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                <title>WHO - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>WHO: हैजा से ग्रसित 31 देश, &amp;#8216;लगातार बढ़ रहा प्रकोप&amp;#8217;</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताज़ा रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि हैजा अब भी वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। वर्ष 2025 तक दुनिया के 31 देश इस बीमारी की चपेट में बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उपचार उपलब्ध होने के बावजूद 2024 में हैजा से होने वाली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/31-countries-affected-by-cholera-outbreak-is-constantly-growing/article-75695"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/who.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताज़ा रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि हैजा अब भी वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। वर्ष 2025 तक दुनिया के 31 देश इस बीमारी की चपेट में बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उपचार उपलब्ध होने के बावजूद 2024 में हैजा से होने वाली मौतों में 2023 की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। लगातार दूसरे वर्ष इस रोग ने 6,000 से अधिक लोगों की जान ली। वहीं, मामलों में भी लगभग पाँच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। WHO News</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्तुत आँकड़े वास्तविक स्थिति को कम करके दर्शाते हैं। हैजा विब्रियो कोलेरा नामक जीवाणु से फैलने वाला संक्रमण है, जो मुख्यतः अशुद्ध जल और दूषित भोजन के कारण तेजी से फैलता है। डब्ल्यूएचओ ने रिपोर्ट में बताया कि संघर्ष की परिस्थितियाँ, जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या का विस्थापन और स्वच्छ पेयजल व स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी इस रोग के प्रसार को बढ़ा रही हैं। वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में प्रभावित देशों की संख्या 45 से बढ़कर 60 हो गई।</p>
<h3>डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी</h3>
<p style="text-align:justify;">अफ्रीका, मध्य-पूर्व और एशिया इस रोग का सबसे अधिक बोझ झेल रहे हैं। कुल दर्ज मामलों में से लगभग 98 प्रतिशत इन्हीं क्षेत्रों से आए। इनमें से 12 देशों में दस-दस हजार से अधिक रोगी पाए गए, जबकि सात देशों में पहली बार बड़े पैमाने पर संक्रमण फैला। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि हैजा से निपटने के लिए सरकारों और समुदायों को मिलकर काम करना होगा। स्वच्छ जल और सुरक्षित स्वास्थ्य ढाँचे की उपलब्धता, लोगों को सही जानकारी, त्वरित इलाज और टीकाकरण आवश्यक है। साथ ही, निगरानी तंत्र को और मज़बूत करने तथा टीका उत्पादन पर अधिक निवेश करने की आवश्यकता बताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन ने यह भी बताया कि 2024 की शुरुआत में नए ओरल वैक्सीन यूविचोल-एस को अनुमोदन मिला, जिससे भंडार स्तर बेहतर हुआ। इसके बावजूद, वैक्सीन की बढ़ती मांग के कारण कई स्थानों पर दो-खुराक व्यवस्था को अस्थायी रूप से एक खुराक में बदलना पड़ा। केवल 2024 में ही 16 देशों को आपातकालीन उपयोग हेतु लगभग 4 करोड़ खुराकें भेजी गईं। फिर भी, 2024 और 2025 दोनों वर्षों में आपूर्ति की कमी बनी रही। WHO News</p>
<p><a title="Bed Tea Side Effects: जिन्हें सुबह-सुबह उठते ही चाहिए चाय उनके लिए जरूरी खबर, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गलत?" href="http://10.0.0.122:1245/bed-tea-side-effects/">Bed Tea Side Effects: जिन्हें सुबह-सुबह उठते ही चाहिए चाय उनके लिए जरूरी खबर, कहीं आप भी तो नहीं कर …</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 16:19:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WHO: लेबनान में 72 चिकित्साकर्मियों और मरीजों की मौत: डब्ल्यूएचओ</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा (एजेंसी)। World Health Organization: लेबनान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर 17 सितंबर से 23 हमले हुए हैं, जिनमें 72 लोग मारे गए और 43 अन्य घायल हो गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में 207 प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों और औषधालयों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/seventy-two-medical-workers-and-patients-died-in-lebanon-who/article-63342"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/who.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जिनेवा (एजेंसी)।</strong> World Health Organization: लेबनान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर 17 सितंबर से 23 हमले हुए हैं, जिनमें 72 लोग मारे गए और 43 अन्य घायल हो गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में 207 प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों और औषधालयों में से 100 वर्तमान में बंद हैं। संगठन ने बताया कि लेबनानी स्वास्थ्य सुविधाओं में आपूर्ति कम हो गई है। गौरतलब है कि इजरायल एक अक्टूबर से दक्षिणी लेबनान में लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह के खिलाफ हवाई हमले जारी रखते हुए जमीनी अभियान भी चला रहा है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली हमलों में वृद्धि के बाद से लेबनान में मरने वालों की संख्या 2,300 से अधिक हो गई है। Geneva News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab By Election: चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 13 नवंबर को" href="http://10.0.0.122:1245/voting-for-by-elections-on-four-assembly-seats-of-punjab-will-be-held-on-november-thirteen/">Punjab By Election: चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 13 नवंबर को</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 16:11:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सच कहूँ इंपैक्ट:- कैंसर व लीवर की नकली दवाओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय व केंद्रीय विनियामक को मानवाधिकार आयोग का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[आयोग ने चार सप्ताह में रिपोर्ट तलब की, जताई चिंता | Hisar News हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। भारत के बाजारों में कैंसर व लीवर की नकली दवाएं बिकने के संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कड़ा संज्ञान लेने के बाद अब भारतीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/human-rights-commissions-notice-to-health-ministry-and-central-regulator-regarding-fake-medicines-for-cancer-and-liver/article-52308"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/hisar-news-5.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आयोग ने चार सप्ताह में रिपोर्ट तलब की, जताई चिंता | Hisar News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> भारत के बाजारों में कैंसर व लीवर की नकली दवाएं बिकने के संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कड़ा संज्ञान लेने के बाद अब भारतीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव व ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है। मानवाधिकार आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग व ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया से चार सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है। ध्यान रहे कि 12 सितंबर के दैनिक ‘सच कहूँ’ ने अपने प्रथम पृष्ठ पर ‘नकली दवाएं ले रही जान, सरेआम बिक रहे कैंसर व लीवर के नकली इंजेक्शन’ शीर्षक से टॉप स्टोरी पब्लिश की थी। Hisar News</p>
<h3 style="text-align:justify;">नकली दवा बेचने वालों में मची खलबली</h3>
<p style="text-align:justify;">जनहित का यह मुद्दा सच कहूँ में प्रकाशित होने के बाद कैंसर व लीवर की नकली दवाई बेचने वाले सौदागरों में खलबली मची हुई थी। सबसे चिंतनीय स्थिति यह थी कि मानवाधिकारों के खिलाफ चलने वाले इस गोरखधंधे का भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय व ड्रैग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को मालूम भी नहीं था। इसके बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वयं भारत सरकार को अलर्ट करते हुए नकली दबाव बेचने के संबंध में रोक लगाने की चेतावनी दी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस चेतावनी के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने राज्य के ड्रग कंट्रोलर, चिकित्सकों और मरीजों कैंसर की एडसेट्रिस व लीवर की डिफिटेलियो नामक दो दवाओं को लेकर सतर्क किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऑनलाइन बिक रहे इंजेक्शन | Hisar News</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सहित चार देशों में पाए गए कैंसर के एडसेट्रिस इंजेक्शन 50 एमजी की नकली दवा किसी न किसी माध्यम से रोगी तक पहुंच जाती है। खास बात यह है कि यह नकली दवाइयां अनियमित आपूर्ति यानी ऑनलाइन तरीके से बेची जा की जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट को बनाया आधार</h3>
<p style="text-align:justify;">ऐसी स्थिति में जब कैंसर में लीवर जैसी गंभीर बीमारी से मैरिज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा हो तब यदि उसे नकली दवाई और दे दी जाए तो सीधे तौर पर एक तरफ जहां मानव अधिकारों का हनन माना जाता है, वहीं मरीज के साथ भी नाइंसाफी होती है। भारतीय मानवाधिकार आयोग ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में केंद्र और आषधि विनियामक को नोटिस दिए जाने की जानकारी देते हुए कहा है कि मीडिया की रिपोर्ट की सामग्री अगर सही है, तो यह मानव अधिकारों का उल्लंघन है। Hisar News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="राष्ट्रपति मुर्मु ने किया आयुष्मान भव: अभियान का वर्चुअल शुभारम्भ" href="http://10.0.0.122:1245/president-murmu-virtually-inaugurated-ayushman-bhava-campaign/">राष्ट्रपति मुर्मु ने किया आयुष्मान भव: अभियान का वर्चुअल शुभारम्भ</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Sep 2023 21:36:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डब्लूएचओ ने भारत में बिक रही नकली दवाओं पर लिया संज्ञान, भारत सरकार को किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[चिंतनीय, दुनिया के 20 फीसदी कैंसर मरीज अकेले भारत में | Hisar News बीमारी नहीं नकली दवाई ले रही जान सरेआम बिक रहे कैंसर व लीवर के नकली इंजेक्शन | Hisar News हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। दुनिया के 20 फ़ीसदी कैंसर (Cancer) के मरीज अकेले भारत में होने के बावजूद भी भारत के बाजारों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fake-cancer-and-liver-injections-are-being-sold-openly/article-52217"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/who.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">चिंतनीय, दुनिया के 20 फीसदी कैंसर मरीज अकेले भारत में | Hisar News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>बीमारी नहीं नकली दवाई ले रही जान</li>
<li>सरेआम बिक रहे कैंसर व लीवर के नकली इंजेक्शन | Hisar News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> दुनिया के 20 फ़ीसदी कैंसर (Cancer) के मरीज अकेले भारत में होने के बावजूद भी भारत के बाजारों में कैंसर व लीवर की नकली दवाएं धड़ल्ले से बिक रही हैं। पर चिंता की बात यह है कि इस बात का भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया कार्यालय को पता ही नहीं था। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को इसकी जानकारी खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दी गई है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में बिकने वाली नकली दवाओं पर खड़ा संज्ञान लिया है। इतना ही नहीं डब्लूएचओ ने इन नकली दवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। Hisar News</p>
<h3 style="text-align:justify;">8 अलग-अलग नकली वर्जन भारतीय बाजार में उपलब्ध | Hisar News</h3>
<p style="text-align:justify;">डब्लूएचओ की तरफ से अलर्ट जारी करने के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया राजीव रघुवंशी ने माना कि देश में लीवर की दवा डिफिटेलियो और कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एडसेट्रिस के आठ अलग-अलग नकली वर्जन भारतीय बाजार में मौजूद हैं। अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ड्रग कंट्रोलर को इन दवाओं पर नजर रखने के लिए कहा गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत सहित 4 देशों में फैला जाल</h3>
<p style="text-align:justify;">डीसीजीआई ने बताया कि भारत सहित चार देशों में एडसेट्रिस इंजेक्शन के कई नकली वर्ज़न मौजूद हैं। इन नकली दवाओं की सप्लाई ऑनलाइन होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से जारी आंकड़ों के अनुसार विश्व के 20 फ़ीसदी कैंसर मरीज भारत में है। कैंसर से हर साल 75 हजार लोगों की मौत हो रही है। इसके अलावा भारत में लीवर की बीमारी से करीब ढाई लाख लोगों की मौत होती है। इसके बावजूद भी देश के ट्रक कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया नकली दवाओं को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसा होता तो विश्व स्वास्थ्य संगठन से पहले यह जानकारी डीसीजीआई कार्यालय में होती।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत</h3>
<p style="text-align:justify;">अभी भी समय रहते यदि नकली दवाइयां बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ध्यान रहे कि कोविड-19 की तीसरी लहर जब पीक पर चल रही थी,उस वक्त भी भारत मे रेमडिसिवर इंजेक्शन की मांग बढ़ते ही नकली इंजेक्शन व ब्लैक मार्केट का काम शुरू हो गया था। पर इनमें से अधिकतर लोगों को राहत मिल चुकी है। Hisar News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Weather News: अब टूट सकता है मॉनसून ब्रेक! 15 के बाद बूंदाबांदी के आसार" href="http://10.0.0.122:1245/monsoon-break-may-break-now-chances-of-drizzle-after-15/">Weather News: अब टूट सकता है मॉनसून ब्रेक! 15 के बाद बूंदाबांदी के आसार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fake-cancer-and-liver-injections-are-being-sold-openly/article-52217</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Sep 2023 15:50:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Cholera: हैजा से 30 लोगों की मौत, डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[मोगादिशू (एजेंसी)। Cholera: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमालिया में हैजा के कारण जनवरी से अब तक 30 लोगों की मौत के बाद लोगों की जान बचाने और हैजा फैलने से रोकने के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि सोमालिया में 2022 से 28 जिलों में और 2017 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cholera-killed-30-people-who-expressed-concern/article-50989"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/cholera.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मोगादिशू (एजेंसी)।</strong> Cholera: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमालिया में हैजा के कारण जनवरी से अब तक 30 लोगों की मौत के बाद लोगों की जान बचाने और हैजा फैलने से रोकने के लिए अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि सोमालिया में 2022 से 28 जिलों में और 2017 के सूखे के बाद से बनादिर क्षेत्र में हैजा का निर्बाध संचरण हुआ है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘2023 के महामारी विज्ञान सप्ताह 1 के बाद से सोमालिया के 28 जिलों में हैजा के कारण 30 लोगों की मौत हुयी है और इसके कुल 11,704 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ ने कहा कि जुलाई के अंत में सोमालिया 28 जिलों में लगभग 235 नए संदिग्ध मामले सामने आए, लेकिन राहत की बात यह है कि इसके कारण किसी की मौत नहीं हुयी। डब्ल्यूएचओ के अनुसार उपर्युक्त जिलों से रिपोर्ट की गई कुल मृत्यु दर 0.3 प्रतिशत है, जो एक प्रतिशत से अधिक की आपातकालीन सीमा से नीचे है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, ‘डब्ल्यूएचओ और स्वास्थ्य संस्थाओं ने जुबलैंड राज्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए सूखा प्रभावित जिलों में हैजा प्रतिक्रिया हस्तक्षेपों के कार्यान्वयन को बढ़ाया है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि सोमालिया में भारी बारिश के कारण अचानक और नदी में बाढ़ आने से जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 09 Aug 2023 12:10:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डब्ल्यूएचओ का बड़ा खुलासा- शराब सेवन की कोई सुरक्षित सीमा नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[कितनी भी पियो नुकसान ही नुकसान नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। शराब के सेवन की कोई सुरक्षित सीमा नहीं है और किसी भी मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा ‘लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित एक बयान में यह जानकारी सामने आई है। कैंसर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/who-big-disclosure-there-is-no-safe-limit-of-alcohol-consumption/article-42346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/who1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कितनी भी पियो नुकसान ही नुकसान</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> शराब के सेवन की कोई सुरक्षित सीमा नहीं है और किसी भी मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा ‘लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित एक बयान में यह जानकारी सामने आई है। कैंसर पर शोध करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने एस्बेस्टस (रेशेदार खनिज), विकिरण और तंबाकू के साथ ही शराब को उच्च जोखिम वाले समूह-1 ‘कार्सिनोजेन’ (कैंसर कारक) के रूप में वगीर्कृत किया है, जो दुनियाभर में कैंसर रोग का कारण बन रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी, हड़कंप" href="http://10.0.0.122:1245/union-minister-nitin-gadkari-receives-death-threat/">नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी, हड़कंप</a></p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी ने पहले पाया कि शराब का सेवन कम से कम सात प्रकार के कैंसर का कारण बनता है, जिसमें आंत का कैंसर और स्तन कैंसर सबसे आम हैं। शराब जैविक तंत्र के माध्यम से कैंसर का कारण बनता है क्योंकि यौगिक शरीर में टूट जाते हैं, जिसका अर्थ है कि अल्कोहल युक्त कोई भी पेय, चाहे इसकी मात्रा और गुणवत्ता कैसी भी हो, कैंसर का खतरा पैदा करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ के बयान में सामने आई ये बात</h3>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ के बयान के मुताबिक, यूरोपीय क्षेत्र में वर्ष 2017 के दौरान कैंसर रोग के 23,000 नये मामले सामने आये थे, जिनमें से 50 फीसदी का कारण शराब की हल्के से मध्यम (प्रतिदिन शुद्ध अल्कोहल की 20 ग्राम से कम मात्रा) मात्रा का सेवन रहा था। बयान में कहा गया, ‘वर्तमान में उपलब्ध साक्ष्य उस सीमा का संकेत नहीं दे सकते, जिस पर शराब के कैंसर कारक वाले प्रभाव शुरू होते हैं और शरीर में नजर आने लगते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा लगातार कर रहा लोगों का जागरूकशराब की हानियों के बारे में डेरा सच्चा सौदा अपनी स्थापना से बताता आ रहा है और करोड़ों लोगों को जागरूक कर चुका है। इस बाबत मौजूदा समय में पूज्य गुरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां डेप्थ मुहिम भी शुरू की है, जो पूरे देश से नशों के खात्मों के लिए एक जनक्रांति बन गई है। भारत के विभिन्न राज्यों में हर रोज लोग शराब, स्मैक, हैरोइन, चिट्टा इत्यादि नशा इस मुहिम के तहत छोड़ रहे हैं व अपना जीवन सुधार रहे हैं।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jan 2023 18:14:15 +0530</pubDate>
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                <title>WHO को उम्मीद, वर्ष 2023 में समाप्त हो सकती है कोरोना महामारी</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा (एजेंसी)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने उम्मीद जताई है कि कोविड-19 महामारी 2023 में समाप्त हो जाएगी। टेड्रोस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कोविड-19 निस्संदेह अभी भी चर्चा का एक प्रमुख विषय है, लेकिन मुझे विश्वास है और उम्मीद है कि सही प्रयासों से इस साल यह सार्वजनिक स्वास्थ्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/who-about-corona-epidemic/article-41935"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/who.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जिनेवा (एजेंसी)।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने उम्मीद जताई है कि कोविड-19 महामारी 2023 में समाप्त हो जाएगी। टेड्रोस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कोविड-19 निस्संदेह अभी भी चर्चा का एक प्रमुख विषय है, लेकिन मुझे विश्वास है और उम्मीद है कि सही प्रयासों से इस साल यह सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नैदानिक देखभाल, टीकों और उपचारों में सुधार के कारण दुनिया अब कुछ साल पहले की तुलना में “काफी बेहतर स्थित ” में है। उन्होंने कहा कि “परीक्षण, उपचार और टीकाकरण तक पहुंच” में अभी भी काफी असमानताएं हैं और अंतत: कोरोना मानव स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और समाज के लिए बड़े पैमाने पर “एक खतरनाक वायरस” बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस का पहला मामला चीन के वुहान में दिसंबर 2019 में दर्ज किया गया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चीन मुफ्त में कोविड वैक्सीन देने के अपने प्रस्ताव पर कायम है अमेरिका: पियरे</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका चीन को कोविड-19 के टीके मुफ्त में भेजने के अपने प्रस्ताव पर कायम है, लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार करना चीन पर निर्भर है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता काराइन जीन-पियरे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने चीन को टीके और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अन्य सहायता की पेशकश की है। चीन ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया है कि वे प्रस्ताव की सराहना करते हैं और उन्हें समर्थन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अपने प्रस्ताव पर कायम रहेंगे, लेकिन चीन को इस बारे में निर्णय के लिए नहीं बोल सकते हैं।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jan 2023 11:44:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जलवायु परिवर्तन से वैश्विक हैजा बढ़ने की आशंका: डब्ल्यूएचओ</title>
                                    <description><![CDATA[जेनेवा (एजेंसी)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि इस साल पूरे विश्व में जलवायु परिवर्तन से बड़े स्तर पर लोग हैजा से पीड़ित पाए गए हैं। हैजा और महामारी डायरिया रोगों के लिए डब्ल्यूएचओ टीम लीड डॉ. फिलिप बारबोजा के हवाले से संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि विश्व हैजा की चपेट में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/global-cholera-surge-likely-accelerated-by-climate-change-who/article-41096"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/who.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जेनेवा (एजेंसी)।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि इस साल पूरे विश्व में जलवायु परिवर्तन से बड़े स्तर पर लोग हैजा से पीड़ित पाए गए हैं। हैजा और महामारी डायरिया रोगों के लिए डब्ल्यूएचओ टीम लीड डॉ. फिलिप बारबोजा के हवाले से संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि विश्व हैजा की चपेट में है। उन्होंने कहा कि यह रोग पहले से कहीं अधिक घातक है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हिमाचल में सीमेंट फैक्ट्रियां बंद होने से मचा घमासान, नोटिस जारी" href="http://10.0.0.122:1245/notice-issued-due-to-closure-cement-factories-in-himachal/">हिमाचल में सीमेंट फैक्ट्रियां बंद होने से मचा घमासान, नोटिस जारी</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">चक्रवातीय तूफान के बाद आई बाढ़ का कहर</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बारबोजा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण एकबार फिर से हैजा के मामले और इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। डब्ल्यूएचओ हैजा विशेषज्ञ ने कहा कि हॉर्न आॅफ अफ्रीका और साहेल में चक्रवातीय तूफान के बाद आई बाढ़ से वहां तेजी से हैजा रोग फैल रहा है। गौरतलब है कि हैती, लेबनान, मलावी और सीरिया सहित अन्य देशों में यह बीमारी बड़े पैमाने पर पनप चुकी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विश्व में वैक्सीन की कमी</h3>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट के अनुसार, हैजा को रोकने के लिए विश्व में वैक्सीन की कमी है। पूरे विश्व में मात्र दो देश दक्षिण कोरिया और भारत निमार्ता के रूप में प्रति वर्ष तीन करोड़ टीके की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से निपटने के लिए इसकी डोज पर्याप्त मात्रा में मिलना कठिन है इसलिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय समूह (आईसीजी) ने हैजा के प्रकोप से निपटने के लिए अक्टूबर में अपनी वैश्विक टीकाकरण रणनीति को दो डोज से घटाकर एक करने का निर्णय लिया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, प्रत्येक वर्ष हैजा के 10 से 40 लाख मामले आते हैं और पूरे विश्व में इस बीमारी से करीब 21 हजार से एक लाख 43 हजार लोगों की मौत होती है। यह बीमारी दूषित भोजन करने और दूषित पानी पीने के कराण ज्यादा फैलती है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Dec 2022 18:26:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>युगांडा में इबोला से 44 लोगों की मौत: WHO</title>
                                    <description><![CDATA[कंपाला। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बुधवार को कहा कि पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा में इबोला के प्रकोप से 44 लोगों की मौत हुई है। टेड्रोस ने आज यहां संवादादाता सम्मेलन में कहा, “कुल मिलाकर अब तक 60 पुष्टि हुई है तथा 44 मौतों के साथ 20 संभावित मामले हैं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/ebola-kills-44-in-uganda-who/article-39142"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/ebola.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कंपाला।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बुधवार को कहा कि पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा में इबोला के प्रकोप से 44 लोगों की मौत हुई है। टेड्रोस ने आज यहां संवादादाता सम्मेलन में कहा, “कुल मिलाकर अब तक 60 पुष्टि हुई है तथा 44 मौतों के साथ 20 संभावित मामले हैं तथा 25 लोग ठीक हुए हैं। हम चिंतित हैं कि प्रभावित समुदायों में इसके फैलने और संपर्क अधिक विस्तार हो सकता है।” उन्होंने कहा कि सितंबर के आखिर में युगांडा के अधिकारियों ने संक्रमण से 21 लोगों की मौत की सूचना दी थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 में संक्रमण के सबसे अधिक 425 मामलों का पता चला था और 224 लोगों की मौत हुई थी।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Oct 2022 09:01:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>आखिर कफ सिरप से कैसे गई 60 बच्चों की जान?</title>
                                    <description><![CDATA[मेडेन की दवाओं पर जानकारी मांगी गयी WHO से | Maiden Pharmaceutical नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। गाम्बिया में कुछ बच्चों की मृत्यु के बाद एक भारतीय दवा कंपनी के उत्पादों पर सतर्कता बरतने की सलाह देने के मामले में केंद्र सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से पूरी जांच तथा परिणामों की जानकारी मांगी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/maiden-pharmaceutical-cough-syrup/article-38732"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/maiden-pharmaceutical.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>मेडेन की दवाओं पर जानकारी मांगी गयी WHO से | Maiden Pharmaceutical</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> गाम्बिया में कुछ बच्चों की मृत्यु के बाद एक भारतीय दवा कंपनी के उत्पादों पर सतर्कता बरतने की सलाह देने के मामले में केंद्र सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से पूरी जांच तथा परिणामों की जानकारी मांगी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस संबंध में डब्ल्यूएचओ से पूरी जांच और परिणामों को साझा करने के लिए कहा गया है। भारतीय औषधि गुणवत्ता नियंत्रक प्राधिकरण-सीडीएससीओ ने इस मामले पर हरियाणा राज्य औषधि नियामक प्राधिकरण के साथ मामला उठाया है। इस दवा कंपनी मेसर्स मेडेन फार्मास्युटिकल लिमिटेड (Maiden Pharmaceutical) की दवा निर्माण इकाई हरियाणा के सोनीपत में है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य औषधि नियंत्रक के सहयोग से मामले में तथ्यों और अन्य विवरणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू की गई है। सीडीएससीओ ने कंपनी के इन उत्पादों के नमूने क्षेत्रीय ड्रग टेस्टिंग लैब, चंडीगढ़ को परीक्षण के लिए भेजे गये हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सीडीएससीओ की प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि यह कंपनी ने प्रोमेथाजिन ओरल सॉल्यूशन बीपी, कोफेक्सनालिन बेबी कफ सिरप, माकॉफ बेबी कफ सिरप और माग्रिप एन कोल्ड सिरप (Cough Syrup) के लिए राज्य औषधि नियंत्रक से लाइसेंस प्राप्त किया है। इस कंपनी को केवल निर्यात के लिए इन उत्पादों के लिए विनिर्माण अनुमति दी गयी है। कंपनी ने इन उत्पादों का निर्माण और निर्यात केवल गाम्बिया को किया है। मंत्रालय ने कहा है कि आयातक देश गुणवत्ता मानकों पर इन आयातित उत्पादों का परीक्षण करता है और आयात करने का निर्णय लेने से पहले उत्पादों की गुणवत्ता से संतुष्ट होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय ने कहा है कि डब्ल्यूएचओ के अस्थायी परिणामों के अनुसार, जिन 23 नमूनों का परीक्षण किया गया था, उनमें से चार नमूनों में डायथाइलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है। WHO ने बताया है कि विश्लेषण का ब्यौरा भविष्य में डब्ल्यूएचओ को उपलब्ध कराया जाएगा और WHO इसे भारतीय नियामक के साथ साझा करेगा। मंत्रालय ने कहा है कि मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड को भारत में बिक्री के लिए लाइसेंस नहीं दिया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है गांबिया मामला?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ ने भारत में मेडेन फार्मास्यूटिकल्स की ओर से बनाए गए कफ और कोल्ड सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन चार सिरप के सैंपल की जांच की गई थी, उनमें भारत के मेडेन फार्मास्यूटिकल लिमिटेड द्वारा बनाई जा रही कफ कोल्ड सिरप शामिल हैं। आपको बता दें कि गाम्बिया में 60 बच्चों की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि इन बच्चों ने कोई कफ सिरप पीया था जिसकी वजह से इन बच्चों के गुर्दों में समस्या सामने आई। इसके बाद सरकार अब इन मौतों के पीछे कारणों की जांच कर रही है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Oct 2022 12:16:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में बने 4 कफ सिरप को डब्लूएचओ ने क्यों बताया जानलेवा? इन सिरप से 66 बच्चों की मौत?</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत की कंपनी के बनाए 4 कफ-सिरप (Indian Cough Syrup) को लेकर अलर्ट जारी किया है। डब्लूएचओ ने कहा कि ये प्रोडक्ट मानकों पर खरें नहीं उतरे हैं और ये सुरक्षित नहीं है, बच्चों में इनके इस्तेमाल से मौत का खतरा बढ़ सकता है। डब्लूएचओ ने कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/why-who-called-4-cough-syrups-made-in-haryana-lethal/article-38687"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/who.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत की कंपनी के बनाए 4 कफ-सिरप (Indian Cough Syrup) को लेकर अलर्ट जारी किया है। डब्लूएचओ ने कहा कि ये प्रोडक्ट मानकों पर खरें नहीं उतरे हैं और ये सुरक्षित नहीं है, बच्चों में इनके इस्तेमाल से मौत का खतरा बढ़ सकता है। डब्लूएचओ ने कहा कि गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत (Gambia Children Deaths) गुर्दों की हालत बेहद खराब होने की वजह से हुई है। बहुत मुमकिन है कि इन सिरप के इस्तेमाल के चलते ही बच्चों की मौत हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि इन कंपाउंड की वजह से भारत में भी बच्चों समेत 33 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन अभी तक इन पर बैन नहीं लगाया गया है। वहीं डब्लूएचओ (WHO) के अलर्ट के बाद भारत ने भी इसे लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल आॅफ इंडिया ने तुरंत केस को हरियाणा रेगुलेटरी आथॉरिटी के सामने उठाया है और इस जांच शुरू कर दी है। कफ सिरप को हरियाणा के सोनीपत में बनाया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>इन चार कफ सिरप को लेकर अलर्ट | Indian Cough Syrup</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">डब्लूएचओ (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने बीते दिन बताया कि यह 4 भारतीय कफ सिरफ गुर्दे को नुक्सान और गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत केस से जुड़ी है। डब्लूएचओ के अनुसार इसमें चार उत्पाद प्रोमेथाजिन सॉल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ सिरप, मकॉफ बेबी कफ सिरप व मैग्रीप एन कोल्ड सिरप हैं।</p>
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                <pubDate>Thu, 06 Oct 2022 14:33:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>WHO ने पाकिस्तान में दूसरी आपदा की संभावना पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाकिस्तान में ‘दूसरी आपदा : बीमारियों और मौतों की लहर की संभावना के मद्देनजर गहरी चिंता व्यक्त की है। जलवायु परिवर्तन के कारण पाकिस्तान में आयी अभूतपूर्व बाढ़ से देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया है वहीं इसकी चपेट में आकर 1,500 से अधिक लोगों की जानें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/who-expressed-concern-over-the-possibility-of-second-disaster-in-pakistan/article-37950"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/who1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाकिस्तान में ‘दूसरी आपदा : बीमारियों और मौतों की लहर की संभावना के मद्देनजर गहरी चिंता व्यक्त की है। जलवायु परिवर्तन के कारण पाकिस्तान में आयी अभूतपूर्व बाढ़ से देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया है वहीं इसकी चपेट में आकर 1,500 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी है। WHO के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने एक बयान में कहा, ‘मैं पाकिस्तान में दूसरी आपदा (Disaster in Pakistan) की संभावना को लेकर चिंतित हूं। जलवायु परिवर्तन से जुड़ी इस तबाही से देश के लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण लोग असुरक्षित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे हैजा और अन्य डायरिया संबंधी बीमारियां फैलने की आशंका है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">घेब्रेयसस ने कहा कि रुके हुए पानी से मच्छरों के पनपने तथा मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों को फैल रही है। करीब 20 हजार स्वास्थ्य केंद्रों के बाढ़ से घिर जाने के कारण लोगों को सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं सुलभ होना मुश्किल हो गया है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अगर हम स्वास्थ्य की रक्षा करने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए जल्दी से कार्य करते हैं, तो हम इस आसन्न संकट के प्रभाव को काफी कम कर सकते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/s-jaishankar-to-lead-the-indian-delegation-to-the-77th-session-of-the-un-general-assembly/"><strong>यह भी पढ़ें – संरा महासभा के 77वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे जयशंकर</strong></a></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पाकिस्तान में बाढ़ से मरेन वालों की संख्या 1,500 हुई</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान में इस मौसम की मानसूनी बारिश और बाढ़ के कारण जून के मध्य से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,545 हो गई है जबकि 12,860 घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने यह जानकारी दी। एनडीएमए की ओर से शनिवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में अलग-अलग बारिश या बाढ़ जनित हादसों में जान गंवाने वालों में 552 बच्चे और 315 महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसके अलावा, पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में 1,943,978 घर क्षतिग्रस्त हो गए और 943,909 पशुधन मारे गए। एनडीएमए द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इसके अतिरिक्त 81 जिले और अनुमानित 3,30,46,329 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Sep 2022 09:08:41 +0530</pubDate>
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