching Centres Industry –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">देश में निजी कोचिंग सेंटर (Coaching Centres Industry) आईएएस, आईपीएस और अन्य उच्च परीक्षाओं के लिए भारी-भरकम फीसें वसूल रहे हैं। कई ऐसे सेंटर हैं जो दो लाख से भी ज्यादा फीस ले रहे हैं। इन परिस्थितियों में मध्यम वर्ग के विद्यार्थी कोचिंग लेने से वंचित रह जाते हैं। केंद्र व राज्य सरकारों को उच्च परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने स्तर पर निशुल्क कोचिंग का प्रबंध करवाना चाहिए, ताकि मध्यम व निम्न वर्ग के विद्यार्थियों को भी परीक्षाओं की अच्छी तैयारी का मौका मिल सके। कुछ निजी सेंटर विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भरमाने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये सेंटर ऐसे विज्ञापन जारी करते हैं जिनमें सफल उम्मीदवारों की संख्या यूपीएसई द्वारा जारी सूची से चार गुणा होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 933 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए थे, लेकिन विभिन्न कोचिंग सेंटरों ने 3500 से अधिक उम्मीदवारों के उत्तीर्ण होने का विज्ञापन जारी किए। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने कार्रवाई की और तीन सेंटरों पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया और 17 को नोटिस जारी किए। इसीलिए जरूरी है कि केंद्र व राज्य सरकारें विद्यार्थियों को भरमाने वाल विज्ञापनों पर सख्त निगरानी रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 10:35:07 +0530</pubDate>
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                <title>Palestine : फिलिस्तीन पर भारत का नजरिया सही</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में भारत ने इजराइल के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए फिलिस्तीन (Palestine) को एक स्वतंत्र देश बनाने का समर्थन किया है। फिलिस्तीन ने संयुक्त राष्ट्र में स्वतंत्र देश के लिए आवेदन किया था, जिसे अमेरिका ने वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर रद्द कर दिया था। दूसरी तरफ भारत ने आतंकवाद पर अपने सिद्धांतों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/palestine-application-for-un-membership/article-57060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/united-nations.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र में भारत ने इजराइल के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए फिलिस्तीन (Palestine) को एक स्वतंत्र देश बनाने का समर्थन किया है। फिलिस्तीन ने संयुक्त राष्ट्र में स्वतंत्र देश के लिए आवेदन किया था, जिसे अमेरिका ने वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर रद्द कर दिया था। दूसरी तरफ भारत ने आतंकवाद पर अपने सिद्धांतों के साथ कोई समझौता नहीं किया। भारत सरकार ने हमास की कार्रवाईयों की कड़ी निंदा की और और बंधकों की जल्द से जल्द रिहाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का यह रूख जहां इजरायल के युद्ध संबंधी अडियल रवैये का विरोध करता है, वहीं आतंकवाद के लिए भारतीय विचारधारा में कोई जगह नहीं। भले ही भारत सरकार के इस कूटनीतिक कदम के पीछे भारत और पश्चिम के बीच बढ़ रही दूरी है, लेकिन जिस तरह से इजराइली आॅपरेशन में आम फिलिस्तीनी मारे गए और हमास ने निर्दोष इजराइलियों पर अत्याचार किया उस संदर्भ में , भारत ने एक कड़ा फैसला लिया है जिसकी सराहना की जानी चाहिए। भारत एक मानववादी देश है जिसने युद्ध प्रभावित फिलिस्तीनी नागरिकों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी है और इस सहायता को जारी रखने की घोषणा की है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 03 May 2024 10:18:55 +0530</pubDate>
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