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                <title>2 - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>2000 Notes: 2000 हजार के नोट पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया बड़ा खुलासा!</title>
                                    <description><![CDATA[2000 Notes : भारत इस महीने 10 अरब यूपीआई लेनदेन के शिखर पर है। यानी 135 करोड़ की आबादी वाले देश में एक महीने में 1,000 करोड़ का ट्रांजैक्शन डिजिटल तरीके से हुआ! यही कारण है कि जिन लोगों ने तीन हफ्ते पहले 2,000 रुपये के नोटों की अदला-बदली के लिए बैंकों में अराजकता की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/prime-minister-modi-made-a-big-disclosure-on-two-thousand-note/article-48756"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/2000-notes-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">2000 Notes : भारत इस महीने 10 अरब यूपीआई लेनदेन के शिखर पर है। यानी 135 करोड़ की आबादी वाले देश में एक महीने में 1,000 करोड़ का ट्रांजैक्शन डिजिटल तरीके से हुआ! यही कारण है कि जिन लोगों ने तीन हफ्ते पहले 2,000 रुपये के नोटों की अदला-बदली के लिए बैंकों में अराजकता की उम्मीद की थी, वे इतने गलत साबित हुए हैं।2000 Rupee Note</p>
<h3>भारत ने 3.2 बिलियन लेनदेन को पार | 2000 Rupee Note</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 हजार के नोट पर ट्वीट किया, पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि हमारे देश के दिल में 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना धड़कती है। हमेशा की तरह आज भी उम्मीद और प्रेरणा देने वाली प्रेरक कहानियां हैं। नमो एप ने इसे बखूबी पकड़ा है। एक बार जरूर देखें- वे आपको अत्यधिक गर्व की भावना से भर देंगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">In the heart of our nation beats the collective spirit of 140 crore Indians. Today, like always, there are inspiring stories radiating hope and inspiration. NaMo App has captured it well. Do have a look- they will fill you with an overwhelming sense of pride. <a href="https://t.co/YYCujR1Pm0">pic.twitter.com/YYCujR1Pm0</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1668155543788339200?ref_src=twsrc%5Etfw">June 12, 2023</a></p></blockquote>
<p style="text-align:justify;"></p>
<h3>2000 Rupee Note</h3>
<p>भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कहा है कि पिछले 20 दिनों में, लोगों को अपने 2,000 रुपये के नोट बैंकों को वापस करने के लिए चार महीने की लंबी खिड़की खोली गई थी, 50% से अधिक नोट पहले ही वापस आ चुके हैं। ऐसे 85% उदाहरणों में, लोगों ने किसी अन्य मूल्यवर्ग के नोटों के लिए इसे स्वैप करने के बजाय अपने बैंक खातों में आउटगोइंग करेंसी में पैसा जमा किया। इस कवायद के लिए शायद ही किसी ने देश भर के बैंकों में किसी अराजकता या लंबी कतार की खबरें पढ़ी हों। यह एक प्रमुख कारक को रेखांकित करता है – भारत अब वास्तव में दुनिया की अग्रणी डिजिटल अर्थव्यवस्था है। 2000 Rupee Note</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/tenants-are-showing-to-save-tax-so-be-careful/">Rental Income: टैक्स बचाने के लिए दिखा रहे हैं किराएदार तो हो जाएं सावधान! इन बातों का रखें विशेष ध्यान</a></p>
<h3>UPI लेनदेन के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ | 2000 Notes</h3>
<p style="text-align:justify;">मई में, भारत ने 9.41 बिलियन UPI लेनदेन के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ, जो पिछले महीने से लगभग 6% अधिक था। यह वास्तव में साल-दर-साल 58% की वृद्धि थी। इस महीने, पहले 10 दिनों में, भारत ने 3.2 बिलियन लेनदेन को पार कर लिया है और उम्मीद है कि देश जून में 10 बिलियन लेनदेन के द्वार पर हो सकता है। यह अपने पड़ोस में स्थानीय सब्जीवाला ठेला पर क्यूआर कोड को स्कैन करने वाले लोगों की बड़ी संख्या है, जो कि शीर्ष कॉफी की दुकानों में हैं या यूपीआई का उपयोग करके अपने संपर्कों को पैसे भेज रहे हैं जो उनके बैंक खातों से जुड़ा हुआ है। 2000 Rupee Note</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे देश के दिल में 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना धड़कती है। हमेशा की तरह आज भी उम्मीद और प्रेरणा देने वाली प्रेरक कहानियां हैं। नमो एप ने इसे बखूबी पकड़ा है। एक बार जरूर देखें- वे आपको अत्यधिक गर्व की भावना से भर देंगे।</p>
<h3>20 दिनों के भीतर आधे से अधिक नोट पहले ही बैंकों के पास वापस… 2000 Notes</h3>
<p style="text-align:justify;">यह डिजिटल भुगतान का व्यापक उपयोग था जिसने सरकार को पिछले महीने यह घोषणा करने का विश्वास दिलाया कि वह 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग के नोटों को चलन से बाहर कर देगी और लोगों को 23 मई से 30 सितंबर के बीच इन नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने, प्राप्त करने का मौका दिया। बैंकों में अदला-बदली या कहीं और कानूनी निविदा के रूप में उनका उपयोग करें। 20 दिनों के भीतर आधे से अधिक नोट पहले ही बैंकों के पास वापस आ चुके हैं, सरकार में कई लोगों की अपेक्षाओं को पार करते हुए, इस अभ्यास को बेहद आसान तरीके से अंजाम दिया गया है, यह दिखाता है कि भारत डिजिटल युग में अच्छी तरह से आगे बढ़ चुका है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2023 13:59:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2000 Notes: 2 हजार के नोट वापसी पर सुप्रीम कोर्ट से आया बड़ा अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने 2000 के नोट पर शीघ्र सुनवाई की गुहार फिर ठुकराई नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। 2000 Notes: उच्चतम न्यायालय (supreme court) ने 2000 रुपये के नोट को बिना किसी वैध पहचान पत्र के बदलने के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय की अनुमति संबंधी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर एक बार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/big-update-from-supreme-court-on-return-of-rs-two-thousand-note/article-48645"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/2000-notes.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने 2000 के नोट पर शीघ्र सुनवाई की गुहार फिर ठुकराई</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> 2000 Notes: उच्चतम न्यायालय (supreme court) ने 2000 रुपये के नोट को बिना किसी वैध पहचान पत्र के बदलने के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय की अनुमति संबंधी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर एक बार फिर शुक्रवार को शीघ्र सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अवकाशकालीन पीठ ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर शीघ्र सुनवाई की गुहार को ठुकराते हुए कहा कि इस मामले में जल्दबाजी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने कहा कि इस अदालत द्वारा इस मामले में गत एक जून को दिए गए आदेश पर अमल किया जाए जिसमें गर्मी की छुट्टियों के बाद सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की गई है। इससे पहले न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने उपाध्याय की ओर से दायर अपील पर शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से एक जून को इनकार करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता गर्मी की छुट्टियों के बाद मुख्य न्यायाधीश के समक्ष इस मामले का उल्लेख कर सकते हैं। 2000 Notes<br />
अधिवक्ता उपाध्याय ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ 24 मई को शीर्ष अदालत में अपील दायर की थी। अगले दिन उन्होंने इस मामले को ‘विशेष उल्लेख’ के दौरान उठाया था। अपील में कहा गया है कि 29 मई 2023 का दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला न्यायोचित नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है मामला | 2000 Notes</h3>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता का तर्क है कि 19 और 20 मई को जारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अधिसूचना ने अवैध धन को वैध बनाने का अवसर दिया है। इसलिए स्पष्ट रूप से यह अधिसूचना मनमाना, तर्कहीन और समानता के मौलिक अधिकार के नियमों का उल्लंघन है। उच्च न्यायालय ने 29 मई को उपाध्याय की जनहित याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि यह विशुद्ध रूप से बैंकनोटों की वापसी से संबंधित नीतिगत निर्णय है और इसे विकृत या मनमाना नहीं कहा जा सकता है या इसने काले धन, मनी लॉन्ड्रिंग, मुनाफाखोरी या भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपाध्याय ने शीर्ष अदालत के समक्ष दायर अपनी विशेष अनुमति याचिका में कहा है कि उच्च न्यायालय यह मानने में विफल रहा कि आरबीआई अधिसूचना में स्वीकार करता है कि प्रचलन में 2000 रुपये के नोटों का कुल मूल्य 6.73 लाख करोड़ रुपये से घटकर 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गया है। याचिका में आगे कहा गया है कि इसका मतलब है कि 3.11 लाख करोड़ लोगों के लॉकर में पहुंच गए हैं और बाकी जमाखोरी कर दी गई है। 2000 Notes</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि अधिसूचनाएं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बेनामी लेनदेन अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम, लोकपाल अधिनियम, सीवीसी अधिनियम, भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम और काला धन अधिनियम के उद्देश्यों और उद्देश्यों के विपरीत थीं। उपाध्याय ने यह भी तर्क दिया है कि लगभग 30 करोड़ परिवारों के पास 130 करोड़ आधार कार्ड हैं। इसी तरह 225 करोड़ बैंक खाते हैं, जिनमें 48 करोड़ जन धन खाते शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि बैंक खाते में जमा किए बिना या किसी भी प्रकार की पर्ची और पहचान प्रमाण प्राप्त किए बिना 2000 रुपये के नोटों को बदलने की अनुमति देना स्पष्ट रूप से मनमाना, तर्कहीन है और इस तरह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। 2000 Notes</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2023 17:14:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फोर्ब्स की लिस्ट अनुसार: दुनिया की टॉप 2,000 कंपनियों में भारत की 58 कंपनियां शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[12 महीने के आंकड़ों के आधार पर रैंकिंग, रिलायंस 83वें पायदान पर न्यूज एजेंसी। दुनिया की सबसे बड़ी लिस्टेड 2,000 कंपनियों में भारत की 58 कंपनियों को स्थान मिला है, जिसमें रिलायंस कंपनी 83वें पायदान पर आयी है। अमेरिकी बिजनेस मैग्जीन फोर्ब्स की 2018 की ‘ग्लोबल 2000’ लिस्ट से मिली जानकारी सामने आई है। यदि हम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/according-forbes-list-58-companies-india-top-2000-companies/article-4060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/mukesh-copy.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">12 महीने के आंकड़ों के आधार पर रैंकिंग, रिलायंस 83वें पायदान पर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूज एजेंसी। </strong>दुनिया की सबसे बड़ी लिस्टेड 2,000 कंपनियों में भारत की 58 कंपनियों को स्थान मिला है, जिसमें रिलायंस कंपनी 83वें पायदान पर आयी है। अमेरिकी बिजनेस मैग्जीन फोर्ब्स की 2018 की ‘ग्लोबल 2000’ लिस्ट से मिली जानकारी सामने आई है। यदि हम पिछले साल की बात करें तो पिछले साल भी इस लिस्ट में इतनी ही भारतीय कंपनियां शामिल थीं। लिस्ट में शामिल भारतीय कंपनियों में बैंक और पेट्रोलियम कंपनियां टॉप पर हैं। टॉप-10 भारतीय कंपनियों में 3 पेट्रोलियम कंपनियां और 3 बैंक शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिलायंस नंबर-1 भारतीय कंपनी, ग्लोबल रैंकिंग में 83वां स्थान प्राप्त किया है। लिस्ट के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज 23 पायदान सुधार के साथ 83 नंबर पर रही है। पिछले साल ये 106 नंबर पर थी। आरआईएल ने सबसे मूल्यवान भारतीय कंपनी के तौर पर खुद को कायम रखा है। इसका मार्केट कैप 6.23 लाख करोड़ रुपए है। हालांकि मार्केट कैप के मामले में फिलहाल टीसीएस 6.69 लाख करोड़ के साथ भारत में सबसे ऊपर है लेकिन फोर्ब्स ने 4 पैमानों के आधार पर रैकिंग दी है। फोर्ब्स ने बिक्री, मुनाफा, संपत्ति और मार्केट वैल्यू को ध्यान में रखते हुए 12 महीने के आंकड़ों का एनालिसिस कर कंपनियों की रैंकिंग की है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/according-forbes-list-58-companies-india-top-2000-companies/article-4060</link>
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                <pubDate>Sat, 09 Jun 2018 13:20:04 +0530</pubDate>
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