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                <title>संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत पैरोल मांगना भी क्यूं मीडिया के गले नहीं उतर रहा&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ( Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) हमेशा कानून का पालन करते आए हैं। 25 अगस्त 2017 को पंचकूला सीबीआई अदालत का पूज्य गुरू जी के विरुद्ध फैसला आया तभी से मीडिया का बहुत बड़ा वर्ग आंखों पर नफरत व स्वार्थ भरा चश्मा लगा मामले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/parole-for-saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan/article-8773"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-04/msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां<strong> ( Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan</strong>) हमेशा कानून का पालन करते आए हैं। 25 अगस्त 2017 को पंचकूला सीबीआई अदालत का पूज्य गुरू जी के विरुद्ध फैसला आया तभी से मीडिया का बहुत बड़ा वर्ग आंखों पर नफरत व स्वार्थ भरा चश्मा लगा मामले को सनसनीखेज बनाने में लग गया और पत्रकारिता के आदर्श-मूल्यों का राम-नाम स्वाहा हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आज जब पूज्य गुरू जी अपनी गोद ली हुई बेटी की शादी के लिए पैरोल की मांग कर रहे हैं तो मीडिया का एक तबका अदालत पर दबाव बनाने में लगा है ताकि पूज्य गुरू जी को पैरोल न मिल सके। जबकि ‘द हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिज़नर्स एक्ट 1988’ के तहत व्यक्ति अपनी बेटी, बेटे, पौत्र, पौत्री, बहन-भाई, बहन के पुत्र-पुत्री इत्यादि की शादी के लिए पैरोल ले सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब गुरु जी इसी आधार पर पैरोल की मांग कर रहे हैं तो मीडिया का ये तबका नफरत का चश्मा चढ़ा कर मनघढ़ंत खबरें गढ़ रहा है। छापा जा रहा है कि गुरुअंश इन्सां पूज्य गुरू जी की पुत्री ही नहीं है। जबकि सच्चाई ये है कि पूज्य गुरू जी द्वारा गोद ली गई 33 बेटियों में से एक गुरुअंश वही बेटी है जो ‘शाही बेटियां बसेरा’ में रहती थी। ये वो बेटियां थीं, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं था तथा इन्हें या तो इनके मां-बाप छोड़ गए या इन्हें झाड़ियों, सड़कों के किनारों से उठा कर डेरा सच्चा सौदा के ‘शाही बेटियां बसेरा’ में लाया गया व पाला पोसा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरू जी ने इन बेटियों को पिता का नाम दिया और पिता की तरह ही इनकी परवरिश की। वहीं जब सूत्रों के हवाले से मनघढंÞत खबरें छापने वाले मीडिया के कुछ लोगों को लगा कि पूज्य गुरू जी को पैरोल मिलने वाली है तब वे फिर उसी नफरत के चश्मे को पहन कर मनघढ़ंत खबरों को रूप देने में लग गए। हालांकि कुछेक मीडिया संस्थानों ने पूरी खबर तथ्यों के आधार पर छापी हैं लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है।</p>
<p>ऐसे में समाज के बुद्धिजीवी मान रहे हैं कि मीडिया का ये तबका न केवल समाज में अपना नाम खराब कर रहा है बल्कि संवैधानिक अधिकारों के तहत अपनी बात रखने वालों के प्रति अदालतों पर नफरत व झूठ का दबाव बनाने की कोशिशें कर रहा है। हालांकि अदालतें ऐसी खबरों के माध्यम से नहीं चलती। लेकिन मीडिया के इन लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि लोग जागरूक हैं और ऐसी खबरों से महज कुछ टीआरपी हासिल हो सकती परंतु इससे समाज में मीडिया का नाम जरूर बदनाम हो रहा है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>– अनिल कक्कड़</strong></p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Apr 2019 12:21:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरकार ने सिमी पर 5 साल के लिए प्रतिबंध बढ़ाया</title>
                                    <description><![CDATA[कहा- संगठन फिर से माहौल बिगाड़ने में जुटा नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर 5 और साल (Government Bans SIMI For 5 Years) के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है। सरकार का तर्क है कि संगठन माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों में जुटा है। सिमी पर 2014 में प्रतिबंध लगाया गया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">कहा- संगठन फिर से माहौल बिगाड़ने में जुटा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्र सरकार ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर 5 और साल (Government Bans SIMI For 5 Years) के लिए प्रतिबंध बढ़ा दिया है। सरकार का तर्क है कि संगठन माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों में जुटा है। सिमी पर 2014 में प्रतिबंध लगाया गया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सिमी की गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकना जरूरी</h2>
<p style="text-align:justify;">गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक- अगर सिमी की गैर-कानूनी गतिविधियों को तुरंत नियंत्रित नहीं किया गया (Government Bans SIMI For 5 Years) तो आने वाले वक्त में वह विध्वंसक साबित होंगी। सिमी देश का धर्म निरपेक्ष ढांचा खत्म करने में लगा हुआ है। गृह मंत्रालय ने 58 केसों की सूची बनाई थी जिसमें सिमी के सदस्य कथित रूप से शामिल थे। मंत्रालय ने यह भी कहा कि संगठन लोगों के मन में सांप्रदायिक नफरत फैला रहा है, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">2014 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम, 2017 में गया में हुए धमाके और 2014 में भोपाल जेल तोड़ने में सिमी के सदस्यों का हाथ बताया गया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक- मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल पुलिस ने सिमी नेताओं सफदर नागौरी, अबु फैसल समेत अन्य दोषियों के डिटेल दिए थे। सिमी सदस्यों पर बैंक डकैती, पुलिसकर्मियों की हत्या, धमाकों जैसे कई आरोप थे। 25 अप्रैल 1977 को उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में सिमी की स्थापना हुई थी। संगठन पर आरोप है वह भारत को इस्लामिक राज्य में बदलने के एजेंडे पर काम कर रहा है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Feb 2019 13:58:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बुलंदशहर: गोकशी मामले में दो बच्चों के नाम एफआईआर, पुलिस ने चार घंटे पूछताछ की</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने बुलंदशहर मामले में दो एफआईआर दर्ज बुलंदशहर। बजरंग दल नेता की शिकायत पर गोकशी मामले में दर्ज एफआईआर में दो ( Two Children Named FIR In Gokshi Case) नाबालिगों के नाम भी हैं। दोनों नाबालिगों की उम्र 11 और 12 साल है और दोनों चचेरे भाई हैं। पुलिस ने बुधवार को दोनों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bulandshahr-two-children-named-fir-in-gokshi-case/article-6823"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/bulandshahr-two-children-named-fir-in-gokshi-case-police-questioned-for-four-hours.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">पुलिस ने बुलंदशहर मामले में दो एफआईआर दर्ज</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>बुलंदशहर।</strong> बजरंग दल नेता की शिकायत पर गोकशी मामले में दर्ज एफआईआर में दो ( Two Children Named FIR In Gokshi Case) नाबालिगों के नाम भी हैं। दोनों नाबालिगों की उम्र 11 और 12 साल है और दोनों चचेरे भाई हैं। पुलिस ने बुधवार को दोनों को बुलाकर चार घंटे तक पूछताछ की। नाबालिगों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस बजरंग दल के नेता योगेश राज के दबाव में परेशान कर रही है। वहीं, पुलिस इसे जांच का हिस्सा बता रही है। बुलंदशहर के स्याना में सोमवार को गोकशी को लेकर हिंसा फैली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर योगेश की शिकायत पर गोकशी मामले में दर्ज की गई है। इसमें 7 लोगों के नाम हैं। वहीं, दूसरी एफआईआर हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में दर्ज किया गया। इसमें 27 के नाम हैं, 60 से ज्यादा अज्ञात हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पहली गोकशी, दूसरी हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में</h2>
<p style="text-align:justify;">नाबालिग बच्चे के पिता ने बताया-मेरे बेटे और भतीजे के खिलाफ गोकशी में एफआई दर्ज हुई है। पुलिस हमें थाने में ले गई और परेशान किया गया। हमें चार घंटे बैठाया गया, जबकि बच्चे बेकसूर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार देर रात अफसरों के साथ आवास पर बुलंदशहर में हुई हिंसा की घटनाअों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मारे गए छात्र सुमित के (Two Children Named FIR In Gokshi Case) परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। साथ ही गोकशी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा- बुलंदशहर की घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है। योगी ने कहा कि 19 मार्च 2017 से सूबे के सभी अवैध स्लॉटर हाउस बंद कर दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर कहीं अभी भी चल रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों की होगी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने को कहा। योगी ने निर्देश दिया कि प्रदेश में ऐसा अभियान चलाया जाए, जिससे माहौल खराब करने वाले तत्व बेनकाब हो सकें। मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर हिंसा मामले में सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">योगी को हिंसा के पीछे साजिश का शक, कहा- गोकशी करने वालों को पकड़ें</h2>
<p style="text-align:justify;">मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि अभी तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार ही लोगों को हिरासत में पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, हालात काबू में हैं। हमारी 6 टीमें छापेमारी कर रही हैं। वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान पर ही कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले में 27 लोगों को नामजद किया गया है। इन पर 17 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गोकशी मामले में शिकायतकर्ता योगेश राज हिंसा का मुख्य आरोपी है। घटना के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Dec 2018 14:30:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रोडवेज कर्मचारियों ने तीन दिन और बढ़ाई हड़ताल</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस संरक्षण में चली स्कूली बसें, विभाग ने स्कूल बसों का किया इस्तेमाल रोहतक (सच कहूँ न्यूज) प्रदेश सरकार की हठधर्मिता व रोडवेज कर्मचारियों के साथ किए गए समझौते से मुकरने के विरोध में रोडवेज तालमेल कमेटी ने शहर में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री की शव यात्रा निकाली और सहकारिता मंत्री कार्यालय के बाहर पुतला […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/roadways-employees-strike-for-three-days/article-6357"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/roadways-employees-strike-for-three-days-copy-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">पुलिस संरक्षण में चली स्कूली बसें, विभाग ने स्कूल बसों का किया इस्तेमाल</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज) </strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार की हठधर्मिता व रोडवेज कर्मचारियों के साथ किए गए समझौते से मुकरने के विरोध में रोडवेज तालमेल कमेटी ने शहर में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री की शव यात्रा निकाली और सहकारिता मंत्री कार्यालय के बाहर पुतला फूंका। साथ ही तालमेल कमेटी ने सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए तीन दिन और हडताल को जारी रखने का निर्णय लिया। कांग्रेस व इनेलो ने भी हडताली कर्मचारियों का समर्थन किया और सरकार से बिना देरी किए बातचीत करके कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की। शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों की हडताल चौथे दिन भी जारी रही। हडताल के चलते यात्रियों को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं रोडवेज विभाग द्वारा स्कूली बसो का इस्तेमाल किया। डिपो महाप्रबंधक राहुल जैन ने बताया कि हडताल के चलते यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए 35 प्राइवेट स्कूल बसो का संचालन किया जा रहा है। साथ ही 65 बसे स्टेट क्रैरिज योजना के तहत चलाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">हुडा सिटी पार्क में धरने पर बैठे रोडवेज तालमेल कमेटी के सदस्यों ने सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारी शहर में प्रदर्शन करते हुए मानसरोवर पार्क स्थित सहकारिता मंत्री आवास के बाहर पहुंचे और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार विभाग को निगम बनाना चाहती है, जिससे कर्मचारी किसी कीमत पर सहन नहीं करेगे। जब तक सरकार 720 प्राइवेट परमिट देने के निर्णय को वापिस नहीं लेती तथा कर्मचारियों पर दर्ज सभी मुकदमों को बिना शर्त वापिस नहीं लेती है तब तक हडताल जारी रहेगी। रोडवेज कर्मचारी नेता युद्धवीर दांगी, दीपक बल्हारा, जयभगवान कादियान ने बताया कि कमेटी ने तीन दिन और हडताल जारी रखने का निर्णय ले लिया है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने कर्मचारियों के साथ वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया तो हडताल अनिश्चितकाल की भी हो सकती है। कर्मचारी नेताओ ने आरोप लगाया कि सरकार रोडवेज विभाग में घाटा बताकर निगम बनाने का विचार कर रही है, जोकि कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग में 720 बसे हायर करने के फैसले के पीछे सरकार द्वारा अपने चहेतो को भारी मुनाफा कमाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार द्वारा 38 से लेकर 42 रूपये प्रति किलोमीटर पर बसे ठेके पर ली जा रही है, जबकि रोडवेज की बसो की आय औसतन 25 रूपये प्रति किलोमीटर है, जिससे रोडवेज विभाग को प्रति किलोमीटर 17 रूपये का घाटा होगा, जिसकी भरपाई जनता द्वारा दिए जा रहे टैक्स के पैसे से होगी। साथ ही प्रति बस पर पांच सरकारी रोजगार कम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी आज भी बातचीत के लिए तैयार, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Oct 2018 12:51:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सावधान! इस दीवाली पर 3 घंटे से ज्यादा नहीं चला पाएंगे पटाखे</title>
                                    <description><![CDATA[शाम 6:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक समय निर्धारित सच कहूँ चंडीगढ़। देश व दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने एक बार फिर से सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने न सिर्फ पटाखों को चलाने के लिए 3 घंटे का समय तय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/careful-fireworks-will-not-run-on-this-diwali-for-more-than-3-hours/article-6324"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/careful-fireworks-will-not-run-on-this-diwali-for-more-than-3-hours..jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">शाम 6:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक समय निर्धारित</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ चंडीगढ़।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">देश व दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने एक बार फिर से सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने न सिर्फ पटाखों को चलाने के लिए 3 घंटे का समय तय कर दिया है बल्कि इससे सीमा को लागू करने के लिए दोनों सरकारों को सख्त आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि इस समय प्रदूषण देश में विकराल रूप धारण करता जा रहा है दिवाली के त्यौहार के समय सभी की धार्मिक भावनाओं का भी सत्कार करना फर्ज है।इसके चलते पंजाब हरियाणा में पटाखे चलाने की इजाजत तो दी जा रही है, परंतु यह एक तय समय सीमा में ही चलाने होंगे। पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में दिवाली के समय पटाखे जलाने का समय शाम 6:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक तय किया है। पिछले साल 2017 में एक पटीशन पर सुनवाई करते हुए पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से किसी भी तरह का प्रदूषण फैलाने को लेकर पाबंदी लगाई गई थी। इस दौरान पिछले साल दिवाली के मौके हाई कोर्ट की तरफ से 3 घंटे पटाखे जलाने की परमिशन दी गई थी। अभी भी यह मामला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हर जिले में तैनात रहेगी पीसीआर:</strong> बुधवार को हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों के जिला उपयुक्त, पुलिस अधीक्षक को इस मामले में निर्देश जारी किए हैं कि वह दिवाली के मौके पर समय अवधि के दौरान ही पटाखे चलाने की इजाजत दे। इस दौरान हर जिले में पीसीआर वाहन तैनात करने के लिए भी कहा गया है ताकि जो लोग देर रात तक पटाखे चलाते हुए प्रदूषण फैलाने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा सके। यही पर हाईकोर्ट की तरफ से पटाखा व्यापारियों को दिए जाने वाले लाइसेंस को भी जारी करने में नए सिरे से नियम तैयार करने के लिए कहा गया है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 14:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एससी/एसटी कानून के विरोध में सवर्णों का भारत बंद</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार में ट्रेनें रोकीं, मध्यप्रदेश के 35 जिलों में हाईअलर्ट India Closed For SC / ST law नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर नया कानून बनाने के विरोध में सवर्ण संगठनों ने गुरुवार को भारत बंद बुलाया है। बंद का सबसे अधिक असर बिहार में देखने को मिल रहा है जहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/india-closed-for-sc-st-law/article-5749"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/india-closed-for-sc-st-law.jpg" alt=""></a><br /><h1>बिहार में ट्रेनें रोकीं, मध्यप्रदेश के 35 जिलों में हाईअलर्ट India Closed For SC / ST law</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर नया कानून बनाने के विरोध में सवर्ण संगठनों ने गुरुवार को भारत बंद बुलाया है। बंद का सबसे अधिक असर बिहार में देखने को मिल रहा है जहा टरेनों को राका गया है; जिसके चलते टरेनों की आवाजाही में कापफी अंतराल देखने को मिल रहा है। बता दे कि बिहार के दरभंगा, आरा और मुंगेर में भी प्रदर्शन हुए है। यहां प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोक दीं। मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में भी प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम किया। उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद, मध्यप्रदेश के ग्वालियर और भोपाल में सुबह बाजार बंद देखे गए। मध्यप्रदेश में कई स्कूल-कॉलेज बंद हैं। पेट्रोल पंपों को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखा गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संसद के मानसून सत्र में एक बिल पास कर संशोधित कानून बनाया गया था India Closed For SC / ST law</h2>
<p style="text-align:justify;">राज्य के 35 जिलों में हाईअलर्ट है। इससे पहले, दलित संगठनों ने भी 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। बता दें की संशोधित कानून के विरोध में पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के ग्वालियर स्थित आवास पर प्रदर्शन हुआ था। राज्य में मंत्री माया सिंह को काले झंडे दिखाए गए थे। विदिशा में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को विरोध का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के सामने भी नारेबाजी हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ते विरोध की वजह से पुलिस ने ग्वालियर में मंत्रियों के बंगलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी सांसद, मंत्री और विधायकों ने बुधवार और गुरुवार के तमाम सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। प्रशासन ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर और दतिया में धारा 144 लागू कर सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी।</p>
<p>एससी/एसटी एक्ट : फैसला, विरोध और संशोधित कानून : सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को एससी-एसटी अत्याचार निवारण एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और अग्रिम जमानत से जुड़े कुछ बदलाव किए थे। अदालत का कहना था कि इस एक्ट का इस्तेमाल बेगुनाहों को डराने के लिए नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। इस बंद का कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन भी किया था। इस दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में हिंसा हुई और 14 लोगों की मौत हुई थी।</p>
<p>चार राज्यों में सबसे ज्यादा प्रदर्शन हुए थे : अप्रैल में हुए प्रदर्शनों का सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश और राजस्थान में हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल को कहा था, “मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि जो कड़ा कानून बनाया गया है, उसे प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।” केंद्र सरकार पर विपक्ष और एनडीए के सहयोगी दल अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले बदलने की मांग कर रहे थे। इसके बाद केंद्र ने संसद के मानसून सत्र में एक बिल पास कर संशोधित कानून बनाया। सरकार का दावा है कि कानून अब पहले से भी सख्त है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/india-closed-for-sc-st-law/article-5749</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Sep 2018 12:10:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रेमी प्रीतम सिंह इन्सां बने शरीरदानी</title>
                                    <description><![CDATA[बेटियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा पटियाला/पातड़ां। गांव हर्याऊ कलां के निवासी सचखंडवासी प्रेमी प्रीतम सिंह इन्सां जो आज अपनी सांसारिक यात्रा पूरी कर कुल मालिक के चरणों में जा बिराजे थे उनके परिवार की ओर से उनका मृत शरीर डेरा सच्चा सौदा की पवित्र शिक्षाओं चलते मेडीकल रिसर्च के लिए दान किया गया। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pritam-singh-insan-body-donate-for-medical-research/article-5176"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/pritam-singh-insan-body-donate-for-medical-research.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">बेटियों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला/पातड़ां। </strong>गांव हर्याऊ कलां के निवासी सचखंडवासी प्रेमी प्रीतम सिंह इन्सां जो आज अपनी सांसारिक यात्रा पूरी कर कुल मालिक के चरणों में जा बिराजे थे उनके परिवार की ओर से उनका मृत शरीर डेरा सच्चा सौदा की पवित्र शिक्षाओं चलते मेडीकल रिसर्च के लिए दान किया गया। इस मौके गांव के सरपंच अजैब सिंह ने विशेष तौर पर पहुंच कर प्रेमी प्रीतम इन्सां के मृतक शरीर को मेडीकल रिसर्च के लिए राजिन्द्रा अस्पताल पटियाला के लिए झंडी देकर रवाना किया। इस मौके बड़ी संख्या में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के भाई व बहनों के अलावा, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में साध संगत ने अंतिम यात्रा में पहुंचे व ‘प्रेमी प्र्रीतम इन्सां अमर रहे’ के नारे भी लगाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके उनकी बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा दिया। इस मौके विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि इस परिवार ने डेरा सच्चा सौदा के साथ जुड़ा होने के कारण शरीर दान करने जैसा महान कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मेडीकल कॉलेजों के पास मृत मानवीय शरीरों की कमी रहती है। क्योंकि इस तरह शरीर दान करने से डॉक्टर विज्ञान की ओर से नयी रिसर्च की जाती हैं। जिस के निष्कर्ष के तौर पर आज शरीर के बहुत से अंग बदल कर कई जरूरतमंद लोगों के काम आ रहे हैं। खास कर आंखों की बहुत बड़े स्तर पर तबदीली हो रही है। गुर्दे भी बदले जा रहे हैं। वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वह डेरा प्रेमियों से शिक्षा लेकर अधिक से अधिक शरीर दान करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 13:14:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेवा से बड़ी हुई पद की लालसा</title>
                                    <description><![CDATA[कभी समय था जब पार्टी की ओर से गुरमुख सिंह मुसाफिर को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन मुसाफिर यह पद लेने से पीछे हट गए। बड़ी मुश्किल से उनके साथी नेताओं ने उन्हें मनाया। अब हालात यह हैं कि पद के लिए पार्टी ही तोड़ दी जाती है। पद व राजनीति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/the-desire-for-position-became-greater-than-service/article-5149"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/chair-is-more-important-then-service-for-govt-employee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कभी समय था जब पार्टी की ओर से गुरमुख सिंह मुसाफिर को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन मुसाफिर यह पद लेने से पीछे हट गए। बड़ी मुश्किल से उनके साथी नेताओं ने उन्हें मनाया। अब हालात यह हैं कि पद के लिए पार्टी ही तोड़ दी जाती है। पद व राजनीति एक दूसरे में इतने घुलमिल गए हैं कि पद शब्द एक तरफ कर दें तो राजनीति शब्द का कोई अर्थ नहीं रह जाता। ताजा मिसाल आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की है। खैहरा ने बठिंडा के अपने 7 विधायकों के सहयोग से कनवैंशन कर ली हालांकि उनके साथ दो अन्य विधायक तो इस कनवैंशन में नहीं आए। लोगों को एकत्रित करने के लिए जोर लगाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे वह किसी लोक मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हों। कनवैंशन का बड़ा मुद्दा यह था कि खैहरा को उनसे छीना गया विपक्ष के नेता का पद वापिस किया जाए। कनवैंशन में पहुंचे विधायकों ने भी मांग पर जोर दिया। इस घटना से शुरु से ही विवादों में उलझी आम आदमी पार्टी और भी घिर गई है। पार्टी के अंदर लोकतंत्र नहीं है क्योंकि नेता विपक्ष को बदलने के लिए विधायकों की बैंठकें नहीं हुई, फिर नेताओं को अनुशासन पसंद नहीं क्यों वह मीडिया में जाने की बजाए पार्टी मंच पर अपनी बात नहीं रख सके। खास पदों की दौड़ में आदर्श भटकते नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जनता के हितों की बात करने की बजाए सभी राज्यों की लीडरशिप को पद की लालसा ने अपनी चपेट में ले लिया है। कांग्रेस व अकाली-भाजपा दलों को ‘आप’ की दुर्दशा फायदेमंद साबित होगी। इस पार्टी के राष्टÑीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने पहली बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनते समय लोगों के सामने आदर्श रखा था कि वह सरकारी बंगला नहीं लेंगे। खैहरा की ओर से सरकारी कोेठी खाली करवाने के लिए कु छ दिनों की मोहलत मांगी गई थी। पंंजाब को इस समय जरूरत है सार्वजनिक मुद्दों की आवाज उठाने वाले नेताओं व पार्टियों की।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू हैं जो भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के लिए अपनी ही पार्टी के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इस तरह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सिद्धू की लड़ाई सरकार के साथ हो रही है। नवजोत सिद्धू के परिवार ने विरोध होने के कारण सरकार में दो अहम पद भी ठुÞकरा दिए। पदों के त्याग के लिए सिद्धू पूरे पंजाब के लिए मिसाल बन चुके हैं। राजनीति को सेवा मानना बड़ी बात है जो कहीं-कहीं पूरी होती भी दिख रही है। सिद्धू व खैहरा की मिसाल राजनीति के दो पहलुओं को प्रदर्शित करती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/the-desire-for-position-became-greater-than-service/article-5149</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Aug 2018 10:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शरीफ भले ही दोषी हों लेकिन वह हीरो बन गए</title>
                                    <description><![CDATA[नवाज शरीफ व उनकी बेटी मरियम की गिरफ्तारी से वहां की राजनीति में आया भूचाल Shrif Become Hero for Pakis? पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ व उनकी बेटी मरियम की गिरफ्तारी से वहां की राजनीति में भूचाल सा मच गया है। उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। पाक में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/shrif-become-hero-for-pakis/article-4839"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/nawaj-sharif-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1>नवाज शरीफ व उनकी बेटी मरियम की गिरफ्तारी से वहां की राजनीति में आया भूचाल Shrif Become Hero for Pakis?</h1>
<p>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ व उनकी बेटी मरियम की गिरफ्तारी से वहां की राजनीति में भूचाल सा मच गया है। उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। पाक में आम चुनाव सिर पर होने के कारण यह घटना चक्र बहुत अहमियत रखता है। चाहे पाक की न्यायपालिका और सेना पर कट्टरपंथियों का प्रभाव है फिर भी इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि अदालत ने भ्रष्टाचार के ठोस मामले को उठाया है। पनामा पेपर मामला पाक का अंदरूनी मामला नहीं जिसको शरीफ परिवार के खिलाफ सिर्फ बदले की कार्रवाई कहा जाए। दूसरी तरफ दूसरे राजनीतिज्ञों के मुकाबले नवाज शरीफ ने इतनी हिम्मत जरूर दिखाई है कि वह कानून से भागते नहीं। शरीफ ने 70 से ज्यादा अदालती पेशियां निजी तौर पर भुगती हैं।</p>
<p>यदि वह चाहते तो सजा होने पर अपने वतन लौटने से वह टालमटोल भी कर सकते थे। जेल जाना तय होने के बावजूद उनका वतन लौटना इस बात की तरफ संकेत करता है कि उनको अपनी पार्टी के लिए चुनाव में जनता से हमदर्दी की वोट मिलने की बड़ी उम्मीद है।</p>
<h1>नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है Shrif Become Hero for Pakis?</h1>
<p>शरीफ मुजरिम होने के बावजूद ‘नायक’ होने का प्रभाव देने में कामयाब रहे हैं। दूसरी तरफ पूर्व तानाशाह परवेजÞ मुशर्रफ जैसे नेता अदालतों के बुलाने के बावजूद उस देश में बैठे हुए हैं जिसकी कभी वो आलोचना करते रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि न्याय का चक्र जिस तरह चुनावों को देखकर घुमाया गया उसके पीछे शरीफ के विरोधियों व सेना का हाथ है। चाहे शरीफ देश में स्वतंत्र होकर विकास तथा अमन के लिए कार्य नहीं कर सके फिर भी ऐसे नेताओं पर शिकंजे कसे जाना पाक के लिए काफी चुनौती भरा है। जिस तरह शरीफ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उतावलापन दिखाया है उससे जाहिर हो जाता है कि यहां अदालती फैसले के बगैर भी बहुत कुछ है। पुलिस अधिकारी शरीफ को गिरफ्तार करने के लिए जहाज में जा पहुंचे।</p>
<p>जो नेता गिरफ्तार होने के लिए ही लंदन से आया वह भागने की ताक में क्यों होगा भला। दरअसल पुलिस शरीफ की छवि बिगाड़ने के लिए निम्न स्तर की कार्रवाई कर रही थी। यह हालत पाक के बुरे हालातों की तस्वीर पेश करते हैं। किसी भी बदलाव की आशा के लिए चुनावों तक के परिणाम का इंतजार करना होगा।</p>
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                <pubDate>Sun, 15 Jul 2018 07:25:05 +0530</pubDate>
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                <title>चौटाला अपने कर्मों की वजह से जेल में, हुड्डा का इंतजार कर रही सलाखें</title>
                                    <description><![CDATA[कैथल (सच कहूँ/प्रदीप दलाल)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला अपने कर्मों की वजह से जेल में हैं और सीएलयू मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से सीबीआई समेत अन्य जांच एजैंसियां पूछताछ कर रही हैं और जल्द ही हथकड़ियां उनका इंतजार कर रही हैं। शुक्रवार को वे यहां […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/waiting-for-hooda/article-4053"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/cm1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/प्रदीप दलाल)।</strong> मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला अपने कर्मों की वजह से जेल में हैं और सीएलयू मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से सीबीआई समेत अन्य जांच एजैंसियां पूछताछ कर रही हैं और जल्द ही हथकड़ियां उनका इंतजार कर रही हैं। शुक्रवार को वे यहां ढांड अनाज मंडी में नई शुरूआत जनता से सीधी बात कार्यक्रम के तहत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे हरियाणा में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज कर दोबारा सरकार बनाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा की सीट पर कौन-कौन चुनाव लड़ेगा ये आने वाला समय बताएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा जनहित में की गई 4800 घोषणाओं में से 3300 घोषणाएं पूरी हो चुकी है और आज व भविष्य में होने वाली घोषणाओं पर तेज गति से कार्य होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार है और आज हरियाणा में भाजपा सरकार है और आने वाला समय भी भाजपा का होगा। भाजपा सरकार के साढ़े 3 वर्ष के शासनकाल में हुए रिकार्ड तोड़ विकास कार्यों पर 8 बड़े शहरों में आयोजित हुए रोड शो में उमड़े भारी जनसैलाब ने विश्वास की मोहर लगाई है। ग्रामीण क्षेत्र से जनता से सीधा संवाद कार्यक्रम सफल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसकी शुरूआत पूंडरी विधानसभा क्षेत्र से की गई है। जनता से धरातल पर हुए कार्यों के बारे में जानकारी ली जाएगी, ताकि अधूरे विकास कार्य पूरे हो सके। इनेलो-बसपा गठबंधन पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गठबंधन बेमेल है, जिसका कोई वजूद नहीं है। स्वार्थ की बुनियाद पर टीके गठबंधन को जनता बुरी तरह से नकार देगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्र में जोर दे रही है। प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए पांच मैडिकल कॉलेज स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रदेश भर में 22 मैडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इस मौके पर हलका विधायक प्रो. दिनेश कौशिक, राजीव जैन, जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर आदि मौजूद थे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jun 2018 10:58:41 +0530</pubDate>
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