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                <title>कूड़े के ढेर में मिला चार महीने का भू्रण</title>
                                    <description><![CDATA[-पुलिस ने किया मामला दर्ज गन्नौर(सच कहूँ न्यूज)। रेलवे रोड स्थित शिव मंदिर पार्क के सामने रखे कूड़े के ढेर में एक भू्रण मिलने से सनसनी फैल गई और घटना स्थल पर स्थानीय लोगों का जमवाड़ा लग गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भू्रण को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2>-पुलिस ने किया मामला दर्ज</h2>
<p><strong>गन्नौर(सच कहूँ न्यूज)।</strong> रेलवे रोड स्थित शिव मंदिर पार्क के सामने रखे कूड़े के ढेर में एक भू्रण मिलने से सनसनी फैल गई और घटना स्थल पर स्थानीय लोगों का जमवाड़ा लग गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भू्रण को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल में भिजवा दिया। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार नगरपालिका कर्मचारी वीरवार को शहर से कचरा उठा रहे थे।</p>
<p>जब वे रेलवे रोड स्थित शिव मंदिर पार्क के सामने रखे कूड़ेदान से कचरा उठाने लगे तो उसमें खून से सना एक कपड़ा दिखा। जब उन्होंने कपड़ा खोल कर देखा तो उसमें 4 माह का भू्रण पड़ा मिला। अर्ध विकसित भू्रण खुले में पड़ा देख कर्मचारियों ने सफाई सुपरवाईजर शिवनारायण को इसकी सूचना दी। इस पर शिवनारायण मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस को मामले से अवगत करवाया।</p>
<p>इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मृत भ्रूण को उठवा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल में भिजवा दिया। अंदेश जताया जा रहा है कि क्षेत्र के किसी निजी अस्पताल में गर्भपात करवा कर भू्रण को कचरे के ढेर में फेंक दिया गया है। मामले को भ्रूण हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। शहर के लोगों ने मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। इस मामले में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jan 2019 18:45:44 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरसा में पांच माह में भरे गए पेयजल के 90 सैंपल, 37 पास तो 53 फेल</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के 10 से 12 इलाकों में पेयजल की स्थिति खराब मलेरिया रोधी माह के तहत मलेरिया के तीन केस मिले सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच माह के दौरान शहर के अलग-अलग वार्डों से पेयजल के 90 सैंपल भरे हैं। जिनमें से मात्र 37 सैंपल ही पास, जबकि 53 सैंपल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/90-samples-of-drinking-water-filled-in-five-months-in-sarasara-37-passed-53/article-4132"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/pani-sirsa.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">शहर के 10 से 12 इलाकों में पेयजल की स्थिति खराब</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मलेरिया रोधी माह के तहत मलेरिया के तीन केस मिले</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच माह के दौरान शहर के अलग-अलग वार्डों से पेयजल के 90 सैंपल भरे हैं। जिनमें से मात्र 37 सैंपल ही पास, जबकि 53 सैंपल फेल पाए गए हैं। शहर के वार्डों से भरे गए कुल 90 सैंपलों में से डेढ़ गुणा सैंपल फेल पाए गए हैं, जोकि चिंतनीय विषय है। साल-दर-साल जनसंख्या वृद्धि के चलते शहर के वार्डों में पेयजल की स्थिति गंभीर हो रही है। डॉ. दीप ने बताया कि पिछले पांच माह के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के सभी वार्डों से पेयजल के सैंपल भरे हैं। सैंपलिंग की जांच के दौरान पाया गया है कि शहर के 10/12 क्षेत्र ऐसे हैं। जहां पेयजल पीने योग्य तो है, लेकिन उसमें बैक्टीरिया की मात्रा अधिक है। जोकि बीमारियों को दावत देती हैं। जिन इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब हैं, उनमें रानियां रोड स्थित जंडी वाली गली, भाखड़ा काटॅन मील, चत्तरगढ़पट्टी, सिकलीगर मोहल्ला, इंद्रपुरी मोहल्ला, गांधी कॉलोनी, संजय कॉलोनी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इन क्षेत्रों में नजर बनाए हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है जून माह</h3>
<p style="text-align:justify;">मलेरिया अधिकारी डॉ. दीप गगनेजा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है। बरसाती मौसम को देखते हुए मलेरिया से निपटने के लिए विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। लोगों को घर-घर जाकर टीम सदस्यों की ओर से जागरूक किया जा रहा है। डा. दीप ने कहा कि इस अभियान में आमजन को भी विभाग का सहयोग करना होगा। ताकि समय रहते समस्या से निपटा जा सके। लोगों से आह्वान किया जा रहा है कि अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें, कूलरों में सप्ताह में पानी एक बार जरूर बदलें, छत पर टायर व अन्य ऐसा सामान न छोड़ें, जिनमें पानी ठहरे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी वार्डों में होता है नहरों का पानी सप्लाई, जांच का काम स्वास्थ्य विभाग का है</h3>
<p style="text-align:justify;">पब्लिक हैल्थ विभाग की ओर से शहर के सभी वार्डों में नहरी पानी की सप्लाई की जाती है। कई वार्डों में आबादी अधिक होने के कारण खपत ज्यादा है। इसलिए वार्डों में स्थापित ट्यूबवैलों का पानी सप्लाई कर खपत पूरी की जाती है। पानी की जांच का कार्य स्वास्थ्य विभाग का है।<br />
<strong>-एसडीओ आंचल जैन, पब्लिक हैल्थ सरसा।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jun 2018 09:11:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दो महीने भी नहीं चली मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह द्वारा तैयार पॉलिसी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (अशवनी चावला)। पंजाब के मुख्य मंत्री अमरिन्दर सिंह द्वारा मार्च माह में तैयार की गई अवैध कॉलोनियों को जायज करार देने की पॉलिसी 2 महीने भी चल नहीं पाई है व उलटे मुंह गिरते हुए असफलता का शिकार हो गई है, जिसे देखते हुए मौजूद हाऊसिंग विभाग के मंत्री तृप्त राजिन्द्र बाजवा ने इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/amarinder-singh-ready-policy-does-not-last-two-months/article-4051"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/punjab.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अशवनी चावला)। </strong>पंजाब के मुख्य मंत्री अमरिन्दर सिंह द्वारा मार्च माह में तैयार की गई अवैध कॉलोनियों को जायज करार देने की पॉलिसी 2 महीने भी चल नहीं पाई है व उलटे मुंह गिरते हुए असफलता का शिकार हो गई है, जिसे देखते हुए मौजूद हाऊसिंग विभाग के मंत्री तृप्त राजिन्द्र बाजवा ने इस पॉलिसी में फिर से संशोधन करवाना चाहते हैं, जिससे इस पॉलिसी के साथ न सिर्फ आम जनता को राहत मिले। (Amarinder Singh)</p>
<p style="text-align:justify;">बल्कि सरकार को भी हो रहे वित्तीय घाटे से बाहर निकाला जा सके। जानकारी अनुसार पंजाब के मुख्य मंत्री अमरिन्दर सिंह की तरफ से बीते मार्च माह के आखिर में विधान सभा सैशन दौरान अवैध कॉलोनियों को जायज करार देने के लिए पॉलिसी को पास करवाते हुए हरी झंडी दी गई थी। इस पॉलिसी के बाद सरकार को आशा थी कि आम लोगों को राहत मिलने साथ ही रूके हुए रजिस्ट्री के काम में तेजी आएगी व सरकार के पास अच्छा टैक्स के रूप में पैसा भी आएगा परंतु हुआ इससे बिल्कुल विपरीत है। (Amarinder Singh)</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह की तरफ के पास करवाई गई पॉलिसी 2 माह भी नहीं चल पाई और उलटे मुुंह गिरते हुए हर तरफ विरोध का सामना ही करने में लगी हुई है। हाऊसिंग विभाग पिछले माह कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिन्द्र बाजवा के पास आ जाने के बाद उन्होंने इस पॉलिसी संबंधी काफी अधिक जांच पड़ताल करते हुए कॉलोनीवासियोंं के साथ बैठकें भी की, जिसमें हर तरफ से इस पॉलिसी को ही गलत करार दिया गया। (Amarinder Singh)</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि इस पॉलिसी में बनाई गए नियम इतने अधिक सख़्त हैं कि कोई भी उनको पूरा नहीं कर सकता है, जिसके बाद अब तृप्त राजिन्द्र बाजवा ने इस पॉलिसी को फिर से विचार करने के लिए आदेश देते हुए मंगलवार को चंडीगढ़ में बैठक बुलाई है, जिसमें विभाग के उच्च आधिकारियों सहित फील्ड में से स्टाफ भी बुलाया गया है, जिससे वास्तव में परेशानियों व मौजूदा जमीनी हकीकत संंबंधी जानकारी हासिल हो सकें,जिसके बाद ही इसमें से जाने वाली जरूरी संशोधन का नक्षा तैयार किया जाएगा। (Amarinder Singh)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jun 2018 10:43:13 +0530</pubDate>
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