<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/to/tag-6687" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>to - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/6687/rss</link>
                <description>to RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बोस को नमन: मोदी ने कहा- एक परिवार को बड़ा बनाने के लिए नेताजी का योगदान भुलाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद सरकार की 75वीं सालगिरह के मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के अलावा किसी अन्य मौके पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger/article-6373"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद सरकार की 75वीं सालगिरह के मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के अलावा किसी अन्य मौके पर लाल किले पर तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि देश में एक परिवार को बड़ा बनाने के लिए नेताजी के योगदान को भुलाया गया। सरकार इसे बदलने की कोशिश कर रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने एक अन्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देश को समर्पित किया। यहां पुलिस के योगदान को सराहते हुए वे भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस मुख्यालय में मोदी ने कहा, ”जिस प्रकार आप सभी अपने कर्तव्य के पथ पर बिना रुके अटल रहते हैं। हर मौसम में, हर त्योहार में सेवा के लिए तैनात रहते हैं। कुछ यही भावना इस मेमोरियल को देखने से झलकती है। देश में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करने की अनेक साजिश को आपने नाकाम किया है। ऐसी साजिशें जिनकी जानकारी भी बाहर नहीं आ पाती। जिसके लिए आपको प्रशंसा भी नहीं मिलती। यह सिर्फ आपके सेवा भाव की वजह से ही संभव है। देश के नक्सल प्रभावित जिलों में जो जवान ड्यूटी पर तैनात हैं, उन्हें मैं यही कहूंगा कि आप बेहतरीन काम कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger/article-6373</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger/article-6373</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Oct 2018 13:13:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/namoos-to-bose-modi-said-netajis-contribution-was-forgotten-to-make-a-family-bigger.jpg"                         length="74655"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उद्घाटन मैच में ओमान से भिड़ेगा भारत</title>
                                    <description><![CDATA[मस्कट (ओमान)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम वीरवार को यहां पांचवें एशियन चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में मेज़बान ओमान के खिलाफ उद्घाटन मैच में उतरेगी जहां उसका लक्ष्य विजयी शुरुआत के साथ लय बनाए रखना होगा। भारत और ओमान वीरवार को यहां सुल्तान काबूस स्पोटर्््स कॉम्लैक्स में टूर्नामेंट के पहले मुकाबले के लिए उतरेंगे। विश्व की पांचवें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/india-to-face-oman-in-inaugural-match/article-6330"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/india-to-face-oman-in-inaugural-match-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मस्कट (ओमान)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय पुरुष हॉकी टीम वीरवार को यहां पांचवें एशियन चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में मेज़बान ओमान के खिलाफ उद्घाटन मैच में उतरेगी जहां उसका लक्ष्य विजयी शुरुआत के साथ लय बनाए रखना होगा। भारत और ओमान वीरवार को यहां सुल्तान काबूस स्पोटर्््स कॉम्लैक्स में टूर्नामेंट के पहले मुकाबले के लिए उतरेंगे। विश्व की पांचवें नंबर की टीम भारत टूर्नामेंट में शीर्ष रैंक टीम है और इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में कांस्य पदक के निराशाजनक अनुभव को पीछे छोड़ने का प्रयास करेगी। वर्ष 2014 में हुए एशियाई खेलों में आखिरी बार भारत और ओमान की भिड़ंत हुई थी जिसमें भारतीय टीम 7-0 से विजेता रही थी। भारत टूर्नामेंट में गत चैंपियन के तौर पर उतरेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उसने 2016 के संस्करण में पाकिस्तान को 3-2 से हराया था। भारतीय टीम ओमान के खिलाफ पहले मैच में खेलने के बाद 20 अक्तूबर को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलेगा जबकि 21 अक्तूबर को उसका मैच जापान, 23 अक्तूबर को मलेशिया और 24 अक्तूबर को दक्षिण कोरिया से होगा। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के आखिरी संस्करण में भारतीय टीम अपराजेय रही थी जिसमें उसने जापान को 10-2 से हराया, दक्षिण कोरिया से मैच 1-1 से ड्रॉ किया, पाकिस्तान को 3-2 से, चीन को 9-0 और मलेशिया को 2-1 से पूल चरण में हराया जबकि सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-4 से शूटआउट में हराया था। भारत और पाकिस्तान दोनों ने दो-दो बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब जीते हैं जबकि अच्छी लय में चल रही भारतीय टीम इस बार तीसरी बार खिताबी हैट्रिक के लिए उतरेगी। भारत ने वर्ष 2011 और 2016 में खिताब जीते थे जबकि पाकिस्तान ने 2012 और 2013 में खिताब जीते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/india-to-face-oman-in-inaugural-match/article-6330</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/india-to-face-oman-in-inaugural-match/article-6330</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 14:29:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/india-to-face-oman-in-inaugural-match-copy.jpg"                         length="223084"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौरिस की आस्ट्रेलिया दौरे के लिए वापसी</title>
                                    <description><![CDATA[केपटाउन (एजेंसी)। आॅलराउंडर क्रिस मौरिस को चार नवंबर से शुरु होने जा रहे आस्ट्रेलिया के वनडे एवं ट््वेंटी-20 दौरे के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम में बुलाया गया है। दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच 4 नवंबर से शुरु हो रहे दौरे में तीन वनडे और एकमात्र ट््वेंटी-20 मैच खेला जाना है। मौरिस को दोनों प्रारुपों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/maurice-return-to-australia-tour/article-6329"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/maurice-return-to-australia-tour-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>केपटाउन (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">आॅलराउंडर क्रिस मौरिस को चार नवंबर से शुरु होने जा रहे आस्ट्रेलिया के वनडे एवं ट््वेंटी-20 दौरे के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम में बुलाया गया है। दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच 4 नवंबर से शुरु हो रहे दौरे में तीन वनडे और एकमात्र ट््वेंटी-20 मैच खेला जाना है। मौरिस को दोनों प्रारुपों के लिए टीम में शामिल किया गया है। मौरिस को इस वर्ष आईपीएल के दौरान पीठ में चोट लग गई थी और उसके बाद वह राष्ट्रीय टीम के श्रीलंका दौरे और हाल ही में घरेलू जिम्बाब्वे सीरीज़ में खेल नहीं सके थे। 31 वर्षीय मौरिस ने हालांकि टाइटंस के लिए जबरदस्त वापसी की और 66 रन पर 6 विकेट के प्रदर्शन की बदौलत उन्हें दक्षिण अफ्रीका के आस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में जगह मिल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के चयन पैनल के लिंडा जोंडी ने कहा, ‘चार दिवसीय फ्रेंचाइजी के टूर्नामेंट में मौरिस सर्वश्रेष्ठ विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं और निचले क्रम पर भी उनकी बल्लेबाज़ी कमाल की है। जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे टीम की कप्तानी करने वाले जेपी डुमिनी चोट के कारण दौरे के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे वहीं ओपनर हाशिम अमला भी अपनी उंगली की चोट से उबर नहीं पाए हैं और टीम का हिस्सा नहीं होंगे। बल्लेबाजी आॅलराउंडर फरहान बेहारडिएन और ड्वेन प्रिटोरियस को डुमिनी और अमला को उनकी जगह उतारा गया है। सीमित ओवर प्रारुप में डेल स्टेन की भी वापसी हो रही है जबकि जिम्बाब्वे<br />
के खिलाफ 15 विकेट लेने वाले इमरान ताहिर की भी टीम में जगह बरकरार है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/maurice-return-to-australia-tour/article-6329</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/maurice-return-to-australia-tour/article-6329</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 14:26:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/maurice-return-to-australia-tour-copy.jpg"                         length="69468"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी आज तेल कंपनियों के अधिकारियों से मिलेंगे, क्रूड का इंपोर्ट कम करने के उपायों पर चर्चा होगी</title>
                                    <description><![CDATA[बैठक में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री भी शामिल हो सकते हैं Modi Will Meet Officials Of Oil Companies Today, दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को घरेलू और विदेशी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में तेल की कीमतों में अस्थिरता से निपटने और इंपोर्ट घटाकर चालू खाता घाटा कम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/modi-will-meet-officials-of-oil-companies-today-discuss-ways-to-reduce-import-of-crude/article-6279"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/modi-will-meet-officials-of-oil-companies-today-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">बैठक में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री भी शामिल हो सकते हैं Modi Will Meet Officials Of Oil Companies Today,</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को घरेलू और विदेशी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में तेल की कीमतों में अस्थिरता से निपटने और इंपोर्ट घटाकर चालू खाता घाटा कम करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। कच्चा तेल 81 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। यह 4 साल में सबसे ज्यादा रेट है। पिछले दिनों यह 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। <strong>आयात पर निर्भरता घटाकर 67% करने का लक्ष्य: </strong>मोदी ने शुक्रवार को देश में तेल और गैस उत्पादन की समीक्षा की थी। बैठक में कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 10% घटाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने मार्च 2015 में तय किया था कि साल 2022 तक तेल एवं गैस आयात पर निर्भरता घटाकर 67% की जाएगी। सोमवार की बैठक में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फलीह भी शामिल हो सकते हैं। नवंबर से ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। इसके बाद क्रूड और महंगा होने के आसार हैं। बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। क्रूड के रेट बढ़ने की वजह से देश में पेट्रोल-डीजल के रेट रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं। सरकार ने 4 अक्टूबर को एक्साइज ड्यूटी 1.5 रुपए घटाई। तेल कंपनियों ने 1 रुपया कम किया। लेकिन, डीजल की कीमतें फिर से 4 अक्टूबर के स्तरों पर पहुंच गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/modi-will-meet-officials-of-oil-companies-today-discuss-ways-to-reduce-import-of-crude/article-6279</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/modi-will-meet-officials-of-oil-companies-today-discuss-ways-to-reduce-import-of-crude/article-6279</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Oct 2018 12:35:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/modi-will-meet-officials-of-oil-companies-today-copy.jpg"                         length="64893"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कन्याओं को समाज में जीने का हक</title>
                                    <description><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय गर्ल्ज चाईल्ड दिवस पर आयोजित सेमीनार में बोले वक्ता कोटा। अन्तर्राष्ट्रीय गर्ल्ज चाईल्ड दिवस पर कोटा ब्लॉक की साध-संगत ने छत्रपति शिवाजी स्कुल शीवपुरा में गुरूवार को एक सेमिनार का आयोजन किया। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के तत्वावधान में आयोजित इस सेमीनार के दौरान वक्ताओं ने लड़कियों को अपने अधिकारों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/the-right-to-live-in-society/article-6229"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/the-right-to-live-in-society.jpg" alt=""></a><br /><h1>अन्तर्राष्ट्रीय गर्ल्ज चाईल्ड दिवस पर आयोजित सेमीनार में बोले वक्ता</h1>
<p><strong>कोटा।</strong></p>
<p>अन्तर्राष्ट्रीय गर्ल्ज चाईल्ड दिवस पर कोटा ब्लॉक की साध-संगत ने छत्रपति शिवाजी स्कुल शीवपुरा में गुरूवार को एक सेमिनार का आयोजन किया। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के तत्वावधान में आयोजित इस सेमीनार के दौरान वक्ताओं ने लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक, स्वयं सक्षम, तथा कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने आदि के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि कन्याओं को भी समाज में जीने का हक है ऐसे में उन्हें भ्रूण में ही मरवा देना हैवानियत का कार्य है। इस अवसर पर अजय सिंह इन्सां, हरीओम इन्सां, राम बिलास इन्सां, प्रभु दयाल इन्सां, मदन मोहन सिंह इन्सां, बलभद्र इन्सां, डॉ दौलत इन्सां, जोरावर सिंह इन्सां, दिनेश इन्सां, श्याम शर्मा इन्सां, विजय चोपड़ा इन्सां, रितेश इन्सां, मनमोहन इन्सां आदि सेवादार उपस्थित रहे।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/the-right-to-live-in-society/article-6229</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/the-right-to-live-in-society/article-6229</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Oct 2018 17:05:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/the-right-to-live-in-society.jpg"                         length="102397"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूज्य गुरू जी को मिली जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[साधुओं का कथित नपुंसक मामला Bail granted to Pujya Guru ji पंचकुलां सच कहूँ न्यूज: सीबीआई की स्थानीय विशेष अदालत ने साधुओें को कथित रूप से नपुंसक बनाने के मामले में पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को जमानत दे दी है। आज इस मामले में न्यायाधीश जगदीप सिंह ने सुनवाई करते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/bail-granted-to-pujya-guru-ji/article-6146"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/bail-granted-to-pujya-guru-ji.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">साधुओं का कथित नपुंसक मामला Bail granted to Pujya Guru ji</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>पंचकुलां सच कहूँ न्यूज:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई की स्थानीय विशेष अदालत ने साधुओें को कथित रूप से नपुंसक बनाने के मामले में पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को जमानत दे दी है। आज इस मामले में न्यायाधीश जगदीप सिंह ने सुनवाई करते हुए बचाव पक्ष की दलीलों से सहमत होकर पूज्य गुरू जी को जमानत दी। इस केस में डॉ. एमपी सिंह को भी जमानत दे दी गई है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की तरफ से एडवोकेट तनवीर अहमद मीर व ध्रुव गुप्ता पेश हुए। उधर डेरा श्रद्धालुओं ने अदालत के फैसले पर अपनी संतुष्टी व्यक्त की एवं कहा कि पूज्य गुरू जी के खिलाफ दर्ज किए गए उक्त मुकदमे बेबुनियाद हैं और एक दिन सच की जीत अवश्य होगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/bail-granted-to-pujya-guru-ji/article-6146</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/bail-granted-to-pujya-guru-ji/article-6146</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Oct 2018 08:55:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/bail-granted-to-pujya-guru-ji.jpg"                         length="80436"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SC का रोहिंग्या मामले में दखल से इनकार, वापस म्यांमार भेजने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या घुसपैठियों को उनके देश म्यांमार वापस भेजने के मामले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही असम में अवैध तरीके से रह रहे सात रोहिंग्या घुसपैठियों को म्यांमार वापस डिपोर्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/sc-refuses-to-interfere-in-rohingya-case-preparing-to-send-back-to-myanmar/article-6126"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/sc-refuses-to-interfere-in-rohingya-case-preparing-to-send-back-to-myanmar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली ।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या घुसपैठियों को उनके देश म्यांमार वापस भेजने के मामले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही असम में अवैध तरीके से रह रहे सात रोहिंग्या घुसपैठियों को म्यांमार वापस डिपोर्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने वकील प्रशांत भूषण की याचिका को खारिज कर देते हुए इन्हें पहली नजर में म्यांमार का ही नागरिक पाया। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि म्यांमार ने इन लोगों को अपना नागरिक मान लिया है और वह (म्यांमार) इन्हें वापस लेने पर सहमत हो गया है। बता दें कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि रोहिंग्या आव्रजकों को म्यांमार भेजा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले की सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को रोहिंग्याओं के जीवन के अधिकार की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। इस पर सीजेआइ रंजन गोगोई ने कहा कि हमें अपनी जिम्मेदारी पता है और किसी को इसे याद दिलाने की जरूरत नहीं। गुरुवार को वकील प्रशांत भूषण की याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की। केंद्र सरकार ने बेंच को बताया कि सात रोहिंग्या 2012 में भारत में अवैध तरीके से घुसे थे और इन्हें फॉरेन एक्ट के तहत दोषी पाया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/sc-refuses-to-interfere-in-rohingya-case-preparing-to-send-back-to-myanmar/article-6126</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/sc-refuses-to-interfere-in-rohingya-case-preparing-to-send-back-to-myanmar/article-6126</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Oct 2018 12:51:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/sc-refuses-to-interfere-in-rohingya-case-preparing-to-send-back-to-myanmar.jpg"                         length="142396"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास से वर्तमान व भविष्य की ओर बढ़ते संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के बेहद खास रिश्ते वाले देशों में ‘बांग्लादेश’ का नाम अग्रणी है, वह भी बांग्लादेश के जन्म के समय से ही। रिश्ते की मजबूती का यह क्रम अनवरत बढ़ा है और यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बांग्लादेशी समकक्ष की आगवानी की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/moving-from-history-to-present-and-future-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के बेहद खास रिश्ते वाले देशों में ‘बांग्लादेश’ का नाम अग्रणी है, वह भी बांग्लादेश के जन्म के समय से ही। रिश्ते की मजबूती का यह क्रम अनवरत बढ़ा है और यह इस बात से ही समझा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बांग्लादेशी समकक्ष की आगवानी की है। वस्तुत: इंदिरा गांधी ने जिस प्रकार बांग्लादेश को तत्कालीन पश्चिमी पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्त कराया तो एक तरह से यह रिश्ता स्वाभाविक ही था। चूंकि चीन, पाकिस्तान जैसे देश भारत के साथ दूसरे पड़ोसियों के रिश्तों को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश करते रहे हैं, ऐसे में बांग्लादेश के साथ भारत का कूटनीतिक संबंध और भी खास हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत लगातार बांग्लादेश से अपना संबंध मजबूत करने में दो कदम आगे बढ़कर पहल करता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">1947 में हुए भारत बंटवारे की कटु यादें भला किसे याद नहीं होंगी। दुनिया में उतना भीषण कत्ल-ए-आम संभवत: दूसरी जगह न हुआ होगा। पर उसका नतीजा क्या निकला, जिस धर्म के नाम पर मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान मांगा था, वह तीन दशक भी संयुक्त रूप में पूरा न कर सका और बिखर गया। आखिर, वह जुड़ा रहता भी तो किस प्रकार? चूंकि, पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान में बांग्लादेश) कहे जाने वाले देश की संस्कृति, भाषा पश्चिमी पाकिस्तान से सर्वथा भिन्न थी। ऊपर से वहां के लोगों के साथ पश्चिमी पाकिस्तान द्वारा किया जाने वाला भेदभाव ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ। बांग्लादेशियों के अधिकारों को कुचलने में पाकिस्तान की सेना ने जो जुल्म ढाये, उससे समस्त विश्व की आँखें नम हो उठी थीं। आज के समय में हम सीरिया में गृहयुद्ध की जो हालत देख रहे हैं, उससे कम दुरूह हालात न थे उस समय! अंतत: उस अत्याचार से जब भारत पर दुष्प्रभाव पडऩे लगा तब इंदिरा गाँधी के रूप में भारतीय राजनीतिक नेतृत्व ने कठोरतम निर्णय लिया और फिर उदय हुआ बांग्लादेश का। जाहिर तौर पर बांग्लादेश के जन्म के समय से ही भारत का रिश्ता बेहद करीबी रहा है, जो लगातार आगे बढ़ता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुत कम लोगों को पता होगा कि शेख हसीना से भारत का बेहद करीबी जुड़ाव रहा है। 15 अगस्त 1975 को जब बांग्लादेश में सेना के गुट ने शेख मुजीबुर रहमान के घर पर हमला किया, तो शेख हसीना के परिवार के अधिकांश सदस्य मौत के घाट उतार दिए गए थे। उनके पिता और बांग्लादेश की आजादी के नायक शेख मुजीबुर रहमान का शरीर गोलियों से छलनी कर दिया गया था। किसी तरह शेख हसीना और उनकी बहन बच गयी थीं, पर उन्हें कहीं और राजनीतिक शरण नहीं मिल सकी। फिर इंदिरा गाँधी ने कई सालों तक शेख हसीना और उनके पति डॉक्टर वाजेद को सुरक्षा और शरण प्रदान की। बाद में स्थिति में सुधार होने के बाद शेख हसीना 17 मई, 1981 को अपने वतन लौट सकी थीं, जहाँ लाखों बांग्लादेशियों ने उनका स्वागत किया और फिर वह अपने पिता का रूतबा हासिल करने में सफल भी रहीं। पिछले दिनों भारत और बांग्लादेश के बीच हुए ‘परमाणु समझौतेझ् को दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">सच कहा जाए तो भारत और दूसरे दक्षिण एशियाई देश ड्रैगन की दोहरी चाल को बखूबी समझते हैं। वह जानते हैं सच्चे मित्र भारत जैसी स्वाभाविक दोस्ती चीन से कभी हो ही नहीं सकती, इसलिए भारत को कूटनीति की बिसात पर सधी चाल से चलना होगा और संतुलन बनाकर चीन की दोस्ती के दांव को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में मजबूती से उजागर करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट के सफल होने के बाद समुद्री मामलों के सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, ये तो एक छोटी सी झलक है, क्योंकि भारत और बांग्लादेश के बीच कई सारे समझौते हो रहे हैं, जिनका प्रारूप और प्रभाव आने वाले समय में और भी बेहतर ढंग से नजऱ आएगा। वैश्विक परिदृश्य में दो देशों के संबंधों की अहमियत बार बार प्रमाणित हुई है। वहीं बात जब बांग्लादेश जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसी की हो तो फिर यह अहमियत और भी बढ़ जाती है। निश्चित रूप से दोनों देशों की आने वाली पीढिय़ां पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना का धन्यवाद करेंगी, जिनके सकारात्मक दृष्टिकोण से दक्षिण एशियाई देशों के विकास का नया और चौड़ा मार्ग प्रशस्त हुआ है। <em><strong>जगजीत शर्मा</strong></em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/moving-from-history-to-present-and-future/article-6089</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Oct 2018 12:42:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/moving-from-history-to-present-and-future-copy.jpg"                         length="91642"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब कार्रवाई के लिए तैयार रहें हुड्डा व दलाल</title>
                                    <description><![CDATA[विज बोले, पीड़िता डर रही थी, परन्तु हुड्डा बिना इजाजत पहुंच गये सियासत चमकाने सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व विधायक करण दलाल के खिलाफ अब एक और सरकारी कार्रवाई की जा सकती है क्योंकि उनके खिलाफ सेहत विभाग के मंत्री अनिल विज ने रेवाड़ी अस्पताल में हुुई धक्का-मुक्की के मामले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ready-to-take-action-now-hooda-and-dalal/article-5984"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/kfkfk-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1>विज बोले, पीड़िता डर रही थी, परन्तु हुड्डा बिना इजाजत पहुंच गये सियासत चमकाने</h1>
<pre><strong>सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़।</strong></pre>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व विधायक करण दलाल के खिलाफ अब एक और सरकारी कार्रवाई की जा सकती है क्योंकि उनके खिलाफ सेहत विभाग के मंत्री अनिल विज ने रेवाड़ी अस्पताल में हुुई धक्का-मुक्की के मामले में सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कार्यवाही किस स्तर की होगी, पुलिस में क्रिमिनल केस दर्ज होगा या फिर ड्यूटी दे रहे अधिकारियों को धमकाने का मामला दर्ज होगा या फिर अस्पताल में इलाज अधीन गैंगरेप पीड़िता से धक्के से मिलने का मामला दर्ज होगा। यह फैसला सेहत विभाग के उच्च अधिकारी करेंगे। यह नया मामला भूपेंद्र सिंह हुड्डा व करण दलाल के लिए सिरदर्द पैदा हो सकता है दूसरी तरफ भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अनिल विज को ही सलाह दे दी है कि वह पहले हरियाणा में कानून व्यवस्था को ठीक करें उसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दें।</p>
<p style="text-align:justify;">
जानकारी अनुसार रेवाड़ी में कुछ दिन पहले हुए गैंगरेप पीड़िता से मिलने के लिए रविवार हस्पताल में पहुंचे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व विधायक करण सिंह दलाल को हॉस्पिटल के एसएमओ ने यह कह कर अंदर जाने से रोक दिया था कि अभी गैंगरेप पीड़िता किसी से भी मिलने के हालात में नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">
इसलिए उनसे मिलना मुनासिब नहीं होगा परंतु भूपेंद्र सिंह हुड्डा व करण सिंह दलाल की तरफ से मौके पर न सिर्फ एसएमओ को धमकाया गया बल्कि रोकने के बावजूद भी गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात की गई जिसको लेकर हरियाणा के सेहत मंत्री अनिल विज काफी ज्यादा नाराज हो गए हैं। अनिल विज ने सोमवार को अपने दफ्तर में एडिशनल चीफ सेक्टरी सेहत विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं कि इस मामले की गहनता से जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए। उसमें अगर सख्त से सख्त धारा के तहत पुलिस मुकदमा भी दर्ज हो तो पीछे नहीं हटना है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कानून का भट्ठा बैठाने वाले दे रहे धमकी </strong><br />
खिसियानी बिल्ली खंभा नोंचने को चली है क्योंकि हरियाणा में जिन भाजपाइयों ने कानून का भट्ठा बैठा दिया है वह अब उन्हें कानून की धमकी देने चले हैं।मैं किसी भी कार्रवाई से नहीं डरता और न ही मैंने कुछ गलत किया है। मैं तो सिर्फ गैंगरेप पीड़िता से मिलने गया था जबकि कानून का भट्ठा बैठाने वाले भाजपाई दोषियों को पकड़ने की जगह इस तरह की धमकियां देने में लगे हैं।<br />
<strong>भूपेंद्र सिंह हुड्डा</strong><br />
<strong>पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>हुड्डा ने स्वास्थ्य अधिकारियों को धमकाया, होगी सख्त कार्रवाई</strong><br />
गैंगरेप पीड़िता रो रही थी वह मिलने आने वालों से डर रही थी परंतु भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके साथी करण दलाल बिना किसी इजाजत के ही अपनी सियासत चमकाने के लिए वहां पहुंच गए। उन्होंने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात की। अगर पीड़ित की सेहत ठीक ना हो तो डॉक्टरों की इजाजत के बिना पुलिस का कोई भी अधिकारी पीड़िता का ब्यान तक नहीं ले सकता है जबकि यहां पर कोई पुलिस वाला बयान नहीं लेने आया था बल्कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी सियासत चमकाने आए थे। मौके पर ड्यूटी दे रहे सेहत अधिकारियों को भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धमकाया और हॉस्पिटल से बाहर निकलने की धमकी तक दे दी, यह मामला काफी गंभीर है। इसलिए हमने जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अनिल विज</strong><br />
<strong>स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा</strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ready-to-take-action-now-hooda-and-dalal/article-5984</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ready-to-take-action-now-hooda-and-dalal/article-5984</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Sep 2018 12:26:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/kfkfk-copy.jpg"                         length="115793"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अन्नदाता की आय सुरक्षित करने की सार्थक पहल</title>
                                    <description><![CDATA[समय पर किसान द्वारा उपजाई फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाने के कारण अन्नदाता के सामने कई तरह के संकट मुंहबाए खड़े हो जाते हैं। ऐसे में वह न तो बैंकों से लिया कर्ज समय पर चुका पाते हैं और न ही अगली फसल के लिए वाजिब तैयारी कर पाते हैं। बच्चों की पढ़ाई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/meaningful-iinitiative-to-secure-income-tax/article-5933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/jgjfgjk-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>समय पर किसान द्वारा उपजाई फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाने के कारण अन्नदाता के सामने कई तरह के संकट मुंहबाए खड़े हो जाते हैं। ऐसे में वह न तो बैंकों से लिया कर्ज समय पर चुका पाते हैं और न ही अगली फसल के लिए वाजिब तैयारी कर पाते हैं। बच्चों की पढ़ाई और शादी भी प्रभावित होते हैं। यदि अन्नदाता के परिवार में कोई सदस्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसका इलाज कराना भी मुश्किल होता है। इन वजहों से उबर नहीं पाने के कारण किसान आत्मघाती कदम उठाने तक को मजबूर हो जाते हैं। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए ही राजग सरकार ने पिछले दिनों न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि की है, जिससे किसान की आमदनी दोगुनी हो जाए और अब इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय सरंक्षण नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत अगले दो वित्तीय वर्षों के लिए 15 हजार 53 करोड़ रुपए मंजूर किए है। अब यदि बाजार में फसल का मूल्य एमएसपी से कम होगा तो राज्य सरकारें इन योजनाओं में से किसी एक का चुनाव कर किसानों को धनराशि का भुगतान कर सकती है।</p>
<p>राजग सरकार ने चार साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद अब किसानों की गंभीरता से सुध लेना शुरू कर दी है। अन्नदाता आय सरंक्षण नीति के तहत राज्य सरकारों को तीन प्रकार के विकल्प दिए गए हैं। एक, नीति के तहत राज्यों को केंद्र के साथ मिलकर फसलों की खरीद करनी होगी, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत होगी। दूसरी भावांतर भुगतान योजना और तीसरी प्रायोगिक तौर पर निजी क्षेत्रों को भी एमएसपी पर खरीद में छूट दी गई है। इसके लिए इन्हें अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। निसंदेह इन नीतियों से बाजार की सरंचना किसान के हित में मजबूत होगी। इसके साथ ही यदि फसल बीमा का समय पर भुगतान, आसान कृषि ऋण और बिजली की उपलब्धता तय कर दी जाती है तो किसान की आमदनी दूनी होने की उम्मीद बढ़ जाएगी। ऐसे ही उपायों से खेती की लागत कम करने और आय में वृद्धि के लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। ऐसा होता है तो किसान और किसानी से जुड़े मजदूरों का पलायन रुकेगा और खेती 70 फीसदी ग्रामीण आबादी के रोजगार का जरिया बनी रहेगी। खेती घाटे का सौदा न रहे इस दृष्टि से कृषि उपकरण, खाद, बीज और कीटनाशकों के मूल्य पर नियंत्रण भी जरूरी है। इन वस्तुओं के निमार्ता किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशक देकर भी बर्बाद करने में लगे हैं।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया भी था। अब इसे पूरा करना इसलिए जरूरी हो गया था, क्योंकि अक्टूबर-नवंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव और इसके ठीक चार माह बाद मई 2019 में आम चुनाव होने हैं। हालांकि कुछ खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले से ही लागत मूल्य का डेढ़ गुना है। लेकिन धान, रागी और मूंग आदि का समर्थन मूल्य लागत की डेढ़ गुनी कीमत से कम है। इन फसलों के उत्पादक किसानों को इस मूल्य वृद्धि से सबसे अधिक लाभ होगा। एमएसपी में न्यूनतम 3.7 प्रतिशत और अधिकतम 52.5 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की गई है। इससे सरकारी खजाने पर 33000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। इस नए मूल्य निधारण से धान की खरीद पर ही 15000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बोझ की उम्मीद है। किसानों की आमदनी में यह बढ़ोतरी व्यापक रूप से देशहित में है। दरअसल किसान की आमदनी बढ़ने से चौतरफा लाभ होता है। फसलों के प्रसंस्करण से लेकर कृषि उपकरण और खाद-बीज के कारखानों की गतिशीलता किसान की आय पर ही निर्भर है। मंडियों में आढ़त, अनाज के भरा-भर्ती और यातायात से जुड़े व्यापरियों को भी जीवनदान किसान की उपज से ही मिलता है।</p>
<p>किसान, गरीब और वंचित तबकों की हैसियत बढ़ाने की दृष्टि से आवास और उज्ज्वला योजनाओं के बाद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय सरंक्षण नीति सरकार की चौथी बड़ी पहल है। हालांकि इसके पहले पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए 8,500 करोड़ का पैकेज दिया है। फसल बीमा योजना और भूमि स्वास्थ्य कार्ड भी इसी कड़ी के हिस्सा रहे हैं। ये उपाय किए जाना इसलिए जरूरी थे, क्योंकि अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसे प्राकृतिक प्रकोपों के बावजूद देश में कृषि उत्पादन चरम पर है। सरकार द्वारा पेश आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016-17 में करीब 275 मिलियन टन खाद्यान्न और करीब 300 मिलियन टन फलों व सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। बावजूद किसान सड़कों पर उपज फेंकते हुए आंदोलित थे और आत्महत्या भी कर रहे थे, लिहाजा किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए किसान चिंतनीय पहलू होना चाहिए था। गोया, इसकी पृष्ठभूमि 2018-19 के आम बजट में ही रख दी गई थी। हालांकि कृषि, किसान और गरीब को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सरकार की कृपा नहीं बल्कि दायित्व है, क्योंकि देश की आबादी की आजीविका और कृषि आधारित उद्योग अंतत: किसान द्वारा खून-पसीने से उगाई फसल से ही गतिमान रहते हैं। यदि ग्रामीण भारत पर फोकस नहीं किया गया होता तो जिस आर्थिक विकास दर को 8 प्रतिशत तक लाया जा सका है, वह संभव ही नहीं थी। इस समय पूरे देश में ग्रामों से मांग की कमी दर्ज की गई है। निसंदेह गांव और कृषि क्षेत्र से जुड़ी जिन योजनाओं की श्रृंखला को जमीन पर उतारने के लिए 14.3 लाख करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया था, उसका उपयोग अब सार्थक रूप में होते लग रहा है। ऐसे ही उपायों से किसान की आय सही मायनों में 2022 तक दोगुनी हो पाएगी। इस हेतु अभी फसलों का उत्पादन बढ़ाने, कृषि की लागत कम करने, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित वस्तुओं का निर्यात बढ़ाने की भी जरूरत है। दरअसल बीते कुछ सालों में कृषि निर्यात में सालाना करीब 10 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं कृषि आयात 10 अरब डॉलर से अधिक बढ़ गया है। अब इस दिशा में भी सुधार होने की उम्मीद है।</p>
<p>केंद्र सरकार फिलहाल एमएसपी तय करने के तरीके में ए-2 फॉर्मूला अपनाती रही है। यानी फसल उपजाने की लागत में केवल बीज, खाद, सिंचाई और परिवार के श्रम का मूल्य जोड़ा जाता है। इसके अनुसार जो लागत बैठती है, उसमें 50 फीसदी धनराशि जोड़कर समर्थन मूल्य तय कर दिया जाता है। जबकि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश है कि इस उत्पादन लागत में कृषि भूमि का किराया भी जोड़ा जाए। इसके बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली 50 प्रतिशत धनराशि जोड़कर समर्थन मुल्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए। फसल का अंतरराष्ट्रीय भाव तय करने का मानक भी यही है। यदि भविष्य में ये मानक तय कर दिए जाते हैं तो किसान की खुशहाली और बढ़ जाएगी। एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय आयोग ने भी वर्ष 2006 में यही युक्ति सुझाई थी। समर्थन मूल्य में की गई इन वृद्धियों से ऐसा लग रहा है कि भविष्य में कृषि भूमि का किराया भी इस मूल्य में जोड़ दिया जाएगा। इन वृद्धियों से कृषि क्षेत्र की विकास दर में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। यदि देश की सकल घरेलू उत्पाद दर को दहाई अंक में ले जाना है तो कृषि क्षेत्र की विकास दर 4 प्रतिशत होनी चाहिए। साफ है, कालांतर में इस दिशा में भी अनुकूल परिणाम निकलेंगे। प्रमोद भार्गव</p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/meaningful-iinitiative-to-secure-income-tax/article-5933</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/meaningful-iinitiative-to-secure-income-tax/article-5933</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Sep 2018 20:12:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/jgjfgjk-copy.jpg"                         length="149340"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संजय दत्त ने टोटल धमाल में काम करने से किया मना</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (एजेंसी)। बॉलीवुड के माचो मैन संजय दत्त ने स्पेशल अपीयरेंस की वजह से टोटल धमाल में काम करने से मना कर दिया है। बॉलीवुड फिल्मकार इंद्र कुमार अपनी सुपरहिट फिल्म धमाल का तीसरा संस्करण बना रहे हैं। संजय दत्त ‘धमाल’ के दोनों पार्ट्स का हिस्सा रहें, लेकिन तीसरे संस्करण में वह काम नहीं कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/rangmanch/sanjay-dutt-refuses-to-work-in-total-dhamal/article-5554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/sanjay-dutt-refuses-to-work-in-total-dhamal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बॉलीवुड के माचो मैन संजय दत्त ने स्पेशल अपीयरेंस की वजह से टोटल धमाल में काम करने से मना कर दिया है। बॉलीवुड फिल्मकार इंद्र कुमार अपनी सुपरहिट फिल्म धमाल का तीसरा संस्करण बना रहे हैं। संजय दत्त ‘धमाल’ के दोनों पार्ट्स का हिस्सा रहें, लेकिन तीसरे संस्करण में वह काम नहीं कर रहे हैं। संजय की जगह अजय देवगन का चयन किया गया है। इंद्र कुमार चाहते थे कि संजय दत्त फिल्म में स्पेशल अपीयरेंस दें। उन्हें को लगा कि संजय के साथ उनके दोस्ताना रिश्ते हैं, पिछली दो फिल्मों में काम किया ही है लिहाजा वह मना नहीं करेंगे लेकिन संजय ने ‘टोटल धमाल’ में काम करने से मना कर दिया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/rangmanch/sanjay-dutt-refuses-to-work-in-total-dhamal/article-5554</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/rangmanch/sanjay-dutt-refuses-to-work-in-total-dhamal/article-5554</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Aug 2018 13:32:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/sanjay-dutt-refuses-to-work-in-total-dhamal.jpg"                         length="60094"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जासूस बनकर बच्चों को खोजेंगे इमरान हाशमी</title>
                                    <description><![CDATA[टॉप डिटेक्टिव सूर्यकांत भांडे पाटिल की लाइफ स्टोरी है फादर्स डे बॉलीवुड डेस्क। देश के विख्यात जासूसों में से एक सूर्यकांत भांडे पाटिल की लाइफ पर गुजराती लेखक प्रफुल्ल शाह किताब लिख चुके हैं। ‘दृश्यम-अदृश्यम’ टाइटल वाली इस किताब पर फिल्म बन रही है ‘फादर्स डे’। फिल्म में इमरान हाशमी सूर्यकांत भांडे का रोल करेंगे। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/rangmanch/imran-hashmi-to-find-children-by-becoming-a-detective/article-5212"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/imran-hashmi-to-find-children-by-becoming-a-detective.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">टॉप डिटेक्टिव सूर्यकांत भांडे पाटिल की लाइफ स्टोरी है फादर्स डे</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>बॉलीवुड डेस्क।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">देश के विख्यात जासूसों में से एक सूर्यकांत भांडे पाटिल की लाइफ पर गुजराती लेखक प्रफुल्ल शाह किताब लिख चुके हैं। ‘दृश्यम-अदृश्यम’ टाइटल वाली इस किताब पर फिल्म बन रही है ‘फादर्स डे’। फिल्म में इमरान हाशमी सूर्यकांत भांडे का रोल करेंगे। फिल्म की कहानी 35 की उम्र वाले सूर्यकांत पर आधारित होगी। जब 1998 में उनके बेटे का किडनैप हुआ था। बता दें की फादर्स डे का डायरेक्शन 300 से ज्यादा एड फिल्म्स बना चुके शांतनु बागची कर रहे हैं। फिल्म का प्रोडक्शन मातृम फिल्म्स की प्रिया गुप्ता, कल्पना उदयवार और इमरान हाशमी मिलकर कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग 2019 में शुरू होगी। फिल्म को रितेश शाह ने लिखा है। फिल्म का अनाउंसमेंट इमरान हाशमी, ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श और कोमल नाहटा ने ट्विटर पर भी किया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">
</p><pre class="tw-data-text tw-ta tw-text-medium" dir="ltr"></pre>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/rangmanch/imran-hashmi-to-find-children-by-becoming-a-detective/article-5212</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/rangmanch/imran-hashmi-to-find-children-by-becoming-a-detective/article-5212</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Aug 2018 13:02:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/imran-hashmi-to-find-children-by-becoming-a-detective.jpg"                         length="51829"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        