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                <title>Deadlock - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भारत-चीन गतिरोध: लगातार तीसरे दिन बात करेंगे सैन्य अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में पेगोंग झील के निकट पिछले सप्ताह के घटनाक्रम के बाद से भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच मुद्दों के समाधान के लिए आज लगातार तीसरे दिन भी बैठक हो रही है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता के बाद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-china-deadlock-military-officials-will-talk-for-the-third-consecutive-day/article-18047"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/india-china.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> पूर्वी लद्दाख में पेगोंग झील के निकट पिछले सप्ताह के घटनाक्रम के बाद से भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच मुद्दों के समाधान के लिए आज लगातार तीसरे दिन भी बैठक हो रही है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता के बाद आज सुबह दस बजे तीसरे दौर की वार्ता फिर शुरू हुई। चीन के अनुरोध पर चुशूल मोल्डो में हो रही बातचीत में पेगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर गत सप्ताह हुई घटनाक्रम से संबंधित मुद्दों पर बातचीत होगी। इस बातचीत का उद्देश्य ताजा घटनाक्रम के बाद एक बार फिर सीमा पर बने तनाव को कम करना और स्थिति को सामान्य बनाना है। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले दौर की दो वार्ताओं में किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने चीन , नेपाल और भूटान से लगती सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बलों को पूरी तरह चौकस और सतर्क रहने का आदेश दिया है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस को उत्तराखंड, अरूणाचल प्रदेश , हिमाचल प्रदेश , लद्दाख और सिक्किम में जबकि सीमा बल को नेपाल और भूटान सीमा पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार , चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे और सैन्य संचालन महानिदेशक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की और भविष्य की योजना पर चर्चा की। सिंह शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आज मास्को रवाना हो रहे हैं। इस बैठक में चीन के रक्षा मंत्री भी शामिल होंगे।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2020 13:11:26 +0530</pubDate>
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                <title>परमाणु समझौते पर जारी गतिरोध समाप्त हो: ईरान</title>
                                    <description><![CDATA[वियना/पेरिस (एजेंसी)। ईरान ने कहा है कि वह परमाणु पर्यवेक्षकों के साथ पूरी तरह से तब तक सहयोग नहीं करेगा जब तक कि परमाणु समझौते पर जारी गतिरोध समाप्त नहीं हो जाता। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने  एक बयान जारी कर यह बात कही। गत माह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ending-the-deadlock-on-the-nuclear-deal-iran/article-4004"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/iran.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span class="storydetails">वियना/पेरिस (एजेंसी)। </span></strong><span class="storydetails">ईरान ने कहा है कि वह परमाणु पर्यवेक्षकों के साथ पूरी तरह से तब तक सहयोग नहीं करेगा जब तक कि परमाणु समझौते पर जारी गतिरोध समाप्त नहीं हो जाता। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने  एक बयान जारी कर यह बात कही। गत माह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की थी। श्री ट्रम्प ने इस समझौते को अप्रासंगिक करार देते हुए ईरान पर अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को फिर से शुरू करने की भी घोषणा की थी।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="storydetails"> अमेरिका के इस समझौते से अलग होने के बाद से ही यूरोपीय देश इस समझौते को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी के विदेश तथा वित्त मंत्रियों ने अमेरिकी अधिकारियों को पत्र लिखकर ईरान परमाणु समझौते को बचाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता से अवगत कराया है। इसके अलावा तीनों देशों ने अमेरिका से ईरान में सक्रिय यूरोपीय कंपनियों को प्रतिबंधों से छूट देने का आग्रह किया है। </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="storydetails">ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खमनेई ने सोमवार को एक आदेश जारी कर यूरेनियम संवर्धन क्षमता में वृद्धि करने के लिए तैयारी करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत ईरान ने उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जतायी थी।</span></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Jun 2018 09:52:05 +0530</pubDate>
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