<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/every/tag-6720" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>every - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/6720/rss</link>
                <description>every RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्&amp;#x200d;ली: 1 सितंबर से हर रविवार घर की जांच में देना होगा 10 मिनट</title>
                                    <description><![CDATA[केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा में सबसे अधिक ध्यान दिया है। नई दिल्‍ली, sach kahoon। डेंगू और चिकनगुनिया का सफाया करने के लिए दिल्ली सरकार एक सितंबर से अभियान चलाएगी। इसका मकसद इस साल डेंगू के मामले को और भी कम करना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delhi-from-september-1-every-sunday-you-will-have-to-spend-10-minutes-for-home-inspection/article-10333"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/cm-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा में सबसे अधिक ध्यान दिया है।</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्‍ली, sach kahoon।</strong> डेंगू और चिकनगुनिया का सफाया करने के लिए दिल्ली सरकार एक सितंबर से अभियान चलाएगी। इसका मकसद इस साल डेंगू के मामले को और भी कम करना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस महाअभियान की थीम है- 10 हफ्ते, 10 बजे और 10 मिनट। एक सितंबर से 10 हफ्ते तक हर रविवार 10 बजे 10 मिनट अपने घर की जांच करनी है कि कहीं डेंगू के मच्छर तो नहीं पनप रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हर रविवार घर की जांच</h2>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि मैं भी हर रविवार अपने घर की जांच करूंगा। आप भी जरूर करना। मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र चार साल में दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया 80 फीसद कम हुआ है। 2015 में डेंगू के 15867 केस थे और 60 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 2018 में 2798 केस हुए और 4 मौत हुईं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप हर साल मानसून के दौरान</h2>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप हर साल मानसून के दौरान और मानसून के बाद होता है। इस मामले में सितंबर से नवंबर तक का समय अधिक खतरनाक माना जाता है। अपने यहां की बात करें तो भारत उन 100 देशों में से है जिनमें डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बहुत ज्यादा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">देश में बढ़े डेंग के प्रकोप</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अगर पूरे देश के आंकड़ों को देखें तो 2009 से 2017 के बीच में पूरे देश में 300 फीसद डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ा है। पूरे देश में 2009 में 60 हजार केस थे जो 2017 में बढ़कर 1 लाख 88 हजार 401 हो गए। पूरे देश में सबसे ज्यादा मौत डेंगू और चिकनगुनिया की वजह से 2017 में हुई थी। लेकिन, दिल्ली में यह ट्रेंड उल्टा चल रहा है। दिल्ली में सरकार के प्रयासों और जनता की भागीदारी की वजह से डेंगू और चिकनगुनिया पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इस साल नहीं हुई मौत</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस साल अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है। केवल 75 केस सामने आए हैं। हर सीजन में करीब 500 फीवर क्लीनिक बनाए गए। डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए हर अस्पताल के अंदर नोडल अफसर नियुक्त किए गए। हर अस्पताल में विशेष तौर पर डेंगू मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई। प्राइवेट अस्पतालों को हर साल इस सीजन में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए 20 फीसद बेड बढ़ाने की इजाजत दी गई।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सीएम केजरीवाल करेंगे हर रविवार घर की जांच</h2>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि इस अभियान में मैं भी अपने घर में हर रविवार दस बजे जांच करूंगा। मेरे मंत्री भी जांच करेंगे। हमारे सारे विधायक भी जांच करेंगे। सारे अधिकारी भी जांच करेंगे। सारी दिल्ली जांच करेगी। हम इसमें नागरिकों को, सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों को, स्कूली बच्चों को शामिल करेंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि दिल्ली की जनता इस अभियान को सफल बनाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डेंगू को लेकर कुछ जानकारी</h2>
<p style="text-align:justify;">डेंगू का मच्छर केवल साफ पानी में होता है। साफ पानी अगर थोड़े दिन के लिए इकट्ठा हो जाए और उसको बदला न जाए तो उस साफ पानी के अंदर डेंगू के अंडे पैदा होते हैं और वो अंडे 8 से 10 दिन के अंदर मच्छर हो जाते हैं। अगर हम 8 दिन से पहले उस पानी को बदल दें और उस अंडे को नष्ट कर दें तो मच्छर पैदा ही नहीं होगा। हमें घर में देखते रहना चाहिए कि कहीं गमले में, कूलर में, कोई छोटी सी भी जगह में कोई पानी तो इकट्ठा नहीं हो रहा। अगर इकट्ठा हो रहा हो तो उसको हटा दें या उसको बदल दें या कूलर आदि में कोई तेल डाल दें ताकि जो अंडे हैं वो मच्छर न बन सकें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delhi-from-september-1-every-sunday-you-will-have-to-spend-10-minutes-for-home-inspection/article-10333</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/delhi-from-september-1-every-sunday-you-will-have-to-spend-10-minutes-for-home-inspection/article-10333</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Aug 2019 12:09:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-08/cm-kejriwal.jpg"                         length="131936"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2 अक्तूबर से पहले साफ होगा हर गाँव</title>
                                    <description><![CDATA[दो लाख स्कूली छात्रों सहित चार लाख नागरिक लेंगे हिस्सा सच कहूँ न्यूज चंडीगढ़। शहरों की तर्ज पर अब प्रदेश के गांव भी चमचमाते नजर आएंगे। गांवों को साफ एवं स्वच्छ बनाने के लिए सरकार अब राज्य स्तरीय अभियान चलाए जाने की तैयारी में है जिसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विशेष निर्देश दे दिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/every-village-will-be-cleaned-before-october-2/article-6018"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/every-village-will-be-cleaned-before-october-2.jpg" alt=""></a><br /><h1>दो लाख स्कूली छात्रों सहित चार लाख नागरिक लेंगे हिस्सा</h1>
<p><strong>सच कहूँ न्यूज चंडीगढ़।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">शहरों की तर्ज पर अब प्रदेश के गांव भी चमचमाते नजर आएंगे। गांवों को साफ एवं स्वच्छ बनाने के लिए सरकार अब राज्य स्तरीय अभियान चलाए जाने की तैयारी में है जिसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विशेष निर्देश दे दिए हैं। सीएम ने दिए निर्देशों में राज्य के सभी गांवों को 2 अक्तूबर से पहले-पहले व्यापक रुप से स्वच्छ किए जाने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत गांधी जयंती के दिन राज्य के दो लाख स्कूल के छात्रों सहित चार लाख व्यक्ति बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान में भाग भी लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं महाग्राम स्वच्छता अभियान की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट की भी समीक्षा करेंगे, जो 21 सितंबर से शुरू की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि राज्य के विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा महाग्राम में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और परिवर्तन योजना के तहत प्रत्येक वरिष्ठ अधिकारी नामित 47 ब्लॉक से कम से कम दो गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित करेगें। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे सभी गांवों व शहरों के नजदीक और आबादी के बाहर पशुओं का गोबर और ठोस कचरे को इक_द्दा करने तथा उसे गांव से बाहर ले जाने के सभी प्रयास किए जाएं ताकि गांवों में साफ-सफाई के साथ-साथ स्वच्छता बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वच्छता अभियान को पूरा करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं की निधि का प्रयोग किया जा सकता है और महाग्रामों में स्वच्छता अभियान को चलाने के लिए लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/every-village-will-be-cleaned-before-october-2/article-6018</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/every-village-will-be-cleaned-before-october-2/article-6018</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Sep 2018 13:24:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/every-village-will-be-cleaned-before-october-2.jpg"                         length="151469"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर मनुष्य को कर्मयोग करना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[इसलिए दु:खी नहीं हैं कि भगवान ने उन्हें सुख नहीं दिया। उनका एकमात्र दु:ख यही है कि और लोग सुखी क्यों हैं। विशेषकर पावन कहे जाने वाले अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की जबर्दस्त भरमार है। जो बेचारे बहुत दु:खी हैं और उनके दु:ख का निवारण करने का सामर्थ्य किसी में नहीं है। सुख और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/every-person-should-work/article-5170"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/artical.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इसलिए दु:खी नहीं हैं कि भगवान ने उन्हें सुख नहीं दिया। उनका एकमात्र दु:ख यही है कि और लोग सुखी क्यों हैं। विशेषकर पावन कहे जाने वाले अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की जबर्दस्त भरमार है। जो बेचारे बहुत दु:खी हैं और उनके दु:ख का निवारण करने का सामर्थ्य किसी में नहीं है। सुख और दु:ख की प्राप्ति के पौराणिक मनोविज्ञान से नासमझ ये लोग कभी इस बात का चिंतन नहीं करते कि उनका दु:ख क्या है, इसका कारण क्या है और निवारण का तरीका क्या है। दु:खों के वैचारिक व्योम में सदैव दु:ख प्रकटाने वाले विचारों को लिए हुए ये लोग धीरे-धीरे इतने दु:खी होने लगते हैं कि इनका पूरा आभा मंडल ही दु:खों के कई-कई आवरणों से ढक जाता है और इनका मौलिक सूक्ष्म शरीर भी दिखना बंद हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जो जैसा चिंतन करता है वैसा स्थूल जगत उसके लिए तैयार हो जाता है और उन्हीं तरह के विचारों के अनुरूप उसके जीवन की दिशाएं और दशाएं निश्चित होती रहती हैं। जो किसी भी रूप में वर्तमान या भावी अथवा भूतकालीन दु:ख का चिंतन करता है, सूक्ष्म रूप में उसकी वैचारिक धारणाएं और क्रियाएं इन्हीं दु:खों में ढलने लगती हैं और बाद में मौका पाकर स्थूल आकार पा लेती हैं। इसके विपरीत जो लोग ईश्वरीय विधान को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर दु:खों की बजाय सकारात्मक भावों और सुखों का चिंतन करते हैं उन्हें कालान्तर में सुखों की प्राप्ति होने लगती है। इस सकारात्मक चिंतन से उनका शरीर और आभामण्डल भी दिव्य हो उठता है और सदैव प्रसन्नता की भाव-धारा का प्रवाह बना रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुखों की प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम, ईमानदारी के साथ निरन्तर प्रयास, पुरातन श्रेष्ठ परंपराओं का अनुगमन और उच्च विचारों तथा शुचिता भरी जीवन यात्रा जरूरी है। जो लोग आज श्रेष्ठीजन कहे जाते हैं उन्होंने अपने जीवन में कितनी मेहनत की होती है, इससे इन दु:खी होने वालों को कोई सरोकार नहीं। दूसरों के सुख से दु:खी होने वाले लोगों को मनोरोगी की श्रेणी में रखा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। ये लोग न मेहनत करना चाहते हैं, न कर सकते हैं। ऐसे लोगों के जीवन में न नैतिकता होती है न ईमानदारी और न ही समाज के लिए जीने का जज्बा। इन लोगों का सर्वोपरि गुण होता है हड़प जाना और डकार भी न लेना। जिसे जो प्राप्त हुआ है, हो रहा है और होना है, वह उसके पूर्वजन्मों व वर्तमान की मेहनत का प्रतिफल होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हर मनुष्य को कर्मयोग करना चाहिए। इसके लिए पुरुषार्थ चतुष्टय धर्म, अर्थ, कर्म और मोक्ष की प्राप्ति का विधान है। लेकिन इन सभी को दरकिनार कर सिर्फ प्राप्ति ही प्राप्ति के पीछे पड़ जाने वाले लोग आसुरी वृत्तियों का दामन थाम लेते हैं और फिर इनके जीवन से शेष सारी अच्छाइयां और लक्ष्य पलायन कर जाते हैं। इन्हें हर संबंध और हर रास्ता आवक भरा ही लगता है। जो मिल जाए उसी में संतोष नहीं कर पाते, बल्कि ये चाहते हैं जिस तरह भी हो सके, जितनी जल्दी हो सके धन-दौलत का रास्ता उन्हीं के घर आकर समाप्त हो जाए। ऐसे में इन्हें घेर लेती हैं कुण्ठाएं। जहाँ मनोमालिन्य शुरू हो जाता है वहाँ वह सब दिखने लगता है जो अंधकार में ही हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह अंधकार इनमें वे सारे अवगुण भर देता है जिसकी वजह से जीवन में रोशनी आने के तमाम रास्ते बंद हो जाते हैं। तब इन्हें परिवेश में जो कुछ होता दिखता है उसे ये अपने कब्जे में लाने को लालायित रहने लगते हैं। यहीं से शुरू होती है दु:खी होने की यात्रा। औरों का हर सुख इन्हें दु:खी करता है और इनका दिन उगता ही है दु:खों की फेहरिश्त लेकर। रात को इन्हें सपने में भी दु:खी होने की आदत पड़ जाती है। ऐसे दु:खी लोगों को आप कितना ही कुछ समझा लें, इन उल्लूओं को कभी रोशनी का कतरा रास आता ही नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस किस्म के हर दु:खी इंसान का जिस्म भी दुर्गन्ध देने लगता है और बीमारियां घेर लेती हैं। इन आत्म-दुखियारों की पीड़ाओं का निवारण न लुकमान हकीम कर सकते हैं न भगवान या कोई और। इनके शरीर छोड़ने के बाद भी आत्मा दु:खों के पैगाम के साथ यहाँ-वहाँ भटकती रहती है और उन सभी ?से लोगों के इर्द-गिर्द मण्डराने लगती है जो दूसरों के सुख से दु:खी रहते हैं। इन्हें देख कर हम दु:खी न हों, इन पर तरस खाएं और यह मानकर आगे बढ़ चलें कि हमारे यहाँ पिशाचों और प्रेतों का वजूद हर युग में रहा है, और रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दीपक आचार्य</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/every-person-should-work/article-5170</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/every-person-should-work/article-5170</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 10:58:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/artical.jpg"                         length="48485"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगले 18 माह में खुलेंगे 29 कॉलेज, हर साल तैयार होंगे 2000 डॉक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। प्रदेश में आज 50 से अधिक विश्वविद्यालय खुल गए हैं। हरियाणा में 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज है। राज्य सरकार ने 29 और ऐसी जगहों को चिन्हित किया गया है जहां पर नए कॉलेजों की आवश्यकता है। इन नए कॉलेजों के निर्माण के बाद हरियाणा में बेटियों व ग्रामीण […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/29-colleges-will-open-in-next-18-months-2000-doctors-will-be-ready-every-year/article-4076"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/cm-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)।</strong> प्रदेश में आज 50 से अधिक विश्वविद्यालय खुल गए हैं। हरियाणा में 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज है। राज्य सरकार ने 29 और ऐसी जगहों को चिन्हित किया गया है जहां पर नए कॉलेजों की आवश्यकता है। इन नए कॉलेजों के निर्माण के बाद हरियाणा में बेटियों व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को यहां कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेशभर के राज्य से अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन प्रथम सत्र में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा है। जब सभी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएंगे तो हरियाणा से हर वर्ष कम से कम 2000 चिकित्सक बनकर निकलेंगे। इसके लिए हमें विश्वविद्यालयों में सार्इंस फैकल्टी को ओर अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए स्कूल व कॉलेजों में भी सांइस फैकल्टी का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कि प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय कम से कम एक विषय में अपनी उत्कृष्टता साबित करें। इस मौके पर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ पर्फोमिंग एंड विजुअल आर्टस के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सीडीएलयू सरसा के कुलपति डॉ विजय के कायत, दीनबंधू छोटूराम यूनिवर्सिटी मुरथल के कुलपति प्रो. राजेन्द्र कुमार अनायत, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, हरियाणा विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के कुलपति राज नेहरू, वाईएमसीए फरीदाबाद के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार  मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/29-colleges-will-open-in-next-18-months-2000-doctors-will-be-ready-every-year/article-4076</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/29-colleges-will-open-in-next-18-months-2000-doctors-will-be-ready-every-year/article-4076</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 09:21:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/cm-1.jpg"                         length="164836"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        